Red FM ने शुरू किया यह कैंपेन Bum pe Laat

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।। दीपावली के मद्देनजर रेड एफएम (Red FM) ने बम पे लात (Bum pe Laat) कैंपेन शुरू किया है। इसका उद्देश्‍य लोगों को पटाखों के खतरों के प्रति आगाह करना और उन्‍हें इससे दूर करना है। रेड एफएम ने इस कैपेन को दो महानगरों दिल्‍ली और मुंबई में लॉन्‍च किया है और लोगों से पटाखों का इस्‍तेमाल न कर प्रदूषण रहित दीपावली

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 06 November, 2015
Last Modified:
Friday, 06 November, 2015
redfm
समाचार4मीडिया ब्‍यूरो ।। दीपावली के मद्देनजर रेड एफएम (Red FM) ने बम पे लात (Bum pe Laat) कैंपेन शुरू किया है। इसका उद्देश्‍य लोगों को पटाखों के खतरों के प्रति आगाह करना और उन्‍हें इससे दूर करना है। रेड एफएम ने इस कैपेन को दो महानगरों दिल्‍ली और मुंबई में लॉन्‍च किया है और लोगों से पटाखों का इस्‍तेमाल न कर प्रदूषण रहित दीपावली मनाने की अपील की है। इस अभियान के तहत रेड एफएम के रेडियो जॉकी (RJs) लोगों को कॉल कर उन्‍हें बम के खतरों के प्रति जागरूक कर उनसे शपथ लेंगे कि वे पटाखे न जलाएं। हर घंटे एक लकी विनर को एक हजार रुपये का नकद पुरस्‍कार दिया जाएगा। बॉलिवुड कलाकार अमिताभ बच्‍चन, सलमान खान और सोमन कपूर ने इस कार्यक्रम की काफी सराहना की है। वहीं दिल्‍ली-मुंबई के लोग रोजाना पटाखे न जलाने की शपथ ले रहे हैं। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
TAGS media
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नहीं रहे TRAI के पूर्व चेयरमैन राहुल खुल्लर

मई 2012 से लेकर तीन साल तक ट्राई के चेयरमैन रहे थे खुल्लर

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 23 February, 2021
Last Modified:
Tuesday, 23 February, 2021
Rahul Khullar

‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) के पूर्व चेयरमैन राहुल खुल्लर का मंगलवार की सुबह निधन हो गया है। वह काफी समय से बीमार चल रहे थे। 1975 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी खुल्लर को मई 2012 में ट्राई का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। वह करीब तीन साल तक इस पद पर रहे।

खुल्लर ने ऐसे समय में ट्राई के मुखिया का पद संभाला था, जब दूरसंचार आपरेटरों ने स्पेक्ट्रम नीलामी पर नियामक की सिफारिशों के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ था। दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएट खुल्लर ट्राई का चीफ नियुक्त होने से पहले वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में सेक्रेटरी के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

यूपी बजट सत्र के दौरान उठा विधानसभा में पत्रकारों से जुड़ा यह मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पूछा कि विधानसभा में पत्रकार दीर्घा से पत्रकारों को क्यों दूर रखा गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 19 February, 2021
Last Modified:
Friday, 19 February, 2021
upassembly5326

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के बाद विपक्षी दलों ने विधानसभा की पत्रकार दीर्घा में कवरेज के लिए मीडिया को नहीं बैठने देने का मुद्दा उठाया, जिसके जवाब में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना काल के कारण पत्रकारों के लिए अलग व्यवस्था की गई थी और इस बारे में जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा।

नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने राज्यपाल के अभिभाषण के बाद पूछा कि विधानसभा में पत्रकार दीर्घा से पत्रकारों को क्यों दूर रखा गया है और क्या कोविड-19 केवल पत्रकारों को ही प्रभावित करता है, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष और नेता विपक्ष को नहीं?

चौधरी की इस बात का समर्थन बहुजन समाज पार्टी के विधानमंडल दल के नेता लालजी वर्मा और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता अराधना मिश्रा ने भी किया। इस पर विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि कोरोना काल में पत्रकारों की सहमति से यह निर्णय लिया गया था कि मीडिया के लिए बैठने की अलग व्यवस्था कर दी जाए और उसी हिसाब से अलग व्यवस्था की गई थी।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों ने कोई आपत्ति नहीं जताई है। लालजी वर्मा और अराधना मिश्रा ने इस पर कहा कि कुछ पत्रकारों को अनुमति दी जानी जाए, जिससे कि वे सदन की कार्यवाही सही ढंग से देखें और उसकी रिपोर्टिंग करें। विधानसभा अध्यक्ष ने इसके जवाब में कहा कि इस पर कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में विचार कर लिया जाएगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस राष्ट्रीय जलसे में शामिल होंगे 300 से अधिक पत्रकार

मध्यप्रदेश का स्टेट प्रेस क्लब हर साल की तरह पत्रकारिता पर केंद्रित अपना सालाना जलसा ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ 19 फरवरी यानी आज से आयोजित कर रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 19 February, 2021
Last Modified:
Friday, 19 February, 2021
IndianJournalismFestival54

मध्यप्रदेश का स्टेट प्रेस क्लब हर साल की तरह पत्रकारिता पर केंद्रित अपना सालाना जलसा ‘भारतीय पत्रकारिता महोत्सव’ 19 फरवरी यानी आज से आयोजित कर रहा है, जोकि तीन दिनों तक चलेगा। मध्यप्रदेश का यह बहुप्रतिष्ठित का आयोजन रविन्द्र नाट्यगृह इंदौर में आयोजित किया जा रहा हैं। तीन दिनी इस बौद्धिक अनुष्ठान में पत्रकारिता, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर रोजाना टॉक-शो, परिचर्चा, परिसंवाद आदि कार्यक्रम होंगे। रोजाना रात्रि को 8 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

इस जलसे में गुजरात, दिल्ली,जम्मू कश्मीर, मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और अन्य राज्यों से तीन सौ से अधिक पत्रकार शिरकत करेंगे। इस बार का आयोजन भारत के महान शब्द शिल्पियों और संपादकों- राहुल बारपुते, राजेंद्र माथुर, शरद जोशी, प्रभाष जोशी और माणिक चन्द्र वाजपेई जी को समर्पित है। इन सभी ने इंदौर को अपनी कर्मस्थली बनाया।

19 से 21 फरवरी 2021 तक चलने वाले इस आयोजन में प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार और विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत् शोधार्थी छात्र शामिल होंगे। पत्रकारिता महोत्सव के तहत रोजाना मीडिया की लक्ष्मण रेखा, देश की प्रगति और मीडिया, टूटता भरोसा, बढ़ता गुस्सा, महिला मुद्दे और मीडिया, भविष्य की मीडिया शिक्षा एवं कोरोना काल और पत्रकारिता विषय पर टॉक शो होंगे।

इस प्रतिष्ठित आयोजन में जहां मीडियाकर्मियों का सम्मान समारोह होगा, वहीं फैशन फोटोग्राफी पर वर्कशॉप भी होगी। तीनों दिन तीसरे प्रेस आयोग की मांग पर विभिन्न पत्रकार संगठन गंभीर चिंतन करेंगे। इस मौके पर ‘मीडिया की लक्ष्मण रेखा’ विषय पर केन्द्रित स्मारिका का प्रकाशन भी होगा।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मंत्री की छवि खराब करने की कोशिश करने पर 4 पत्रकार गिरफ्तार

असम के मंत्री हेमंत बिस्व सरमा की छवि खराब करने की कोशिश करने के आरोप में बुधवार को चार पत्रकारों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 18 February, 2021
Last Modified:
Thursday, 18 February, 2021
Arrest

असम के मंत्री हेमंत बिस्व सरमा की छवि खराब करने की कोशिश करने के आरोप में बुधवार को चार पत्रकारों समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसमें एक महिला पत्रकार भी शामिल है। इन पर ‘गलत मंशा’ से मंत्री की अपनी बेटी के साथ फोटो शेयर करने का आरोप है।

मंत्री की पत्नी ने पॉक्सो कानून के तहत गुवाहाटी के दिसपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।

गुवाहाटी शहर के पुलिस आयुक्त मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने बताया कि स्थानीय समाचार वेबसाइट ‘प्रतिबिंब लाइव’ के प्रधान संपादक तौफीकुद्दीन अहमद और समाचार संपादक आसिफ इकबाल हुसैन को साजिश की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा दो अन्य कर्मचारियों नजमुल हुसैन और नुरुल हुसैन को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद उन्हें मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस ने कहा कि दो अन्य पत्रकारों शिवसागर में 'स्पॉटलाइट अस' के नांग नोयोनमोनी गोगोई और 'बोडोलैंड टाइम्स' की पुली मुचाहेरी को भी इस सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, मंत्री सरमा ने पत्रकारों से कहा कि यह राजनीतिक साजिश का एक स्पष्ट मामला है, लेकिन इस हद तक नीचे जाने से संबंधित लोगों की घटिया मानसिकता झलकती है। यह फोटो गलत इरादे से पोस्ट किया गया। यह बड़ा ही परेशान करने वाला है, जिससे वह रात भर सो नहीं सके।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) जीपी सिंह ने कहा कि पुलिस यौन अपराध से बच्चों की सुरक्षा (पॉक्सो) अधिनियम के सख्त प्रावधानों के तहत ऐसे सभी प्रयासों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बीजेपी नेता मनीष मिश्रा ने लगाया अपना ट्विटर अकाउंट सस्पेंड करने का आरोप, उठाया ये सवाल

‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ (बीजेवाईएम), दिल्ली के पूर्व सचिव मनीष मिश्रा ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) पर अपना अकाउंट सस्पेंड करने का आरोप लगाया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 18 February, 2021
Last Modified:
Thursday, 18 February, 2021
Twitter

‘भारतीय जनता युवा मोर्चा’ (बीजेवाईएम), दिल्ली के पूर्व सचिव मनीष मिश्रा ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ‘ट्विटर’ (Twitter) पर अपना अकाउंट सस्पेंड करने का आरोप लगाया है। मनीष मिश्रा का आरोप है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के गांधी परिवार पर अपने विचारों को सोशल मीडिया पर व्यक्त करने पर उनके ट्विटर अकाउंट पर प्रतिबंध लगा दिया है।

एक लिखित बयान में मिश्रा का कहना है कि इस तरह का निलंबन लोकतंत्र का अपमान करता है और बोलने की आजादी पर सवाल उठाता है। मिश्रा के अनुसार, ‘अगर किसी राजनीतिक दल के एक प्रमुख व्यक्ति के खिलाफ ट्वीट किया जाता है तो यह कैसे गलत है? यदि राजनीतिक बल पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है तो लोकतंत्र की दुनिया कैसे चलेगी?’

बता दें कि मिश्रा ने हाल ही में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को लेकर एक ट्वीट किया था। भारत के संविधान का हवाला देते हुए मिश्रा ने कहा, ‘अनुच्छेद 19 (1) (ए) ने हमें वह अधिकार दिया है जो वैचारिक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हक देता है। हम एक लोकतांत्रिक देश में रहते हैं, फिर भी हमने जो दृष्टिकोण हासिल किया है वह अत्याचार के काफी करीब है।’

मिश्रा ने हाल की स्थिति की तुलना वर्ष 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल से करते हुए कहा, ‘इस बार भी सिर्फ उनके खिलाफ उठाने वाली आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है। गांधी परिवार के खिलाफ आवाज उठाने पर इस तरह के कदम उठाए जाते हैं, विशेषकर जब कोई उनसे सही सवाल करता है। उन्हें वास्तव में लोकतंत्र की परिभाषाएं सीखने की जरूरत है।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

रास बिहारी की पुस्तकों में बंगाल के सियासी इतिहास की गहराई से पड़ताल: तोमर

वरिष्ठ पत्रकार और नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष रास बिहारी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भेंट कीं अपनी तीन पुस्तकें

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 17 February, 2021
Last Modified:
Wednesday, 17 February, 2021
Ras Bihari

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के अध्यक्ष और लेखक रास बिहारी ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को बंगाल के सियासी परिदृश्य को को केंद्रबिंदु बनाकर लिखी गई अपनी तीन पुस्तकें 'रक्तांचल-बंगाल की रक्तचरित्र राजनीति', 'रक्तरंजित बंगाल लोकसभा चुनाव-2019' और 'बंगाल-वोटों का खूनी लूटतंत्र' भेंट कीं।

इस मौके पर नरेंद्र सिंह तोमर ने इन पुस्तकों को पठनीय बताते हुए कहा कि लेखक रास बिहारी ने कई वर्षों की मेहनत और तथ्यात्मक खोजपरक के उपरांत हर उस मुद्दे की गहराई से पड़ताल की है, जो बंगाल की सियासत पर असर डालता है। इस मौके पर रास बिहारी के साथ प्रेस कांउसिल ऑफ इंडिया के सदस्य तथा एनयूजे के संगठन सचिव आनंद राणा, एनयूजे के उपाध्यक्ष तथा वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप तिवारी, एनयूजे के कोषाध्यक्ष अरविंद सिंह, कार्यकारिणी सदस्य तथा पत्रकार विवेक जैन और पत्रकार डीआर सोलंकी भी मौजूद थे।

गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार रास बिहारी की इन तीनों पुस्तकों का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने विक्टोरिया हॉल, कोलकाता में किया था। तीनों पुस्तकों को यश पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नहीं रहे डेक्कन हेराल्ड के पूर्व ब्यूरो प्रमुख व वरिष्ठ पत्रकार निरंजन निक्कम

कर्नाटक के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक निरंजन निक्कम का मंगलवार रात निधन हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 17 February, 2021
Last Modified:
Wednesday, 17 February, 2021
NiranjanNikkam454

कर्नाटक के वरिष्ठ पत्रकार और लेखक निरंजन निक्कम अब हमारे बीच नहीं रहे। दिल का दौरा पड़ने से मंगलवार रात उनका निधन हो गया। वे 66 साल के थे।

बताया जा रहा है कि दिल में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें मंगलवार की रात को बेंगलुरु स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार ने इस बात की जानकारी दी कि इलाज से पहले ही उनका निधन हो गया।

निक्कम के परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री है। निरंजन निक्कम, डेक्कन हेराल्ड के मैसूर ब्यूरो प्रमुख के रूप में रिटायर हो चुके थे। निक्कम ने कई वर्षों तक स्थानीय अग्रणी अंग्रेजी दैनिक ‘स्टार ऑफ मैसुरू’ के लिए भी काम किया था।

मैसुरू जिला पत्रकार संघ के सदस्यों ने निक्कम के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पीआईबी सभागार में होगा ‘मन का रेडियो’ पर सेमिनार

इस अवसर पर शोध पत्रिका ‘समागम’ के सामुदायिक रेडियो विशेषांक का लोकार्पण भी किया जाएगा।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 16 February, 2021
Last Modified:
Tuesday, 16 February, 2021
MannKaRadio544

विश्व रेडियो दिवस के संदर्भ में, ‘मन का रेडियो’ विषय पर पीआईबी, भोपाल, आरओबी भोपाल और शोध पत्रिका ‘समागम’ द्वारा 17 फरवरी 2021 को पीआईबी भोपाल में दोपहर 3 बजे एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।

रेडियो की उपयोगिता, स्वीकार्यता और प्रभाव पर केंद्रित इस सेमिनार में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.जी. सुरेश, डॉक्टर सुदाम खाड़े,  सचिव, जनसम्पर्क, मध्य प्रदेश,  पूजा वर्धन, संयुक्त निदेशक, आकाशवाणी और दूरदर्शन समाचार मध्यप्रदेश, वरिष्ठ पत्रकार मनोज कुमार, आकाशवाणी मध्य प्रदेश के कार्यक्रम प्रमुख विश्वास केलकर, माय एफएम भोपाल के कार्यक्रम प्रमुख विकास अवस्थी, आर.जे. अनादि और पीआईबी भोपाल के अपर महानिदेशक प्रशांत पाठराबे वक्ता के रूप में भाग लेंगे।

इस अवसर पर शोध पत्रिका ‘समागम’ के सामुदायिक रेडियो विशेषांक का लोकार्पण भी किया जाएगा। कार्यक्रम आप पीआईबी भोपाल के यू-ट्यूब चैनल, ट्विटर हैंडल और फेसबुक पेज पर लाइव भी देख सकते हैं।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

NUJ(I) ने उठाई मांग, डिजिटल मीडिया के लिए जल्द बने पॉलिसी

देश में पत्रकारों के प्रमुख संगठन एनयूजे (आई) का कहना है कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से फर्जी पत्रकार निजी स्वार्थों के लिए मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 15 February, 2021
Last Modified:
Monday, 15 February, 2021
NUJI

‘इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ जर्नलिस्ट्स’ से संबद्ध ‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया’ (NUJI) ने केंद्र सरकार से डिजिटल मीडिया के लिए पॉलिसी बनाने की मांग की है। देश में पत्रकारों के प्रमुख संगठन एनयूजे (आई) का कहना है कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से फर्जी पत्रकार निजी स्वार्थों के लिए मीडिया का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे देशभर में पत्रकारों की साख पर संकट पैदा हो गया है।

एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की बैठक में अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि देश में पत्रकारों के लिए नेशनल रजिस्टर बनाने की जरूरत है। इसकी मांग लंबे समय से की जा रही है। इस बारे में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री से मुलाकात करके ज्ञापन दिया जाएगा। एनयूजे के महासचिव प्रसन्ना मोहंती ने कहा डिजिटल मीडिया के माध्यम से स्वतंत्र पत्रकार होने का दावा करते हुए बड़ी संख्या में फर्जी पत्रकार मीडिया की साख बिगाड़ने में लगे हुए हैं। एनयूजे के संगठन सचिव और प्रेस काउंसिल सदस्य आनंद राणा ने कहा कि डिजिटल मीडिया के नियमन से फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या पर रोक लगाई जा सकती है।

एनयूजे उपाध्यक्ष प्रदीप तिवारी ने कहा कि डिजिटल मीडिया के माध्यम से फर्जी पत्रकार अपना-अपना एजेंडा साधने में लगे हैं। इन पर रोक लगाने की आवश्यकता है। एनयूजे कोषाध्यक्ष डा.अरविन्द सिंह ने कहा कि मीडिया की साख बरकरार रखने के लिए फर्जी पत्रकारों की चिह्नित करके उनके खिलाफ कार्रवाई करने की आवश्यकता है।

‘दिल्ली पत्रकार संघ’ (DJA) के अध्यक्ष राकेश थपलियाल ने कहा कि डिजिटल मीडिया की आड़ में फर्जी पत्रकारों द्वारा राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को ब्लैकमेल करने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। बैठक में उत्तरप्रदेश जर्नलिस्ट्स एसोशिएशन के अध्यक्ष रतन दीक्षित, एनयूजे के पूर्व उपाध्यक्ष विवेक जैन, जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के अध्यक्ष राकेश शर्मा, एनयूजे की कार्यकारिणी सदस्य अनिल अग्रवाल, रणवीर सिंह, दीपक सिंह, जम्प कोषाध्यक्ष डी आर सोलंकी, उपजा के कोषाध्यक्ष संतोष यादव, डीजेए के वरिष्ठ सदस्य अशोक किंकर, अमित गौड़ आदि ने सरकार से इस संबंध में जल्दी से जल्दी नीति बनाने की मांग की।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कैलाश सत्यार्थी की इस पुस्तक से नई सभ्‍यता का शास्‍त्र रचा जा सकता है: रामबहादुर राय

इंदिरा गांधी राष्ट्री य कला केंद्र की ओर से नोबेल शांति पुरस्कारर से सम्माानित कैलाश सत्यार्थी की पुस्तिक ‘कोविड-19 सभ्याता का संकट और समाधान’ पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 13 February, 2021
Last Modified:
Saturday, 13 February, 2021
Seminar

इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र की ओर से नोबेल शांति पुरस्‍कार से सम्‍मानित कैलाश सत्‍यार्थी की पुस्‍तक ‘कोविड-19 सभ्‍यता का संकट और समाधान’ पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। 12 फरवरी को ऑनलाइन रूप से हुई इस परिचर्चा की अध्‍यक्षता इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र के अध्‍यक्ष एवं जाने-माने पत्रकार पद्मश्री रामबहादुर राय ने की। परिचर्चा में स्‍वागत वक्‍तव्‍य लेखक, कलाविद एवं इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र के सदस्‍य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी का रहा।

डॉ. सच्चिदानंद जोशी ने प्रभात प्रकाशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘कोविड-19 सभ्‍यता का संकट और समाधान’ पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, ‘कैलाश सत्‍यार्थी ने पूरे विश्‍व में बाल मजदूरों के अधिकारों के प्रति चेतना जगाने का काम किया है। कैलाश जी एक सिद्धहस्‍त लेखक भी हैं जो जीवन के विभिन्‍न पक्षों पर प्रकाश डालने का काम करते रहते हैं। उनकी कविताएं आपको रोमांच से भर देती हैं। आपके रोएं खड़े कर देती हैं। उनकी इस पुस्‍तक को पढ़ते हुए ऐसा बार-बार अहसास होता रहा कि हम किसी रिपोर्ताज से गुजर रहे हैं। कैलाश जी बिल्‍कुल सही कहते हैं कि लम्‍बे समय तक चलने वाला कोरोना संकट किसी जंतु या वायरस के द्वारा फैलाया संकट नहीं है, बल्कि यह सभ्‍यता का संकट है।’

वहीं, वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय ने कहा, ‘इस पुस्‍तक से नई सभ्‍यता का शास्‍त्र रचा जा सकता है। यह पुस्‍तक अपने आप में मौलिक है। मौलिक इस अर्थ में है कि कोरोना को लेकर जो षड्यंत्रकथाएं रची जा रही हैं, उनसे दूर जाकर यह बात करती है। यह पुस्‍तक भारत की नेतृत्‍वकारी भूमिका का भी प्रमाण है। कैलाश सत्‍यार्थी की पहचान है कि वे सत्‍य के खोजी हैं जो इस पुस्‍तक में भी दिखती है। इस पुस्‍तक में विचार की अमीरी के सूत्र छिपे हैं, जिसे लोगों को यदि समझाया जाए तो पुस्‍तक की सार्थकता बढे़गी।’ कोरोना महामारी और उससे उपजे संकट के संदर्भ में रामबहादुर राय ने कहा कि अभी अमावस की रात जरूर है, लेकिन यह पुस्‍तक हमें पूर्णिमा के चांद का भी आश्‍वासन देती है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि व राज्‍यसभा सदस्य सोनल मानसिंह का कहना था, ‘कैलाश जी की पुस्‍तक को छापकर प्रभात प्रकाशन ने अपने प्रकाशन में एक रत्‍नमणि जोड़ने का काम किया है। यह पुस्‍तक गागर में सागर है। कोरोना काल के दौरान अपने घरों के अंदर घुट-घुटकर रहने को मजबूर लोगों में जो एक मानसिक विकृति आ गई है, उसके प्रभाव की कैलाश जी अपनी पुस्‍तक में सम्‍यक व्‍याख्‍या करते हैं और साथ ही समाधान भी पेश करते हैं।’

इस मौके पर कैलाश सत्‍यार्थी ने कहा, ‘करुणा सकारात्‍मक, रचनात्‍मक सभ्‍यता के निर्माण का आधार है। करुणा में एक गतिशीलता है। एक साहस है और उसमें एक नेतृत्‍वकारी क्षमता भी है। करुणा एक ऐसी अग्नि है जो हमें बेहतर बनाती है। जब हम दूसरे को देखते हैं और उसके प्रति हमारे मन में एक जुड़ाव का भाव पैदा होता है, तो वह सहानुभूति है। जब हम महसूस करते हैं‍ कि दूसरे का दुख, दर्द हमारी परेशानी है, तब वह संवेदनशीलता हो जाती है। लेकिन बिल्‍कुल अंदर का जो तत्‍व है वह है करुणा। यानी दूसरे के दुख-दर्द को अपना दुख-दर्द महसूस करके उसका निराकरण ठीक वैसे ही करें, जैसे हम अपने दुख-दर्द का करते हैं। महामारी से पीड़ित वर्तमान में दुनिया की जो स्थिति हो गई है, उससे निजात करुणा ही दिला सकती है। इसलिए करुणा का वैश्‍वीकरण समय की जरूरत है।  

सुप्रसिद्ध गीतकार एवं सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्‍म सर्टिफिकेशन के अध्‍यक्ष प्रसून जोशी ने कैलाश सत्यार्थी के दार्शनिक पक्ष को इंगित करते हुए कहा, ‘इस पुस्‍तक को पढ़ते हुए मेरा विश्‍वास पुख्‍ता हो गया कि उन्‍होंने उसी विषय को उठाया है, जिस पर मैं सोच रहा था कि उन्हें उठाना चाहिए। कैलाश जी कोविड काल को व्‍यापक दृष्टिकोण से देखते हैं। उन्‍होंने सारे विषयों को करुणा केंद्रित कर दिया है। करुणा हमारे समय का मर्म है। कैलाश जी किताब के जरिये जिन सवालों को उठाते हैं, वे मनुष्‍य की ऐसी मूल समस्‍याएं हैं, जो कल भी थीं, आज भी हैं और कल भी रहेंगी।’ प्रसून जोशी ने इस मौके पर इस पुस्तक से एक कविता का भी पाठ किया।

वहीं, सुप्रसिद्ध लेखक एवं पूर्व राजनयिक डॉ. पवन के वर्मा का कहना था, ‘महामारी के दौर में गहन चिंतन को दर्शाती यह पुस्‍तक बहुत ही प्रासंगिक है। इस महामारी ने मध्‍यवर्ग को आत्‍मचिंतन करने का एक अवसर उपलब्‍ध कराया है। कैलाश जी जिस करुणा, कृतज्ञता, सहिष्‍णुता और उत्‍तरदायित्‍व की बात करते हैं, लोग अगर उसका पालन करने लगें तो उन्‍हें पूर्ण सुख (टोटल हैप्‍पीनेस) की प्राप्ति होगी। हमारे जैसे मध्‍यवर्गीय लोगों को करुणा, कृतज्ञता और उत्‍तरदायित्‍व जैसे मूल्‍यों को अपने जीवन में ज्‍यादा उतारने की जरूरत है, क्‍योंकि ये कमी हमसे ज्‍यादा किसी में नहीं है। इसको हमने कोरोना काल के दौरान घर लौटते दिहाड़ी मजदूरों के प्रति संवेदनहीन होकर दर्शा दिया है। पुस्‍तक की महत्‍ता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि कैलाश जी को इसका दूसरा खंड भी लिखना चाहिए।’

मशहूर लेखक एवं नेहरू सेंटर, लंदन के निदेशक अमीश त्रिपाठी ने कहा, ‘कैलाश जी ने बहुत महत्‍वपूर्ण विषय उठाया है। कोरोना के संदर्भ में ज्‍यादा चर्चा स्‍वास्‍थ्‍य और आर्थिक संकट को लेकर होती है। लेकिन लोगों के दिल और दिमाग पर उसका जो मानसिक प्रभाव पड़ा है वह सालों नहीं बल्कि दशकों तक नहीं मिटने वाला। कैलाश जी जैसे महान बुद्धिजीवी ने उसके मानसिक और आध्‍यात्मिक पक्ष को पकड़ा है जो दिल को छू जाता है। पुस्‍तक की यही सार्थकता है।’ 

सुप्रसिद्ध राजनीतिज्ञ एवं राज्‍यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि कैलाश जी ने पुस्‍तक में सभ्‍यता की चुनौतियां और समाधान दोनों पर बहुत बढि़या विचार किया है। सुधांशु त्रिवेदी ने कुछ नया करने का उपदेश देने वालों को आड़े हाथों लिया और कहा कि वे नया क्‍या कर लेंगे? जबकि हमारे पास पहले से ही कुछ ऐसी अनमोल चीजें हैं जो हमेशा नई, सदाबहार, कालजयी और प्रासंगिक रहेंगी।

परिचर्चा का संचालन इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय कला केंद्र के डीन एवं कलानिधि के विभागाध्‍यक्ष प्रो. रमेशचंद्र गौड़ ने किया, जबकि धन्‍यवाद ज्ञापन प्रभात प्रकाशन के प्रभात ने किया। इस पूरी परिचर्चा को आप यहां देख सकते हैं-

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए