सक्रिय पत्रकारिता छोड़कर बेहद खुश हैं ये पूर्व पत्रकार...

एक तरफ जहां पत्रकारिता के रुतबे से प्रभावित होकर इसमें संभावना तलाशने वालों की संख्या बढ़ रही है...

Last Modified:
Tuesday, 09 May, 2017
Samachar4media

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

एक तरफ जहां पत्रकारिता के रुतबे से प्रभावित होकर इसमें संभावना तलाशने वालों की संख्या बढ़ रही है, तो वहीं ऐसे लोगों की संख्या भी कम नहीं है जो मीडिया संस्थानों के गैर जिम्मेदाराना रवैये और पत्रकारिता के मूल्यों में दिनों दिन आ रही गिरावट से निराश होकर दूसरा ठिकाना तलाश रहे हैं। बेहिसाब कामअपेक्षाकृत कम वेतन और हर रोज लटकती तलवार ये कुछ मुद्दे हैंजो आजकल पत्रकारों को विचलित किए हुए हैं और इसी के चलते वे खुद को नए ठिकानों पर स्थापित कर रहे हैं। हालांकि कुछ ऐसे भी हैं जो दिल पर बिना कोई बोझ लिए बेहतर संभावनाओं की खातिर पत्रकार का चोला उतार रहे हैं।

दैनिक जागरण के सिटी प्लस में बतौर संपादक सहित कई मीडिया संस्थानों में काम कर चुके नदीम ईनामदार आज अपनी एजेंसी चला रहे हैं। प्रत्यक्ष तौर पर पत्रकारिता से उनका नाता टूटने की वजह रही संस्थान के पुणे एडिशन का बंद होना। अंग्रेजी अखबार डीएनए का पुणे संस्करण बंद होने पर भी उन्हें ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा थालेकिन उन्होंने किसी तरह खुद को संभाल लिया पर जब वक्त ने दोबारा पलटी खायी तो उन्होंने पत्रकारिता को अलविदा कहना ही बेहतर समझा। नदीम अपने इस फैसले से खुश हैं। उनके मुताबिक शुरुआत में परेशानियां आईंमगर अब सबकुछ ठीक है और वो अपनी इस नई जिंदगी से ज्यादा सहज महसूस करते हैं। वो कहते हैंआज पत्रकारिता में न मूल्य बचे हैं और न मीडिया संस्थानों को आपकी परवाह है। हम ऐसे लोगों के लिए अपनी जान दांव पर लगा देते हैंजिन्हें आपसे कोई सरोकार नहीं। संस्थान चाहते हैं कि पत्रकार पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी से अपना फर्ज निभाएलेकिन जब बात अपनी आती है तो वो हाथ खड़े कर लेते हैं। मैं पत्रकारिता छोड़ने के अपने फैसले से खुश हूं और मेरा परिवार भी।       

ल के पत्रकार दुष्यंत सेवक आज बतौर लैंग्वेज इंजीनियर पुणे स्थित कंपनी में सेवाएं दे रहे हैं और वो अपनी इस नई भूमिका से बेहद खुश हैं। नए प्रोफेशन को अपनाने से पहले दुष्यंत इंदौर दैनिक भास्कर में थे। बेहिसाब कामकम वेतन और संस्थान में होने वाली राजनीति के चलते दुष्यंत ने पत्रकारिता को अलविदा कहने का निर्णय लिया। वो कहते हैंमैं क्षेत्रीय पत्रकारिता में थाजहां हर रोज ऐसी परिस्थिति से गुजरना पड़ता थाजिसकी इजाजत मेरा जमीर नहीं देता था। इसके अलावा करियर ग्रोथ की संभावना कम थी और मामूली से वेतन के लिए गंदी राजनीति का भी हिस्सा बनना पड़ता थाइसलिए मैंने पत्रकारिता से नाता तोड़ लिया।

नवभारत और लोकमत जैसे संस्थानों में काम करने के बाद संजय कैकाड़े अब पुणे के एक प्रसिद्ध कॉलेज में पीआरओ की भूमिका निभा रहे हैं। पत्रकारिता को प्रत्यक्ष तौर पर अलविदा कहने के अपने फैसले से कैकाड़े बेहद खुश हैं। वो कहते हैंयहां सबकुछ हैअच्छा वेतन हैकाम के घंटे निर्धारित हैं और छुट्टियां भी मिलती हैं। सबसे बड़ी बात है कि अब मैं अपने परिवार के साथ वक्त बिता पाता हूं। वो कहते हैंपत्रकार आज पत्रकार कहां हैवो तो मार्केटिंग एजेंट है। उस पर विज्ञापन लाने के लिए दबाव बनाया जाता हैविज्ञापन न मिले तो खरीखोटी सुनाई जाती है। खबरों के प्रति भी मीडिया में निष्पक्षता नहीं बची है। इससे तो बेहतर है कि हम ऐसे स्थान पर काम करेंजहां पैसा भी और सुकून भी।

मिड डे सहित कई अंग्रेजी अखबारों में काम कर चुके अनुज इस्माइल प्रत्यक्ष तौर पर पत्रकारिता को अलविदा कह चुके हैं और इसे अपने जीवन का सबसे सही फैसला मानते हैं। कनाडा स्थित एक प्राइवेट कंपनी में बतौर मैनेजर काम कर रहे अनुज ने बेहतर भविष्य के लिए प्रोफेशन बदला। वो कहते हैं, मुझे सही समय पर अहसाह हो गया था कि पत्रकारिता के शोषण के अलावा कुछ नहीं है। एक पत्रकार अपनी जान दांव पर लगाकर खबरें लता है, लोगों से दुश्मनी मोल लेता है और उसे मिलता क्या है वेतन के नाम पर चंद हजार रुपए? इसके अलावा जॉब सिक्योरिटी नाम की कोई चीज नहीं है, बड़े-बड़े अखबार उन पत्रकारों को विश्वास में लिए बगैर रातों-रात अपने एडिशन बंद कर देते हैं, जिन्हें वो कल तक ईमानदारी से काम करने का पाठ पढ़ते थे। मैं अपने फैसले से खुश हूं और अपने कुछ पत्रकार दोस्तों को भी दूसरी संभावना तलाशने के लिए प्रेरित करता रहता हूं।


समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

TAGS 0
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Zee Media का सांसद पर जवाबी 'हमला'

पिछले कई दिनों से दोनों पक्षों के बीच चल रहा है विवाद

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Zee Media

‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) और  तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के बीच विवाद गहराता जा रहा है। कुछ दिन पूर्व महुआ मोइत्रा द्वारा ‘जी न्यूज’ (Zee News)  और इसके एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी के खिलाफ आपराधिक मानहानि का केस दर्ज कराया गया था। अब खबर है कि ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ एक अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में महुआ मोइत्रा पर न्यूज चैनल को बदनाम करने का आरोप लगाया गया है।

कंपनी की शिकायत पर एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने इस मामले में विचार के लिए एक अगस्त की तारीख रखी है। कंपनी की ओर से दर्ज कराई शिकायत में एडवोकेट विजय अग्रवाल का कहना है, ‘मोइत्रा ने तीन जुलाई को कंपनी के खिलाफ मानहानि पूर्ण बयान दिए थे। मोइत्रा के बयान झूठे और दुर्भावना से प्रेरित थे और कंपनी की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले थे। आरोप है कि मोइत्रा ने खुद पर लगे आरोपों का जवाब देते हुए पत्रकारों के सामने न्यूज चैनल पर जानबूझकर इस तरह के बयान दिए थे।’ इस बीच चौधरी ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट से मांग की कि मोइत्रा द्वारा दायर मानहानि के मामले में कथित रूप से छिपाए गए तथ्यों की जांच कराई जाए।

गौरतलब है कि महुआ मोइत्रा ने संसद में 25 जून को फासीवाद पर एक भाषण दिया था, जिसके बारे में सुधीर चौधरी ने दावा किया था कि मोइत्रा के भाषण के अंश अमेरिकी वेबसाइट से हुबहू चुराये गये हैं। आरोप था कि यह आर्टिकल वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बारे में लिखा था, जिसमें मोइत्रा ने कुछ अंश हूबहू उठा लिए और राष्ट्रपति का नाम हटा दिया। सुधीर चौधरी ने भाषण के अंशों को अंडरलाइन करके भी दिखाया था। हालांकि सुधीर चौधरी के ट्‌वीट के बाद वाशिंगटन मंथली के Martin Longman ने ट्‌वीट करके महुआ मोइत्रा का पक्ष लिया था।

इसके बाद भड़कीं महुआ मोइत्रा ने सुधीर चौधरी के दावे को गलत बताया था। मोइत्रा का कहना था कि यह भाषण उनका अपना था और अन्य मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए बीजेपी की ‘ट्रोल आर्मी’ की ओर से इस तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सुधीर चौधरी पर गलत रिपोर्टिंग के आरोप लगाते हुए लोकसभा में जीटीवी और सुधीर चौधरी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव भी पेश कर दिया था। हालांकि, स्पीकर ओम बिरला ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया था। इसके बाद महुआ मोइत्रा ने सुधीर चौधरी के खिलाफ अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था। बता दें कि पूर्व में इनवेस्टमेंट बैंकर रहीं मोइत्रा पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से पहली बार सांसद बनी हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

फोटो जर्नलिस्ट महीप कुमार सिंह ने थामा अब इस न्यूज चैनल का दामन

पूर्व में कई न्यूज चैनल्स में जिम्मेदारी निभा चुके हैं महीप कुमार

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Maheep Kumar

‘भारत समाचार’ चैनल, लखनऊ में बतौर सीनियर कैमरामैन कार्यरत महीप कुमार सिंह ने अब यहां से अलविदा बोल दिया है। यहां वह करीब ढाई साल से अपनी भूमिका निभा रहे थे। महीप कुमार ने अब अपनी नई पारी का आगाज लखनऊ में ‘अपना भारत’ चैनल के साथ किया है। यहां भी उन्हें सीनियर कैमरामैन की जिम्मेदारी दी गई है।

महीप कुमार सिंह को कई न्यूज चैनल्स के साथ काम करने का अनुभव है। पूर्व में वह न्यूज एक्सप्रेस, वॉयस ऑफ इंडिया, नेशनल वॉयस और इंडिया वॉच आदि चैनल्स में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। वह सूचना और जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश राज्य मुख्यालय पर मान्यता प्राप्त प्रतिनिधि के तौर पर भी लखनऊ में काम कर चुके हैं।

मूलरूप से उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर जिले के रहने वाले महीप कुमार सिंह ने फैजाबाद यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। इसके अलावा उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से ग्राफिक डिजायन और विडियो प्रॉडक्शन की पढ़ाई भी की है। वर्ष 2006 में उन्होंने नोएडा के इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मीडिया एंड एंटरटेनमेंट स्टडीज से विडोयोग्राफी में डिप्लोमा किया है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बेस्ट कैमरामैन का अवॉर्ड भी मिल चुका है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

दैनिक जागरण से हुई बड़ी गलती, अब हो रही किरकिरी!

जरा सी सजगता बरतकर इस तरह की गलती से बचा जा सकता है

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Dainik Jagran

कहते हैं कि गलती उसी से होती है, जो काम करता है, लेकिन कभी-कभी ऐसी गलतियां हो जाती हैं कि फिर कोई कहावत काम नहीं आती। आज के दैनिक जागरण के दिल्ली एडिशन में भी कुछ ऐसा ही हुआ है। अखबार के पृष्ठ 13 पर इशरत जहां से जुड़ी एक खबर है। खबर यह है कि हनुमान चालीसा पाठ में भाग लेने के चलते इशरत जहां को धमकियां मिल रही हैं। इस समाचार को तीन कॉलम में दो लाइन की हेडलाइन के साथ लगाया गया है। यहां तक तो सबकुछ ठीक है, लेकिन खबर में इशरत जहां की जिस फोटो का इस्तेमाल किया गया है, वो चर्चा का विषय है।

दरअसल, खबर है तीन तलाक के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर सुर्खियों में आईं इशरत जहां की और फोटो लगा है उस इशरत जहां का, जिसे काफी सालों पहले गुजरात पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। इस तरह की गलती वही कर सकता है, जिसे अपने ज्ञान से ज्यादा गूगल के ज्ञान पर भरोसा हो। संभवतः पेज लगवाने वाले ने गूगल में इशरत जहां सर्च किया होगा और जो फोटो पसंद आई, उसे निकालकर लगा लिया होगा। वैसे, गूगल करने पर भी दोनों इशरत जहां की फोटो सामने आती हैं, ऐसे में पत्रकार के नाते यह सवाल तो मन में उठाना ही चाहिए था कि एक नाम के दो व्यक्ति कैसे? यदि यह सवाल उठता तो उसके जवाब से भ्रम की गुंजाइश ही नहीं बचती।

खबर में हुई गलती तो एकबारगी छुप सकती है और लगातार लिखने वाले से गलती होना स्वाभाविक भी है, लेकिन फोटो गलत लगा देना न केवल संबंधित व्यक्ति के कम ज्ञान को दर्शाता है बल्कि अखबार की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। वैसे भी आजकल मीडिया खासकर हिंदी अखबारों की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। इसलिए यह जरूरी है कि इस तरह की गलती दोबारा न होने पाए। इसमें अकेले गलती पेज लगवाने वाले की ही नहीं है, बल्कि पेज को चेक करने वाला बराबर का जिम्मेदार है। उम्मीद है कि जागरण प्रबंधन ने इस गलती को गंभीरता से लिया होगा।

दैनिक जागरण में छपे इस पेज को आप यहां क्लिक कर देख सकते हैं- 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

RSTV ने हासिल किया खास मुकाम, जल्द शुरू करेगा ये काम भी

चैनल की उपलब्धि पर उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर दी बधाई

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
RSTV

राज्यसभा टीवी (RSTV) के लिए यह काफी अच्छी खबर है। दरअसल, राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या तीन मिलियन (तीस लाख) का आंकड़ा पार कर गई है और तमाम चैनल्स को पीछे छोड़ते हुए यह न्यूज के क्षेत्र में यूट्यूव पर तेजी से बढ़ते हुए चैनल्स में शुमार हो गया है। RSTV  के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या में इस साल काफी तेजी से वृद्धि देखने को मिली है। इस साल करीब साढ़े सात महीने में ही राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल को 11.75 लाख से ज्यादा आर्गेनिक सबस्क्राइबर्स (organic subscribers) मिले हैं, जबकि वर्ष 2018 में चैनल को 11.96  लाख सबस्क्रिप्शन हासिल हुए थे।

इस बारे में चैनल की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘इस साल एक फरवरी से 15 जुलाई तक मात्र साढ़े पांच महीनों में ही हमने अपने साथ 9,99,854 से ज्यादा सबस्क्राइबर्स जोड़े हैं। औसत रूप से देखा जाए तो रोजाना करीब 6060 सबस्क्राइबर्स जुड़ रहे हैं। चैनल ने चार फरवरी 2019 को ही दो मिलियन का आंकड़ा पार कर लिया था।’ चैनल की इस उपलब्धि पर उप राष्ट्रपति और राज्यसभा के चेयरमैन एम. वेंकैया नायडू ने ट्वीट कर खुशी भी जाहिर की है। अपने ट्वीट में उन्होंने कहा है, ‘30 लाख यूट्यूब सब्सक्राइबर का लक्ष्य प्राप्त करने पर राज्यसभा टेलीविजन को बधाई। इस उपलब्धि पर चैनल के प्रबंधन, संपादन और तकनीकी दल को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं।’

बताया जाता है कि वेंकैया नायडू ने करीब दो साल पहले जब राज्यसभा टीवी के चैयरमैन का कार्यभार संभाला था, तो उस दौरान 10 अगस्त 2017 को राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के सबस्क्राइबर्स की संख्या 4,25,622 थी। दो साल से भी कम समय में अब इसके सबस्क्राइबर्स की संख्या में करीब 25,58,460 का इजाफा हुआ है, जो पहले के मुकाबले करीब 501 प्रतिशत बढ़ी है। इसी अवधि के दौरान चैनल के यूट्यूब व्यूज 8.13 करोड़ से 487 प्रतिशत बढ़कर करीब 46.74 करोड़ हो गए हैं। 

तीन मिलियन से ज्यादा यूट्यूब सबस्क्राइबर्स होने के साथ ही राज्यसभा टीवी इस मामले में अन्य चैनल्स जैसे एनडीटीवी इंडिया (2.8 मिलियन), इंडिया टुडे (1.9 मिलियन), डीडी न्यूज (1.7 मिलियन), टाइम्स नाउ(1.1 मिलियन), रिपब्लिक वर्ल्ड (1.2 मिलियन), सीएनएन न्यूज18 (1 मिलियन), न्यूज नेशन(1.4 मिलियन), सीएनबीसी आवाज (0.84 मिलियन), लोकसभा टीवी (0.53 मिलियन), सीएनबीसी टीवी18 (0.37 मिलियन), न्यूज एक्स (0.34 मिलियन) और विऑन(0.33 मिलियन) से आगे निकल गया है। यूट्यूव चैनल के सबस्क्राबर्स की संख्या के मामले में राज्यसभा टीवी प्रमुख टीवी चैनल्स की लिस्ट में आठवें नंबर पर है। इससे आगे अभी सिर्फ सात चैनल जैसे- आजतक, एबीपी न्यूज, इंडिया टीवी, जी न्यूज, एनडीटीवी, न्यूज18 इंडिया और न्यूज24 हैं। 

बताया जाता है कि राज्यसभा टीवी की व्युअरशिप में यह बढ़ोतरी राज्यसभा टीवी के एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन के नेतृत्व में संपादकीय टीम की मेहनत के साथ ही बेहतर कंटेंट और प्रधानमंत्री के आधिकारिक कार्यक्रमों की कवरेज के अलावा ग्राउंड रिपोर्टिंग की वजह से हुई है। राज्यसभा टीवी की ऑनलाइन पहुंच बढ़ने के कारण ही यूट्यूब चैनल पर राज्यसभा की कार्यवाही देखने वालों की संख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। 23 मई 2019 को जब लोकसभा चुनाव के परिणाम आए थे, उस समय राज्यसभा टीवी के यूट्यूब चैनल के 18.37 लाख से ज्यादा व्यूज थे। पांच जुलाई 2019 को बजट वाले दिन इसके व्यूज 13.30 लाख से ज्यादा थे।  

इस दौरान राज्यसभा टीवी के कई विडियो वायरल हुए हैं. जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण और कार्यक्रम शामिल हैं। जब नरेंद्र मोदी ने इस साल लोकसभा चुनाव में भारी विजय के बाद प्रधानमंत्री के रूप में एक समारोह में शपथ ली थी, तो उस दौरान 24 घंटे से भी कम समय में चैनल को 157000 व्यूज मिले थे। कंटेंट और कवरेज प्लानिंग को और बेहतर बनाने के लिए राज्यसभा टीवी ने ‘ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल’ (BARC) को जॉइन कर लिया है ताकि इसके प्रत्येक शो के बारे में व्युअर्स की रिस्पॉन्स जाना जा सके। लोकसभा टीवी की तर्ज पर राज्यसभा टीवी भी जल्द ही सरकारी और निजी उपक्रमों के विज्ञापनों को प्रसारित करना शुरू करेगी।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

टीवी9 भारतवर्ष को मिला नया आउटपुट हेड

विनोद कापड़ी की विदाई के बाद टीवी9 भारतवर्ष में तमाम बदलाव होने शुरू हो गए हैं

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
TV9

टीवी पत्रकार अजय आजाद ने ‘न्यूज 24’ को बाय बोल दिया है। वह यहां आउटपुट डेस्क पर बतौर डिप्टी एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अजय आजाद ने अब अपना नया सफर टीवी9 भारतवर्ष चैनल के साथ किया है। यहां वह आउटपुट हेड के तौर पर काम करेंगे। अजय आजाद न्यूज24 के अलावा ईटीवी, महुआ, जी न्यूज, इंडिया न्यूज चैनल्स में महत्वपूर्ण पदों पर काम कर चुके हैं। मूल रूप से सिवान (बिहार) के रहने वाले अजय आजाद लंबे समय तक राणा यशवंत की महुआ और इंडिया न्यूज टीम का हिस्सा रहे हैं, लेकिन काफी पहले उन्होंने इंडिया न्यूज से विदाई लेकर न्यूज 24 जॉइन कर लिया था।

बता दें कि विनोद कापड़ी की विदाई के बाद ही टीवी9 भारतवर्ष में तमाम बदलाव होने शुरू हो गए थे। मैनेजिंग एडिटर की पोजीशन पर जहां संत प्रसाद को लाया गया, वहीं आउटपुट हेड के पद पर अब अजय आजाद को लाया गया है। अजय आजाद को इस नई जिम्मेदारी के लिए समाचार4मीडिया की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मैनेजमेंट ने बताई ये मजबूरी, बंद किया अखबार

अखबार को बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से नोटिस जारी कर दी गई है जानकारी

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Newspaper

मुंबई से छपने वाला ईवनिंग टैबलॉयड अखबार ‘द ऑफ्टरनून डिस्पैच एंड कोरियर’ (The Afternoon Despatch & Courier) अब कभी पाठकों को पढ़ने को नहीं मिलेगा। हालांकि पब्लिकेशन कंपनी ने 29 दिसंबर 2018 से ही इस अखबार को पब्लिश करना रोक दिया था, लेकिन अब स्थायी रूप से इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। अखबार को स्थायी रूप से बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से एक नोटिस भी जारी किया गया है।

इस नोटिस में कहा गया है, ‘अखबार के विज्ञापन और सर्कुलेशन में लगातार कमी होती जा रही थी। हालांकि, मैनेजमेंट ने इसकी सेल्स बढ़ाने के लिए काफी प्रयास किया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। ऐसे में पिछले 12 साल से अखबार काफी घाटे में चल रहा था। इन सबके बावजूद कंपनी ने अखबार को इस उम्मीद पर पब्लिश करना जारी रखा कि शायद सेल्स में कुछ सुधार हो। लेकिन अब मैनेजमेंट की उम्मीदें भी जवाब दे चुकी हैं।’

नोटिस के अनुसार, ‘इन परिस्थितियों में मजबूरीवश प्रबंधन ने 20 जुलाई 2019 से इस अखबार का प्रकाशन पूर्ण रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। ऐसे में यहां पर जो भी स्टाफ अभी काम कर रहा है, उसकी सेवाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी। स्टाफ को नियमानुसार बकाया राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।’

अखबार को बंद करने के बारे में कंपनी की ओर से नोटिस जारी कर जानकारी दी गई है। इस नोटिस को आप यहां पढ़ सकते हैं-

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इंडिया न्यूज को अलविदा कह नए सफर पर निकलीं पत्रकार गीतम श्रीवास्तव

ग्वालियर से ताल्लुक रखने वाली गीतम श्रीवास्तव लंबे समय से जुड़ी हुई थीं इस चैनल से

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Geetam-Shrivastava

लंबे समय से ‘इंडिया न्यूज’ चैनल से जुड़ीं गीतम श्रीवास्तव ने अब यहां से अलविदा बोल दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी अब ‘एबीपी न्यूज’ की डिजिटल विंग से शुरू की है। ग्वालियर से ताल्लुक रखने वाली गीतम श्रीवास्तव ने दिल्ली यूनीवर्सिटी के जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

गीतम तकरीबन हर बड़ी फिल्मी हस्ती का इंटरव्यू कर चुकी हैं और अक्सर फील्ड से फेसबुक पर भी फिल्मी रिव्यू करती दिखाई देती हैं। ‘इंडिया न्यूज’ में गीतम फिल्मी बीट के अलावा स्पोर्ट्स और मौसम आदि से जुड़ी खबरें भी पब्लिक के साथ लाइव करती दिखती थीं। माना जा रहा है कि एबीपी न्यूज की डिजिटल विंग के लिए भी वह अपनी बीट और रिपोर्टिंग को ही देखेंगी। गीतम को इस नई पारी के लिए समाचार4मीडिया की तरफ से ढेरों शुभकामनाएं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज 24 के मेकअप आर्टिस्ट ने उठाया घातक कदम, साथी हैरान

पिछले कुछ दिनों से पत्नी के साथ रिश्ता खराब चल रहा था

Last Modified:
Thursday, 18 July, 2019
Nitesh Kashyap

'न्यूज 24' के मेकअप आर्टिस्ट नितेश ने एक कड़ा कदम उठाते हुए पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। नितेश ने गाजियाबाद के वैशाली में 17 जुलाई को अपने एक कैमरापर्सन दोस्त के घर पर इस घटना को अंजाम दिया। नितेश के इस कदम से उसे जानने वाले काफी स्तब्ध हैं। वह भरोसा ही नहीं कर पा रहे हैं कि नितेश इस तरह का कदम भी उठा सकता है।

बताते हैं कि नितेश काफी जिंदादिल और खुशमिजाज था। उसने लवमैरिज की थी। दोनों के एक बच्चा भी है। पत्नी और बच्चे के साथ खुशी के पलों की तस्वीरें अक्सर वो फेसबुक पर शेयर करता था। नितेश के दोस्त बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों से उसकी जिंदगी में तनाव आना शुरू हो गया था। उसके दोस्त नाम न छापने की शर्त पर बताते हैं कि पत्नी से उसके रिश्ते खराब हो चले थे, जिसके चलते वो अक्सर टेंशन में रहता था। कई दिनों से वो अपने दोस्तों से बहकी-बहकी बातें भी कर रहा था, सब उसको समझाने में भी लगे थे। उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है।

सुसाइड नोट में नितेश ने साफ लिखा है कि उसकी मौत के लिए किसी को भी जिम्मेदार न ठहराया जाए और न ही किसी को परेशान किया जाए। उसकी मौत के बाद उसका जो कुछ भी है, उसकी पत्नी औऱ बेटे को दे दिया जाए। नितेश की मौत से उसके जानने वाले पत्रकार दोस्त काफी सकते में हैं और फेसबुक पर उसे श्रद्धांजलि दे रहे हं।

बताते हैं कि अक्सर नितेश कश्यप बड़ी-बड़ी हस्तियों के साथ फोटो शेयर करता था, जिस किसी भी हस्ती का न्यूज 24 की मैनेजिंग एडिटर अनुराधा प्रसाद अपने शो 'आमने सामने' के लिए इंटरव्यू करती थीं, उनके साथ नितेश का फोटो भी होता ही था। अनुराधा प्रसाद का पर्सनल मेकअप तो वो देखता ही था, पूरे न्यूज 24 के मेकअप डिपार्टमेंट का चार्ज भी उसी के पास था। ऐसे में सभी एंकर्स, कैमरापर्सन आदि से उसके अच्छे रिश्ते थे, ऐसे में उसकी सुसाइड की खबर आई तो हर कोई हैरान था।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अब इन वरिष्ठ पत्रकार को सौंपी गई Zee News डिजिटल की कमान

राकेश तनेजा करीब 14 साल से Zee News के साथ काम कर रहे हैं

Last Modified:
Friday, 19 July, 2019
Zee News

‘जी न्यूज’ (Zee News) में एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर की जिम्मेदारी संभाल रहे वरिष्ठ पत्रकार राकेश तनेजा को नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें अब zeenews.com का हेड बनाया गया है। राकेश तनेजा करीब 14 साल से इस ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं। गौरतलब है कि पहले दयाशंकर मिश्र व फिर प्रसाद सान्याल के जाने के बाद प्रबंधतंत्र ने अब मन बनाया है कि किसी और संस्थान से किसी सीनियर को लाने के बजाय अपने समूह के काबिल लोगों को ही आगे बढ़ाया जाए, ऐसे में राकेश तनेजा को ये जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

2005 में जी समूह से जुड़ने से पहले राकेश वर्ष 2003 में  ‘अमर उजाला’ के साथ अपनी नई पारी खेल चुके हैं। वे अमर उजाला के दिल्ली संस्करण के साथ जुड़े थे और बतौर डिप्टी ब्यूरो चीफ फरीदाबाद की कमान संभालते थे। उससे पहले वे करीब साढ़े तीन साल तक ‘दैनिक भास्कर’ में  200-2003 तक हिसार व गुंडगांव संपादकीय विभाम में भी काम कर चुके हैं। 1999 में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत हरिभूमि 'अखबार' से की थी।

 वर्ष 2005 में उन्होंने ‘अमर उजाला’ को अलविदा कहकर ‘जी न्यूज’ का दामन थाम लिया था और तब से यहां वे विभिन्न जिम्मेदारियों को संभाल रहे हैं। वे असाइनमेंट डेस्क से लेकर गेस्ट कोर्डिनेटर हेड तक भी भूमिका सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। हरियाणा में हिसार के रहने वाले राकेश तनेजा ने गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Adobe में MD का पद छोड़ अब इस कंपनी से जुड़े कुलमीत बावा

करीब 12 साल तक भारतीय सेना में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं

Last Modified:
Thursday, 18 July, 2019
Kulmeet Bawa

डिजिटल क्षेत्र में नए जमाने की टेक्नोलॉजी कंपनी ‘रिजल्टिक्स’ (Resulticks) में कुलमीत बावा को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के साथ ही ‘जापान एंड एशिया पैसिफिक’ (geographic region) ‘JAPAC’ का प्रेजिडेंट नियुक्त किया गया है। वह ‘रिजल्टिक्स’ की ग्लोबल स्ट्रैटेजी तैयार करने का काम संभालेंगे। ‘JAPAC’ रीजन में कंपनी की मार्केटिंग के साथ ही बिजनेस को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी उन्हीं के पास होगी। वह सिंगापुर स्थित कंपनी के हेडक्वार्टर से अपना कामकाज संभालेंगे।

कुलमीत बावा को विभिन्न क्षेत्रों में काम करने का 28 साल से ज्यादा का अनुभव है। ‘रिजल्टिक्स’ में नई भूमिका से पहले वह एडोब (साउथ एशिया) में बतौर वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में काम कर चुके हैं। एडोब इंडिया में वह वर्ष 2012 से अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। इसके अलावा वह करीब 12 साल तक भारतीय सेना में भी काम कर चुके हैं। ‘एडोब’ से पहले वह ‘सन माइक्रोसिस्टम्स’ (Sun Microsystems) और ‘माइक्रोसॉफ्ट’ (Microsoft India) में बड़ी भूमिका निभा चुके हैं।

एडोब के मैनेजिंग डायरेक्टर पद पर पहुंचने से पहले बतौर सेल्स हेड (इंडिया) कुलमीत ने विभिन्न वर्टिकल्स खासकर मार्केटिंग क्लाउड बिजनेस में एंडोब को आगे बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कुलमीत ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस से ग्रेजुएशन किया है, इसके अलावा वह देश की प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस एकेडमी, पुणे के छात्र भी रह चुके हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए