न्यूज18 को बाय बोल पत्रकार विशाल राज मिश्रा ने शुरू की नई पारी

लगभग 13 साल के करियर में विशाल कई मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 26 November, 2019
Last Modified:
Tuesday, 26 November, 2019
Vishal Raj Mishra

पत्रकार विशाल राज मिश्रा ने ‘न्यूज18’( news18) को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत ‘इंडिया टीवी’ (India TV) के साथ की है। ‘न्यूज18’ में विशाल सीनियर विडियो एडिटर की पोस्ट पर कार्यरत थे। इससे पूर्व वे रायपुर से संचालित ‘INH news’ में भी अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

लगभग 13 साल के अपने करियर में विशाल कई मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले विशाल ने सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी से मीडिया और एंटरटेनमेंट में एमबीए की पढ़ाई की है। उन्हें बेस्ट VT editor के अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।

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अंजना ओम कश्यप ने संभाला मोर्चा, यूं किया अलका लाम्बा पर पलटवार

हैदराबाद में दुष्कर्म के बाद वेटनरी डॉक्टर की हत्या के मुद्दे पर ‘हल्ला बोल’ में हो रही थी चर्चा, शो के दौरान अलका लाम्बा ने कर दिया था वॉकआउट

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 04 December, 2019
Last Modified:
Wednesday, 04 December, 2019
Anjana Om Kashyap Alka Lamba

हैदराबाद रेप केस को लेकर ‘आजतक’ की मशहूर एंकर अंजना ओम कश्यप के शो ‘हल्ला बोल’ में कांग्रेस नेता अलका लाम्बा भड़क गईं। शो के दौरान दोनों के बीच तकरार इतनी बढ़ गई कि अलका लाम्बा शो से वॉकआउट कर गईं। इस बीच उन्होंने अंजना ओम कश्यप और ‘आजतक’ पर अपने खिलाफ एजेंडा चलाने के आरोप भी लगाए। लडाई यहीं खत्म नहीं हुई। इसके बाद अलका लाम्बा के समर्थक इस शो की क्लिप सोशल मीडिया पर चलाने लगे और 'आजतक' व अंजना को ट्रोल करने लगे। यहां तक कि लालू यादव की पार्टी आरजेडी के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से इसे शेयर करके 'आजतक' और अंजना पर सवाल उठाए गए। जब अलका भी इस मुहिम में शामिल हुईं, तो अंजना को भी मैदान में उतरना पड़ा।

दरअसल, 'हल्ला बोल' में हैदराबाद की वेटनरी डॉक्टर के रेप केस पर चर्चा हो रही थी। अन्य गेस्ट्स के अलावा निर्भया की मां और अलका लाम्बा भी इस शो में मौजूद थीं। अंजना ने अलका को कहा कि रेप विक्टिम का नाम मत लीजिए, सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस हैं। इस पर अलका भड़क गईं और कहने लगीं कि आप मेरे खिलाफ एजेंडा चला रही हो। तब अंजना ने उन्हें शो की वह क्लिप दिखाईं, जहां 2 बार वो रेप विक्टिम डॉक्टर का नाम ले चुकी थीं। लेकिन पहले से ही भरी बैठीं अलका कहने लगीं कि निर्भया की मां को कोई दिक्कत नहीं थी, मुझे भी तो नाम मीडिया से ही पता चला था। मेरे बोलने पर ही क्यों आपत्ति है। फिर वो गुस्से में शेम ऑन यू अंजना, शेम ऑन आजतक कहकर शो से वॉकआउट कर गईं।

अलका शायद दूध की जली थीं, बिना बात के हंगामा किया। लेकिन उसके बाद अलका लाम्बा की टीम काम में लग गई। अलका लाम्बा ने एक विडियो क्लिप शेयर की, जिस पर लिखा था, अलका लाम्बा ने अंजना कश्यप की बैंड बजा दी। क्लिप देखकर नहीं लगा कि अंजना कुछ गलत कह रही हैं। उसके बाद आरजेडी ने शेयर कर दिया। अलका के पक्ष में तमाम लोग शेयर करने लगे। अलका की टीम ने तब तक अंजना कश्यप की वो ट्वीट ढूंढ निकाली, जिसमें 4 दिन पहले अंजना खुद रेप विक्टिम का नाम ले रही थीं। अलका ने उसे शेयर करते हुए लिखा, ‘’@anjanaomkashyap आप कल @aajtak के लाइव शो में मुझे कह रहीं थीं कि "हम सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन का सम्मान करते हैं".. रेप पीड़िता का नाम मैंने लिया है... कुछ तो शर्म करो... बेहतर होगा पत्रकारिता छोड़ कर कहीं कोई दूसरा रोज़गार खोज लो... अंजना ओम मोदी... Sorry अंजना ओम कश्यप’’।

अब अंजना को जवाब देने आना ही था, अंजना ने लिखा, ’जिस दिन का मेरा ये ट्वीट है उस दिन तक सभी नाम ले रहे थे। जब हैदराबाद की लड़की के परिवार की तरफ से लोकल प्रशासन ने ये गाइडलाइन जारी की कि आप नाम नहीं लें और बदला हुआ नाम ‘दिशा’ इस्तेमाल करें तो हमने उसका सम्मान किया। शो में जो हुआ उसका सच ये है।' अंजना ने इसके साथ ही हल्ला बोल शो का एक विडियो भी शेयर किया, जिससे कहानी थोड़ी स्पष्ट हुई।

अंजना इस विडियो में अलका लाम्बा को समझाती हैं कि रेप विक्टिम का नाम न लें, लेकिन अलका इसे पर्सनल अटैक की तरह लेती हैं और भड़क जाती हैं। अंजना अलका से माफी मांगती हैं, लेकिन उन्हें वो क्लिप भी दिखाती हैं, जिसमें दो बार अलका रेप विक्टिम का नाम ले रही थीं। इससे अलका और भड़क जाती हैं और गुस्से में शो से वॉकआउट कर जाती हैं। ये लड़ाई अभी भी सोशल मीडिया पर जारी है।

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कैसे पूरे मुल्क की आवाज बन गया अरनब गोस्वामी का ये शो, देखें विडियो

बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ तो शामिल हुए ही, आम जनता को भी अपनी बात रखने का मौका मिला, महज 35 मिनट में मिले 1.35 लाख से ज्यादा मैसेज

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 04 December, 2019
Last Modified:
Wednesday, 04 December, 2019
Arnab Goswami

हैदराबाद कांड को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। यह गुस्सा सड़क से संसद होते हुए न्यूज चैनल्स के स्टूडियो तक जा पहुंचा है। हर चैनल सभ्य समाज के सपने को तार-तार करने वाली इस वारदात पर बात कर रहा है, लेकिन जिस अंदाज में वरिष्ठ टीवी पत्रकार अरनब गोस्वामी ने इस मुद्दे को उठाया है वो काबिल-ए-तारीफ है। ‘रिपब्लिक टीवी’ के शो ‘डिबेट’ में अरनब ने हैदराबाद कांड पर चर्चा की। इस चर्चा में बुद्धिजीवी और विशेषज्ञ तो शामिल हुए ही, आम जनता को भी अपनी बात रखने का मौका दिया गया।

अरनब ने इस प्रयोग के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया है कि देश की जनता आखिरकार क्या चाहती है, उसे अपने सांसदों से क्या अपेक्षा है? अरनब की इस ‘डिबेट’ में अपनी बात रखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आगे आए। महज 35 मिनट में चैनल को 1.35 लाख से ज्यादा संदेश मिले और बहस शुरू होते ही यह संख्या लगातार बढ़ती चली गई। पूरे शो के दौरान अरनब गोस्वामी को लोगों के संदेश पढ़ने के लिए मशक्कत करनी पड़ी, क्योंकि वॉट्सऐप पर मैसेज इतनी तेजी से आ रहे थे कि पढ़ना मुश्किल हो गया था।

आमतौर पर डिबेट शो में केवल कुछ लोगों को स्टूडियो में बैठाकर मुद्दे पर चर्चा हो जाती है और अंत में एंकर उसका सार अपने विचारों के साथ प्रस्तुत कर देता है। लेकिन अरनब ने इस सोच को विस्तार देते हुए उन लोगों को भी बहस का हिस्सा बनाया, जिन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित होना पड़ता है यानी आम जनता। दिल्ली से लेकर दुबई तक ‘रिपब्लिक टीवी’ के दर्शकों ने अपनी सोच को शब्दों के रूप में अरनब तक पहुंचाया। कुछ दर्शकों को बतौर पैनलिस्ट भी शो में शामिल किया गया और गौर करने वाली बात यह है कि लगभग सभी ने एक सुर में बलात्कारियों को मौत की सजा देने की वकालत की।

‘रिपब्लिक टीवी’ और अरनब गोस्वामी सोशल मीडिया पर #justicefordisha और #deathforrapist नाम से कैंपेन भी चलाये हुए हैं और वहां भी उन्हें लोगों का साथ मिल रहा है। इसके अलावा, सरकार के नाम सात सूत्रीय मांगों का एक चार्टर भी तैयार किया है। मसलन, सभी बलात्कारियों को फांसी पर लटकाया जाए, उनका सामाजिक बहिष्कार किया जाए, उनके चेहरे न ढके जाएं, उनके नाम उजागर किये जाएं, सरकार की तरफ से बलात्कार के आरोपितों को कोई कानूनी सहायता उपलब्ध न कराई जाए, बलात्कार के सभी मामलों का जल्द से जल्द निपटारा किया जाए और दोषियों को जनता के पैसों पर जिंदा रखना बंद हो।

हैदराबाद कांड को लेकर लोग यह सवाल कर रहे थे कि आखिर मीडिया इस मामले को प्रमुखता से क्यों नहीं उठा रहा है, लेकिन अरनब की ‘डिबेट’ देखकर शायद वह अब ये सवाल न करें। अरनब और उनके चैनल ने इस मामले को अभियान की शक्ल दे दी है। एक ऐसा अभियान, जिसमें आम जनता की भागीदारी लगातार बढ़ती जा रही है।

महज 35 मिनट में 1.35 लाख से ज्यादा वॉट्सऐप मैसेज मिलना इसका सबूत है कि लोग अरनब की बात न केवल सुन रहे हैं, बल्कि उस पर अमल भी कर रहे हैं। लिहाजा, यह कहना गलत नहीं होगा कि हैदराबाद की वेटनरी डॉक्टर को न्याय दिलाने की लड़ाई को ‘रिपब्लिक टीवी’ के ‘डिबेट’ ने नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है, जहां से उम्मीद की जा सकती है कि सरकार लोगों की भावनाओं को समझेगी और उसके अनुरूप कानून में बदलाव करेगी।

‘रिपब्लिक टीवी’ पर पूरी बहस आप यहां देख सकते हैं-

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इन तीन पत्रकारों ने लूट ली इस हफ्ते पूरे देश की मीडिया की ‘महफिल’

इस हफ्ते हैदराबाद रेप केस के अलावा दो बड़ी राजनीतिक खबरें रहीं, जिनको लेकर पूरे देश में राजनीतिक घमासान मचा रहा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 04 December, 2019
Last Modified:
Wednesday, 04 December, 2019
Journalist

इस हफ्ते हैदराबाद रेप केस के अलावा दो बड़ी राजनीतिक खबरें रहीं, जिनको लेकर पूरे देश में राजनीतिक घमासान मचा रहा। ये दो खबरें थीं शरद पवार का मोदी के बारे में बयान और राहुल बजाज का अमित शाह के सामने सरकार को घेरना, खासतौर पर साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के मुद्दे को लेकर। ऐसे में उन तीन पत्रकारों का जिक्र होना बेहद जरूरी है, जो इन दोनों खबरों से जुड़े हुए हैं। जिनके सवालों की वजह से यह खबरें इतनी बड़ी बनीं, यहां तक कि उनके विरोधी चैनल्स और अखबारों ने भी इन्हें ब्रेकिंग के साथ चलाया।

यह तीनों पत्रकार है ‘एबीपी न्यूज’ के राजनीतिक संपादक पंकज झा, ‘एबीपी मांझा’ के मैनेजिंग एडिटर ‘राजीव खांडेकर’ और ‘न्यूज24’ के ब्यूरो चीफ अमित कुमार। शरद पवार ने यह खुलासा किया था कि पीएम मोदी ने किसानों के मुद्दे पर उनके साथ मीटिंग करने के बाद उन्हें अपने साथ हाथ मिलाने का ऑफर दिया था और सुप्रिया सुले को केंद्रीय मंत्री पद तक का ऑफर दिया था, लेकिन शरद पवार ने विनम्रता के साथ इनकार कर दिया। जाहिर है कि इतनी बड़ी खबर को बाकी चैनल्स, अखबार और मीडिया वेबसाइट्स चलाए बिना रह न सके और वह भी बाकायदा ‘एबीपी न्यूज’ को क्रेडिट देने के साथ। शरद पवार का इंटरव्यू ‘एबीपी मांझा’ के राजीव खांडेकर और ‘एबीपी न्यूज’ के पंकज झा ने किया था, ऐसे में दोनों को इस बड़े ‘राजनीतिक तूफान’ का क्रेडिट मिलना चाहिए।

इसी तरह उद्योगपति राहुल बजाज ने जब एक कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह के सामने देश में बढ़ती असहिष्णुता को लेकर सवाल उठाया, साथ ही साध्वी प्रज्ञा को लेकर भी सरकार को घेरा और कहा एक तरफ तो वो नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताती हैं और पीएम कहते हैं कि उसे कभी मन से माफ नहीं करेंगे और दूसरी तरफ आप उसे रक्षा मामलों की समिति में सदस्य चुन लेते हैं। ऐसे में अमित शाह ने बताया कि प्रज्ञा ठाकुर को उस समिति से हटा दिया गया है और बीजेपी संसदीय पार्टी की मीटिंग में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है।

ऐसे में तमाम पत्रकारों ने राहुल बजाज के सवाल के लिए ‘न्यूज24’ के ब्यूरो चीफ अमित कुमार को क्रेडिट दिया। दरअसल, अमित कुमार ने 2019 के चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी से इंटरव्यू के दौरान साध्वी प्रज्ञा को लेकर सवाल पूछा था कि वह गोडसे को देशभक्त बताती हैं। मोदी ने इसी इंटरव्यू में कहा था कि वे साध्वी को मन से कभी माफ नहीं कर पाएंगे और ये वो इकलौता बयान है जो मोदी ने साध्वी प्रज्ञा को लेकर दिया है। बार-बार मीडिया अमित कुमार के उसी इंटरव्यू में दिए गए मोदी के बयान को दोहराती है। विपक्ष भी इसी आरोप को उनके इंटरव्यू से उठाता है। राहुल बजाज ने भी इंटरव्यू की उसी लाइन को उठाया और सवाल पूछा। पंकज झा और राजीव खांडेकर के साथ-साथ अमित कुमार को इस हफ्ते की दो बड़ी राजनीतिक खबरों से जुड़े रहने के लिए समाचार4मीडिया की तरफ से ढेरों बधाइयां।

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लॉन्च होंगे 2 नए न्यूज चैनल्स, 10 चैनल्स को मिली सरकार से मंजूरी

मंत्रालय द्वारा देशभर में टीवी चैनल्स को दिए गए लाइसेंसों की संख्या अब कुल मिलाकर 919 हो गई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 03 December, 2019
Last Modified:
Tuesday, 03 December, 2019
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‘सूचना प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) द्वारा नवंबर में 10 नए टीवी चैनल्स के लाइसेंस को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा तीन चैनल्स के लाइसेंस कैंसल भी किए गए हैं। इसके बाद ‘एमआईबी’ द्वारा देशभर में टीवी चैनल्स को दिए गए लाइसेंसों की संख्या कुल मिलाकर अब 919 हो गई है, वहीं कैंसल किए गए लाइसेंसों की संख्या 290 है।  

जिन चैनल्स को लाइसेंस दिए गए हैं, उनमें ‘खुशबू मल्टीमीडिया’ (Khusboo Multimedia), ‘हरिभूमि कम्युनिकेशंस’ (Hari Bhoomi Communications), ‘कस्तूरी मीडियास’(Kasthuri Medias ) और ‘गणेश डिजिटल नेटवर्क्स’ (Ganesh Digital Networks) के दो-दो चैनल्स शामिल हैं। इनके अलावा ‘श्रद्धा एमएच वन टीवी’ (Shraddha M.H One TV) और ‘लाइव इंडिया टुडे एंटरटेनमेंट’ (Live India Today Entertainment) के एक-एक चैनल के लाइसेंस को मंजूरी दी गई है। इनमें से आठ चैनल्स नॉन न्यूज कैटेगरी और दो न्यूज कैटेगरी के हैं।

मंत्रालय द्वारा जिन तीन टीवी चैनल्स के लाइसेंस कैंसल किए गए हैं, उनमें ‘मातृभूमि प्रिंटिगं एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड’ (Mathrubhumi Printing and Publishing Pvt Ltd ) के दो और ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) का एक चैनल शामिल है।

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इस खबर पर महिला न्यूज एंकर के निकले आंसू, उठाया बड़ा सवाल

कहा, मैं माफी चाहती हूं कि मुझे ये सब नहीं करना चाहिए। मुझे संतुलित होकर अपनी बात आप तक पहुंचानी चाहिए

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 02 December, 2019
Last Modified:
Monday, 02 December, 2019
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हैदराबाद में सामूहिक दुष्कर्म के बाद महिला डॉक्टर की हत्या को लेकर देशभर के लोगों में गुस्सा व रोष है। इस घटना के विरोध में देशभर में लोग विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। मीडिया में कई दिनों से यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। महिला डॉक्टर के साथ हैवानों द्वारा की गई ज्यादती के बारे में एक शो के दौरान चर्चा करते समय ‘एबीपी न्यूज’ की सीनियर न्यूज एंकर रूबिका लियाकत काफी भावुक हो गईं। इस दौरान न सिर्फ उनका गला भर आया, बल्कि आंसू भी निकल पड़े।      

दरअसल, रूबिका लियाकत चैनल पर पैनलिस्ट से चर्चा कर रही थीं। इसी दौरान वे अपने आंसू नहीं रोक सकीं और रो पड़ीं। उनका कहना था, ‘यहां पर बैठकर मैं कब तक आपके सामने ये सवाल उठाती रहूंगी कि हिंदुस्तान की बच्चियां आजादी से क्यों नहीं घूम पातीं?’

रूबिका का यह भी कहना था, ‘इस मुल्क में जब वो जाती हैं तो क्यों उन्हें डर लगता है कि आंखें नोंच लेंगी। कब तक ये सवाल हम उठाते रहेंगे और आप लोग प्रज्ञा ठाकुर पर लड़ेंगे। मंदिर और मस्जिद पर लड़ेंगे। महिलाओं के लिए कितने दिनों तक आप इस तरीके से प्रदर्शन करते नजर आएंगे। निर्भया हुआ तो लगा था कि बस अब खत्म हुआ। मैं माफी चाहती हूं कि मुझे ये सब नहीं करना चाहिए। मुझे संतुलित होकर अपनी बात आप तक पहुंचानी चाहिए। मैं माफी चाहती हूं कि मैं एक औरत हूं और मैं आज अपने आप को रोक नहीं पा रही हूं।’

बता दें कि हैदराबाद में बुधवार की रात काम से लौटते समय 27 साल की महिला डॉक्टर की स्कूटी पंचर हो गई थी। इस दौरान रास्ते में कुछ लोगों ने महिला डॉक्टर की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी। अगले दिन महिला डॉक्टर का अधजला शव बरामद हुआ था। इस घटना को लेकर देशभर में लोगों में उबाल है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपितों मोहम्मद आरिफ (26), नवीन (20), चिंताकुंता केशावुलु (20) और शिवा (20)  को गिरफ्तार कर लिया है।  

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नया न्यूज चैनल लाए वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार, जल्द देगा घरों में दस्तक

फुल एचडी होगा यह नया चैनल, उमेश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर की चैनल से संबंधित जानकारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Monday, 02 December, 2019
Last Modified:
Monday, 02 December, 2019
Umesh Kumar

‘समाचार प्लस’ न्यूज चैनल के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ रहे वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने गैर हिंदी प्रदेश में अपने कदम बढ़ाते हुए पश्चिम बंगाल के पहले फुल एचडी न्यूज चैनल ‘बांग्ला भारत’ (Bangla Bharat) की लॉन्चिंग की तिथि घोषित कर दी है। इस नए चैनल का प्रसारण छह दिसंबर से शुरू कर दिया जाएगा। उमेश कुमार ने अपने फेसबुक पेज पर यह जानकारी शेयर की है।

चैनल के लिए एक बड़े निवेशक ने नई कंपनी का निर्माण किया है। इस कंपनी के शेयर का बड़ा हिस्सा उमेश कुमार के पास है। 'समाचार प्लस' चैनल बंद होने के बाद कुछ समय पूर्व ही उमेश कुमार ने घोषणा की थी कि वह गैर हिंदी भाषी राज्य में फुल एचडी न्यूज चैनल लॉन्च करने जा रहे हैं।

इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान जैसे राज्यों में अपने चार मीडिया प्लेटफॉर्म्स-यूपी न्यूज, पहाड़ न्यूज, एनएनआई और मोजो न्यूज शुरू कर दिए हैं। नई माइक आईडी और लोगो डिजाइन हो चुके हैं और जल्दी ही इन आईडी वाले पत्रकार खबरों के साथ दिखाई देने लगेंगे।

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रकम पर बड़ा मुनाफा कमाने से पहले जरूर देखें ‘जी बिजनेस’ का ये स्टिंग

एक बार पैसा जमा करने के बाद लोग इनके जाल में फंस जाते हैं, क्योंकि पैसा मिलते ही इस तरह की कंपनियां गायब हो जाती हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Friday, 29 November, 2019
Last Modified:
Friday, 29 November, 2019
Zee Business Sting

स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले कई लोगों को फर्जी एडवाइजरी कंपनियां चपत लगा रही हैं। भोले-भाले लोग इन कंपनियों के झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा रहे हैं। ऐसे में इस तरह की फर्जी कंपनियों के खिलाफ हाल ही में ‘जी मीडिया’ (Zee Media) के बिजनेस न्यूज चैनल ‘जी बिजनेस’ (Zee Business) ने एक स्टिंग ऑपरेशन चलाया। इस स्टिंग ऑपरेशन के आधार पर ‘जी बिजनेस’ के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने अपने शो ‘मार्केट माफिया’ के जरिये बताया कि शेयर मार्केट में सक्रिय धोखेबाज किस तरह से छोटे और मंझोले निवेशकों को लालच देकर उनकी मेहनत की कमाई को लूट लेते हैं। हालांकि, सिंघवी ने इस शो में पहले ही स्पष्ट कर दिया कि यह शो सही और वास्तविक स्टॉक मार्केट एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ नहीं है और इसमें सिर्फ फर्जी और धोखा देने वाली कंपनियों को ही निशाना बनाया गया।

बताया जाता है कि यह पहली बार है जब किसी बिजनेस चैनल ने स्टॉक मार्केट की फर्जी एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ इस तरह का स्टिंग ऑपरेशन किया है। तीन पार्ट्स की सीरीज में इस शो का प्रसारण ‘जी बिजनेस’ चैनल पर 26 नवंबर की सुबह 9.56 बजे और 27 व 28 नवंबर की सुबह 10.26 बजे किया गया।

चैनल ने ‘मार्केट माफिया’ में इंदौर की एक एडवाइजरी कंपनी का खुलासा किया। ‘जी बिजनेस’ की टीम ने अपने शो में दिखाया कि कैसे इस कंपनी ने निवेशकों से वादा किया कि यदि वे 20000 रुपए निवेश करेंगे तो उन्हें एक हफ्ते में चार लाख रुपए तक मिल सकते हैं। कैसे मात्र 20000 रुपयों से एक हफ्ते में चार लाख रुपए कमाए जा सकते हैं, इस बारे में बताने के लिए कंपनी ने निवेशकों से 25000 रुपए मासिक सलाह शुल्क देने के लिए कहा था। ऐसा करना बाजार नियामक ‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (SEBI) के नियमों के खिलाफ है। यही नहीं, विभिन्न कारणों से निवेशकों से ज्यादा से ज्यादा धन मांगा जाता है। लेकिन फायदा होने के स्थान पर निवेशकों को 30 से 50 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ा।

इसके अलावा यह भी खुलासा किया गया कि इस तरह की एडवाइजरी कंपनियां अच्छी तरह जानती हैं कि वे क्या कर रही हैं और वे खुलेआम दावा कर रही हैं कि ‘सेबी’ इस मामले में उनके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता है। इन कंपनियों के अनुसार, ‘यदि कोई सेबी के पास जाता भी है तो इस धोखाधड़ी को साबित करने के लिए कोई सबूत ही नहीं है।’ इस तरह की कंपनियां निवेशकों से मेंबर बनने के साथ ही उनके खाते में पैसा जमा करने के लिए कहती हैं। एक बार पैसा जमा करने के बाद लोग इनके जाल में फंस जाते हैं, क्योंकि पैसा मिलते ही इस तरह की कंपनियां गायब हो जाती हैं।

‘मार्केट माफिया’ कार्यक्रम के जरिये ‘जी बिजनेस’ ने स्टॉक मार्केट में निवेश करने वालों को इस तरह के जालसाजों से दूर रहने की सलाह देने के साथ-साथ टेलिफोन पर रिकॉर्ड की गई बातचीत को भी प्रसारित किया, ताकि लोगों को इस तरह की कंपनियों की कार्यप्रणाली के बारे में पता चल सके। इस तरह का उद्देश्य यह था कि यदि लोगों को किसी एडवाइजरी फर्म से इस तरह का ऑफर मिलता है तो वे आसानी से इस तरह की फर्जी एडवाइजरी कंपनियों को पहचान सकें। ‘जी बिजनेस’ ने फर्जी और धोखाधड़ी में लिप्त स्टॉक मार्केट एडवाइजरी कंपनियों के नाम भी इस शो में प्रसारित किए, जिससे निवेशकों को इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने में काफी मदद मिलेगी।

‘जी बिजनेस’ के स्टिंग ऑपरेशन ‘मार्केट माफिया’ के बाद इंदौर पुलिस ने कार्रवाई कर 40 ऐसे धोखेबाजों को गिरफ्तार भी किया है। इसके अलावा ‘जी बिजनेस’ ने यह भी सुनिश्चित किया कि निवेशकों की आवाज ‘सेबी’ तक जरूर पहुंचे। यह ‘जी बिजनेस’ की पहल का ही असर है कि सेबी के चेयरमैन अजय त्यागी ने इस तरह के धोखेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।  

'जी बिजनेस' द्वारा किए गए 'मार्केट माफिया' शो को आप यहां भी देख सकते हैं। 

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युवा पत्रकार तुषार श्रीवास्तव ने थामा अब इस मीडिया समूह का दामन

पूर्व में ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया’ समेत कई चैनलों में काम कर चुके हैं तुषार श्रीवास्तव

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 28 November, 2019
Last Modified:
Thursday, 28 November, 2019
Tushar Srivastava

लखनऊ के युवा पत्रकार तुषार श्रीवास्तव ने ‘जी’ (Zee) मीडिया समूह के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। वह यहां सीनियर करेसपॉन्डेंट के पद पर कार्य करेंगे। तुषार श्रीवास्तव इससे पहले ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया’ (News world india) समेत कई चैनलों में काम कर चुके हैं।

तुषार श्रीवास्तव ने ‘महाराणा प्रताप ग्रुप ऑफ कम्युनिकेशन स्टडीज’ से ‘बैचलर इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन’ (BJMC) की पढ़ाई की है। उन्होंने अगस्त 2012 में लखनऊ में न्यूज इंडिया टीवी पोर्टल के साथ बतौर स्क्रिप्ट राइटर और रिपोर्टर अपनी शुरुआत की थी। यहां उन्होंने जनवरी 2013 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद फरवरी 2013 में तुषार ने यहां से अलविदा कहकर रीजनल हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज टाइम’ (जनसंदेश) जॉइन कर लिया और रिपोर्टर के तौर पर करीब एक साल तक अपनी जिम्मेदारी संभाली।

इसके बाद ‘दैनिक प्रभात’ अखबार, ‘साधना' न्यूज चैनल और  ‘पी7’ न्यूज चैनल में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। मार्च 2016 में उन्होंने लखनऊ में ही हिंदी न्यूज चैनल ‘न्यूज वर्ल्ड इंडिया’ के साथ नई शुरुआत की। यहां वह बतौर स्पेशल करेसपॉन्डेंट के तौर पर काम कर रहे थे। अब उन्होंने अपनी पारी ‘जी’ मीडिया के साथ शुरू की है।

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रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क शुरू करेगा नए चैनल्स

नेटवर्क द्वारा ग्लोबल स्तर पर न्यूज ऑपरेशंस को विस्तार देने की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 27 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 27 November, 2019
Republic

‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (Republic Media Network) ने ग्लोबल के साथ ही प्रादेशिक भाषाओं में न्यूज कवरेज को विस्तार देने की कवायद शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में हुई दूसरी ‘रिपब्लिक समिट’ (Republic Summit) में ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ के एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी ने घोषणा की है कि जनवरी 2020 से प्रमुख भारतीय भाषाओं में प्रादेशिक न्यूज चैनल्स शुरू किए जाएंगे। इनके द्वारा सभी प्रमुख भारतीय भाषाओं में न्यूज का प्रसारण किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस नेटवर्क द्वारा ग्लोबल स्तर पर न्यूज ऑपरेशंस को विस्तार देने की प्रक्रिया भी औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है। बता दें कि इस साल की शुरुआत में ही ‘रिपब्लिक टीवी’ ने इसकी निवेशक कंपनी ‘एशियानेट न्यूज मीडिया’ (Asianet News Media) से शेयर खरीद लिए थे। इसके बाद यह कंपनी ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (Republic Media Network) में तब्दील हो गई है।

अरनब गोस्वामी द्वारा कुछ शेयरों को खरीदने के बाद एशियानेट न्यूज मीडिया छोटे निवेशक के रूप में ‘रिपब्लिक’ को सपोर्ट करना जारी रखे हुए है। इस नेटवर्क द्वारा फिलहाल अंग्रेजी में ‘रिपब्लिक टीवी’ और हिंदी में ‘रिपब्लिक भारत’ के नाम से दो चैनल्स का संचालन किया जाता है।

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वरिष्ठ टीवी पत्रकार निशांत चतुर्वेदी की नई पारी, जुड़े इस चैनल से

19 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में निशांत चतुर्वेदी लगातार बड़ी राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खबरों को कवर करते रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 27 November, 2019
Last Modified:
Wednesday, 27 November, 2019
Nishant Chaturvedi

वरिष्ठ टीवी पत्रकार और जाने-माने एंकर निशांत चतुर्वेदी ने अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है। उन्होंने बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर ‘टीवी9 भारतवर्ष’ (TV9 Bharatvarsh) जॉइन कर लिया है। बता दें कि निशांत चतुर्वेदी ने पिछले दिनों हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद से इस्तीफा दे दिया था। ‘आजतक’ के साथ उनकी यह दूसरी पारी थी।

19 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में निशांत चतुर्वेदी लगातार बड़ी राष्ट्रीय/अंतर्राष्ट्रीय खबरों को कवर करते रहे हैं। वर्ष 2016 में अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव, मार्च 2011 में जापान में आई सुनामी, पिछले दिनों अमेरिका में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम की उन्होंने शानदार कवरेज की थी।

देश की बड़ी घटनाओं की भी वे लाइव रिपोर्टिंग करते रहे हैं। मुंबई में 9/11 को हुए आतंकी हमले, वर्ष 2001 में संसद पर हुए हमले और लोकसभा-विधानसभा चुनावों की बेहतरीन कवरेज के साथ ही वह दुनिया की कई जानी-मानी शख्सियतों का इंटरव्यू भी कर चुके हैं।

निशांत चतुर्वेदी ने टीवी पत्रकारिता की शुरुआत वर्ष 2000 में ‘जी न्यूज’ में बतौर एंकर कम रिपोर्टर से की थी। उसके बाद, उन्होंने ‘दूरदर्शन’ के साथ बतौर एंकर कम करेसपॉन्डेंट काम किया, जहां उन्होंने ‘बीबीसी’ और ‘सीएनएन’ के पत्रकारों से ट्रेनिंग ली। फिर ‘आजतक’ के साथ बतौर एंकर कम प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट जुड़ गये और 2004 का लोकसभा चुनाव कवर किया।

उन्होंने करीब तीन साल ‘सहारा न्यूज’ के लिए भी काम किया और फिर वो ‘वॉयस ऑफ इंडिया’ पहुंच गये। इसके अलावा वे ‘न्यूज एक्सप्रेस’ में चैनल हेड और ‘न्यूज24’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर/एंकर के साथ ही ‘इंडिया टीवी’ में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर/एंकर की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं।

उत्तर प्रदेश में फर्रुखाबाद के मूल निवासी निशांत चतुर्वेदी दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स में स्नातक हैं। उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी से बिजनेस इकनॉमिक्स में मास्टर्स की डिग्री ली है।

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