इस खतरनाक बीमारी से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हारीं वरिष्ठ पत्रकार राखी चक्रवर्ती

‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के कोलकाता एडिशन में असिस्‍टेंट एडिटर राखी चक्रवर्ती...

Last Modified:
Tuesday, 06 June, 2017
Samachar4media

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।


‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के कोलकाता एडिशन में असिस्‍टेंट एडिटर राखी चक्रवर्ती का एक साल से ज्यादा समय तक फेंफड़े के कैंसर से मुकाबला करने के बाद चार जून को निधन हो गया। शहर के एक निजी कैंसर अस्‍पताल में उन्‍होंने अंतिम सांस ली। वह 45 साल की थीं। उनके घर में अभिभावक और दो बहनें हैं।


राखी काफी साहसी पत्रकार थीं, जिन्‍होंने क्राइम से लेकर पॉलिटिक्‍स तक कई बीट पर काम किया। राखी ने करीब पांच साल ‘टाइम्‍स ऑफ इंडिया’ के दिल्‍ली एडिशन के साथ ही इस ग्रुप के अखबार ‘मुंबई मिरर’ में भी काम किया। इसके अलावा भी उन्‍होंने कई अखबरों और टीवी चैनलों में भी काम किया था।


जिन लोगों ने राखी के साथ काम किया है, वे उन्‍हें काफी बेहतरीन पत्रकार के रूप में याद करते हैं। उनके लेखन में हमेशा मजबूरों अथवा वंचितों के लिए सह्दयता रहती थी और वे हमेशा सच के साथ खड़ी होती थीं।


‘टॉइम्‍स ऑफ इंडिया’ के दिल्‍ली ऑफिस में राखी ने टाइम्‍स न्‍यूज नेटवर्क डेस्‍क पर काम करने के साथ-साथ नेशनल ब्‍यूरो के लिए भी स्‍टोरी लिखीं। उन्‍होंने कभी भी अपने काम से समझौता नहीं किया और डबल शिफ्ट में काम करती रहीं। यही नहीं, हालात कैसे भी विषम हों, वह रिपोर्टिंग से कभी पीछे नहीं हटती थीं, फिर चाहे वह नंदीग्राम अथवा मुजफ्फरनगर की हिंसा हो अथवा छत्‍तीसगढ़ में माओवादियों का इलाका, वह हमेशा रिपोर्टिंग के लिए तैयार रहती थीं।


यही नहीं, निजी जीवन में भी वह काफी बहादुर थीं। राखी के साहस को याद करते हुए पुलिस अधिकारी बताते हैं कि एक बार किसी सड़कछाप बदमाश ने साइकिल रिक्‍शा से जाते समय राखी का बैग झपट लिया था, तब राखी ने उसे पकड़ लिया था। यहां तक कि उस दौरान वह काफी दूर तक घिसटती हुई चली गई थीं। इसके बाद राखी ने खुद को संभाला और काम पर वापस चली गईं।


राखी को फरवरी 2016 में फेंफड़ों के कैंसर का पता चला था और तब से ही वह इससे उसी साहस के साथ जूझ रही थीं। यहां तक कि अस्‍पताल के डाक्‍टर भी उनके साहस को देखकर आश्‍चर्यच‍कित थे। लेकिन वह हमेशा मुस्‍कुराते हुए कहती थीं कि यही उनका स्‍वभाव है। काम के अलावा राखी को उर्दू कविताओं और मुशायरों में विशेष दिलचस्‍पी थी।


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टकराव के बढ़ते मामले रोकने के लिए सफदरजंग अस्पताल ने अपनाया ये तरीका

अस्पताल में आए दिन मरीजों, तीमारदारों व डॉक्टरों के बीच टकराव व तनाव के मामलों को देखते हुए लिया निर्णय

Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Safdarjung Hospital

अस्पतालों में आए दिन मरीजों-उनके तीमारदारों व डॉक्टरों के बीच टकराव व तनाव के मामले सामने आते रहते हैं। इन घटनाओं को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल में नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत अस्पताल में बुधवार को अस्पताल प्रशासन और स्वयंसेवी संस्था ‘आओ साथ चलें’ ने मिलकर काउंसलिंग सेवा शुरू की है।

इसके तहत अस्पताल में कई जगहों पर हेल्प कियोस्क लगाए गए हैं, जिनमें काउंसलर मौजूद रहेंगे और अस्पताल में आने वाले मरीजों और परिजनों की काउंसलिंग करेंगे, ताकि डॉक्टरों और मरीजों के बीच आपसी समझ को बढ़ाया जा सके।

अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुनील गुप्ता का कहना है कि अस्पताल में रोजाना लगभग 50 हजार मरीज आते हैं। उपलब्ध संसाधनों में अस्पताल द्वारा मरीजों का बेहतर उपचार करने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई बार गलतफहमी व आपसी संवाद में कमी की वजह से डॉक्टर और मरीजों के बीच तनाव हो जाता है। अस्पताल में इस तरह की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए ही काउंसलिंग सेवा शुरू की गई है। सफदरजंग अस्पताल में इस कार्यक्रम के संचालक डॉ. अनिल गोयल ने बताया कि काउंसलर को अस्पताल प्रशासन के साथ ही डॉक्टरों की टीम अपना सहयोग देगी। अस्पताल के डॉक्टर्स द्वारा काउंसलर्स को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

वहीं, ‘आओ साथ चलें’ संस्था के राष्ट्रीय संयोजक विष्णु मित्तल का कहना है कि अभी दस काउंसलर नियुक्त किए गए हैं और धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि संस्था की ओर से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मरीजों की मदद के लिए अस्पताल प्रशासन के साथ मिलकर पहले से ही काम किया जा रहा है। वहां ओपीडी और इमरजेंसी के अलावा कैंसर वार्ड में मरीजों की सहायता के लिए वॉलिंटियर्स की तैनाती की गई है।

इस सेवा के उद्घाटन कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांतीय कार्यवाह भारत भूषण ने इस पहल से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने का आह्वान किया। वहीं, आरएसएस के दिल्ली प्रचार प्रमुख रितेश अग्रवाल ने कहा कि इस अभियान को धीरे-धीरे दिल्ली के सभी अस्पतालों में शुरू किया जाना चाहिए। कार्यक्रम में भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष मोनिका पंत, आरके पनपालिया, सुनील मित्तल सहित स्वयंसेवी संस्था से जुड़े लोग और सफदरजंग अस्पताल के विभिन्न विभागों के एचओडी उपस्थित थे।

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रामनाथ गोयनका लेक्चर की तिथि घोषित, ये होंगे मुख्य वक्ता

दिल्ली के ‘द ग्रांड बालरूम’ होटल में आयोजित किया जाएगा कार्यक्रम

Last Modified:
Wednesday, 13 November, 2019
Indian Express

इंडियन एक्सप्रेस समूह की ओर से चौथे ‘रामनाथ गोयनका लेक्चर’ (The Fourth Ramnath Goenka Lecture) का आयोजन दिल्ली में 14 नवंबर को किया जाएगा। ‘द ग्रांड बालरूम’ (The Grand Ballroom) होटल में होने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ‘BEYOND THE DELHI DOGMA: INDIAN FOREIGN POLICY IN A CHANGING WORLD’ पर अपने विचार रखेंगे।  

शाम छह बजे से कार्यक्रम के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के बाद शाम सात बजे से लेक्चर शुरू होगा। इसके बाद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के कंट्रीब्यूटिंग एडिटर और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एशियन स्टडीज के डायरेक्टर  डॉ. सी राजामोहन के साथ परिचर्चा होगी।

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सरकार के इस कदम के विरोध में एकजुट हुए पत्रकार, किया प्रदर्शन

प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों ने हाथों में नारे लिखी हुई तख्तियां भी ले रखी थीं

Last Modified:
Tuesday, 12 November, 2019
Media

कश्मीर में इंटरनेट सेवा पर प्रतिबंध लगाए जाने के विरोध में कश्मीरी पत्रकारों के एक संगठन ने मंगलवार को श्रीनगर प्रेस क्लब में प्रदर्शन किया। इस दौरान पत्रकारों ने अपने हाथों में लैपटॉप के साथ तख्तियां भी ले रखी थीं, जिन पर नारे लिखे हुए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकारों का कहना था कि इलाके में इंटरनेट सेवाएं करीब 100 दिनों से बंद हैं। ऐसे में यहां के पत्रकार काफी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। गौरतलब है कि कश्मीर में पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से वहां बॉडबैंड और मोबाइल इंटरनेट पर रोक लगी हुई है। सरकार ने पत्रकारों के लिए एक मीडिया सेंटर स्थापित किया है, लेकिन पत्रकार हाईस्पीड ब्रॉडबैंड की बहाली की मांग कर रहे हैं।

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TOI के पूर्व पत्रकार आरसी श्रीवास्तव ने दुनिया को कहा अलविदा

लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे। लखनऊ स्थित अपने आवास पर ली अंतिम सांस

Last Modified:
Tuesday, 12 November, 2019
Death

वरिष्ठ पत्रकार और लखनऊ में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के विशेष संवाददाता रहे आरसी श्रीवास्तव का निधन हो गया है। उन्होंने सोमवार की रात 3/5, ऑफिसर्स कॉलोनी कैसरबाग, लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर अंतिम सांस ली।

करीब 80 वर्षीय आरसी श्रीवास्तव लंबे समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार की दोपहर बाद बैकुंठधाम में किया जाएगा। आरसी श्रीवास्तव के परिवार में पत्नी, एक बेटा व एक बेटी है।

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नहीं रहे दैनिक जागरण से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आरके वर्मा, अंतिम संस्कार आज

काफी समय से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे आरके वर्मा। इन दिनों बेटे के पास गुरुग्राम में रह रहे थे

Last Modified:
Tuesday, 12 November, 2019
RK Verma

'दैनिक जागरण' से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आरके वर्मा का सोमवार को निधन हो गया है। 60 वर्षीय आरके वर्मा करीब एक साल से ब्रेन ट्यूमर से जूझ रहे थे। मंगलवार की सुबह करीब दस बजे मदनपुरी में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

मूलरूप से फर्रुखनगर (गुरुग्राम) के रहने वाले आरके वर्मा 'दैनिक जागरण' से करीब 20 साल से जुड़े हुए थे और बतौर संवाद सहयोगी फर्रुखनगर से खबरें कवर करते थे। इन दिनों वह अपने बेटे के पास गुरुग्राम में रह रहे थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।

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इकनॉमिक टाइम्स के कंसल्टिंग एडिटर अभीक बर्मन के बारे में आई ये बुरी खबर

बर्मन ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1993 में ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ अखबार से बतौर फीचर राइटर की थी

Last Modified:
Monday, 11 November, 2019
Abheek Barman

वरिष्ठ पत्रकार और ‘इकनॉमिक टाइम्स’ के कंसल्टिंग एडिटर अभीक बर्मन का रविवार को निधन हो गया है। बर्मन ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1993 में ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ अखबार से बतौर फीचर राइटर की थी। इसके बाद उन्होंने 'इकनॉमिक टाइम्स' का दामन थाम लिया।

बाद में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में बतौर एडिटर (स्पेशल प्रोजेक्ट्स) उन्होंने अपनी जिम्मेदारी संभाली। पत्रकार के साथ-साथ बर्मन एक अच्छे लेखक भी थे। बर्मन ने कोलकाता के ‘प्रेजिडेंसी कॉलेज’ से स्नातक की पढ़ाई की थी। इसके बाद उन्होंने ‘दिल्ली स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स’ से मास्टर्स डिग्री ली थी।

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राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी को मातृशोक

वह 90 साल की थीं। रविवार की शाम जयपुर स्थित आदर्शनगर मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया

Last Modified:
Monday, 11 November, 2019
Kanchan Devi

राजस्थान पत्रिका समूह के प्रधान संपादक गुलाब कोठारी की मां कंचन देवी कोठारी का निधन रविवार की दोपहर हो गया। वह 90 साल की थीं। कंचन देवी राजस्थान पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चन्द्र कुलिश की धर्मपत्नी पत्नी थीं।

रविवार की शाम जयपुर स्थित आदर्शनगर मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनकी अंतिम यात्रा में तमाम पत्रकारों समेत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी मौजूद रहीं।

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MEET AT AGRA: इस तरह कम लागत में भी कर सकते हैं बेहतर कमाई

आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दूसरे दिन फुटवियर ट्रेनिंग प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को मिली स्वरोजगार की प्रेरणा

Last Modified:
Saturday, 09 November, 2019
Agra Meet

सींगना गांव में बने अत्याधुनिक आगरा ट्रेड सेंटर में आगरा फुटवियर मैन्युफैक्चरर्स एंड एक्सपोर्टर्स चैंबर यानी एफमैक द्वारा तीन दिवसीय लेदर, फुटवियर कॉम्पोनेंट्स एवं तकनीकी मेला के 13वें संस्करण का आयोजन किया जा रहा है। इसमें दूसरे दिन शनिवार को हुए तकनीकी सत्र में सेंट्रल फुटवियर ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट, फुटवियर डिजाइन एवं डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट, हिंदुस्तान कॉलेज, डॉ एमपीएस और उत्तम इंस्टीट्यूट के इंजीनियरिंग एवं प्रबंधन के छात्र-छात्राओं को जीवन में आगे बढ़ने के संदेश के साथ साथ स्वरोजगार लगाने की प्रेरणा दी गई।

एफमैक के प्रेजिडेंट पूरन डावर ने कहा कि पढ़ाई-लिखाई से मसाज वाले स्पा सेंटर, दर्जी ड्रेस डिजायनर और मोची शू रिपेयर क्लीनिक खोल रहे हैं। ऐसे ही आप भी पढ़-लिखकर अपने काम को आकर्षक स्वरोजगार में बदल सकते हैं। याद रखें, कोई भी काम छोटा नहीं होता। एक साइकिल पर आप मॉडल टी शॉप भी खोलकर ठीकठाक पैसा कमा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ ज्ञान का माध्यम है। इस ज्ञान से नौकरी देने वाले बनें। मात्र पांच लाख रुपए से शू बैग बनाने की मशीन लगाकर अच्छा कमाया जा सकता है।

पूरन डावर ने राम मंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णय की सराहना करते हुए और इस निर्णय पर सबको बधाई देते हुए स्पष्ट किया कि इसी निर्णय के मद्देनजर शनिवार को मंत्रियों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ होने वाले पैनल डिस्कशन स्थगित कर दिए गए।

इससे पूर्व, इस तकनीकी सत्र का दीप जलाकर मुख्य अतिथि व राज्यमंत्री डॉ. जीएस धर्मेश ने विधिवत शुभारंभ किया। डॉ. धर्मेश ने कहा कि इस तरह के इंटरनेशनल फेयर से यहां की स्थापित जूता इकाइयों का विस्तार होगा। छोटी इकाइयों को मदद मिलेगी। नई तकनीकी का लाभ जूता उद्योग को मिलेगा और विश्व में आगरा के जूते की मांग बढ़ेगी, खपत बढ़ेगी। साथ ही साथ कौशल विकास में ट्रेनिंग लेने वाले विद्यार्थियों को भी यहां बहुत कुछ सीखने और समझने का अवसर मिल रहा है। उनका कहना था कि हुनरमंद विद्यार्थी जब फैक्ट्री चलाएंगे तो देश की आर्थिक तरक्की सुनिश्चित होगी। भारत सरकार की कौशल विकास, स्किल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्मार्ट इंडिया की योजनाएं बेरोजगारी को खत्म कर स्वरोजगार के लिए नए रास्ते बना रही हैं। इन योजनाओं का नई पीढ़ी को लाभ मिलेगा।

सेंट्रल फुटवियर ट्रेंनिंग इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर सनातन साहू ने छात्र छात्राओं को ज्ञान और कठिन मेहनत से मंजिल पाने की सीख दी। स्पेन के एंटोन्यू ने रैड 21 कंपनी का प्रेजेंटेशन दिया। स्पेन के ही लोरेंजो ने पॉल केमिकल कंपनी द्वारा शू फिनिशिंग की जानकारी दी। प्रोविडेंट फंड कमिश्नर राजीव कुमार पाल ने मीट एट आगरा जैसे विश्व स्तरीय ट्रेड फेयर की सराहना की। चम्बल के डिस्ट्रिक फॉरेस्ट ऑफिसर आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि हम पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन जूता उद्योग पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करता। आगरा ट्रेड सेंटर ईको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत आता है, पर ऐसे आयोजन पर्यावरण को प्रदूषित नहीं करते। अब यूं तो नेशनल हाईवे टू से सर्वाधिक ध्वनि वायु प्रदूषण होता है तो क्या इस मार्ग को बंद कर देना चाहिए? नहीं..

उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण का संरक्षण करते हुए उद्योग धंधों का भी लगातार विकास करना है। ‘ताज ट्रिपेजियम जोन’(टीटीजेड) के सदस्य व पूर्व विधायक केशो मेहरा ने कहा कि जूता फैक्ट्री धूल के कण पैदा नहीं करती। 8 सितंबर 2016 को सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध तदर्थ रोक का आदेश एनवायरमेंट प्रोटक्शन रूल्स के भी विरुद्ध है। इस संबंध में शीघ्र ही प्रधानमंत्री स्तर पर बातचीत करके समस्या का हल निकाला जाएगा।

तकनीकी सत्र का संचालन एडमिन व ईवेंट को-ऑर्डिनेटर चंद्रशेखर ने किया। उपाध्यक्ष राजेश सहगल ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान अध्यक्ष पूरन डावर, महासचिव राजीव वासन, कन्वीनर कैप्टन एएस राणा, उपाध्यक्ष गोपाल गुप्ता, सचिव ललित अरोरा व कार्यकारिणी सदस्य सुनील मनचंदा प्रमुख रूप से शामिल रहे। आयोजन का प्रबंधन मनीष अग्रवाल के निर्देशन में रावी इवेंट की पूरी टीम ने संभाला।

प्रदर्शनी पर लगा रहा विजिटर्स का तांता..

मीट एट आगरा के दूसरे दिन भी भारत के विभिन्न शहरों और चीन, ब्राजील, अर्जेंटीना, ताइवान, जर्मनी, इटली, स्पेन व हांगकांग समेत 10 देशों के जूता उद्योग से जुड़े 220 एक्जीबिटर्स द्वारा 225 से अधिक स्टाल पर 150 कंपनियों के उत्पाद, मशीनरी व तकनीकी की जानकारी ली गई। सुबह से देर शाम तक आगरा व आस पास से सैकड़ों विजिटर्स का सिलसिला लगातार चलता रहा। वहीं स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक और डाकघर द्वारा लगाए गए स्टॉल्स पर भी लोग जानकारियां जुटाते रहे। अशफाक अहमद और दुबई से आए तौफीक अहमद ने भी स्टॉल्स पर जानकारियां जुटाईं।

शू रिपेयर क्लीनिक रहा आकर्षण का केंद्र..

लेदर सेक्टर स्किल काउंसिल व सीएफटीआई की मदद से स्किल इंडिया के तहत मोची स्वाभिमान स्कीम शुरू की गई है। इस स्कीम में तैयार किया गया शू रिपेयर क्लिनिक यानी ई रिक्शा मीट एट आगरा में सबके आकर्षण का केंद्र रहा। खास बात यह रही कि इस वाहन पर बैठकर एफमैक के प्रेसिडेंट पूरन डावर ने भी स्वयं अपने हाथों से जूतों पर पालिश करके सभी को अपनी विनम्रता का और जमीन से ऊंचाई तक जाने का संदेश दिया।

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वरिष्ठ पत्रकार गीतेश्वर प्रसाद के काम को मिली नई पहचान, इस मंच पर होगा सम्मान

पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए 17 नवंबर को मुंगेर नगर भवन में आयोजित एक समारोह में दिया जाएगा यह सम्मान

Last Modified:
Saturday, 09 November, 2019
Giteshwar

पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए ‘हिन्दुस्तान’ के भागलपुर संस्करण में स्थानीय संपादक गीतेश्वर प्रसाद सिंह को ‘आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र राष्ट्रीय सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान 17 नवंबर को मुंगेर नगर भवन में आयोजित आचार्य लक्ष्मीकांत मिश्र स्मृति समारोह में पद्मभूषण परमहंस स्वामी निरंजनानंद सरस्वती जी द्वारा दिया जाएगा।

गीतेश्वर प्रसाद सिंह को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब ढाई दशक का अनुभव है। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्त्र में एमए और पूर्वांचल विश्वविद्यालय से हिंदी में एमए तक की पढ़ाई की है। ‘हिन्दुस्तान’ से पहले वह ‘पंजाब केसरी’,’ दैनिक जागरण’ और ‘अमर उजाला’ में प्रमुख जिम्मेदारी निभा चुके हैं। गीतेश्वर प्रसाद सिंह की पत्रकारिता के साथ-साथ साहित्य में गहरी रुचि है। वह गजलें लिखने के शौकीन भी हैं। दूरदर्शन और आकाशवाणी से इनकी कई रचनाएं प्रसारित हुई हैं।

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इस सम्मान से नवाजे जाएंगे पत्रकार अभिमन्यु कुमार साहा

पटना के गांधी मैदान में चल रहे पुस्तक मेला में की गई घोषणा

Last Modified:
Saturday, 09 November, 2019
Abhimanyu Kumar Saha

बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आठ नवंबर से पुस्तक मेला शुरू हो गया है। करीब दस दिनों तक चलने वाले इस मेले के उद्घाटन समारोह में संस्कृति, साहित्य व पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने वाले युवाओं के लिए पुरस्कारों की घोषणा भी की गई।

इसमें साहित्य के क्षेत्र में मिलने वाला विद्यापति पुरस्कार अणुशक्ति सिंह, रंगमंच के क्षेत्र में दिए जाने वाला भिखारी ठाकुर पुरस्कार चंदन वत्स, कला के क्षेत्र में यक्षिणी पुरस्कार मूर्तिकला के युवा कलाकार पिंटू प्रसाद को दिया जाएगा। इसके साथ ही उत्कृष्ट पत्रकारिता के लिए बीबीसी दिल्ली के पत्रकार अभिमन्यु कुमार साहा को पत्रकारिता पुरस्कार दिया जाएगा।

फिल्म समीक्षक विनोद अनुपम ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। बता दें कि पुस्तक मेले में प्रति वर्ष साहित्य, कला, रंगमंच और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। विनोद अनुपम ने बताया कि मेले के समापन पर इन लोगों को पुरस्कृत किया जाएगा।

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