जानें, आखिर क्यों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है पत्रकार की शादी का कार्ड

अपनी शादी के कार्ड को लेकर एक टीवी पत्रकार आजकल सोशल मीडिया पर खूब...

Last Modified:
Tuesday, 05 March, 2019
Journalist

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

अपनी शादी के कार्ड को लेकर एक टीवी पत्रकार आजकल सोशल मीडिया पर खूब छाये हुए हैं। दरअसल, ‘जी मीडिया’ (Zee Media) में कार्यरत पत्रकार सोनू शर्मा ने 27 मार्च को होने वाली अपनी शादी के लिए जो कार्ड छपवाया है, वह पूरा हरियाणवी भाषा में है।

‘जी मीडिया’ में काम करने से पहले सोनू शर्मा ‘इंडिया न्यूज’, ‘सिटिज़न वॉइस’,  ‘ख़बर फ़ास्ट’, ‘ओके इंडिया’, ‘खबरें अभी तक’, ‘सीसीएन डेन’, ‘हरियाणा न्यूज़’ और ‘सहारा समय’ में भी काम कर चुके हैं।

हरियाणा के हिसार जिले में गांव भाटोल के रहने वाले सोनू शर्मा ने वर्ष 2014 में दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। सोनू समय-समय पर विभिन्न अखबारों में लेख और ब्लॉग हरियाणवी बोली पर लिखते रहते हैं, इसलिए इन्होंने अपनी शादी का कार्ड भी हरियाणवी भाषा में छपवाने का फैसला किया।

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कवरेज के दौरान फोटो जर्नलिस्ट के साथ हुआ कुछ ऐसा, चली गई जान

चित्तूर में चल रहे गंगम्मा जात्रा उत्सव में कवरेज के लिए गए थे अनंत पद्मनाभम

Last Modified:
Thursday, 16 May, 2019
Photo Journalist

करंट लगने से फोटो जर्नलिस्ट की मौत का मामला सामने आया है। मामला आंध्रप्रदेश के नेल्लोर जिले का है। बताया जाता है कि अनंत पद्मनाभम उर्फ आनंद नामक फोटो जर्नलिस्ट चित्तूर में चल रहे गंगम्मा जात्रा उत्सव में कवरेज के लिए गए थे। तभी अचानक वे करंट की चपेट में आ गए। झुलसी हालत में अनंत पद्मनाभम को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। अनंत पद्मनाभम की मौत पर आंध्र प्रदेश फोटो जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने शोक जताते हुए उनके परिजनों के साथ हमेशा खड़े रहने का आश्वासन दिया है।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

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इतनी कम उम्र में चले गए दैनिक जागरण के पत्रकार लोकेश प्रताप सिंह

कई पत्रकारों ने लोकेश प्रताप के निधन पर सोशल मीडिया पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है

Last Modified:
Wednesday, 15 May, 2019
Lokesh Pratap

पत्रकार लोकेश प्रताप सिंह का आकस्मिक निधन हो गया है। वह इन दिनों कैंसर से जूझ रहे थे। लंबे समय से दैनिक जागरण से जुड़े लोकेश प्रताप इन दिनों मुख्य उप संपादक के तौर पर बरेली में प्रादेशिक (पीलीभीत, शाहजहांपुर व बदांयू) डेस्क का प्रभार संभाल रहे थे। उन्हें पिछले साल ही यह बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी। इससे पहले वह पीलीभीत में ब्यूरो प्रमुख के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे। इससे पहले कानपुर में भी वह प्रादेशिक प्रभारी की जिम्मेदारी निभा चुके थे। यही नहीं, बदायूं में ब्यूरो चीफ के रूप में भी उन्होंने अपनी कलम की धार से पत्रकारिता जगत में अपनी खास पहचान बना रखी थी।

करीब दो साल पूर्व केंद्रीय महिला कल्याण एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने लोकेश प्रताप सिंह को राष्ट्रीय जनसहयोग एवं बाल विकास संस्थान (निपसिड) का वाइस चेयरमैन नियुक्त किया था। लोकेश प्रताप इससे पहले भी अटल सरकार में स्वास्थ्य मंत्रालय की राजभाषा समिति में सलाहकार रह चुके थे। पत्रकारिता के साथ ही सामाजिक सरोकार से जुड़े विषयों पर उनका व्यापक और प्रभावी योगदान रहता था। लोकेश प्रताप सिंह ने अपनी लेखनी के दम पर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी छवि बनाई हुई थी। उनके निधन से पत्रकार जगत में शोक की लहर है। कई पत्रकारों ने लोकेश प्रताप के निधन पर सोशल मीडिया पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त कर उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

लोकेश प्रताप के निधन पर दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार और मुंबई के ब्यूरो प्रमुख ओम प्रकाश तिवारी ने भी अपने फेसबुक पेज पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा है,’ लोकेश अपने आप में एक संस्था थे। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अयोध्या में पहली बार मुलाकात हुई थी उनसे। 17-18 वर्ष का दुबला-छरहरा सा एक लड़का। लेकिन तेजतर्रार इतना कि उस दौरान अयोध्या में उस आंदोलन की एक महत्त्वपूर्ण कड़ी बन गया था। विश्व हिंदू परिषद के विश्व संवाद केंद्र में वह महत्त्वपूर्ण जिम्मेदारी निभा रहे थे। याददाश्त इतनी गजब कि पूछिए मत।आज के 'जनपथ' की तरह उन दिनों 'राष्ट्रधर्म' पत्रिका में मेरा एक स्तंभ प्रकाशित होता था - 'मासिक चुटकियाँ'। उस स्तंभ की दर्जनों चुटकियां लोकेश आज 30 साल बाद भी धाराप्रवाह सुना सकते थे।

2014 में जब मुंबई में उत्तर प्रदेश डेवलपमेंट फोरम (UPDF) का पहला कार्यक्रम किया तो सांसद लल्लू सिंह को मुंबई लाने का पूरा श्रेय लोकेश को ही जाता है। लल्लू सिंह को वह आने के लिए राजी नहीं करते तो शायद वह कार्यक्रम ही नहीं होता और यूपीडीएफ के आगे के कार्यक्रम भी नहीं होते। गंगा के प्रति उनका समर्पण भी अद्भुत था।

दैनिक जागरण के पीलीभीत ब्यूरो प्रमुख रहते हुए उन्होंने जागरण के ही बैनर को आगे रखते हुए गंगा स्वच्छता के लिए जिस प्रकार के गंभीर प्रयास किए, यदि उसे मॉडल बनाकर गंगा किनारे के शहरों/कस्बों में कार्यरत पत्रकार सक्रिय हो जाएं तो गंगा मैया को साफ करने के लिए किसी और प्रयास की जरूरत ही नहीं रह जाएगी। ऐसे कर्मठ युवा के जाने की उम्र तो कतई नहीं थी अभी। लेकिन ईश्वर भी कर्मठों को ही जल्दी याद करता है। वह कैंसर से जीत न सके। उनके परिवार पर तो यह वज्रपात है ही, हम सबके लिए भी उनका असमय अवसान एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर उनके परिवार को यह दुख सहने की क्षमता प्रदान करें और लोकेश की आत्मा को अपने चरणों में स्थान दें। ऊँ शांति शांति शांति।’

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इस हादसे ने छीन ली पत्रकार समेत चार लोगों की जिंदगी

इलाज के लिए रिश्तेदार को कार से मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे पत्रकार अरविंद उपाध्याय

Last Modified:
Tuesday, 14 May, 2019
Arvind Updahyay

सड़क हादसे में कार सवार पत्रकार समेत चार लोगों की मौत हो गई। उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर के सम्मनपुर क्षेत्र में खपुरा के पास मंगलवार को हुए इस हादसे में जान गंवाने वालों में सेना के एक रिटायर्ड कैप्टन, उनकी पत्नी और कार का चालक भी शामिल है। हादसे में पत्रकार समेत चार लोगों की मौत के बाद परिजनों के साथ ही पत्रकार बिरादरी में शोक व्याप्त है।

बताया जाता है कि जलालपुर क्षेत्र के बड़ेपुर निवासी कैप्टन (रिटायर्ड) लक्ष्मीकांत (65) पुत्र केदारनाथ उपाध्याय की तबीयत खराब चल रही थी। लक्ष्मीकांत के रिश्तेदार व पड़ोसी जिला जौनपुर निवासी पत्रकार अरविंद उपाध्याय (45) बड़ेपुर आकर लक्ष्मीकांत को दिखाने के लिए कार से जिले के मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर जा रहे थे। कार में उनके साथ लक्ष्मीकांत की पत्नी कांति उपाध्याय (62) भी थीं और कार बड़ेपुर निवासी चालक रामराज चला रहा था।

आजमगढ़ अकबरपुर मार्ग स्थित खपुरा के ईंट भट्ठे के पास बाइक सवार को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित होकर डंपर से टकराकर पलट गई। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से चारों लोगों को बाहर निकाला, लेकिन चारों की मौत हो चुकी थी। इस हादसे में बाइक सवार अभिषेक (26) पुत्र श्यामलाल निवासी सुलेमपुर सम्मनपुर घायल हो गया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जाता है कि हाइवे पर सड़क से सटा ईंट भट्ठा होने की वजह से यह हादसा हुआ। सीओ सदर धर्मेंद्र सचान ने बताया कि सड़क पर अतिक्रमण करने वाले ईंट भट्ठा मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश पुलिस को दे दिया है। उन्होंने बताया कि हादसे के अन्य कारणों की भी छानबीन हो रही है। इस हादसे के लिए जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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लाखों रुपए ठगने के बाद पत्रकार को दे रहे थे धमकी, अब कसा आरोपियों पर शिकंजा

पत्रकार की ओर से कराई गई प्लाट की बाउंड्री को भी आरोपियों ने तुड़वा दिया

Last Modified:
Tuesday, 14 May, 2019
Sachin Mishra

प्लाट दिलाने के नाम पर पत्रकार से साढ़े दस लाख रुपए की ठगी और जान से मारने की धमकी देने के मामले में अब जाकर पुलिस की नींद खुली है। दैनिक जागरण, नोएडा  में वरिष्ठ उपसंपादक सचिन मिश्रा से जुड़े इस मामले में उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की विजयनगर पुलिस ने मंगलवार को चार आरोपियों गौरव राणा, प्रदीप राणा, साहिद व महेश यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर के मुताबिक, गौरव राणा, प्रदीप राणा और साहिद ने गाजियाबाद में रानी लक्ष्मीबाई नगर, सुदामापुरी, डूंडाहेड़ा में प्लाट के नाम पर सचिन मिश्रा से साढ़े दस लाख रुपये ले लिए। 21 फरवरी, 2019 को गौरव ने सचिन मिश्रा की पत्नी रोहिणी मिश्रा के नाम पचास गज के प्लाट की रजिस्ट्री भी कराई।

इसके बाद 23 फरवरी को जब सचिन प्लाट की नींव भरवा रहे थे, तभी अपने हथियारबंद साथियों के साथ मौके पर पहुंचे महेश यादव ने उस प्लाट को अपना बताते हुए काम रुकवा दिया। इस संबंध में सचिन ने जब विजयनगर थाना प्रभारी को अवगत कराया तो उस समय उन्होंने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया। इसके बाद सचिन ने आरोपियों से पैसे मांगे तो उन्होंने तवज्जो नहीं दी। सचिन का आरोप है कि ये लोग प्लाट या पैसे वापस करने का आश्वासन दे रहे हैं, मगर दे नहीं रहे हैं। सभी भूमाफिया व अपराधी हैं।

इस बीच, सचिन ने जिस प्लाट की बाउंड्री करवाई थी, उसे 16 मार्च को आरोपियों ने तुड़वा दिया। आरोप है कि गौरव, प्रदीप, साहिद व महेश ने सचिन के प्लाट सहित करीब तीन सौ गज जमीन किसी और शख्स को बेच दी है। अब सभी लोग मिलकर सचिन और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। प्रताप विहार, गाजियाबाद निवासी सचिन मिश्रा पुत्र श्रवण कुमार मिश्रा ने अब प्लाट के पैसे वापस दिलवाने और अपने परिवार के जान-माल की सुरक्षा की मांग करते हुए विजयनगर थाने में चारों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है।

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पत्रकार गौरव पुष्कर की मेहनत को सलाम, पाई ये बड़ी उपलब्धि

झारखंड में गढ़वा जिले के गौरव पुष्कर ने काफी संघर्षों के बाद हासिल किया है ये मुकाम

Last Modified:
Monday, 13 May, 2019
Gaurav Pushkar

पत्रकार गौरव पुष्कर ने अपने करियर को नई दिशा देते हुए शानदार उपलब्धि हासिल की है। दरअसल, गौरव ने संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा पास कर ली है और भारतीय सूचना सेवा (IIS)  में उन्हें देशभर में 32वां रैंक मिला है। खास बात यह है कि गौरव पुष्कर को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है। मूलरूप से झारखंड के गढ़वा जिले में रमना प्रखंड के सिलिदाग ग्राम निवासी स्व. कृष्णकांत सिंह के पुत्र गौरव पुष्कर ने काफी संघर्ष के बाद इस उपलब्धि को हासिल किया है।

2002 में मैट्रिक की शिक्षा उच्च विद्यालय चंदवा से प्राप्त करने के बाद 2004 में गढ़वा स्थित गोविंद इंटर कॉलेज से इंटर तथा श्री सद्गुरू जगजीत सिंह नामधारी महाविद्यालय से 2007 में ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने रांची विश्वविद्यालय, रांची से 2008 में बीजेएमसी किया। उन्होंने नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री भी ली है। वह आईनेक्स्ट (i Next) में रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं और एचटी मीडिया लिमिटेड में सीनियर कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रहे हैं। गौरव की इस सफलता पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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इस बीमारी ने छीन ली वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर आचार्य की जिंदगी

लंबे समय से पत्रकारिता में सक्रिय थे श्याम सुंदर आचार्य

Last Modified:
Monday, 13 May, 2019
Shyam Sunder

वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर आचार्य का जयपुर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। करीब 80 वर्षीय श्याम सुंदर आचार्य कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थे और साकेत अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, जहां पर उन्होंने शनिवार को अंतिम सांस ली। रविवार को दुर्गापुरा महारानी फॉर्म स्थित मोक्षधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। श्याम सुंदर आचार्य के बेटे शैलेष ने पार्थिव देह को मुखाग्नि दी। श्याम सुंदर आचार्य के निधन पर पत्रकारों समेत क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने शोक जताया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

सात जुलाई 1938 को जन्मे श्याम सुंदर आचार्य 50 साल से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय थे और कई हिंदी अखबारों में संपादक रह चुके थे। कुछ दिन पहले ही उनकी पुस्तक ‘अंतदृष्टि्’ का विमोचन साकेत अस्पताल में ही किया गया था। उन्हें पत्रकारिता एवं साहित्य के क्षेत्र में कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। पिंकसिटी प्रेस क्लब ने भी उन्हें लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया था।

श्याम सुंदर आचार्य ने हिंदुस्तान समाचार एजेंसी में जयपुर ब्यूरो चीफ से अपने पत्रकारीय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे नवभारत टाइम्स में जयपुर एडिशन के रेजिडेंट एडिटर बने। बाद में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और जनसत्ता के समाचार संपादक के तौर पर पद ग्रहण किया। इसके बाद वे जनसत्ता के कोलकाता एडिशन के रेजिडेंट एडिटर बनाए गए। सेवानिवृत्ति के बाद भी श्याम सुंदर आचार्य कई समाचारपत्रों के लिए लिखते रहे थे।

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पत्रकार से जुड़े इस मामले में UC Web की बढ़ सकती है 'मुश्किल'

चीन के अलीबाबा समूह की अग्रणी मोबाइल इंटरनेट कंपनी UC Web का विवादों से पुराना नाता रहा है

Last Modified:
Wednesday, 08 May, 2019
UC Web

चीन के अलीबाबा समूह की अग्रणी मोबाइल इंटरनेट कंपनी UC Web (UC Broswer/UC News) के खिलाफ लगभग डेढ़ साल से चल रही लड़ाई अब रंग लाने लगी है। दरअसल, आपराधिक मानहानि के मामले में गाजियाबाद की अदालत ने कंपनी के इंडिया हेड और जनरल मैनेजर ‘Damon Xi’  व एक अन्य कर्मचारी ‘Steven Shi’ के खिलाफ दूसरा गैरजमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इससे पहले अप्रैल में भी उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद कोर्ट में पेश न होने पर अब ये दूसरा वारंट जारी किया गया है।

वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह परमार द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक मानहानि के इस मामले में गुरुग्राम पुलिस के साथ ही यूपी की पुलिस भी दोनों को तलाश रही है। खास बात ये है कि चीन के बाहर इस ग्रुप के किसी चाइनीज कर्मचारी के खिलाफ इस तरह गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। यही नहीं, अब तक दो वारंट जारी किए जा चुके हैं।  इससे पहले कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 24 दिसंबर 2018 को गाजियाबाद की अदालत में पेश होने के आदेश दिए थे, लेकिन आदेश का पालन न होने पर अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।

इस मामले में शिकायतकर्ता वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह परमार के वकील नवांक शेखर मिश्रा का कहना है कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के लिए वे इंटरपोल तक की मदद लेंगे। नवांक शेखर मिश्रा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक कंपनी का विवादों से लगातार नाता रहा है। नवंबर 2017 में भारत सरकार ने एक सर्कुलर जारी कर इसे उन 40 से ज्यादा चाइनीज कंपनियों की लिस्ट में रखा था, जिन्हें सरकार ने खतरनाक माना था। सरकार ने देश के सभी सैनिकों से इस ऐप का इस्तेमाल न करने और मोबाइल को फॉर्मेट कर इसे डिलीट करने का ऑर्डर जारी किया था।

बताया जाता है कि इससे पहले अगस्त 2017 में भी भारत सरकार ने डाटा लीक मामले में इसकी जांच के आदेश दिए थे। एबीपी न्यूज ने भी मई 2018 में यूसी न्यूज के देश में गलत कामों का सबूतों के साथ खुलासा किया था। वर्ष 2015 में UC Web पर कैनेडियन कंपनी ने भी डाटा लीक करने का आरोप लगाया था। गूगल ने भी प्ले स्टोर से UC browser को कुछ दिनों के लिए हटा दिया था।

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गंभीर बीमारी से जूझ रही है युवा पत्रकार, इलाज के लिए मदद की जरूरत

महिला पत्रकार के ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों ने बताया है एक लाख रुपए का खर्च

Last Modified:
Wednesday, 08 May, 2019
Shivani

गंभीर बीमारी से जूझ रही युवा महिला पत्रकार को इलाज की जरूरत है। हरियाणा के पानीपत, नूरवाला शहर की रहने वाली पत्रकार शिवानी वशिष्ठ सिटिजन वायस चैनल में काम करती थीं। शिवानी को डॉक्टरों ने आंतों में इंफेक्शन बताया है। कई जगह इलाज करने के बाद भी शिवानी को कोई फायदा नहीं हुआ। हालत ज्यादा गंभीर होने पर उन्हें देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका ऑपरेशन होना है।

बताया जाता है कि शिवानी के ऑपरेशन के लिए डॉक्टरों ने एक लाख रुपए का खर्च बताया है, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति इतना खर्च करने की नहीं है। शिवानी के इलाज पर पहले ही बहुत खर्च हो चुका है। ऐसे में शिवानी के परिवार को आर्थिक मदद की जरूरत है। उनकी मदद के लिए शिवानी के भाई गौरव शर्मा के खाते में सीधे पैसे भेजे जा सकते हैं। शिवानी के सहयोगियों ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सहयोग की अपील की है। इस बारे में ज्यादा जानकारी आप यहां क्लिक कर ले सकते हैं। 

Gaurav Sharma
A/c- 50243754732
Allahabad bank
IFSC code- ALLA0212901
Paytm number – 8950512697

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प्रेस क्लब ने बीजेपी नेताओं के खिलाफ लिखा लेटर, लगाए ये गंभीर आरोप

पत्रकारों की शिकायत के बाद मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं

Last Modified:
Tuesday, 07 May, 2019
BJP

सरकार पर तमाम आरोप लगते रहते हैं कि वह अपने पक्ष में प्रचार और कवरेज करने के लिए तमाम हथकंडे अपनाती है। ऐसा ही एक मामला लेह से सामने आया है, जहां पर प्रेस क्लब ने सत्तारूढ़ भाजपा पर तमाम आरोप लगाए हैं।

लेह प्रेस क्लब (लद्दाख) का कहना है कि भाजपा द्वारा अपने पक्ष में प्रचार और कवरेज करने के लिए उन्हें रिश्वत देने की कोशिश की गई। इस बारे में प्रेस क्लब ने भाजपा के खिलाफ जिला निर्वाचन अधिकारी के यहां शिकायत दर्ज करा दी है। पत्र में भाजपा पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए पार्टी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवीवी लवासा ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

अपनी शिकायत में लेह प्रेस क्लब ने कहा है कि गुरुवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंदर रैना ने लेह के होटल सिंगेज पैलेस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके बाद भाजपा नेताओं की ओर से पत्रकारों को प्रभावित करने के प्रयास के तहत बंद लिफ़ाफे में पैसे रखकर रिश्वत देने की कोशिश की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लेह प्रेस क्लब के सदस्य रिनचेन एंगमो ने दावा किया कि भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने राज्य भाजपा प्रमुख के सामने, उनके समेत चार पत्रकारों को नोटों से भरे लिफाफे दिए। यही नहीं, नेता ने इन लिफाफों को हॉल में न खोलने का आग्रह भी किया।

वहीं, भाजपा नेताओं की ओर से इस तरह के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा गया है कि इनमें कोई सच्चाई नहीं है और पार्टी किसी को रिश्वत देने में विश्वास नहीं रखती है। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपने ट्विटर हैंडल पर लेह प्रेस क्लब का पत्र शेयर किया है। उनका कहना है कि पुलिस को भी इस पत्र का संज्ञान लेना चाहिए और मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। उमर अब्दुल्ला की ओर से किए गए ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

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मीडिया के बारे में वाकई हैरान कर देती है आज के युवाओं की ये सोच

आज का युवा वर्ग मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पर ज्यादा फोकस कर रहा है

Last Modified:
Tuesday, 07 May, 2019
Media

कामिर कुरैशी
युवा पत्रकार।।

एक दौर था जब अपने देश के युवा पढ़ने-लिखने के बाद रोजगार के लिए जगह-जगह दौड़ लगाते थे, लेकिन इक्कीसवीं शताब्दी में हमारे देश के युवाओं का रुझान मीडिया की तरफ बढ़ा है। आज के नौजवान देश की बड़ी से बड़ी कंपनियों में नौकरी के मुकाबले मीडिया में किस्मत आजमाने को ज्यादा वरीयता दे रहे हैं।

मीडिया के क्षेत्र में भविष्य बनाने और विषय से संबंधित जानकारी हासिल करने के लिए आज का युवा वर्ग मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पर ज्यादा फोकस कर रहा है। दूसरी तरफ देखा जाए तो सरकारी नौकरियों की हालत भी खस्ता है। युवाओं को नौकरी दिलाने का वादा कर सत्ता में आई केंद्र सरकार ने भी कुछ नहीं किया है। सरकार इस बारे में गंभीर ही नहीं है। पिछले दिनों रेलवे ने 90 हजार पदों के लिए वैकेंसी निकाली थी, जिन पर दो करोड़ से ज्यादा आवेदन किए गए थे, लेकिन उसका परिणाम आज तक नहीं आया है। सरकारी नौकरी न मिलने से हताश युवा वर्ग भी मीडिया में बढ़ते स्कोप को लेकर यहां अपनी संभावनाएं तलाश रहा है।

इलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया के साथ अब डिजिटल मीडिया भी देश में अपनी जड़ें जमाता हुआ नजर आ रहा है। बड़े से बड़े इलेक्ट्रॉनिक चैनल और अखबार ने अपने डिजिटल पोर्टल खोल रखे हैं। चैनल और अखबार समयनुसार खबरों को लोगों के साथ साझा करते हैं, लेकिन डिजिटल मीडिया का कार्य तुरंत महत्वपूर्ण खबरों को देश के लोगों के सामने साझा करने का होता है। आज के समय में डिजिटल पोर्टल का महत्व इतना बढ़ गया है कि लोग अब इसके द्वारा कहीं से भी अपने मोबाइल पर ही खबरों को लेकर अपडेट हो जाते हैं। ऐसे में युवा इसमें भी अपना भविष्य संवारना चाहते हैं।

मीडिया में करियर बनाने को लेकर युवाओं की सोच भी बहुत स्पष्ट है। आगरा कालेज से ग्रेजुएशन करने के बाद कन्हैया लाल मुंशी इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही इकरा असद का कहना है, ‘हमारे देश के जवान और पत्रकार देश की रक्षा के लिए और देश के लोगों के पास प्रत्येक जानकारी पहुंचाने के लिए अपनी जान खतरे में डालने से भी नहीं चूकते हैं। इसको देखकर मेरे मन में भी देश के लिए कुछ करने का ख्याल आया। पत्रकार बनकर देश की रक्षा करना व देश के लोगों को प्रत्येक जानकारी से रूबरू कराना मेरा अब लक्ष्य बन गया है।’ अब देखना यह है कि देश के युवक-युवतियों के मीडिया के क्षेत्र में बढ़ते हुए क्रेज को लेकर केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है।
(लेखक सहारा समय आगरा में कार्यरत हैं और यह उनके निजी विचार हैं)

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