विचार मंच न्यूज़

भारत में ऑनलाइन शिक्षा की नई और चुनौतीभरी दुनिया में आवश्यकता, आविष्कार की या कहें कि नवाचार की जननी बन गई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


मेरे जहन में चंदन मित्रा को लेकर जो पहली याद है वह कॉलेज के एक टॉपर के तौर पर है, जो हमेशा अपनी किताबों के साथ नजर आते थे।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


भारत में 335 कम्युनिटी रेडियो स्टेशन हैं, जिनकी पहुंच देश की लगभग 10 करोड़ आबादी तक है। संकट के समय लोगों को सशक्त बनाने में कम्युनिटी रेडियो की महत्वपूर्ण भूमिका है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


वही हुआ, जिसकी आशंका थी। अमेरिका के लिए अफगानिस्तान गले की हड्डी बनता दिखाई दे रहा है। उसने तालिबान से समझौता तो किया

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की चिंता जायज है। सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर जानकारियों से छेड़छाड़ की बाढ़ है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


भारत में पिछली कुछ जेनरेशन एक विचित्र स्थिति में हैं। संस्कृति की दृष्टि से हो या भाषा की दृष्टि से, न अंग्रेजी के मास्टर बन सके और न हिंदी समझ सके।

पूरन डावर 1 month ago


जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज में ऐड रेवेन्यू टीम के चीफ ग्रोथ ऑफिसर आशीष सहगल ने भी गुहा के निधन पर शोक जताया और उन्हें याद करते हुए अपने विचार साझा किए

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


देश इस समय दुविधा में है। अफगानिस्तान के नए नियंताओं से बात की जाए अथवा नहीं। उनसे संपर्क और संबंध रखे जाएं अथवा नहीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


आजादी के 75वें साल में भी भारत की हालत क्या है, इसका पता उस खबर से चल रहा है, जो ओडिशा की जगन्नाथपुरी से आई है।

डॉ. वेद प्रताप वैदिक 2 months ago


कल्याण सिंह अब नहीं रहे लेकिन उनके साथ जुड़ी तमाम कहानियां लंबे समय तक उत्तर प्रदेश की जनता और भाजपा कार्यकर्ताओं की स्मृतियों में बनी रहेंगी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


इन दिनों अफगानिस्तान के घटनाक्रम ने हिन्दुस्तानी पत्रकारिता की चिंताएं भी बढ़ा दी हैं। दो दशक से उस खूबसूरत पहाड़ी मुल्क में आजाद ख्याल की अखबारनवीसी पनपी है

राजेश बादल 2 months ago


अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने राष्ट्र के नाम जो संदेश दिया, उसका मुख्य उद्देश्य दुनिया को यह बताना था कि उन्होंने अफगानिस्तान से निकलना क्यों जरूरी समझा।

डॉ. वेद प्रताप वैदिक 2 months ago


‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (आईआईएमसी) ने अपने गौरवशाली इतिहास के 57 वर्ष पूरे कर लिए हैं। किसी भी संस्था के लिए यह गर्व का क्षण भी है और विहंगावलोकन का भी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


यह एक सुखद संयोग ही है कि आज जब भारतीय जन संचार संस्थान (आईआईएमसी) अपने 58 वर्ष पूरे करने की जयंती मना रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


हम सबने देखा कि पिछले 19 जुलाई से संसद की मर्यादा पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। संसद का मानसून सत्र, 19 जुलाई से 30 जुलाई तक, 12 दिन यूं ही बर्बाद हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


आधुनिक हिंदी पत्रकारिता के दौर पर कुछ भी लिखने के लिए अपने अनुभवों को ही आधार बनाना जरूरी है।

आलोक मेहता 2 months ago


प्रजातंत्रीय भारत में समाजवाद क्यों नहीं आ रहा है, इसका उत्तर तो स्पष्ट है। समाजवाद के रास्ते में...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago


राजेंद्र माथुर हिंदी पत्रकारिता में अमिट हस्ताक्षर के समान हैं। मालवा के साधारण परिवार में जन्मे राजेंद्र बाबू...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 2 months ago