‘Zee न्यूज़’ के इस ‘शॉट’ ने बंद की आलोचकों की बोलती...

कुछ दिनों पहले तक एक विडियो को लेकर ‘ज़ी न्यूज़’ की आलोचना हो...

Last Modified:
Wednesday, 05 December, 2018
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समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

दो दिन सेएक विडियो को लेकर ‘ज़ी न्यूज़’ की आलोचना हो रही थी। कुछ मीडिया हाउस और पत्रकारों ने अपने-अपने ढंग से चैनल को पार्टी विशेष का चैनल बताया। ऑनलाइन मीडिया पर भी चैनल की पत्रकारिता को सवाल उठाने वाली ख़बरें तेज़ी से फैलाई जा रही थीं,  लेकिन एक ही झटके में पूरी तस्वीर बदल गई है।

‘ज़ी न्यूज़’ कुछ घंटों के लिए ज़रूर बैकफुट पर चला गया था, मगर अब उसने दो कदम पीछे हटकर ऐसा शॉट मारा है कि आलोचकों की बोलती बंद हो गई है। दरअसल, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बीते दिनों राजस्थान विधानसभा चुनाव के मद्देनजर अलवर में एक जनसभा को संबोधित किया था। इस जनसभा में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए थे, जिसके बाद ‘ज़ी न्यूज़’ ने विडियो को प्रमुखता से दिखाते हुए कांग्रेस और सिद्धू को कठघरे में खड़ा किया। सोशल मीडिया पर यह विडियो ट्रेंड करने लगा और कांग्रेस के विरोध में स्वर तेज़ हो गए। मामला बिगड़ता देख सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए ‘ज़ी न्यूज़’ के विडियो को फेक करार दिया और मानहानि का मुकादम दायर करने की धमकी भी दी। इसके तुरंत बाद कई मीडिया संस्थानों ने ‘ज़ी न्यूज़’ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।

चैनल की निष्पक्षता पर इस तरह उठे सवालों के बीच संपादक सुधीर चौधरी को मैदान में उतरना पड़ा। ये मामला अकेले किसी पार्टी के आरोपों या विपक्षियों की आलोचना का ही नहीं था, बल्कि इससे चैनल की साख भी जुड़ी थी। लिहाजा, चौधरी के नेतृत्व में ‘ज़ी न्यूज़’ की टीम ने जनसभा में उपस्थित आम लोगों और स्थानीय पत्रकारों को तलाशा और वो तथ्य खोज लाई, जिसने विडियो की सत्यता पर उठ रहे सवालों की धार को हमेशा के लिए कुंद कर दिया।

ज़ी न्यूज़ ने सिद्धू की जनसभा के सात अलग-अलग विडियो जुटाए, जिन्हें वहां मौजूद पत्रकारों ने रिकॉर्ड किया था। इसके अलावा एक स्थानीय पत्रकार से ऑन कैमरा बात भी की गई, जिसने स्वीकारा कि जनसभा में एक बार पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा था। तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होने के बाद सुधीर चौधरी अपने विश्लेषण के साथ सामने आए और आलोचकों को करार जवाब दिया।

चौधरी ने कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के एक ट्वीट का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने ‘ज़ी न्यूज़’ के विडियो को फेक बताते हुआ कहा था कि जनसभा में ‘सत श्री अकाल’ के नारे लगे थे। सुरजेवाला ने अपनी बात को सही साबित करने के लिए एक विडियो भी शेयर किया, लेकिन चौधरी ने विडियो के आधे सच को भी उजागर कर दिया। उन्होंने साफ़ किया कि सुरजेवाला द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ वाले नारे के बाद का है।

वैसे ये कोई पहला मौका नहीं है, जब अपनी खबर को लेकर ‘ज़ी न्यूज़’ को इस तरह घेरा गया है। जेएनयू कांड के वक़्त भी ऐसा ही माहौल तैयार किया गया था।चैनल ने जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने का विडियो दिखाया था, जिसके बाद विडियो की सत्यता पर सवाल खड़े किए गए थे। हालांकि लैब जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया था कि विडियो से किसी भी किस्म की छेड़छाड़ नहीं की गई। आज एक बार फिर ‘ज़ी न्यूज़’ अपने ऊपर लगे आरोपों से पाक साफ़ निकलने में कामयाब रहा है। ‘ज़ी न्यूज़’ की खबर पर लगी ‘सत्य’ की मुहर केवल चैनल ही नहीं, बल्कि मीडिया की विश्वसनीयता के लिए भी ज़रूरी थी।

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