आज पत्रकारिता का चेहरा 'क्रूर' हो गया है, बोले वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय

‘आजकल ध्रुवीकरण का दौर है। राजनीति के साथ-साथ अब मीडिया में भी...

Last Modified:
Thursday, 28 February, 2019
Santosh Bhartiya

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

‘आजकल ध्रुवीकरण का दौर है। राजनीति के साथ-साथ अब मीडिया में भी ध्रुवीकरण दिखाई दे रहा है। ऐसे में क्या समय के साथ मीडिया में फैला ध्रुवीकरण खत्म हो पाएगा?’ ऐसे ही तमाम सवालों को लेकर समाचार4मीडिया डॉट कॉम के संपादकीय प्रभारी अभिषेक मेहरोत्रा ने देश के शीर्ष पत्रकारों में शुमार और ‘चौथी दुनिया’ के प्रधान संपादक संतोष भारतीय से एक साक्षात्कार के दौरान उनकी राय जाननी चाही।

इस बारे में संतोष भारतीय का कहना था, ‘जिस ध्रुवीकरण की बात की जा रही है, उसे आजकल लोग अपने शब्दों में भी लिख रहे हैं। लेकिन मेरा कहना है कि यह हर दौर में रहा है। हमसे पहले के दौर में यह ‘प्रो पीपुल जर्नलिज्म’ और ‘पीआर जर्नलिज्म’ के रूप में माना जाता था। पत्रकारों में भी ‘पीआर जर्नलिज्म’ को लेकर बहस होती रहती थी। लेकिन उस समय इस तरह की चीजें सार्वजनिक नहीं थीं, लेकिन आज के जमाने में इसका चेहरा बहुत ही ‘क्रूर’ हो गया है। आज कई पत्रकार सीधे-सीधे सत्ता के साथ जुड़ गए हैं और उसके लिए तर्क तैयार करने का काम करते हैं। ऐसे भी पत्रकार हैं जो सत्ता के खिलाफ हैं, लेकिन वे विपक्ष की बोली बोलते हैं। इसके अलावा पत्रकारिता का एक और चेहरा ‘प्रो पीपुल जर्नलिज्म’ भी होता है। इसका बुनियादी सिद्धांत यही होता है कि आप जनता के हित की पत्रकारिता कर रहे हैं, किसी खास राजनीतिक दल अथवा संस्थान विशेष के हित की पत्रकारिता नहीं कर रहे हैं।’

इस दौरान संतोष भारतीय का यह भी कहना था, ‘आज के समय में ‘प्रो पीपुल जर्नलिज्म’ बहुत कम है। और चूंकि सत्ता यही चाहती है कि हर चीज उसके पक्ष में आए, इसलिए मुझे नहीं लगता कि हाल-फिलहाल इस स्थिति में कोई परिवर्तन आने वाला है।’

संतोष भारतीय के साथ बातचीत के विडियो को आप यहां देख सकते हैं-

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