इस बड़े मुद्दे पर कैसी हो रिपोर्टिंग, कार्यशाला में हुई चर्चा

दिल्ली पत्रकार संघ एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) ने राष्ट्रीय...

Last Modified:
Friday, 07 December, 2018
workshop

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

दिल्ली पत्रकार संघ एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग (एनसीपीसीआर) के साथ मिलकर ‘मीडिया रिपोर्टिंग और बाल अधिकार’ विषय पर मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया। कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में पांच दिसंबर को आयोजित इस कार्यशाला में बाल अधिकारों से जुड़ी खबरों के प्रति संवेदनशीलता के बारे में पत्रकारों को जानकारी दी गई।

कार्यशाला में एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने बताया कि बच्चों के अधिकारों को लेकर आयोग बेहद सजग है और इस संदर्भ में पत्रकारों का सहयोग बेहद अहम है। उन्होंने मीडिया की सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि आयोग बाल शोषण की किसी भी खबर पर तुरंत कार्रवाई करता है। उन्होंने पत्रकारों से अपील की कि वे बाल अधिकारों के संरक्षण से संबंधित किसी भी खबर को प्रकाशित करने से पहले अथवा बाद में यदि आयोग को उस संबंध में सूचित करते हैं तो आयोग उस पर तुरंत कार्रवाई कर दोषियों को दंडित कराने का प्रयास करेगा। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति सीधे 1098 नंबर पर अथवा आयोग के मुख्यालय में किसी भी मामले की जानकारी दे सकता है। उन्होंने बताया कि आयोग ने इस साल जिन मामलों में कार्रवाई की है उनमें करीब 10 प्रतिशत मामलों में मीडिया में प्रकाशित खबरों का स्वतः संज्ञान लिया गया है।

आयोग की सदस्य सचिव गीता नारायण ने बाल अधिकारों के संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों से पत्रकारों को अवगत कराया। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस कानून के तहत दोषी के लिए कितनी सजा का प्रावधान है और किस अपराध के लिए कौन सा कानून है। उन्होंने पत्रकारों से विशेष आग्रह किया कि वे किसी भी परिस्थिति में पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न करें जो न केवल कानूनन गलत है, बल्कि पीड़ित के साथ घोर अन्याय भी है।

नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट (इंडिया) के महासचिव मनोज वर्मा ने सुझाव दिया कि आयोग को इस तरह की कार्यशाला का आयोजन देशभर में करना चाहिए, जिससे पत्रकारों को बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों के बारे में अधिक जानकारी मिल सके। उन्होंने मुजफ्फरपुर और कठुआ की घटनाओं का जिक्र करते हुए न्यायालय द्वारा उन पर लिए गए संज्ञान और मीडिया के गैर जिम्मेदाराना व्यवहार पर की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया।

प्रसार भारती में सलाहकार एवं वरिष्ठ पत्रकार ज्ञानेन्द्र बरतरिया ने कहा कि मीडिया बहुत ताकतवर है और उसकी इस शक्ति का उपयोग बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि बाल अधिकारों के हनन का कोई भी मामला ध्यान में आता है तो उसकी सूचना राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग को देकर खबर को और असरकारी बनाया जा सकता है।

पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने कहा कि राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग के नियम जम्मू कश्मीर में लागू नहीं होते? उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वहां महिलाओं एवं बच्चों के अधिकार मायने नहीं रखते और सिर्फ अलगाववादियों के अधिकार ही महत्त्वपूर्ण हैं?

दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण अधिकार आयोग को सुझाव दिया कि वह मीडिया को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के साथ साथ सही रिपोर्टिंग के लिए कुछ पत्रकारों को प्रतिवर्ष पुरस्कृत भी करे।

दिल्ली पत्रकार संघ के महासचिव डॉ. प्रमोद सैनी ने कहा कि दिल्ली पत्रकार संघ पत्रकारों के कौशल विकास के लिए सतत प्रयासरत है और आज की यह कार्यशाला उसी कौशल विकास का अंग है। उन्होंने ऐसी ही कार्यशाला डेस्क पर काम करने वाले पत्रकारों के लिए भी आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने आयोग को यह भी सुझाव दिया कि पत्रकारों के लिए उपयोग दिशानिर्देश हिंदी में तैयार करके पूरे देश में प्रसारित करे और दिल्ली पत्रकार संघ इसमें पूर्ण सहयोग करेगा। कार्यशाला में उपस्थित प्रेस एसोसिएशन के अध्यक्ष जयशंकर गुप्ता ने दिल्ली पत्रकार संघ एवं नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के इस प्रयास की प्रशंसा की।

कार्यशाला में दिल्ली पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष अनुराग पुनेठा एवं राकेश आर्य, पूर्व अध्यक्ष अनिल पांडे, कोषाध्यक्ष नेत्रपाल शर्मा, सचिव सचिन बुधौलिया, वरिष्ठ पत्रकार उमेश चतुर्वेदी, संतोष सूर्यवंशी, विजय लक्ष्मी, निशि भाट सहित 100 से अधिक पत्रकार उपस्थित थे।
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NaMo TV को लेकर अब सूचना-प्रसारण मंत्री ने दी ये ‘सफाई’

31 मार्च को अपनी लॉन्चिंग के साथ ही विवादों में घिर गया था यह चैनल

Last Modified:
Tuesday, 25 June, 2019
Namo TV

लोकसभा चुनाव से पहले 31 मार्च को अपनी लॉन्चिंग के साथ ही विवादों में घिरे रहे नमो (नरेंद्र मोदी) टीवी चैनल के बारे में सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि यह चैनल सूचना प्रसारण मंत्रालय के चैनल्स की लिस्ट में शामिल नहीं है। ‘नमो टीवी’ के बारे में राज्यसभा को दी गई जानकारी में जावड़ेकर ने कहा, ‘यह एक प्लेटफॉर्म सर्विस थी, जो डीटीएच ऑपरेटर्स द्वारा अपने सबस्क्राइबर्स को उपलब्ध कराई जा रही थी।

डीटीएच ऑपरेटर्स जैसे कि विडियोकॉन, डिश टीवी और टाटा स्काई ने इस टीवी चैनल को फ्री टू एयर (FTA) करार दिया था। ऐसे में इस चैनल को देखने के लिए उपभोक्ताओं को पैसा नहीं देना पड़ रहा था। ये चैनल पूरे देश में दिख रहा था। हालांकि लोकसभा चुनाव के बाद यह चैनल दिखाई देना बंद हो गया है।

गौरतलब है कि इस चैनल पर सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुराने भाषण और भारतीय जनता पार्टी से संबंधित सामग्री दिखाई जाती थी। इसको लेकर चैनल पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी जैसी विपक्षी पार्टियों ने कई सवालिया निशान लगाते हुए चुनाव आयोग से शिकायत की थी। इस शिकायत में कहा गया था कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता लागू होने के दौरान एक राजनीतिक दल को कैसे चैनल चलाने की इजाजत दी जा सकती है।

विपक्षी पार्टियों द्वारा की गई शिकायत के बाद इसकी लॉन्चिंग को लेकर चुनाव आयोग ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय (एमआईबी) को पत्र लिखकर जवाब मांगा था। तब सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चुनाव आयोग को बताया था कि ‘नमो टीवी’ कोई लाइसेंसशुदा चैनल नहीं, बल्कि डीटीएच विज्ञापन प्लेटफॉर्म है, इसलिए इसे किसी तरह की अनुमति की जरूरत नहीं है।

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पत्रकार को इस तरह ‘जाल’ में फंसाकर शातिर ने लगा दी हजारों की चपत

पत्रकार की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है

Last Modified:
Tuesday, 25 June, 2019
Fraud

शातिर ठग द्वारा एक पत्रकार को हजारों रुपए की चपत लगाने का मामला सामने आया है। पीडित पत्रकार ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। बताया जाता है कि असम के मुसलपुर निवासी पत्रकार दीपांकर को अपना डीएसएलआर कैमरा बेचना था। इसके लिए उन्होंने ओएलएक्स (OLX) पर विज्ञापन दिया था। दीपाकंर ने अपने कैमरे की कीमत 75 हजार रुपए रखी थी। इसके बाद बोरा निवासी एक युवक ने दीपांकर से फोन पर संपर्क कर कैमरा खरीदने की इच्छा जताई।

युवक से बातचीत के बाद दीपांकर अपना कैमरा लेकर युवक के घर पहुंच गए। बताया जाता है कि युवक ने दीपाकंर को बाहर रुकने के लिए कहा और परिजनों को कैमरा दिखाने के लिए घर के अंदर चला गया। काफी देर बाद भी जब युवक बाहर नहीं निकला तो दीपांकर उसे देखने के लिए घर में घुस गए। वहां जाने पर पता चला कि युवक घर के दूसरे दरवाजे से निकलकर फरार हो चुका है। इसके बाद दीपांकर को अपने साथ ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने पलटन बाजार पुलिस थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई।

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27 साल बाद पुलिस को आया 'होश', संपादक के खिलाफ की ये कार्रवाई

संपादक समेत आठ लोगों के खिलाफ वर्ष 1992 में दर्ज किया गया था मामला

Last Modified:
Tuesday, 25 June, 2019
Editor

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में पुलिस ने सोमवार की रात उर्दू अखबार ‘अफाक’(Aafaq) के एडिटर और मालिक गुलाम जिलानी कादरी (Ghulam Jeelani Qadri) को गिरफ्तार किया है। 27 साल पुराने मामले में टाडा (TADA) कोर्ट द्वारा जारी सम्मन के बाद कादरी की गिरफ्तारी की गई है।

बताया जाता है कि 62 वर्षीय कादरी को पुलिस ने सोमवार की देर रात करीब साढ़े 11 बजे उस समय गिरफ्तार किया, जब वे अपने ऑफिस से घर पहुंचे थे। जिलानी कादरी के छोटे भाई मोरिफत कादरी (Morifat Qadri) का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घर में अंदर नहीं जाने दिया और न ही कपड़े बदलने दिए।

कादरी के परिजनों के अनुसार, ‘पुलिस ने उन्हें बताया कि वर्ष 1992 में दर्ज मामले में कादरी फरार चल रहे थे।  इतने सालों तक कादरी रोजाना अपने ऑफिस जाते रहे, फिर कैसे कहा जा सकता है कि वे फरार चल रहे थे। इसके अलावा इसी मामले में दो अन्य पत्रकारों को राज्य सरकार द्वारा पुरस्कृत किया जा चुका है।’

पुलिस के इस कदम का विरोध जताते हुए कई पत्रकार कादरी के पक्ष में अदालत परिसर में एकजुट हुए। बता दें कि 1992 में कश्मीर में जब आतंकवाद चरम पर था, तब अखबारों के सर्कुलेशन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था। उस समय कादरी ‘जेएंडके न्यूज’ (J&K News) के नाम से न्यूज एजेंसी चलाते थे। उन पर उस दौरान आतंकवादी समूहों द्वारा जारी न्यूज और प्रेस रिलीज को पब्लिश करने का आरोप है। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, साल 1992 में कादरी और आठ अन्य पत्रकारों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, जिनमें से तीन आरोपी ख्वाजा सनाउल्लाह, गुलाम अहमद सोफी और शबान वकील की मौत हो चुकी है।

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इस बड़े पद पर THE HINDU GROUP से जुड़ीं अपराजिता बिस्वास

पूर्व में वोडाफोन और टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ भी काम कर चुकी हैं

Last Modified:
Monday, 24 June, 2019
Aparajita Biswas

‘द हिन्दू’ (The Hindu) ग्रुप ने अपराजिता बिस्वास को हेड (ब्रैंड मार्केटिंग) नियुक्त किया है। वह मार्केटिंग और उपभोक्ता मामलों से जुड़ीं ग्रुप की सभी पहलों का नेतृत्व करेंगी। बता दें कि अपराजिता को ब्रैंड स्ट्रैटेजी, कॉरपोरेट कम्युनिकेशन, एफएमसीजी और मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह पूर्व में वोडाफोन, मोजरबियर और टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे ब्रैंड के साथ भी काम कर चुकी हैं।

द हिन्दू ग्रुप में नई भूमिका से पहले अपराजिता वोडाफोन आयडिया लिमिटेड से जुड़ी हुई थीं और बतौर हेड (ब्रैंड कम्युनिकेशन) तमिलनाडु सर्किल की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अपराजिता की नियुक्ति के बारे में द हिन्दू ग्रुप के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर सुरेश बालाकृष्ण ने कहा, ‘अपराजिता बिस्वास का हमारी मार्केटिंग टीम का हिस्सा बनने पर हम बहुत खुश हैं। हमें विश्वास है कि अपराजिता के ज्ञान और अनुभव का द हिन्दू ग्रुप को काफी लाभ मिलेगा।’

वहीं, अपनी नई भूमिका के बारे में अपराजिता बिस्वास का कहना है, ‘द हिन्दू जैसे प्रतिष्ठित ग्रुप का हिस्सा बनने पर मैं काफी खुश हूं और खुद को गौरवान्वित महसूस कर रही हूं कि मुझे इसमें काम करने का अवसर मिला। मैं ग्रुप को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में अपना पूरा योगदान दूंगी।’

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आखिर मौत से जंग हार गए पत्रकार शशांक रस्तोगी

इलाज के लिए शशांक रस्तोगी को दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में कराया गया था भर्ती

Last Modified:
Monday, 24 June, 2019
Shashank-Rastogi

उत्तर प्रदेश में देवबंद नगर के युवा पत्रकार शशांक रस्तोगी का शुक्रवार की रात निधन हो गया। बताया जाता है कि 43 वर्षीय शशांक रस्तोगी को बीमारी के कारण दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों का कहना था कि उनका लिवर काफी खराब है और उसमें संक्रमण फैल गया है। डॉक्टरों ने लिवर के संक्रमण को दूर करने का काफी प्रयास किया, लेकिन शशांक रस्तोगी को बचाया नहीं जा सका।

शनिवार को देवबंद में उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। शशांक रस्तोगी के अंतिम संस्कार के वक्त बड़ी संख्या में गणमान्य लोग और पत्रकार मौजूद रहे। शशांक अपने पीछे पत्नी और एक पुत्री को बिलखता हुआ छोड़ गए हैं। शशांक ने अभी दो महीने पहले ही न्यूज नेशन-न्यूज स्टेट चैनल में बतौर स्ट्रिंगर जॉइन किया था।

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पहली बार इस तरह की फिल्म में नजर आएंगे धर्मेंद्र

मुंबई में शुरू हो चुकी है लेखक और डायरेक्टर मनोज शर्मा की इस फिल्म की शूटिंग

Last Modified:
Monday, 24 June, 2019
Dharmendra

लेखक और डायरेक्टर मनोज शर्मा इन दिनों सातवे आसमान पर हैं। उन्होंने अपनी हॉरर कॉमेडी फिल्म 'खली बली' में एक्टर धर्मेंद्र को कास्ट कर लिया है। यह धर्मेंद्र की पहली हॉरर कॉमेडी फिल्म है। फिल्म का निर्माण कर रहे हैं वन एंटरटेनमेंट फिल्म प्रोडक्शंस के कमल किशोर मिश्रा और प्राची मूवीज।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार फिल्म की शूटिंग मुंबई में शुरू हो चुकी है और फिल्म की शूटिंग को धर्मेंद्र काफी एन्जॉय भी कर रहे हैं। खली बली फिल्म में वह मनोचिकित्सक का किरदार निभा रहे हैं। यह पहली बार है कि धर्मेंद्र अलग जोनर की हॉरर कॉमेडी फिल्म में काम कर रहे हैं। फिल्म में धर्मेंद्र के अलावा एक्ट्रेस मधू, कायनात अरोड़ा, रनजीश दुग्गल, राजपाल यादव, विजय राज, एकता जैन, यासमीन खान, ब्रिजेंद्र काला, योगेश लखानी और असरानी हैं।

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बीबीसी न्यूज के लिए इस मायने में बहुत खास है भारतीय मार्केट

ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन की तरफ दुनिया भर के लोगों का रुझान पहले के मुकाबले ज्यादा बढ़ रहा है

Last Modified:
Monday, 24 June, 2019
BBC NEWS

'ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन' यानी ‘बीबीसी’ (BBC)  की तरफ दुनिया भर के लोगों का पूर्व की तुलना में रुझान ज्यादा बढ़ रहा है। ‘ग्लोबल ऑडियंस मीजर’ (GAM) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार साल भर में 13 प्रतिशत के इजाफे के साथ एक हफ्ते में ऑडियंस की यह संख्या 426 मिलियन की रिकॉर्ड ऊंचाई तक पहुंच चुकी है।

वर्ष 2018 के बाद से भारत, केन्या और यूएसए में बीबीसी न्यूज के ऑडियंस की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि देखने को मिली है। भारत में बीबीसी न्यूज नौ भाषाओं में अपनी सेवाएं देती है और यहां इसके ऑडियंस की संख्या 50 मिलियन हो गई है। इसके साथ ही यह बीबीसी न्यूज के लिए सबसे प्रमुख विदेशी बाजार बन गया है। भारत के बाद इस लिस्ट में 41 मिलियन के साथ नाइजीरिया, 38 मिलियन के साथ यूएसए और 15 मिलियन के साथ केन्या का नंबर है।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्लोबल लेवल पर बीबीसी न्यूज के ऑडियंस में 47 मिलियन की बढ़ोतरी के साथ यह 394 मिलियन हो गई है। इसमें बीबीसी वर्ल्ड सर्विस (अंग्रेजी और अन्य भाषाएं) में 41 मिलियन की बढ़ोतरी के साथ 319 मिलियन का आंकड़ा शामिल है। बीबीसी वर्ल्ड सर्विस (अंग्रेजी) और बीबीसी वर्ल्ड न्यूज टीवी चैनल के ऑडियंस में कमश: 97 मिलियन और 101 मिलियन के साथ अब तक की सबसे ज्यादा वृद्धि दर्ज की गई है।

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पत्रकार पर जानलेवा हमले के मामले में अब जागी पुलिस, उठाया ये कदम

अस्पताल में भर्ती पत्रकार की हालत में पहले से है सुधार

Last Modified:
Friday, 21 June, 2019
Abhishek Jha

छत्तीसगढ़ में पत्रकार अभिषेक झा पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने घटना के दो दिन बाद कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार को जिन सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें मधुबन बार के मैनेजर के साथ तीन कर्मचारी और तीन अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने सातों आरोपियों के खिलाफ मारपीट व बलवे का केस दर्ज किया है। वहीं, निजी अस्पताल में भर्ती अभिषेक झा की हालत पहले से बेहतर है।

इस मामले में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष दामू अम्बेडारे के नेतृत्व में कई पत्रकार बुधवार को रायपुर एसएसपी आरिफ शेख हुसैन और जिला कलेक्टर एस भारतीदासन से मिले थे और ज्ञापन देकर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किए जाने की मांग उठाई थी। गौरतलब है कि कई चैनलों और अखबारों में काम कर चुके वेब जर्नलिस्ट अभिषेक झा पर मंगलवार की रात रायपुर में शराब के नशे में चूर कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया था और गंभीर हालत में बीच सड़क पर छोड़कर फरार हो गए थे।

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मेहमानों को कुछ इस अंदाज में आकर्षित करेगा Public-The Garden Restaurant

यह रेस्टोरेंट ताजमहल के पूर्वी गेट से महज एक किलोमीटर दूर है

Last Modified:
Wednesday, 19 June, 2019
Public-Restaurant

ताज नगरी आगरा में अपनी तरह के पहले गार्डन रेस्टोरेंट की शुरुआत की गई है। Public-The Garden Restaurant नाम से 7000 स्क्वायर फुट से अधिक जगह में फैले इस रेस्टोरेंट की शुरुआत 14 जून 2019 को हुई है। इसमें छह गैजेबो (छतरी नुमा बैठने का स्थान) के साथ ही खुले में और कवर्ड में एसी डाइनिंग की सुविधा है, जिसमें बैठकर आप मनचाहे स्वादिष्ट भोजन का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां के खाने की बात करें तो आपको यहां पर इंडियन, चाइनीज, कॉन्टिनेंटल और मैक्सिकन फूड का लाजवाब स्वाद मिलेगा।

यह रेस्टोरेंट ताजमहल के पूर्वी गेट से महज एक किलोमीटर दूर है और यहां पर लोगों को प्रदूषण से मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल वातावरण मिलता है। यही नहीं, आने वाले समय में यहां पर रिसॉर्ट शुरू करने के साथ ही जैविक खेती को भी बढ़ावा दिया जाएगा। बताया जाता है कि इस तरह के रेस्टोरेंट की शुरुआत का उद्देश्य मेहमानों को प्राकृतिक माहौल उपलब्ध कराना है, जहां पर वे शांत और स्वस्थ वातावरण में सुकून भरा समय बिता सकें।

पब्लिक रेस्टोरेंट का मूल उद्देश्य स्थानीय मेहमानों के साथ ही विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करना है। मेहमानों को उनकी पसंद के लजीज व्यंजन मिलें, इसके लिए इस रेस्टोरेंट में छह शेफ और एक एग्जिक्यूटिव शेफ की टीम नियुक्त की गई है।

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वरिष्ठ पत्रकार प्रेमचंद शर्मा नहीं रहे

मायानगरी में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार प्रेमचंद शर्मा के बारे में बुरी खबर मिली है

Last Modified:
Tuesday, 18 June, 2019
Samachar4media

मायानगरी में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार प्रेमचंद शर्मा के बारे में बुरी खबर मिली है। बताया गया है कि संडे सुबह उन्हें हार्ट अटैक हुआ। इस अटैक के बाद चिकित्सक उन्हें बचा नहीं पाए। वे मुंबई के मशहूर अखबार ‘दोपहर का सामना’ में सहायक संपादक के तौर पर कार्यरत थे।

54 वर्षीय शर्मा अपने पीछे भरापूरा परिवार छोड़ गए हैं। पत्नी के साथ दो बेटों के साथ पोतों उनके परिवार में है।  उनकी अस्थियां नासिक में विसर्जित कर दी गईं।
 

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