Sun TV को खरीदने की चर्चा पर डॉ. सुभाष चंद्रा ने लगाया विराम, प्रिंट में विस्तार की संभावना

समाचार4मीडिया ब्यूरो आजकल Essel Group और Zee द्वारा Sun TV को खरीदने की अटकलें काफी तेजी से चल रही हैं। इस तरह की खबरों को Essel Group और Zee के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने बेबुनियाद बताया है। इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए Essel Group और Zee के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘आजकल लोग हमसे पूछ रहे हैं कि क्‍या ह

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Tuesday, 11 August, 2015
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समाचार4मीडिया ब्यूरो आजकल Essel Group और Zee द्वारा Sun TV को खरीदने की अटकलें काफी तेजी से चल रही हैं। इस तरह की खबरों को Essel Group और Zee के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने बेबुनियाद बताया है। इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत करते हुए Essel Group और Zee के चेयरमैन डॉ. सुभाष चंद्रा ने कहा, ‘आजकल लोग हमसे पूछ रहे हैं कि क्‍या हम Sun TV को खरीदना चाह रहे हैं लेकिन Sun पहले ही साफ कर चुका है कि वे उसे बेचने के इच्‍छुक नहीं हैं। मैं उनकी बहुत इज्‍जत करता हूं। कलानिधि मारन ने वाकई में एक बहुत ही अच्‍छी फ्रेंचाइजी तैयार की है। जब वे पहले ही साफ कर चुके हैं कि वे इसे बेचना नहीं चाहते हैं तो फिर उसे खरीदने का सवाल ही नहीं उठता है। इसके बावजूद यदि वे उसे बेचते भी हैं तो मैं इसे खरीदने से दूर ही रहूंगा क्‍योंकि जितनी वैल्‍यू उन्‍होंने बनाई है मैं उसे संभाल नहीं पाउंगा। ’ इस अवसर पर मीडियाकर्मियों ने उनसे कुछ सवाल भी किए। प्रस्‍तुत हैं उसके अंश: अधिकांश नए चैनल और पब्लिकेशंस कम रेवेन्‍यू क्‍यों दिखा रहे हैं ? ऐसा इसलिए हो रहा है क्‍योंकि इस तरह के चैनलों की संख्‍या बहुत ज्‍यादा हो गई है। जब आप ऐड स्‍पेस (ad space) को कम कीमत पर बेचेंगे तो फिर आप कितना पैसा कमा सकते हैं? स्थिति तो यह है कि कई बड़े चैनल भी कम कीमत पर ऐड स्‍पेस बेचने को मजबूर हैं और इसलिए वे परेशानी में चल रहे हैं। क्‍या Zee ने किसी नए कारोबार के साथ कोई अधिग्रहण किया है ? पिछले महीने ही हमने एक उडि़या (ओडिसा) चैनल खरीदा है। हम अपने पोर्टफोलियो में ज्‍यादा से ज्‍यादा प्रादेशिक चैनल (regional channels) शामिल करना चाहते हैं। इसके अलावा हम प्रिंट में भी अपनी पहुंच बढ़ाना चाहते हैं। मीडिया में किस तरह के बिजनेस को संभालना सबसे ज्‍यादा मुश्किल है? मीडिया में सबसे ज्‍यादा मुश्किल काम रियलिटी टीवी के लिए बढ़िया कंटेंट उपलब्‍ध कराना है। यही कारण है कि आपको ऐसे ग्‍लोबल चैनल ज्‍यादा नहीं दिखाई देंगे जो इस तरह का कंटेंट दे रहे हैं। इस मामले में दो ब्रैंड डिस्‍कवरी (Discovery) और नेट जियो (Nat Geo) काफी अच्‍छा काम कर रहे हैं। यही कारण है कि अमेरिका में हमारे हेल्‍थ और वेलनेस (health and wellness) चैनल को इसमें आठ साल लग गए। इसके लिए सिर्फ सही कंटेंट तलाशना ही पर्याप्‍त नहीं था बल्कि किसी नए चैनल को सफल होने के लिए मार्केट तैयार करना भी काफी मुश्किल काम होता है। न्‍यूज चैनलों को किस तरह के रेगुलेशन (regulation) की जरूरत है ? मैं इस इंडस्‍ट्री को साफ सुथरी और इसमें बेहतर अनुशासन चाहता हूं। यदि यहां चैनल्‍स के स्‍वामित्‍व को लेकर पारदर्शिता होगी, तो कंटेंट को लेकर किसी भी तरह की दिक्‍कत नहीं होगी। न्‍यूज चैनल्‍स ने मिलकर एक नियामक संस्‍था (regulation body) तैयार की है, ऐसे में यदि किसी को कंटेंट को लेकर किसी तरह की आपत्ति है तो वह यहां शिकायत कर सकता है। मेरा मानना है कि स्‍वत: नियमन (self regulation) सबसे बेहतर है। भरोसा और खबरों में पारदर्शिता ज्‍यादा लंबे समय तक चलते हैं। आजकल का जो कानून है, उसके अनुसार किसी भी राजनीतिक दल अथवा धार्मिक संस्‍था के पास अपना टीवी चैनल नहीं होना चाहिए, लेकिन फिर भी वे ऐसा करते हैं। ऐसे में न्‍यूज चैनल के क्षेत्र में प्रवेश के लिए काफी कड़े नियम बनाने की जरूरत है। मीडिया मालिकों के लिए आजकल सबसे बड़ा मुद्दा कौन सा है ? पुराना रेटिंग सिस्‍टम काफी बड़ा मुद्दा था। मुझे उम्‍मीद है कि इसमें बदलाव जरूर होगा। आजकल सैंपल का साइज काफी बढ़ चुका है और मुझे पता चला है कि वे नवीनतम तकनीक इस्‍तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में टेलिविजन की क्‍वॉलिटी में कुछ बेहतर बदलाव देखने को मिलेंगे। सुना था कि सरकार प्रिंट और ब्रॉडकास्टिंग सेक्‍टर में विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को बढ़ा रही हैं ? ऐंटरटेनमेंट में इसकी 100 प्रतिशत अनुमति है लेकिन मीडिया के लिए मुझे इसका कोई कारण समझ में नहीं आता है। वर्तमान में निर्धारित की गई FDI भारतीय संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद लागू की गई है। यदि वे इसमें बदलाव करना चाहते हैं तो उन्‍हें दोबारा संसद में इस पर चर्चा करनी होगी। यदि वे FDI की सीमा को 100 प्रतिशत भी करना चाहते हैं तो मुझे कोई दिक्‍कत नहीं है। समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं। समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
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मीडिया मुगल डॉ. अनुराग बत्रा ने नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा को दी बधाई

‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के फाउंडर व एमडी कार्तिकेय शर्मा को राज्यसभा सदस्य बनने पर बधाई दी है।

Last Modified:
Thursday, 23 June, 2022
Dr Annurag Batra Kartikeya Sharma

‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात की और उन्हें राज्यसभा सदस्य बनने पर बधाई दी।

कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात करने के बाद डॉक्टर बत्रा ने अपने ट्विटर पर लिखा, प्रिय कार्तिक, आज मैं जब आपसे मिल रहा हूं तो आप एक युवा इंडिपेंडेंट राज्यसभा सदस्य हैं। इतनी कम उम्र में इस उपलब्धि के लिए आपको बधाई। मुझे इन तीन चीजों को लेकर काफी खुशी है कि आप अपने पिता की विरासत को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा आप काफी फिट हैं और सदैव अच्छे इरादे के साथ लोगों की मदद करते हैं।

उनके इस ट्वीट पर राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने लिखा है, मेरे प्रिय मित्र और भाई अनुराग, आपके इस प्रेम और स्नेह के लिए मैं आभारी हूं। ये सच्चा प्यार और गर्मजोशी आपने हमेशा मुझे दी है और इसके लिए आपका शुक्रिया।

गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा ने काफी कम उम्र में मीडिया बिजनेस में मजबूती से अपने पैर जमा लिए हैं और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से कांग्रेस के अजय माकन को हराकर अपनी जीत दर्ज की है। वहीं, डॉक्टर अनुराग बत्रा पिछले दो दशक से भी अधिक समय से मीडिया बिजनेस में हैं। वह मीडिया जगत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखने के लिए जाने जाते हैं।

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पत्रकार अनुराग मिश्रा वत्स को ‘राजस्थान पत्रिका‘ में मिली अब नई जिम्मेदारी

अनुराग मिश्रा करीब पांच साल से ‘राजस्थान पत्रिका‘ के नेशनल ब्यूरो में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की खबरों को भी देख रहे थे।

Last Modified:
Thursday, 23 June, 2022
Anurag Mishra

पत्रकार अनुराग मिश्रा वत्स को ‘राजस्थान पत्रिका’ ने उत्तर प्रदेश (डिजिटल और न्यूजपेपर) का संपादकीय प्रभारी बनाया है।

साल 2003 में ‘स्टार न्यूज’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अनुराग मिश्र ’सीएनबीसी’, ’आईबीएन7’, ’एनडीटीवी’, ’जी न्यूज’ और ’न्यूज18’ जैसे जाने-माने चैनल्स में रिपोर्टिंग समेत कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह ’ईटीवी’ में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के हेड रह चुके हैं।

अनुराग मिश्रा द्वारा वर्ष 2016 में गए किए देश के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर के इंटरव्यू ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस इंटरव्यू में जस्टिस ठाकुर ने कहा था कि केंद्र व  राज्य सरकारों की नाकामी की वजह से लोग न्यायालय का रुख करते हैं। अनुराग मिश्र द्वारा लिया गया यह इंटरव्यू देश के तमाम न्यूज चैनल्स और अखबारों समेत कई विदेशी चैनल्स में छाया रहा था।

इसके अलावा इंटरपोल की रिपोर्ट के आधार पर अवैध वेस्ट ई-वेस्ट के जलाए जाने को लेकर उनकी खबर के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट हुई थी। यही नहीं, अनुराग की खबर पर ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल’ (NGT) ने एक्शन लेते हुए यूपी सरकार पर जुर्माना भी लगाया था।

अनुराग मिश्रा करीब पांच साल से ‘राजस्थान पत्रिका‘ के नेशनल ब्यूरो में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की खबरों को भी देख रहे थे। ‘राजस्थान पत्रिका‘ द्वारा अनुराग को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने उन्हें बधाई दी है।

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भारत में लोगों का न्यूज पर बढ़ा विश्वास, इस बड़े देश की सबसे कम रही विश्वसनीयता

एक ओर जहां पूरी दुनिया में लोगों का भरोसा मीडिया के न्यूज कंटेंट से घटा है, वहीं भारत के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है।

Last Modified:
Wednesday, 22 June, 2022
Digital Media

एक ओर जहां पूरी दुनिया में लोगों का भरोसा मीडिया के न्यूज कंटेंट से घटा है, वहीं भारत के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां न्यूज कंटेंट के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि इसका खुलासा ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ के हाल ही के एक सर्वे में हुआ है।

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने पिछले हफ्ते अपने डिजिटल न्यूज रिपोर्ट का 11वां संस्करण जारी किया। 46 देशों पर किए गए सर्वे में भारत समेत सात देश ऐसे हैं, जहां न्यूज कंटेंट पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। अन्य सभी देशों में लोगों का विश्वास कम हो रहा है।

रिपोर्ट के जरिए यह पता चला है कि पूरी दुनिया में अन्य चीजों के साथ ही सोशल मीडिया के जरिए न्यूज की खपत में वृद्धि हुई है। हालांकि मीडिया द्वारा न्यूज रिपोर्ट्स पर भरोसे में भारी गिरावट आई है और न्यूज से विश्वास का उठना लोगों की प्रवृत्ति बनती जा रही है।

रिपोर्ट में पाया गया कि भारत में 41 प्रतिशत लोग न्यूज कंटेंट पर विश्वास करते हैं। सालभर पहले की तुलना में यह संख्या तीन प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, 69 प्रतिशत के साथ फिनलैंड इस मामले में सबसे आगे और दुनिया के सबसे ताकतवर देश माने जाने वाले अमेरिका सबसे पीछे है। अमेरिका में न्यूज के प्रति भरोसे में तीन फीसदी की गिरावट आई है और यहां के 26 फीसदी लोग ही न्यूज पर विश्वास करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खबरों से इसलिए भी दूर हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इनमें बहुत ज्यादा राजनीति होती है। वहीं, कोविड की खबरों की भरमार ने भी लोगों को असहज किया है। सर्वे के मुताबिक, दुनिया में न्यूज पर विश्वास कोरोना काल से पहले की तुलना में ज्यादा और वर्ष 2015 की अपेक्षा में कम है।

भारत में हुए सर्वे से पता चला कि देश में न्यूज के लिए 53 फीसदी लोग यूट्यूब की मदद ले रहे हैं, जबकि 51 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं। सर्वे में शामिल 12 प्रमुख देशों में फेसबुक न्यूज (30 प्रतिशत) के लिए सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्क बना हुआ है। इसके बाद यूट्यूब (19 प्रतिशत) और वॉट्सऐप (15 प्रतिशत) का स्थान है।

न्यूज तक पहुंचने के माध्यम के रूप में फेसबुक की लोकप्रियता में 2016 के बाद से 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। अपेक्षाकृत ज्यादा युवा आबादी वाला भारत भी एक मजबूत मोबाइल केंद्रित बाजार बन चुका है। यहां स्मार्टफोन के माध्यम से अब 72 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं, जबकि कंप्यूटर के माध्यम से केवल 35 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं। वहीं, न्यूज एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म और ऐप जैसे- गूगल न्यूज (53 फीसदी), डेली हंट (25 फीसदी), इनशॉर्ट्स (19 फीसदी), और न्यूजपॉइंट (17 फीसदी) न्यूज तक पहुंचने के अहम माध्यम बन गए हैं।

भारत में जिन लोगों ने सर्वे में हिस्सा लिया, उनमें से 84 फीसदी लोग ऑनलाइन ही न्यूज देखते हैं। साथ ही यहां 63 प्रतिशत लोग न्यूज सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिये देखते हैं, लेकिन अभी भी 59 प्रतिशत लोग न्यूज के लिए टेलीविजन का ही उपयोग करते हैं, जबकि 49 प्रतिशत लोग न्यूज के लिए प्रिंट मीडियम का इस्तेमाल करते हैं।

भारत में ये हैं भरोसेमंद ब्रैंड

भारत में सार्वजनिक प्रसारकों में डीडी न्यूज और ऑल इंडिया रेडियो सबसे भरोसेमंद ब्रांड हैं। रिपोर्ट में अंग्रेजी भाषी लोगों ने इंडिया टुडे टीवी, एनडीटीवी 24×7 और बीबीसी को सबसे लोकप्रिय बताया। प्रिंट में टाइम्स ऑफ इंडिया, इकनॉमिक टाइम्स और हिंदुस्तान टाइम्स की बादशाहत कायम है और इन सभी ब्रांडों को मिला दिया जाए तो न्यूज में भरोसा बढ़कर 41 प्रतिशत हो जाता है। कोरोना महामारी के बाद 2021 में प्रिंट मीडिया की आय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

सर्वे में यह भी पता चला कि 30 वर्ष से कम उम्र के लोग सीधे न्यूज मीडिया से जुड़ने में बहुत कम दिलचस्पी रखते हैं और पत्रकारिता को कैसा दिखना चाहिए, इस पर अलग-अलग विचार हैं। वहीं, अब ज्यादातर लोगों के पास न्यूज जानने के लिए कई और विकल्प आ गए हैं, जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या फिर मोबाइल एग्रीगेटर। वहीं, कई देशों में 30 साल से कम उम्र के युवाओं के बीच टिकटॉक काफी ज्यादा प्रचलित है और ये आंकड़ा 40 प्रतिशत तक जा पहुंचा है और उनमें से 15 प्रतिशत न्यूज के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। वहीं, अन्य प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और यूट्यूब भी इस समूह के भीतर न्यूज तक पहुंचने के लिए अधिक लोकप्रिय हो गए हैं, जबकि फेसबुक के जरिये भी लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं।
इस तरह से किया गया है सर्वेक्षण-

न्यूज में लोगों के विश्वास को लेकर ये निष्कर्ष रॉयटर्स इंस्टीट्यूट डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2022 में शामिल हैं, जिसे ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा कमीशन किया गया था, जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग का हिस्सा है। यह रिपोर्ट समझने में मदद करने के लिए है, कि विभिन्न देशों में खबरों का उपभोग कैसे किया जा रहा है। YouGov द्वारा जनवरी के अंत और फरवरी 2022 की शुरुआत में एक ऑनलाइन प्रश्नावली का उपयोग करके इस पर रिसर्च किया गया है और फिर यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।

इस सर्वे में एशिया में 11, दक्षिण अमेरिका में 5, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में 3 और यूरोप में 24 सहित कुल 46 देशों का सर्वेक्षण किया गया है, जो दुनिया की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक देश में 2,000 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए गए। लेखकों ने हालांकि आगाह किया है कि, चूंकि सर्वेक्षण ऑनलाइन आयोजित किया गया था, इसलिए यह उन लोगों की समाचार खपत की आदतों का कम प्रतिनिधित्व कर सकता है जो अधिक उम्र के और कम संपन्न हैं।

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जानी-मानी एंकर मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ीं, संभालेंगी बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय पत्रकार मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ गई हैं

Last Modified:
Wednesday, 22 June, 2022
MitaliMukherjee45121

भारतीय पत्रकार मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ गई हैं। उन्हें ‘फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ के पत्रकार कार्यक्रमों (जर्नलिस्ट प्रोग्राम्स) की नई डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। यह दुनियाभर में परिचर्चा, जुड़ाव और शोध के माध्यम से पत्रकारिता के भविष्य की खोज के लिये समर्पित एक अनुसंधान केंद्र है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग का हिस्सा है।

उनकी नई भूमिका बारे में रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने कहा, ‘वह जर्नलिस्ट फेलोशिप प्रोग्राम और कई अन्य पहलुओं (initiatives) की देखरेख करेंगी। मिताली डायरेक्टर डॉ. रासमस नीलसन (Dr. Rasmus Nielsen) को रिपोर्ट करेंगी और हमारी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगी। वह 1 सितंबर को अपना पदभार ग्रहण करेंगी।’

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने आगे बताया कि मिताली हमारी टीम के साथ काम करते हुए, दुनियाभर में पत्रकारिता के भविष्य की खोज करने, अभ्यास (practice) और अनुसंधान (research) को जोड़ने और रॉयटर्स इंस्टीट्यूट की वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान विकसित करने के हमारे मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अतिरिक्त वह वैश्विक मंचों पर संस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी और दुनियाभर में न्यूज इंडस्ट्री के सामने आने वाली चुनौतियों पर चल रही बातचीत के रूप में हमारी वैश्विक पत्रकारिता संगोष्ठी श्रृंखला को होस्ट व क्यूरेट करेंगी।

मिताली मुखर्जी राजनीतिक अर्थव्यवस्था से जुड़ी पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वह साउथ एशिया जर्नलिज्म फेलोशिप 2020 (South Asia Journalism Fellowship 2020), रायसीना एशियन फोरम फॉर ग्लोबल गवर्नेंस यंग फेलो 2019 (Raisina Asian Forum for Global Governance Young Fellow 2019) और 2017 में ऑस्ट्रेलिया इंडिया यूथ डायलॉग (Australia India Youth Dialogue) की 2017 फेलो के लिए चिवनिंग फेलो थीं। 2020 में, उन्हें उनकी दो बिजनेस स्टोरीज के लिए भारत में प्रतिष्ठित रेड इंक अवार्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया था।

अपने पत्रकारिता करियर के दौरान, मिताली ‘द वायर’ (The Wire) और ‘मिंट’ (Mint) में कंसल्टिंग बिजनेस एडिटर की भूमिका निभा चुकी हैं। इससे पहले वह ‘सीएनबीसी टीवी18’ (CNBC TV18) में मार्केट्स एडिटर और ‘टीवी टुडे’ (TV Today) और ‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) में प्राइम टाइम एंकर थीं। वह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) में फेलो रही हैं, जहां उन्होंने संगठन के लिए जेंडर इनिशिएटिव्स का नेतृत्व किया। मिताली ने दो स्टार्ट-अप की भी सह-स्थापना की है, जो सिविल सोसायटी और फाइनेंशियल लिट्रेसी पर केंद्रित हैं।

मिताली ने अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 2001 में वह नई दिल्ली स्थित आईआईएमसी से टेलीविजन जर्नलिज्म में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। साथ ही पॉलिटिकल साइंस में भी वह गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए मिताली ने कहा, ‘मेरा मानना ​​​​है कि यह पत्रकारिता की दुनिया में और समाचारों के भविष्य के लिए एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मोड़ है। दुनियाभर के पत्रकारों को उनके काम के लिए सुना जाना चाहिए और उनका समर्थन किया जाना चाहिए। यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि हम पत्रकारिता समुदाय के भीतर संवाद और बहस के लिए एक जगह तैयार करें, ताकि हम उन परिवर्तनों और चुनौतियों का सामना कर सकें, जिनका हम सामना कर रहे हैं। मैं रॉयटर्स इंस्टीट्यूट में पत्रकार कार्यक्रमों (जर्नलिस्ट प्रोग्राम्स) की डायरेक्टर की भूमिका निभाने के लिए उत्साहित हूं और खुद को सम्मानित महसूस कर रही हूं, क्योंकि यह एक ऐसी संस्था हैं, जिसका मैं सबसे ज्यादा सम्मान करती हूं।’

 

 

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ABP Network से जुड़ी इस कंपनी में CEO बने समीर राव

इस पद पर उनकी नियुक्ति एक जून 2022 से प्रभावी होगी और वह ‘एबीपी नेटवर्क’ के मुंबई ऑफिस से अपना कामकाज संभालेंगे।

Last Modified:
Tuesday, 21 June, 2022
Sameer Rao

‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) ने समीर राव को अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (100% subsidiary) ‘एबीपी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड’  (ABP Creations Pvt. Ltd) का चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है।

इस पद पर उनकी नियुक्ति एक जून 2022 से प्रभावी होगी और वह ‘एबीपी नेटवर्क’ के मुंबई ऑफिस से अपना कामकाज संभालेंगे। मीडिया और एंटरटेनमेंट प्रोफेशनल समीर राव को टीवी, फिल्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

‘एबीपी नेटवर्क’ को जॉइन करने से पहले वह पूर्व में ‘यूट्यूब’ (YouTube), ‘स्टार इंडिया’ (STAR India), ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस’ (Discovery Communications),‘विनोद चोपड़ा फिल्म्स’ (Vinod Chopra Films) और ‘यूटीवी मोशन पिक्चर्स’ (UTV Motion Pictures) में प्रमुख पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो समीर राव ने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (IIM) अहमदाबाद से बिजनेस मैनेजमैंट में पीजी डिप्लोमा किया है।

समीर राव की नियुक्ति के बारे में ‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के सीईओ अविनाश पांडेय का कहना है, ‘एबीपी नेटवर्क में हमें समीर राव का स्वागत करते हुए काफी खुशी हो रही है। हमें यकीन है कि उनका अनुभव और काबिलियत नेटवर्क की सफलता में और योगदान देगी और वह एबीपी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।’

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कांग्रेस में सुप्रिया श्रीनेत को मिली सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बागडोर

उन्होंने रोहन गुप्ता की जगह ली है, जिन्हें पार्टी ने तुरंत प्रभाव से पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है।

Last Modified:
Tuesday, 21 June, 2022
Supriya Shrinate

कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व पत्रकार सुप्रिया श्रीनेत को अपने नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। उन्होंने रोहन गुप्ता की जगह ली है, जिन्हें पार्टी ने तुरंत प्रभाव से पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है।

कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस पद पर सुप्रिया श्रीनेत की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

कांग्रेस की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है, ‘पार्टी सोशल मीडिया विभाग के निवर्तमान चेयरमैन रोहन गुप्ता के योगदान की सराहना करती है। रोहन गुप्ता को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।’

कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में मीडिया और पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त किया है। पिछले महीने उदयपुर में आयोजित पार्टी के चिंतन शिविर के बाद इन पदों पर नियुक्ति विभाग में बड़ा बदलाव है। कुछ ही दिनों पहले कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को रणदीप सिंह सुरजेवाला की जगह पार्टी का महासचिव और संचार, प्रचार एवं मीडिया विभाग का प्रभारी नियुक्त किया था।

गौरतलब है कि पार्टी ने पिछले महीने उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में अपने कम्युनिकेशंस और मीडिया विभाग की कायाकल्प करने का संकल्प लिया था, ताकि लोगों के साथ अपने संबंधों को और बेहतर बनाया जा सके और अपनी कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी में बदलाव किया जा सके। कम्युनिकेशंस विभाग के पास सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म होंगे, साथ ही बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों में पार्टी के कम्युनिकेशन विंग होंगे।

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कांग्रेस ने पवन खेड़ा को सौंपी मीडिया और पब्लिसिटी सेल की कमान

कांग्रेस के महासचिव के.सी वेणुगोपाल की ओर से जारी एक लेटर के अनुसार पवन खेड़ा की इस पद पर नियुक्ति को पार्टी प्रेजिडेंट सोनिया गांधी ने अपनी मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Monday, 20 June, 2022
Pawan Khera

कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में मीडिया और पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस बारे में कांग्रेस के महासचिव के.सी वेणुगोपाल की ओर से 18 जून को एक प्रेस नोट जारी किया गया है। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि पवन खेड़ा की इस पद पर नियुक्ति को पार्टी प्रेजिडेंट सोनिया गांधी ने अपनी मंजूरी दे दी है।

पिछले महीने उदयपुर में आयोजित पार्टी के चिंतन शिविर के बाद खेड़ा की नियुक्ति विभाग में एक और बड़ा बदलाव है। कुछ ही दिनों पहले कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को रणदीप सिंह सुरजेवाला की जगह पार्टी का महासचिव और संचार, प्रचार एवं मीडिया विभाग का प्रभारी नियुक्त किया था।

गौरतलब है कि पार्टी ने पिछले महीने उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में अपने कम्युनिकेशंस और मीडिया विभाग की कायाकल्प करने का संकल्प लिया था, ताकि लोगों के साथ अपने संबंध को और बेहतर बनाया जा सके और अपनी कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी में बदलाव किया जा सके। 

वहीं, कांग्रेस में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पवन खेड़ा ने एक ट्वीट कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया है।  

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'Disney Star' में इस बड़े पद से अर्घ्य चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा

चक्रवर्ती ने सितंबर 2017 में इस कंपनी को जॉइन किया था। सूत्रों के अनुसार, 30 जून 2022 इस कंपनी में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

Last Modified:
Monday, 20 June, 2022
Arghya Chakravarty

‘डिज्नी स्टार इंडिया’ (Disney Star India) में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales, Entertainment Business) अर्घ्य चक्रवर्ती (Arghya Chakravarty) ने यहां अपनी करीब साढ़े चार साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कंपनी में 30 जून उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

इस बारे में आधिकारिक पुष्टि के लिए हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने ‘डिज्नी स्टार’ से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।

बता दें कि चक्रवर्ती ने सितंबर 2017 में ‘डिज्नी स्टार’ जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘ समूह की एंटरटेनमेंट कंपनी ‘टाइम्स इनोवेटिव मीडिया’ (Times Innovative Media) में बतौर सीईओ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।  

अपने करीब तीन दशक के करियर में चक्रवर्ती ‘टाटा स्टील’ (Tata Steel), ‘एशियन पेंट्स’ (Asian Paints) और ‘पेप्सिको’ (PepsiCo) जैसी जानी-मानी कंपनियों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

चक्रवर्ती ने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके अलावा उन्होंने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (Indian Institute of Management) कोलकाता से मार्केटिंग/मार्केटिंग मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा किया है।

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पत्रकारों के हित में यहां की राज्य सरकार ने लिए कई अहम फैसले

रविवार को आयोजित पत्रकार यूनियन के द्वितीय प्रांतीय सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को किया गया सम्मानित।

Last Modified:
Monday, 20 June, 2022
Journalist

उत्तराखंड सरकार ने पत्रकारों के हित में कई अहम फैसले लिए हैं। इसके तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकार कल्याण कोष के अधीन दी जाने वाली पत्रकार पेंशन की धनराशि पांच हजार रुपये से बढ़ाकर आठ हजार रुपये कर दी है। मुख्यमंत्री ने विशेष प्रमुख सचिव (सूचना) अभिनव कुमार को निर्देश दिए हैं कि पत्रकारों को दी जाने वाली पेंशन से संबंधित नियमों को सरल बनाया जाए। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों के लिए पूर्व की भांति सूचना विभाग की ओर से आवास व्यवस्था करने की घोषणा की है।

रविवार को सर्वे चौक स्थित आई.आर.डी.टी ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तराखंड पत्रकार यूनियन के द्वितीय प्रांतीय सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि पुष्कर सिंह धामी ने यह घोषणाएं की। उन्होंने प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य,समाजसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले लोगों को उत्तराखंड पत्रकार यूनियन देवभूमि रत्न अवार्ड से सम्मानित किया। इसके साथ ही उत्तराखंड पत्रकार यूनियन की स्मारिका का भी विमोचन किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा,’एक पत्रकार हमेशा समाज को शिक्षा देने के साथ दिशा देने का भी कार्य करता है। पत्रकारिता का छात्र होने के नाते मैं पत्रकारिता क्षेत्र की समस्याओं से भी परिचित हूं। आज समय के साथ पत्रकारिता के आयाम बदले हैं।’ पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ बताते हुए उन्होंने कहा कि समाज में निडर, निर्भीक, निष्पक्ष पत्रकारिता का अहम योगदान रहता है। उन्होंने पत्रकारों से हमेशा साफ-सुथरी एवं निर्भीक, निष्पक्ष व निडर पत्रकारिता के साथ चलने की अपेक्षा की।

कार्यक्रम में मौजूद विशेष प्रमुख सचिव (सूचना) अभिनव कुमार ने कहा कि सरकारी सेवा में आने से पहले वह भी एक पत्रकार रहे हैं। यह संयोग ही है कि उन्हें आज पत्रकारों के साथ सहयोगी के रूप में कार्य करने का भी अवसर मिला है। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से सकरात्मक एवं तथ्यात्मक रूप से जो कमियां उन्हें दिखाई दें, उन्हें बताने और समाजहित से जुड़े कार्यों के प्रचार प्रसार में सहयोग की अपेक्षा की।

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Zee Media के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर अभय ओझा का निधन

अभय ओझा को मीडिया कंपनियों में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव था।

Last Modified:
Sunday, 19 June, 2022
Abhay Ojha

‘जी मीडिया’ (Zee Media) के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर अभय ओझा अब हमारे बीच नहीं रहे। अभय ओझा के परिवार से जुड़े सूत्रों के अनुसार, शनिवार की रात कार्डियक अरेस्ट (cardiac arrest) की वजह से उनका निधन हो गया।

बता दें कि कुछ महीने पहले ही अभय ओझा ने ‘जी मीडिया’ जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ (News Nation Network) में प्रेजिडेंट (सेल्स और मार्केटिंग) के पद पर अपनी भूमिका निभा रहे थे। ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ में वह वर्ष 2013 से कार्यरत थे।

अभय ओझा को मीडिया कंपनियों में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव था। उनके नेतृत्व में ही ‘न्यूज नेशन नेटवर्क’ ने नेशनल न्यूज चैनल ‘न्यूज नेशन’ और दो रीजनल चैनल्स लॉन्च किए थे। मीडिया इंडस्ट्री में ‘न्यूज नेशन नेटवर्क‘ को इतनी ऊंचाई तक ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ‘न्यूज नेशन’ से पहले वह ‘टीवी9’ (TV9) में वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स) के पद पर अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।

‘दिल्ली यूनिवर्सिटी’ से इकनॉमिक्स (ऑनर्स) में ग्रेजुएट अभय ओझा पूर्व में ‘रिलायंस ब्रॉडकास्ट नेटवर्क‘ में नेशनल सेल्स हेड, ‘नेटवर्क18‘ में असिस्टेंट वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स) और ‘टीवी टुडे‘ में सीनियर मैनेजर (ऐड सेल्स) के तौर पर भी अपनी भूमिका निभा चुके थे।

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