फेक न्यूज पर लगाम लगाने के लिए पीएम मोदी के ‘मूलमंत्र’ को कितना कारगर मानते हैं आप?

फेक न्यूज पर पूरी तरह रोकथाम असंभव है, इस पर काफी हद तक काबू अवश्य पाया जा सकता है। 31.82%
पीएम मोदी ने बहुत ही अच्छा ‘मूलमंत्र’ दिया है, इससे अवश्य फेक न्यूज पर लगाम लगेगी। 38.64%
फैक्ट चेक के अलावा फेक न्यूज की रोकथाम के लिए सरकार को कोई ठोस मैकेनिज्म भी तैयार करना होगा। 29.55%

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा टीवी न्यूज एंकर्स को लेकर की गई तल्ख टिप्पणी पर क्या है आपका मानना?

विशेषज्ञों और निष्पक्ष बुद्धिजीवियों की जगह तमाम चैनल्स पार्टी-प्रवक्ताओं को बुलाकर अपनी स्वार्थ सिद्धि में लगे रहते हैं। 21.57%
डिबेट शो में उन्हीं को बुलाएं, जो विषय के जानकार और निष्पक्ष हों। पार्टी-प्रवक्ताओं के ‘दंगलों’ से बाज आएं 35.29%
सर्वोच्च न्यायालय की यह चिंता और सलाह ध्यान देने योग्य है, लेकिन उस पर ठीक ढंग से अमल होना लगभग असंभव है 19.61%
कोई कानून बने तो अच्छा ही है लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी यह है कि टीवी चैनल खुद ही आत्म-संयम का परिचय दें 23.53%

सांप्रदायिक मुद्दों पर मीडिया कवरेज को लेकर क्या है आपका मानना

जिस तरह की कवरेज से तनाव उत्पन्न होने की आशंका हो, उससे बचना चाहिए। 45.05%
जो घटना जिस रूप में है, उसे वैसे ही दिखाना चाहिए, ताकि मीडिया पर कोई आरोप न लगे 40.66%
कवरेज में सभी पक्षों को उचित प्रतिनिधित्व देना चाहिए, ताकि संतुलन बना रहे। 12.09%
कवरेज में ज्यादा से ज्यादा डिबेट कार्यक्रम शामिल करने चाहिए, ताकि सभी पक्षों की राय सामने आए। 2.2%

विवादित बयानों पर बीजेपी ने अपने दो प्रवक्ताओं को निलंबित कर दिया है, इस बारे में क्या है आपका मानना?

इस बयान को लेकर बीजेपी की काफी आलोचना हो रही थी, जिस वजह से पार्टी ने इस तरह का निर्णय लिया है। 59.38%
इस कार्यवाही से अन्य पार्टी प्रवक्ताओं को सीख मिलेगी और वह इस तरह का विवादित बयान नहीं देंगे। 25%
प्रवक्ताओं को अपने नहीं बल्कि पार्टी की नीतियों और विचारधाराओं के अनुरूप ही बयान देने चाहिए। 15.63%

क्या टीवी-प्रिंट पर डिजिटल हावी हो रहा है?

हां, टीवी अब डिजिटल पर शिफ्ट हो रहा है, प्रिंट का सर्कुलेशन बहुत कम हो गया है 70.53%
नहीं, आज भी लोग टीवी देखना और अखबार पढ़ना ही ज्यादा पसंद करते हैं 12.63%
दोनों तरह के दर्शक और पाठक हैं, जो टीवी-प्रिंट के साथ डिजिटल पर भी रहते हैं 16.84%

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध की मीडिया कवरेज को लेकर क्या है आपका मानना?

मीडिया को इस मामले की इतनी कवरेज न कर अपने देश के मुद्दों पर ज्यादा फोकस करना चाहिए। 46.67%
मीडिया अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से कर रही है और इसमें दखल नहीं देना चाहिए। 20%
एक-दूसरे से आगे निकलने की होड़ में ही मीडिया इस मामले की इतनी कवरेज कर रही है। 33.33%

न्यूज रेटिंग्स दोबारा जारी होने पर चैनल्स के बीच क्या फिर मचेगा ‘घमासान’?

हां, न्यूज चैनल्स के बीच पहले की तरह ही एक-दूसरे से आगे निकलने की दौड़ शुरू हो जाएगी। 100%
नहीं, रेटिंग एजेंसी ने तमाम प्रबंध किए हैं, जिससे किसी तरह के विवाद/फर्जीवाड़े की गुंजाइश नहीं है। 0%

साल 2021 में मीडिया की कवरेज पर आपकी क्या है राय?

मीडिया ने अपना काम पूरी मेहनत और ईमानदारी से किया है 16.67%
मीडिया पर बाहरी दबाव ज्यादा रहा है, ऐसे में निष्पक्षता प्रभावित हुई है 53.85%
बेहतर कवरेज नहीं की, एक विषय के पीछे पड़ जाता है मीडिया 29.49%

देश में महंगाई को लेकर मच रहे हंगामे की मीडिया कवरेज पर क्या है आपका मानना?

मीडिया अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभा रहा है, सरकार सजग नहीं है 26.44%
मीडिया अपना काम ईमानदारी से नही कर रहा है, सरकार पर दबाव कम है 65.52%
महंगाई पर हंगामा विपक्ष की चाल है, इसलिए इसकी कवरेज करना बेकार है 8.05%

मीडिया संस्थानों पर की गई छापेमारी के मामले में हो रहे विरोध को लेकर क्या है आपका मानना

सरकार के इस कदम को बदले की भावना की कार्रवाई से जोड़कर देखा जाना चाहिए 21.74%
विरोध नहीं होना चाहिए, सरकार अपना काम कर रही है और आईटी विभाग अपना 63.77%
मीडिया संस्थानों को एकजुट होकर इस तरह की कार्रवाई का विरोध करना चाहिए 14.49%

कोविड-19 से दिवंगत पत्रकारों को आर्थिक सहायता देने के सरकार के फैसले को लेकर क्या है आपका मानना?

सिर्फ कोविड ही नहीं, किसी भी गंभीर बीमारी से मौत पर सरकार को इस तरह की आर्थिक सहायता देनी चाहिए। 27.91%
पत्रकार के परिजनों को सिर्फ आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराने चाहिए। 44.19%
प्रादेशिक व दूरदराज के कस्बों में कार्यरत स्थानीय पत्रकारों के परिजनों को भी इस तरह की सहायता मिलनी चाहिए। 27.91%