विमल मिश्र को काका कालेलकर पुरस्कार

<div>समाचार4मीडिया.कॉम</div> <div>हरेश कुमार</div> <div>&nbsp;</div> <div>नवभारत टाइम्स के मुंबई के

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Friday, 01 January, 2016
Samachar4media
समाचार4मीडिया.कॉम
हरेश कुमार
 
नवभारत टाइम्स के मुंबई के चीफ रिपोर्टर विमल मिश्र को उनकी किताब ‘मुंबई लोकल’ के लिए महाराष्ट्र सरकार की हिंदी साहित्य अकादमी ने काका कालेलकर पुरस्कार देने की घोषणा की है। पुरस्कार स्वरूप 35,000 रुपये प्रदान किए जायेंगे। यह पुरस्कार 27 अप्रैल को दिया जाएगा। विमल मिश्र को इससे पहले भी कई पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें दुर्गा प्रसाद शर्राफ पुरस्कार, गणेश शंकर विद्यार्थी पुरस्कार, डॉ. राममनोहर त्रिपाठी पुरस्कार मुख्य हैं। काका कालेलकर पुरस्कार उनकी रचना मुंबई लोकल के लिए दी गई है। इसमें उन्होंने उपनगरीय रेल में लोगों की यात्रा से लेकर उनकी जिंदगी के हर पहलू का बड़ी करीबी से वर्णन किया है। किताब का कांसेप्ट, डिजाइन और प्रकाशन पश्चिमी रेलवे के पब्लिक रिलेशन्स डिपार्टमेंट ने किया है।
 
विमल मिश्र नवभारत टाइम्स में एक साप्ताहिक कॉलम ‘स्टेशननामा’ लिखा करते थे और यह उपनगरीय ट्रेन में यात्रा करने वाले और रेल के अधिकारियों तथा पाठकों के बीच काफी चर्चिंत कॉलम था। डेढ़ साल चले इस कॉलम में 77 लेख प्रकाशित हुए। अब उनकी पुस्तक ‘मुंबई लोकल’ आई है जो मुंबई रेलवे का इनसाइक्लोपीडिया बन गई है। इसमें स्टेशन से जुड़ी हर आवश्यक एवं उपयोगी जानकारी को समेटा गया है। विमल मिश्र ने समाचार4मीडिया.कॉम से बात करते हुए कहा, "मेरे कॉलम के नियमित पाठकों में पश्चिमी रेलवे के अतिरिक्त महाप्रबंधक विवेक सहाय और पश्चिमी रेलवे के महाप्रबंधक ए के झिंगन भी थे और जब इन लोगों ने मुझे इसे किताब के रूप में लिखने को कहा तब भी मैं लोकल ट्रेन में सफर कर रहा था।" मिश्र का एक और कॉलम ‘लोग’ पिछले बीस सालों से अनवरत छप रहा है।
 
विमल मिश्र का जन्म उत्तर प्रदेश के शहर बनारस में 10 अक्टूबर 1959 को हुआ था। उन्होंने काशी हिंदू विश्वविद्यालय से 1980 में एम.कॉम किया और उसके बाद वहीं से ही पत्रकारिता का डिग्री कोर्स किया। सौम्य, सरल और ईमानदार व्यक्तित्व के धनी मिश्र ने सबसे पहले वाराणसी के अखबार ‘आज’ से वरिष्ठ उपसंपादक के रूप में काम शुरु किया। दैनिक ‘आज’ के छ: साल के कार्यकाल के बाद वे सन् 1987 में नवभारत टाइम्स के मुंबई कार्यालय में आ गए। वे पिछले 4 साल से यहां चीफ रिपोर्टर के पद पर काम कर रहे हैं। उनके दादा के अग्रज पंडित छोटू लाल मिश्र भारत के शुरुआती अखबारों में कोलकाता से प्रकाशित ‘भारत मित्र’ के संस्थापक-संपादक रहे हैं। उनके दादा पंडित वासुदेव मिश्र और उनके भाई पंडित दुर्गा प्रसाद मिश्र शुरू से ही पत्रकारिता में रहे हैं। उनके पिता स्व. मुन्नी लाल मिश्र सरकारी सेवक थे और माता स्व.कृष्णा देवी मिश्र शिक्षिका थीं।
 
उल्लेखनीय है कि ‘मुंबई लोकल’ पर इंडियन एक्सप्रेस की कल्पना चावला ने ‘ए लोकल, ए लाइफटाइम’ नाम से एक लेख भी लिखा था। कल्पना चावला ने उनके बारे में लिखा कि एक ऐसा पत्रकार जिसके पास 25 सालों का अनुभव है उन्होंने भारत के वित्तीय राजधानी की प्रसिद्ध उपनगरीय ट्रेन पर मुंबई लोकल लिखा है। आगे उन्होंने लिखा है कि वह कम बात करते हैं लेकिन उनका लिखा लेख उनके बारे में सब कुछ कह देता है। अब मुंबई का हर नागरिक उस टॉपिक पर किताब पढ़ सकता है जिससे वह प्रतिदिन प्रभावित होता है-दि मुंबई लोकल ट्रेन। मुंबई की लोकल ट्रेन पर विमल मिश्र द्वारा लिखा गया साप्ताहिक कॉलम ‘स्टेशन-नामा’ मुंबई के लोकल यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों तथा पाठकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। इसमें मुंबई के मुख्य स्टेशन, उसकी विशेषतायें और कलात्मक निर्माण के बारें में लोगों को जानकारी प्रदान की जाती थी। यह कॉलम लगातार डेढ़ वर्ष तक चला और कुल 77 लेख लिखे गए। अब यह ‘मुंबई लोकल’ नाम से 310 पृष्ठों की किताब के रूप में लोगों के बीच आ चुकी है और इसमें स्टेशन-नामा की सारी खूबियां मौजूद हैं।
 
भारतीय रेलवे के 53वें राष्ट्रीय रेलवे सप्ताह का समारोह षणमुखानंद हॉल में आयोजित किया गया था और इसी समारोह में मिश्र की किताब ‘मुंबई लोकल’ का लोकार्पण रेल राज्य मंत्री नारायण जे. राथवा ने किया था, उस समारोह में सेंट्रल रेलव के महाप्रबंधक सौम्या राघवन भी मौजूद थे।
 
‘मुंबई लोकल’ हिंदी में पहली कॉफी बुक है जिसमें भारतीय रेल के इतिहास को समेटा गया है। अंग्रेजी में तो कई किताबें हैं लेकिन हिंदी में इसकी जरूरत महसूस की जा रही थी।
 
मुंबई लोकल में उपनगरीय रेल में यात्रा करने वाले पश्चिम और सेंट्रल रेलवे में भाप इंजन से लेकर अब तक की विकास यात्रा की जानकारी दी गई है। मुंबई लोकल में लोगों का सफर, सफर में यात्रियों का व्यवहार, जरूरत के समय लोकल ट्रेन का जच्चा-बच्चा घर बन जाना, यात्रियों का ताश का खेल, भजन गाते चलना, लोगों के लिए स्टेशन एक मिलन घर और सूचनाओं के आदान-प्रदान का स्थान बन जाना, 1992 की ट्रेन दुर्घटना से लेकर 1992-93 में दंगों के बाद जिंदगी का फिर से पटरी पर आना तथा उसमें लोकल ट्रेन की महती भूमिका तथा 7/11 के बाद ट्रेन के अंदर आतंकवाद से मुकाबला आदि की चर्चा इस पुस्तक की विशेषता है।
 
मिश्र 25 साल से पत्रकारिता में हैं और चिकित्सा तथा रक्षा मामलों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे 1987 में मुंबई आए। उन्होंने बताया, "मैं अपने पहले दिन को कभी नहीं भूल पाउंगा जब मैंने मलाड स्टेशन से एक लोकल ट्रेन पकडी और चलती ट्रेन में ही शेव किया। उस समय ट्रेन के पायदान पर खड़े यात्री चिल्ला रहे थे--आगे बढ़, आगे बढ़ो। शुरू में मैं थोड़ा घबराया, लेकिन समय गुजरने के साथ सब कुछ ठीक हो गया और इस तरह मैं लोकल ट्रेन की इस रहस्यमय दुनिया से जुड़ता चला गया। प्रतिदिन मैं कुछ न कुछ सीखता ही हूं।"

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नहीं रहे दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक पुरुषोत्तम नारायण सिंह

दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक और कवि पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्होंने हरियाणा के झज्जर स्थित सबसे बड़े अस्पताल एम्स में अपनी अंतिम सांसे ली।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
Onkareshwar-Pandey4545

दूरदर्शन केंद्र पटना के पूर्व निदेशक और कवि पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। कोरोना वायरस संक्रमण संबंधी जटिलताओं के चलते निधन हो गया। गुरुवार रात करीब 12 बजे उन्होंने हरियाणा के झज्जर स्थित सबसे बड़े अस्पताल एम्स में अपनी अंतिम सांसे ली।

बता दें कि दो दिनों पूर्व कोरोना ने उनके युवा पुत्र को उनसे छीन लिया था। उनके निधन पर वरिष्ठ पत्रकार ओंकेश्वर पांडे ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और याद करते हुए एक पोस्ट लिखी है, जिसे आप यहां पढ़ सकते हैं-

मेरे मित्र, पड़ोसी और पटना दूरदर्शन के पूर्व निदेशक पुरुषोत्तम नारायण सिंह नहीं रहे। I am going.... ये तीन शब्द आज मेरे वॉट्सऐप पर तीन बजकर तिरपन मिनट पर चमके, तो कलेजा सिहर उठा। मैसेज पी.एन. सिंह का था। तत्काल फोन वापस लगाया तो उधर से चिर-परिचित आवाज़ पी.एन. सिंह की थी। लड़खड़ाती आवाज़ में बोले- सबको बता दीजिए पांडे जी, मैं जा रहा हूं। मैं कुछ कहता इससे पहले, फोन काट दिया और फिर नहीं उठाया... देर शाम दिल का दौरा पड़ा और रात 11.53 पर उनके निधन की पुष्टि हो गयी।

करीब 10 दिनों से वे कोरोना से पीड़ित थे। हालत गंभीर हुई तो झज्जर एम्स में भर्ती कराया गया। हर संभव इलाज हुआ, लेकिन चार दिन पहले जब उनका इकलौता बेटा आलाप कोरोना के कारण गुजर गया, तो वे हिम्मत हार गये।

बहुआयामी प्रतिभा के धनी पी.एन. सिंह दूरदर्शन के गलियारे में सुपरिचित नाम तो थे ही, वह एक कवि, संगीतकार, नाटककार, शोधकर्ता, प्रस्तुतकर्ता/ एंकर, और सबसे बढ़कर एक मृदु भाषी इंसान थे। दूरदर्शन में एक निर्माता और निर्देशक होने के साथ साथ टेलीविजन प्रॉडक्शन एंड मैनेजमेंट के अलावा चैनल प्रबंधक के रूप में भी उन्होंने कुल मिलाकर 26 साल तक काम किया और इस दौरान विभिन्न प्रारूपों में 2000 से अधिक टीवी कार्यक्रमों का निर्माण किया।

वे डीडी-नेशनल, डीडी-मेट्रो और डीडी-भारती में वरिष्ठ प्रबंधन के पद पर रहे। दूरदर्शन का रांची केंद्र और पटना केंद्र खोला। 2003 से मीडिया मार्केटिंग में भी रहे और 2003 में डीडी के राजस्व को 21 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 2010 में 260 करोड़ रुपए तक का अद्भुत ग्राफ पहुंचाने में योगदान रहा।

दो साल पहले डीडी से रिटायर होने के बाद से वे कुछ फिल्म निर्माण और पं. सुरेश नीरव के अखिल भारतीय सर्व भाषा साहित्य समन्वय समिति के मंच से जुड़कर साहित्य सेवा में लगे हुए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बहू और सवा साल की एक पोती है। ईश्वर उनकी आत्मा को शान्ति दें।

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12 मंजिला बिल्डिंग पर इजरायली सेना की एयर स्ट्राइक, कई मीडिया संस्थानों के ऑफिस तबाह

इजरायल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। गाजा में इजरायली सेना ने मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर शनिवार को हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
Al-jazeera57

इजरायल और फिलीस्तीन के बीच युद्ध बढ़ता ही जा रहा है। गाजा में इजरायली सेना ने मीडिया हाउस की बिल्डिंग पर शनिवार को हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। हवाई हमले से यह पूरी बिल्डिंग ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस 12 मंजिला वाली बिल्डिंग में अमेरिका स्थित न्यूज एजेंसी ‘एसोसिएटेड प्रेस’ और कतर स्थित न्यूज चैनल ‘अल-जज़ीरा’ जैसे मीडिया संस्थान के दफ्तर थे। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) ने खुद इस बात की जानकारी दी है।

एपी के मुताबिक, ये एयर स्ट्राइक इजरायल की सेना की उस चेतावनी के बाद आई, जिसमें उन्होंने बिल्डिंग को खाली करने के लिए कहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले से पहले इजरायल की ओर से यह चेतावनी जारी की गई थी कि वह अगले एक घंटे के भीतर गाजा शहर में अल-जजीरा के ऑफिस और अन्य अंतरराष्ट्रीय मीडिया आउटलेट्स वाली इमारत पर हमला करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस 12 मंजिला इमारत के मालिक का कहना था कि उन्हें इजरायल की सेना से एक कॉल आया था, जिसमें उन्हें चेतावनी दी गई कि उनकी इमारत को हवाई हमले से निशाना बनाया जाएगा।

अल-जजीरा की प्रड्यूसर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि उनके सहकर्मी ऑफिस से निकल चुके हैं। उन्होंने बताया कि अल-जज़ीरा ने इजरायल के खुफिया अधिकारी और जला भवन के मालिक अबू हुसम के बीच फोन कॉल (स्पीकर पर) का सीधा प्रसारण किया। अधिकारी ने कहा कि बिल्डिंग के मालिक ने इजरायली अधिकारी से कहा कि मीडिया को इमारत से अपने उपकरण निकालने के लिए समय दें, लेकिन अधिकारी ने इसके लिए मना कर दिया।

इससे पहले इजराइल और हमास (इजराइल इसे आतंकी संगठन मानता है) के बीच जारी जंग में 126 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 31 बच्चे भी शामिल हैं। दोनों तरफ के हमलों में 950 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। मरने वालों में 9 इजराइली और बाकी फिलिस्तीनी हैं।

यहां देखें वीडियो:

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सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों को दी अच्छी खबर, लॉन्च किया ये मोबाइल ऐप

देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों के लिए अदालती कार्यवाही को कवर करने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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देशभर में कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने पत्रकारों के लिए अदालती कार्यवाही को कवर करने के लिए एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है, ताकि उन्हें महामारी के दौरान अदालत न जाना पड़े।

ऐप लॉन्च के मौके पर चीफ जस्टिस एनवी रमन्ना ने कहा कि ऐप लॉन्च होने के बाद मीडियाकर्मियों को कोर्ट आने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल ने बताया कि ये मोबाइल ऐप जल्द ही गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध होगा।

चीफ जस्टिस ने इस मौके पर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट और मीडिया के बीच कोऑर्डिनेशन के लिए एक व्यक्ति को नियुक्त किया जाएगा। मुझे उम्मीद है कि मीडिया के लोग जिम्मेदारी से इस सुविधा का इस्तेमाल करेंगे।’

बतौर पत्रकार अपने दिनों को याद करते हुए चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा, ‘रिपोर्टिंग में मीडिया को कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। 'मैं कुछ वक्त के लिए पत्रकार था। उस वक्त हमारे पास कार या बाइक नहीं थी। हम बस में यात्रा करते थे क्योंकि हमसे कहा गया था कि आयोजकों से परिवहन सुविधा नहीं लेनी है।' उन दिनों रिपोर्ट करने के लिए मैंने इन कठिनाइयों का भी सामना किया था।’

आगे सीजेआई ने कहा कि उन्हें पता चला है कि अदालती सुनवाई पर खबरें लिखने के लिए पत्रकारों को वकीलों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसलिए इस तरह की व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि इसके मद्देनजर ऐसी प्रक्रिया विकसित करने का अनुरोध किया गया था जिसकी मदद से मीडियाकर्मी सुनवाई में शामिल हो सकें।  

उन्होंने कहा कि महामारी ने हर किसी को प्रभावित किया है। कोर्ट में संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल 2020 को आया था। इसके बाद अब तक सुप्रीम कोर्ट के 800 स्टाफ संक्रमित हुए हैं। 6 सीनियर रजिस्ट्री स्टाफ भी पॉजिटिव हुए और 3 की मौत हो गई।’

चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा कि कोर्ट की सुनवाई में पारदर्शिता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा, ‘कभी-कभी हमनें सुरक्षा कारणों से लोगों को आने से प्रतिबंधित किया है। कोर्ट की सुनवाई का लोगों तक पहुंच होना महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें पता चलना चाहिए कि इससे किस पर प्रभाव पड़ेगा या नहीं पड़ेगा। मीडिया इस सूचना को पहुंचाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। कोविड ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी कि हम अपने परिवार के सदस्यों से अपने घर (कोर्ट) में मिलने में अयोग्य हैं। कोर्ट को वर्चुअल प्लैटफॉर्म पर लाना बहुत मुश्किल प्रक्रिया है।’

उन्होंने कहा कि जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमंत गुप्ता और सभी रजिस्ट्री अधिकारियों ने इस ऐप के लिए बहुत मेहनत की है, उन सबका धन्यवाद किया जाना चाहिए।  

जस्टिस चंद्रचूड़ बुधवार को ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे। उन्होंने कहा कि वे ठीक हो रहे हैं। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा, ‘इस ऐप को डेवलेप करने वाले हमारे कई स्टाफ संक्रमित है। इस पर काम करने वाले सभी 6 लोग पॉजिटिव पाए गए है। हम उम्मीद करते हैं कि इस सुविधा से सभी सुरक्षित रहेंगे। उम्मीद है कि सीजेआई की तरफ से आने वाले समय में कई तरह के उठाए जाने वाले कदमों का यह हिस्सा है।’

मीडिया से संसाधन (ऐप) का जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग करने और कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का अनुरोध करते हुए प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि तकनीक, विशेष रूप से नई तकनीक संवेदनशील है और उपयोग के शुरुआती दिनों में कुछ दिक्कतें भी आ सकती हैं।

चीफ जस्टिस रमन्ना ने कहा कि छोटी-छोटी दिक्कतें आएंगी और उन्हें बेकार में बहुत बढ़ाया-चढ़ाया नहीं जाना चाहिए। मैं सभी से धीरज रखने और तकनीकी टीम का साथ देने का अनुरोध करता हूं ताकि ऐप्लीकेशन बिना किसी दिक्कत के सही तरीके से काम कर सके। मैं आशा करता हूं कि सभी लोग प्रणाली को बेहतर बनने और सही से काम करने का वक्त देंगे।

 

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पत्रकारों के हित में यहां की सरकार ने लिया बड़ा फैसला

पत्रकार कल्याण योजना के जरिए उन्हें सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल, अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है।

Last Modified:
Saturday, 15 May, 2021
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मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार ने पत्रकारों के हित में एक अहम फैसला लिया है। सरकार ने तय किया है कि राज्य में यदि कोई पत्रकार या उनके परिवार का कोई सदस्य कोरोना से पीड़ित होता है तो उनका इलाज सरकार कराएगी। खास बात ये है कि इस फैसले में अधिमान्य और गैर अधिमान्य दोनों पत्रकार शामिल हैं।

सरकार की ओर से लिये गए फैसले के बाद सीएम शिवराज ने कहा मीडिया के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल के सभी सदस्य, अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकारों के कोरोना इलाज की चिंता सरकार करेगी। इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल के संपादकीय विभाग में काम कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन, फोटोग्राफर सभी को शामिल किया जाएगा। मीडिया के साथियों के परिवार के कोरोना इलाज की चिंता भी सरकार करेगी। सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे हैं।

आपको बता दें कि मध्य प्रदेश में अधिमान्य और गैर अधिमान्य पत्रकार साथियों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना तहत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना के जरिए उन्हें सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल, अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है। अब प्रदेश भर के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग के सभी मीडिया कर्मी, अधिमान्य या गैरअधिमान्य और उनके परिवार का कोविड का उपचार सरकार कराएगी।



 

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पत्रकारों के हित में मध्य प्रदेश सरकार ने लिया ये महत्वपूर्ण फैसला

मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसकी घोषणा की है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
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मध्य प्रदेश सरकार ने पत्रकारों के हित में एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि राज्य के मीडियाकर्मियों के कोरोना का इलाज प्रदेश सरकार कराएगी। इस योजना में प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल के संपादकीय विभाग में कार्य कर रहे सभी पत्रकार, डेस्क में पदस्थ पत्रकार साथी, कैमरामैन और फोटोग्राफर्स सभी को शामिल किया जाएगा।

शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि सभी मीडिया के साथी कोरोना महामारी के काल में जन जागृति का धर्म निभा रहे हैं। ऐसे में प्रदेश के प्रिंट,  इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल मीडिया के संपादकीय विभाग के सभी मीडिया कर्मी,  अधिमान्य या गैअधिमान्य और उनके परिवार के सदस्यों के कोरोना संक्रमण का इलाज सरकार कराएगी, ताकि पत्रकारों को परेशानी न हो।

इसके साथ ही उनका यह भी कहना था कि मध्य प्रदेश में अधिमान्य और गैरअधिमान्य पत्रकारों को पहले से ही पत्रकार बीमा योजना अंतर्गत इलाज की व्यवस्था की गई है। पत्रकार कल्याण योजना द्वारा सहायता दी जा रही है। शासकीय अस्पताल,  अनुबंधित निजी अस्पताल में सभी के लिए मुफ्त इलाज की सुविधा भी है।

 

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Zee के MD पुनीत गोयनका ने टाइम्स समूह की चेयरपर्सन इंदु जैन को दी श्रद्धांजलि, कही ये बात

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Indu Jain-Punit Goenka

‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगा हुआ है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजनीति व मीडिया समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ीं तमाम हस्तियों ने इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए श्रद्धांजलि दी है।  

वहीं, 'जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (ZEEL) के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ पुनीत गोयनका ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताया है और उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में पुनीत गोयनका का कहना है, ‘कल रात से मैंने श्रीमती इंदु जैन द्वारा लिखा गया हृदयस्पर्शी पत्र कई बार पढ़ा है। लेकिन मुझे नहीं लगता कि अभी तक इसकी गहराई का अनुमान लगाया जा सका है। सरल, लेकिन शक्तिशाली शब्दों में उन्होंने काफी खूबसूरती से हमारे लिए मृत्यु के अर्थ को स्पष्ट किया है। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए हमें हर मुस्कुराहट में उनकी तलाश करनी चाहिए और उन्हें महसूस करना चाहिए। उनकी आत्मा और उनके परिवार के लिए मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन ने इंदु अपने निर्वाण को लेकर अपने मित्रों को तैयार करने के लिए कुछ साल पहले एक पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र के जरिए इच्छा जताई थी कि उनकी मृत्यु का उत्सव मनाया जाए।

गौरतलब है कि कई दिनों से कोरोनावायरस (कोविड-19) के संक्रमण से जूझ रहीं इंदु जैन का गुरुवार की देर शाम निधन हो गया था। वह 84 वर्ष की थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष भी थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन पर तमाम हस्तियों ने जताया शोक, दी श्रद्धांजलि

‘टाइम्स समूह’ की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
Indu Jain Tribute

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन के निधन पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत राजनीति व मीडिया जगत से जुड़ी तमाम हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स समूह की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन में, हमने एक बेमिसाल मीडिया लीडर और कला और संस्कृति की एक महान संरक्षक को खो दिया। उन्होंने उद्यमिता, आध्यात्मिकता और परोपकार के क्षेत्रों में अपनी विशेष छाप छोड़ी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।' 

अपने ट्वीट में पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है, ‘टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन इंदु जैन के निधन से दुखी हूं। उन्हें उनकी सामुदायिक सेवा की पहलों, भारत की प्रगति के प्रति जुनून और हमारी संस्कृति में गहरी रुचि के लिए याद किया जाएगा। मुझे उनके साथ अपनी बातचीत याद है। उनके परिवार के प्रति संवेदना।’

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी इंदु जैन को अपनी श्रद्धांजलि दी है। 

वहीं, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘टाइम्स ग्रुप’ की अध्यक्ष श्रीमती इंदु जैन के निधन की खबर सुन दुखी हूं। परिवार और ‘टाइम्स ग्रुप’ को मेरी संवेदनाएं।’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ट्वीट किया, 'टाइम्स समूह के अध्यक्ष इंदु जैन जी के निधन से दुखी हूं। उन्हें सामाजिक कार्यों में उनके योगदान, भारतीय संस्कृति के लिए उनके जुनून के लिए हमेशा याद किया जाएगा। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करे। ओम शांति।'

इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया, 'टाइम्स ग्रुप की अध्यक्षा श्रीमती इंदु जैन जी के दुखद निधन को सुनकर दुख हुआ। वह एक प्रसिद्ध परोपकारी और आजीवन आध्यात्मिक साधक थी। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उन्हें हमेशा दया, परोपकार और दया के लिए याद किया जाएगा।'

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया है, टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ। उन्हें एक भावुक परोपकारी, महिला अधिकारों की प्रबल प्रस्तावक और एक प्रेरणादायक नेता के रूप में याद किया जाएगा। विनीज जैन और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। ओम शांति।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि देते हुए अपने ट्वीट में कहा है, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी का निधन अत्यंत दुःखद है। राष्ट्रहित व जन सेवा हेतु आपका उत्कृष्ट योगदान अविस्मरणीय है। प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को अपने परम धाम में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लिखा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन श्रीमती इंदु जैन जी के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ।  इंदु जी का निधन पत्रकारिता जगत एवं समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर पुण्यात्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों सहित समर्थकों को संबल दें। विनम्र श्रद्धांजलि! ॐ शांति: शांति:' 

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा, 'टाइम्स ग्रुप की चेयरपर्सन पद्म भूषण इंदु जैन जी के निधन पर मेरी गहरी संवेदना। महिलाओं के अधिकारों की प्रस्तावक और एक परोपकारी के रूप में मीडिया उद्योग में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। इस नुकसान को सहन करने के लिए उसके परिवार को ताकत मिले।'

वहीं, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण की उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा। केजरीवाल ने ट्वीट किया, "इंदु जैन जी के निधन से काफी दुखी हूं. परोपकार संबंधी कार्यों और राष्ट्र निर्माण को लेकर उनकी प्रतिबद्धता के लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा. परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं. ओम शांति।"

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी जैन के परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने ट्वीट किया, "विनीत जी, आपके लिए बेहद दुखी हूं. मुझे कई बार निजी तौर पर भी उन्होंने अपना आर्शीवाद दिया. भगवान उनकी आत्मा को शांति दे. ओम शांति।"

इनके अलावा फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख ने भी इंदु जैन के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी है। अपने ट्वीट में रितेश देशमुख ने कहा है, 'श्रीमती इंदु जैन के जाने से बहुत दुखी हूं। वह टाइम्स ऑफ इंडिया और उसके कई इनिशिएटिव्स में अहम रोल निभाया और गाइड करती रहीं। वह एक ऐसी समाज सेविका थीं, जिन्होंने कई जिंदगियां रोशन कीं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे। विनीत जैन जी और पूरे टाइम्स परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं।'

 जाने-माने क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने भी इंदु जैन के निधन पर ट्वीट करके शोक जताया है।

गौरतलब है कि इंदु जैन का करीब 84 वर्ष की उम्र में गुरुवार को निधन हो गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और इन दिनों अस्पताल में भर्ती थीं। इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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होम आइसोलेशन वाले मरीजों तक जानकारी पहुंचाने में मीडिया का इस्तेमाल करें सरकारें: HC

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं

Last Modified:
Friday, 14 May, 2021
High Court

देश में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच हाल ही में केंद्र सरकार ने होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की थीं, लेकिन ये गाइडलाइंस सभी लोगों तक पहुंचें, इसे लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार समेत इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का सहारा लेने को कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना के उपचार के लिए घर में क्या प्रयास करना चाहिए और किस तरह से वह जल्द से जल्द ठीक हो सकते हैं, इसको लेकर दूरदर्शन जैसे चैनल्स का उपयोग किया जाना चाहिए।

हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार को कहा है कि इसकी जानकारी वह अखबारों में विज्ञापन के माध्यम से भी दे सकते हैं. इसमें डॉक्टर्स किन लक्षणों में क्या करने की सलाह दे रहे हैं, इसको लेकर विशेषज्ञों की राय को अखबारों में दिल्ली सरकार की तरफ से दिया जा सकता है।

हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने अपनी वेबसाइट पर इससे संबंधित तमाम जानकारियों को शामिल किया है, जिनका उपयोग होम आइसोलेशन के दौरान कोरोना से संक्रमित लोग कर सकते हैं। आईसीएमआर ने बताया कि उन्होंने डॉक्टर रणदीप गुलेरिया के बहुत सारे वीडियो भी अपलोड किए हैं जिसमें वह जानकारी रहे दे रहे हैं कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों को कोरोना होने के दौरान क्या-क्या करना चाहिए।

हालांकि कोर्ट ने कहा कि जो कुछ भी आईसीएमआर ने अपनी वेबसाइट पर डाला है, वह ज्यादातर आम लोगों की पहुंच से बाहर है। ऐसे में आम लोगों को उन्हीं की भाषा में समझाने के लिए अंग्रेजी के बजाय लोकल भाषा में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में वह जानकारी दी जानी चाहिए जो आईसीएमआर अपनी वेबसाइट पर दे रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना के हाल के लक्षणों वाले तमाम लोग फिलहाल होम आइसोलेशन में हैं। ऐसे में हाई कोर्ट चाहता है कि इन सभी लोगों को सोशल मीडिया या इधर-उधर से कोरोना के इलाज से संबंधित कोई गलत जानकारी न मिले। इसके लिए राज्य और केंद्र सरकार विश्वसनीय जानकारियां प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से जारी कराएं, जिससे लोग भ्रम की स्थिति में न रहें।

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नहीं रहीं Times Group की चेयरपर्सन इंदु जैन

कई दिनों से चल रहा था उपचार, गुरुवार को ली अंतिम सांस

Last Modified:
Thursday, 13 May, 2021
Indu Jain

देश के बड़े मीडिया समूहों में शुमार ‘टाइम्स समूह’ (The Times Group) की चेयरपर्सन और देश की जानी-मानी मीडिया शख्सियत इंदु जैन का निधन हो गया है। वह 84 वर्ष की थीं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इंदु जैन कई दिनों से कोरोना संक्रमण से जूझ रही थीं और इन दिनों अस्पताल में भर्ती थीं, गुरुवार की देर शाम उन्होंने अंतिम सांस ली।

इंदु जैन ‘द टाइम्स फाउंडेशन’ की अध्यक्ष थीं, जिसे उन्होंने स्थापित किया था। टाइम्स फाउंडेशन बाढ़, चक्रवात, भूकंप और महामारी जैसी आपदा राहत के लिए सामुदायिक सेवा, अनुसंधान फाउंडेशन और टाइम्स रिलीफ फंड चलाता है। वह भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थीं, जो प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान करती है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को लेकर भी आवाज उठाई। जनवरी 2016 में इंदु जैन को भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।

कई बार फोर्ब्स के सबसे अमीर शख्सियतों की लिस्ट में आ चुकीं इंदु जैन FICCI की महिला विंग (FLO) की फाउंडर प्रेजिडेंट भी थीं। अपनी मानवता और देश भर में कई चैरिटी के लिए पहचानी जाने वाली इंदु जैन ने मीडिया के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इंदु जैन के निधन पर टाइम्स ग्रुप ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत तमाम हस्तियों ने इंदु जैन को श्रद्धांजलि दी है। 

 

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लोकमत ग्रुप अपने दिवंगत मीडियाकर्मियों की कुछ यूं करेगा मदद

लोकमत ने कोरोना के कारण अपनी जान गंवाने वाले सदस्यों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है।

Last Modified:
Thursday, 13 May, 2021
Lokmat554

कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में लाखों लोगों की जान चली गई है, जिनमें कई मीडियाकर्मी भी शामिल है। इस बीच लोकमत मीडिया ग्रुप ने अपने उन एम्प्लॉयीज के परिजनों को 10 लाख रुपए तक की विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करने की घोषणा की है, जिनका निधन कोविड-19 की वजह से हो गया है।  

लोकमत मीडिया ग्रुप के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर व एडिटोरियल डायरेक्टर करण दर्डा ने कहा कि इन दिनों पूरा देश कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है। कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा है। ऐसे में लोकमत परिवार ने भी पिछले कुछ दिनों में अपने कई सदस्यों को खो दिया है। इस कठिन समय में, लोकमत ने कोरोना के कारण अपनी जान गंवाने वाले सदस्यों के परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। मुझे उम्मीद है कि यह प्रयास उन लोगों के लिए फायदेमंद होगा, जो इस मुश्किल समय के दौरान परेशानी में हैं।

बता दें कि इस राहत पैकेज से लोकमत कर्मचारियों के वे परिवार भी लाभान्वित होंगे, जो पहले से ही शोकग्रस्त हैं।

एक आंतरिक ई-मेल के जरिए करण दर्डा ने यह भी कहा कि लोकमत एक वरिष्ठ कर्मचारी को 2 साल की अवधि के लिए नियुक्त करेगा, जो दिवंगत कर्मचारी पर आश्रित परिवार के सदस्यों को परामर्श, मार्गदर्शन और समर्थन देने का काम करेगा।  

यह पहल कंपनी द्वारा चलाए जा रहे लोकमत केयर्स (COVID Assistance, Relief and Support) के तहत की जा रही है।

 

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