IDMA 2020: शॉर्टलिस्ट हुईं एंट्रीज, 28 अगस्त को उठेगा विजेताओं के नाम से पर्दा

‘एक्सचेंज4मीडिया’ की ओर से दिए जाने वाले बहुप्रतिष्ठित ‘इंडि‍यन डिजिटल मार्केटिंग अवॉर्ड्स’ (IDMA) 2020 के 11वें एडिशन के लिए सात अगस्त को जूरी मीट का आयोजन किया गया

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 08 August, 2020
Last Modified:
Saturday, 08 August, 2020
IDMA

‘एक्‍सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) की ओर से दिए जाने वाले बहुप्रतिष्ठित ‘इंडि‍यन डिजिटल मार्केटिंग अवॉर्ड्स’ (IDMA) 2020 के 11वें एडिशन के लिए सात अगस्त को जूरी मीट का आयोजन किया गया। ‘जूम’ ऐप के जरिये वर्चुअल रूप से होने वाली इस जूरी मीट में एंट्रीज को शॉर्टलिस्‍ट किया गया। इस साल इन अवॉर्ड्स के लिए 500 एंट्रीज मिली थीं। ‘P&G’ के एमडी और सीईओ (Indian Subcontinent) मधुसूदन गोपालन की अध्यक्षता में गठित जूरी ने इनमें से 170 को शॉर्टलिस्ट किया। अवॉर्ड्स के लिए फाइनल विजेताओं के नामों की घोषणा 28 अगस्त की शाम साढ़े छह बजे वर्चुअल रूप से होने वाले एक समारोह में की जाएगी।

जूरी में शामिल अन्य सदस्यों में ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा, ‘एक्सचेंज4मीडिया’ ग्रुप के को-फाउंडर नवल आहूजा, ‘टाटा कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स’ की प्रेजिडेंट (पैकेज्ड फूड्स) रिचा अरोड़ा, ‘Grey Group India’ की चेयरमैन और ग्रुप सीईओ अनुषा शेट्टी, ‘Lodestar UM’ की सीईओ नंदिनी डायस, ‘OYO’ के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के मेंबर आदित्य घोष,’ Laqshya Media Group’ के मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक जालान, ‘DELL Technologies’ के प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर आलोक ओहरी, ‘Asian Paints’ के एमडी और सीईओ अमित सिंगले, ‘CEAT’ के मैनेजिंग डायरेक्टर अनंत गोयनका शामिल थे।

इनके अलावा जूरी के अन्य सदस्यों में ‘Mahindra Holidays and Resorts India Ltd’ के एमडी और सीईओ कविंद्र सिंह, ‘Intel India’ के वाइस प्रेजिडेंट और मैनेजिंग डायरेक्टर (सेल्स, मार्केटिंग और कम्युनिकेशंस ग्रुप) प्रकाश माल्या, ‘Max Life Insurance’ के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर प्रशांत त्रिपाठी, ’ House of Cheer Networks Private Limited’ के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर राज नायक, ‘Burger King India Private Limited’ के सीईओ राजीव वर्मन, ‘Goodyear India’ के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप महाजन, ‘Morgan Stanley’ के मैनेजिंग डायरेक्टर रिधन देसाई, ‘Cipla Health’ के सीईओ शिवम पुरी और ‘Apollo Tyres’ के प्रेजिडेंट (Asia Pacific, Middle East, and Africa) व पूर्णकालिक निदेशक सतीश शर्मा शामिल थे।
 

जूरी प्रक्रिया के लिए निर्णायक मानदंड डिजिटल कैंपेन की स्ट्रैटेजी, क्रिएटिविटी, इनोवेशन, एग्जिक्यूशन और कैंपेन के परिणामों पर आधारित थे। गौरतलब है कि मार्केटिंग के क्षेत्र में खासकर इंटरनेट, मोबाइल, गेमिंग, सोशल मीडिया और ब्‍लॉग में उल्‍लेखनीय कार्य करने वालों को सम्‍मानित करने और उन्‍हें नई पहचान देने के लिए हर साल ये अवॉर्ड दिए जाते हैं। इन अवॉर्ड्स की शुरुआत वर्ष 2010 में की गई थी। अपनी शुरुआत के बाद से ही यह काफी आगे बढ़ा है और अब भारतीय डिजिटल मार्केटिंग क्षेत्र के प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स में शामिल हो चुका है।

IDMA Awards 2020 जिन कैटेगेरीज में दिए जाने हैं, उनकी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं।

WEB

  • Best Banners -Single/ Campaign, Rich Media with or without video
  • Best Benchmark Content / Branded Content
  • Best Website/ Microsite
  • Best Use of Web Based Games
  • Best Campaign- Online Advertising and Digital Direct Response

MOBILE and TABLETS

  • Best Use of WAP /Html/ other sites for Mobiles and Best App Developed- Products / Services / Corporate / Social/ Films / TV Shows / Entertainment/ Lifestyle / Gaming etc.
  • Best Innovation in Mobile Marketing
  • Best Campaign- Use of Mobile and Mobile Monetization

SOCIAL MEDIA

  • Best Use of Social Networks/ Social Media
  • Community Engagement / Community Building and Most Effective Social Listening
  • Leveraging Social Media to boost brand ROI and engagement


SEARCH and PPC CAMPAIGNS

BEST SEO FOR WEBSITE/UNIVERSAL SEARCH RANKING AND SEM STRATEGY
BEST PPC

SPECIAL AWARDS

  • Best Integrated Media Campaign - Product/ Services
  • Best Integrated Media Campaign - Corporate.
  • Best Integrated Media Campaign - Social Cause
  • Best Integrated Media Campaign - Films/ TV Shows / News Shows / Events
  • Most Effective Use of Digital Analytics
  • Best Media Campaign – Gender Parity
  • Campaign with the Best ROI
  • Best Digital Innovation
  • Most Effective Use of AI, data analytics, machine learning for a Campaign and Business Optimisation
  • Best use of AR or VR
  • Best Use of Experiential Tech for Digital & Physical Experiences
  • Breakthrough Technology as Part of a Campaign
  • Location-based or Proximity Marketing Campaign of the Year
    IDMA Person of the Year

HALL OF FAME AWARDS

  • Best Digital and Social Media Advertiser and Best Advertiser on Mobile
  • est Digital, Social Media and Mobile Media Agency of the Year
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अब इस ग्रुप से जुड़े PTI के पूर्व CEO एम.के.राजदान

गौरतलब है कि एम.के. राजदान की बेटी निधि राजदान भी पत्रकारिता जगत से जुड़ी हुई हैं और इस समय एनडीटीवी 24X7 में वरिष्‍ठ पत्रकार हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 24 September, 2020
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2020
MK Razdan

प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) के पूर्व सीईओ व एडिटर-इन-चीफ एम.के.राजदान अब वेदांता ग्रुप में कॉरपोरेट कम्युनिकेशन टीम के वरिष्ठ सलाहकार के तौर पर शामिल होंगे। वे दिल्ली से अपना कार्यभार संभालेंगे।

वेदांता में कम्युनिकेशंस एंड ब्रैंड के डायरेक्टर रोमा बलवानी ने ट्वीट कर राजदान का 'टीम वेदांत' में स्वागत किया।

वरिष्ठ पत्रकार राजदान पीटीआई के एक सदस्यीय ब्यूरो में ब्यूरो चीफ के पद पर काम करने के बाद 1995 में संस्थान के जनरल मैनेजर बनें। एक युवा पत्रकार के रूप में राजदान नवंबर, 1965 में पीटीआई के साथ जुड़े थे और तब से लेकर सितंबर, 2016 तक यानी करीब 51 वर्षों तक उन्होंने यहां विभिन्न पदों पर अपना योगदान दिया। 21 वर्षों तक वे पीटीआई के एडिटर-इन-चीफ के पद पर बने रहे। सितंबर, 2016 में उनका यहां से रिटायरमेंट हुआ।

गौरतलब है कि एम.के. राजदान की बेटी निधि राजदान भी पत्रकारिता जगत से जुड़ी हुई हैं और इस समय एनडीटीवी 24X7 में वरिष्‍ठ पत्रकार हैं।

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वायकॉम18 से जुड़ीं मंजीत सचदेव, मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

वायकॉम18 को जॉइन करने से पहले मंजीत सचदेव मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कई ब्रैंड्स की कंटेंट स्ट्रैटेजी संभाल चुकी हैं।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 24 September, 2020
Last Modified:
Thursday, 24 September, 2020
Manjit Sachdev

अपनी क्रिएटिव टीम को मजबूती देने और बेहतरीन कंटेंट स्ट्रैटेजी बनाने पर ध्यान केंद्रित करने के लिए 'वायकॉम18' (Viacom18) ने मंजीत सचदेव को अपने प्रमुख वीडियो ऑन डिमांड ब्रैंड्स ‘वूट’ (Voot) और ‘वूट सेलेक्ट’ (Voot Select) का हेड (कंटेंट) नियुक्त किया है।

बता दें कि मंजीत सचदेव को मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में काम करने का 18 साल से ज्यादा का अनुभव है। 'वायकॉम18' को जॉइन करने से पहले वह मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में ‘AltBalaji’ और ‘Sony Entertainment’ जैसे कई बड़े ब्रैंड्स के साथ काम कर चुकी हैं। अपनी नई भूमिका में वह 'वायकॉम18' के सीओओ (डिजिटल वेंचर) गौरव रक्षित के साथ मिलकर काम करेंगी।  

मंजीत सचदेव की नियुक्ति के बारे में गौरव रक्षित का कहना है, ‘इस प्लेटफॉर्म पर मंजीत के आने से मैं बहुत खुश हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि संस्थान को उनके अनुभव का काफी लाभ मिलेगा।’

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Linkedin को अलविदा कहने के बाद पुनीत नागपाल ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) के पूर्व हेड (Sales & Marketing Solutions–India) पुनीत नागपाल ने अब अपनी नई पारी की शुरुआत की है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 23 September, 2020
Last Modified:
Wednesday, 23 September, 2020
Puneet Nagpal

‘लिंक्डइन’ (LinkedIn) के पूर्व हेड (Sales & Marketing Solutions– India) ने ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म ‘कोर्सेरा’ (Coursera) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। यहां उन्होंने बतौर कस्टमर मार्केटिंग लीड- APAC जॉइन किया है।

बता दें कि नागपाल ने मई 2017 में लिंक्डइन को जॉइन किया था और भारत में इसकी सेल्स और मार्केटिंग सॉल्यूशंस की कमान संभालते थे। लिंक्डइन में अपनी पारी के दौरान उन्होंने भारत में सेल्स सॉल्यूशंस बिजनेस को लॉन्च किया था। इसके अलावा विभिन्न कैंपेन के जरिये इसके मीडिया बिजनेस को नई ऊंचाई पर पहुचाया था।

नागपाल को मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। ‘लिंक्डइन’ से पहले वह छह साल से ज्यादा समय तक ‘SHRM–APAC’ में विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। लिंक्डइन को जॉइन करने से पहले वह SHRM में हेड- Marketing (India/APAC) - Brand, Digital and Product के पद पर कार्य कर रहे थे। पूर्व में नागपाल IMS Learning Resources के साथ ब्रैंड/कम्युनिटी मार्केटिंग में भी अपनी भूमिका निभा चुके हैं।    

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‘बांग्ला भारत’ के CEO उमेश कुमार ने अब इस चैनल की भी संभाली कमान

बीते कई हफ्तों से मीडिया गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही थी कि आखिर टीवी मीडिया का कौन सा चेहरा बीते साल लॉन्च होने वाले न्यूज चैनल R9 की कमान संभालेगा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 22 September, 2020
Last Modified:
Tuesday, 22 September, 2020
UmeshKumar

बीते कई हफ्तों से मीडिया गलियारों में इस बात की चर्चा हो रही थी कि आखिर टीवी मीडिया का कौन सा चेहरा बीते साल लॉन्च होने वाले न्यूज चैनल R9 की कमान संभालेगा, पर अब इस बात पर मुहर लग गई है कि चैनल का नया डायरेक्टर (न्यूज) कौन होगा। आपको बता दें कि इस पद की कमान ‘समाचार प्लस’ न्यूज चैनल के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ रह चुके वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार को दी गई है। इसके अतिरिक्त उमेश कुमार को चैनल के सीईओ पद की जिम्मेदारी दी गई है। समाचार4मीडिया से बातचीत में इस बात की पुष्टि खुद वरिष्ठ पत्रकार उमेश कुमार ने की है।

'समाचार प्लस' चैनल बंद होने के बाद उमेश कुमार ने घोषणा की थी कि वह गैर हिंदी भाषी राज्य में फुल एचडी न्यूज चैनल लॉन्च करने जा रहे हैं, जिसके बाद पिछले साल दिसंबर में उन्होंने गैर हिंदी प्रदेश में अपने कदम बढ़ाते हुए पश्चिम बंगाल के पहले फुल एचडी न्यूज चैनल ‘बांग्ला भारत’ (Bangla Bharat) को लॉन्च कराया। वे इस चैनल में सीईओ व एडिटर-इन-चीफ के पद पर कार्यरत हैं। इसके साथ ही वे उत्तराखंड के मीडिया प्लेटफॉर्म्स ‘पहाड़ टीवी’ (PAHAD TV) और ‘दिल्ली चिली’ (Delhi Chilli) के सीईओ व एडिटर-इन-चीफ हैं।

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RSTV के पूर्व एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन को दूरदर्शन में मिली बड़ी जिम्मेदारी

नेशनल पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharti) ने ‘राज्यसभा टीवी’ (RSTV) के पूर्व एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन को दूरदर्शन में बतौर हेड (कंटेंट ऑपरेशंस) के पद पर नियुक्त किया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 21 September, 2020
Last Modified:
Monday, 21 September, 2020
Impact

नेशनल पब्लिक ब्रॉडकास्टर ‘प्रसार भारती’ (Prasar Bharti) ने ‘राज्यसभा टीवी’ (RSTV) के पूर्व एडिटर-इन-चीफ राहुल महाजन को दूरदर्शन में बतौर हेड (कंटेंट ऑपरेशंस) के पद पर नियुक्त किया है। बता दें कि राहुल महाजन ने करीब एक माह पूर्व राज्यसभा टीवी (RSTV) के एडिटर-इन-चीफ पद से इस्तीफा दे दिया था।    

राहुल महाजन को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब 28 साल का अनुभव है। इनमें से 25 साल उन्होंने अलग-अलग मीडिया संस्थानों में काम किया है। वह प्रसार भारती में कंसल्टिंग एडिटर भी रह चुके हैं। करीब 48 वर्षीय राहुल महाजन लगभग12 साल तक संसद को कवर कर चुके हैं।     

शिमला के रहने वाले राहुल महाजन ने हिमाचल यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की है। उन्होंने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद ‘जी न्यूज’, ‘आजतक’, ‘स्टार न्यूज’, व ‘न्यूज24’ जैसे बड़े चैनलों में रहे। 

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NBA ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया एफिडेविट, उठाई ये मांग

‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है कि उनके संगठन को आधिकारिक तौर पर कुछ खास अधिकार दिए जाएं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 21 September, 2020
Last Modified:
Monday, 21 September, 2020
NBA

टेलिविजन प्रसारण कंपनियों के संगठन ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (एनबीए) ने सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की है कि उनके संगठन को आधिकारिक तौर पर एक अलग मान्यता दी जाए, ताकि सभी न्यूज चैनल्स (चाहे वह इसके सदस्य हों अथवा नहीं) इसके दिशा-निर्देशों का पालन करने और न मानने पर पेनाल्टी का सामना करने के लिए बाध्य हों।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनबीए की ओर से यह भी कहा गया है कि सरकार द्वारा किसी भी न्यूज चैनल को ब्रॉडकास्टिंग की अनुमति देते समय उसके स्व-नियामक तंत्र (self-regulatory mechanism) के लिए उत्तरदायी होने की शर्त भी होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट में अपना एफिडेविट जमा करते हुए एनबीए ने उन तरीकों की सिफारिश की है, जिससे ‘न्यूज ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड एसोसिएशन (एनबीएसए)’ के स्व-नियामक तंत्र को मजबूत किया जा सकता है।

बता दें कि एनबीएसए स्वत्रंत निकाय है, जिसका गठन ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ ने प्रसारण के खिलाफ आई शिकायत पर विचार करने और फैसला लेने के लिए किया है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस एके सीकरी के पास फिलहाल इसकी कमान है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, एनबीए ने सुप्रीम कोर्ट में यह हलफनामा ‘सुदर्शन न्यूज’ द्वारा सिविल सेवाओं में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रवेश से जुड़े एक शो को लेकर हुए विवाद बाद दिया है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस निकाय को ‘टूथलेस’ कहते हुए शुक्रवार को एनबीए को कुछ अधिकार देने के लिए सुझाव मांगे थे, ताकि यह कार्यक्रम कोड का उल्लंघन करने अथवा कुछ गलत प्रसारित करने पर टीवी चैनल्स के खिलाफ कार्रवाई कर सके।

एनबीए ने अपने हलफनामे में मांग की है कि उसकी आचार संहिता को केबल टीवी रूल्स के तहत प्रोग्राम कोड का हिस्सा बनाकर वैधानिक मान्यता प्रदान की जाए, ताकि ये नियम सभी न्यूज चैनल्स पर लागू हो सकें।

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Paytm की गूगल प्ले स्टोर पर हुई वापसी, 4 घंटे बाद लिया गया फैसला

पेमेंट ऐप ‘पेटीएम’ (Paytm) की गूगल प्ले स्टोर पर वापसी हो गई है और यूजर्स इसे अब डाउनलोड कर सकते हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 19 September, 2020
Last Modified:
Saturday, 19 September, 2020
Paytm-Google

पेमेंट ऐप ‘पेटीएम’ (Paytm) की गूगल प्ले स्टोर पर वापसी हो गई है और यूजर्स इसे अब डाउनलोड कर सकते हैं। इसकी जानकारी पेटीएम ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए दी। बीते शुक्रवार को गूगल ने यह ऐप प्ले स्टोर से हटा दिया था, हालांकि इसकी वजह तब सामने नहीं आई थी। कंपनी ने गूगल पर कॉम्पिटिशन रूल तोड़ने का आरोप लगाया।

शुक्रवार दोपहर गूगल ने प्ले स्टोर से पेटीएम ऐप को हटाने की जानकारी दी थी। इसके बाद पेटीएम ने ट्वीट किया था कि उसका एंड्रॉयड ऐप नए डाउनलोड या अपडेट के लिए गूगल प्ले स्टोर पर अस्थायी तौर पर उपलब्ध नहीं है। हम जल्द ही वापसी करेंगे। कंपनी ने यूजर्स से कहा था कि आपकी राशि पूरी तरह से सुरक्षित है। आप पेटीएम ऐप को सामान्य तरह से इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, गूगल प्ले स्टोर से बैन होने के महज चार घंटे बाद ही पेटीएम की प्ले स्टोर पर दोबारा वापसी हो गई।

बता दें कि पेमेंट ऐप पेटीए की ओर से ऑफर किए जा रहे ‘पेटीएम गेमिंग’ (Paytm Gaming) ऐप को भी प्ले स्टोर से हटा दिया गया था, जिसके बाद कंपनी ने ट्वीट कर यूजर्स को भरोसा दिलाया कि उनके पैसे पूरी तरह सेफ हैं और जल्द ही ऐप प्ले स्टोर पर लौट आएगा।

भारत में लोकप्रिय क्रिकेट टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) शुरू होने जा रहा है और इसके साथ ही ढेरों ऐसे ऐप्स खूब डाउनलोड होने लगते हैं, जिनपर गेसवर्क करके और तुक्का लगाकर यूजर्स पैसे जीत सकते हैं।

वैसे तो गूगल ने पेटीएम ऐप के बारे में कुछ नहीं कहा लेकिन कंपनी की ओर से हाल ही में सट्टेबाजी (गैंबलिंग) से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने से पर एक अपडेटेड ब्लॉग पोस्ट शेयर किया गया है। एंड्रॉयड सिक्योरिटी और प्राइवेसी, प्रॉडक्ट के वाइस प्रेजिडेंट सुजेन फ्रे ने इस बारे में लिखा  कि हम ऑनलाइन कसीनो की अनुमति नहीं देते या किसी भी ऐसे ऐप को सपोर्ट नहीं करते जो सट्टेबाजी से जुड़ा हो और स्पोर्ट्स पर तुक्का लगाने पर गेम्स ऑफर करता हो। इसमें वे ऐप्स भी शामिल हैं, जो पैसे या प्राइज जितवाने का लालच देकर यूजर्स को किसी सट्टेबाजी की वेबसाइट पर भेजते हैं। यानी गूगल ऐसे कोई भी ऐप्स प्ले स्टोर पर नहीं चाहता, जिनकी मदद से सट्टेबाजी की जा सके या जुआ खेला जा सके।

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गंभीर आरोपों में पत्रकार गिरफ्तार, मजिस्ट्रेट ने छह दिन की रिमांड पर भेजा

पीतमपुरा निवासी इस फ्रीलॉन्स पत्रकार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 19 September, 2020
Last Modified:
Saturday, 19 September, 2020
Arrest

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने फ्रीलान्स पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया है। उन्हें ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया है। उन्हें छह दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली में पीतमपुरा निवासी राजीव शर्मा के पास से डिफेंस से जुड़े क्लासीफाइड डॉक्यूमेंट मिले हैं। राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के बारे में न्यूज एजेंसी ‘एएनआई’(ANI) ने एक ट्वीट भी किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।  

बताया जाता है कि संदिग्ध गतिविधि की सूचना पर पुलिस लंबे समय से राजीव शर्मा के फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) जुटा रही थी। इसके बाद पुलिस ने 14 सितंबर को राजीव शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। 15 सितंबर को राजीव शर्मा को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां उन्हें छह दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। राजीव की जमानत याचिका पर 22 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हो सकती है।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजीव शर्मा कथित रूप से अपने देश से जुड़ी कुछ संवेदनशील सूचनाएं चीन की खुफिया एजेंसी को सौंप रहे थे। पुलिस ने अब चीन की एक महिला व उसके नेपाली सहयोगी को भी गिरफ्तार कर लिया है, जिन्होंने शैल कंपनियों द्वारा उन्हें काफी पैसा दिया था। 

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मीडिया को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कही ये बात

‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ विशेष बातचीत में पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री ने तमाम पहलुओं पर अपने विचार रखे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 18 September, 2020
Last Modified:
Friday, 18 September, 2020
Manish Tewari

पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री और लोकसभा सदस्य मनीष तिवारी ने मीडिया पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मीडिया सरकार के इशारे पर काम कर रही है। ‘गवर्नेंस नाउ’ (Governance Now) के एमडी कैलाशनाथ अधिकारी के साथ एक बातचीत में न्यूज चैनल्स पर बरसते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि मीडिया अब लोक हितैषी नहीं रह गई है।

पब्लिक पॉलिसी प्लेटफॉर्म पर ‘विजिनरी टॉक सीरीज’ (Visionary Talk series) के तहत होने वाले इस वेबिनार के दौरान मनीष तिवारी का यह भी कहना था, ‘समय के साथ मीडिया सरकार के इशारे पर काम करने वाली बनती जा रही है और भारत में प्रेस की स्वतंत्रता एक मिथक है।’

कुछ आंकड़ों का हवाला देते हुए मनीष तिवारी ने कहा कि देश में लगभग 950 मिलियन लोगों के यहां घरों पर टीवी है। इनमें से लगभग 93 प्रतिशत न्यूज चैनल्स नहीं देखते हैं, केवल सात प्रतिशत ही न्यूज और करेंट अफेयर्स चैनल्स देखते हैं और मौजूदा करीब 391 न्यूज व करेंट अफेयर्स चैनल्स उसी सात प्रतिशत से पैसा कमाने की कोशिश कर रहे हैं।

इसके साथ ही मनीष तिवारी का यह भी कहना था कि मीडिया को अपने रेवेन्यू मॉडल्स को दोबारा से देखने की जरूरत है और यह पूरी तरह से विज्ञापन संचालित मॉडल नहीं हो सकता है। यह पूछे जाने पर कि क्या रेवेन्यू मॉडल को पॉलिसी से रेगुलेट किया जा सकता है, तिवारी ने कहा कि जब वे सूचना-प्रसारण मंत्री थे तो उन्होंने टीआरपी को लेकर पॉलिसी फ्रेमवर्क के जरिये साफ किया था कि टीआरपी बनाने वाली कंपनियों को किस तरह रेगुलेट किए जाने की जरूरत है।

उन्होंने कहा, ‘यदि आप अपना रेवेन्यू मॉडल सही करना चाहते हैं और चाहते हैं कि लोग अखबार व टीवी चैनल के सबस्क्रिप्शन के लिए ज्यादा पैसा दें तो आपको उन्हें बेहतर कंटेंट पेश करना होगा। आपको अपने प्रॉडक्ट का उचित मूल्य निर्धारण शुरू करना होगा और लोगों को भुगतान करने की आदत डालनी होगी, लेकिन जब आप विज्ञापन पर निर्भर रहते हैं, तब यह फेक करेंसी से मापा जाएगा, जिसे टीआरपी कहते हैं।’

पूर्व मंत्री का कहना था कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह सोशल मीडिया भी समान रूप से खराब है। उन्होंने कहा कि प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की तरह सोशल मीडिया भी पूरी तरह से विज्ञापन पर आधारित मॉडल है। विज्ञापन पर आधारित मॉडल की वजह से आमतौर पर क्वालिटी कंटेंट तैयार नहीं हो पाता है।

पेड न्यूज के मुद्दे पर पूर्व मंत्री ने कहा कि जब वह प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स एक्ट, 1867 में संशोधन करने की कोशिश कर रहे थे और विशेष रूप से पेड न्यूज और दंड प्रावधानों को धाराओं के तहत लाने की कोशिश कर रहे थे, तब मीडिया इंडस्ट्री ने इसे इतना पीछे धकेल दिया कि यह बिल आज तक अस्तित्व में नहीं आ सका है। उनका कहना था, ‘न्यूज और करेंट अफेयर्स मीडिया का काम लोगों को शिक्षित व जागरूक करना है। इसका काम तथ्यों को सही रूप मं पेश करना व जनहित को देखते हुए गंभीरता लाना है।’

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मुश्किल घड़ी में महिला पत्रकार को राज्य सरकार ने यूं दिया ‘सहारा’

मणिपुर सरकार ने एक महिला पत्रकार को उपचार के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 18 September, 2020
Last Modified:
Friday, 18 September, 2020
Soniya Devi

मणिपुर सरकार ने एक महिला पत्रकार को उपचार के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बारे में सरकार की ओर से एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ‘Poknapham’ अखबार की रिपोर्टर‘एस.सोनिया देवी’(Sorensangbam Soniya Devi)को यह वित्तीय सहायता‘मणिपुर स्टेट जर्नलिस्ट्स वेलफेयर स्कीम’(MSJWS)के तहत दी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सूचना और जनसंपर्क निदेशालय के उप निदेशक, एल अशोक कुमार ने गुरुवार को सोनिया देवी को एक लाख रुपये का चेक सौंप दिया है।

बता दें कि ‘मणिपुर स्टेट जर्नलिस्ट्स वेलफेयर स्कीम’ मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 30 जून 2017 को शुरू की थी। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। इस योजना के तहत किसी पत्रकार के निधन पर पीड़ित परिजनों को दो लाख रुपये तक की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जाती है।

स्थायी रूप से दिव्यांग होने के मामले में भी पत्रकार को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता की जाती है। बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए एक लाख रुपये और दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने पर 50,000 रुपये प्रदान किए जाते हैं। बताया जाता है कि योजना शुरू होने के बाद से 17 पत्रकारों को इसके तहत आर्थिक मदद दी जा चुकी है।

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