किताब के विमोचन के समय पर उठा सवाल, हेमंत शर्मा ने दिया ये जवाब...

साप्ताहांत में दिल्ली में अकसर पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम होते रहते हैं...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 21 September, 2018
Last Modified:
Friday, 21 September, 2018
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

साप्ताहांत में दिल्ली में अकसर पुस्तक लोकार्पण के कार्यक्रम होते रहते हैं। पर कल यानी 20 सितंबर, 2018 की शाम डॉ. भीमराव अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर में हुआ एक पुस्तक लोकार्पण समारोह अपने आप में ही भव्य था। भव्यता ऐसी थी कि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के प्रधान, सबसे बड़ी सामाजिक संस्था के प्रमुख समेत कई कैबिनेट मंत्री के साथ-साथ बड़ी संख्या में देश के बड़े संपादक, देश की नव्ज समझने वाले रिपोर्टर्स और अयोध्या के प्रति श्रद्धा रखने वाले राम सेवक मौजूद थे। कार्यक्रम था देश के जाने-माने पत्रकार हेमंत शर्मा की दो पुस्तकों ‘युद्ध में अयोध्या’ और ‘अयोध्या का चश्मदीद’ का लोकार्पण। व्यवस्था संभाल रहे थे टीवी में कई चमकने वाले चेहरे। कार्यक्रम की शुरुआत अयोध्या पर बनी एक शानदार डाक्यूमेंट्री और फिर उसके बाद सजी सुरों की एक शानदार शाम।

राम मंदिर के लिए हर कोई मिलकर काम करे-

पुस्तक विमोचन के मौके पर गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कार्यक्रम की तरीफ करते हुए कहा कि मुझे लग रहा है कि मैं वाराणसी में बैठा हुआ हूं। इस दौरान उन्होंने किताब के लेखक हेमंत जी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनसे मेरा संबंध 30-32 साल पुराना है और ये सच है कि जब मैं 1991 में उत्तर प्रदेश का शिक्षा मंत्री था, तो हेमंत जी मेरे कटु आलोचक थे। तब वे जनसत्ता में लिखा करते थे और वे जो लिख देते थे, उस पर जबरदस्त चर्चा होती थी। इसलिए मैं उनकी पत्रकारिता का कायल रहा हूं। कभी हेमंत जी से अयोध्या की बाते होती थीं, तो ये होता था लिखिए, लिखिए, लिखिए। कुछ समय पहले भी उन्होंने चर्चा की थी कि अयोध्या पर जल्द ही कुछ लिखूंगा। मैंने कहा लिख दीजिए। इसलिए मैं बधाई देना चाहता हूं कि हेमंत जी आपने किसी की सुनी अथवा नहीं, लेकिन अयोध्या की सुनकर आपने दो पुस्तकें लिख दीं। दो पुस्तकें जो उन्होंने लिखी है और जितनी भी उसकी भूमिका मैंने पढ़ी व जो चलचत्रि देखा, उससे दावे के साथ कह सकता हूं कि इसमें अयोध्या का पूरा यात्रचक्र शामिल है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह संतोषजनक होगा अगर भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए सभी धर्मों के अनुयायी मिलकर काम करें।  

राम जन्मभूमि के मुद्दे पर नहीं बोलेंगे ज्यादा-

वहीं कार्यक्रम में शामिल हुए बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने शायद सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई के चलते ही राम जन्मभूमि के मुद्दे पर ज्यादा बात करने से इनकार कर दिया, लेकिन फिर भी इस दौरान उन्होंने जो कुछ बोला, वह अखबारों के लिए सुर्खिया बनने के लिए काफी था। उन्होंने न केवल राम जन्मभूमि आंदोलन को स्वतंत्रता के बाद से देश का सबसे बड़ा आंदोलन बताया, बल्कि यह भी कहा कि राम मंदिर के लिए हुए इस आंदोलन ने समाज के सभी वर्गों को छू लिया था। उन्होंने कहा कि अयोध्या से सम्बंधित पांच नहीं छह घटनाएं हैं। छठी घटना है- विवादित ढांचे का टूटना, वहीं से ये संघर्ष शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि छह सदी पहले अयोध्या में मंदिर ध्वस्त होने के बाद से ही लोगों का आंदोलन चल रहा था और यह तब तक जारी रहेगा, जब तक कि संस्कृति की जीत नहीं हो जाती। उन्होंने कहा, ‘लोगों की भावनाएं हमेशा लोकतंत्र में जीतती हैं, और मुझे विश्वास है कि यह आंदोलन इसी दिशा में जाएगा।’

हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि अयोध्या की विवादित जमीन के मालिकाना हक पर बातचीत हो तो राम मंदिर के निर्माण के तथ्य से किनारा नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इस तथ्य से इनकार नहीं कर सकते कि अयोध्या में राम मंदिर ध्वस्त हुआ है।

ये बहस तो चलती रहेगी-

वहीं, कार्यक्रम में मौजूद राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, 'मैं हेमंत जी को पहले नहीं जानता था, लेकिन वो जब इस पुस्तक के प्रकाशन के लिए उपस्थित होने का न्योता लेकर आए, तभी उनसे पहली भेंट हुई। पहले पता भी नहीं था। पंडित मनु शर्मा (लेखक हेमंत शर्मा के पिताजी) का नाम तो सुना था लेकिन कभी उनकी पुस्तकें पढ़ीं नहीं, क्योंकि इधर उत्तर प्रदेश में कभी रहा नहीं। वैसे किताब की टाइमिंग को लेकर सवाल तो मुझसे भी पूछा गया। इस दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि विवाद पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, 'जन्मभूमि एक ही होती है वहां मंदिर बनाने की मांग है। ये कहा गया होता कि इस जमाने में ये सम्भव नहीं है तो मान भी लेते, लेकिन कहा गया कि वहां राम का जन्म हुआ ही नहीं। ये सुनकर हम पढ़े लिखे धैर्य कर भी लें तो गली में चलने वाला आस्तिक लड़का धैर्य कैसे रखेगा। हम राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर जल्द से जल्द बनवाना चाहते हैं।'

मोहन भागवत ने कहा कि मस्जिद किसने तोड़ी, कौन उसका जिम्मेदार है इसकी बहस तो चलती रहेगी, क्योंकि ये राजनीति का हिस्सा है और सच को सामने लाना जरूरी भी है। हालांकि यहां उन्होंने एक विवादित बयान भी दिया कि जब-जब सच्चाई और न्याय को नकारा जाएगा, अयोध्या में महाभारत होगी। ऐसा नहीं होना चाहिए लेकिन इसे कोई रोक भी नहीं सकेगा।

किताब लिखना मेरा गिलहरी प्रयास-

खुद लेखक ने भी राम मंदिर आंदोलन को अपने अंजाम तक पहुंचाने का संकेत करते हुए अमित शाह को मंच से इशारा किया। लेखक हेमंत शर्मा ने कहा, 'अमित शाह जी अयोध्या आपकी ओर बड़ी उम्मीद से देख रही है। मैंने इसे इसलिए अभी लिखा ताकि मेरा भी इस महायज्ञ में गिलहरी प्रयास हो जाय।' उन्होंने कहा कि इस किताब को लिखने में काफी मुश्किल आती अगर ASI, नेशनल आर्काइव, नेहरू मेमोरियल म्यूजियम ने मदद न की होती।    

इन दो पुस्तकों को देखकर मेरा मन अब खुद से पूछ रहा है कि क्या सचमुच तुम इन पुस्तकों के लेखक हो। क्या तुमने ये काम किया है? मेरा मन नहीं मान रहा है कि मैं ही इन पुस्तकों का लेखक हूं, मुझसे तो यह काम करा लिया गया है। कोई ऐसी ताकत है जिसने मुझसे यह काम कराया है। हम उसे भी प्रणाम करते हैं।

पुराने पत्रकारीय साथी ने मुझसे पूछा कि यह किताब आपने अभी क्यों लिखी। इसकी टाइमिंग पर सवाल उठेगा और तुम्हारे लिखने पर भी। हालांकि ये हमारे मित्र सड़क पर बाएं चलने के अलावा विचारों में भी बाएं से चलते हैं। उनसे मैंने कहा कि बात तो आपकी सही है। अयोध्या पर मैं नहीं लिखूंगा, तो कौन लिखेगा। अयोध्या पर अब तक जो कुछ लिखा गया वह अब देखा गया और सुना हुआ यथार्थ था। किताब में मेरा भोगा हुआ यथार्थ है। चार घटनाओं पर मैं मौजूद था इसलिए मेरा लिखने का हक है। चार इसलिए क्योंकि पहली घटना में मेरा जन्म नहीं हुआ था। अब तक अयोध्या के बारे में जो कुछ लिखा गया अयोध्या के बारे में, वह या तो इस पक्ष का था या उस पक्ष का। निरपेक्ष दृष्टि से अयोध्या पर लिखा नहीं गया। अयोध्या का सच किसी ने जाना नहीं।

उन्होंने कहा कि इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ सकते हैं। हमारे पत्रकार साथी की जैसी जिज्ञासा और लोगों की भी हो सकती हैं। पर अयोध्या विवाद इस समय निर्णायक बिंदु पर है। देश की सर्वोच्च अदालत में इस पर सुनवाई हो रही है। मैंने सोचा कि ये मेरा धर्म है कि मैंने जो कुछ देखा है, जो कुछ सुना है अयोध्या की नजरों से उसे बयान कर दूं, तो शायद मेरा भी कुछ गिलहरी प्रयास हो जाए, इस वजह से मैंने इसे अभी लिखा।  

 सत्ता के ये सिपाही थे मौजूद-

देश की मोदी सरकार के कई मंत्री इस समहारोह की शोभा बढ़ाते नजर आए। कैबिनेट मंत्री महेश शर्मा, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, कलराज मिश्र, गिरिराज सिंह, थावर चंद गहलोत, विजय गोयल, संतोष गंगवार  आदि।

नेताओं का था हुजूम-

बीजेपी के बड़े नेता ओम माथुर, कांग्रेस के बड़े नेता जनार्दन द्विवेदी, सपा के महासचिव रामगोपाल यादव, यूपी बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र पांडे,  गृहमंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र और नोएडा के विधायक पंकज सिंह, बीजेपी प्रवक्ता नवीन कुमार, शाहनवाज हुसैन, मनोज सिन्हा,  एस.पी. सिंह बघेल आदि।

संपादक पत्रकारों का लगा था मेला-

देश के कई वरिष्ठ संपादक और पत्रकार इस मौके पर नजर आए, जिसमें प्रमुख रूप से प्रसार भारती के चेयरमैन ए.सूर्य प्रकाश, डॉ. वेद प्रताप वैदिक, एन.के. सिंह, राहुल देव, जी यूपी और जी एमपी-छत्तीसगढ़ के संपादक दिलीप तिवारी, जगदीश चंद्रा, प्रभु चावला, सुमित अवस्थी, अजीत अंजुम, विनोद कापड़ी, अजय उपाध्याय, शिवेंद्र कुमार सिंह, आलोक श्रीवास्तव, शेष नारायण सिंह, जय शंकर गुप्त, शरद गुप्ता, पुष्पेष पंत, संतोष भारतीय, , राम बहादुर राय, ऋचा अनिरुद्ध, लखनऊ से मालिनी अवस्थी, यतीन्द्र मिश्र, नवनीत सहगल, अरविंद कुमार सिंह आदि।  

यहां देखें किताब के विमोचन का विडियो:

 

 

 

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पत्रकारों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने लिया ये महत्वपूर्ण फैसला

मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Media Coverage

मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि राज्य के मीडियाकर्मियों के कोरोना का इलाज प्रदेश सरकार कराएगी। इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन और फोटोग्राफर्स सभी को शामिल किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के प्रिंट,  इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग के सभी मीडिया कर्मी,  अधिमान्य या गैअधिमान्य और उनके परिवार के सदस्यों के कोरोना संक्रमण का इलाज सरकार कराएगी, ताकि पत्रकारों को परेशानी न हो।

इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि मध्य प्रदेश में अधिमान्य और गैरअधिमान्य पत्रकारों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना अंतर्गत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना द्वारा सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल,  अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है।

 

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Zee के MD पुनीत गोयनका ने टाइम्स समूह की चेयरपर्सन इंदु जैन को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Indu Jain-Punit Goenka

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीति व मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं तमाम हस्तियों ने इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।  

वहीं, 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में पुनीत गोयनका का कहना है, ‘कल रात से मैंने श्रीमती इंदु जैन द्वारा लिखा गया हृदयस्पर्शी पत्र कई बार पढ़ा है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि अभी तक इसकी गहराई का अनुमान लगाया जा सका है। सरल, लेकिन शक्तिशाली शब्दों में उन्होंने काफी खूबसूरती से हमारे लिए मृत्यु के अर्थ को स्पष्ट किया है। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए हमें हर मुस्कुराहट में उनकी तलाश करनी चाहिए और उन्हें महसूस करना चाहिए। उनकी आत्मा और उनके परिवार के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन ने इंदु अपने निर्वाण को लेकर अपने मित्रों को तैयार करने के लिए कुछ साल पहले एक पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र के जरिए इच्छा जताई थी कि उनकी मृत्यु का उत्सव मनाया जाए।

गौरतलब है कि कई दिनों से कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण से जूझ रहीं इंदु जैन का गुरुवार की देर शाम निधन हो गया था। वह 84 वर्ष की थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष भी थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर तमाम हस्तियों ने जताया शोक, दी श्रद्धांजलि

‘टाइम्स समूह’ की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Indu Jain Tribute

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स समूह की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन में, हमने एक बेमिसाल मीडिया लीडर और कला और संस्कृति की एक महान संरक्षक को खो दिया। उन्होंने उद्यमिता, आध्यात्मिकता और परोपकार के क्षेत्रों में अपनी विशेष छाप छोड़ी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।' 

अपने ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है, ‘टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन से दुखी हूं। उन्हें उनकी सामुदायिक सेवा की पहलों, भारत की प्रगति के प्रति जुनून और हमारी संस्कृति में गहरी रुचि के लिए याद किया जाएगा। मुझे उनके साथ अपनी बातचीत याद है। उनके परिवार के प्रति संवेदना।’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इंदु जैन को अपनी श्रद्धांजलि दी है। 

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘टाइम्स ग्रुप’ की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन की खबर सुन दुखी हूं। परिवार और ‘टाइम्स ग्रुप’ को मेरी संवेदनाएं।’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया, 'टाइम्स समूह के अध्यक्ष इंदु जैन जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें सामाजिक कार्यों में उनके योगदान, भारतीय संस्कृति के लिए उनके जुनून के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। ओम शांति।'

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया, 'टाइम्स ग्रुप की अध्यक्षा श्रीमती इंदु जैन जी के दुखद निधन को सुनकर दुख हुआ। वह एक प्रसिद्ध परोपकारी और आजीवन आध्यात्मिक साधक थी। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उन्हें हमेशा दया, परोपकार और दया के लिए याद किया जाएगा।'

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया है, टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उन्हें एक भावुक परोपकारी, महिला अधिकारों की प्रबल प्रस्तावक और एक प्रेरणादायक नेता के रूप में याद किया जाएगा। विनीज जैन और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी का निधन अत्यंत दुःखद है। राष्ट्रहित व जन सेवा हेतु आपका उत्कृष्ट योगदान अविस्मरणीय है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ।  इंदु जी का निधन पत्रकारिता जगत एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों सहित समर्थकों को संबल दें। विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति: शांति:' 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन पद्म भूषण इंदु जैन जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदना। महिलाओं के अधिकारों की प्रस्तावक और एक परोपकारी के रूप में मीडिया उद्योग में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस नुकसान को सहन करने के लिए उसके परिवार को ताकत मिले।'

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट किया, "इंदु जैन जी के निधन से काफी दुखी हूं. परोपकार संबंधी कार्यों और राष्ट्र निर्माण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति।"

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जैन के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ट्वीट किया, "विनीत जी, आपके लिए बेहद दुखी हूं. मुझे कई बार निजी तौर पर भी उन्होंने अपना आर्शीवाद दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति।"

इनके अलावा फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में रितेश देशमुख ने कहा है, 'श्रीमती इंदु जैन के जाने से बहुत दुखी हूं। वह टाइम्स ऑफ इंडिया और उसके कई इनिशिएटिव्स में अहम रोल निभाया और गाइड करती रहीं। वह एक ऐसी समाज सेविका थीं, जिन्होंने कई जिंदगियां रोशन कीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।'

 जाने-माने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी इंदु जैन के निधन पर ट्वीट करके शोक जताया है।

गौरतलब है कि इंदु जैन का करीब 84 वर्ष की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और इन दिनों अस्पताल में भर्ती थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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होम आइसोलेशन वाले मरीजों तक जानकारी पहुंचाने में मीडिया का इस्तेमाल करें सरकारें: HC

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
High Court

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं, लेकिन ये गाइडलाइंस सभी लोगों तक पहुंचें, इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार समेत इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लेने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना के उपचार के लिए घर में क्या प्रयास करना चाहिए और किस तरह से वह जल्द से जल्द ठीक हो सकते हैं, इसको लेकर दूरदर्शन जैसे चैनल्स का उपयोग किया जाना चाहिए।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा है कि इसकी जानकारी वह अखबारों में विज्ञापन के माध्यम से भी दे सकते हैं. इसमें डॉक्टर्स किन लक्षणों में क्या करने की सलाह दे रहे हैं, इसको लेकर विशेषज्ञों की राय को अखबारों में दिल्ली सरकार की तरफ से दिया जा सकता है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर इससे संबंधित तमाम जानकारियों को शामिल किया है, जिनका उपयोग होम आइसोलेशन के दौरान कोरोना से संक्रमित लोग कर सकते हैं। आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के बहुत सारे वीडियो भी अपलोड किए हैं जिसमें वह जानकारी रहे दे रहे हैं कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना होने के दौरान क्या-क्या करना चाहिए।

हालांकि कोर्ट ने कहा कि जो कुछ भी आईसीएमआर ने अपनी वेबसाइट पर डाला है, वह ज्यादातर आम लोगों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में आम लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाने के लिए अंग्रेजी के बजाय लोकल भाषा में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वह जानकारी दी जानी चाहिए जो आईसीएमआर अपनी वेबसाइट पर दे रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना के हाल के लक्षणों वाले तमाम लोग फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। ऐसे में हाई कोर्ट चाहता है कि इन सभी लोगों को सोशल मीडिया या इधर-उधर से कोरोना के इलाज से संबंधित कोई गलत जानकारी न मिले। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार विश्वसनीय जानकारियां प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जारी कराएं, जिससे लोग भ्रम की स्थिति में न रहें।

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नहीं रहीं Times Group की चेयरपर्सन इंदु जैन

कई दिनों से चल रहा था उपचार, गुरुवार को ली अंतिम सांस

Last Modified:
Thursday, 13 May, 2021
Indu Jain

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का निधन हो गया है। वह 84 वर्ष की थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और इन दिनों अस्पताल में भर्ती थीं, गुरुवार की देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।

इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदु जैन के निधन पर टाइम्स ग्रुप ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम हस्तियों ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि दी है। 

 

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लोकमत ग्रुप अपने दिवंगत मीडियाकर्मियों की कुछ यूं करेगा मदद

लोकमत ने कोरोना के कारण अपनी जान गंवाने वाले सदस्यों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।

Last Modified:
Thursday, 13 May, 2021
Lokmat554

कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में लाखों लोगों की जान चली गई है, जिनमें कई मीडियाकर्मी भी शामिल है। इस बीच लोकमत मीडिया ग्रुप ने अपने उन एम्प्लॉयीज के परिजनों को 10 लाख रुपए तक की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है, जिनका निधन कोविड-19 की वजह से हो गया है।  

लोकमत मीडिया ग्रुप के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर व एडिटोरियल डायरेक्टर करण दर्डा ने कहा कि इन दिनों पूरा देश कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है। कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में लोकमत परिवार ने भी पिछले कुछ दिनों में अपने कई सदस्यों को खो दिया है। इस कठिन समय में, लोकमत ने कोरोना के कारण अपनी जान गंवाने वाले सदस्यों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रयास उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो इस मुश्किल समय के दौरान परेशानी में हैं।

बता दें कि इस राहत पैकेज से लोकमत कर्मचारियों के वे परिवार भी लाभान्वित होंगे, जो पहले से ही शोकग्रस्त हैं।

एक आंतरिक ई-मेल के जरिए करण दर्डा ने यह भी कहा कि लोकमत एक वरिष्ठ कर्मचारी को 2 साल की अवधि के लिए नियुक्त करेगा, जो दिवंगत कर्मचारी पर आश्रित परिवार के सदस्यों को परामर्श, मार्गदर्शन और समर्थन देने का काम करेगा।  

यह पहल कंपनी द्वारा चलाए जा रहे लोकमत केयर्स (COVID Assistance, Relief and Support) के तहत की जा रही है।

 

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TikTok में इस बड़े पद से निखिल गांधी ने दिया इस्तीफा: रिपोर्ट

एक न्यूज पोर्टल के हवाले से मिली खबर के अनुसार, फिलहाल वह नोटिस पीरियड पर काम कर रहे हैं।

Last Modified:
Wednesday, 12 May, 2021
Nikhil Gandhi

‘बाइटडांस’ (ByteDance) कंपनी के स्वामित्व वाले शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म ‘टिकटॉक’ (TikTok) में पिछले दिनों हेड (मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, तुर्की और साउथ एशिया) के तौर पर अपनी नई जिम्मेदारी संभालने वाले निखिल गांधी के बारे में खबर है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है।  

एक न्यूज पोर्टल के हवाले से मिली खबर के अनुसार, फिलहाल वह नोटिस पीरियड पर काम कर रहे हैं। ‘टिकटॉक’ को जॉइन करने से पहले निखिल गांधी ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के प्रेजिडेंट और सीओओ के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

इससे पहले वह ‘द वॉल्ट डिज्नी’ (The Walt Disney) कंपनी में वाइस प्रेजिडेंट भी रह चुके हैं। बता दें कि ‘टिकटॉक’ ने भारत सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों के बाद भारत में अपना कारोबार बंद कर दिया था। इससे देश में टिकटॉक के 2000 एम्प्लॉयीज प्रभावित हुए थे।

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कोरोना से टूट गई वरिष्ठ पत्रकार शिव अनुराग पटेरिया की सांसों की डोर

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक शिवअनुराग पटेरिया का बुधवार सुबह इंदौर में निधन हो गया। वे कोरोना से ग्रस्त होकर इंदौर के बॉम्बे हास्पिटल में इलाज करा रहे थे।

Last Modified:
Wednesday, 12 May, 2021
shivanurag54

वरिष्ठ पत्रकार और लेखक शिवअनुराग पटेरिया का बुधवार सुबह इंदौर में निधन हो गया। वे कोरोना से ग्रस्त होकर इंदौर के बॉम्बे हास्पिटल में इलाज करा रहे थे। उनका आक्सीजन लेवल बहुत कम हो गया था। इस बीच दिल का दौरा पड़ने से आज सुबह आखिरी सांसें लीं। 

शिव अनुराग पटैरिया लंबे समय से लोकमत ग्रुप से जुड़े हुए थे। वे लोकमत समाचार के भोपाल ब्यूरो प्रमुख थे। वे पत्रकारिता के साथ-साथ पत्रकारिता व जनसंचार के अध्यापन में भी तीन दशक से ज्यादा समय तक सक्रिय भूमिका में रहे हैं।

इस बीच भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने वरिष्ठ पत्रकार के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनका निधन पत्रकारिता और सामाजिक क्षेत्र के लिए बहुत बड़ी क्षति है।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि श्री पटैरया जनमुद्दों के लिए जूझने वाले पत्रकार थे। उन्होंने छतरपुर से आंचलिक पत्रकार के तौर पर 1978 में पत्रकारिता प्रारंभ कर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के संदर्भों पर लिखीं उनकी पुस्तकें बेहद मूल्यवान कृतियां हैं।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि उनका जाना तमाम युवा पत्रकारों, पत्रकारिता जगत के लिए एक शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। उन्होंने कहा कि पटेरिया ने अपनी पूरी जिंदगी पत्रकारिता, लेखन और सामाजिक सरोकारों के लिए समर्पित कर दी। अन्याय के विरुद्ध लड़ते हुए वे पत्रकारिता में आए और अपनी धार बनाए रखी। वे स्वभाव से मृदुभाषी थे, किंतु अपनी पत्रकारिता में उन्हें जो लिखना और कहना होता था वही करते थे।

प्रो. द्विवेदी ने बताया कि व्यवस्था के खिलाफ बंदूक, मध्यप्रदेश की पत्रकारिता, बिन पानी सब सून, पत्रकारिता के युग निर्माता राजेंद्र माथुर, मध्यप्रदेश संदर्भ, छत्तीसगढ़ संदर्भ, मप्र की जल निधियां, मप्र की गौरवशाली जल परंपरा जैसी अनेक कृतियों के वे लेखक थे। उन्हें राजेंद्र माथुर सम्मान, मेदिनी पुरस्कार, डॉ.शंकरदयाल शर्मा अवॉर्ड जैसे सम्मानों से अलंकृत किया गया था।

प्रो. द्विवेदी ने कहा कि श्री पटेरिया न सिर्फ पत्रकारिता और लेखन के क्षेत्र में बल्कि मध्यप्रदेश के सार्वजनिक जीवन में भी सार्थक हस्तक्षेप रखते थे। उनके मार्गदर्शन में पत्रकारों की एक लंबी पूरी पीढ़ी तैयार हुई।

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ZEE एंटरटेनमेंट से जुड़े विवेक अरोड़ा, निभाएंगे यह बड़ी जिम्मेदारी

ZEE एंटरटेनमेंट से पूर्व विवेक अरोड़ा करीब चार साल से टीवी18 ब्रॉडकास्ट में वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

Last Modified:
Wednesday, 12 May, 2021
Vivek Arora

‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEE ENTERTAINMENT ENTERPRISES LTD) ने विवेक अरोड़ा को हेड (Alliances & Partnerships, South Asia) के तौर पर नियुक्त किया है। ZEEL से पूर्व विवेक अरोड़ा करीब चार साल (3.9 years) से टीवी18 ब्रॉडकास्ट में वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

टीवी18 में अपनी पारी निभाने से पहले वह ‘हवास’ (Havas) में प्रोजेक्ट लीड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। यहां पर इस भूमिका में वह रेवेन्यू जुटाने के अलावा ब्रैंड्स के लिए डिजिटल कंटेंट और सोशल मार्केटिंग सॉल्यूशंस के लिए जिम्मेदार थे।

इस बारे में ZEEL ने अपने ऑफिसियल लिंक्डइन पेज पर एक पोस्ट में कहा है, ‘कंपनी में विवेक अरोड़ा के शामिल होने पर हम काफी खुश हैं। यहां वह हेड (Alliances & Partnerships, South Asia) के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे। विवेक को इंडस्ट्री में काम करने का 20 साल से ज्यादा का अनुभव है। हम अपने साथ नए सफर की शुरुआत के लिए विवेक को शुभकामनाएं देते हैं।’

अरोड़ा को साउथ एशिया के मार्केट्स में सबस्क्रिप्शन व लाइसेंसिंग के क्षेत्र में काम करने का करीब 20 साल का अनुभव है। पूर्व में वह ‘स्टार इंडिया’ (Star India) और ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में भी लंबे समय तक काम कर चुके हैं।

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महामारी में वरदान साबित होगी एफमैक की पहल, 15 दिनों में तैयार किया प्री कोविड अस्पताल

आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है।

Last Modified:
Tuesday, 11 May, 2021
FMEC-Hospital54

कोरोना संकट के बीच आगरा के लोगों के लिए ये राहत भरी खबर है। आगरा के जूता निर्यातकों की सबसे बड़ी संस्था एफमैक ने कोरोना महामारी से निपटने के लिए जिला प्रशासन के सहयोग से एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की शुरुआत की है। लगभग 15 दिनों से युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी चल रही थी, जिसे मंगलवार की सुबह अंतिम रूप दे दिया गया। कोविड मरीजों के इलाज के लिए बनकर तैयार हुए 350 बेड के इस प्री कोविड हॉस्पिटल के बारे में संस्था पदाधिकारियों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी। इस दौरान एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि किस प्रकार इस मुहिम को गति मिली।

विभागों के आपसी समन्वयन से मिली सफलता

एफमैक अध्यक्ष पूरन डावर ने बताया कि जिला प्रशासन के सभी विभागों के आपसी समन्वय से इस प्री कोविड हॉस्पिटल को इतने कम समय में हमने बनाकर तैयार किया। जिलाधिकारी आगरा प्रभु नारायण सिंह के निर्देशन में प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला। नगर आयुक्त आगरा निखिल टीकाराम फंदे, डीवीएनएल एमडी इंजी. सुधीर कुमार वर्मा, स्वास्थ्य विभाग में मुख्य चिकित्सा अधिकारी आगरा डॉ. आरसी पांडे आदि अधिकरियों और इनकी कुशल टीम की तत्परता से यह कार्य सम्भव हुआ।

चिकित्सा व्यवस्थाओं को संभालेगा जिला प्रशासन

एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में चिकित्सा व्यवस्थाओं को एफमैक से जुड़े डेढ़ दर्जन से अधिक चिकित्सकों के साथ जिला प्रशासन संभालेगा, जिसमें एसीएमओ और डिप्टी एसीएमओ को जिम्मेदारी दी गईं है। साथ ही चिकित्सा विभाग ने डॉ. जीतेन्द्र लवानिया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशंसा करते हुए जिलाधिकारी प्रभु नारायण सिंह ने कहा कि अस्थाई कोविड सेंटर के रूप में एफमैक का यह प्री हॉस्पिटल मॉडल साबित हो रहा है।

अभी इस श्रेणी के मरीजों का होगा इलाज

कॉन्फ्रेंस के दौरान एफमैक पदाधिकारियों ने बताया कि हॉस्पिटल में 350 बेड्स की व्यवस्था है, जिसमें अभी एल वन और एल प्लस श्रेणी के मरीजों का इलाज होगा। कुछ दिनों में हम एल-टू श्रेणी के मरीजों को भी इसमें शामिल कर लेंगे। अभी हमारे यहां 200 बेड पर ऑक्सीजन सिलेंडर की व्यवस्था है। प्री कोविड हॉस्पिटल की प्रशासनिक जिम्मेदारियों को चंद्र शेखर जीपीआई निभा रहे हैं। हॉस्पिटल को जिला प्रशासन के कोविड कमांड सेंटर से भी जोड़ा गया है। भर्ती होने वाले मरीज कमांड सेंटर के जरिये और हॉस्पिटल के हेल्पलाइन नंबर 9557597705 पर संपर्क कर भर्ती होने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

विशेषज्ञों ने मरीजों के लिए तैयार किया खास डाइट चार्ट

प्रतिदिन आहार वितरण सूची इस प्रकार है-

•             जीरा/अजवाइन गरम पानी   7:00 सुबह

•             सुबह का नाश्ता   8:30 सुबह

•             चाय / कॉफी   9:00 सुबह

•             सूप    12:00 दोपहर

•             दोपहर भोज 12:30 दोपहर     

•             दालचीनी नींबू शहद (CLH) 4:00 सांय

•             चाय / कॉफी   6:00 सांय

•             रात्रि भोजन    7:30 सांय

•             ग्रीन-टी (जरूरत के अनुसार)

नियमित योग और मेडिटेशन को भी किया गया है इलाज में शामिल

योग और मेडिटेशन को भी इलाज में शामिल किया गया है, जिसका प्रतिदिन नियमित समय सुबह 6 बजे से 7 बजे तक रहेगा, साथ ही दोपहर 12 बजे से एक घंटे के लिए मरीज की जरूरत के अनुसार रहेगा सूक्ष्म योग, यौगिक सूक्ष्म व्यायाम, पवनमुक्तासन, वज्रासन की योग क्रियाएं योगाचार्य के निर्देशन में होंगी। तीन बजे मेडिटेशन का समय निर्धारित किया गया है। कोविड सेंटर में आईसीयू वार्ड के साथ कुल 5 हाल बनाए गए हैं, जिनमें लगातार आध्यत्मिक ध्वनि के संगीत की व्यवस्था की गई है।  

मरीजों को इलाज के साथ होगा प्रकृति से निकटता का अहसास

भव्य क्षेत्र में फैले एफमैक प्री कोविड हॉस्पिटल में मरीजों को इलाज के साथ-साथ प्रकृति से निकटता का अहसास भी होगा। आस-पास हरभरा वातावरण यहां मरीजों की जल्दी रिकवरी का भी माध्यम बनेगा।

अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी

एफमैक के अध्यक्ष पूरन डावर ने कहा कि देश एक बड़ी महामारी से जूझ रहा है। स्वाभाविक रूप से जो देश में व्यवस्थाए हैं नाकाफी हैं। सरकार या हेल्थ सेक्टर कितना भी करे ऐसी महामारियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। औद्योगिक संगठन हों या सामाजिक संगठन अपनी सामाजिक जिम्मेदारी हमें निभानी ही होगी। सरकार, प्रशासन और डॉक्टर्स के साथ मिलकर एफमैक ट्रस्ट का यह प्रयास मुझे लगता है लोगों के लिए विशेष लाभकारी साबित होगा।

आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे

एफमैक की उपाध्यक्ष रूबी सहगल ने कहा कि यदि किसी बीमारी से पीड़ित होकर पूरा शहर हॉस्पिटल की ओर भगा चला आए तो यह संभव नहीं कि किसी भी देश या प्रदेश का प्रशासन हॉस्पिटल या ऑक्सीजन तुरंत उपलब्ध करा पाए। ऐसे आपातकाल में सामूहिक प्रयासों से ही जीत हासिल की जा सकती है। कोरोना की इस आपदा में कोई भी व्यक्ति इलाज से वंचित न रहे, इसके लिए एफमैक की ओर से यह एक जनहितैषी प्रयास है।

आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं हम

वहीं, एफमैक के कन्वेनर कैप्टन एएस राणा ने कहा कि कोरोना संक्रमण की यह दूसरी लहर है, लोग लगातार इस संक्रमण का शिकार हो रहे हैं। हालांकि कुछ दिन से राहत की खबर आ रही है वहीं दूसरी ओर कुछ एक्सपर्ट तीसरी वेब की बात कह रहे हैं ऐसी किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। कोविड के इस प्री हॉस्पिटल में विदेशी चिकित्सक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये अपनी सेवाएं देंगे।

विशेष रूप से रहे मौजूद

पत्रकार वार्ता के दौरान जूता निर्यातक और एफमैक के वरिष्ठ सदस्य विजय निझावन, चंद्रमोहन सचदेवा, अनिरुद्ध तिवारी, अशोक अरोरा  इन्क्रेडिबल इंडिया फांउंडेशन के महासचिव अजय शर्मा, ब्रजेश शर्मा और डॉ. आरएन शर्मा आदि विशेष रूप से मौजूद रहे।

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