The Hindu समूह फिर शुरू करने जा रहा है ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स

‘द हिन्दू’ (THE HINDU) ग्रुप की स्पोर्ट्स मैगजीन ‘स्पोर्टस्टार’ (SPORTSTAR) ने अपने सफर के...

Last Modified:
Friday, 11 January, 2019
THE HINDU

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘द हिन्दू’ (THE HINDU) ग्रुप की स्पोर्ट्स मैगजीन ‘स्पोर्टस्टार’ (SPORTSTAR) ने अपने सफर के 40 साल पूरे कर लिए हैं। इस यादगार मौके पर ग्रुप अपने वार्षिक पुरस्कारों ‘Sportstar Aces Awards’ को एक बार फिर शुरू करने जा रहा है। यह अवॉर्ड्स 1990 के दशक के मध्य में शुरू किए गए थे। ये अवॉर्ड्स तीन कैटेगरी ‘पॉपुलर अवॉर्ड्स’ (Popular Awards), ‘जूरी अवॉर्ड्स’ (Jury Awards) और ‘नॉमिनेटेड अवॉर्ड्स’(Nominated Awards) में दिए जाएंगे।

मैगजीन के एडिटर अयोन सेनगुप्ता का कहना है, ‘प्रत्येक खिलाड़ी की सफलता के पीछे संघर्ष, समर्पण और लगन की तमाम अनकही कहानियां छिपी हुई हैं। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम उन कहानियों को लोगों के सामने लाएं। मैगजीन के 40 वर्ष पूरे होने की खुशी में हमने सोचा कि अपने अवॉर्ड को दोबारा शुरू करने का यह सही समय है। यह न सिर्फ खिलाड़ियों बल्कि उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वालों का भी सम्मान होगा।’

पूर्व में यह अवॉर्ड्स पाने वालों में सचिन तेंदुलकर, विश्वनाथन आनंद, लिएंडर पेस, मिल्खा सिंह, सौरव गांगुली, मोहम्मद अजहरुद्दीन, महेश भूपति, कर्णम मल्लेश्वरी, पी. गोपी चंद, राहुल द्रविड़ और पंकज आडवाणी आदि को मिल चुका है।

इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकते हैं-

https://sportstar.thehindu.com/aces-awards/

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इस कार्यक्रम में छात्राओं को पढ़ाया व्यक्तित्व विकास व डिजिटल मार्केटिंग का ‘पाठ’

प्रक्रिया एवं उत्पाद विकास केंद्र तथा श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या महाविद्यालय, आगरा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया आयोजन

Last Modified:
Wednesday, 21 August, 2019
Workshop

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) भारत सरकार के तत्वावधान में  प्रक्रिया एवं उत्पाद विकास केंद्र तथा श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या महाविद्यालय, सदर आगरा के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय कार्यशाला ‘व्यक्तित्व विकास एवं डिजिटल मार्केटिंग’ का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम में ‘MSME’ से डॉ. माधव वर्मा (प्रवेश प्राधिकारी) ने छात्राओं से अपना उद्देश्य निर्धारित कर सरकारी संस्थानों से जुड़ने की बात कही। रितु सक्सेना (एचआर और प्रशिक्षण को-ऑर्डिनेटर) ने भारत सरकार द्वारा संचालित कोर्सों के संबंध में चर्चा की।

कार्यक्रम में दिव्या खंडेलवाल ने ‘व्यक्तित्व विकास’ के माध्यम से स्वयं को प्रोत्साहित करने की बात कही। ‘MSME’ की आईटी सलाहकार कृतिका सेठिया ने डिजिटल मार्केटिंग के स्वरूप और महत्व पर प्रकाश डाला। संस्थान के अभिषेक शर्मा ने कार्यशाला में सहयोग प्रदान किया।

श्रीमती भगवती देवी जैन कन्या महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. मधु वशिष्ठ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि समय की मांग के अनुसार छात्राओं को व्यक्तित्व विकास के बिंदुओं को अपनाकर अनुसरण करते हुए भविष्य को सुगम बनाने पर बल दिया जाए।

डॉ. अनुराधा गुप्ता (डीन, वाणिज्य) ने व्यक्तित्व में निखार लाते हुए लगन एवं ज्ञान के साथ सरकारी संस्थानों से जुड़ने की बात कही। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा श्रीधर ने हताया कि छात्राओं का व्यक्तित्व विकास होना भविष्य के लिए बहुत जरूरी है तथा महाविद्यालय की छात्राओं को इससे बहुत लाभ होगा। इस मौके पर डॉ. प्रतिमा सिंह और डॉ. नीलम समेत कई शिक्षिकाएं और छात्राएं मौजूद रहीं।

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शहीदों के परिजनों को सम्मानित करेगा पत्रकारों का ये संगठन

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी होंगे। सम्मान समारोह में सेना-पुलिस, एसएसबी और सीआरपीएफ के शहीद परिवारों को शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा

Last Modified:
Wednesday, 21 August, 2019
Awards

सेना और पुलिस के शहीदों के परिजनों को सम्मानित करने के लिए पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.) 25 अगस्त को गाजियाबाद में 'शहीद परिवार सम्मान समारोह’ का आयोजन कर रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वीर चक्र प्राप्त कर्नल तेजेन्द्र पाल त्यागी होंगे। माडल टाउन, एमएमएच कालेज रोड स्थित एबीसीएल बिल्डिंग के हॉल में समारोह का शुभारंभ रविवार की सुबह साढ़े 10 बजे होगा।

पत्रकार वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने बताया कि कार्यक्रम में दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी। सम्मान समारोह में सेना-पुलिस, एसएसबी और सीआरपीएफ के शहीद परिवारों को शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा। इसके अलावा कुछ ऐसे समाजसेवियों को भी सम्मानित किया जाएगा, जो समाज को नई दिशा प्रदान कर रहे हैं।

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दैनिक इंकलाब के संपादक शकील हसन शम्सी को मिला ये प्रतिष्ठित अवॉर्ड

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकार और उर्दू साहित्यकारों को किया सम्मानित

Last Modified:
Wednesday, 21 August, 2019
Shakeel Hasan

उर्दू के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कई शायरों, साहित्यकारों, पत्रकारों व समालोचकों को दिल्ली सरकार की उर्दू अकादमी की ओर से सम्मानित किया गया। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इन्हें सम्मानित किया। पंडित बज मोहन कैफी अवॉर्ड से प्रोफेसर अतिकुल्लाह को नवाजा गया। इसके तहत उन्हें 2,51,000 रुपए की सम्मान राशि दी गई।

कार्यक्रम में दैनिक जागरण के सहयोगी प्रकाशन दैनिक इंकलाब के संपादक शकील हसन शम्सी को उर्दू में उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनके अलावा शोध और समालोचना के लिए प्रोफेसर वजाहुद्दीन अल्वी, क्रिएटिव राइटिंग के लिए इजहार उस्मानी, शायरी के लिए जी आर कनवल,  उर्दू ट्रांसलेशन के लिए अनीस-उर्र-रहमान, गजल गायकी के लिए राधिका चोपड़ा और उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार के ऑल इंडिया अवॉर्ड उस्ताद अहमद हुसैन मोहम्मद हुसैन को दिया गया। इन सभी को 1,01,000 रुपए की सम्मान राशि दी गई।

इस मौके पर सिसोदिया ने उर्दू लेखकों से पाठकों को और ज्यादा उर्दू साहित्य देने के साथ ही सांप्रदायिकता और देशभक्ति का संदेश भी देने की अपील की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा लैंग्वेज अकादमी के प्रस्ताव को मंजूरी भी दी जा चुकी है।

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ब्यूरो चीफ पर चढ़ा दिया ट्रैक्टर, गुस्से में हैं पत्रकार

पत्रकार ने भूमाफिया के खिलाफ पिछले दिनों कई खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रहीं थीं। पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है

Last Modified:
Tuesday, 20 August, 2019
Sudhir Dixit

पत्रकारों पर हमले की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। इन मामलों में अब उत्तर प्रदेश के पीलीभीत का नाम भी शामिल हो गया है, जहां पर पत्रकार सुधीर दीक्षित पर ट्रैक्टर चढ़ाकर उनकी हत्या का प्रयास किया गया। पुलिस ने इस मामले में ट्रैक्टर चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के जिलाध्यक्ष व बरेली से प्रकाशित दैनिक युवा हस्ताक्षर के ब्यूरो चीफ सुधीर दीक्षित ने अपनी शिकायत में कहा है कि भूमाफिया के खिलाफ पिछले दिनों उन्होंने कई खबरें प्रकाशित की थीं, जिसके बाद उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रहीं थीं।

रिपोर्ट में सुधीर ने बताया कि नौ अगस्त को वह मोटरसाइकिल से कलेक्ट्रेट जा रहे थे। दोपहर लगभग 12 बजे संजय रॉयल पार्क के सामने किसी ने उन्हें बातचीत करने के लिए रुकने का इशारा किया तो वह रुक गए। इसी बीच वहां खड़े एक ट्रैक्टर चालक ने उन्हें जान से मारने की नीयत से उन पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया। ट्रैक्टर की टक्कर से सुधीर गिर पड़े। मौके पर भीड़ के जुटने के बाद ट्रैक्टर चालक व उनसे बात कर रहा व्यक्ति वहां से भाग गए।

इसके बाद लोगों ने सुधीर को पीलीभीत के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया। 12 अगस्त को हालत थोड़ी सही होने पर उन्हें फिर जिला अस्पताल पीलीभीत में भर्ती कराया गया है। सुधीर के कूल्हे की हड्डी टूटी हुई है और वह चलने फिरने से असमर्थ हैं।

वहीं, जानकारी मिलने पर शहर विधायक संजय सिंह गंगवार गुरुवार को सुधीर दीक्षित को देखने उनके आवास पर पहुंचे। विधायक ने उन्हीं के आवास पर कोतवाली प्रभारी एसके द्विवेदी को बुलवाया और अपने सामने तहरीर दिलवाकर तत्काल मुकदमा दर्ज करने को कहा। उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के मंडल अध्यक्ष निर्मल कान्त शुक्ल, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष प्रभात जायसवाल, बसपा के पूर्व प्रत्याशी व शहर के प्रमुख सर्जन डॉ. शैलेंद्र गंगवार, बरखेड़ा विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय लोक दल के प्रत्याशी रहे ठाकुर निरंजन सिंह, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा, सहायक रजिस्ट्रार विजय सिंह, डॉ. योगेंद्र नाथ मिश्र, दैनिक जागरण के ब्यूरो प्रभारी देवेंद्र देवा आदि ने भी सुधीर का हाल जाना।

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष सियाराम पांडेय ‘शांत’ व प्रांतीय महामंत्री रमेश शंकर पांडे ने टेलीफोन पर पत्रकार सुधीर दीक्षित का हालचाल जाना और उनकी लड़ाई हर स्तर पर लड़ने का आश्वासन दिया। लोगों ने इस मामले में कई सवाल उठाते हुए इसे हमले की साजिश बताया है। इस घटना का पत्रकार तुषार सक्सेना व प्रशांत शर्मा ने तो खुलकर विरोध करते हुए कहा कि यदि किसी ने यह साजिश की है तो वह यह जान ले कि जिस दिन इस बात का खुलासा हुआ, उस दिन साजिश में शामिल लोगों की खैर नहीं है।

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स्वास्थ्य की दिशा में आईटीवी फाउंडेशन की सराहनीय पहल, CM ने बढ़ाया हौसला

आईटीवी फाउंडेशन और रेकिट बेंकिजर इंडिया ने इस हेल्थ मिशन में 15 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा भी की

Last Modified:
Tuesday, 20 August, 2019
Health Camp

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को महाराजगंज में जापानी इन्सेफेलाइटिस बीमारी के खिलाफ आईटीवी फाउंडेशन की ओर से आयोजित दो दिवसीय हेल्थ चेकअप शिविर (18-19 अगस्त) का उद्घाटन किया। रेकिट बेंकिजर इंडिया के समर्थन से इस कैंप को आयोजित कराया गया।

कैंप के उद्घाटन कार्यक्रम के बीच आईटीवी फाउंडेशन और रेकिट बेंकिजर इंडिया ने इस हेल्थ मिशन में 15 करोड़ रुपए खर्च करने की घोषणा भी की। वहीं, मुख्यमंत्री ने शिविर में उपस्थित सभी इन्सेफेलाइटिस मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की। साथ ही कैंप में सीएम योगी आदित्यनाथ और आईटीवी फाउंडेशन के संस्थापक कार्तिकेय शर्मा ने जरूरतमंद लोगों को हेल्थ किट्स बांटीं।

महाराजगंज के छेहरी स्थित आईटीएम कॉलेज में आयोजित हेल्थ कैंप के उद्घाटन समारोह में सीएम के साथ जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, iTV नेटवर्क के संस्थापक और प्रमोटर कार्तिकेय शर्मा,  KMC डिजिटल अस्पताल के प्रेजिडेंट विनय श्रीवास्तव,  इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के  उपाध्यक्ष डॉ.आरपी त्रिपाठी और रेकिट बेंकिजर इंडिया के विदेश और भागीदारी निदेशक रवि भटनागर उपस्थित रहे।

हेल्थ कैंप के दौरान रेकिट बेंकिजर इंडिया ने डेटोल बनाएगा स्वस्थ इंडिया की फ्लैगशिप के तहत आशा वर्कर्स की सहयता से एक प्रोग्राम की शुरुआत की,जो उत्तर प्रदेश और बिहार के शहरों में डायरिया जैसी बीमारी से बचाव को लेकर जागरूकता फैलाकर लोगों की आदतों में बदलाव लाने की कोशिश करेगा। इस प्रोग्राम में सबसे जरूरी काम है बच्चों और उनके परिवारों से मुलाकात करना। करीब ढाई लाख आशा वर्कर्स अलग-अलग इलाकों में जाकर लोगों को स्वच्छता और खुद के रखरखाव को लेकर जागरूक करेंगे।

हेल्थ कैंप के उद्घाटन के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने iTV फाउंडेशन की मुहिम की सराहना की। उन्होंने  कहा कि पिछले चालीस सालों में हजारों बच्चों की जापानी इन्सेफेलाइटिस की वजह से मौत हो चुकी है। पिछली सरकारें इसे रोकने में पूरी तरह विफल रहीं, लेकिन बीजेपी सरकार ने इस बीमारी को रोकने के लिए कई उपाय और एहतियाती कदम उठाने के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है। इसके तहत इन्सेफेलाइटिस रोगियों के लिए मुफ्त चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी नर्सिंग स्टाफ, सहयोगी और आशा कार्यकर्ताओं को विशेष ट्रेनिंग दी है।

हेल्थ कैंप के उद्घाटन कार्यक्रम में आईटीवी नेटवर्क के संस्थापक कार्तिकेय शर्मा ने कहा, “हमारा मिशन बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों के बीच स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता पैदा करना है।‘ उन्होंने कहा, ‘ जापानी इन्सेफेलाइटिस एक घातक रोग है और यह कैंप बीमारी को खत्म करने और एहतियाती उपाय करने के लिए महत्वपूर्ण है। देश के लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए भविष्य में कई ऐसे फ्री मेडिकल कैंप लगाए जाएंगे।’

कार्यक्रम में रेकिट बेंकिजर इंडिया  के विदेश और भागीदारी निदेशक रवि भटनागर ने कहा,‘ सामाजिक बदलाव में स्वास्थ्य का काफी ज्यादा महत्व होता है और खासकर किशोरों के विकास और सशक्तिकरण में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’

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पत्रकार के साथ हुआ भीषण हादसा, गई जान

दुर्घटना के दौरान अमरोहा से अपने घर अलीपुर लौट रहे थे टीवी पत्रकार जसमीत सिंह

Last Modified:
Monday, 19 August, 2019
Jasmeet Singh

सड़क दुर्घटना में न्यूज1इंडिया के पत्रकार जसमीत सिंह की मौत की खबर सामने आई है। जसमीत सिंह 13 अगस्त की रात को उत्तर प्रदेश में अमरोहा से अपने घर अलीपुर लौट रहे थे। उसी दौरान किसान पेट्रोल पंप के पास वे एक वाहन की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई।

बताया जाता है कि जसमीत अपने घर में सबसे बड़े थे और उनके ऊपर ही पूरे घर की जिम्मेदारी थी। जसमीत के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। जसमीत की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जसमीत के मौत के बाद उनके साथियों व परिचितों ने उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी है।

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शोधकर्ताओं-छात्रों के साथ आम पाठकों के लिए भी लाभप्रद होगा वाणी प्रकाशन का ये कोश

हिंदी साहित्य, दर्शन, इतिहास, आलोचना आदि विषयों को समाहित किये हुए सात खण्डों के कोश की प्रति राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को भेंट की गई

Last Modified:
Saturday, 17 August, 2019
Ram Nath

भारतीय भाषा परिषद और वाणी प्रकाशन के तत्वाधान में निर्मित 'हिंदी साहित्य ज्ञान कोश' 16 अगस्त 2019 को राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद को राष्ट्रपति निवास में भेंट किया गया। इस अवसर पर वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी, निदेशक अदिति माहेश्वरी-गोयल और  प्रधान संपादक शंभूनाथ के साथ कुसुम खेमानी ( अध्यक्ष भारतीय भाषा परिषद), विमला पोद्दार (मंत्री, भा.भा.प.) विवेक गुप्त (सन्मार्ग अखबार के मुख्य संपादक एवं पूर्व राज्यसभा सांसद) उपस्थित थे।

इसके उपरांत इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में ‘हिंदी साहित्य ज्ञानकोश’ पर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया जिसमें इस परियोजना के मुख्य संपादक  शंभूनाथ एवं वाणी प्रकाशन के प्रबन्ध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने पत्रकारों से कोश में लगे विशद शोध एवं इसकी निर्माण प्रक्रिया पर बातचीत की।

उन्होंने बताया कि वाणी प्रकाशन और भारतीय भाषा परिषद् के तत्वावधान में निर्मित सात खण्डों का ‘हिंदी साहित्य ज्ञान कोश’ अब हिंदी के पाठकों के लिए उपलब्ध है। हिंदी साहित्य, दर्शन, इतिहास, आलोचना आदि सभी विषयों को समाहित किये हुए यह सात खण्डों का महती ज्ञान कोश हिंदी साहित्य में पहला ऐसा प्रयास है जो शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों के अतिरिक्त आम पाठकों के लिए भी उतना ही लाभप्रद है।

शंभूनाथ ने बताया, ‘हिंदी साहित्य ज्ञानकोश’ पूरे हिंदी संसार का एक सपना था। 1958 से 1965 के बीच धीरेन्द्र वर्मा द्वारा बना ‘हिंदी साहित्य कोश’ करीब पचास साल पुराना हो चुका था। इसके अलावा, आज साहित्य का अर्थ विस्तार हुआ है। साहित्य का ज्ञान अब एक व्यापक सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य और दुनिया के बहुत से विचारों, सिद्धान्तों और अवधारणाओं को जाने बिना संभव नहीं है। साहित्य आज भी ज्ञान का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानवीय रूप है। यह आम नागरिकों के लिए पानी और मोबाइल की तरह जरूरी है।’

वाणी प्रकाशन के प्रबंध निदेशक अरुण माहेश्वरी ने बताया कि हिंदी साहित्य ज्ञानकोश में 2660 प्रविष्टियां हैं। यह 7 खण्डों में 4560 पृष्ठों का है। इसमें हिंदी साहित्य से सम्बन्धित इतिहास, साहित्य सिद्धान्त आदि के अलावा समाज विज्ञान, धर्म, भारतीय संस्कृति, मानवाधिकार, पौराणिक चरित्र, पर्यावरण, पश्चिमी सिद्धान्तकार, अनुवाद सिद्धान्त, नवजागरण, वैश्वीकरण, उत्तर-औपनिवेशिक विमर्श आदि कुल 32 विषय हैं। हिंदी की प्रकृति और भूमिका अन्य भारतीय भाषाओं से विशिष्ट है। इसलिए ज्ञानकोश में हिंदी राज्यों के अलावा दक्षिण भारत, उत्तर-पूर्व और अन्य भारतीय क्षेत्रों की भाषाओं-संस्कृतियों से भी परिचय कराने की कोशिश है। इसमें हिंदी क्षेत्र की 48 लोक भाषाओं और कला-संस्कृति पर सामग्री है। देश भर के लगभग 275 लेखकों ने मेहनत से प्रविष्टियाँ लिखीं और उनके ऐतिहासिक सहयोग से ज्ञानकोश बना।

संपादक शंभुनाथ ने बताया, इस ज्ञानकोश के निर्माण में राधावल्लभ त्रिपाठी, जवरीमल्ल पारख, अवधेश प्रसाद सिंह और राजकिशोर जैसे ख्याति प्राप्त विद्वानों ने बहुत श्रम किया है। हमने कोलकाता में कार्यशालाएं कीं। इंटरनेट की सुविधाएं लीं और नयी पद्धतियों को अपनाया। हमारा लक्ष्य था कि एक बृहद, तथ्यपूर्ण, समावेशी और सारवान ज्ञानकोश बने। यह ज्ञान का एक विकासशील कोश है और एक राष्ट्रीय शुरुआत है। हमारा विश्वास है कि हिंदी की आने वाली पीढ़ियों द्वारा इसकी नींव पर ज्ञान की बहुमंजिला इमारत बनती रहेगी।’

हिंदी का पहला ‘हिंदी विश्वकोश’ नगेन्द्रनाथ बसु के सम्पादन में 1916 से 1931 के बीच तैयार किया था। यह उनके बांग्ला विश्वकोश की ही हिंदी छाया था। इसके पश्चात ‘हिंदी साहित्य कोश’ 1956 में आया था। नागरी प्रचारिणी सभा ने 1960 से 70 के बीच हिंदी विश्वकोश प्रकाशित किया था। अब इसके बाद भारतीय भाषा परिषद के ‘हिंदी साहित्य ज्ञानकोश’ को हम एक बड़े हस्तक्षेप के रूप में देख सकते हैं। इसको ग्रन्थ रूप देने और वितरण व्यवस्था में वाणी प्रकाशन की ऐतिहासिक भूमिका है। कोलकाता के सन्मार्ग ने इसे मुद्रित किया है।

अरुण माहेश्वरी ने बताया कि यहां जुड़ा साहित्य शब्द अपने विशद अर्थ में है। इसके अंतर्गत दर्शन, राजनीति, इतिहास आदि सब समाहित है। यह विश्व कोश से कहीं आगे की बात है और साहित्य शब्द के जुड़ने से व्यापक विस्तार ले लेता है। प्रेस वार्ता में पत्रकारों की तरफ़ से आए इन सुझावों का उन्होंने स्वागत किया कि हर साल इसमें नए संशोधन जोड़ें जाएं और उनसे पाठकों को परिचित कराया जाये। साथ ही इसके डिजिटल संस्करण को भी शीघ्र लाने की बात कही गई।

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जानें, सूर्या समाचार ने क्यों ब्यूरो हेड को किया टर्मिनेट

सच्चाई का पता चलने के बाद सूर्या समाचार के मालिकों ने लिया निर्णय, प्रबंधन शुरू करने जा रहा है कानूनी कार्यवाही

Last Modified:
Tuesday, 13 August, 2019
Surya Samachar

हिंदी न्यूज चैनल ‘सूर्या समाचार’ (Surya Samachar) से बड़ी खबर है। खबर ये है कि चैनल ने जयपुर में अपने ब्यूरो हेड संजय वर्मा को तत्काल प्रभाव से टर्मिनेट कर दिया है। संजय पर कैमरा जमा नहीं करने के कारण जयपुर के ज्योति नगर थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

गौरतलब है कि धौलपुर के संजय वर्मा को पूर्व में इनपुट हेड सुधीर सुधाकर ने जयपुर में ब्यूरो हेड के पद पर नियुक्त कराया था। बताया जाता है कि जयपुर में संजय पर उसकी मकान मालकिन ने भी एक केस कर रखा है। धौलपुर में भी संजय पर कई मुकदमे दर्ज हैं। सूर्या समाचार के मालिकों को इस सच्चाई का पता लगने पर उन्होंने उसे चैनल से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

आरोप है कि संजय ने जयपुर ऑफिस के कमरे की चाबी और दो कैमरे अपने कब्जे में ले रखे थे। दिल्ली से गयी टीम ने इस बारे में जयपुर के ज्योति नगर थाने में एफआईआर करवाई, इसके बाद एक कैमरा और चाबी वापस की गई। आरोप है कि एक यूनिट अभी भी संजय के कब्जे में है, इसको लेकर सूर्या समाचार प्रबंधन जल्द कानूनी कार्यवाही करने जा रहा है।

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इस मंच पर दिखे प्रतिभाओं के विविध रूप, हुआ सम्मान

काव्य पाठ से कलाकारों ने मन मोहा, डॉ. आरपी चतुर्वेदी की किताब ‘तेरे लिए’ का भी विमोचन किया गया

Last Modified:
Monday, 12 August, 2019
Programme

देश की स्वतंत्रता के 73 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ताज लिटरेचर क्लब और जलवा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में आगरा की विजयनगर कॉलोनी स्थित आगरा पब्लिक स्कूल ऑडिटोरियम में 11 अगस्त की अपराह्न 4 बजे से एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके तहत विचार गोष्ठी  और अचीवर अवार्ड समारोह’ का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विनोद भारद्वाज, विशिष्ट अतिथि  ताज लिटरेचर क्लब के चेयरमैन राजकुमार शर्मा, विशिष्ट अतिथि पवन आगरी, डॉ. ह्रदेश चौधरी, प्रदीप खंडेलवाल, दिवाकर तिवारी, अमित त्रिवेदी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित करके और राष्ट्रगान के द्वारा किया। सरस्वती वंदना अंशु प्रधान ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन ताज लिटरेचर क्लब की संस्थापिका भावना वरदान शर्मा ने किया। विचार गोष्ठी का विषय था, ‘सोशल मीडिया का आज के राजनीतिक परिदृश्य में योगदान।‘ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करने वालों को अचीवर अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। इसके तहत साहित्य के क्षेत्र में पम्मी सदाना, स्वास्थ्य के क्षेत्र में  रेणुका डंग और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता के लिए महेश शर्मा को सम्मानित किया गया।  

कार्यक्रम की दूसरी श्रंखला में ताज लिटरेचर क्लब द्वारा काव्य संध्या का आयोजन किया गया। डॉ. आरपी चतुर्वेदी. नरेश चंद्रा, तृषा अग्रवाल, श्रेय वर्मा, अनुराधा शर्मा आदि ने देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में डॉ. आरपी चतुर्वेदी की किताब ‘तेरे लिए’ का भी विमोचन किया गया। उनकी किताब कृष्ण भक्ति पर आधारित ब्रजभाषा के छंदों का काव्य संकलन है। कार्यक्रम में पम्मी सदाना ने कहा, ‘आज का मीडिया बहुत प्रबल है। ये केवल टेलिविजन या प्रिंट मीडिया तक सीमित नहीं है, वरन मोबाइल के रूप में प्रत्येक के हाथ में उपलब्ध है। बात क्षण भर में देश-विदेश तक पहुंच जाती है। 73वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मैं यही संदेश देना चाहती हूं कि तुम रक्त बहा लो, या फिर धमका लो, ये पग अब नहीं थमेंगे, ये पग अब नहीं रुकेंगे!’

विनोद भारद्वाज ने कहा, ‘सोशल मीडिया ने सबको अपनी बात कहने का मौका दिया है और परंपरागत मीडिया का एकाधिकार खत्म कर दिया है। परंपरागत और मेनस्ट्रीम मीडिया के लिए समय है कि वह सचेत हो जाएं और सही दिशा में चलें, अब उनकी मनमानी नहीं चलेगी। कोई भी खबर छिपाई नहीं जा सकेगी और न ही एक तरफा बात कही जा सकती है। मीडिया का कर्तव्य है कि वह किसी पार्टी की आवाज न बने और पत्रकारिता के सिद्धांतों को प्रतिपादित करे। लोग टि्वटर, फेसबुक, वॉट्सऐप का सावधानी से प्रयोग करें और विश्वसनीय सूत्र से जानकारी मिलने के बाद ही शेयर करें, क्योंकि इससे लोगों की राजनीतिक विचारधारा पर गहरा प्रभाव पड़ता है। गलत खबरों से खबरों की विश्वसनीयता कम होगी और खबरों के माध्यमों की संदिग्धता बनी रहेगी।’

 कार्यक्रम की संचालिका भावना वरदान शर्मा ने कहा, ‘सोशल मीडिया के जमाने में लेखकों और साहित्यकारों का दायित्व है कि वे अपना रोल अच्छी तरह से निभाएं और साहित्यकार समाज में चेतना पैदा करने वाले लेख लिखें। वहीं, रेणुका डंग ने कहा, ‘हर चीज का अच्छा और बुरा पहलू होता है। दोनों को स्वीकारें और अपने विवेक का इस्तेमाल करें। सोशल मीडिया द्वारा नकारात्मकता फैलाने वाली खबरों को फैलने से रोकने की दिशा में काम करने की जरूरत है। इसके अलावा महेश शर्मा का कहना था,‘ सोशल मीडिया का प्रयोग विवेक के साथ करें। गलत खबरों को फैलाने से रोकें और वॉट्सऐप जैसे माध्यमों को विचारों के आदान-प्रदान के लिए रखें, न कि फेक न्यूज के लिए।’ प्रदीप खंडेलवाल ने कहा कि समाज में जागरूकता लाने के लिए सोशल मीडिया एक अच्छा माध्यम है।

कार्यक्रम में दिवाकर तिवारी का कहना था, ‘सोशल मीडिया ने लोगों को अपनी बात कहने का माध्यम दिया है। सोशल मीडिया के माध्यम से न केवल विरोध दर्ज कराया जा सकता है, बल्कि सच को भी सामने लाया जा सकता है।’ अमित त्रिवेदी ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर अच्छे और बुरे हर तरह के अनुभव होते हैं। आज के समय में इसकी एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका है।’ धन्यवाद जलवा ग्रुप के डायरेक्टर सचिन शुभ शर्मा ने दिया। कार्यक्रम में श्याम दीक्षित, सुरेश, अजय कौशल, गोपालशरण गोस्वामी, वीना शर्मा, सुनीता सारस्वत, आदर्श नंदन गुप्त आदि की उपस्थिति रही।

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पत्रकार योगेश गोयल की प्रतिभा का हुआ सम्मान, मिला ये अवॉर्ड

सकारात्मक पत्रकारिता के लिए दिल्ली में किया गया सम्मानित, कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से तमाम पत्रकार तथा समाजसेवी शामिल हुए

Last Modified:
Monday, 12 August, 2019
Yogesh Goyal

‘राम जानकी संस्थान’ (आरजेएस) द्वारा दिल्ली स्थित ‘मौलाना आजाद दंत विज्ञान संस्थान’ के सभागार में स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘जय हिन्द जय भारत’ नाम से हुए कार्यक्रम में देश के कोने-कोने से तमाम पत्रकार तथा समाजसेवी शामिल हुए।

इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार योगेश कुमार गोयल को ‘स्टार फैमिली अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान सकारात्मक पत्रकारिता के लिए उनकी पत्नी श्वेता गोयल के साथ शहीद चंद्रशेखर आजाद के पौत्र अमित आजाद, आकाशवाणी दिल्ली के ब्रॉडकास्टर व संस्था के राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना, संस्था के ऑब्जर्वर तथा दिल्ली सरकार के ओएसडी दीप माथुर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। संस्था द्वारा यह सम्मान प्रतिवर्ष सकारात्मक पत्रकारिता के जरिये नए भारत के निर्माण के लिए प्रयासरत पत्रकार को प्रदान किया जाता है।

बता दें कि योगेश कुमार गोयल करीब तीस वर्षों से पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान उनके बारह हजार से भी अधिक लेख देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों, वाइल्ड लाइफ तथा समसामयिक विषयों पर उनकी चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं तथा कई सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं द्वारा उन्हें अब तक अनेक सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। वह डेढ़ दशक से भी अधिक समय तक तीन फीचर एजेंसियों में संपादन भी कर चुके हैं और इन दिनों बतौर पत्रकार एवं स्तंभकार देश भर के कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं के लिए नियमित लेखन कर रहे हैं।

आरजेएस द्वारा स्वाधीनता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम में मंच संचालन आकाशवाणी व दूरदर्शन की एंकर तपस्या और आकाशवाणी दिल्ली के ब्रॉडकास्टर अशोक शर्मा ने किया। विख्यात गायक रीतेश मिश्रा, मोहित खन्ना तथा सोनिया शर्मा के देशभक्ति गीतों के अलावा स्कूली छात्रों की शानदार प्रस्तुति और आकाशवाणी के ब्रॉडकास्टर पार्थ सारथी थपलियाल द्वारा बच्चों के लिए आयोजित की गई क्विज प्रतियोगिता ने कार्यक्रम की भव्यता में चार चांद लगा दिए। इस अवसर पर मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डा. विक्रांत मोहंती ने तम्बाकू के दुष्प्रभावों के बारे में बताया और लोगों को तम्बाकू का सेवन न करने के लिए प्रेरित किया।

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