तरुण तेजपाल को कुछ यूं मिली राहत...

अपनी सहकर्मी से यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल...

Last Modified:
Wednesday, 28 November, 2018
tarun

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अपनी सहकर्मी से यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने गोवा में चल रहे मुकदमे की सुनवाई पर लगी रोक को तीन हफ्ते और बढ़ा दिया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान गोवा सरकार द्वारा मुकदमे की सुनवाई टालने की अपील के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

तरुण तेजपाल ने गोवा में अपने खिलाफ चल रहे मुकदमे को रद्द करने की मांग की है। इस मामले में नौ अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने तरुण तेजपाल को कोई भी अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इसके अलावा ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने से भी इनकार कर दिया था। 26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एल नागेश्वर राव ने खुद को इस सुनवाई से अलग कर लिया था।

इससे पहले छह दिसंबर, 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि यौन शोषण मामले में तरुण तेजपाल के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई गोवा की निचली अदालत में जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट को तरुण तेजपाल की याचिका पर तीन महीने के अंदर फैसला करने का आदेश दिया था।

गौरतलब है कि तरुण तेजपाल पर उनकी ही महिला सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। सहकर्मी का आरोप है कि नवंबर 2013 में तरुण ने गोवा के एक होटल में उसका यौन उत्पीड़न किया था।

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विश्व नदी दिवस पर जुटे पत्रकार और पर्यावरणविद, उठाईं ये मांगें

रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों ने आगरा में एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क के पास सभा को संबोधित किया और रैली निकाली

Last Modified:
Monday, 23 September, 2019
River Day

विश्व नदी दिवस पर रविवार की शाम रिवर कनेक्ट कैंपेन के सदस्यों द्वारा आगरा में एत्माउद्दौला व्यू पॉइंट पार्क के पास रैली निकाली गयी। इस मौके पर आयोजित सभा में सर्वसम्मति से राष्ट्रीय नदी नीति की मांग की गयी। एक प्रस्ताव में सरकार से मांग की गयी कि अविलम्ब यमुना में अविरल जल प्रवाह की व्यवस्था की जाए और नदी की तलहटी को प्रदूषण मुक्त किया जाए. इसके साथ ही ताज महल के डाउनस्ट्रीम बैराज पर अति शीघ्र कार्य शुरू किया जाए।

इस मौके पर पर्यावरणविद डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने कहा, ‘वर्षों से अनेक वायदे किये गए हैं, लेकिन उनको अमलीजामा पहनने में अनुचित विलम्ब हो रहा है।‘ डॉ हरेंद्र गुप्ता ने कहा, ‘इसके लिए राजनैतिक इच्छाशक्ति की दरकार है।’ पायल सिंह चौहान ने कहा कि आगरा की जनता को नींद तोड़कर आवाज बुलंद करनी होगी। निधि पाठक ने कहा, ‘यमुना हमारी आस्था और धर्म का प्रतीक है।’ रंजन शर्मा ने यमुना की डिसिल्टिंग की मांग दोहराई।

इस मौके पर श्रवण कुमार सिंह ने 12 सूत्रीय मांग पत्र प्रस्तुत किया, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया। रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक व वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल ने कहा कि यमुना बचेगी, तभी आगरा शहर स्मार्ट होगा और पर्यटन उद्योग को गति और दिशा मिलेगी। यमुना नदी की विशेष आरती गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय और पंडित जुगल किशोर ने कराई।

कार्यक्रम में राहुल राज, दीपक राजपूत, पद्मिनी अय्यर, अमित कोहली, जीत कुशवाह, गोपाल शर्मा, पुरुषोत्तम गिरी, अभिदीप शर्मा, सत्यम शर्मा, अजीत चाहर, जगन प्रसाद तेहरिया, चतुर्भुज तिवारी, गन्नो पांडेय आदि ने भाग लिया।

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इस साल इन छह पत्रकारों को दिया जाएगा प्रतिष्ठित श्रीफल पुरस्कार

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए हर वर्ष दिया जाता है यह पुरस्कार

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Srifal Award

पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य और समर्पित योगदान के लिए दिया जाने वाला प्रतिष्ठित श्रीफल पत्रकारिता पुरस्कार पाने वाले पत्रकारों के नामों की घोषणा कर दी गई है। प्रतिवर्ष धार्मिक श्रीफल परिवार ट्रस्ट की ओर से दिए जाना वाला यह पुरस्कार इस बार दैनिक भास्कर उज्जैन के संपादक राजेश माली सहित देश के छह पत्रकारों को दिया जाएगा।

धार्मिक श्रीफल परिवार ट्रस्ट के संस्थापक मुनिश्री पूज्य सागर महाराज ने बताया कि पुरस्कार वितरण समारोह 29 सितंबर को उदयपुर के श्रीशांतिनाथ दिगंबर जैन मंदिर (कांच मंदिर) में आयोजित किया जाएगा।

इस साल पुरस्कार के लिए जिन पत्रकारों का चयन किया गया है, उनमें रविदत्त मोहता (बीकानेर), विकास जैन (जयपुर), सचिन चौधरी (भोपाल), देवकुमार पुखराज (हैदराबाद) और ब्रजेश कुमार झा (नई दिल्ली) का नाम भी शामिल है। गौरतलब है कि श्रीफल पुरस्कार की शुरुआत 2009 से हुई थी, तब से अब तक 48 पत्रकारों को यह पुरस्कार दिया जा चुका है।

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पत्रकारों के लिए दिल्ली पत्रकार संघ ने सरकार के सामने उठाईं ये मांगें

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पत्रकारों के प्रतिनिधमंडल को इन मांगों पर विचार करने का दिया आश्वासन

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Journalist

दिल्ली पत्रकार संघ (डीजेए) का एक प्रतिनिधमंडल अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने पत्रकारों के हित में सात सूत्री मांग पत्र मुख्यमंत्री के समक्ष रखा और उस पर ठोस कदम उठाने की मांग की, जिस पर विचार करने का मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया।

‘डीजेए’ अध्यक्ष मनोहर सिंह की अगुवाई में हुई करीब 20 मिनट की इस मुलाकात में मुख्यमंत्री ने इस बात पर सहमति जताई कि दिल्ली में सभी पत्रकारों (गैर मान्यताप्राप्त को भी) को दिल्ली परिवहन निगम की सभी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिले। केजरीवाल ने कहा कि उनकी कोशिश है कि न केवल महिलाओं को, बल्कि तमाम पत्रकारों को भी मेट्रो के किराए में विशेष रियायत दी जाए। डीजेए पदाधिकारियों की मांगों को सुनने के बाद केजरीवाल ने संकेत दिया कि अगर केंद्र सरकार से सहयोग मिले तो दिल्ली सरकार मेट्रो रेल में भी पत्रकारों को किराए में छूट दे सकती है।

प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली परिवहन निगम की बसों में सभी पत्रकारों यानी मान्यता प्राप्त और गैर मान्यताप्राप्त पत्रकारों को नि:शुल्क यात्रा करने की सुविधा प्रदान करने, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए संचालित बसों में भी यह सुविधा प्रदान करने, पत्रकारों के लिए दिल्ली मेट्रो रेल में नि:शुल्क यात्रा की व्यवस्था करने, हरियाणा, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश आदि राज्यों की तरह दिल्ली के पत्रकारों को भी 60 वर्ष की आयु पूर्ण होते ही मासिक पेंशन प्रदान करने और दिल्ली में यह राशि 25000 तक निर्धारित करने की मांग उठाई।

इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली सरकार से सभी पत्रकारों (मान्यताप्राप्त, गैर मान्यताप्राप्त, डेस्क) के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों में अलग प्रेस पंजीकरण काउंटर बनाने, जांच केन्द्रों तथा दवाई काउंटर पर पत्रकारों के लिए अलग से खिडकी की व्यवस्था कराने और खिड़की के बाहर ‘पत्रकार’ शब्द अवश्य लिखे जाने की मांग की। इतना ही नहीं, दिल्ली में पत्रकारों के बैठने के लिए एक ‘पत्रकार भवन’ का निर्माण कराने और अकेली रहने वाली अथवा अविवाहित महिला पत्रकारों के लिए विशेष हॉस्टल का निर्माण कराने की मांग भी डीजेए ने मुख्यमंत्री के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सहमति जताई और शीध्र समाधान का आश्वासन दिया।

प्रतिनिधिमंडल में मनोहर सिंह के अलावा अमलेश राजू, राजेंद्र स्वामी, उमेश चतुर्वेदी, नेत्रपाल शर्मा, संतोष सूर्यवंशी, श्रीनाथ मेहरा, प्रतिभा शुक्ला, प्रेरणा कटियार, मिलन शर्मा, धर्मेद्र डागर,  प्रियरंजन और आशुतोष कुमार सिंह आदि शामिल थे।

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डॉक्टरेट की मानद उपाधि से सम्मानित होंगे ये वरिष्ठ पत्रकार

इस उपाधि के लिए 16 भारतीयों का किया गया है चुनाव, सात अक्टूबर को आयोजित समारोह में दी जाएगी यह उपाधि

Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Doctorate

दक्षिण अफ्रीका में जांबिया (Zambia) की लुसाका स्थिति ‘एसबुड यूनिवर्सिटी ‘ (YESBUD UNIVERSITY)  ने डॉक्टरेट की मानद उपाधि देने के लिए इस वर्ष 16 भारतीयों का चुनाव किया है। इनमें कई पत्रकार भी शामिल हैं। अगले माह सात अक्टूबर को यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित एक भव्य समारोह में सभी लोगों को यह डिग्री प्रदान की जाएगी। पत्रकारों को डॉक्टरेड की यह उपाधि पत्रकारिता के क्षेत्र में किए गए उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए दी जाएगी।

इस उपाधि के लिए चुने जाने वाले 16 भारतीयों में वरिष्ठ पत्रकार मधुकर उपाध्याय, सीएनएन टीवी-18 न्यूज चैनल के संपादक भूपेंद्र चौबे, टीवी पैनलिस्ट रमेश ठाकुर, वरिष्ठ महिला पत्रकार ऋचा अनिरुद्ध, इमरान खान, वरिष्ठ पत्रकार आलोक राजा, लोकसभा टीवी की कंसल्टेंट जागृति शुक्ला, जी सलाम उर्दू समाचार चैनल में सीनियर एंकर बुशरा खानम आदि का नाम शामिल है।

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अब इस यूनिवर्सिटी से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ में महानिदेशक रह चुके हैं केजी सुरेश

Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
KG SURESH

हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित ‘एपीजे सत्या यूनिवर्सिटी’ (Apeejay Stya University) ने देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश को मानद प्रोफेसर (Honorary Professor) के रूप में नियुक्त किया है। इस पद पर उनकी नियुक्ति एक साल (एक अगस्त 2019 से 31 जुलाई 2020) के लिए की गई है।

यह जिम्मेदारी दिए जाने के मौके पर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एसके सालवान, एमरेटस प्रोफेसर (Emeritus Professor) डॉ. श्रीधर राममूर्ति, एडवाइजर प्रोफेसर अशोक ओगरा, वरिष्ठ पत्रकार और स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन के डीन प्रोफेसर संजय अहिरवाल और एपीजे स्कूल ऑफ मैनेजमेंट के निदेशक (कार्यवाहक) प्रोफेसर अमित सरीन मौजूद रहे। बाद में केजी सुरेश ने  मास कम्युनिकेशन के विद्यार्थियों को संबोधित भी किया।

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दैनिक जागरण के पत्रकार से ठगी मामले में पुलिस ने लिया अब ये एक्शन

प्लाट दिलाने के नाम पर पत्रकार को बनाया ठगी का शिकार, प्लाट की बाउंड्री को भी आरोपितों ने तुड़वा दिया था

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Sachin Mishra

दैनिक जागरण के पत्रकार सचिन मिश्रा से प्लॉट के नाम पर साढ़े दस लाख रुपए की ठगी के मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की विजयनगर पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपित गौरव राणा और उसके भाई प्रदीप राणा को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपितों की गिरफ्तारी घटना के सात माह बाद हुई है। इस मामले में साहिद नामक आरोपित को पुलिस करीब दो माह पूर्व गिरफ्तार कर चुकी है, वह फिलहाल जेल में है। बताया जाता है कि ठगी करने वाले इस गिरोह का मास्टरमाइंड साहिद है। प्लॉट दिखाने से लेकर रजिस्ट्री कराने में उसकी अहम भूमिका रही थी। इस मामले का चौथा आरोपित महेश यादव अब तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है।

गौरतलब है कि सचिन मिश्रा से प्लाट के नाम पर साढ़े दस लाख रुपए की ठगी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में गाजियाबाद की विजयनगर पुलिस ने 13 मई को गौरव राणा, प्रदीप राणा, साहिद व महेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

एफआईआर के मुताबिक, गौरव राणा, प्रदीप राणा और साहिद ने गाजियाबाद में रानी लक्ष्मीबाई नगर, सुदामापुरी, डूंडाहेड़ा में प्लाट के नाम पर सचिन मिश्रा से साढ़े दस लाख रुपए ले लिए। 21 फरवरी, 2019 को गौरव ने सचिन मिश्रा की पत्नी रोहिणी मिश्रा के नाम पचास गज प्लाट की रजिस्ट्री कराई। इसके बाद 23 फरवरी को जब सचिन प्लाट की नींव भरवा रहे थे, तभी महेश यादव अपने हथियारबंद साथियों के साथ मौके पर पहुंच कर कहने लगा कि यह प्लाट मेरा है और उसने प्लाट का काम रुकवा दिया।

इस बीच, गत 16 मार्च को सचिन ने जिस प्लाट की बाउंडरी करवाई थी, उसे इन लोगों ने तुड़वा दिया। इसके बाद गौरव, प्रदीप, साहिद व महेश ने सचिन के प्लाट सहित करीब तीन सौ गज जमीन किसी और शख्स को बेच दी थी। अब सभी लोग मिलकर सचिन और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। सचिन ने प्लाट के पैसे वापस दिलवाने और अपने परिवार के जान-माल को सुरक्षित करने की मांग की थी। इस मामले को लेकर उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।

सचिन मिश्रा का आरोप है कि यह गिरोह अब तक कई लोगों को प्लॉट के नाम पर ठग चुका है। इन पर हत्या, जानलेवा हमला व ठगी सहित कई मामले भी पहले से दर्ज हैं। सभी खूंखार अपराधी व भूमाफिया हैं। ऊंची पहुंच के चलते गौरव व प्रदीप की अब तक गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। आखिरकार जब मामला ऊपर तक पहुंचा, तब जाकर इनकी गिरफ्तारी हुई।

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ताइक्वांडो प्रतियोगिता में चमका NDTV के पत्रकार का बेटा, मिली ये उपलब्धि

एसोसिएशन ऑफ स्पोर्ट्स प्रमोशन द्वारा दिल्ली स्थित कॉमनवेल्थ गेम्स स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में हुई थी प्रतियोगिता, पूर्व में भी दिखा चुके हैं अपना जौहर

Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Award

एसोसिएशन ऑफ स्पोर्ट्स प्रमोशन द्वारा नई दिल्ली स्थित कॉमनवेल्थ गेम्स स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स में आयोजित एम्एआरएस इंटरनेशनल द्वितीय ताईक्वांडो प्रमोशन कप 2019 में एनडीटीवी इंडिया के पत्रकार मुन्ने भारती के बेटे मुस्तफा अतहर ने अपना परचम लहराया है। नोएडा के सेक्टर 30 स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र और इंडो इंटरनेशनल ताइक्वांडो अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे मुस्तफा अतहर ने अंडर 22 केजी श्रेणी में गोल्ड हासिल किया है। इस प्रमोशन कप 2019 में एनसीआर के 10 स्कूलों सहित ताइक्वांडो क्लब के लगभग 250 बच्चों ने भाग लिया था।

मुस्तफा ने इसी महीने गौतमबुद्ध नगर (उत्तर प्रदेश) जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन द्वारा जीडी गोयनका इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित प्रथम स्कूल ताइक्वांडो एसोसिएशन चैम्पियनशिप में भी अंडर 22 केजी श्रेणी में गोल्ड हासिल किया था। इस प्रतियोगिता में लगभग 30 स्कूलों के 560 बच्चों ने भाग लिया था।

इंडो इंटरनेशनल ताइक्वांडो अकादमी के डायरेक्टर मास्टर शकील अहमद ने बताया कि इस वर्ष होने वाली प्रतियोगिताओं में अकादमी के छात्र-छात्राओं ने 10 गोल्ड , 9 सिल्वर के साथ 9 ब्रॉन्ज लेकर कामयाबी हासिल की है। इन प्रतियोगिताओं में अब्दुल्ला खान, आइमा खान, अब्दुल रहीम, अमन अहमद (गोल्ड), आयेशा शकील, मोहम्मद मुश्फ़िक़, अलीना खान (सिल्वर) और मोहम्मद अहमद, ताहा सिद्दीकी (ब्रॉन्ज) के अलावा अन्य छात्रों ने अपनी कामयाबी का परचम लहराया।

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'मैं गोबर का अनुवाद नहीं कर सकता और मैं स्वीकार नहीं कर सकता कि मिट्टी टेराकोटा है'

हिंदी में एक सहज आकर्षण है और इसे अन्य भाषाओं के शब्दों को बिना असुरक्षा के समायोजित करना चाहिए

Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Prasoon Joshi

दैनिक जागरण द्वारा हिंदी को समृद्ध और मजबूत बनाने की मुहिम 'हिंदी हैं हम' के तहत सानिध्य का आयोजन हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में किया गया। इस मौके पर विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने अपनी बात रखी। ऐसे ही एक सत्र ‘विज्ञापन की हिंदी’ में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने लेखक एवं पत्रकार अनंत विजय से बातचीत में कहा कि हिंदी में एक सहज आकर्षण है और इसे अन्य भाषाओं के शब्दों को बिना असुरक्षा के समायोजित करना चाहिए। शब्द संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं।

जोशी ने कहा, ‘मैं गोबर का अनुवाद नहीं कर सकता और मैं स्वीकार नहीं कर सकता कि मिट्टी टेराकोटा है। हिंदी भाषियों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि वे उन लोगों का उपहास न उड़ाएं जो इसे बोलने के लिए संघर्ष करते हैं। गलतियां होंगी, लेकिन वे अंततः सुधर जाएंगी। हिंदी को बेचारी के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि विज्ञापन के लिए लिखना एक चुनौती है। तुरंत मांग पर और भी मुश्किल होता है। विज्ञापन में बहुत ही कम शब्दों में आपको किसी वस्तु का महिमामंडन करना होता है, जो काफी चुनौतीपूर्ण होता है।

प्रसून जोशी का यह भी कहना था कि फिल्म उद्योग में कंटेंट की प्रामाणिकता का अभाव है। किसानों की दुर्दशा पर बनी फिल्मों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि  हमारे देश में जब तक किसान का बेटा किसानों पर फिल्म नहीं बनायेगा, तब तक किसानों का असली दर्द महसूस नहीं होगा। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माण को अधिक लोगों के लिए खोलकर 'लोकतांत्रिक' होना चाहिए। किसानों पर एक  फैंसी-ड्रेस वाला व्यक्ति फिल्म बनाकर न्याय कभी नहीं कर पाएगा।

इससे पहले कार्यक्रम के मुख्य अतिथि व केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने  दैनिक जागरण के 75 वर्ष की प्रगतिशील यात्रा पर एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। दिनभर चले विभिन्न सत्रों ‘हिंदी का भविष्य’, ‘रेडियो की हिंदी’,‘गांधी और हिंदी’, ‘हिंदी, समाज और धर्म’ में प्रो.सुधीश पचौरी, अब्दुल बिस्मिल्लाह, राम बहादुर राय,प्रो. आनंद कुमार, जैनेद्र सिंह, सच्चिदानंद जोशी, हंसराज कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रमा एवं रेडियो जॉकी दिव्या आदि वक्ता शामिल हुए।

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नए न्यूज पोर्टल ने दी दस्तक, ये है खासियत

लखनऊ विश्वविद्यालय के डीपीए सभागार में लॉन्चिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया

Last Modified:
Monday, 16 September, 2019
Web Portal

14 सितंबर को हिंदी दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश में पहली बार शिक्षा पर आधारित न्यूज पोर्टल ‘एजुकेशन बीट्स डॉट कॉम’ (www.educationbeats.com) लॉन्च हुआ। ब्लू बर्ड्स कम्युनिकेशन्स एण्ड मीडिया ग्रुप के तत्वावधान में इस पोर्टल की लॉन्चिंग लखनऊ विश्वविद्यालय के डीपीए सभागार में हुई। उत्तर प्रदेश सरकार के विधि एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक एवं बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सतीश द्विवेदी ने इसकी लॉन्चिंग की। कार्यक्रम की अध्यक्षता लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने की।

इस मौके पर एजुकेशन बीट्स डॉट कॉम की रेजिडेंट एडिटर दिव्या गौरव त्रिपाठी ने बताया कि यह एक ऐसा मंच है, जहां पर शिक्षक और विद्यार्थी अपनी रचनाएं प्रकाशित कराकर समाज में अपनी विशिष्ट पहचान बना पाएंगे। उन्होंने कहा,’ हमारा लक्ष्य विश्विद्यालय या कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थियों के बीच एक ब्रिज के रूप में काम करना है। छात्रों से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या को विश्वविद्यालय, कॉलेज प्रशासन और सरकार स्तर तक खबरों के माध्यम से पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।’

कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि सतीश द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा में गड़बड़ियों को रोकने के क्षेत्र में यह कदम बेहद सराहनीय है। एजुकेशन बीट्स के माध्यम से युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है। मुख्य अतिथि ब्रजेश पाठक ने कहा कि कई बार छात्रों को अपनी शिक्षा के दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उनकी परेशानियों को इस न्यूज पोर्टल के माध्यम से सरकार तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इससे सरकार छात्रों के लिए और अधिक बेहतर ढंग से काम कर सकेगी। 

विशिष्ट अतिथि श्याम शंकर उपाध्याय (पूर्व राज्यपाल एवं उत्तर प्रदेश के विधिक सलाहकार) ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बहुत बड़ी पहल है। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. अकील अहमद ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर काम करने की जरूरत है। यह पोर्टल शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के क्षेत्रीय संगठन मंत्री रमेश गढ़िया ने कहा कि इससे शिक्षा प्रणाली में बेहतर काम हो सकेगा। लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि पढा़ई के दौरान बहुत सी समस्याएं आती हैं और हमें ऐसे न्यूज पोर्टल की सराहना करनी चाहिए। वेबसाइट की लॉन्चिंग कार्यक्रम में ब्लू बर्ड्स कम्युनिकेशन्स एण्ड मीडिया ग्रुप की तरफ से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से अपना योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया।

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जब महात्मा गांधी बोले- अगर एक दिन के लिए तानाशाह बना, तो करूंगा ये काम

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में किया गया कार्यक्रम का आयोजन, जुटे पत्रकारिता व साहित्य जगत के कई दिग्गज

Last Modified:
Saturday, 14 September, 2019
Dainik Jagran

हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर दैनिक जागरण द्वारा हिंदी को समृद्ध और मजबूत बनाने की मुहिम 'हिंदी हैं हम' के तहत सानिध्य का आयोजन दिल्ली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय थे। उन्होंने दैनिक जागरण के 75 वर्ष की प्रगतिशील यात्रा पर एक विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसके बाद विभिन्न सत्रों में प्रसून जोशी, प्रो.सुधीश पचौरी, अब्दुल बिस्मिल्लाह, राम बहादुर राय, प्रो. आनंद कुमार, जैनेद्र सिंह, सच्चिदानंद जोशी एवं रेडियो जॉकी दिव्या आदि वक्ता शामिल हुए।

‘गांधी और हिंदी’ सत्र में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष राम बहादुर राय ने कहा, ‘महात्मा गांधी ने हिंदी के लिये जो किया, वह आज लोगों की नजरों से ओझल हो गया है। हमें आज यह जानने की आवश्यकता है कि गांधी जी ने हिंदी के लिये प्रचंड आन्दोलन किए। गांधी जी कहा था कि अगर मुझे एक दिन के लिये तानाशाह बना दिया जाए तो मैं हिंदी को राष्ट्रभाषा बना दूंगा। महात्मा गांधी ने दक्षिणी एवं पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिये कई कार्य किए।’

वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी ने कहा, ‘गांधी जी ने हिंदी के लिये क्या-क्या किया, हिंदी उनकी आत्मा के कितने करीब थी, आज ये बातें बहुत कम होती हैं।’ समाजशात्री प्रो. आनन्द कुमार ने कहा, ’भाषा की अपनी राजनीति और राजनीति की अपनी एक भाषा होती है। गांधी जी जब दक्षिण अफ्रीका से भारत आए तो उनका एक सपना था कि भारत की एक राष्ट्रभाषा होनी चहिए। उन्होंने कहा था कि भारतीय संस्कृति के हिसाब से हिंदी भाषा भारत की एकता बनाए रखेगी।’ इसके बाद हुए सत्र ‘हिंदी,समाज और धर्म’ में प्रसिद्ध उपन्यासकार अब्दुल बिस्मिल्लाह ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा, ’भाषा किसी जाति,धर्म अथवा देश की नहीं होती है। हिंदी हिंदू की भाषा और उर्दू मुस्लिम की भाषा का खेल अंग्रेजों द्वारा खेला गया था। कैसे अंग्रेजों ने सर सयद और भारतेंदु हरीश चंद्र के बीच इस भाषा का खेल खेला, वह जगजाहिर है।

’हिंदी साहित्यकार, आलोचक एवं विश्लेषक सुधीश पचौरी ने कहा, ’भाषा पहले आयी और धर्म बहुत बाद में और भाषा का किसी धर्म विशेष कोई संबंध नहीं है। हिंदी की आज अपने ही क्षेत्र में बड़ी दयनीय दशा है। हिंदी के पीछे कोई नहीं खड़ा है। हिंदी केवल बाजार के रूप में रह गई है। हिंदी कवि और लेखक भी आज उन्हें हिंदी कवि और लेखक कहने पर शर्म महसूस करते हैं। ऐसा क्यों हो रहा है? आपको किसी सत्ता और व्यक्ति विशेष से नफरत है तो क्या उसके लिये आप अपनी मातृभाषा से नफरत करने लगोगे? हिंदी जैसी भी है, हमारी मातृभाषा है, हां हिंदी मिलावटी है। भाषा और संस्कृति दोनों ही मिलावट के बिना नहीं चल सकते हैं।’ हंसराज कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रमा ने कहा, ‘आज हिंदी के पीछे खड़े होने की नहीं, हमें हिंदी के साथ चलने की जरूरत है। हर धर्म एक ही बात सिखाता है कि हम सब में एकता होनी चहिए।’

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