सूचना प्रसारण मंत्री को रास नहीं अखबार की हेडिंग, जमकर लगाई लताड़

विदेशी अखबारों ने जेएनयू में छात्रों व शिक्षकों पर हमले की खबर को अपने अंदाज में प्राथमिकता दी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 07 January, 2020
Last Modified:
Tuesday, 07 January, 2020
Prakash Javadekar

विदेशी अखबारों ने जेएनयू में छात्रों व शिक्षकों पर हमले की खबर को अपने अंदाज में प्राथमिकता दी। ब्रिटेन के एक अखबार ने छात्रों व शिक्षकों पर हमला करने वाले नकाबपोश भीड़ को 'राष्ट्रवादी' कहकर संबोधित किया, जिसके बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ट्विटर के माध्यम से अखबार पर जबरदस्त प्रहार किया और कहा कि हर मौके पर भारत के टूटने का अनुमान लगाना बंद करे।

जावड़ेकर एक के बाद एक कई ट्वीट कर ब्रिटिश समाचार पत्र पर बरस पड़े। उन्होंने कहा कि मैं जानता हूं कि भारत को समझने की आपसे उम्मीद लगाना थोड़ा ज्यादा होगा, लेकिन आप एक कोशिश कर सकते हैं। आप कोई भी मौका मिलने पर भारत के टूटने का अनुमान लगाना बंद करें। भारत विविधता वाला लोकतंत्र है और यह मजबूती से उभरकर आने के लिए सभी मतभेदों को साथ लेकर चलता है।

अखबार को टैग करते हुए उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया और कहा कि दुनियाभर के प्रौद्योगिकीविद् आपकी प्रौद्योगिकी पाने के इच्छुक होंगे, जो नकाबपोश भीड़ को डिकोड कर 'राष्ट्रवादी' बताते हैं। एक बात और, हमारे देश के सभी विश्वविद्यालय एवं संस्थान धर्मनिरपेक्ष हैं।

बता दें कि ब्रिटेन के अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' में जेएनयू में रविवार रात हुई हिंसा के लिए शीर्षक दिया गया था- 'राष्ट्रवादी भीड़ ने दिल्ली के धर्मनिरपेक्ष विश्वविद्यालय में उपद्रव किया।'

गौरतलब है कि जेएनयू के तीन हॉस्टलों में पांच जनवरी की शाम जमकर बवाल हुआ। डंडों से लैस नकाबपोश लोगों ने कई छात्रों को पीटा और तोड़फोड़ भी की। इसके बाद प्रशासन को परिसर में पुलिस बुलानी पड़ी। इस घटना में कम से कम 36 लोग घायल हो गए और इन्हें एम्स (Aiims) में भर्ती कराया गया। अभी तक हमलावर पकड़े नहीं गए हैं, लेकिन नकाबपोश हमलावरों पर जमकर राजनीति शुरू जरूर हो गई है। वाम नियंत्रित जेएनयू छात्र संघ (JNUSU) और एबीवीपी (ABVP) ने हिंसा के लिए एक-दूसरे पर आरोप मढ़ा। यह हिंसा करीब दो घंटे तक जारी रही।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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विज्ञापनों की 'बारिश' के बीच आज ऐसे नजर आ रहे हैं अखबारों के फ्रंट पेज

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में विज्ञापनों की ‘बरसात’ के बीच आज भी दिल्ली हिंसा से जुड़ी खबर को प्रमुखता दी गई है।

नीरज नैयर by
Published - Friday, 28 February, 2020
Last Modified:
Friday, 28 February, 2020
Hindi Newspapers

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों में विज्ञापनों की ‘बरसात’ के बीच आज भी दिल्ली हिंसा से जुड़ी खबर को प्रमुखता दी गई है। शुरुआत करते हैं नवभारत टाइम्स से, जहां स्थिति लगभग कल जैसी है। यानी फ्रंट पेज पर ज्यादा खबरों की गुंजाइश नहीं बन सकी है।

‘रात में दहशत, पब्लिक खुद बनी पहरेदार’ शीर्षक के साथ दिल्ली हिंसा से जुड़ी खबर को लीड लगाया गया है। इसमें आप पार्षद पर एफआईआर, हिंदू-मुस्लिम एकता के साथ ही केजरीवाल द्वारा की गई मुआवजे की घोषणा भी शामिल है। राम त्रिपाठी ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि जाफराबाद में हिंदू-मुस्लिम एकता के चलते दंगाइयों के मंसूबे कामयाब नहीं हो पाए। मौजूदा माहौल में इस तरह की खबरें बेहद जरूरी हो जाती हैं, ताकि बाकी लोग भी प्रेरित हो सकें। वहीं, जस्टिस मुरलीधर के तबादले पर उठे सवाल और भड़काऊ भाषणों वाले नेताओं पर नरमी भी पेज पर है।

हिन्दुस्तान की बात करें तो यहां भी फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है। लीड दिल्ली की हिंसा है, लेकिन खबर को आप पार्षद पर दर्ज हुए केस से उठाया गया है। इसी में सियासी बयानबाजी और भड़काऊ भाषणों वाले भाजपा नेताओं पर कोर्ट के रुख का भी जिक्र है। हिंसा में जान गंवाने वालों के परिवारों को मुआवजे की घोषणा को लीड का हिस्सा बनाने के बजाय अलग से दो कॉलम रखा गया है और इसी के नीचे कोरोना वायरस से जुड़ा समाचार है।

वहीं, मौसम विभाग की भविष्यवाणी को भी पेज पर जगह मिली है। विभाग का कहना है कि इस बार गर्मी के तेवर ज्यादा तल्ख होंगे। इसके अलावा, पेज पर चार सिंगल खबरें हैं। इनमें जस्टिस मुरलीधर के तबादले पर विवाद, पुलवामा हमले में मिले अहम सुराग और भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के सेमीफाइनल में, प्रमुख हैं।

अब चलते हैं दैनिक भास्कर पर। फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापनों के बीच लीड दिल्ली की हिंसा को रखा गया है। ‘दिल्ली का गुनाहगार कौन’ शीर्षक के साथ लगी इस खबर में दिल्ली पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये गए हैं।

इसके साथ ही आप पार्षद पर दर्ज हुए केस और भड़काऊ भाषणों वाले भाजपा नेताओं पर नरमी को भी लीड का हिस्सा बनाया गया है। वहीं, मौसम विभाग की भविष्यवाणी और अयोध्या में रामनवमी के बाद होने वाले संभावित भूमिपूजन को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है। इसके अलावा, पेज पर कुछ संक्षिप्त खबरें हैं।

आज अमर उजाला के फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं। लीड दिल्ली की हिंसा है, जिसमें सियासी बयानबाजी, आप पार्षद पर दर्ज केस के साथ ही हाई कोर्ट के जज मुरलीधर के तबादले के असर को बेहतरीन ढंग से पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।

इसके अलावा, पेज पर मौसम विभाग की भविष्यवाणी, मोहन भागवत का बयान, हिमस्खलन में जवान की मौत सहित कोरोना वायरस से जुड़ा समाचार भी पेज पर है। कोरोना के प्रकोप के चलते मक्का-मदीना में विदेशियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

वहीं, दैनिक जागरण के फ्रंट पेज पर भी दो बड़े विज्ञापन हैं। लीड ‘आप पार्षद ताहिर के घर मिला तबाही का सामान’ शीर्षक के साथ दिल्ली की हिंसा को लगाया गया है। इसमें राज्य सरकार के मुआवजे की घोषणा भी शामिल है।

हिंसा पर गृहमंत्री का बयान और विदेशी एजेंसियों के रुख पर विदेश मंत्रालय की आपत्ति को अलग से पेज पर रखा गया है। मंत्रालय का कहना है कि विदेशी एजेंसियां दिल्ली हिंसा का राजनीतिकरण कर रही हैं। इसके अलावा, अमेरिकी-तालिबान समझौते में भारत के शामिल होने से जुड़ा समाचार भी है। इस तरह फ्रंट पेज पर दिल्ली हिंसा के अलावा केवल एकमात्र अन्य खबर है।

सबसे आखिरी में बात करते हैं राजस्थान पत्रिका की। लीड दिल्ली हिंसा को लगाया है, जिसका शीर्षक ‘शांति के पीछे दहशत का माहौल’ दिल्ली के मौजूदा हालातों को बखूबी बयां करता है। अमर उजाला की तरह राजस्थान पत्रिका ने भी जस्टिस मुरलीधर के तबादले के बाद अदालत के रुख में आये बदलाव को रेखांकित किया है।

महिला विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम की उपलब्धि को बतौर फोटो जगह मिली है। वहीं, पुलवामा हमले के मामले में एनआईए की नाकामी, कांग्रेस में अध्यक्ष पद को लेकर चल रही बयानबाजी भी पेज पर है। एंकर में खगोल विज्ञान से जुड़ा समाचार है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज भी दैनिक भास्कर सबसे आगे नजर आ रहा है। अखबार ने सीमित जगह में अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है तो अमर उजाला को अव्वल कहा जा सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह है जस्टिस मुरलीधर के तबादले से कोर्ट के रुख में आए बदलावों का विस्तार से वर्णन करना।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के मामले में नवभारत टाइम्स, दैनिक भास्कर और राजस्थान पत्रिका संयुक्त रूप से विजेता हैं। इसके साथ ही दैनिक जागरण ने भी अच्छा प्रयास किया है।

4: खबरों के लिहाज से देखें तो नवभारत टाइम्स को सबसे बेहतर कहा जा सकता है। क्योंकि उसने हिंसा के माहौल के बीच हिंदू-मुस्लिम एकता की खबर पाठकों तक पहुंचाई है, जो मौजूदा समय में सबसे जरूरी है।

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इस बड़े अखबार के खिलाफ दर्ज हुआ केस, झूठी खबर चलाने का आरोप

अखबार ने यह रिपोर्ट मार्च 2019 में ओपिनियन सेक्शन में ‘द रियल ट्रंप-रशिया क्युड प्रो क्यू’ हेडलाइन से प्रकाशित की गई थी,

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 27 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 27 February, 2020
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ट्रंप कैंपेन का आरोप है कि अखबार ने 2016 के चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर रूस के साथ समझौता करने की झूठी खबर छापी थी। अखबार ने यह रिपोर्ट मार्च 2019 में ओपिनियन सेक्शन में ‘द रियल ट्रंप-रशिया क्युड प्रो क्यू’ हेडलाइन से प्रकाशित की गई थी, जिसमें लिखा गया था कि साल 2016 में राष्ट्रपति की डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को हराने के लिए ट्रंप ने रूस के साथ सहयोग की विदेश नीति के तहत समझौता किया था। यह आर्टिकल न्यूयॉर्क टाइम्स के ही पूर्व कार्यकारी संपादक मैक्स फ्रैंकेल ने लिखा था। इसमें उन्होंने ट्रंप के कुछ गुप्त अधिकारियों और रूसी दूतों के बीच हुई बातचीत के बारे में लिखा था। इस आर्टिकल में उन्होंने निष्कर्ष लिखा था कि ट्रंप कैंपेन और रूसी अधिकारियों ने हिलेरी क्लिंटन को हराने के लिए एक सौदा किया था।

ट्रंप के सीनियर कानूनी सलाहकार जेना इलिस ने कहा कि यह आर्टिकल बिना किसी सबूत के प्रकाशित की गई थी। लिहाजा अब ट्रंप कैंपेन ने मुकदमा दायर कर दिया है, जिसका उद्देश्य ट्रंप के अभियान के खिलाफ जानबूझकर गलत रिपोर्ट प्रकाशित करने के लिए समाचार संगठन को जवाबदेह ठहराना है। ट्रंप के मुकदमे में तर्क दिया गया है कि यह ओपिनियन पूरी तरह से गलत है। टाइम्स ने यह आर्टिकल यह जानते हुए प्रकाशित की कि वह इससे अपने खुद के रिडर्स को भी भ्रमित करेगा।

वहीं, दूसरी तरफ इस मुकदमे के खिलाफ ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने कानूनी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। अखबार ने बुधवार को याचिका का जवाब देते हुए कहा कि वह इस मुकदमे के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेगा। अखबार के प्रवक्ता एलीन मर्फी ने एक बयान में कहा कि हमारे देश का कानून अमेरिकियों के अपने अधिकारों और निष्कर्षों को व्यक्त करने के अधिकारों की रक्षा करता है। खासतौर पर सार्वजनिक घटनाओं पर हम खुलकर अपनी राय रख सकते हैं।

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खबरों के प्रजेंटेशन में आज कैसे आगे रहा राजस्थान पत्रिका, जानें यहां

जैकेट विज्ञापन के कारण हिन्दुस्तान में तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 27 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 27 February, 2020
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नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर जल रही दिल्ली को लेकर हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पुलिस और सरकार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा है। यही ‘शर्मिंदगी’ आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की प्रमुख खबर है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक भास्कर की। हिंसा पर पुलिस और सरकार को लगी फटकार इस पेज पर लीड है। हाई कोर्ट का कहना है कि ’1984 जैसे हालात नहीं बनने देंगे, जेड सुरक्षा वाले नेता लोगों के बीच जाएं’। वहीं. सुप्रीम कोर्ट ने तल्ख लहजे में कहा है कि पुलिस का रवैया पेशेवर नहीं है, भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं पर कार्रवाई हो’।

गौरतलब है कि दिल्ली हिंसा में अब तक 27 लोगों की मौत हो चुकी है। हिंसा के चलते स्थगित हुईं परीक्षाएं और मृतक पुलिसकर्मी के परिवार को मिले मुआवजे को लीड में शामिल करने के बजाय अलग से पेज पर रखा गया है। वहीं, पत्नी और बेटे सहित जेल भेजे गए आजम खां को दो कॉलम एवं राजस्थान में हुई बस दुर्घटना को सिंगल कॉलम में जगह मिली है। राजस्थान के बूंदी में एक बस नदी में जा गिरी। हादसे में 24 यात्रियों की मौत हो गई। एंकर में दिल्ली से जुड़ी एक ऐसी खबर है जो दर्शाती है कि नफरत भरे माहौल के बीच भी हिंदू-मुस्लिम एक-दूसरे की मदद के लिए तैयार हैं।

अब अमर उजाला का रुख करते हैं। लगभग आधे पेज तक दिल्ली की हिंसा और अदालतों की सख्ती को लीड लगाया गया है। इसमें मृतक पुलिसकर्मी के परिवार को मुआवजा, आईबी कर्मी की हत्या और नेताओं की बयानबाजी भी शामिल है। हालांकि, अमर उजाला ने मुआवजे की राशि दो करोड़ बताई है, जबकि दैनिक भास्कर ने केवल केजरीवाल सरकार की घोषणा का जिक्र किया है।

दरअसल, राज्य और केंद्र सरकार ने एक-एक करोड़ देने का एलान किया है, इस लिहाज से मुआवजे की राशि दो करोड़ हो जाती है। इसके अलावा, जेल भेजे गए आजम खां, दिल्ली हिंसा पर पुलिस को फटकार लगाने वाले जस्टिस मुरलीधर का तबादला और ई-टिकटिंग से आतंकी फंडिंग में गिरफ्तारी भी पेज पर है। एंकर में पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए शुरू किए गए मिशन की इनसाइड स्टोरी है।

वहीं, हिन्दुस्तान की बात करें तो जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। हालांकि यहां भी ज्यादा खबरों की गुंजाइश नहीं बन सकी है। दिल्ली हिंसा पर अदालतों की सख्ती लीड है। हालांकि, इसमें मुआवजे और आईबी कर्मी की मौत का जिक्र नहीं है।

लीड के पास ही दो-दो कॉलम में आजम खां और राममंदिर के भूमि पूजन के संभावित ऐलान को रखा गया है। इसके अलावा, पेज पर तीन सिंगल और एक चार कॉलम खबर है। इनमें सबसे प्रमुख है बैंकों में सुधार के तीसरे चरण की लॉन्चिंग। इसके तहत शॉपिंग मॉल और रेलवे स्टेशनों पर सरकारी बैंकों के आउटलेट खोले जाएंगे।

आज नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर काफी विज्ञापन है। लिहाजा, केवल लीड को ही स्थान मिल सका है। ‘मरने वालों की संख्या बढ़कर 27 हुई, चौथे दिन हिंसा में आने लगी कमी’ आईब्रो तले दिल्ली के हाल से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर को लीड का हिस्सा बनाया गया है। वहीं, जेल भेजे गए आजम खां को संक्षिप्त में जगह मिली है।

दैनिक जागरण पर नजर डालें तो फ्रंट पेज पर दो बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन फिर भी आज केवल एक ही फ्रंट पेज बनाया गया है। एक तरह से देखें तो पेज पर दिल्ली हिंसा से जुड़ी खबरों के अलावा केवल एक और बड़ी खबर है। टॉप बॉक्स में सुप्रीम कोर्ट की पुलिस को फटकार है, उसके पास डीप दो कॉलम में हाई कोर्ट की टिप्पणी और पांच कॉलम में हिंसा पर लगती लगाम है। इसी में मृतक पुलिसकर्मी के परिजनों को मुआवजे का भी जिक्र है।

दैनिक जागरण ने अमर उजाला की तरह केंद्र और राज्य दोनों की घोषणाओं को शामिल किया है। इस वजह से मुआवजा राशि दो करोड़ हो गई है। जम्मू कश्मीर में 37 केंद्रीय कानून लागू करने संबंधी आदेश दूसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है।

सबसे आखिरी में चलते हैं राजस्थान पत्रिका पर। मास्टहेड से लेकर आधे पेज तक दिल्ली की हिंसा को लीड लगाया गया है। खबर को तीन भागों में विभाजित करके पाठकों के समक्ष रखा गया है। मसलन, ‘कोर्ट सख्त, प्रशासन सक्रिय और सियासत तेज’। इस प्रयोग से पेज तो अच्छा नजर आ ही रहा है, साथ ही पाठकों के लिए भी सहूलियत हो गई है कि उन्हें पहले क्या पढ़ना है।

वहीं, राजस्थान में हुए बस हादसे को फोटो के रूप में जगह मिली है। इसके अलावा, मोदी की प्रशंसा करने वाले जज से बार एसोसिएशन नाराज और केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सेरोगेसी विधेयक को मिली मंजूरी भी पेज पर है। एंकर में ऑक्सीजन के बिना जीने वाले पहले जीव के बारे में बताया गया है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज दैनिक भास्कर अव्वल है। इसके बाद हिन्दुस्तान, अमर उजाला और राजस्थान पत्रिका को रखा जा सकता है। नवभारत टाइम्स के पास आज ज्यादा कुछ करने की गुंजाइश नहीं थी।

2: खबरों की प्रस्तुति में आज बाजी राजस्थान पत्रिका के नाम रही है। लीड खबर को अख़बार ने काफी अलग और आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया है। वहीं, दैनिक भास्कर को दूसरे नंबर पर रखा जा सकता है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के मामले में सभी अखबार एक जैसे हैं, यानी किसी ने ज्यादा प्रयास नहीं किया है।

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किस हिंदी अखबार का फ्रंट पेज है आज सबसे 'दमदार', जानें यहां

दैनिक जागरण, राजस्थान पत्रिका, नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं।

नीरज नैयर by
Published - Wednesday, 26 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 26 February, 2020
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के साथ ही केंद्र सरकार का पूरा ध्यान हिंसा की आग में जल रही दिल्ली को बचाने पर केंद्रित हो गया है। उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। सरकार की इस सख्ती के साथ ही वापसी से पहले दिए गए ट्रंप के बयान को राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने प्रमुखता से स्थान दिया है। सबसे पहले बात करते हैं दैनिक जागरण की, जहां आज भी कल की तरह दो फ्रंट पेज हैं।

पहला फ्रंट पेज डोनाल्ड ट्रंप के नाम समर्पित है। जयप्रकाश रंजन ने अपनी बाईलाइन में बताया है कि ट्रंप ने सीएए को भारत का आंतरिक मामला करार दिया है। वहीं, संजय मिश्र ने दोनों देशों के बीच तीन अरब के रक्षा समझौतों से पाठकों को रूबरू कराया है। दूसरे फ्रंट पेज पर दिल्ली की हिंसा और उससे निपटने की सरकारी तैयारियों को लीड लगाया गया है। इसके अलावा एनपीआर पर बिहार सरकार का रुख और स्वाइन फ्लू का बढ़ता प्रकोप भी पेज पर है। सुप्रीम कोर्ट के पांच न्यायाधीश स्वाइन फ्लू की चपेट में आ गए हैं। एंकर में ट्रंप की पत्नी मेलानिया को जगह मिली है, जिन्होंने दिल्ली के स्कूल की हैप्पीनेस क्लास में शिरकत की।

अब चलते हैं हिन्दुस्तान पर, जिसने दैनिक जागरण की तरह दो फ्रंट पेज तैयार किए हैं। पहले फ्रंट पेज पर पवन कुमार पाण्डेय की मोदी-ट्रंप मुलाकात से जुड़ी बाईलाइन को लीड लगाया गया है। इस पेज पर दूसरी और आखिरी खबर के रूप में दिल्ली की हिंसा है, जिसमें अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। वैसे यह खबर दूसरे फ्रंट पेज की लीड भी है।

इसके अलावा, स्वाइन फ्लू की चपेट में आए न्यायाधीशों को भी फ्रंट पेज पर रखा गया है, लेकिन उनकी संख्या हिन्दुस्तान ने छह बताई है, जबकि दैनिक जागरण के मुताबिक पांच जज इससे पीड़ित हैं। वहीं, जेपी ग्रुप पर अदालत की सख्ती के साथ ही दो सिंगल समाचार भी पेज पर हैं।

नवभारत टाइम्स की बात करें, तो यहां भी पाठकों को दो फ्रंट पेज मिले हैं। पहला फ्रंट पेज ट्रंप के दौरे से जुड़ी नरेंद्र मिश्रा की बाईलाइन के नाम समर्पित है। दूसरे फ्रंट पेज पर दिल्ली की हिंसा लीड है, इसमें कपिल मिश्रा पर गौतम गंभीर का शाब्दिक हमला और नवभारत टाइम्स की अपने पाठकों से शांति बनाए रखने की अपील भी शामिल है।

पेज पर तीन सिंगल, मसलन ‘सुप्रीम कोर्ट के 6 जज स्वाइन फ्लू की चपेट में आए, 3 हजार तक महंगा होगा स्टेट बैंक का लॉकर, दिल्ली है पूरी दुनिया में सबसे प्रदूषित राजधानी’ और कुछ संक्षिप्त समाचार हैं। अखबार के पहले फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन के कारण यहां सिर्फ खबरों वाला भाग ही दिखाई दे रहा है, जबकि दूसरा फ्रंट पेज पूरा दिखाई दे रहा है।

वहीं, राजस्थान पत्रिका ने भी आज दो फ्रंट पेज बनाए हैं। पहले फ्रंट पेज पर मास्ट हेड से लेकर आधे पेज तक ट्रंप के भारत दौरे को रखा गया है। इसमें ट्रंप के बयान की बड़ी बातें, रक्षा सौदा और प्रेसवार्ता में सीएनएन के पत्रकार के ट्रंप से तीखे सवाल भी शामिल हैं। इसके अलावा, स्वाइन फ्लू की चपेट में आए जज, रिश्वत के मामले में 47 साल बाद हुई सजा और एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की बाईलाइन भी पेज पर है, जिन्होंने वायुसेना के जाबांजों के बारे में पाठकों को बताया है।

पन्ना पलटकर दूसरे फ्रंट पेज पर चलें तो यहां दिल्ली की हिंसा को लीड लगाया गया है। लगभग आधा पेज की इस खबर में हिंसा और उससे निपटने की सरकारी तैयारियों से जुड़ी हर बात का जिक्र है। ट्रंप को इस पेज पर भी काफी बड़ी जगह मिली है। इसके अलावा, दो डीसी और कुछ संक्षिप्त समाचार भी हैं।   

सबसे आखिरी में आज बात करते हैं अमर उजाला की। ‘उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश’ शीर्षक के साथ दिल्ली की हिंसा को लीड लगाया गया है। ट्रंप के बयान को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। ट्रंप ने धार्मिक आजादी के लिए पीएम मोदी की तारीफ करते हुए नागरिकता संशोधन कानून पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है।

वहीं, स्वाइन फ्लू का प्रकोप, निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की याचिका पर टली सुनवाई और पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के अहम फैसले को भी फ्रंट पेज पर जगह मिली है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हलफनामे से बिके वाहन से यदि दुर्घटना होती है तो मुआवजे के लिए खरीदार नहीं बल्कि पंजीकृत मालिक जिम्मेदार होगा। एंकर में दुनिया के 30 सबसे प्रदूषित शहरों का जिक्र है, जिसमें दिल्ली को सबसे प्रदूषित राजधानी बताया गया है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में सभी अखबार अच्छे नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि दैनिक जागरण के फ्रंट पेज में भी आज सुधार दिखा है।

2: खबरों की प्रस्तुति के लिहाज से आज अमर उजाला अव्वल है, लेकिन नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान ने भी अच्छा फ्रंट पेज तैयार किया है। इसके अलावा, राजस्थान पत्रिका ने ट्रंप की खबर को बेहतरीन अंदाज में पेश किया है।

3: कलात्मक शीर्षक में दैनिक जागरण सबसे आगे नजर आ रहा है। एंकर का शीर्षक ‘हैप्पीनेस क्लास में मेलानिया दिखीं हैप्पी’ आकर्षक है।

4: खबरों के लिहाज से देखें तो राजस्थान पत्रिका पहले और अमर उजाला दूसरे स्थान पर है। राजस्थान पत्रिका ने ट्रंप की खबर में कुछ ऐसी बातों का जिक्र किया है, जो दूसरों में नहीं हैं। वहीं, अमर उजाला ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले को फ्रंट पेज पर जगह दी है। यह खबर वाहन खरीदने-बेचने वालों के लिए काफी अहम है। 

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अखबारों में फ्रंट पेज की सुर्खियां बनीं आज ये खबरें

नवभारत टाइम्स और हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है जबकि दैनिक जागरण के पाठकों को दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं।

नीरज नैयर by
Published - Tuesday, 25 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 25 February, 2020
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इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने भव्य स्वागत से अभिभूत होकर पीएम मोदी की शान में कसीदे पढ़ रहे थे और उधर दिल्ली हिंसा की आग में झुलस रही थी। यही दोनों खबरें आज राजधानी से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की, जिसने दोनों समाचारों को बराबर जगह दी है। ट्रंप-मोदी की फोटो सहित ‘नमोस्ते ट्रंप’ शीर्षक के साथ अमेरिकी राष्ट्रपति के दौरे को लगाया गया है। हेडलाइन में  ‘नमो’ को एक शेड लाइट किया गया है, ताकि इसे ‘नमो ट्रंप’ भी पढ़ा जा सके।

‘जल उठा यमुनापार’ शीर्षक के साथ हिंसा की खबर को लगाया गया है, इसमें पुलिसकर्मी की मौत, भीड़ द्वारा युवक की पिटाई सहित राज्य और केंद्र की बयानबाजी भी है। इन दोनों ही खबरों को ऊपर से एंकर तक उतारा गया है। दिल्ली विधानसभा में लगे जय बजरंग बली के नारे, सुन्नी बोर्ड 5 एकड़ जमीन लेने को तैयार और दिल्ली-देहरादून के बीच बनेगा एलिवेटिड एक्सप्रेस वे, इन ख़बरों को भी पेज पर जगह मिली है। एंकर में अमेरिकी स्टंटमैन की मौत से जुड़ा समाचार है।

अब नजर डालते हैं दैनिक भास्कर पर। ट्रंप के स्वागत और दिल्ली की हिंसा को एक साथ लीड के रूप में पेश किया गया है। ‘अमेरिका को दिखी महाशक्ति’, ‘इधर, दिल्ली ने दिल दुखाया’ शीर्षक के साथ दोनों खबरें पूरे आठ कॉलम में हैं।

वहीं, सुन्नी बोर्ड का जमीन लेने का फैसला, दिल्ली विधानसभा, सेंसेक्स में भारी गिरावट सहित एनजीओ के दावे को भी प्रमुखता के साथ पाठकों के समक्ष रखा गया है। एनजीओ का कहना है कि चुनाव आयोग ने एक साल से पहले ही लोकसभा चुनाव के वीवीपैड रिकॉर्ड को नष्ट कर दिया। एंकर में मुंबई में आयोजित सीईओ कॉन्क्लेव से जुड़ा समाचार है।

वहीं, दैनिक जागरण में विज्ञापन के चलते आज दो फ्रंट पेज बनाये हैं। पहला पेज ट्रंप के भारत दौरे के नाम समर्पित है। दूसरे फ्रंट पेज पर नागरिकता संशोधन कानून पर दिल्ली में हुई हिंसा को लीड के रूप में पेश किया गया है। वहीं, इलाहाबाद और झारखंड हाई कोर्ट की दो महत्वपूर्ण ख़बरों को भी अखबार ने प्रमुखता के साथ जगह दी है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा है कि एससी-एसटी एक्ट के तहत कोई मामला केवल तभी बनता है जब अपराध सार्वजानिक स्थल पर हुआ हो।

उधर, झारखंड उच्च न्यायालय ने साफ किया है कि आरक्षण केवल स्थायी निवासी को ही मिलेगा। इसके अलावा, पेज पर दिल्ली-देहरादून के बीच बनने वाले एलिवेटिड एक्सप्रेस वे से जुड़ा समाचार है और एंकर में सुन्नी बोर्ड के जमीन लेने के फैसले को जगह मिली है।

अब चलते हैं हिन्दुस्तान पर, जहां जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड दिल्ली की हिंसा है, जबकि ट्रंप के दौरे को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। वहीं, देहरादून तक एलिवेटिड एक्सप्रेस वे को मिली मंजूरी, सुन्नी बोर्ड का फैसला और सोने की कीमत में छलांग को भी पेज पर पर्याप्त स्थान मिला है। सोना पहली बार 44 हजार के पार चला गया है। एंकर में अमेरिकी राष्ट्रपति और उनकी पत्नी के हिन्दुस्तानी संस्कृति के प्रति प्यार को दर्शाया गया है।

अमर उजाला के फ्रंट पेज को देखें तो डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे को मास्ट हेड से लगाते हुए लीड के रूप में पेश किया गया है। दूसरी बड़ी खबर दिल्ली की हिंसा है, जिसमें एक पुलिसकर्मी सहित पांच लोगों की मौत हो गई और 60 घायल हुए हैं। निर्भया मामले में आज होने वाली सुनवाई सहित पटियाला में गिरा एनसीसी का विमान और सुन्नी बोर्ड ने कबूली मस्जिद के लिए जमीन, इन खबरों को भी पेज पर जगह मिली है।         

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। अखबार ने आज केवल दो खबरों में ही पूरा फ्रंट पेज समाप्त कर दिया है। लीड ट्रंप का भारत दौरा है, जिसे मास्ट हेड से शुरू करते हुए ‘दोस्ती का चरखा चला’ शीर्षक के साथ आधे पेज तक रखा गया है। अखबार के फ्रंट पेज पर दूसरी और आखिरी खबर के रूप में दिल्ली की हिंसा है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज भी नवभारत टाइम्स अव्वल है, जबकि दैनिक भास्कर और हिन्दुस्तान को दूसरे नंबर पर रखा जा सकता है। हालांकि, दैनिक भास्कर का फ्रंट पेज बीच में काफी नीरस हो गया है। 

2: खबरों की प्रस्तुति की बात करें तो दैनिक भास्कर ने कम जगह में भी लीड को काफी अच्छी तरह से प्रस्तुत किया है। लिहाजा उसे पहला नंबर दिया जा सकता है। दूसरे स्थान पर नवभारत टाइम्स और तीसरे स्थान पर हिन्दुस्तान है।

3: जहां तक कलात्मक शीर्षक की बात है तो खासकर नवभारत टाइम्स और राजस्थान पत्रिका ने लीड की हेडलाइन को कलात्मक बनाने का प्रयास किया है। इस प्रयास में बाजी नवभारत टाइम्स के नाम रही है।

4: खबरों के लिहाज से देखें तो दैनिक जागरण ने बाजी मार ली है। अखबार ने एससी/एसटी एक्ट को लेकर बेहद महत्वपूर्ण समाचार को फ्रंट पेज पर जगह दी है, जबकि शेष अखबार इस मामले में चूक कर गए हैं।

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आज इन खबरों को मिली हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज पर तवज्जो

विज्ञापन के कारण दैनिक जागरण में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Hindi Newspapers

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते जा रहे हैं। यही ‘बिगड़ते हालात’ आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सबसे बड़ी खबर है। शुरुआत करते हैं हिन्दुस्तान से। फ्रंट पेज पर तीन बड़े विज्ञापन हैं, लेकिन सभी महत्वपूर्ण समाचारों को स्थान देने का प्रयास किया गया है। लीड नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर दिल्ली के कुछ इलाकों में हुई हिंसा है। कानून के समर्थक और विरोधी आमने-सामने आ गए, स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा।

उधर, उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में भी आगजनी हुई। लीड खबर में शाहीन बाग का भी जिक्र है, वार्ताकार आज कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। दूसरी बड़ी खबर के रूप में अमरीश कुमार त्रिवेदी की बाईलाइन है, जिन्होंने अयोध्या में बनने वाले राममंदिर की खासियतों के बारे में बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की आज से होने वाली भारत यात्रा, अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी का प्रत्यर्पण और अमेरिका द्वारा कड़े किए गए एच1बी वीजा के नियमों को भी प्रमुखता के साथ पेज पर जगह मिली है।

दैनिक जागरण का रुख करें तो यहां जैकेट विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड सीएए पर सांप्रदायिक हिंसा है, जिसे सात कॉलम में लगभग आधे पेज तक रखा गया है। शत्रुघ्न शर्मा की बाईलाइन को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। शर्मा ने अमेरिकी राष्ट्रपति की आज से शुरू हो रही यात्रा की हर संभव जानकारी से पाठकों को रूबरू कराने का प्रयास किया है।

वहीं, टेलीकॉम कंपनियों को मिलने वाले संभावित बेलआउट पैकेज के साथ ही कांग्रेस के हाल पर शशि थरूर के बयान को भी तवज्जो मिली है। थरूर का कहना है कि कांग्रेस को लेकर लोगों में ऐसी धारणा बन गई है कि पार्टी अपनी राजनीतिक पहचान से भटक गई है। एंकर में मोदी की ‘मन की बात’ है।

अब चलते हैं नवभारत टाइम्स पर। फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है, लेकिन पाठकों तक खबरों को पहुंचाने में कोई कंजूसी नहीं बरती गई है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर हुई हिंसा है, इसमें अलीगढ़ और शाहीन बाग का भी जिक्र है।

सेकंड लीड के रूप में ट्रम्प की भारत यात्रा है। खबर का शीर्षक ‘ट्रम्प को भाया बाहुबली अवतार’ से शुरू किया गया है। दरअसल, ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने विडियो को शेयर किया था, जिसमें उन्हें बाहुबली अवतार में दिखाया गया है। इसीलिए अखबार ने हेडलाइन में यह प्रयोग किया है। मेट्रो यात्रियों को मिली नई सुविधा को एंकर में स्थान मिला है। इसके अलावा, पेज पर चार अन्य खबरें हैं।

आज अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड नागरिकता संशोधन कानून पर हिंसा है, इसमें शाहीन बाग और अलीगढ़ का भी जिक्र है। मोदी के ‘मन की बात’ के साथ ही एच1बी वीजा के कड़े नियम भी पेज पर हैं। सेकंड लीड के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के भारत दौरे को रखा गया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। अखबार ने लीड सबसे अलग ट्रम्प की भारत यात्रा को बनाया है। इस खबर को इतने विस्तृत रूप में केवल इसी अखबार ने ही पाठकों तक पहुंचाया है, लेकिन इस फेर में नागरिकता संशोधन कानून के नाम पर हुई हिंसा को अंडर प्ले किया गया है। इससे ज्यादा बड़ी जगह दिल्ली के स्कूलों की ‘हैप्पीनेस क्लास’ को मिली है।

एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों के बारे में बताया है। इसके अलावा, अंडरवर्ल्ड डॉन रवि पुजारी का प्रत्यपर्ण और सुप्रीम कोर्ट में 4 बड़े मामलों पर होने वाली सुनवाई भी पेज पर है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में नवभारत टाइम्स पहले और हिन्दुस्तान दूसरे स्थान पर है।

2: खबरों की प्रस्तुति का जहां तक सवाल है, तो आज राजस्थान पत्रिका सबसे आगे है। लीड खबर को बेहद आकर्षक अंदाज़ में पाठकों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। दूसरा नंबर नवभारत टाइम्स का है। तीसरे स्थान पर हिन्दुस्तान और फिर दैनिक जागरण है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने के लिए आज अखबारों ने शायद ज्यादा मशक्कत नहीं की, इसलिए सभी के सामान्य शीर्षक हैं। लेकिन राजस्थान पत्रिका और नवभारत टाइम्स ने जरूर प्रयास किया है, लिहाजा दोनों को विजेता घोषित किया जा सकता है।

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जानें, फ्रंट पेज के मामले में आज कौन सा अखबार रहा सबसे आगे

नवभारत टाइम्स, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, जबकि दैनिक भास्कर के फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है

नीरज नैयर by
Published - Friday, 21 February, 2020
Last Modified:
Friday, 21 February, 2020
Newspapers

शाहीन बाग में सुलह का रास्ता निकलता नजर नहीं आ रहा है। इसी ‘रास्ते’ को आज दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों ने प्रमुखता से लगाया है। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की। जैकेट विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड शाहीन बाग है, इसमें ओवैसी की रैली और संघ प्रमुख के बयान को भी जगह मिली है। शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को मनाने में वार्ताकार दूसरे दिन भी कामयाब नहीं हुए। हालांकि, उनकी कोशिशें जारी हैं।

ट्रम्प के दौरे को सेकंड लीड का दर्जा मिला है। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की पीएम मोदी से मुलाकात और दिल्ली में बीच सड़क पर हुए मर्डर को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है। पारंपरिक एंकर के बजाय आज तीन खबरों को लगाया गया है। पहली, ‘नए संसद भवन के लिए काटे जाएंगे 200 पेड़, दूसरी, आर्मी चीफ का बयान और तीसरी राहुल आनंद की बाईलाइन स्टोरी है। उन्होंने टिकटॉक के नए चैलेंज और उसके खतरों के बारे में बताया है। निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी को नवभारत टाइम्स ने आज जगह दी है, जबकि अमर उजाला सिर फोड़ने की खबर से कल ही पाठकों को रूबरू करा चुका है।   

अब राजस्थान पत्रिका का रुख करते हैं। फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें ट्रम्प के भारत दौरे से जुड़ा समाचार है। लीड निर्भया का दोषी पवन है, जो खुद को मानसिक रोगी करार देने में लगा है। राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की पीएम से मुलाकात को पर्याप्त स्थान मिला है, लेकिन शाहीन बाग को तवज्जो नहीं दी गई है, जबकि दिल्ली के लिहाज से यह बड़ी खबर थी।

एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की बाईलाइन स्टोरी है, जिन्होंने बताया है कि 2022 से पहले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव मुश्किल हैं। इसके अलावा, पेज पर कुछ अन्य समाचार भी हैं।

इसके बाद चलते हैं दैनिक भास्कर पर, जहां फ्रंट पेज पर आधा पेज विज्ञापन है। लीड शाहीन बाग है, जबकि दूसरी बड़ी खबर के रूप में दिल्ली में दिनदहाड़े हुई हत्या को रखा गया है।

इसके अलावा, निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी, मंदिर निर्माण को लेकर राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष का बयान और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के भारत दौरे से जुड़े समाचार को भी पेज पर जगह मिली है। ट्रम्प की पत्नी दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों से मुलाकात करेंगी।

वहीं, हिन्दुस्तान की बात करें तो फुल पेज विज्ञापन की वजह से तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड शाहीन बाग है, जिसे काफी बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया गया है। बेटियों की उपलब्धि पेज पर दूसरी बड़ी खबर है। अखबार ने आकर्षक अंदाज में इस खबर को प्रस्तुत किया है।

राजस्थान में दलित युवकों से बर्बरता, निर्भया के दोषी विनय की कारगुजारी और सौरभ शुक्ल की बाईलाइन भी पेज पर है। सौरभ ने बताया है कि कोरोना वायरस के संकट से निपटने के लिए सरकार दवाओं के कच्चे माल पर लगने वाले आयात शुल्क को कम करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं।

सबसे आखिरी में बात करते हैं दैनिक जागरण की। फुल पेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड जयप्रकाश रंजन की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि ट्रम्प के भारत दौरे के दौरान पांच क्षेत्रों से जुड़े समझौतों पर हस्ताक्षर की तैयारी है।

शाहीन बाग सेकंड लीड और राममंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष की मोदी से मुलाकात तीसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है। एंकर में संजीव गुप्ता की बाईलाइन स्टोरी को स्थान मिला है। उन्होंने जहरीली हवा से बच्चों पर होने वाले प्रभाव को रेखांकित किया है। 

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से हिन्दुस्तान आज सबसे आगे है। दूसरे स्थान पर नवभारत टाइम्स को रखा जा सकता है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी बाजी हिन्दुस्तान के नाम रही है और नवभारत टाइम्स दूसरे नंबर पर है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने में जरूर नवभारत टाइम्स ने सबको पछाड़ दिया है। लीड का शीर्षक ‘शोर में उलझता दिखा शांति बाग का रास्ता’ काफी अच्छा और आकर्षक है।

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फ्रंट पेज पर हेडिंग के मामले में आज ये अखबार रहा अव्वल

हिन्दुस्तान में आज तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है, वहीं दैनिक जागरण के पाठकों को दो फ्रंट पेज पढ़ने को मिले हैं

नीरज नैयर by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
Newspaper

दिल्ली से प्रकाशित होने वाले कई अखबारों में जहां आज फिर से विज्ञापनों की ‘बरसात’ हुई है, वहीं नवभारत टाइम्स के फ्रंट पेज पर काफी दिनों के बाद खबरों के लिए ज्यादा जगह नजर आ रही है। शुरुआत करते हैं दैनिक जागरण से। विज्ञापनों के चलते तीसरे और पांचवें पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। पहले पेज पर राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को लीड लगाया गया है। ट्रस्ट की तीन साल में भव्य मंदिर बनाने की योजना है। इसके अलावा, पेज पर केवल दो बड़ी और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं। मसलन, प्रधानमंत्री फसल बीमा हुई स्वैच्छिक और घाटी में कुख्यात आतंकी ढेर।

दूसरे फ्रंट पेज का रुख करें तो यहां शुरुआत में पीएम मोदी की बिहारी व्यंजन का लुत्फ उठाते हुए फोटो है। इसे बिहार चुनाव की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां है। मध्यस्थ आज फिर प्रदर्शनकारियों से बातचीत करेंगे। जयप्रकाश रंजन की बाईलाइन को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है, जिन्होंने एफटीए को लेकर भारत की तैयारी को दर्शाया है। एंकर में स्वच्छ पेट्रोल से जुड़ा समाचार है। अप्रैल से भारत स्वच्छ पेट्रो-ईंधन के इस्तेमाल वाले चुनिंदा देशों में शुमार हो जाएगा। इसके अलावा पेज पर दो अन्य समाचार और कुछ संक्षिप्त खबरें हैं।

वहीं, हिन्दुस्तान में भी फुल पेज विज्ञापन के चलते तीसरे पेज को फ्रंट पेज का दर्जा मिला है। लीड राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को बनाया गया है। बैठक में पदाधिकारियों के नाम पर मुहर लगी और यह तय किया गया कि जल्द ही भव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। सेकंड लीड के रूप में शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को रखा गया है। वहीं, भारत यात्रा से पहले डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को भी जगह मिली है। ट्रम्प ने कहा है कि मुझे मोदी पसंद हैं, लेकिन अभी व्यापार करार नहीं होगा।

सीआईसी और सीवीसी की नियुक्ति और प्रधानमंत्री फसल बीमा को स्वैच्छिक करने के सरकार के फैसले को भी पेज पर स्थान मिला है। बिमल जुल्का को मुख्य सूचना आयुक्त (सीआईसी) और संजय कोठारी को मुख्य सतर्कता आयुक्त (सीवीसी) बनाया गया है। इसके अलावा, पेज पर पांच सिंगल समाचार हैं, जिनमें सबसे प्रमुख है गुवाहाटी उच्च न्यायालय की व्यवस्था। कोर्ट का कहना है कि पैन कार्ड को नागरिकता का सबूत नहीं माना जा सकता।

आज नवभारत टाइम्स ने फ्रंट पेज की शुरुआत दिल्ली की सर्दी से की है, हालांकि ये मौसमी सर्दी नहीं बल्कि सियासी है। एक तरफ पीएम मोदी बिहारी व्यंजन का लुत्फ उठा रहे हैं, जो एक तरह से दर्शाता है कि वह दिल्ली चुनाव के नतीजों को पीछे छोड़कर बिहार चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। वहीं, केजरीवाल ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की है, यानी उन्होंने ठंड में अकड़ गए रिश्तों को सर्दी खत्म होते ही पटरी पर लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को बनाया गया है।

राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक और फरीदाबाद में कारोबारी की आत्महत्या को भी पेज पर जगह मिली है। कारोबारी अतुल त्यागी ने बैंक कर्मियों पर रिकवरी के लिए परेशान करने का आरोप लगाकर अपनी जान दे दी। डोनाल्ड ट्रम्प के साथ ही जज के तबादले पर भड़के वकीलों को सिंगल कॉलम में स्थान मिला है। एंकर में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की हिम्मत को सलाम करती खबर है। स्वाति ने अपने तलाक की जानकारी सोशल मीडिया पर दी है।

राजस्थान पत्रिका ने सबसे अलग भारत दौरे से पहले डोनाल्ड ट्रम्प के बयान को लीड लगाया है। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका के प्रति भारत का बर्ताव अच्छा नहीं रहा,लेकिन मोदी उन्हें पसंद हैं। लीड खबर में दौरे की तैयारियों के साथ ही उपेन्द्र शर्मा की बाईलाइन स्टोरी भी है, जिनके मुताबिक ट्रम्प की यात्रा भारत की दोस्त बढ़ाओ मुहिम का हिस्सा है।

मोदी के लिट्टी-चोखा प्रेम को ‘मन में बिहार’ स्लग के साथ फोटो के रूप में रखा गया है। इसके अलावा, शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां, केजरीवाल-शाह मुलाकात और राममंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक को भी प्रमुखता के साथ स्थान मिला है। एंकर में आनंद मणि त्रिपाठी की जम्मू-कश्मीर से जुड़ी बाईलाइन स्टोरी है। 

अब अमर उजाला की बात करें तो फुल पेज विज्ञापन के चलते यहां भी तीसरे पेज को फ्रंट पेज बनाया गया है। लीड राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक है, जबकि शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां को दूसरी बड़ी खबर का दर्जा मिला है। प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को अखबार ने प्रमुखता के साथ पाठकों तक पहुंचाया है। पीएम का लिट्टी-चोखा प्रेम सिंगल में है, इसके अलावा पेज पर केजरीवाल-शाह मुलाकात और निर्भया के दोषी पवन सहित कुछ अन्य खबरें मौजूद हैं। विनय ने खुद को चोटिल कर लिया है।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं दैनिक भास्कर का। लीड शाहीन बाग में सुलह की अधूरी दास्तां है, लेकिन खबर का शीर्षक बाकियों से हटकर लगाया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक सेकंड लीड के रूप में पेज पर है।

वहीं, प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को उसकी अहमियत के अनुरूप स्थान दिया गया है। पीएम मोदी का लिट्टी-चोखा प्रेम, ट्रम्प की यात्रा के साथ ही दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के तलाक को भी फ्रंट पेज पर लगाया गया है। ट्रम्प ताज के दीदार के लिए आगरा जाएंगे, लिहाजा बदबू दूर करने के लिए यमुना में 500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। एंकर में स्कूल बैग के बोझ से बच्चों के ‘रिश्ते’ को दर्शाती स्टोरी है।   

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के मामले में आज पहले नंबर पर नवभारत टाइम्स है। काफी दिनों के बाद मिली जगह का अखबार की टीम ने भरपूर इस्तेमाल करके आकर्षक फ्रंट पेज तैयार किया है। वैसे, आज दैनिक जागरण के फ्रंट पेज भी पिछले दिनों की अपेक्षा बेहतर नजर आ रहे हैं।

2: खबरों की प्रस्तुति में बाजी दैनिक भास्कर ने मारी है। खासकर लीड को काफी अच्छे से पाठकों के समक्ष पेश किया गया है। इसके साथ ही आज दैनिक जागरण के प्रयासों को भी सराहा जाना चाहिए, क्योंकि अखबार में अक्सर खबरों की सीधी-सपाट प्रस्तुति रहती है।

3: शीर्षक को कलात्मक बनाने की जहां तक बात है तो नवभारत टाइम्स और दैनिक भास्कर दोनों को संयुक्त विजेता घोषित किया जा सकता है। नवभारत टाइम्स ने एंकर के शीर्षक में अच्छा प्रयोग किया है, जबकि दैनिक भास्कर की लीड हेडिंग सबसे बेहतर है।

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आज कुछ ऐसे नजर आ रहे हैं प्रमुख हिंदी अखबारों के फ्रंट पेज

विज्ञापन की अधिकता के कारण दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान में आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
Newspapers

जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट और आतंकी अजमल कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर का खुलासा दिल्ली से प्रकाशित होने वाले अखबारों की सुर्खियां हैं। सबसे पहले बात करते हैं नवभारत टाइम्स की, जिसके फ्रंट पेज पर आज काफी विज्ञापन है। आलम यह है कि केवल दो बड़ी खबरों को ही जगह मिल सकी है। लीड, जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट है। पुलिस ने जेएनयू के छात्र शरजील इमाम को हिंसा भड़काने का जिम्मेदार ठहराया है। इसी खबर में ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने से जुड़ा अपडेट भी है। अखबार ने कल भी इस खबर को पेज पर स्थान दिया था।

दूसरी और आखिरी बड़ी खबर के रूप में कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का खुलासा है। मारिया ने अपनी किताब में बताया है कि कसाब को लश्कर ने ऐसे तैयार किया था कि मुंबई हमला हिंदू आतंकवाद नजर आये। इसके अलावा, पेज पर दो सिंगल, मसलन ‘जून से दिल्ली में दिखेंगी 400 कलस्टर बसें, ‘टक्कर मारकर 400 मीटर तक घसीटा’ और कुछ संक्षिप्त समाचार हैं।

अब दैनिक जागरण पर नजर डालें तो आज दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले पेज पर नेमिष हेमंत की बाईलाइन को लीड लगाया गया है। उन्होंने राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाले बैठक के बारे में बताया है। जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट और दिल्ली के मोस्ट वांटेड की मेरठ में मौत को भी प्रमुखता से पेज पर रखा गया है। एंकर में गृहमंत्री अमित शाह हैं, जो कश्मीरी पंडितों से अच्छे दिनों का वादा कर रहे हैं।

दूसरे फ्रंट पेज पर चलें, तो यहां भाजपा के पूर्व सहयोगी उद्धव ठाकरे के नरम रुख को लीड का दर्जा मिला है। उद्धव का कहना है कि उनकी सरकार एनपीआर पर केंद्र के साथ है। वहीं, आतंकी कसाब पर पूर्व पुलिस कमिश्नर का खुलासा, ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने पर केंद्र की सफाई और उत्तर प्रदेश के बजट सहित गुलाम कश्मीर पर लेफ्टिनेंट जनरल का बयान भी पेज पर है। लेफ्टिनेंट जनरल केजेएम ढिल्लो का कहना है कि गुलाम कश्मीर में लांचिंग पैड आतंकियों से भरे हुए हैं। इसके अलावा, माला दीक्षित की बाईलाइन स्टोरी को भी जगह मिली है। माला ने एक रिपोर्ट के हवाले से इंटरनेट के बच्चों पर पड़ते दुष्प्रभाव के बारे में बताया है।   

वहीं दैनिक भास्कर का रुख करें तो अखबार ने कोरोना वायरस से जुड़ी खबर को फ्रंट पेज की लीड लगाया है। वित्तमंत्री का कहना है कि कोरोना से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए उपायों का जल्द ऐलान किया जाएगा। सेकंड लीड लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुआ भीषण हादसा है, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई।

राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक सहित कुछ अन्य समाचार भी पेज पर हैं। जिसमें चुनाव सुधार की तैयारी और आप विधायकों का सुंदरकांड पाठ प्रमुख हैं। चुनाव आयोग ने पेड न्यूज, झूठी जानकारी देने को चुनावी अपराध बनाने पर सरकार से चर्चा की है। वहीं, आम आदमी पार्टी विधायक अपने क्षेत्रों में सुंदरकांड का पाठ कराएंगे। एंकर में पेड़ काटने पर सरकारी अफसरों को लगी सुप्रीम कोर्ट की फटकार है।

आज हिन्दुस्तान में दो फ्रंट पेज बनाए गए हैं। पहले फ्रंट पेज पर एक बड़ा विज्ञापन है। लीड जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट है, जबकि कोरोना वायरस से अर्थव्यवस्था को बचाने पर वित्तमंत्री का बयान दूसरी बड़ी खबर के रूप में पेज पर है। इसके अलावा, राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक और दो सिंगल समाचारों को जगह मिली है। एंकर में पिज्जा बर्गर के लिए मिलने वाले कर्ज के बारे में बताया गया है। निश्चित रूप से यह खबर काफी पढ़ी जाएगी।

दूसरे पेज का रुख करें, तो यहां लीड उत्तर प्रदेश के बजट को बनाया गया है। दूसरी बड़ी खबर पंकज कुमार की बाईलाइन है, जिन्होंने बताया है कि देश में महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के मामलों में इजाफा हो रहा है। अमर सिंह का पछतावा और एनपीआर को लेकर शिवसेना और राकांपा में रार को भी पर्याप्त जगह मिली है। इसके अलावा, पेज पर ब्रिटिश सांसद को बैरंग लौटाने पर सरकार की सफाई सहित कुछ अन्य समाचार भी हैं।

अमर उजाला की बात करें तो फ्रंट पेज की शुरुआत टॉप बॉक्स से हुई है, जिसमें पूर्व पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की किताब में आतंकी कसाब को लेकर किए गए खुलासों को रखा गया है। अमर उजाला ने इस खबर को काफी विस्तार में पाठकों के समक्ष पेश किया है। लीड रेल टिकट कालाबाजारी है। जामिया कांड में पुलिस की चार्जशीट, राममंदिर ट्रस्ट की आज होने वाली बैठक का तो जिक्र फ्रंट पेज पर है, लेकिन कोरोना वायरस के प्रभाव से अर्थव्यवस्था को बचाने संबंधी वित्तमंत्री के बयान को जगह नहीं दी गई है।

लखनऊ एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे और आम आदमी पार्टी के ‘हनुमान प्रेम’ को प्रमुखता के साथ स्थान मिला है। वहीं, एंकर में एक ऐसी खबर है, जिसे लोग पढ़ना चाहेंगे। सिंगापुर में किडनी का इलाज करवा रहे अमर सिंह ने अमिताभ बच्चन से माफी मांगी है। अब उन्होंने ऐसा क्यों किया है, इसके लिए आपको खबर पढ़नी होगी।

सबसे आखिरी में रुख करते हैं राजस्थान पत्रिका का। फ्रंट पेज की शुरुआत धीरज कुमार की बाईलाइन से हुई है, जिन्होंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की नई संभावित टीम के बारे में बताया है। वहीं, टॉप बॉक्स में शादाब अहमद की बाईलाइन स्टोरी है, जो बताती है कि आंगनबाड़ियों में लाखों खर्च के बाद भी शौचालय और पानी जैसी सुविधाएं नहीं हैं। लीड कोरोना वायरस को लगाया गया है।

पूर्व पुलिस कमिश्नर की किताब के खुलासे के साथ ही पुणे में बने कोरोना वायरस के टीके को भी प्रमुखता के साथ पेज पर रखा गया है। हालांकि, यदि कोरोना वायरस के टीके को लीड का ही हिस्सा बनाया जाता तो ज्यादा बेहतर रहता। इसके अलावा, शाहीन बाग से जुड़ा समाचार और कुछ सिंगल समाचार भी पेज पर हैं। एंकर में आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया से बातचीत है।

आज का ‘किंग’ कौन?

1: लेआउट के लिहाज से आज अमर उजाला अव्वल है, जबकि हिन्दुस्तान दूसरा स्थान हासिल करने में कामयाब रहा है। दैनिक भास्कर की बात करें तो फ्रंट पेज का सेकंड हाफ बेहद नीरस हो गया है।

2: खबरों की प्रस्तुति में भी अमर उजाला ने सबको पीछे छोड़ दिया है। इसके बाद हिन्दुस्तान और राजस्थान पत्रिका का नंबर आता है।

3: कलात्मक शीर्षक आज कहीं भी नजर नहीं आ रहा। फिर भी लीड के शीर्षक में प्रयोग करने के प्रयास के चलते राजस्थान पत्रिका को सबसे आगे कहा जा सकता है।

4: खबरों के मामले में हिन्दुस्तान से चूक हो गई है। अखबार ने आतंकी कसाब से जुड़े समाचार को फ्रंट पेज पर जगह नहीं दी है, जबकि उसे निश्चित तौर पर सबसे ज्यादा पढ़ा जाएगा। वहीं, अमर उजाला ने एंकर में अमर सिंह को रखकर एक अच्छी खबर पाठकों तक पहुंचाई है।

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जानें, प्रिंट मीडिया मालिकों के लिए पंजाब क्यों बना खास

पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
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पंजाब की पहचान आज सिर्फ साइकिल उत्पादन और हौजरी प्रॉडक्ट्स जैसे बिजनेस के लिए ही नहीं रह गई है, बल्कि न्यूजपेपर रीडरशिप में भी यह लगातार अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा रहा है। यहां अखबार के पाठकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।    

इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की तीसरी तिमाही (IRS 2019 Q3) के अनुसार, उत्तर भारत के टॉप पांच मार्केट में पंजाब भी शामिल है। उत्तर भारत में 42.9 प्रतिशत टोटल रीडरशिप (TR) और 16.5 प्रतिशत एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) के साथ आईआरएस चार्ट में पंजाब ने अपनी मजबूत स्थिति कायम कर रखी है। उत्तर भारत में आईआरएस की टॉप फाइव मार्केट की लिस्ट में जिन अन्य राज्यों ने अपना नाम दर्ज कराया है, उनमें दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड शामिल हैं।

मार्केट लीडर्स इन न्यूजपेपर्स (Market Leaders in Newspapers)

पंजाब में अखबारों ने टोटल रीडरशिप (TR) और एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) दोनों ही मामलों में ग्रोथ दर्ज की है। क्षेत्र के प्रमुख अखबार ‘पंजाब केसरी’ की एवरेज इश्यू रीडरशिप के आंकड़ों में लगातार वृद्धि देखने को मिली है। इंडियन रीडरशिप सर्वे 2019 की पहली तिमाही (IRS Q1 2019) के आंकड़ों के अनुसार जहां इस अखबार का एआईआर 936000 था, वह तीसरी तिमाही (Q3) में बढ़कर 950000 हो गया है।

दूसरी ओर, दैनिक भास्कर की ग्रोथ भी काफी अच्छी रही है। पहली तिमाही में इस अखबार की टोटल रीडरशिप (TR) 1857000 थी, जो दूसरी तिमाही में 1924000 और तीसरी तिमाही में बढ़कर 216700 हो गई है। इसी तरह अखबार की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) भी लगातार तीन तिमाहियों में 4,93,000 से 5,00,000  और फिर इससे बढ़कर 5,96,000 हो गई है।    

अब दैनिक जागरण की बात करें तो इस क्षेत्र में पहली तिमाही में अखबार की टोटल रीडरशिप 1819000 थी जो दूसरी तिमाही में बढ़कर 1922000 और तीसरी तिमाही में 1971000 हो गई। वहीं, दैनिक जागरण की एवरेज इश्यू रीडरशिप (AIR) पहली तिमाही में 446000 थी और दूसरी तिमाही में इसमें मामूली गिरावट के साथ यह 436000 हो गई थी, लेकिन तीसरी तिमाही में इसने फिर अपनी स्थिति मजबूत की और तीसरी तिमाही में यह 466000 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

आखिर क्या है इसकी वजह (What keeps the newspapers going)?

पंजाब केसरी अपनी ग्रोथ का श्रेय अपनी नई पहल (innovations) को देता है, जो उसने प्रॉडक्शन में शुरू की हैं। अखबार के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर अमित चोपड़ा का कहना है, ‘हम डिजिटल का विस्तार कर रहे हैं। पंजाब केसरी में प्रिंट और डिजिटल की ग्रोथ एक-दूसरे की पूरक हैं और इससे हमारी पहुंच बढ़ी है। टेक्नोलॉजी में नए-नए प्रयोग करने से उत्पादकता में बढ़ोतरी के साथ क्वालिटी भी बेहतर हुई है।’

चोपड़ा के अनुसार, ‘हमने हाल ही में अपनी सभी 13 प्रॉडक्शन यूनिट्स में प्रिंटिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों को बदल दिया है, जिससे हमें अपनी क्वालिटी और ग्रोथ बढ़ाने में काफी मदद मिली है। सभी लोकल पुलआउट्स भी अब मेन न्यूजपेपर का हिस्सा हैं।’ इसके साथ ही चोपड़ा का यह भी कहना है, ‘उत्तर भारत में उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की तुलना में जहां पर हिंदी की ज्यादा रीडरशिप है, पंजाब में अंग्रेजी, हिंदी और अंग्रेजी की रीडरशिप काफी ज्यादा है।’

वहीं, दैनिक जागरण के पूर्व चीफ जनरल मैनेजर, प्रिंटर पब्लिशर और रेजिडेंट एडिटर निशिकांत ठाकुर का कहना है, ‘राज्य में पंजाबी की तुलना में हिंदी रीडरशिप ज्यादा है। लोगों का हिंदी अखबारों की तरफ ज्यादा झुकाव है। पंजाब में रीजनल न्यूजपेपर्स जैसे- जगवाणी की रीडरशिप ग्रामीण इलाकों में ज्यादा है जबकि शहरी इलाकों में अजीत की रीडरशिप ज्यादा है।’

पंजाब के तीन प्रमुख शहरों-अमृतसर, जालंधर और लुधियाना में दैनिक भास्कर टॉप के अखबारों में शुमार है। दैनिक भास्कर के प्रवक्ता का कहना है, ‘हाल ही में जारी किए गए वर्ष 2019 की तीसरी तिमाही के आईआरएस सर्वे के नतीजों के अनुसार दैनिक भास्कर ही इकलौता अखबार है, जिसकी ग्रोथ में पिछली तिमाही की तुलना में 23 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह हमारे सर्कुलेशन को बढ़ाने और एडिटोरियल कंटेंट पर फोकस करने के साथ ही पाठकों से जमीनी तौर पर जुड़ने का परिणाम है। हमारे लिए पंजाब काफी प्रमुख मार्केट है और हम इस क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।’

पंजाब में अखबारों की ग्रोथ का क्या कारण है (Why are newspapers in Punjab growing)?

राज्य में अखबारों की रीडरशिप बढ़ने से इस माध्यम में एडवर्टाइर्स की संख्या भी बढ़ी है। विशेषज्ञों की मानें तो राज्य में पिछले दो-तीन वर्षों में विज्ञापन की दरों (ad rates) में भी 10 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है और पिछले दिनों देश की कमजोर अर्थव्यवस्था के दौरान भी इसमें कोई कमी नहीं देखी गई है।

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के चौथे दौर (NFHS-4) के नतीजों के अनुसार, देश में दिल्ली और पंजाब के लोग ज्यादा अमीर हैं। ऐसे में स्वभाविक तौर पर लोगों को लुभाने के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब के अखबारों की ओर आकर्षित हुए हैं।

देश का 75 प्रतिशत साइकिल उत्पादन और साइकिल के कलपुर्जों का 80 प्रतिशत निर्माण पंजाब में हो रहा है। इसके अलावा ट्रैक्टर्स, स्पोर्ट्स गुड्स और एग्रीकल्चरल मशीनरी का निर्माण भी इस राज्य में सबसे ज्यादा हो रहा है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात और प्रॉडक्ट के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए ये इंडस्ट्रीज अखबारों का सहारा लेती हैं।

मीडिया विशेषज्ञ अनीता नैय्यर का कहना है, ‘देश में चंडीगढ़ और लुधियाना जैसे शहरों की गिनती अमीर शहरों में होती है और यहां के लोगों की क्रय शक्ति (purchasing Power) ज्यादा है। ऐसे में ब्रैंड्स भी लोगों को लुभाने के लिए यहां के अखबारों पर विज्ञापन में ज्यादा खर्च करते हैं।

विज्ञापन का बिजनेस (Business of advertising)

विभिन्न ब्रैंड्स के एडवर्टाइजर्स ने पंजाब के अखबारों के लिए अपने दरवाजे खोल रखे हैं। लोकल प्लेयर्स जैसे ट्रैक्टर निर्माता आदि ने स्थानीय अखबारों का सहारा लिया है, वहीं नेशनल और इंटरनेशनल ब्रैंड्स अंग्रेजी अखबारों का सहारा ले रहे हैं।

चंडीगढ़ की एडवर्टाइजिंग एजेंसी ‘De Code’ के मार्केटिंग हेड विनय कौशिक के अनुसार, ‘अंग्रेजी पाठकों के लिए एडवर्टाइजर्स पंजाब में ट्रिब्यून को प्राथमिकता देते हैं, वहीं पंजाबी के लिए अजीत और हिंदी में पंजाब केसरी उनकी पहली पसंद है। अन्य राज्यों की तुलना में पंजाब  मल्टी प्लेयर मार्केट है और यहां अंग्रेजी, हिंदी और पंजाबी में कई विकल्प हैं। यहां चुनौती काफी कड़ी है, इसके बावजूद एडवर्टाइजर्स अखबारों में विज्ञापन पर काफी खर्च कर रहे हैं। यही कारण है कि पिछले तीन साल में विज्ञापन की दरों में पांच से दस प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।’

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