अभिनेता इंदर कुमार के वायरल विडियो का पत्नी ने बताया 'सच'

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से जाने माने अभिनेता रहे इंदर कुमार का एक विडियो तेजी...

Last Modified:
Thursday, 17 May, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से जाने माने अभिनेता रहे इंदर कुमार का एक विडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल बता दें कि इंदर कुमार का 28 जुलाई, 2017 की रात को निधन हो गया था। तब बताया गया था कि इंदर का निधन हार्ट अटैक के चलते हुआ। लेकिन अब जो विडियो सामने आया है उसे देखने से लगता है कि अपनी मौत से पहले खुद इंदर ने ही इस विडियो को शूट किया है।  

उनके फैन्स अब यही कह रहे हैं कि उन्होंने आत्महत्या की हैजिसकी रिकॉर्डिंग करते हुए उन्होंने अपना दर्द भी बयां किया है।

विडियो में इंदर कुमार कहते हैं, ‘घूमाता नहीं हूंसीधी बात बताता हूं कि सुसाइड करने जा रहा हूं। इसका दोष किसे दूंगलतियां मैंने की हैं। एक्टर बनने आया थामेरी अय्याशियों ने मुझे कहीं का नहीं छोड़ाअगर मेरी सलाह से कुछ सीखना चाहते हो तो सीख लो। हांअगर नहीं सीखे तो कल मेरी जगह तुम होगे और मोबाइल हाथ में लेकर विडियो रिकॉर्ड कर रहे होगे।’ इंदर आगे कहते हैं, ‘मॉम मैं आपसे प्यार करता हूंलेकिन मैं दूर जा रहा हूं, मैं कुछ नहीं कर सकता। छोटू अब तुम बड़े भाई बनना और घर का ध्यान रखना।

हालांकि इस विडियो के सामने आने के बाद, स्पॉटबॉय डॉट काम की एक रिपोर्ट भी सामने आई है, जिसके मुताबिकसोशल मीडिया पर वायरल हो रहा इंदर कुमार का यह विडियो उनकी अपकमिंग फिल्म का एक सीन हैजिसे उन्होंने अपने निधन से कुछ समय पहले शूट किया था।

इसी बात को लेकर इंदर कुमार की पत्नी पल्लवी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की और इस विडियो की सच्चाई बताई। पल्लवी ने कहा, 'ये रियल विडियो नहीं है। बल्कि ये 'फटी पड़ी है यारफिल्म के सीन का विडियो है जिसकी शूटिंग इंदर ने डेढ़ साल पहले की थी।'

पल्लवी ने आगे कहा, 'ऐसे भी कई मूमेंट्स रहे हैं जब इंदर ने बिल्कुल हार मान ली थीस्पेशली, जब वे रेप के मामले में फंसे थेलेकिन उन्होंने तब भी अपनी जिंदगी को खत्म करने के बारे में नहीं सोचा था। उस दौरान वे बिल्कुल डिस्टर्ब हो गए थे। वे परेशान थे कि उनका नाम खराब हो रहा हैलेकिन सुसाइड करने के बारे में उन्होंने कभी नहीं सोचा था।'

पल्लवी ने बताया कि अभी फिल्म प्रॉडक्शन टीम भी इसकी पड़ताल कर रही है कि फिल्म का ये सीन कैसे लीक हुआ और उन्होंने ये भी बताया कि ये पब्लिसिटी स्टंट नहीं था।

हालांकि इस सबके बावजूद भी सोशल मीडिया पर इंदर के फैन्स यह कतई मानने को तैयार नहीं कि उन्होंने सुसाइड नहीं किया है। विडियो को देखकर लोग यही कह रहे हैं कि इंदर ने इसे मौत को गले लगाने से कुछ देर पहले ही रेकॉर्ड किया है और इसमें उनका दर्द साफ नजर आ रहा है। 

गौरतलब है कि 2014 में इंदर कुमार पर रेप का आरोप लगाजिसकी वजह से उन्हें 45 दिनों तक जेल में रहना पड़ा। इस दौरान वह डिप्रेशन का शिकार हो गए। शराब की लत ने उन्हें और जकड़ लिया। इंदर कुमार ने अपने करियर की शुरुआत साल 1996 में फिल्म 'मासूमसे की थीजिसमें उनके ऑपोज़िट आयशा जुल्का थीं। उन्हें सलमान खान के सबसे करीब माना जाता था। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम भी किया।

वायरल विडियो- 

 


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ABP News: काउंटिंग के दिन दिखाया दम, कुछ यूं बना नंबर 1

दर्शकों को जोड़े रखने के लिए न्यूज चैनल की ओर से की गई थी विशेष तैयारी

Last Modified:
Thursday, 23 May, 2019
ABP News

देश में लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को घोषित किए गए। इस चुनावी महाकुंभ की कवरेज में सभी न्यूज चैनल्स ने अपने-अपने स्तर पर व्युअर्स को जोड़े रखने के लिए तमाम कवायद कीं। इसके तहत ‘एबीपी न्यूज’ ने दर्शकों की पसंद के ध्यान रखते हुए टेलिविजन के साथ ही डिजिटल के मोर्चे पर भी अपनी दमदार मौजूदगी बनाए रखी। इसी का परिणाम रहा कि मतगणना वाले दिन इसका यूट्यूब चैनल नंबर वन बन गया।

इस दिन अपने प्रतिद्वंद्वियों से काफी आगे निकलते हुए इसके लाइव यूजर्स की संख्या 8.3 लाख तक पहुंच गई। दरअसल, मतगणना के दौरान न्यूज उपभोग करने वालों की संख्या डिजिटल के मोर्चे पर काफी बढ़ गई थी, इसी का परिणाम रहा कि एबीपी के यूट्यूब चैनल को काफी ट्रैफिक मिला। इस बारे में

‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे का कहना है, ‘अपनी व्युअर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हमने डिजिटल मीडियम के साथ नया प्रयोग किया। इसके तहत हमने न्यूजरूम से हो रहे प्रसारण को यूट्यूब पर भी दिया, ताकि हमारे व्युअर्स कहीं आने-जाने के दौरान अपने स्मार्टफोन पर भी इन चुनावी नतीजों को देख सकें।’

 

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सोशल मीडिया पर ऐश्वर्या राय का यूं मजाक उड़ाया विवेक ओबरॉय ने

एक समझदार और संवेदनशील व्यक्ति अपने पुराने संबंध/प्रेम/दोस्ती की खुलेआम चर्चा करने में भी संकोच करता है

Last Modified:
Monday, 20 May, 2019
Vivek Oberoi

ऐसे हीरो होते हैं हमारे देश में. कुंठाओं से भरे हुए, पतित और गलीच..

बॉलीबुड के अभिनेता विवेक ओवरॉय ने अपने ट्विवटर हैंडल अकाउंट से पवन सिंह को क्रेडिट देते हुए ये तस्वीर साझा की है. जाहिर है तस्वीर में एक्जिट पोल स्लग लगाया गया है तो इशारा किस तरफ है. लेकिन जिस बेशर्मी से इन्होंने एश्वर्या राय बच्चन को डिमीन करने की हरकत की है वो ये समझने के लिए काफी है कि समाज का आदर्श कौन बनने जा रहा है ?

एक समझदार और संवेदनशील व्यक्ति अपने पुराने संबंध/प्रेम/दोस्ती की खुलेआम चर्चा करने में भी संकोच करता है, निजता की रक्षा करता है लेकिन फिर वही बात कि जब समझदार होने की परिभाषा ही उलट गयी हो तो..

देखें विवेक ओबरॉय का ट्वीट

(मीडिया विश्लेषक विनीत कुमार की फेसबुक वॉल से)

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जानें, कौन सा मतदान चरण रहा सोशल मीडिया पर हिट

विभिन्न पॉलिटिकल पार्टिंयों ने इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने में किसी तरह की कसर नहीं रखी

Last Modified:
Monday, 20 May, 2019
Twitter

लोकसभा चुनाव की इस बार सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा रही। विभिन्न पॉलिटिकल पार्टिंयों ने भी इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने में किसी भी तरह की कसर नहीं रखी और काफी विज्ञापन भी दिए। इसके अलावा यूजर्स ने भी चुनाव को लेकर अपने-अपने तरीके से इस प्लेटफॉर्म का काफी इस्तेमाल किया। हालांकि रविवार को आठ राज्यों में सातवें चरण का चुनाव आते-आते सोशल मीडिया पर वह तेजी नहीं दिखाई दी। यहां तक कि रविवार को इस मतदान प्रक्रिया को लेकर ट्विटर पर काफी कम चर्चा रही।

इस अंतिम चरण में 59 संसदीय क्षेत्रों से 918 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे, लेकिन इस दौरान किए गए ट्वीट की संख्या चुनाव में अब तक हुए ट्वीट के मुकाबले सबसे कम थी। सातवें चरण में जहां पर सबसे कम 179369 ट्वीट किए गए, वहीं दूसरे चरण में इनकी संख्या सबसे ज्यादा 2,80,256 थी। पूरे चुनाव के दौरान करीब 1.6 करोड़ ट्वीट किए गए। सातवें और अंतिम चरण में रिट्वीट की संख्या भी काफी कम रही। दूसरे चरण के दौरान सबसे ज्यादा 2,28,588 रिट्वीट किए गए थे, जबकि सातवें चरण में  महज 12,440 रिट्वीट किए गए।

यदि एग्जिट पोल के नतीजों की बात करें तो ट्विटर पर जो ट्रेंड चल रहा था, उसमें बीजेपी के पक्ष में रुझान दिखाई दे रहे थे। शुरुआत के कुछ चरणों में जरूर राहुल गांधी और कांग्रेस ट्विटर पर टॉप फाइव मेंशन में शामिल थे, लेकिन आखिरी चरण में इनमें से कोई भी मेंशन में नहीं था। चुनाव के सातवें चरण में @narendramodi, @BJP4India, @ECISVEEP, @ZeeNewsHindi और @aajtak टॉप फाइव मेंशन में शामिल थे।

‘इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी’, दिल्ली द्वारा उपलब्ध कराए गए डाटा के अनुसार इस दौरान सबसे ज्यादा हैशटैग तैयार किए गए। सिर्फ सातवें चरण में ही 125 हैशटैग तैयार किए गए, जिनमें से # Loksabhaelections2019, #Votinground7, # Exitpoll2019, #Phase7 और  #Jeetegatomodihi टॉप फाइव में शामिल रहे। इस डाटा से यह भी पता चलता है कि सातवें चरण में 71377 यूनिक यूजर्स थे, हालांकि, यह संख्या काफी कम रही, लेकिन यह पूरे सीजन में सबसे कम नहीं रही। इस दौरान टॉप फाइव ट्वीट में किए गए मेंशन में राहुल गांधी और कांग्रेस को कहीं जगह नहीं मिली।

इस दिन के टॉप फाइव ट्वीट में एक आर्किटेक्ट द्वारा किया गया ट्वीट भी शामिल था, जिसके करीब 30.000 फॉलेअर्स हैं और उसने अपने नाम के आगे चौकीदार शब्द का इस्तेमाल किया। उनके इस ट्वीट में यूपी के किसी स्थान की विडियो क्लिप थी, जिसमें कई लोगों ने ज्यादा से ज्यादा जगह वोट डालने के लिए अपने हाथ पर लगी वोटिंग स्याही को मिटा दिया था। इसके बाद इस लिस्ट में किसी अनवेरीफाइड अकाउंट से किया गया ट्वीट शामिल था, जिसके 100 फॉलोअर्स भी नहीं हैं। तीसरे नंबर पर बीजेपी का ऑफिशियल पेज था, जिसमें लोगों से वोट डालने की अपील की गई थी। इस ट्वीट में #JeetegaToModiHi का इस्तेमाल किया गया।

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इन गंभीर आरोपों में घिरी अमेजॉन, बाबा रामदेव ने संभाली बायकॉट की कमान

सोशल मीडिया पर कंपनी को करना पड़ रहा है लोगों के गुस्से का सामना

Last Modified:
Friday, 17 May, 2019
Amazon Ramdev

जानी-मानी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजॉन एक बार फिर मुश्किल में है। उस पर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। सोशल मीडिया पर अमेजॉन के बायकॉट की मुहिम शुरू हो गई है। इस बार इस अभियान की कमान योगगुरु बाबा रामदेव के हाथों में है। बाबा ने #अमेजनमाफीमांगे, #AmazonInsultsHindu जैसे हैशटैग के साथ अपने ट्विटर हैंडल पर कंपनी के खिलाफ कई सवाल उठाए हैं।

दरअसल, हिंदू देवताओं की तस्वीर वाले टॉयलेट सीट कवर, योगा मैट, कपड़े के जूते, कालीन और अन्य उत्पाद अमेजॉन की ऑनलाइन सूची में दिख रहे थे। यह खबर सामने आते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। ट्विटर पर हजारों प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गईं। थोड़े ही वक़्त में कंपनी के खिलाफ 24,000 से ज्यादा ट्वीट किए गए।

‘बायकॉट अमेजॉन’ ट्विटर पर सबसे अधिक ट्रेंड कर रहा था। कुछ लोगों ने अपने ट्वीट में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को भी टैग किया, ताकि अमेजॉन पर दबाव बनाया जा सके। बाबा रामदेव सहित सभी लोगों का कहना है कि हिंदू धर्म के अपमान के लिए कंपनी पर कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, अमेजॉन का कहना है कि उसके सभी विक्रेताओं को कंपनी के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए। जो ऐसा नहीं करता, उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। कंपनी के मुताबिक, जिन उत्पादों को लेकर सवाल उठाया जा रहा है, उन्हें ऑनलाइन स्टोर से हटाने का काम शुरू हो चुका है।

बाबा रामदेव ने अपने ट्वीट में अमेजॉन पर मौजूद उत्पादों की फोटो भी शेयर की है, जिसमें हिंदू देवी-देवताओं वाले टॉयलेट सीट कवर, जूते आदि नज़र आ रहे हैं। बाबा के ट्वीट को 11 हजार के आसपास लाइक मिले हैं, जबकि लगभग सात हजार बार उसे रीट्वीट किया गया है। इसके अलावा डेढ़ हजार लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें से अधिकांश में कंपनी के खिलाफ गुस्सा है।

बाबा रामदेव द्वारा किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

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इस मामले में बीजेपी ने सोशल मीडिया पर जताया ज्यादा भरोसा, अन्य पार्टियों को छोड़ा पीछे

17वीं लोकसभा के लिए सातवें चरण के तहत 19 मई को डाले जाएंगे वोट

Last Modified:
Thursday, 16 May, 2019
BJP

देश में इन दिनों 17वीं लोकसभा के गठन के लिए मतदान प्रक्रिया चल रही है। सात चरणों में होने वाली इस प्रक्रिया के छह चरण पूरे हो चुके हैं, जबकि सातवें चरण के तहत 19 मई को वोट डाले जाएंगे। इस दौरान राजनीतिक दलों ने अपना प्रचार-प्रसार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। इस बार विभिन्न राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी अपने ‘हथियार’ के रूप में काफी इस्तेमाल किया है और इन प्लेटफॉर्म्स पर काफी विज्ञापन दिए हैं।

यदि राजनीतिक दलों द्वारा विज्ञापन पर किए गए खर्च की बात करें तो इनमें बीजेपी अव्वल रही है। इस लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म (गूगल से लेकर फेसबुक पर) पर 20 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए हैं। सिर्फ गूगल और उसकी सहयोगी कंपनियों पर ही बीजेपी ने विज्ञापन पर 17 करोड़ रुपए का खर्चा किया है। डीएमके ने गूगल पर करीब चार करोड़ रुपये का खर्च किया है। हालांकि, कांग्रेस की बात करें तो उसने काफी कम खर्च किया है और इसने सिर्फ 2.7 करोड़ रुपये के विज्ञापन दिए हैं।

विभिन्न पॉलिटिकल पार्टिंयां गूगल पर 27 करोड़ रुपये के विज्ञापन दे चुकी हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो भाजपा ने विज्ञापन पर कांग्रेस से करीब 500 फीसदी ज्यादा खर्च किया है। वहीं, फेसबुक पर किए गए खर्च की बात करें तो बीजेपी ने फरवरी से 11 मई तक विज्ञापनों पर चार करोड़ का खर्चा किया है, जबकि इस दौरान कांग्रेस ने 1.3 करोड़ का खर्चा किया था।

अभी तो आखिरी चरण के तहत 19 मई को वोटिंग होनी है। इस चरण में वाराणसी की सीट भी शामिल है, जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन खर्च के मामले में  बीजेपी का आंकड़ा और आगे जा सकता है. यानी इसके द्वारा किए जाने वाले खर्च में और बढ़ोतरी हो सकती है। बताया जाता है कि बीजेपी के आधिकारिक पेज के अलावा पार्टी के समर्थन में फेसबुक पर विभिन्न नामों से चल रहे कई पेज भी विज्ञापनों पर काफी खर्च कर रहे हैं।

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वॉट्सऐप यूजर्स हो जाएं सावधान, जल्द से जल्द कर लें ये काम

सुरक्षा खामी के कारण लोगों के मोबाइल में इंस्टॉल हो गया है जासूसी सॉफ्टवेयर

Last Modified:
Tuesday, 14 May, 2019
Whatsapp

सोशल मीडिया के इस दौर में इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप वॉट्सऐप लोगों की जिंदगी का अनिवार्य अंग बन चुका है। इसका इस्तेमाल बढ़ने के साथ ही सुरक्षा के लिहाज से भी यह संवेदनशील हो गया है। पिछले दिनों सोशल मीडिया खासकर वॉट्सऐप पर फेक न्यूज की बढ़ती घटनाओं को लेकर काफी कदम उठाए गए थे। इसमें फॉरवर्ड मैसेज डिस्प्ले होने के साथ ही एक बार में भेजने वाले मैसेज की अधिकतम संख्या पांच कर दी गई थी।

लेकिन अब वॉट्सऐप को लेकर नया खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक ने स्वीकार किया है कि उसके इस ऐप में सुरक्षा खामी के कारण लोगों के मोबाइल में एक जासूसी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्राइली कंपनी द्वारा विकसित इस सॉफ्टवेयर को वॉट्सऐप कॉल के द्वारा फोन में इंस्टॉल किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक यूजर द्वारा कॉल का जवाब न देने पर भी यह सॉफ्टवेयर उनके फोन में इंस्टॉल किया जा सकता है। कनाडा के शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस सॉफ्टवेयर से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अधिवक्ताओं को निशाना बनाया गया है।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कितने लोगों को इस तरह के साइबर हमले का शिकार बनाया गया है। माना जा रहा है कि इस साइबर हमले के निशाने पर चुनिंदा लोग हैं। फिलहाल, रविवार तक फेसबुक के इंजीनियर इस सुरक्षा चूक को सही करने में जुटे थे। फेसबुक ने यूजर्स से नए वर्जन को अपडेट करने के लिए कहा है। बताया जाता है कि फेसबुक को अपडेट करने के साथ ही डाउनलोड फोल्डर में किसी संदिग्ध फाइल (जिसे आपने डाउनलोड न किया हो) के मिलने पर उसे डिलीट कर इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। इसके अलावा संभव होने पर यूजर्स अपना फोन रीसेट भी कर सकते हैं।

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राजनीति के चटकारे वाला इस ‘गैर-राजनीतिक सर्वे’ में राहुल आगे, मोदी रहे पीछे

ट्विटर पर ‘अ-पॉलिटिकल हैरी पॉटर’ नामक यूजर ने पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे ऑनलाइन सर्वे किये हैं

Last Modified:
Monday, 13 May, 2019
Rahul

चुनावी मौसम में बहस, हार-जीत के दावे तो आपने बहुत सुने होंगे। इसके अलावा खबरिया चैनलों के आंकलनों पर भी आपकी नज़र गई होगी। इन आंकलनों ने किसी की आस जगाई होगी, तो किसी को निराशा की ओर धकेला होगा। इसलिए हम आपके सामने कुछ ऐसा रखने जा रहे हैं, जिसे सोशल मीडिया पर ख़ासा पसंद किया जा रहा है, जो गैर-राजनीतिक है, लेकिन राजनीति के चटकारे के साथ। ताकि आपना चुनावी जायका बना रहे। ट्विटर पर ‘अ-पॉलिटिकल हैरी पॉटर’ नामक यूजर ने पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे ऑनलाइन सर्वे किये हैं, जिन्हें जानने के बाद आपके चेहरे पर मुस्कान आना तय है, फिर भले ही आप किसी भी पार्टी का समर्थन क्यों न करते हों।

उदाहरण के तौर पर सबसे ताजा सर्वेक्षण में लोगों से पूछा गया है ‘यदि आपको अपने बच्चे को घर पर अकेला छोड़कर जाना हो, तो आप निम्न में से किस पर भरोसा करेंगे? विकल्प के रूप में नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी, प्रज्ञा ठाकुर और अमित शाह का नाम दिया गया है। इस ऑनलाइन सर्वे के लिए करीब 61 हजार वोट आये हैं, और सबसे ज्यादा वोट मिले हैं राहुल गांधी को। सर्वे में शामिल 71 प्रतिशत लोगों का कहना है कि वो अपने बच्चे को अकेला घर पर छोड़कर जाने के मामले में राहुल पर भरोसा करेंगे। दूसरे सबसे ज्यादा वोट नरेंद्र मोदी को मिले हैं, 23 फीसदी यूजर्स ने इस मामले में उन पर विश्वास जताया है। जबकि अमित शाह की परफॉरमेंस इस सर्वे में खाफी ख़राब रही। उन पर केवल 2% लोगों ने भरोसा दिखाया है, जो प्रज्ञा ठाकुर से भी 2% कम है।

मोदी के मुकाबले राहुल को तवज्जो देने के लोगों ने अपने-अपने कारण दिए हैं, जिन्हें वहीं जाकर पढ़ने में आनंद आएगा। इसके अलावा ‘अ-पॉलिटिकल हैरी पॉटर’ का एक अन्य सर्वे भी काफी रोचक है। इस सर्वेक्षण में पूछा गया है कि यदि आप केबीसी की हॉट सीट पर बैठे हों और एक सवाल पर अटक जाएं, तो निम्न में से किसी कॉल करेंगे’? विकल्प में स्मृति ईरानी और आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी मार्लेन के नाम दिए गए हैं। ऐसे वक़्त में जब सियासी बयानबाजी दिलों को आहत कर रही है, इस तरह के सर्वे ‘स्माइल टॉनिक’ की भूमिका निभा रहे हैं। लिहाजा, हम भी यही चाहेंगे कि आप इसे मजाक की तरह लें और कुछ देर के लिए ही सही मुस्कुराएं।
 

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Linkedin यूजर्स के लिए बहुत काम का है ये नया फीचर, जानें कैसे

तीन साल पहले फेसबुक ने भी जारी किया था ऐसा ही फीचर

Last Modified:
Thursday, 09 May, 2019
Linkedin

सोशल नेटवर्किग साइट ‘लिंक्डइन’ (Linkedin) ने अपना यूजर बेस बढ़ाने के लिए नई कवायद की है। दरअसल, ‘लिंक्डइन’ ने अपने यूजर्स के लिए अब नया फीचर जारी किया है। यह फीचर फेसबुक के फीचर की तरह है, जिसमें किसी भी पोस्ट को लाइक करने के साथ आप उसमें अपना रिएक्शन भी शामिल कर सकते हैं।

इसके लिए ‘लिंक्डइन’ की ओर से ‘लाइक’ (Like) के अलावा अब चार नए रिएक्शन ‘लव’ (Love), ‘सेलिब्रेट’(Celebrate), ‘इनसाइटफुल’ (Insightful) और ‘क्यूरियस’ (Curious) जोड़े गए हैं। यानी आप कोई भी पोस्ट पसंद आने पर अपने हिसाब से उस पर अपना रिएक्शन दे सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ किसी भी पोस्ट पर नजर आने वाले लाइक बटन को कुछ देर दबाकर रखना होगा, जिसके बाद ये सभी रिएक्शन दिखाई देने लगेंगे, जिसके बाद आप अपनी मर्जी से कोई भी रिएक्शन चुन सकते हैं।

गौरतलब है कि फेसबुक भी यूजर्स की पसंद को ध्यान में रखते हुए करीब तीन साल पहले ऐसा ही फीचर लेकर आई थी। माना जा रहा है कि मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच अपने यूजर्स को आकर्षित करने के लिए ही ‘लिंक्डइन’ की ओर से ये नए रिएक्शन जोड़े गए हैं।

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सोशल मीडिया पर कम हुई चुनावी गर्मी, चर्चा में रहे ये ट्वीट

ट्वीट ही नहीं, चुनाव से संबंध रखने हैशटैग व उनसे जुड़े कमेंट में भी कमी आई है

Last Modified:
Tuesday, 07 May, 2019
Twitter

लोकसभा चुनाव के अंतिम पड़ाव में भी नेताओं के भाषण माहौल को गर्मा रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर चुनावी गर्मी अब कम होती दिखाई दे रही है। पिछले पांच चरणों के आंकड़ों पर यदि नज़र डालें तो साफ़ हो जाता है कि ट्विटर यूजर्स का चुनाव के प्रति प्रेम उतना नहीं रहा, जितना शुरुआत में था। सोमवार को चुनाव का पांचवा चरण संपन्न हुआ। इस दौरान चुनाव से जुड़े कुल 1,78,198 ट्वीट हुए, जो चौथे चरण की तुलना में काफी कम थे। चौथे चरण में यह संख्या 2,20,107 थी। केवल ट्वीट ही नहीं, चुनाव से संबंध रखने हैशटैग, उनसे जुड़े कमेंट में भी कमी आई है।

दिल्ली स्थित इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी द्वारा उपलब्ध कराये गए आंकड़ों के अनुसार,  पहले चरण में लोकसभा चुनाव से जुड़े कैंपेन, ट्वीट में 99,794 यूनिक यूजर्स ने भाग किया था, दूसरे फेज में यह संख्या गिरकर 84,659 पहुँच गई। इसके बाद जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ता गया, ट्विटर यूजर्स की उसमें दिलचस्पी कम होती गई।

मसलन, तीसरे चरण में यूनिक यूजर्स 79,645 थे, चौथे चरण में 69,371 और पांचवें चरण में यह केवल 56,392 रह गए। इसी तरह हैशटैग की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गई। पहले चरण में जहां चुनाव से संबंधित 123 हैशटैग किये गए, वहीं पांचवें चरण में मात्र 91। वैसे पांचवें फेज़ में पांच हैशटैग #LokSabhaElections2019, #HarBoothParModi, #Phase5, #VotingRound5 और #MainHindustanHoon टॉप पर रहे।

अगर रीट्वीट की बात करें तो इसमें भाजपा नेता तेजेंद्र बग्गा ने सबको पछाड़ दिया। उन्होंने 6 मई को एक विडियो के साथ #RajivGandhiChorHai हैशटैग वाला ट्वीट किया था। इस ट्वीट को सबसे ज्यादा बार रीट्वीट किया गया। दूसरे नंबर पर इंडिया टुडे का वो ट्वीट रहा, जिसमें एक टीएमसी नेता के बारे में बताया गया था कि कैसे वो बुजुर्ग मतदाताओं के नाम पर खुद वोटिंग काउंटर में प्रवेश कर रहा है।

तीसरा सबसे लोकप्रिय ट्वीट पीयूष गोयल का रहा। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा था, ‘अमेठी में एक अस्पताल है, जिसके ट्रस्टी नामदार परिवार के सदस्य हैं, कुछ दिन पहले एक गरीब आयुष्मान कार्ड लेकर अपना इलाज कराने के लिये गया। अमेठी के उस अस्पताल ने मरीज को मना कर दिया, क्योंकि उसके हाथ में मोदी का दिया हुआ आयुष्मान का कार्ड थाः PM @NarendraModi जी।’ कुल मिलाकर कहा जाए तो चुनाव के आगे बढ़ने का असर चुनावी ट्वीट पर पड़ रहा है। अगले चरण तक इसमें कुछ और गिरावट देखने को मिल सकती है।

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‘चौकीदार’ से विदेशी मीडिया हुआ कंफ्यूज, पढ़िए कैसे?

मोदी सरकार के लगभग सभी मंत्रियों और सांसदों ने अपने नाम के आगे चौकीदार लगा रखा है

Last Modified:
Thursday, 02 May, 2019
Media

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मैं भी चौकीदारअभियान को देश में भले ही ज़बरदस्त सफलता मिली हो, लेकिन विदेशी मीडिया को इस अभियान ने कंफ्यूज कर दिया है। और इस कंफ्यूजन की वजह है सबका एकदम से चौकीदारबन जाना। मोदी सरकार के लगभग सभी मंत्रियों और सांसदों ने अपने नाम के आगे चौकीदार लगा रखा है। ये चौकीदारसामान्य बोलचाल से लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुँच गया है। मसलन, ‘चौकीदार नरेंद्र मोदी। ऐसे में विदेशी पत्रकार और मीडिया संस्थान समझ ही नहीं पा रहे हैं कि चौकीदारहै क्या भला। इसी के चलते अमेरिका के कई मीडिया समूहों ने अपनी खबर में भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को चौकीदार सुषमा स्वराजके रूप में संदर्भित किया। वैसे, भाजपा समर्थक यदि चाहें तो इसे भी एक उपलब्धि के रूप में देख सकते हैं, लेकिन इतना तो साफ़ है कि चौकीदारने सात समुंदर पार बैठे पत्रकारों का सिर ज़रूर चकरा दिया है।

दरअसल, स्वराज ने 29 अप्रैल की शाम को वेस्ट चेस्टर, ओहियो में एक सिख परिवार के चार सदस्यों की हत्या पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी। स्वराज ने घटना पर दुःख जताते हुए कहा था कि यह हेट क्राइम नहीं है। इसके बाद कई मीडिया संस्थानों ने इनके ट्वीट को अपनी खबर में जगह दी। अमेरिका के CBS न्यूज़ से जुड़े  WKRC TV ने गफलत के चलते स्वराज का पूरा नाम चौकीदार सुषमा स्वराजलिख डाला। इसी तरह अमेरिका के लोकप्रिय ABC न्यूज़ से संबद्ध WCPO भी चौकीदारके पीछे की भावना को भांपने में नाकाम रहा और भारतीय विदेश मंत्री के ट्विटर अकाउंट पर लिखे चौकीदारको उनके पूरे नाम में शामिल कर लिया। इतना ही नहीं NBC न्यूज़ के WLWT और फॉक्स नेटवर्क के Fox19 ने भी सुषमा स्वराज को चौकीदार सुषमा स्वराजकहकर संबोधित किया।

हालांकि, इस बारे में अमेरिकी के सबसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान CNN की समझ को लेकर भी गफलत का माहौल है। ट्विटर पर कई यूजर्स ने CNN की रिपोर्ट के स्क्रीनशॉट शेयर किये हैं, जिसमें ओहियो की घटना के संबंध में भारतीय विदेश मंत्री का नाम चौकीदार सुषमा स्वराजलिखा दिख रहा है। CNN की इस न्यूज़ को बाद में अपडेट भी किया गया, इसलिए संभव है कि CNN भी चौकीदारके भाव को समझ नहीं पाया। कंसल्टेंट गौतम घोष ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है, जिसके बारे में उन्होंने लिखा है ‘CNN को लगता है कि सुषमा स्वराज का पूरा नाम चौकीदार सुषमा स्वराज है।

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