विचार मंच न्यूज़

भ्रष्टाचार के मामले में इस तरह की गिरफ्तारी मुझे साल 2001 में करुणानिधि की याद दिलाती है

प्रमिला दीक्षित 3 weeks ago


अगर ड्रग एडिक्ट, सीरियल किलर,अंडरवर्ल्ड डॉन समाज का हिस्सा हैं तो असहमति पर गाली देने वाले लोग भी उसी समाज का हिस्सा हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 weeks ago


मच्छर शब्द कमजोरी का प्रतीक बन गया है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि कृपया मच्छर समाज को मच्छर न समझें

समाचार4मीडिया ब्यूरो 4 weeks ago


आज नीलम शर्मा कैंसर की गिरफ्त में आ गईं, अगर हम नहीं सुधरे तो कल हम में कोई और इसकी गिरफ्त में आ जाएगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया सवाल, एक ही संस्थान में एक समाचार प्रसारण के कितने पैमाने हो सकते हैं?

राजेश बादल 1 month ago


मैंने पूछा तो उन्होंने बताया कि बिटिया की स्कूली पढ़ाई पूरी हो गयी, जिसके बाद उन्होंने मीडिया में करियर बनाने के बारे में सोचा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


मैं कंफ्यूज था। समझ नहीं आ रहा था कि कश्मीर को लेकर जो हम हिंदुस्तानी सोच रहे थे, वह सही है या यह जो मैं देख रहा हूं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


प्रजातंत्रीय भारत में समाजवाद क्यों नहीं आ रहा है, इसका उत्तर तो स्पष्ट है। समाजवाद के रास्ते में...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


अनुच्छेद 370 की विदाई कोई आसान काम नहीं था। कमोबेश हर दल इसके पक्ष में था, लेकिन सत्ता में रहते हुए उसे हटाने का साहस कोई नहीं कर पाया

राजेश बादल 1 month ago


वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने उठाया बड़ा सवाल, क्या हमने कश्मीर के पत्रकारों को भी देश विरोधी और पाकिस्तान समर्थक मान लिया है?

संतोष भारतीय 1 month ago


यह जानने के बाद कि मैं जेएनयू के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में एमफिल कर रहा हूं तो उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर तमाम सवाल पूछे

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


मुझे लगता है कि हिंदी साहित्य में यह शायद पहला प्रयोग है। अंग्रेजी शब्दों का इस्तेमाल करूं तो ‘horror’ के साथ ‘lust’ का अनूठा संगम

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


आज के दौर में पत्रकारिता के कुछ बुनियादी प्रश्नों का जवाब खोजा जाना बहुत जरूरी है। क्या चेहरा देखकर सम्मान की गरिमा बढ़ती है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


रवीश ने बिजली वाली स्टोरी करने के लिए बिजली के बारे में ही नहीं पढ़ा, बल्कि इसके लिए बिजली से बनते-बिगड़ते अर्थशास्त्र को जानने के लिए उन्होंने अमेरिका से पांच हजार रुपये की एक किताब मंगवाई।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


आप बेशक उनकी पत्रकारिता के हिस्से को नापसंद कीजिए, उसकी आलोचना कीजिए, मगर ये कहना कि उन्होंने और कुछ भी नहीं किया, उनके साथ ज्यादती है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago