आज भी हमारे कई मीडिया शिक्षा संस्थान ऐसे मामलों की कवरेज का व्यावहारिक, नैतिक और सैद्धांतिक पक्ष नहीं पढ़ाते

राजेश बादल 1 year ago


मीडिया और अवाम अपने कंधों का इस्तेमाल न होने दे तो ही इस तरह की स्थिति पर कुछ लगाम लग सकती है

राजेश बादल 1 year ago


बुद्धिजीवियों का कहना है कि इन नए विधानों के जरिए सरकार ने अपने चारों ओर कवच बना लिया है

राजेश बादल 1 year ago


इन दिनों मीडिया के अनेक अवतार दिनों दिन अपने आधुनिकतम रूपों में दिख रहे हैं

राजेश बादल 1 year ago


बीते दिनों बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत आईं थीं। चैनलों में से कितने ऐसे थे, जिन्होंने समझौतों के अलावा परदे के पीछे की सियासत का विश्लेषण किया?

राजेश बादल 1 year ago


वे सरकार के उस फ़रमान को नही मानते, जिसमें कहा गया था कि सरकार की अनुमति के बिना कोई समाचारपत्र नहीं निकाल सकता। साथ ही एक शब्द भी बिना अनुमति के नहीं छप सकता...

राजेश बादल 1 year ago


मीडिया शिक्षण संस्थान अभी तक अध्ययन में गुणवत्ता पर अधिक गंभीरता नहीं दिखाते थे। लेकिन बीते एक बरस से ऐसे आयोजन  लगातार मंथन कर रहे हैं

राजेश बादल 1 year ago


 पत्रकारिता अभिव्यक्ति का माध्यम है। पेशा नहीं। यह दाल रोटी की जुगाड़ का ज़रिया हो सकता है

राजेश बादल 1 year ago


केंद्रीय गृह मंत्रालय के पिछले चालीस साल के परिपत्र देखिए। ऐसा लगता है कि सबकी होली जला दी गई है।

राजेश बादल 1 year ago


प्रेस काउंसिल उन माध्यमों पर बंदिश लगाए जाने की वकालत कैसे कर सकती है, जो उसके कार्यक्षेत्र से बाहर हैं

राजेश बादल 1 year ago


अरुण जेटली को यह हुनर हासिल था कि वे राजनीति में पदार्पण से लेकर आख़िरी सक्रिय साँस तक अपनी असहमति को व्यक्त करते रहे। जब मैं इसे उनके हुनर की तरह याद करता हूँ तो

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया बड़ा सवाल, हम वह व्यवहार किसी के साथ क्यों कर रहे हैं, जो हमें अपने लिए स्वीकार नहीं

राजेश बादल 1 year ago


वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने उठाया सवाल, एक ही संस्थान में एक समाचार प्रसारण के कितने पैमाने हो सकते हैं?

राजेश बादल 1 year ago


पत्नी ने चार दिन पहले दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट, तभी से तलाश में जुटी थी पुलिस

पंकज शर्मा 1 year ago


आपातकाल लग चुका था। देश आजाद होने के बाद पहली बार प्रेस सेंसरशिप लगा दी गई थी...

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


अनुच्छेद 370 की विदाई कोई आसान काम नहीं था। कमोबेश हर दल इसके पक्ष में था, लेकिन सत्ता में रहते हुए उसे हटाने का साहस कोई नहीं कर पाया

राजेश बादल 1 year ago


तब राजेश दिल्ली की मेन स्ट्रीम मीडिया से जुड़ते तो राजेश का ही नहीं, देश की टीवी पत्रकारिता का चेहरा आज कुछ अलग होता

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


इस माहौल में कुछ अखबारों, चैनलों और उनके एंकर्स-पत्रकारों ने जो भूमिका निभाई है, उनका तहे दिल से शुक्रिया और सलाम! चैनल की नीति के खिलाफ जाकर सच के साथ खड़ा होना कोई आसान नहीं है

राजेश बादल 1 year ago


जानलेवा बीमारी कैंसर से हुआ है वरिष्ठ पत्रकार अतुल लागू का निधन

राजेश बादल 1 year ago


सत्रहवीं लोकसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद परिस्थितियां बदलीं हैं

राजेश बादल 1 year ago