कुछ टिकटॉक से गाने निकाल लो...आजकल जो विडियो यूट्यूब पर नहीं मिलते, टिकटॉक पर मिलते हैं। हिंदी पर भी जरूर होंगे

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 week ago


मच्छर शब्द कमजोरी का प्रतीक बन गया है। हम दुनिया को बताना चाहते हैं कि कृपया मच्छर समाज को मच्छर न समझें

समाचार4मीडिया ब्यूरो 1 month ago


चौतरफा दबाव से घिरे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते दिनों एक खास बैठक...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 6 months ago


एक खबरिया चैनल + पर 'थप्पड़ कांड' देखकर घर से निकला ही था कि पड़ोसी वर्माजी की बेटी...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago


जिस बच्चे के बारे में मालूम है कि वो दो का पहाड़ा भी कैलकुलेटर देखकर लिखता है...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago


सर्दी जवां थी... बच्चो की भारी मांग और मौसम की नजाकत समझते...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago


‘व्यंग्ययात्रा’ पत्रिका की और से आगरा में दो दिवसीय ...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 1 year ago


कमाल का देश है अपना! मनोरंजन के लिए बनाई गई फिल्में शिक्षा देती हैं और जनता को शिक्षित करने के लिए...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


हास्य-व्यंग्य पर आधारित पत्रिका ‘अट्टाहस’ ने सफलतापूर्वक अपने 18 साल पूरे कर लिए हैं...

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


अरे चंपक भाईसाहब आ गए क्या, गिरधारी लाल भी जुड़ चुके हैं, फिर कुंए में से आवाज आई फत्ते खान की ऑनलाइन सरजी.. मुस्करा दिया हर कोई..

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। दिल्ली के नंबर वन अखबार नवभारत टाइम्स की कंटेंट पॉलिसी काफी फेयर मानी जाती रही है। पर कल रात नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत न्यूज एडिटर नीरज बधवार ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया है कि अखबार ने क्यों और किस दबाव के चलते उनके एक व्यंग्य को प्रकाशित करने से मना कर दिया है। आप उनकी पूरी पोस्ट नीचे पढ

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


डॉ. गरिमा दुबे व्यंग्यकार ।। फुटेज का भूखा अब क्या करें बेचारे! लाइम लाइट में रहने की कुछ ऐसी लत लगी है कि एक बार बिन सांस लिए रह लेते हैं लेकिन कैमरा फ्लैश, माइक हाथ में लिए धक्का-मुक

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


<p style="text-align: justify;">‘इस मुल्क में सिर्फ टीवी रिपोर्टर ही बहादुर हैं, जो हरदम मार मचाओ मोड में रहते हैं। बाकी सेना वगैरह तो सुस्ती में गिरफ्तार है। मनोरंजन चैनलों पर जाओ, तो पता लगता है कि इस मुल्क में सिर्फ नागिन ही कर्मठ है।’ हिंदी दैनिक 'हिन्दुस्तान' में छपे अपने व्यंग्य के जरिए ये कहा  वरिष्ठ पत्रकार और व्यंग्यकार आलोक पुराणिक ने। उन

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 2 years ago


अमिताभ श्रीवास्तव वरिष्ठ पत्रकार ।। सोशल मीडिया नाम के बेकाबू भस्मासुर को फलने फूलने का आशीर्वाद देने वाले तमाम देवता अब घुटनों में सर दिए चिंता में डूबे हुए हैं। कहां जाएं इससे बच के। मनमोहन सिंह की खिल्ली उड़

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago


एम.एम. चन्द्रा व्यंग्यकार ।। हिंदी दिवस पर बहस चल रही थी। एक वर्तमान समय के विख्यात लेखक और दूसरे हिंदी के अविख्यात लेखक। हम हिंदी दिवस क्यों मानते है? कोई दिवस या तो किसी के मरने पर मनाया जाता है या किसी उत्सव

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago


समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। मौजूदा दौर के सबसे लोकप्रिय हिंदी व्यंग्यकारों में से एक राकेश कायस्थ ने बकरीद के मौके पर एक व्यंग्य लिखा है, जिसे उन्होंने अपनी फेसबुल वॉल पर शेयर किया है। उनके व्यंग्य को आप यहां पढ़ सकते हैं: बलिदानी बकरे का आखिरी पैगाम

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago


<p style="text-align: justify;"><strong>एम.एम.चन्द्रा,</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यंग्यकार ।।</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक फिल्मी गाना शादी-विवाह में आज तक चलाया जाता है 'जूते दे दो पैसे ले लो' लगता था यह जूते वाला खेल बस घर तक ही सीमित है, लेकिन जब एक फिल्म आयी 'भाग मिल्खा भाग' तो यह जूता घर से बहार

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago


समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। नेता: मंत्री जी जल्द ही संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। हम कितनी तैयारी  कर के जा रहे है। तथ्य आंकड़े दुरुस्त तो है वर्ना लोग खड़े ही धुल में लट्ठ लगाने के लिए। मंत्री:

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago



विष्णु शर्मा ।। टीवी पत्रकार बुझे-बुझे से रहते हो कहो ध्यान किसका है, पुरानी सड़क पर ये नया मकान किसका है?

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago