विचार मंच न्यूज़

हिंदुस्तानी लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया है। स्थापना के दशकों बाद भी जम्हूरियत से उनका जमीनी फासला बढ़ता जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


गुलाम भारत में अनेक प्रखर स्वाधीनचेता नागरिक भी रहते थे, जिनमें एक थे पं. माधवराव सप्रे। भारतबोध उनके चिंतन और चिति का हिस्सा था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


प्रोफेसर केजी सुरेश ने वर्तमान दौर में डिजिटल मीडिया की बढ़ती लोकप्रियता का हवाला देते हुए कहा कि आज 28 प्रतिशत विज्ञापन डिजिटल की तरफ जा रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


भारत में अजीब दुविधा है। लोकतंत्र सबको अभिव्यक्ति का अधिकार देता है, लेकिन शायद नागरिक अभी उसके लिए तैयार नहीं हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


कमाल है। ऐसे पत्रकार तो कभी नहीं थे। हर सूचना को सच मान लेना और उसके आधार पर निष्कर्ष भी निकाल लेना कौन सा पेशेवर धर्म है?

राजेश बादल 4 months ago


केंद्र सरकार और सूचना-सामग्री विस्तार करने वाली परदेसी कंपनियों के बीच तनातनी अब निर्णायक मोड़ पर है। इस चरण में भारतीय बुद्धिजीवी समाज का दखल अब जरूरी दिखाई देने लगा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


आप अहिंदीभाषियों पर हिंदी थोपने का अनैतिक काम कर रहे हैं। जिन अहिंदीभाषियों ने इतने प्रेम से हिंदी सीखी है, उन्हें आप हिंदी का दुश्मन बना रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय से देशभर के पत्रकारों को बड़ी राहत महसूस हुई है, लेकिन राज्य सरकारों, उनकी पुलिस को भी अपनी सीमाओं को समझकर मनमानी की प्रवृत्ति को बदलना होगा।

आलोक मेहता 4 months ago


सरकार के लिए सबक है। बड़ा सबक। वह सीखे या न सीखे। विनोद दुआ के खिलाफ राजद्रोह का मामला आखिरकार देश की सर्वोच्च अदालत ने समाप्त कर दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


दुनियाभर में कोरोना महामारी एक भयावह त्रासदी की शक्ल में सामने है। डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, राजनेताओं, प्रशासकों और कारोबारियों से लेकर आम आदमी तक मौत के इस विकराल हरकारे से थर्रा उठे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


बड़े घरानों के हितों-स्वार्थों का संरक्षण करना आज के दौर की पत्रकारिता का विद्रूप चेहरा है। पत्रकारिता परदे के पीछे है और तमाम मीडिया घरानों के धंधे सामने हैं।

राजेश बादल 4 months ago


आज पूरे विश्व में हिंदी को जो सम्मान मिला है, उसमें हिंदी पत्रकारिता की अहम भूमिका रही है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


एक पत्रकार के लिए आत्मसम्मान सबसे बड़ी पूंजी होती है और जब किसी पत्रकार को अपनी यह पूंजी गंवानी पड़े या गिरवी रखनी पड़े तो उसकी मन:स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


सामाजिक जीवन के सभी क्षेत्रों की तरह मीडिया भी इन दिनों सवालों के घेरे में है। उसकी विश्वसनीयता व प्रामाणिकता पर उठते हुए सवाल बताते हैं कि कहीं कुछ चूक हो रही है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


पीत पत्रकारिता ने धीरे-धीरे अपना पांव पूरी तरह से पसार लिया है। पत्रकार बदला, पत्रकारिता बदली, पत्रकारिता के स्वरूप और मायने भी शनैः शनैः बदल गये हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


भारतीय जन संचार संस्थान द्वारा हिंदी पत्रकारिता दिवस के उपलक्ष्‍य में आयोजित ‘शुक्रवार संवाद’ में 'कोरोना काल के बाद की पत्रकारिता’ विषय पर मीडिया छात्रों को संबोधित कर रहे थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


पुराणों में नारद जी को भागवत संवाददाता की तरह देखा गया है। हम यह भी जानते हैं कि वाल्मीकि जी ने रामायण और महर्षि व्यास ने श्रीमद्भागवत गीता का सृजन नारद जी प्रेरणा से ही किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago


कोरोना के इस ख़ौफनाक सिलसिले के दरम्यान पीड़ित मानवता की सेवा करने वाली इलाज पद्धतियों के बारे में इन दिनों नए सिरे से बहस चल पड़ी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 months ago