विचार मंच न्यूज़

तो फैसला हो ही गया। दो-ढाई बरस से इस पर कवायद चल रही थी कि भारत की संसद को आखिर दोनों सदनों के लिए अलग-अलग चैनल क्यों चाहिए?

राजेश बादल 7 months ago


दुनिया के लोकतांत्रिक देशों में मीडिया के लिए मार्गदर्शी नियम कानून हैं और उनका पालन बहुत हद तक होता है।

आलोक मेहता 7 months ago


22 बरस की दिशा रवि को दिल्ली की एक अदालत से जमानत सुखद खबर है। यह असहमति के सुरों की रक्षा के लिए सही समय पर आया सही फैसला है।

राजेश बादल 7 months ago


उत्तर प्रदेश सरकार का यह बजट कुल मिलाकर गरीबों, किसानों और इंफ्रॉस्ट्रक्चर को समर्पित है।

पूरन डावर 7 months ago


अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार को लेकर कांग्रेस नेता नाना भाऊ फाल्गुन राव पटोले के ऐलान पर वरिष्ठ पत्रकार आलोक मेहता ने रखी अपनी बात

आलोक मेहता 7 months ago


लोक प्रसारक के रूप में रेडियो की भूमिका सबसे अहम है और आने वाले समय में यह रियल गेमचेंजर साबित हो सकता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 months ago


डोनाल्ड ट्रंप का इस बेहद गंभीर आरोप से बरी होना अमेरिकी लोकतंत्र की एक ऐसी फांस है, जो लंबे समय तक पूरे मुल्क को चुभती रहेगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 7 months ago


मध्यप्रदेश के आदिवासी अंचलों में कम्युनिटी रेडियो की गूंज सुनाई दे रही है। राज्य के सुदूर आदिवासी अंचलों के आठ जिलों में कम्युनिटी रेडियो की स्थापना की गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 8 months ago


अपने जमाने के मूर्धन्य पत्रकार माधवराव सप्रे की कर्मस्थली छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में उनकी स्मृति में आयोजित सप्रे संवाद में मुख्य वक्ता के तौर पर हिस्सा लेने का अवसर मिला।

राजेश बादल 8 months ago


अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्वछंदता का अंतर अब भारत का सुप्रीम कोर्ट समझा रहा है।

राजेश बादल 8 months ago


एक बार फिर गंभीर विवाद। प्रिंट, टीवी चैनल, सीरियल, फिल्म, सोशल मीडिया को कितनी आजादी और कितना नियंत्रण? सरकार, प्रतिपक्ष और समाज कभी खुश, कभी नाराज।

आलोक मेहता 8 months ago


भारतीय पत्रकारिता के तमाम रूपों में इस नेक व्यवसाय की आड़ में ऐसी ढेरों कलंक कथाएं बिखरी पड़ी हैं।

राजेश बादल 9 months ago


अजब दौर है। भारतीय पत्रकारिता का अंधकार युग। कब तक चलेगा? कोई नहीं जानता। विचार और निरपेक्ष-निर्भीक विश्लेषण की क्षमता खोते जाने का नतीजा क्या होगा।

राजेश बादल 9 months ago


लगातार दो दिन। दिल दहलाने वालीं वीभत्स और जघन्य तस्वीरें अखबारों के पन्नों पर छपीं। एक घटना राजस्थान की थी।

राजेश बादल 10 months ago


यह विचार रक्षा राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने गुरुवार को भारतीय जन संचार संस्थान द्वारा सैन्य अधिकारियों के लिए आयोजित मीडिया संचार पाठ्यक्रम के समापन समारोह में व्यक्त किए।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 months ago


देश में बड़े बदलाव आवश्यक हैं और एक-एक करके सभी किए जा रहे हैं। हर बदलाव में गहराई है, दूरदर्शिता है। अभी बात कृषि सुधारों पर हो रही है।

पूरन डावर 10 months ago


एडिटर्स गिल्ड ने इस बारे में चिंता जताई है कि पत्रकारों का एक वर्ग किसान आंदोलन के पीछे खलिस्तानी आतंकवादियों का हाथ बता रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 months ago


राजीव कटारा जैसे बेमिसाल मोती आसानी से नहीं मिलते। उन्हें हमने ऐसे खो दिया, इसका बड़ा मलाल है और रहेगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो 10 months ago