समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। आगरा के तेजतर्रार वरिष्ठ पत्रकार डॉ. भानु प्रताप सिंह ने पत्रिका समूह संग फिर से पारी शुरू की है। इस बार उन्हें आगरा में पत्रिका डॉट कॉम का एडिटोरियल हेड बनाया गया है। उन्होंने कार्यभार संभाल लिया है। इससे पहले वे 2010 में पत्रिका के आगरा और अलीगढ़ मंडल के ब्यूरोचीफ रह चुके हैं। गौरतलब है कि पत्रिका समू

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 3 years ago


जानी-मानी बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन का कहना है कि भारत में ज्यादातर सेक्युलर हिंदू विरोधी और मुस्लिम समर्थक हैं। तस्लीमा ने यह बयान हाल ही में कई भारतीय लेखकों द्वारा अपने पुरस्कार लौटाए जाने के संदर्भ में दिया है। उनके इस बयान के संदर्भ में वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक का एक आलेख ‘नया इंडिया’ में प्रकाशित हुआ, जिसे हम अपने पाठकों के

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


‘हमारे साहित्यकार खुद बड़े अवसरवादी और दब्बू लोग हैं। पुरस्कारों और सम्मानों के लिए मामूली नेताओं और अफसरों के तलवे चाटते फिरते हैं। अब वे भारत में तानाशाही की शिकायत करते हैं। मोदी की दादागीरी का दबे-छिपे ढंग से इशारा करते हैं। साफ लिखने और बोलने की हिम्मत उनमें नहीं है। यदि उन्हें मोदी या उसकी पार्टी या उसके समर्थकों पर गुस्सा है तो उसे लिखकर, बो

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


‘कलाकारों से यह उम्मीद करना कि वे राजनीति में सीधी दखलंदाजी करें, ज़रा ज्यादती है। बेहतर हो कि हम कला को राजनीति के दलदल में न घसीटें।’ हिंदी दैनिक अखबार 'नया इंडिया' के जरिए ये कहना है डॉ. वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक का। उनका पूरा आलेख आप यहां पढ़ सकते हैं: <strong> गुलाम अली: शिवसेना का कुतर्क</strong> <a href="http://www.samachar4media.

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


‘आरक्षण की अटपटी और अवैज्ञानिक व्यवस्था के कारण भारत की विभिन्न जातियों में गृहयुद्ध की नौबत न पैदा हो जाए, इसीलिए सरकार और सारे देश को मोहनजी के सुझाव पर ध्यान देना चाहिए।’ हिंदी दैनिक अखबार नया इंडिया में प्रकाशित अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेदप्रताप वैदिक का। उनका पूरा आलेख आप यहां पढ़ सकते हैं: आरक्षण: भागवत का स

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


‘राजनीतिक दलों को ‘सार्वजनिक संस्थान’ (पब्लिक अथारिटी) नहीं मानना सबसे बड़ा ढोंग है। सरकारी विभागों से भी ज्यादा सार्वजनिक कोई है तो ये राजनीतिक दल हैं। इनकी वित्तीय स्थिति ही नहीं, इनकी आंतरिक बहस, निर्णय और उसकी प्रक्रियाएं भी सार्वजनिक की जानी चाहिए।’ दैनिक अखबार ‘नया इंडिया’ में प्रकाशित अपने अपने आलेख के जरिए ये कहना है वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वे

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


<strong>समाचार4मीडिया ब्यूरो</strong> <div align="justify">वरिष्ठ पत्रकार डॉ. वेद प्रताप वैदिक हिंदी दैनिक 'नया इंडिया' में प्रकाशित होने वाले अपने दैनिक कॉलम में जहां देश के नेताओं पर जमकर प्रहार करते हैं, वहीं कई बार उन्हें क्या करना चाहिए और कैसे करना चाहिए, का भी पाठ पढ़ाने से नहीं भूलते हैं। पर सोमवार को प्रकाशित कॉलम में डॉ. वैदिक ने सपा सुप

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। 4 years ago


समकालीन हिन्दी कविता के विशिष्ट सम्मान केदार सम्मान वर्ष 2012 के लिए प्रकाशकों, रचनाकारों एवं उनके शुभचिन्तकों से 30 नवम्बर 2012 तक - पिछले चार वर्षो तक प्रकाशित कविता संकलनों की दो प्रतियां आमंत्रित की गई हैं। वे रचनाकार इस सम्मान हेतु अपने कविता संकलन भेज सकतें हैं जिनकी कविता की प्रकृति जनकवि केदारनाथ अग्रवाल की परम्परा में प्रकृति एवं मानव मन क

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