प्रवक्ता ने अंजना ओम कश्यप का किया ऐसे संबोधन, अंजना ने दिया दो टूक जवाब

आजकल टेलिविजन पर आने वाले डिबेट शो में एक-दूसरे पर चीखना चिल्लाना आम बात हो गई है

Last Modified:
Friday, 12 April, 2019
Anjana

आजकल डिबेट शो में एक-दूसरे पर चीखना चिल्लाना आम बात हो गई है। लोग इस तरह एक-दूसरे पर तंज कसने का कोई भी मौका नहीं चूकना चाहते हैं। कुछ दिनों पूर्व ही ‘न्यूज़ 24’ के चर्चित डिबेट शो ‘सबसे बड़ा सवाल’ में चुनावी डिबेट के दौरान भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ता तो आपस में लड़ बैठे थे। नौबत यहां तक आ गई थी कि एंकर संदीप चौधरी के इस शो में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा के ऊपर पानी का गिलास फेंक दिया था।

हालांकि, आमतौर पर इस तरह का विवाद डिबेट शो में मौजूद पक्ष-विपक्ष में ही होता है, लेकिन कई बार शो के एंकर भी इसमें किसी न किसी रूप में शामिल हो जाते हैं और चर्चा का विषय बन जाते हैं। ‘आजतक’ की एंकर अंजना ओम कश्यप के डिबेट शो में भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब कांग्रेस की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने उन्हें ‘बहनजी’ कह दिया। फिर क्या था, ‘बहनजी’ शब्द से अंजना ओम कश्यप चिढ़ गईं और उन्होंने भी प्रियंका चतुर्वेदी को 'आंटी' कहना शुरू कर दिया।   

इस डिबेट शो का विडियो आप यहां देख सकते हैं-

दरअसल, टीवी पर ‘राफेल डील के लीक दस्तावेज में क्या है?’ मुद्दे को लेकर डिबेट चल रही थी। शो में कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी, भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया, सपा प्रवक्ता घनश्याम तिवारी और जेडीयू की ओर से अजय आलोक मौजूद थे। शो चल ही रहा था कि तभी गौरव भाटिया ने इस मामले को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उन्होंने कहा कि जनता सवाल पूछ रही है कि दस साल तक राफेल क्यूं नहीं आया। जब भारतीय वायुसेना इसे मांग रही थी तो एक निठल्ली, भ्रष्टाचारी और निकम्मी सरकार अपना कमीशन तय कर रही थी। नरेंद्र मोदी के आने के बाद 16 महीने में डील हो गई और इस साल राफेल भी आ जाएंगे। उन्होंने कांग्रेस के सामने सवाल उठाते हुए कहा कि राहुल गांधी तो इस बारे में जजमेंट नहीं पढ़ते, क्योंकि पांचवी कक्षा का बालक पीएचडी की थीसिस नहीं पढ़ सकता है, लेकिन कम से कम प्रवक्ता जरूर बता सकते हैं कि 30 हजार करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया जा रहा है, वो कैसे आता है, जब कांट्रैक्ट 800 करोड़ का है।

भाटिया का कहना था, ‘राहुल का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया है कि चोरी हुई है, लेकिन मेरे पास जजमेंट की कॉपी है, इसमें तो मुझे कहीं वह पैराग्राफ मिला नहीं।’ गौरव भाटिया के इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने भी गौरव भाटिया को आड़े हाथ ले लिया और जवाब देने लगीं। एंकरिंग कर रहीं अंजना ओम कश्यप के यह कहने पर कि बहस का इतना स्तर मत गिराइए, प्रियंका चतुर्वेदी ने उन्हें ‘बहनजी’ कह दिया।

बस फिर क्या था, अंजना को यह बात बुरी लग गई और उन्होंने तुरंत प्रियंका चतुर्वेदी को आंटी संबोधित करना शुरू कर दिया। प्रियंका चतुर्वेदी भी इस बात को समझ गईं, लेकिन अपनी झेंप मिटाने के लिए कहती रहीं कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई उन्हें आंटी कहे, मैडम कहे अथवा बहनजी कहे। उनका यह भी कहना था कि हम शो पर प्रवक्ता बनकर आते हैं, न कि अपनी बेइज्जती कराने। हालांकि, अंजना ओम कश्यप के आपत्ति जताने पर प्रियंक चतुर्वेदी ने फिर उन्हें ‘बहनजी’ नहीं कहा और डिबेट में शामिल हो गईं।

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सूचना-प्रसारण मंत्रालय की इस मीटिंग में उठाए जा सकते हैं टीवी चैनलों से जुड़े ये मुद्दे

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) सभी ब्रॉडक्स्ट कंपनियों के साथ एक मीटिंग करने जा रहा है

Last Modified:
Saturday, 20 April, 2019
MIB

सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) सभी ब्रॉडक्स्ट कंपनियों के साथ एक मीटिंग करने जा रहा है। इस मीटिंग में देशभर में सैटेलाइट टीवी चैनलों के अपलिंकिंग और डाउनलिंकिंग से जुड़े लंबित मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक 30 अप्रैल को दिल्ली स्थित शास्त्रीभवन में पांचवे फ्लोर पर कमरा नंबर 552 में सुबह 11 बजे रखी गई है। इस बारे में सभी ब्रॉडकास्ट कंपनियों को एमआईबी की ओर से एक नोटिस भी जारी किया गया है।

मंत्रालय की ओर से जारी नोटिस में यह भी कहा गया है कि जिन कंपनियों के प्रस्ताव मंत्रालय में लंबित पड़े हैं, उन कंपनियों के अधिकृत प्रतिनिधि इस मीटिंग में शामिल हो सकते हैं। ऐसे अधिकृत प्रतिनिधियों के पास कंपनी की ओर से जारी लेटर होना चाहिए। मीटिंग के दौरान कंपनियों द्वारा उठाए जाने वाले प्रस्ताव 24 अप्रैल तक मंत्रालय को amit.katoch@nic.in, usi.inb@nic.in पर ईमेल किए जा सकते हैं।   

सूचना-प्रसारण मंत्रालय की ओर से इस बारे में जारी नोटिस को आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं-
https://mib.gov.in/sites/default/files/Meeting%20on%20pending%20ul%20dl%20issues%20of%20Sattelite%20TV%20Channels%2030.04.2019.pdf

 

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रेडियो वन इंडिया में इस बड़े पद से विनीत सिंह हुक्मानी ने दिया इस्तीफा

'94.3 रेडियो वन इंडिया' के एमडी और सीईओ विनीत सिंह हुक्मानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

Last Modified:
Saturday, 20 April, 2019
VINEET

'94.3 रेडियो वन इंडिया' के एमडी और सीईओ विनीत सिंह हुक्मानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस बारे में कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘जैसा कि मीडिया में पहले बताया गया था कि एचटी मीडिया और नेक्स्ट मीडियावर्क्स लिमिटेड (Next Radio Ltd की मूल कंपनी) के बीच एक स्कीम के तहत कवायद चल रही थी और सूचना-प्रसारण व मंत्रालय और सेबी से इसे अप्रूवल मिलनी थी। अप्रूवल मिलने के बाद एचटी मीडिया ने इन इकाइयों में ज्यादा हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके बाद हुक्मानी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

नेक्स्ट मीडियावर्क्स लिमिटेड के चेयरमैन तारिक अंसारी ने कहा, ‘कंपनी के साथ हुक्मानी के 12 साल के कार्यकाल और एफएम रेडियो बिजनेस में उनके शानदार योगदान की कंपनी सराहना करती है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है।’ वहीं, ‘अपने इस्तीफे के बाद हुक्मानी ने कंपनी के साथियों को अलविदा कहते हुए इसके और आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। हालांकि, अपने अगले कदम के बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया और कहा कि उचित समय आने पर वह इस बारे में खुलासा करेंगे।’

बताया जाता है कि हुक्मानी ने सितंबर 2007 में रेडियो वन को जॉइन किया था। रेडियो वन में शामिल होने से पहले उन्होंने करीब 11 साल विभिन्ने विज्ञापन एजेंसियों में बिताए और ब्रैंड्स को तैयार करने में अपनी अहम भूमिका निभाई। वह पूर्व में ‘Cheil Communications’, ‘Grey Advertising’, ‘Saatchi & Saatchi’ और ‘Mudra’ के साथ जुड़े रहे हैं। हुक्मानी ने अपने करियर की शुरुआत 1989 में ‘C-Dot’ में बतौर ट्रेनी की थी। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक के साथ एमबीए भी किया है।

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हिंसा पर रिसर्च रिपोर्टिंग कर रही महिला पत्रकार खुद हो गई इस बड़ी वारदात का शिकार

दशकों से चल रही हिंसा पर रिसर्च रिपोर्टिंग कर रही महिला पत्रकार खुद बड़ी वारदात का शिकार हो गई

Last Modified:
Saturday, 20 April, 2019
Journalist

गुड फ्राइडे के दिन 29 वर्षीय महिला पत्रकार की मौत का मामला सामने आया है। दरअसल, यह घटना उत्तरी आयरलैंड के लंदनडेरी इलाके में हुए दंगे की है, जहां लायरा मैकी नामक इस महिला पत्रकार की गोली मारकर हत्या कर दी गई। लायरा ने हिंसा की एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट की थी। उन्होंने हिंसा को 'पूरी तरह से पागलपन' करार दिया था, जिसके कुछ देर बाद ही उनकी हत्या कर दी गई। लायरा मैकी मीडियागैजर न्यूज वेबसाइट की संपादक थीं। वह उत्तरी आयरलैंड में दशकों से चल रही हिंसा पर रिसर्च रिपोर्टिंग करती रही थीं।

वहीं, पुलिस ने इसे आतंकी हमला बताते हुए कहा कि यह हमला 1998 गुड फ्राइडे पीस डील के विरोध में किया गया। पुलिस के मुताबिक, इस हत्या के पीछे द न्यू इरा (आयरिश रिपब्लिकन आर्मी) ग्रुप का हाथ होने की संभावना है। 1998 डील की बात करें तो इसके तहत मुख्य आतंकी संगठनों के हथियारों पर पाबंदी लगाई गई थी। इसके अलावा नॉर्दर्न आयरलैंड से ब्रिटिश सेना को हटाना और एक पावरशेयरिंग सरकार के बनने की बात इस डील में थी। पुलिस ने इस मामले में 18 एवं 19 साल के दो युवाओं को आतंकवाद निरोधी कानूनों के तहत लंदनडेरी में गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है कि हिंसा में हुई हालिया वृद्धि से यह क्षेत्र संकट से जूझ रहा है। पुलिस प्रमुख मार्क हैमिल्टन ने एक बयान में कहा, 'डेरी शहर के क्रेग्गन में हिंसा के दौरान पत्रकार लायरा मैकी की योजना बनाकर हत्या कर दी गई।' वहीं, रिपब्लिकन राजनीतिक दल साओराध ने कहा कि जब पुलिस गोली चला रही थी, तब पार्टी के कार्यकताओं ने लोगों को बचाने की कोशिश की। ‘दुर्घटनावश’ पुलिस की गोली मैकी को जा लगी।

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इंडिया न्यूज से राणा यशवंत के बारे में आई ये बड़ी खबर

इंडिया न्यूज’ के दफ्तर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
RANA

‘इंडिया न्यूज’ के दफ्तर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, चैनल के मैनेजिंग एडिटर (प्रोग्रामिंग और ब्रैंडेड कंटेट) राणा यशवंत ने चैनल से कुछ समय पहले इस्तीफा दे दिया था और आज उनका नोटिस पीरियड पूरा हो गया। संस्थान ने आज राणा यशवंत को एक फेयरवेल पार्टी भी दी। इस मौके पर कई साथियों ने राणा यशवंत के साथ बिताए गए पलों को संस्मरण के तौर पर भी शेयर किया।

हालांकि, चैनल को अलविदा कहने के साथ ही राणा ने अपने साथियों के नाम एक लेटर भी लिखा है। इस लेटर की शुरुआत उन्होंने यशस्वी कवि केदारनाथ सिंह की कविता से करते हुए लिखा है कि बड़े मकसद के लिए पड़ाव बदलने पड़ते हैं, आगे के सफर पर निकलना पड़ता है। राणा यशवंत द्वारा लेटर के रूप में अपने साथियों के नाम लिखे गए संदेश को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं-

प्रिय साथियों,

यशस्वी कवि केदारनाथ सिंह की कविता है–‘लंबे दिन के बाद जब लौट कर आता हूं तो कुछ देर तक कमरे के दानव से लड़ना पड़ता है। पराजित कोई नहीं होता, पर समझौता भी कोई नहीं करता। शायद, हम दोनों को यह विश्वास है कि हमारे बीच एक तीसरा भी है जो अजन्मा है।‘ यह जो तीसरा है, वो संभावना है, उम्मीद है, संघर्ष है, बड़े उद्देश्य हैं  औऱ इन सबका ध्येय भविष्य की उपलब्धियां हैं। इसी की खातिर आदमी एक जगह रहता है, बाहर जाता है, लौटता है औऱ फिर जाता है। कभी-कभार इस प्रक्रिया में पड़ाव बदल जाते हैं। मेरा भी बदल रहा है। बड़े मकसद के लिए पड़ाव बदलने पड़ते हैं, आगे के सफर पर निकलना पड़ता है।

पिछले 6 वर्षों से इंडिया न्यूज के लिए, आप सबों के साथ युद्धरत रहा। दफ्तर आने-जाने के नियम-सामान्य कम, असामान्य ज्यादा रहे। आपमें से कइयों को वक्त-वेवक्त जगाया, भगाया, बताया और कई दफा जो नहीं होता लग रहा था, उसको भी मुमकिन बनाया। ऐसा आपसबों की लगन, सामर्थ्य, प्रतिभा और कई मामलों में धैर्य के कारण ही हो पाया। मेरा सफर 14 जनवरी 2013 से ‘आईटीवी’ नेटवर्क के साथ शुरू हुआ और आज मैं स्वयं के लिए एक नई राह चुन रहा हूं। लेकिन मैं आपके पास हमेशा, ठीक वैसे ही हूं, जैसे यहां काम करते हुए आपने मुझे पाया है। हां, अब वो हर छोटी-बड़ी शिकायतें, जिन्हें लेकर आप मेरे पास आते थे,उनको रखने की जगह बदल जाएंगी। बाकी कुछ नहीं।

पिछले 6 वर्षों में असाधारण सफलताओं और अद्भुत टीम-भावना के असंख्य उदाहरण बने। छोटी-सी टीम ने इतिहास के उस सबक को बार-बार दोहराया कि युद्ध संख्या से नहीं, साहस और रणनीति से जीते जाते हैं। जीवन और जिजीविषा की खूबी ये है कि संघर्ष जितना बड़ा होता है, क्षमता का इम्तिहान उतना कड़ा होता है और फिर कामयाबी उतनी ही बड़ी होती है। ‘इंडिया न्यूज’ को पिछले 6 साल में एक मुकाम तक ले आने में आप सबों की मेहनत और लगन का बड़ा योगदान रहा है। कई साथी आज कहीं और चले गए, लेकिन उनकी भी दिन-रात की मेहनत चैनल की कामयाबी में शामिल है। जो जितने दिन अपने दे गया, उतने दिनों का उसका हिस्सा इस चैनल के जीवन में हमेशा बना रहेगा।

आप सबों के पेशेवर, निजी औऱ पारिवारिक जीवन में मैं दाखिल रहा। मेरी राय रही है कि लीडर को सबसे ज्यादा एक्सेसिबल और ऑर्डिनरी होना चाहिए, ताकि उससे कोई भी बात कही-सुनी जा सके। मैंने कोशिश यही की कि जिनती परेशानियां, मुश्किलें आपकी कम कर सकूं, करूं, ताकि आप संस्थान को अपना बेहतर दे सकें। आपकी खातिर संस्थान से जब-जब जो कहा, हर वाजिब रास्ता निकलता रहा। कई दफा कुछ नहीं कर सका तो उसकी भी वाजिब वजहें रहीं। ‘इंडिया न्यूज’ मेरे जीवन में वही मायने रखेगा जैसा इंसान के लिए घर। वह कहीं रहे, पलटकर देखता रहता है। घरवाले पूछ-परख करते रहते हैं। काम करते हुए आप सबों के साथ, एक पेशेवर मगर, निजी औऱ जज्बाती रिश्ता भी बना। वह हमेशा बांधे रखेगा। एक बात औऱ जिसको अपने अंदर रख लिया, तो सच आधा ही रहेगा। पिछळे 6 वर्षों में कार्तिक जी ने जो सहयोग और सम्मान दिया, उसने मेरे कंधों पर जिम्मेदारियों का अहसास कहीं ज्यादा कराया। बहुत सारे मौकों पर चट्टान की तरह खड़े रहे और काम करने के मेरे दायरे को निर्बाध रखा। कई बार असहमतियों में भी मेरे लिए अपने मुताबिक करने की आजादी बनाए रखी। उनका इस बात के लिए भी शुक्रिया कि मुझे, आगे कुछ और करने के लिए उन्होंने आखिरकार इजाजत दे दी। संस्थान को चलाने में वरुण जी, दीपक जी, शिखा जी, नीरज सोनी जी के कंधे से कंधा मिलाकर अपनी पूरी ऊर्जा लगाई और इन सबका मेरे ऊपर एक भरोसा बना रहा।

संस्थान के भरोसे और पेशेवर रिश्ते का इससे अच्छा उदाहरण क्या हो सकता है कि मेरे इस्तीफा देने के इतने दिनों बाद भी मैं पूरे अधिकार से काम करता रहा, फैसले लेता रहा। यह मेल मैं जब लिख रहा हूं, आखिरी दिन औऱ आखिरी घंटे हैं, लेकिन आज भी सारे जरूरी काम किए, बैठकें कीं। जो कमाया है, उसी का ये सिला है। पीछे मुड़कर जब देखता हूं तो ईमानदारी से ये स्वीकार करता हूं कि इस पूरी यात्रा में आप सबों से बहुत कुछ सीखा है। यह मेरी थाती है, पाथेय भी। अगर कभी, किसी कारण से आपमें से किसी को मेरी किसी बात, फैसले या काम से कोई ठेस पहुंची हो तो उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। आप सबों के सफल भविष्य की कामनाओं के साथ।

आपका शुभेच्छु
राणा यशवंत

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पत्रकार पूनम अग्रवाल को बॉम्बे HC से मिली बड़ी राहत, ये है मामला

बॉम्बे हाई कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार पूनम अग्रवाल को बड़ी राहत प्रदान की है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
POONAM

बॉम्बे हाई कोर्ट ने महिला पत्रकार को बड़ी राहत प्रदान की है। दरअसल, कोर्ट ने केरल के जवान रॉय मैथ्यू का स्टिंग करने वाली न्यूज पोर्टल ‘द क्विंट’ की एसोसिएट एडिटर पूनम अग्रवाल के खिलाफ दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया है। अपने स्टिंग में पूनम अग्रवाल ने लांस नायक रॉय का इंटरव्यू किया था, जिसके सामने आने के बाद रॉय ने आत्महत्या कर ली थी।

महाराष्ट्र के नासिक की देवलाली छावनी में दो मार्च, 2017 को मैथ्यू का शव एक खाली पड़ी बैरक में छत से लटकता मिला था। इस मामले में पुलिस ने पूनम अग्रवाल और कारगिल की लड़ाई में शामिल रहे दीपचंद सिंह के खिलाफ 26 मार्च 2017 को मामला दर्ज किया था। सेना ने पूनम अग्रवाल पर प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध तरीके से घुसने और मैथ्यु से सेना के खिलाफ जाने वाले अहम सवाल पूछने का आरोप लगाया था। पूनम अग्रवाल के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट की धारा भी लगाई गई थी।  

दरअसल, पूनम अग्रवाल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन के जरिये सेना की सहायक व्यवस्था के तहत जवानों को अधिकारियों के घरों पर तैनात करने और उनसे घरेलू काम कराने का मुद्दा उठाया था। आरोप था कि इस स्टिंग ऑपरेशन के चर्चित होने के बाद इसमें दिखाई दिए जवान लांस नायक रॉय मैथ्यु ने आत्महत्या कर ली थी, जबकि पूनम अग्रवाल का दावा था कि सेना की आंतरिक जांच के चलते मैथ्यु ने आत्महत्या की थी।

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस रंजीत मोरे और जस्टिस भारती डांगरे की खंडपीठ ने अपने चैंबर में यह विडियो और इसकी असंपादित फुटेज को देखने के बाद अब निर्णय दिया है कि पूनम अग्रवाल और दीपचंद के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। इसी तरह यह मामला ऑफिशियल्‍स सीक्रेट्स एक्‍ट के दायरे में भी नहीं आता है। सुनवाई के दौरान अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद करने की मांग को लेकर पत्रकार पूनम अग्रवाल और दीपचंद सिंह द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि मैथ्‍यु ने अपने अधिकारियों द्वारा डांटे जाने से क्षुब्‍ध होकर आत्‍महत्‍या की थी, न कि उनकी वजह से। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने पूनम अग्रवाल और दीपचंद सिंह को अग्रिम जमानत दे दी थी। इससे पहले अंतरिम जमानत मंजूर करते समय कोर्ट ने माना था, 'क्लिप को देखने के बाद ऐसा लगता है कि इस स्टिंग ऑपरेशन का उद्देश्‍य यह दिखाना था कि सेना में सहायकों से घर के छोटे-मोटे काम कराए जा रहे थे। सिर्फ इसलिए कि स्टिंग ऑपरेशन प्रतिबंधित क्षेत्र में किया गया था, यह ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्‍ट की धारा तीन और सात का मामला नहीं बनता है।

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रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार ने किया कुछ ऐसा, वायरल हुआ विडियो

पाकिस्तान के पत्रकारों की ‘अनोखी’ रिपोर्टिंग के विडियो सोशल मीडिया में अक्सर वायरल होते रहते हैं

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
Journalist

पाकिस्तान के पत्रकारों की ‘अनोखी’ रिपोर्टिंग के विडियो सोशल मीडिया में अक्सर वायरल होते रहते हैं। कभी वहां के पत्रकार गधे की पीठ पर बैठकर तो कभी बाढ़ की रिपोर्टिंग के लिए खुद तेज बहाव वाले पानी में उतरकर रिपोर्टिंग करने लगते हैं।  

पिछले दिनों पाकिस्तानी टीवी चैनल ‘सिटी42’ के सीनियर रिपोर्टर कैसर खोखर का एक विडियो भी काफी वायरल हुआ था, जिसमें वे न्यूज रूम के लाइव चैट में इतने ज्यादा इमोशनल हो गए कि तौबा-तौबा करने लगे। उन्होंने कम से कम 20 बार अपने कान पकड़कर तौबा-तौबा की। दरअसल, वह मोदी सरकार से नाराज थे कि इंडिया ने पुलवामा के बाद पाकिस्तान में निर्यात होने वाले टमाटर पर बैन लगाकर काफी गलत काम किया है। उसका कहना था कि भारत को इसका जवाब एटम बम से दिया जायेगा। इस बार उनका एक और विडियो सामने आया है, जिसमें वह भारत-पाक सीमा रेखा (LOC)  पर खड़े हैं और हेलमेट पहनकर तौबा-तौबा करते नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तानी पत्रकार नायला इनायत ने इस विडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं-

 

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न्यूज रूम में एंकर पहनकर आई ऐसी ड्रेस, सोशल मीडिया पर खूब हो रही चर्चा

पाकिस्तान में एक न्यूज एंकर की ड्रेस इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
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पाकिस्तान में हालात कितने खराब हो चले हैं कि अब न्यूज एंकर्स को सामने आकर लोगों को सुरक्षा के लिए सलाह देनी पड़ रही है। जी हां, सोशल मीडिया पर आजकल ऐसा ही एक विडियो वायरल हो रहा है, जिसमें न्यूज एंकर लोगों को सलाह दे रही है कि यदि बदमाशों की गोली से बचना है तो उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट पहनकर घर से बाहर निकलना चाहिए। खास बात यह है कि एंकर ने न्यूज रूम में खुद बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी है। हालांकि, इस विडियो में सलाह के साथ एंकर का व्यवस्था के प्रति रोष भी दिखाई देता है।   

दरअसल, पाकिस्तान की एक पत्रकार @nailainayat (नायला इनायत) द्वारा इस बारे में एक विडियो शेयर किया गया है। इस विडियो में न्यूज एंकर लोगों को सलाह देती नजर आ रही है कि किसी भी मां को अपने बच्चे को बिना बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाए घर से नहीं निकलने देना चाहिए। एंकर का यह भी कहना है कि जिस पिता की बेटी स्कूल के फंक्शन में जाते समय बदमाशों की गोलियों का शिकार बन जाए और दुनिया से चली जाए, ऐसे पिता को चाहिए कि वो औलाद की खुराक की फिक्र से पहले बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदने के पैसे इकट्ठे करे और अपने बच्चों के साथ यह जैकेट पहनकर ही घर से बाहर निकले। एंकर का यह भी कहना है कि जिन बहनों का भाई सड़क पर गोलियों का निशाना बन जाए, उन बहनों को भी चाहिए कि वे अपने भाइयों को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाएं।

हालांकि नायला ने इस बारे में जो ट्वीट किया है, उसमें उन्होंने यह सवाल भी उठाया है कि आखिर न्यूजरूम में बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने से किसी गरीब को सड़क पर गोलियों का शिकार होने से कैसे रोका जा सकता है। नायला के इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं, जिसमें एंकर लोगों को घर से बाहर निकलने से पूर्व बुलेटप्रूफ जैकेट पहनने की सलाह देती नजर आ रही है।

 

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लाइव कवरेज के लिए रिपोर्टर ने लिया खतरनाक निर्णय, विडियो वायरल

इसे पत्रकारिता के प्रति जुनून कहें अथवा खबरों की दुनिया में खुद भी खबर बनने की ललक कि तमाम रिपोर्टर कुछ न कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उन्हें चर्चा में ला देता है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
Reporter

इसे पत्रकारिता के प्रति जुनून कहें अथवा खबरों की दुनिया में खुद भी खबर बनने की ललक कि तमाम रिपोर्टर कुछ न कुछ ऐसा कर जाते हैं, जो उन्हें चर्चा में ला देता है। ऐसा ही कुछ मामला अब पाकिस्तान से सामने आया है, जहां पर एक रिपोर्टर बाढ़ के बारे में रिपोर्टिंग करने के लिए खुद तेज बहाव वाले पानी में उतरकर रिपोर्टिंग करने लगा।

इस बारे में पाकिस्तान की एक पत्रकार @nailainayat (नायला इनायत) ने एक विडियो शेयर किया है। इसमें यह पाकिस्‍तानी रिपोर्टर बाढ़ क्षेत्र की एक नदी के बीचों-बीच खड़े होकर संभावित बाढ़ की स्थिति के बारे में बता रहा है। रिपोर्टर का अंदाज दिलचस्‍प है। लेकिन विडियो के साथ जो कैप्‍शन लिखा गया है कि वह भी कम मजेदार नहीं है। दरअसल, विडियो को ट्वीट करते हुए लिखा गया है, ‘प्रड्यूसर मुझे एक ऐसी खबर लाकर दो, जो किसी और चैनल के पास न हो।’

 

गौरतलब है कि पिछले दिनों भी सोशल मीडिया में ऐसे दो विडियो वायरल हुए थे, जिन्हें लोगों द्वारा खूब देखा और शेयर किया गया था। पहला विडियो पाकिस्तान का था। इसमें पाकिस्तानी टीवी चैनल ‘सिटी42’ का सीनियर रिपोर्टर कैसर खोखर न्यूज रूम के लाइव चैट में इतना ज्यादा इमोशनल हो गया कि तौबा-तौबा करने लगा था। उसने कम से कम 20 बार अपने कान पकड़कर तौबा-तौबा की। दरअसल, वह मोदी सरकार से नाराज था कि इंडिया ने पुलवामा के बाद पाकिस्तान में निर्यात होने वाले टमाटर पर बैन लगाकर काफी गलत काम किया है। उसका कहना था कि भारत को इसका जवाब एटम बम से दिया जायेगा।कैसर खोखऱ को इस अंदाज में जवाब देने के लिए भारतीय पत्रकार निदा अहमद आगे आई थीं और उन्होंने भी सोशल मीडिया पर एक विडियो शेयर कर कैसर खोखर के ‘तौबा-तौबा’ की धज्जियां उड़ा दी थीं। लगभग सात मिनट के इस विडियो को सोशल मीडिया पर खूब शेयर किया गया था। निदा अहमद को उनके इस अंदाज के लिए सोशल मीडिया यूजर्स ने बधाइयां भी थीं।

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समय के साथ हिन्दुस्तान भी हुआ 'स्मार्ट', अब इस दिशा में बढ़ाए कदम

तमाम चुनौतियों के बीच लोगों की जरूरतोंं और पसंद को ध्यान में रखते हुए हिन्दुस्तान समाचार पत्र ने नई पहल की है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
HINDUSTAN

बिहार ऐसा राज्य है, जहां की जनता पत्रकारिता को हमेशा गंभीरता से लेती है। आज भी बिहार के लोग बहुत गंभीरता से अखबारों को पढ़ते हैं। लोगों की इसी पसंद को ध्यान में रखते हुए ‘हिन्दुस्तान’ अखबार ने एक नई पहल करते हुए राजधानी पटना में एक नया अखबार ‘हिन्दुस्तान स्मार्ट’ लॉन्च किया है। 28 पेज के इस अखबार में पटना शहर की हर स्थानीय खबर पढ़ने को मिलेगी। मात्र दो रुपए की कीमत में इस अखबार में राजनीति, क्षेत्रीय समस्याएं, स्‍वास्‍थ्‍य, बाजार, शिक्षा, गैजेट एवं अपराध आदि से जुड़े तथ्‍यों को समाहित किया गया है।

बताया जाता है कि 'हिन्दुस्तान स्मार्ट' सभी आयु वर्ग के लोगों की रुचि को देखते हुए तैयार किया गया है। इसमें पाठकों को देश-दुनिया के हर जरूरी समाचार के साथ पटना शहर की हर हलचल भी पढ़ने को मिलेगी। यह अखबार हर खबर को अलग नजर और नजरिये से दिखाने की कोशिश करेगा। गौरतलब है कि ‘हिन्दुस्तान’ इससे पहले भी बिहार के लोगों की प्रगति के लिए अनूठे प्रयोग करता रहा है। हर आयु वर्ग की महिलाओं के लिए ‘अनोखी’, अंग्रेजी के तलबगारों के लिए ‘जानो इंग्लिश’ और नौकरी की चाहत रखने वाले नौजवानों के लिए ‘जॉब सर्च’ इसी का हिस्सा है।

नए अखबार की लॉन्चिंग पर ‘हिन्दुस्तान’ के एडिटर-इन-चीफ शशि शेखर ने पहले पेज पर संपादकीय भी लिखा है, जिसमें उन्होंने इस नए अखबार की जरूरत और इसके कंटेंट के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। शशि शेखर ने इस अखबार के बारे में अपने ट्विटर हैंडल पर एक ट्वीट भी किया है, इस ट्वीट को आप यहां देख सकते हैं-

 

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जानें कैसे EVM को सीताजी से जोड़ डाला कांग्रेस प्रवक्ता ने

लोकसभा चुनाव के दौरान तमाम विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता विवादित बयान दे रहे हैं

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
Debate

लोकसभा चुनाव के दौरान तमाम नेता विवादित बयान दे रहे हैं। हालांकि चुनाव आयोग भी सख्त रुख अपनाए हुए है और इस तरह के मामलों में कई नेताओं के प्रचार करने पर प्रतिबंध तक लगा चुका है। ऐसे ही एक मामले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के प्रवक्ता सुरेंद्र सिंह राजपूत ने सीता माता को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बहाने सीताजी को चुनावी राजनीति में शामिल कर लिया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने यह बयान ‘न्यूज 18 इंडिया’ के कार्यक्रम ‘सुलगते सवाल’ में दिया। दरअसल, इस कार्यक्रम में चुनाव के पहले चरण के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती के ईवीएम पर किए गए ट्वीट पर बहस चल रही थी। इस पर राजपूत का कहना था, ‘जिस तरह से भगवान श्रीराम ने एक आदमी के संदेह के आधार पर सीता माता की अग्निपरीक्षा करा दी थी, उसी तरह चुनाव आयोग और भारत सरकार को ईवीएम पर अगर पूरे भारतवर्ष में एक भी व्यक्ति को संदेह होता है तो उसकी अग्निपरीक्षा करनी चाहिए।’

सुरेंद्र सिंह के इस बयान पर बीजेपी प्रवक्ता प्रेम शुक्ला ने सीताजी की अग्निपरीक्षा को ईवीएम से जोड़कर बोलने पर विरोध जताया, लेकिन उनकी एक नहीं चली। वहीं, कार्यक्रम में शामिल समाजवादी पार्टी (SP) के प्रवक्ता अमीक जामेई, वरिष्ठ पत्रकार राम कृपाल सिंह, ऑर्गनाइजर के संपादक प्रफुल्ल केतकर ने किसी तरह की टिप्पणी करने से मना कर दिया और अपना पल्ला झाड़ लिया।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व ही ‘न्यूज़ 24’ के चर्चित डिबेट शो ‘सबसे बड़ा सवाल’ में चुनावी डिबेट के दौरान भाजपा और कांग्रेस के प्रवक्ता तो आपस में लड़ बैठे थे। नौबत यहां तक आ गई थी कि एंकर संदीप चौधरी के इस शो में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता केके शर्मा के ऊपर पानी का गिलास फेंक दिया था।

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