जानें, 15 वाइस चांसलर समेत 300 से अधिक शिक्षाविद् क्यों पहुंचे उपराष्ट्रपति के 'दरबार' में

माखनलाल यूनिवर्सिटी में विवादों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 17 April, 2019
Last Modified:
Wednesday, 17 April, 2019
MAKHANLAL

माखनलाल यूनिवर्सिटी में विवादों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। आर्थिक अपराध अन्वेषण प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) द्वारा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति बृजकिशोर कुठियाला सहित 20 प्रोफेसर व कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। अकडेमिशियन्स फ़ॉर फ्रीडम, दिल्ली, के तत्वावधान में 300 से अधिक प्राध्यापकों सहित 15 से अधिक कुलपति, पूर्व कुलपति और प्रति कुलपतियों ने विश्वविद्यालय पर राजनैतिक दमन का आरोप लगाते हुए उपराष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा है और इसमें हस्तक्षेप की मांग की है। ग़ौरतलब है कि उपराष्ट्रपति इस विश्वविद्यालय के विज़िटर (कुलाध्यक्ष) हैं और विश्वविद्यालय के अधिनियम के अंतर्गत उन्हें यह अधिकार प्राप्त है।

शिक्षकों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और अन्य 20 प्राध्यापकों पर बिना विधिसम्मत जाँच पड़ताल के गंभीर आरोपों पर एफआईआर दर्ज करवाई है। आरोपी प्राध्यापकों को अपना पक्ष रखने का या कोई स्पष्टीकरण देने का भी अवसर नहीं दिया गया। ज्ञापन में देने वाले लोगों में राज्यसभा सांसद प्रो. राकेश सिन्हा, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. कुलदीपचन्द अग्निहोत्री, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ के अध्यक्ष प्रो. कपिल कपूर, बी पी एस महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, सिद्धार्थनगर विश्वविद्यालय, सिद्धार्थनगर के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे, राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के कुलपति प्रो. के एन सिंह, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन के तनेजा, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय, नोएडा के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, विश्वभारती विश्वविद्यालय, शांतिनिकेतन के कुलपति प्रो. बिद्युत चक्रबर्ती, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतीहारी के प्रति कुलपति प्रो. अनिल राय, कुशाभाऊ ठाकरे विश्वविद्यालय, रायपुर के पूर्व कुलपति प्रो. मानसिंह परमार, भागलपुर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. प्रेमचंद पतंजलि इत्यादि के नाम शामिल हैं।

विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘हम सभी शिक्षकगण, हतप्रभ और आहत हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्विद्यालय, भोपाल की महापरिषद के अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को, पूर्व कुलपति एवं अन्य 20 वर्तमान शिक्षकों पर बिना जाँच के और कई अप्रमाणित आरोपों पर FIR करने का आदेश दिया। विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर एफआईआर करने जैसा गंभीर कदम, एक सम्पूर्ण विधिसम्मत प्रक्रिया और स्पष्टीकरण के नोटिस भेजे जाने के पश्चात ही युक्तिसंगत माना जा सकता है। तब भी, उचित यही है, कि एक पूर्ण और पक्षपातरहित जाँच की जाए क्योंकि संबंधित व्यक्ति विश्वविद्यालय के शिक्षक हैं और अत्यन्त जिम्मेदार नागरिक हैं।‘

ज्ञापन में कहा गया है, ‘हम आशंकित हैं कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष के इस कदम से राजनैतिक प्रतिशोध की गंध आती है। क्योंकि आवश्यक प्रक्रिया का पालन नहीं हुआ है, अतः यह कदम स्पष्टतः असमर्थनीय है और निश्चित रूप से एक लंबी कानूनी लड़ाई की ओर ले जा सकता है। सरकार को भले ही इससे कोई अंतर ना पड़ता हो परन्तु यह शिक्षकों और उनके परिवारों के लिए अत्यंत प्रताड़ित करने वाला होगा। इस संदर्भ को देखते हुए हमें संदेह है कि कोई भी जांच कमेटी जो विश्वविद्यालय द्वारा अपने कदम को तर्कसंगत सिद्ध करने के लिए स्थापित की जाती है या की जाएगी, वह पर्याप्त रूप से पक्षपातरहित और वस्तुनिष्ठ होगी। इससे विश्वविद्यालय और सरकार की विश्वसनीयता और छवि और भी अधिक धूमिल हो जाएगी।‘

शिक्षकों का यह भी कहना है, ‘हमारी मांग है कि शिक्षकों के विरुद्ध FIR तुरंत वापस ली जाए। यद्यपि किसी संस्था की जाँच करना सरकार का विशेषाधिकार है, उसी प्रकार यह भी सरकार का ही दायित्व है कि वह पक्षपातरहित रहे जिससे शिक्षकों के प्रति न्याय होना सुनिश्चित हो। अतः, विश्वविद्यालय केविजिटर, भारत के उपराष्ट्रपति से प्रार्थना है कि वे यथाशीघ्र इस विषय में हस्तक्षेप करें और इस विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष को परामर्श दें कि एफआईआर वापस लें और शिक्षकों को प्रताड़ित करना बंद करें।‘

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संदिग्ध परिस्थितियों में घर में आग लगने से पत्रकार समेत दो की मौत

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पत्रकार के घर में आग लग गई।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 28 November, 2020
Last Modified:
Saturday, 28 November, 2020
Fire

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में संदिग्ध परिस्थितियों में एक पत्रकार के घर में आग लग गई। आग में जलने से पत्रकार समेत दो लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरी वारदात को अंजाम देने का आरोप दबंगों पर लगा है। बताया जाता है कि आग इतनी भीषण थी कि घर का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और दीवार टूट कर गिर गई।

घटना कोतवाली देहात क्षेत्र के कलवारी गांव की है। पुलिस को शुक्रवार की रात करीब 11:30 बजे पत्रकार राकेश सिंह निर्भीक (45) के मकान में भीषण आग लगने और आग से मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

पुलिस को मकान के क्षतिग्रस्त हिस्से में राकेश सिंह के मित्र पिंटू साहू का जला हुआ शव बरामद हुआ, जो घटना के समय उनके घर में ही मौजूद थे। वहीं, राकेश सिंह 90 प्रतिशत से ज्यादा झुलस गए थे। राकेश सिंह को पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर में रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार को उनकी भी मौत हो गई।

रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल में भर्ती राकेश सिंह ने मरने से पूर्व पुलिस को बताया कि दबंगों ने उनके घर में आग लगाई है। राकेश सिंह का कहना था कि कुछ नकाबपोश लोग उनके घर में घुसे थे और मारपीट के बाद वहां आग लगा दी।

बताया जाता है कि घटना के समय राकेश सिंह की पत्नी दो बेटियों के साथ मायके गई हुई थीं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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पत्रकार की मौत के मामले में महिला दारोगा गिरफ्तार

यूपी के उन्नाव जिले में पत्रकार की मौत के मामले में एक महिला दारोगा को गिरफ्तार किया गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 26 November, 2020
Last Modified:
Thursday, 26 November, 2020
Crime

यूपी के उन्नाव जिले में पत्रकार की मौत के मामले में एक महिला दारोगा को गिरफ्तार किया गया है। महिला दारोगा के खिलाफ पत्रकार को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार का शव 12 नवंबर को रेलवे लाइन पर मिला था, जिसके बाद परिजनों ने महिला दारोगा पर हत्या का आरोप लगाया था।

पुलिस को जांच में महिला दारोगा से पत्रकार की वॉट्सऐप चैटिंग सहित अन्य साक्ष्य मिले हैं, जिसके बाद पुलिस ने महिला दारोगा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं एक आरोपी सिपाही ​फरार बताया जा रहा है।

बता दें कि उन्नाव कोतवाली अंतर्गत एबीनगर के रहने वाले पत्रकार सूरज पांडेय का शव 12 नवंबर को सदर कोतवाली क्षेत्र के शराब मिल के सामने लखनऊ-कानपुर रेलवे ट्रैक पर मिला था। सूरज की मां लक्ष्मी पांडेय ने महिला दारोगा सुनीता चौरसिया व सूरज के बीच नजदीकी का खुलासा किया था। महिला दारोगा व महिला थाना में तैनात सिपाही अमर सिंह पर हत्या व हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एसपी ने मामले की जांच के लिए पुलिस की एक टीम गठित कर दी थी।

पत्रकार की मौत के मामले में आत्महत्या की कहानी ​सामने आ रही थी. इसके बाद 18 नवंबर को लखनऊ की एफएसएल टीम (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के संयुक्त निदेशक जी खान ने तीन सदस्यीय टीम के साथ रेलवे ट्रैक का निरीक्षण किया।

एफएसएल टीम द्वारा 21 नवंबर को रिपोर्ट सौंपी गई, जिसमें आत्महत्या की पुष्टि हुई। इतना ही नहीं महिला दारोगा के साथ मोबाइल फोन पर हुई बात और वॉट्सऐप चैटिंग समेत अन्य साक्ष्य भी जांच टीम को मिले। इन साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पत्रकार को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में महिला दारोगा को बीती देर रात गिरफ्तार कर लिया। एसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि जल्द ही आरोपी सिपाही अमर सिंह को भी गिरफ्तार किया जाएगा।

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एक जैसी दिखने वाली न्यूज एंकर्स की बातचीत सुनकर लोग रह गए हैरान, जानें पूरा मामला

तकनीकी के मामले में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लगभग हर क्षेत्र में तकनीकी का बोलबाला है और पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 23 November, 2020
Last Modified:
Monday, 23 November, 2020
NewsAnchor54

तकनीकी के मामले में दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है। लगभग हर क्षेत्र में तकनीकी का बोलबाला है और पत्रकारिता भी इससे अछूती नहीं है। रोबोट पत्रकार के आविष्कार के बाद अब इस दिशा में तमाम नए प्रयोग हो रहे हैं। इसी कड़ी में अब दक्षिण कोरिया (South Korea) का नाम भी जुड़ गया है। अब इस एशियाई देश के एक टीवी चैनल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) के माध्यम से चलने वाली देश की पहली न्यूज एंकर (News Anchor) को अपने दर्शकों के सामने पेश किया है। ये AI एंकर दक्षिण कोरिया की ही न्यूज एंकर किम जू-हा (Kim Ju-ha) का प्रतिबिंब है।

इस AI न्यूज एंकर को कोरियाई न्यूज चैनल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रॉडक्शन कंपनी ‘मनी ब्रेन’ के साथ मिलकर बनाया है। ये दक्षिण कोरिया की पहली AI के माध्यम से चलने वाली न्यूज एंकर है। इस AI न्यूज एंकर का न केवल चेहरा ही किम की तरह है, बल्कि इसकी आवाज भी किम की तरह ही है। ये किम के छोटे से छोटे हावभाव की भी नकल करती है।

6 नवंबर को न्यूज टेलिकास्ट के दौरान AI किम ने असली किम के साथ बातचीत भी की। इस बातचीत को सुनकर लोग हैरान हो गए क्योंकि दोनों का चेहरा और आवाज एक जैसे ही थे।

टेलिकास्ट के दौरान AI किम ने बताया कि उसे गहन अध्ययन के साथ बनाया गया और असली किम के वीडियो दिखाए गए, जिससे वो उसके बोलने का तरीका और उसके हाव-भाव को सीख सके। AI किम ने बताया कि वो असली किम की तरह ही न्यूज पढ़ सकती है।

न्यूज कंपनी ने अपने बयान में कहा कि AI न्यूज एंकर प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति के लिए कारगर साबित होगी। इस नई तकनीक के माध्यम से कंपनी श्रम और उत्पादन लागत में भी आसानी से कटौती कर सकती है।

कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि AI न्यूज एंकर इंसान की जगह पूरी तरह से नहीं ले पाएंगे। सियोल के एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ने इस बारे में कहा कि टीवी पर AI एंकर को देखना कई लोगों को अजीब सा अनुभव दे सकता है जिसके कारण असली न्यूज एंकर्स की नौकरी को ज्यादा खतरा नहीं है।

प्रोफेसर ने कहा कि AI एंकर भले ही हमसे बहुत अलग नहीं हैं मगर वो हमारी तरह भी नहीं हैं। अगर इंसान को ये पता चल जाए कि जिसे वो टीवी पर देख रहा है वो असली नहीं है तो वो उसे तुरंत नकार देगा।

आपको बता दें कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से चलने वाली कोरिया की ये न्यूज एंकर दुनिया की पहली एंकर नहीं है। दो साल पहले चीन (China) ने भी एक AI न्यूज एंकर का निर्माण किया था।

यहां देखें वीडियो:

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IIMC: इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों से रूबरू होंगे छात्र, जानेंगे कई अहम तथ्य

कोरोनावायरस के कारण इस साल वर्चुअल रूप से आयोजित किया जाएगा यह कार्यक्रम, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे शुभारंभ

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 21 November, 2020
Last Modified:
Saturday, 21 November, 2020
IIMC

देश के प्रमुख मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) का सत्रारंभ समारोह 23 नवंबर से 27 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार 23 नवंबर को सुबह 10.30 बजे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर करेंगे। कोरोना के कारण इस वर्ष पांच दिवसीय सत्रारंभ समारोह ऑनलाइन आयोजित किया जा रहा है।

आईआईएमसी के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने बताया कि इस पांच दिवसीय आयोजन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वी. मुरलीधरन, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता सुभाष घई, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के मीडिया निदेशक एवं प्रेजिडेंट उमेश उपाध्याय, पटकथा लेखक और स्तंभकार सुश्री अद्धैता काला, दूरदर्शन के महानिदेशक मयंक अग्रवाल, हांगकांग बैप्टिस्ट यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर दया थुस्सु, अमेरिका की हार्टफर्ड यूनिसर्विटी के प्रोफेसर संदीप मुप्पिदी जैसी जानी-मानी हस्तियां नए विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करेंगी।

इसके अलावा हिन्दुस्तान टाइम्स के संपादक सुकुमार रंगनाथन, ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, ऑर्गेनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर, गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगवती प्रकाश शर्मा, सेंटर फॉर पॉलिसी स्टडीज, चेन्नई के निदेशक डॉ. जेके बजाज, इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस के प्रो. सिद्धार्थ शेखर सिंह, उद्यमी आदित्य झा, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के डायरेक्टर (लोकेलाइजेशन) बालेंदु शर्मा दाधीच, गुडऐज के प्रमोटर माधवेंद्र पुरी दास, रिलायंस के कम्युनिकेशन चीफ रोहित बंसल, ईयरशॉट डॉट इन के फाउंडर अभिजीत मजूमदार, न्यूजजेप्ल्स के फाउंडर शलभ उपाध्याय, एसोसिएटेड प्रेस टीवी की साउथ एशिया हेड सुश्री विनीता दीपक एवं नेटवर्क 18 के मैनेजिंग एडिटर ब्रजेश सिंह भी समारोह में हिस्सा लेंगे।      

कार्यक्रम के समापन सत्र में आईआईएमसी के पूर्व छात्र नए विद्यार्थियों से रूबरू होंगे। इन पूर्व छात्रों में ‘आजतक’ के न्यूज डायरेक्टर सुप्रिय प्रसाद, ‘न्यूज नेशन’ के कंसल्टिंग एडिटर दीपक चौरसिया एवं ‘कौन बनेगा करोड़पति’ के इस सीज़न की पहली करोड़पति नाज़िया नसीम शामिल हैं। कार्यक्रम का प्रसारण आईआईएमसी के फेसबुक पेज पर किया जाएगा।

गौरतलब है कि आईआईएमस अपने नए विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें मीडिया, जनसंचार, विज्ञापन एवं जनसंपर्क के क्षेत्र में करियर बनाने के तहत मार्गदर्शन दिलाने के लिए प्रतिवर्ष सत्रारंभ कार्यक्रम का आयोजन करता है।

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जिंदगी की जंग हार गए न्यूज नेशन के पत्रकार अमित विराट

न्यूज नेशन से एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, यहां रीजनल न्यूज चैनल में काम करने वाले टीवी पत्रकार अमित विराट का निधन हो गया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 20 November, 2020
Last Modified:
Friday, 20 November, 2020
Amit Virat

न्यूज नेशन से एक बुरी खबर सामने आई है। दरअसल, यहां रीजनल न्यूज चैनल में काम करने वाले टीवी पत्रकार अमित विराट का निधन हो गया है।

जानकारी के मुताबिक अमित पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। बताया जा रहा है कि उनके हार्ट और फेफड़ों में दिक्कत थी और पिछले चार महीने से वे इस समस्या से जूझ रहे थे। दिल्ली के जीवी पंत हॉस्पिटल में उन्होंने इसी महीने हार्ट सर्जरी करवाई थी, लेकिन इस बीच वे कोरोना से संक्रमित हो गए थे, जिसके बाद उन्हें नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया था।

वर्ष 2012 मे भी अमित की हार्ट सर्जरी दिल्ली के राम मनोहर लोहिया हॉस्पिटल मे सकुशल की जा चुकी थी, पुनः 8 साल बाद फिर से वह अपने इस हार्ट की इस पीड़ा से ग्रसित थे।

वहीं इस बीच वे कोरोना से भी संक्रमित हो गए थे। दिल्ली के बदरपुर के रहने वाले विराट शादीशुदा थे और उनका एक बेटा है। विराट को मीडिया इंडस्ट्री में करीब 15 वर्षों का अनुभव था। वे ईटीवी-यूपी में काम कर चुके थे।

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इन आरोपों में मीडिया फर्म का मैनेजर और डायरेक्टर गिरफ्तार

इस मामले में आयकर अधिकारी की ओर से सूरत के एक थाने में शिकायत दर्ज कराई गई थी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 20 November, 2020
Last Modified:
Friday, 20 November, 2020
Arrest

गुजरात की सूरत पुलिस ने मीडिया फर्म ‘संकेत मीडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Sanket Media Pvt Ltd) के डायरेक्टर सीताराम अदुकिया और मैनेजर मुख्तार बेग को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने सरकारी विज्ञापन एजेंसी ‘विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय’ (डीएवीपी) और निजी विज्ञापनदाताओं के सामने कंपनी के स्वामित्व वाले अखबार ‘सत्यम टाइम्स’ (Satyam Times) का अधिक सर्कुलेशन दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी के बहीखाते में गलत आंकड़े दर्ज किए। यह अखबार गुजराती व अंग्रेजी भाषा में पब्लिश होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में आयकर अधिकारी की ओर से धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इस एफआईआर में कहा गया था कि फर्जी आंकड़ों की मदद से वर्ष 2008-09 से 21 अक्टूबर 2020 के बीच मीडिया फर्म ने सरकार एजेंसियों से 70 लाख रुपये और विभिन्न विज्ञापन एजेंसियों से दो करोड़ रुपये के विज्ञापन हासिल किए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच में आयकर अधिकारियों को पता चला था कि सत्यम टाइम्स के गुजराती एडिशन का डेली सर्कुलेशन 23500 कॉपियां और अंग्रेजी एडिशन का डेली सर्कुलेशन छह हजार कॉपियां दिखाया गया था, जबकि गुजराती एडिशन का सर्कुलेशन छह सौ कॉपियां और अंग्रेजी का शून्य से 290 कॉपियां था।

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दो पत्रकारों के खिलाफ FIR, झूठी खबर फैलाने का लगा आरोप

दो निजी चैनलों के पत्रकारों पर यूपी की फतेहपुर पुलिस ने खबर को तोड़ मरोड़कर गलत तरीके से पेश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 20 November, 2020
Last Modified:
Friday, 20 November, 2020
FIR

दो निजी चैनलों के पत्रकारों पर यूपी की फतेहपुर पुलिस ने खबर को तोड़ मरोड़कर गलत तरीके से पेश करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है। ये एफआईआर धारा सिंह यादव नामक शख्स और भारत समाचार चैनल के पत्रकार के खिलाफ दर्ज की गई है। इसकी शिकायत असोथर थाना के प्रभारी रणजीत बहादुर सिंह ने की थी।

दरअसल बीते सोमवार फतेहपुर के असोथर थाने के एक गांव में दो सगी बहनों का शव तालाब में मिला था, जिसके बाद परिजनों ने रेप के बाद मर्डर का शक जताया था। इसके बाद स्थानीय मीडिया ने भी मर्डर व रेप की शंका जताई थी जिसे पुलिस ने पूरी तरह से खारिज कर दिया और दो चैनलों के पत्रकारों पर एफआईआर दर्ज कर ली।

असोथर थाना के प्रभारी रणजीत बहादुर सिंह ने अपनी प्राथमिकी में आरोप लगाया कि जब वह चिचनी गांव में गश्त पर थे, तब उन्हें पता चला कि एक निजी चैनल के पत्रकार और धारा सिंह यादव ट्विटर पर दो नाबालिग लड़कियों की हत्या की झूठी खबर फैला रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'दोनों लड़कियों की मौत सिंघाड़ा तोड़ते वक्त तालाब में गिरकर डूबने से हो गई थी। लेकिन पत्रकार दलित और अन्य समुदायों के बीच दुश्मनी पैदा करने के लिए फर्जी खबरें फैला रहे थे। पत्रकार ट्विटर पर आधारहीन खबरें फैला रहे थे कि लड़कियों के हाथ और पैर बंधे हुए मिले थे और उनके साथ बलात्कार किया गया और उनकी आंखें निकाल ली गईं। इससे दलित और अन्य समूहों के बीच दुश्मनी बढ़ रही थी।

उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि नाबालिग लड़कियों की डूबने से मौत हो गई और उनकी आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों को कोई नुकसान नहीं हुआ। बता दें कि चिचनी में एक तालाब में दो नाबालिग बहनें मृत पाई गईं थी और परिवार ने बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने कहा था कि लड़कियों की मौत डूबने से हुई है।  

वहीं फतेहपुर जिले के एसपी प्रशांत वर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों बच्चियों की मौत पानी में डूबने से हुई है। रेप और हत्या की पुष्टि नहीं हुई है। आंखें फोड़ने और हाथ-पैर बंधे होने की बात केवल अफवाह थी।

जानिए, क्या है मामला

दरअसल बीते सोमवार फतेहपुर के छिछनी गांव में रहने वाली दो बहनें खेत गई थीं लेकिन काफी समय तक घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने दोनों की तलाश शुरू की। काफी देर तक सूचना न मिलने पर वे परेशान हो गए। शाम को कुछ ग्रामीणों ने तालाब में दो शव देखे तो घर वालों को सूचना दी जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।

दोनों में एक लड़की के चोट के निशान भी दिखे जिसके बाद परिजनों को रेप व मर्डर की आशंका हुई। मंगलवार को पुलिस ने दोनों का पोस्टमॉर्टम कराया तो मौत का कारण डूबना बताया गया, वहीं रेप की पुष्टि भी नहीं हुई।  

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पत्रकार और उसकी पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, सामने आ रही ये वजह

पुलिस ने पांच आरोपितों को किया गिरफ्तार, मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी पहुंचा था यह मामला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 November, 2020
Last Modified:
Thursday, 19 November, 2020
Beaten

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से एक बड़ा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है। दरअसल, जिले के बरवाडीह गांव में 16 नवंबर को कुछ लोगों ने लखनऊ से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक के संवाददाता उदय पासवान और उनकी पत्नी शीतला की पीट-पीटकर हत्या कर दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में उदय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि गंभीर रूप से घायल शीतला की मौत वाराणसी के एक अस्पताल में हुई। बताया जाता है कि पूर्व ग्राम प्रधान केवल पासवान के साथ दुश्मनी के चलते हमलावरों ने इस वारदात को अंजाम दिया है। जमीन के विवाद को लेकर केवल और उसके परिवार के साथ उदय के परिवार के बीच दुश्मनी चली आ रही थी। वर्ष 2016 और 2018 में भी दोनों के खिलाफ मामले दर्ज हुए थे। यह मामला मुख्यमंत्री के जनता दरबार में भी पहुंचा था। मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश जारी होने के बावजूद सोनभद्र पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स का यह भी कहना है कि आरोपितों की ओर से धमकी मिलने के बाद उदय ने अपनी और परिवार की सुरक्षा को खतरे में देखते हुए पुलिस से संपर्क भी किया था, लेकिन पुलिस ने उनकी नहीं सुनी। घटना वाले दिन दोनों पुलिस से शिकायत कर मोटरसाइकिल से लौट रहे थे, तभी आरोपितों ने रास्ते में उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से जमकर पिटाई कर दी। उदय की मौत मौके पर ही हो गई। गंभीर हालत में शीतला को वाराणसी के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।

इस वारदात के बाद तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है, वहीं छह आरोपितों में से पांच को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपित केवल पासवान अभी फरार है, पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।

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TV पर लाइव रिपोर्टिंग कर रही थी महिला रिपोर्टर, तभी हुआ ये हादसा

प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के दौरान रिपोर्टिंग करना बेहद रिस्की और मुश्किल भरा होता है। कई बार अच्छी रिपोर्ट के लिए रिपोर्टर्स अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 17 November, 2020
Last Modified:
Tuesday, 17 November, 2020
reporter

प्राकृतिक आपदा (Natural Calamity) के दौरान रिपोर्टिंग करना बेहद रिस्की और मुश्किल भरा होता है। कई बार अच्छी रिपोर्ट के लिए रिपोर्टर्स अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं। हाल ही में एक ऐसा ही वीडियो सामने आया है, जिसे देखने के बाद आप हैरान रह जाएंगे। सोशल मीडिया पर यह वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।

बता दें कि ‘फॉक्स46’ (Fox46) की रिपोर्टर एम्बर रॉबर्ट्स ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस घटना की एक क्लीप को शेयर की, जिसे देखकर आपकी सांसे थम जाएंगी। इसमें उन्हें उत्तरी कैरोलिना के अलेक्जेंडर काउंटी में बाढ़ के हालात की रिपोर्टिंग करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में रॉबर्ट्स एक टूटे हुए पुल को दिखाती हैं। कुछ सेकंड में ही पुल का एक हिस्सा अचानक ढह जाता है। रॉबर्ट्स को इस हादसे के दौरान बैकग्राउंड में चिल्लाते हुए सुना जा सकता है क्योंकि वह उस वक्त पुल पर ही खड़ी थीं। किस्मत से रॉबर्ट्स और कैमरापर्सन दोनों को ही कोई नुकसान नहीं हुआ।

 इस वीडियो को सोशल मीडिया पर खूब देखा जा रहा है। 13 नवंबर को पोस्ट किए गए इस वीडियो क्लिप को 1300 से ज्यादा लाइक्स मिले हैं। अबतक 46,700  से ज्यादा लोगों ने इसे देखा है। 

लाइव टेलीविजन पर ब्रिज को गिरते देखकर लोग भी हैरान थे। सभी ने चैन की सांस ली जब उन्होंने देखा कि रॉबर्ट्स बिल्कुल सही सलामत हैं। लोगों ने इस पर अपने कमेंट और रिएक्शन दिए।

 

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नहीं रहे जाने-माने पब्लिशर एस. रामाकृष्णन

तमिलनाडु के ओमनदुरार स्थित मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मंगलवार को अंतिम सांस ली।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 17 November, 2020
Last Modified:
Tuesday, 17 November, 2020
S Ramakrishnan

जाने-माने पब्लिशर एस. रामाकृष्णन का तमिलनाडु के ओमनदुरार स्थित मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में मंगलवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। एस. रामाकृष्णन की पत्नी का निधन कई वर्ष पूर्व हो चुका था।  

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अस्पताल में एस. रामाकृष्णन का कोविड-19 का इलाज चल रहा था। शुक्रवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई थी और मंगलवार को उन्होंने अंतिम सांस ली। एस. रामाकृष्णन का जन्म चेन्नई में हुआ था।

सोशल वर्क में पोस्ट ग्रेजुएट रामाकृष्णन ने कुछ समय तक एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में भी काम किया था। इसके बाद वह पब्लिशिंग के क्षेत्र में आ गए थे। उन्होंने तमिल में गंभीर साहित्य को लोगों के सामने लाने के लिए ‘Cre-A’ नाम से पब्लिशिंग फर्म स्थापित की थी। वर्ष 1978 से उनकी फर्म प्रमुख तमिल लेखकों के कामों को पब्लिश करने के साथ-साथ हिंदी समेत अन्य भाषाओं में तमिल साहित्य का अनुवाद कर रही थी।

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