जब वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा पर किया BJP नेता के गुंडों ने हमला...

इनकी मंशा पहले से साफ़ थी। वे हमेशा से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को इसी तरह से दबाना चाहते थे...

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 07 September, 2017
Last Modified:
Thursday, 07 September, 2017
vinod-verma

उनकी मंशा विपक्ष में होने तक दबी रही। अब फिर सत्ता में हैं तो फिर मुखर हो गई है। उनकी नींव में ही तानाशाही के पत्थर लगे हुए हैं। हिटलर और मुसोलिनी उनके आदर्श रहे हैं। वे लोकतंत्र के पक्षधर थे भी नहीं। वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को समझते ही नहीं।अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए ये कहा वरिष्ठ पत्रकार विनोद वर्मा ने। उनका पूरा पोस्ट आप यहां पढ़ सकते हैं-

इनकी मंशा पहले से साफ़ थी। वे हमेशा से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को इसी तरह से दबाना चाहते थे। ख़ासकर जब वे सत्ता में हों।

यह 1993 की बात है जब मैं अविभाजित मध्यप्रदेश में भाजपा के एक तत्कालीन मंत्री से साक्षात्कार लेने पहुंचा था। उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप थे। चुनाव होने वाले थे तो मैंने स्वाभाविक रूप से सवाल पूछे कि वे इतने आरोपों के बाद कैसे चुनाव लड़ेंगे। तमतमा गए। बोले कुछ नहीं। लेकिन उनके घर से निकलते ही मुझे और मेरे अख़बार देशबंधु के स्थानीय संवाददाता पतिराम जायसवाल को उनके गुंडों ने घेर लिया।

पतिराम तो धमतरी को जानते थे, वे किसी तरह निकल भागे, लेकिन मैं एक अंधी गली में जाकर फंस गया। जितना संभव था प्रतिकार किया लेकिन वे चार थे और मैं अकेला। जमकर पिटाई हुई। चश्मा टूट गया। चेहरे पर गहरी चोटें आईं। आंखों के नीले दाग उभर आए।

गनीमत थी कि उस समय पत्रकारों का सिर्फ़ एक खेमा था। सुबह रायपुर के सारे पत्रकार साथी गाड़ियों में भरकर धमतरी पहुंचे और धरने पर बैठ गए। विरोध जताना काम आया। पुलिस ने मामला दर्ज किया। और आख़िरकार मंत्री महोदय की टिकट कट गई।

हो सकता है कि भ्रष्टाचार की वजह से कटी हो, लेकिन पत्रकारों की एकजुटता ने भी काम किया। उनकी मंशा विपक्ष में होने तक दबी रही। अब फिर सत्ता में हैं तो फिर मुखर हो गई है। उनकी नींव में ही तानाशाही के पत्थर लगे हुए हैं। हिटलर और मुसोलिनी उनके आदर्श रहे हैं। वे लोकतंत्र के पक्षधर थे भी नहीं। वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को समझते ही नहीं।

(साभार: फेसबुक वाल से)

 

समाचार4मीडिया.कॉम देश के प्रतिष्ठित और नं.मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया में हम अपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी रायसुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
TAGS s4m
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नोएडा में पत्रकारों के लिए लगा वैक्सीनेशन कैंप, एनबीए ने जताया सीएम का आभार

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिए जाने के बाद नोएडा में सोमवार को वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया।

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
Vaccination

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिए जाने के बाद नोएडा में सोमवार को कोरोना वैक्सीनेशन कैंप लगाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नोएडा के इंदिरा गांधी कला केंद्र में लगाए गए इस निशुल्क कैंप में इंडिया टीवी, एबीपी, टीवी टुडे और न्यूज24 समेत तमाम मीडिया संस्थानों के कई पत्रकारों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली।

इस मौके पर गौतमबुद्ध नगर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। प्रदेश सरकार की इस पहल पर निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद दिया है।

बता दें कि इस बारे में ‘एनबीए समेत कई संगठनों ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा था। एनबीए प्रेजिडेंट रजत शर्मा की ओर से मुख्यमंत्री को लिखे गए एक लेटर में एनबीए का कहना था कि सभी मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन की बहुत आवश्यकता है। ऐसे में निवेदन है कि उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से इन सभी मीडियाकर्मियों और उनके परिवारवालों के लिए वैक्सीन उपलब्ध करा दी जाए, तो अच्छा रहेगा। अपने लेटर में एनबीए का यह भी कहना था कि मीडिया संस्थानों की तरफ से हम इसका पूरा खर्चा उठाने के लिए तैयार हैं।

इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों, जजों, सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करते हुए मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला लिया था। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि मीडियाकर्मियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी जाए। उनके लिए अलग सेंटर अलॉट किए जाएं और जरूरत हो तो उनके कार्य स्थलों पर जाकर निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए उनके 18 साल से ऊपर के परिजनों को फ्री वैक्सीनेशन किया जाए।

गौरतलब है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद भयावह रूप ले रही है, जिसके साथ ही यह आए दिन नए रिकॉर्ड भी बना रही है। इस बीच कोरोना के खिलाफ जंग में तमाम पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर रिपोर्टिंग कर रहे हैं और तमाम अपडेट्स लोगों तक पहुंचा रहे हैं। ऐसे में देश में कई स्थानों पर पत्रकार कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और कई तो कोरोना से लड़ते हुए जिंदगी की जंग भी हार गए हैं। लिहाजा, इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने वालों में ये राज्य भी हुए शामिल, देखें लिस्ट

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं

Last Modified:
Monday, 10 May, 2021
journalist64

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इन सबके बीच हरियाणा और छत्तीसगढ़ सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है।

हरियाणा:

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को राज्य के सभी पत्रकारों के लिए कोविड टीकाकरण (COVID Vaccination) अभियान शुरू करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही कोविड की स्थिति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि इस अभियान के दौरान हर पत्रकार को वैक्सीन शॉट्स दिए जाएंगे। खट्टर ने कहा, टीकाकरण अभियान के दौरान हर पत्रकार को प्राथमिकता दी जाएगी और सभी जिलों में मीडिया केंद्रों पर टीका प्रशासन की तैयारी की जाएगी।

छत्तीसगढ़:

छत्तीसगढ़ सरकार ने कोरोना संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों के बीज शनिवार को राज्य के आलाधिकारियों के साथ बैठक की। सीएम भूपेश बघेल ने शनिवार को राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर एक अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि कहा कि राज्य में अलग-अलग श्रेणियों से वैक्सीनेशन के लिए फ्रंट लाइन वर्कर्स की लिस्ट बनाई जाएगी। उन्होंने घोषणा की अब पत्रकारों और वकीलों को भी फ्रंट लाइन वर्कर्स की श्रेणी में शामिल किया जाएगा।

वकीलों और पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स में शामिल करने के साथ ही सीएम ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब राज्य में कोरोना वैक्सीनेशन पत्रकारों और वकीलों के परिवारों के परिजनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।  

बता दे कि हरियाणा और छत्तीसगढ़ से पहले भी कई दूसरे राज्यों में पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर्स मानते हुए कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता दी है, जो निम्न हैं-

दिल्ली:

दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी।  

पश्चिम बंगाल:

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान किया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।

झारखंड:

वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।

कर्नाटक:

कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’

हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।

मणिपुर:

कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’

उत्तराखंड:

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने एक महीने पहले ही राज्य के सभी पत्रकारों को फ्रंट लाइन वर्कर घोषित किया कर दिया था, साथ ही सभी को कोरोना वैक्सीन दिए जाने की मंजूरी भी दी हुई है।  ऐसा करने वाला वह पहला राज्य था। यहां पत्रकारों के लिए उम्र की कोई सीमा नहीं रखी गई है।

बिहार:

बिहार में मान्यता प्राप्त पत्रकारों के साथ-साथ गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर की श्रेणी में शामिल कर सरकार प्राथमिकता के आधार पर उनका टीकाकरण कराएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को इस आशय का निर्देश दिया, जो पत्रकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची में नहीं हैं, उन्हें जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा सत्यापित किए जाने के बाद टीका लग सकेगा। सभी चिह्नित पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर कोविड-19 का टीकाकरण कराया जाएगा। प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रानिक व वेब मीडिया के पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा।

ओडिशा:

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने पत्रकारों को भी फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स घोषित किया है। इस घोषणा से गोपबंधु पत्रकार स्वास्थ्य योजना में शामिल राज्य के छह हजार 944 पत्रकारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना में पत्रकारों को दो लाख का स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिलेगा। कोविड के समय कार्यरत किसी भी पत्रकार की मृत्यु होने पर परिवार को 15 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा मुख्यमंत्री ने की है।

मध्य प्रदेश:

मध्य प्रदेश में सभी पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया गया है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने यह ऐलान करते हुए कहा कि पत्रकार कोरोना महामारी के खतरे के बीच अपनी जान खतरे में डालकर अपनी ड्यूटी पूरी कर रहे हैं, जिसको ध्यान  में रखते हुए हमने  मान्यता प्राप्त पत्रकारों को मध्य प्रदेश में फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित करने का निर्णय  लिया है और इसी आधार पर उनका केयर किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मध्यप्रदेश में करीब 4000 पत्रकारों को सरकारी मान्यता प्राप्त है। मध्य प्रदेश के जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अभी सरकार ने इस ऐलान से संबंधित नियमों का निर्धारण नहीं किया है, जिसके बारे में बाद में सूचित किया जाएगा।

पंजाब:

वहीं, पंजाब सरकार ने सूबे के मान्यता प्राप्त और येलो कार्ड धारक पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स की सूची में शामिल कर लिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पत्रकार प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने सहित उन सभी लाभों के लिए योग्य होंगे, जो बाकी फ्रंटलाइन वर्कर्स राज्य सरकार से हासिल करने के हकदार हैं।  

उत्तर प्रदेश:  

बता दें कि पंजाब और मध्य प्रदेश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने भी कोरोना के खिलाफ जंग में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया। अब उन्हें प्राथमिकता के आधार पर कोरोना का टीका लगाया जाएगा। सीएम योगी ने निर्देश दिए हैं कि मीडियाकर्मियों के लिए अलग सेंटर अलॉट किए जाएं और जरूरत हो तो उनके कार्य स्थलों पर जाकर निर्धारित मानकों को पूरा करते हुए उनके 18 साल से ऊपर के परिजनों को फ्री वैक्सीनेशन किया जाए।  

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कोरोना को नहीं हरा सके TOI के वरिष्ठ पत्रकार सुभाष मिश्रा, अस्पताल में ली अंतिम सांस

लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे

Last Modified:
Saturday, 08 May, 2021
subhash554

लखनऊ स्थित टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) के अनुभवी पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन की खबर सामने आयी है। वे कोरोना वायरस से संक्रमित थे और लखनऊ के संजय गांधी अस्पताल में भर्ती थे, जहां  इलाज के दौरान ही वे जिंदगी की जंग हार गए। उन्हें 21 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

सुभाष मिश्रा राष्ट्रीय अंग्रेजी दैनिक ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में असिसटेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत ते। इसके पहले वे इंडिया टुडे में एक लंबी पारी खेल चुके थे। उनकी गहन और निर्णायक पॉलिटिकल रिपोर्टिंग की वजह से ही मीडिया जगत में उनका बड़ा नाम था। कई वरिष्ठ मीडिया हस्तियों व राजनेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।

ट्विटर पर लिखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘वरिष्ठ @TOILucknow पत्रकार, श्री सुभाष मिश्रा जी के निधन से गहरा दुख हुआ। उन्होंने खुद को एक मेहनती पर्यवेक्षक, विपुल लेखक और एक अद्भुत इंसान के रूप में प्रतिष्ठित किया। उन्होंने यूपी में अंग्रेजी पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी संवेदना।’

वहीं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पत्रकार सुभाष मिश्रा के निधन पर दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए कहा कि वह अपनी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ सम्बद्ध करती हैं।

वहीं यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘अत्यंत दुःखद! लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार श्री सुभाष मिश्रा जी का निधन, अपूरणीय क्षति। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति व शोक संतप्त परिवार को दुःख की इस घड़ी में संबल प्रदान करे। विनम्र श्रद्धांजलि।’

 

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पत्रकारों के हित में दिल्ली सरकार ने लिया ये फैसला

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
Arvind Kejriwal

देश में कोरोना का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इन सबके बीच अपनी जान जोखिम में डालकर पत्रकार रिपोर्टिंग कर रहे हैं और लोगों तक खबरें पहुंचा रहे हैं। ऐसे में उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड समेत कई राज्यों ने पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर्स घोषित कर उन्हें कोरोना वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने का फैसला किया है।

इन सबके बीच दिल्ली सरकार ने भी पत्रकारों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें मुफ्त में कोरोना वैक्सीन लगाए जाने का फैसला लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कोरोना के मामलों को लेकर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की समीक्षा बैठक के बाद दिल्ली सरकार का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, प्रिंट और डिजिटल मीडिया के पत्रकारों का बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन किया जाएगा।

इसके साथ ही दिल्ली सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि पत्रकारों को उनके ही संस्थानों में वैक्सीन मुहैया कराई जाएगी। इसके लिए वैक्सीनेशन ड्राइव शुरू की जाएगी और इस पर आने वाला खर्च सरकार वहन करेगी। बताया जाता है कि दिल्ली सरकार ने मीडिया घरानों से उनके यहां कार्यरत एम्प्लॉयीज की सूची मांगी है, ताकि वैक्सीनेशन जल्द शुरू हो किया जा सके।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

बीजेपी ने कहा मारा गया कार्यकर्ता, पत्रकार ने कहा- 'जिंदा हूं मैं'

वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की।

Last Modified:
Friday, 07 May, 2021
manik

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही राज्य में हिंसा का दौर जारी है। इस दौरान बीजेपी और टीएमसी दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं की हत्या की खबरें सामने आई। बुधवार को बीजेपी की बंगाल आईटी सेल की ओर से 5.28 मिनट का एक वीडियो रिलीज कर टीएमसी पर हिंसा का आरोप लगाया गया। वीडियो में कुछ लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं और दावा किया गया कि ये वो पार्टी कार्यकर्ता हैं, जिनकी पिछले 72 घंटों में टीएमसी कार्यकर्ताओं ने हत्या की। इस वीडियो में एक शख्स को लेकर जो दावा किया गया है, उसकी फोटो ही गलत निकली।

दरअसल, दावा किया कि माणिक मोइत्रा नाम का एक शख्स सीतलकूची में मारा गया है। हालांकि, बीजेपी ने वीडियो में जिस फोटो का इस्तेमाल किया, वह IndiaToday.in के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की है।

बंगाल में हुई हिंसा के बाद बीजेपी ने नौ लोगों की लिस्ट जारी की है, जिसमें माणिक मोइत्रा, मिंटू बर्मन का नाम शामिल है। हालांकि, किसी की पहचान माणिक मोइत्रा के तौर पर नहीं हुई है। विवाद के बाद बीजेपी ने अब इस वीडियो को हटा लिया है, लेकिन उससे पहले ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर हजारो बार देखा जा चुका था। 

करीब 2 मिनट 35 सेकंड का वीडियो गुजरने के बाद एक युवक की तस्वीर आती है, जिसे वीडियो में मनिक मोइत्रो बताया गया। बीजेपी ने दावा किया कि ये पार्टी कार्यकर्ता हैं और टीएमसी से जुड़े कुछ लोगों ने इनकी हत्या कर दी। दरअसल, वह इंडिया टुडे के पत्रकार अभ्रो बनर्जी की तस्वीर थी। 

अभ्रो बनर्जी को जब इसकी सूचना मिली तो उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैं अभी जिंदा हूं। मैं सीतलकूची से करीब 1300 किमी दूर हूं। बीजेपी आईटी सेल ने दावा किया है कि मैं मनिक मोइत्रा हूं और सीतलकुची में मारा गया। कृपया इन फेक पोस्ट पर यकीन न करें और चिंता न करें। मैं फिर दोहराता हूं, मैं जीवित हूं। 

आजतक की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस मसले पर अभ्रो ने कहा कि वह आज सुबह थोड़ी देरी से उठे थे, उन्होंने देखा कि उनके फोन में 100 से अधिक मिस कॉल हैं। वह इससे पहले कुछ समझ पाते, उनके दोस्त अरविंद ने बताया कि बीजेपी आईटी सेल ने माणिक मोइत्रा की जगह उनकी तस्वीर का इस्तेमाल किया है। बाद में इस मसले से जुड़ा एक हाइपलिंक बीजेपी ने शेयर किया और कहा कि तस्वीर का गलत इस्तेमाल किया गया है।

अभ्रो ने कहा कि वह हैरान थे कि वह 1300 किमी. दूर है, फिर भी ये गलत जानकारी कितनी खतरनाक हो सकती है। अभ्रो बनर्जी अभी दिल्ली में हैं और IndiaToday.in के साथ काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद से ही हिंसा हो रही है. रविवार को शुरू हुई हिंसा मंगलवार तक लगातार जारी रही, इस दौरान बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में आगजनी, लूटपाट, तोड़फोड़ की खबरें आईं। भाजपा ने आरोप लगाया है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले में उनके कई कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है। वहीं टीएमसी का भी दावा है कि हिंसा में उनके पार्टी के कार्यकर्ता भी मारे गए हैं। इसके बाद ममता बनर्जी ने गुरुवार को ऐलान किया कि चुनाव के बाद प्रदेश में हुई इस हिंसा में मरने वाले लोगों को बिना किसी भेदभाव के 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा।  

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ रोहित सक्सेना को मिला ये सम्मान

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
RohitSaxena545

‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ के ग्रुप सीईओ व मैनेजिंग एडिटर रोहित सक्सेना को खेलो और समाज के लिए किए जा रहे प्रयासों को तब बल मिला, जब उन्हें एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स व टोंगा की कॉमनवेल्थ यूनिवर्सिटी ने ‘एशिया पैसिफिक एक्सिलेंस अवॉर्ड’ के लिए चुना। यह सम्मान उन्हें ‘मोस्ट प्रॉमिसिंग पर्सनॉलिटी ऑफ द ईयर’ कैटेगरी के तहत मिला।

उन्होंने खेल संगठनों, खिलाड़ियों और कोरोना काल में जरूरतमंदो की जिस तरह से मदद की है, उसी के चलते उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया है।

रोहित सक्सेना की खेलों में रुचि शुरू से रही है। वे ताइक्वोंडो के राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और कई बार वे अपने वेट के यूपी चैम्पियन रहने के साथ कोरिया से 2nd DAN  ब्लैक बेल्ट हैं। देश के कई खेल संगठनो (ताइक्वोंडो, बॉक्सिंग और बॉड़ी बिल्डिंग) के चेयरमैन और अध्यक्ष होने के साथ 21 वर्षो में मीडिया के शुरुआती पद से ग्रुप सीईओ तक का मुकाम  हासिल किया है। रोहित भारत सरकार की मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्किल काउंसिल के वारिष्ठ सलाहकार भी हैं।

उन्होंने  एशिया पैसिफिक चैम्बर ऑफ कॉमर्स को धन्यवाद देने के साथ ये विश्वास भी दिलाया कि उनकी लोगों के काम आने की मुहिम यूं ही चलती रहेगीl  उन्होंने लोगों को यह संदेश भी दिया की बहुत जरूरी हो, तभी बाहर निकले और कोविड  प्रोटोकाल का पालन करेंl

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नहीं रहे NE TV समेत कई चैनलों के मालिक व पूर्व कांग्रेसी नेता मतंग सिंह

कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
matangsingh5454

कोरोना काल में पूर्व केंद्रीय मंत्री, पूर्व कांग्रेसी नेता व कई चैनलों के मालिक रहे मतंग सिंह का निधन हो गया। उन्होंने दिल्ली के ILBS अस्पताल में अंतिम सांस ली। वे 58 साल के थे।

बताया जा रहा है कि मतंग सिंह ने 22 अप्रैल को कोविड-19 का टेस्ट कराया था और उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी थी। उन्हें लीवर से संबंधित बीमारी भी थी।

मतंग सिंह पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के करीबी थे और उनकी सरकार के दौरान वे केंद्रीय मंत्री थे। सिंह 1992 में असम से राज्यसभा सदस्य के तौर पर चुने गए थे और 1994 से 1998 तक संसदीय मामले में केंद्रीय राज्य मंत्री के तौर पर कार्य किया।

उन्होंने फोकस टीवी, हमार टीवी, एनई टीवी समेत कुल छह चैनल व एक रेडियो स्टेशन की नींव रखी थी। बताया जाता है कि टीवी ब्रॉडकास्ट के कारोबार में उनका आना भी अपनी पत्नी और पूर्व पत्रकार मनोरंजना सिंह के चलते हुआ था। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोरंजना ने न्यूज ब्रॉडकास्ट लाइसेंस के लिए 2003 में आवेदन किया था। इसके बाद उन्होंने पॉजिटिव टीवी (POSITIV TELEVISION PRIVATE LIMITED) नाम की एक कंपनी लॉन्च की, जिसके डायरेक्टर खुद मतंग सिंह, पवन सिंह व मैनेजिंग डायरेक्टर रूपेंद्र नाथ सिंह थे। इस बैनर के तले हिंदी न्यूज चैनल ‘फोकस टीवी’ सहित कुछ और चैनल भी चलते थे। हालांकि हिंदी में महिलाओं पर केंद्रित चैनल ‘फोकस टीवी’ कोई खास असर तो नहीं छोड़ पाया। लेकिन, पूर्वोत्तर में लॉन्च किए गए क्षेत्रीय चैनल शुरुआत में तो अच्छे चले, लेकिन बाद में चैनलों की भीड़ बढ़ गई तो पॉजिटिव टीवी के लिए डगर कठिन हो गई और कंपनी घाटे में चलने लगी थी।    

मनोरंजना मतंग सिंह से कई साल पहले अलग हो गईं थीं। उन्होंने अपने पति पर घरेलू हिंसा का आरोप भी लगाया था। दोनों में पॉजिटिव टीवी के मालिकाना हक को लेकर लंबी कानूनी लड़ाई भी चली। 

मतंग सिंह का जन्म 1962 में असम के तिनसुकिया में एसपी सिंह और रानी रुक्मिणी सिंह के घर हुआ था। उनका नाम शारदा चिटफंड घोटाले में भी आया था।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

नहीं रहे 'युगधर्म' के प्रधान संपादक भगवतीधर वाजपेयी

 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।

Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
bhagwatidhar8454

 वयोवृद्ध पत्रकार और राष्ट्रीय भावधारा के लेखक भगवतीधर वाजपेयी का जबलपुर में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 96 वर्ष के थे। 

वे 'युगधर्म' जबलपुर के प्रधान संपादक थे व हिंदी एक्सप्रेस जबलपुर के संपादक रवि वाजपेयी के पिता थे। भगवतीधर वाजपेयी एक वरिष्ठ समाजसेवी, साहित्यकार, पत्रकार और बीजेपी के नेता थे। उनका निधन जबलपुर पत्रकारिता के लिए बड़ी छति माना जा रहा है। 

उनके निधन पर भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि युगधर्म (नागपुर-जबलपुर) के संपादक के रूप में उनकी पत्रकारिता ने राष्ट्रीय चेतना का विस्तार किया। वे सिर्फ एक पत्रकार ही नहीं, मूल्यआधारित पत्रकारिता और भारतीयता के प्रतीक पुरुष थे। उनका समूचा जीवन इस देश की महान संस्कृति के प्रचार-प्रसार में समर्पित रहा।

 प्रो. द्विवेदी ने कहा कि 1957 में नागपुर में युगधर्म के संपादक के रूप में कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने 1990 तक सक्रिय पत्रकारिता करते हुए युवा पत्रकारों की एक पूरी पौध तैयार की। उनकी समूची पत्रकारिता में मूल्यनिष्ठा, भारतीयता, संस्कृति के प्रति अनुराग और देशवासियों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाने की भावना दिखती है। 1952 में स्वदेश के माध्यम से अपनी पत्रकारिता का प्रारंभ करने वाले श्री वाजपेयी का निधन एक ऐसा शून्य रच रहा है, जिसे भर पाना कठिन है। 2006 में उन्हें मध्यप्रदेश शासन द्वारा माणिकचन्द्र वाजपेयी राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

प्रो.द्विवेदी ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी एक विचार के लिए लगा दी और संघर्षपूर्ण जीवन जीते हुए भी घुटने नहीं टेके। आपातकाल में न सिर्फ उनके अखबार पर ताला डाल दिया गया, वरन उन्हें जेल भी भेजा गया। इसके बाद भी न तो झुके, न ही डिगे। यह संयोग ही है कि अटलबिहारी वाजपेयी जी, भगवती धर जी और माणिक चंद्र वाजपेयी जी तीनों एक ही गांव बटेश्वर (आगरा) से आए। तीनों का जीवन पत्रकारिता से शुरू हुआ। पर तीनों एक ही विचार के लिए जिए।

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इन 4 राज्यों ने भी पत्रकारों को माना फ्रंटलाइन वॉरियर्स, वैक्सीनेशन में मिलेगी प्राथमिकता

अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

विकास सक्सेना by
Published - Thursday, 06 May, 2021
Last Modified:
Thursday, 06 May, 2021
Journalists6

कोरोनावायरस का संक्रमण लगातार फैल रहा है। हर दिन इस घातक वायरस से रिकॉर्ड मौतें दर्ज की जा रही हैं। इस बीच उत्तराखंड, बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पंजाब और उत्तर प्रदेश राज्यों में पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित किया हुआ है, लेकिन अब चार राज्य और सामने आए हैं, जिन्होंने  पत्रकारों को फ्रंटलाइन वॉरियर्स माना और उन्हें वैक्सीनेशन में प्राथमिकता देने की बात कही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने भी ऐलान कर दिया कि वह राज्य के सभी पत्रकारों को कोरोना वॉरियर्स घोषित करती हैं। ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से सभी को फ्री में वैक्सीन देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसमें लगभग 30 करोड़ रुपए खर्च होंगे और 30 करोड़ रुपए केंद्र सरकार के लिए कुछ नहीं है।

वहीं, झारखंड की हेमंत सरकार ने भी राज्य के पत्रकारों को प्राथमिकता के तौर पर कोरोना वैक्सीन अभियान से जोड़ने पर जोर दिया है। इस संबंध सीएम सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की इस लड़ाई में सभी मिलकर लड़ते हुए जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना फिर हारेगा और झारखंड फिर जीतेगा।

इस संबंध में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने राज्य के सभी डीसी को पत्र लिखा है। इसके तहत झारखंड में 45 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के पत्रकारों को प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन लगाने की बातें कही गई है। कहा गया कि कोरोना से संबंधित विभिन्न प्रकार की सूचनाओं को संग्रहित एवं प्रचारित-प्रसारित करने के उद्देश्य से टीवी और प्रिंट मीडिया के पत्रकार क्षेत्र में लगातार घूमते हैं। इस क्रम में इनका प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करने की जरूरत है।

कर्नाटक सरकार ने भी पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कोविड वॉरियर्स मानने और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराने का फैसला किया है। राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को लेकर मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा ने मंगलवार को मंत्रिमंडल की विशेष बैठक की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘हम पत्रकारों को अग्रिम मोर्चे का कर्मी मानेंगे और प्राथमिकता के आधार पर उनका वैक्सीनेशन कराएंगे।’

हालांकि, येदियुरप्पा ने पत्रकारों से घटनाओं की इस तरह रिपोर्टिंग नहीं करने की अपील की, ताकि लोगों में दहशत न फैले।

कोरोनोवायरस संक्रमणों की दूसरी लहर के बीच, मणिपुर सरकार ने भी सभी मान्यता प्राप्त पत्रकारों को फ्रंटलाइन वर्कर घोषित करने का निर्णय लिया है। राज्य अब प्राथमिकता के तौर पर कोविड-19 के खिलाफ पत्रकारों का वैक्सीनेशन करेगा।

राज्य के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने ट्विटर पर लिखा, ‘तमाम जोखिमों के बावजूद खबरों को लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों के प्रयासों की हम सराहना करते हैं। ये किसी भी मायने में दूसरे फ्रंटलाइन वर्कर्स से कम नहीं हैं। राज्य सरकार मान्यता प्राप्त सभी पत्रकारों का फ्रंटलाइन वॉरियर्स के तौर पर प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीनेशन करेगी।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

iTV Network ने अपनी सेल्स टीम को कुछ यूं दी मजबूती

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है।

Last Modified:
Wednesday, 05 May, 2021
ITV Network

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने अपनी सेल्स टीम को मजबूती दी है। इसके तहत मीनाक्षी सिंह को नेटवर्क के हिंदी न्यूज चैनल ‘इंडिया न्यूज’ के प्रेजिडेंट (Govt Sales & Retail) के पद पर प्रमोट किया गया है। मीनाक्षी सिंह को इंडस्ट्री में काम करने का करीब 21 साल का अनुभव है। वह तमाम बहुराष्ट्रीय कंपनियों जैसे Gecis (GE), Dell, Neoteric में अपनी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। उन्होंने कई सारे अवार्ड भी अपने नाम किए हैं। वह आईटीवी नेटवर्क के वाइस प्रेजिडेंट ( सेल्स एंड मार्केटिंग) के रूप में वर्ष 2020 से इंडिया न्यूज से जुड़ी हैं।

नेटवर्क ने संजय सिंघल को भी प्रेजिडेंट के पद पर पदोन्नत किया है। वह इंडिया न्यूज के लिए गवर्नमेंट, नॉर्थ जोन हरियाणा, पंजाब, हिमाचल और आज समाज, चंडीगढ़ और दिल्ली की जिम्मेदारी संभालेंगे। संजय सिंघल को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब तीन दशक का अनुभव है। वह वर्ष 2010 से इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। प्रमोशन से पहले वह आईटीवी नेटवर्क में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट के तौर पर आज समाज और इंडिया न्यूज (हरियाणा, पंजाब और हिमाचल) की कमान संभाल रहे थे। वहीं, इससे पहले वह वर्ष 2000 से 2010 तक हिंदुस्तान टाइम्स की चंडीगढ़ यूनिट में डिप्टी जनरल मैनेजर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गवर्नमेंट हेड के तौर पर वह वर्ष 1990 से 2000 तक इंडियन एक्सप्रेस और जनसत्ता में भी काम कर चुके हैं। 

इसके अलावा सुमन सिंह को भी डिप्टी जनरल मैनेजर (सेल्स) के पद पर पदोन्नत किया गया है। सुमन सिंह को मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 साल से भी अधिक का अनुभव है। वह वर्ष 2016 से ही इंडिया न्यूज के साथ जुड़े हुए हैं। इससे पहले वह गवर्नमेंट सेल्स टीम,दिल्ली के साथ काम कर रहे थे। इस बारे में आईटीवी नेटवर्क के सीईओ वरुण कोहली का कहना है, ‘मीनाक्षी, संजय और सुमन की नई जिम्मेदारी को लेकर हम काफी खुश है।, iTV नेटवर्क को उनके कौशल और विशाल अनुभव का काफी लाभ मिलेगा और आने वाले समय में यह और ऊंचाइयों को छुएगा।’

समाचार4मीडिया की नवीनतम खबरें अब आपको हमारे नए वॉट्सऐप नंबर (9958894163) से मिलेंगी। हमारी इस सेवा को सुचारु रूप से जारी रखने के लिए इस नंबर को आप अपनी कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव करें।
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए