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इन दिनों राष्ट्रभाषा हिंदी के बारे में अनेक स्तरों पर जानकार विलाप करते नजर आते हैं।

राजेश बादल 1 year ago


वही हुआ, जिसकी आशंका थी। अमेरिका के लिए अफगानिस्तान गले की हड्डी बनता दिखाई दे रहा है। उसने तालिबान से समझौता तो किया

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की चिंता जायज है। सोशल मीडिया के तमाम मंचों पर जानकारियों से छेड़छाड़ की बाढ़ है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


देश इस समय दुविधा में है। अफगानिस्तान के नए नियंताओं से बात की जाए अथवा नहीं। उनसे संपर्क और संबंध रखे जाएं अथवा नहीं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


पिछले चार साल से अन्य वर्गों के चुनिंदा प्रतिनिधियों के अलावा पत्रकारों और संपादकों की पेगासस सॉफ्टवेयर के जरिए जासूसी की लगातार खबरें चिंता में डालती हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


सबकी किस्मत एक जैसी नहीं होती। चाहा हुआ कभी पूरा होता है क्या? हां, यह जरूर हर इंसान को लगता है कि उसकी जिंदगी में ही सबसे ज्यादा गम हैं।

राजेश बादल 1 year ago


पाक अधिकृत कश्मीर में तो कश्मीरी कल्चर बचा ही नहीं। गुजिश्ता सत्तर-बहत्तर बरस में पाकिस्तान ने इस खूबसूरत वादी में समस्याओं के ढेर सारे पहाड़ उगा दिए हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


देश के सबसे अधिक संस्करणों वाले समाचारपत्र ‘दैनिक भास्कर’ और लखनऊ के प्रादेशिक टीवी चैनल ‘भारत समाचार’ पर आयकर विभाग के छापे सुर्खियों में हैं।

राजेश बादल 1 year ago


दो बरस पहले नवंबर महीने में पेगासस के जरिये भारत में जासूसी पर चिंताएं प्रकट की गई थीं। यानी ठीक उन्हीं दिनों हमें पता लग गया था, जब यह असंवैधानिक और आपराधिक कृत्य किया जा रहा था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पिछले सप्ताह एक अधिकारी द्वारा पत्रकार की पिटाई के मामले में एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया (ईजीआई) ने नाराजगी जताई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


चंद रोज पहले मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने ‘कानून का राज’ विषय पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान एक बात बड़े मार्के की कही।

राजेश बादल 1 year ago


भारतीय विदेश नीति एक बार फिर चक्रव्यूह में उलझी है। पड़ोसी राष्ट्रों, यूरोप तथा पश्चिमी देशों के साथ संबंधों में जिस तरह के विरोधाभासी हालात बन रहे हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


हिन्दुस्तान के पड़ोस से आ रहीं मीडिया से जुड़ी खबरें डराने वाली हैं। खास तौर पर पाकिस्तान और चीन में निष्पक्ष पत्रकारिता करना खतरे से खाली नहीं है।

राजेश बादल 1 year ago


हिंदुस्तानी लोकतंत्र में प्रादेशिक पार्टियों को ग्रहण सा लग गया है। स्थापना के दशकों बाद भी जम्हूरियत से उनका जमीनी फासला बढ़ता जा रहा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


मूर्धन्य संपादक और हिंदी के सेवक माधव राव सप्रे की याद में किया गया कार्यक्रम का आयोजन

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


भारत में अजीब दुविधा है। लोकतंत्र सबको अभिव्यक्ति का अधिकार देता है, लेकिन शायद नागरिक अभी उसके लिए तैयार नहीं हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


कमाल है। ऐसे पत्रकार तो कभी नहीं थे। हर सूचना को सच मान लेना और उसके आधार पर निष्कर्ष भी निकाल लेना कौन सा पेशेवर धर्म है?

राजेश बादल 1 year ago


केंद्र सरकार और सूचना-सामग्री विस्तार करने वाली परदेसी कंपनियों के बीच तनातनी अब निर्णायक मोड़ पर है। इस चरण में भारतीय बुद्धिजीवी समाज का दखल अब जरूरी दिखाई देने लगा है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


सरकार के लिए सबक है। बड़ा सबक। वह सीखे या न सीखे। विनोद दुआ के खिलाफ राजद्रोह का मामला आखिरकार देश की सर्वोच्च अदालत ने समाप्त कर दिया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago


दुनियाभर में कोरोना महामारी एक भयावह त्रासदी की शक्ल में सामने है। डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, राजनेताओं, प्रशासकों और कारोबारियों से लेकर आम आदमी तक मौत के इस विकराल हरकारे से थर्रा उठे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 year ago