SC ने एडिटर पैट्रिशिया मुखिम को दी बड़ी राहत, सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का था आरोप

शिलॉन्ग टाइम्स की एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार पैट्रिशिया मुखिम के खिलाफ फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है।

Last Modified:
Friday, 26 March, 2021
patricia4

शिलॉन्ग टाइम्स की एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार पैट्रिशिया मुखिम के खिलाफ फेसबुक पोस्ट को लेकर दर्ज एफआईआर को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया है। मुखिम पर फेसबुक पोस्ट के जरिए कथित तौर पर साम्प्रदायिक वैमनस्य फैलाने का आरोप था।

जस्टिस एल नागेश्वर राव और रविंद्र भट्ट की बेंच ने हाई कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें कोर्ट ने पत्रकार के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज आपराधिक केस को सही ठहराया था और उनके खिलाफ प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया था।

पीठ ने कहा, मुखीम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में मेघालय में रहने वाले गैर आदिवासियों की सुरक्षा और उनकी समानता के लिए जो तर्क दिए हैं, उसे भड़काऊ भाषण नहीं माना जा सकता है। फैसला लिखने वाले जस्टिस राव ने कहा, सरकार के कामकाज से नाखुशी जाहिर करने को विभिन्न समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में ब्रैंड नहीं बनाया जा सकता है।

पीठ ने कहा, भारत एक बहुसांस्कृतिक समाज है, जहां स्वतंत्रता का वादा संविधान की प्रस्तावना में दिया गया। अभिव्यक्ति की आजादी, घूमने की आजादी और भारत में कहीं भी बसने समेत हर नागरिक के अधिकारों को कई प्रावधानों में बयां किया गया है।

बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोर्ट ने 16 फरवरी को इस केस की सुनवाई पूरी कर ली थी, जिसका फैसला गुरुवार को सुनाया गया। पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, ‘हमने अपील को मंजूर कर लिया है।’

पीठ ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जब राज्य प्रशासन पीड़ितों के प्रति अपनी आंखें मूंद लेते हैं या फिर उनकी असंतोष की आवाजों को दबा देते हैं, तो यही नाराजगी बन जाती है। ऐसे में या तो इंसाफ नहीं मिलता है या फिर न्याय मिलने में देरी होती है। इस मामले में ऐसा ही प्रतीत होता है।

वहीं इससे पहले मुखिम की सीनियर वकील वृंदा ग्रोवर ने कोर्ट में दलील दी थी कि तीन जुलाई 2020 को एक जानलेवा हमले से जुड़ी घटना के संबंध में किए गए पोस्ट के जरिए वैमनस्य या संघर्ष पैदा करने का कोई इरादा नहीं था। ग्रोवर ने कोर्ट को बताया कि मुखिम की पोस्ट को एडिट किया गया और सिर्फ उनके कुछ शब्दों को पुलिस के सामने रखा गया। पूरी पोस्ट के बजाय सिर्फ एक बिंदु को देखा गया।

बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार ने एक फेसबुक पोस्ट में लॉसहटून के बास्केटबॉल कोर्ट में आदिवासी और गैर-आदिवासी युवाओं के बीच झड़प का जिक्र करते हुए लिखा था कि मेघालय में गैर-आदिवासियों पर यहां लगातार हमला जारी है, जिनके हमलावरों को 1979 से कभी गिरफ्तार नहीं किया गया जिसके परिणामस्वरूप मेघालय लंबे समय तक विफल राज्य रहा।

इस फेसबुक पोस्ट के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पत्रकार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उन्हें पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन आने को कहा।

पत्रकार ने पुलिस के इस आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी और इसे खारिज करने की मांग की थी, लेकिन मेघालय हाई कोर्ट के जस्टिस डब्लू डिंगडोह ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि यह पोस्ट मेघालय में आदिवासियों और गैर आदिवासियों के सौहार्दपूर्ण संबंधों के बीच दरार पैदा करने वाला है, इसलिए याचिका को रद्द किया जाता है।

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iTV Network ने ‘अग्निपथ’ योजना का किया समर्थन, की ये बड़ी घोषणा

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य और ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि ये योजना देश की सशस्त्र सुरक्षा प्रणाली को एक नए मुकाम पर ले जाएगी।

Last Modified:
Saturday, 25 June, 2022
itv Network

रक्षा सेनाओं (आर्मी, नेवी, एयर फोर्स) में भर्ती के लिए पिछले दिनों सरकार द्वारा लॉन्च की गई ‘अग्निपथ योजना’ (Agnipath Scheme) का काफी विरोध हो रहा है। इस योजना को लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। ‘चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे?’ के जवाब में केंद्रीय बलों (सीएपीएफ); यूपी, हरियाणा, उत्तराखण्ड, आदि राज्यों में पुलिस व सम्बद्ध विभागों में भर्ती में प्राथमिकता की घोषणा की जा रही हैं। कई औद्योगिक घराने भी सरकार की इस योजना के समर्थन में आगे आए हैं। हाल ही में ‘महिंद्रा’ ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने अग्निवीरों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने ग्रुप में नौकरी देने की बात कही है।

देश के बड़े न्यूज ब्रॉडकास्टर्स में शुमार ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) ने भी सरकार की इस योजना का समर्थन किया है।

नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य और ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि सेना में भर्ती की ‘अग्निपथ’ स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। ये योजना गेम-चेंजर साबित होगी और देश की सशस्त्र सुरक्षा प्रणाली को एक नए मुकाम पर ले  जाएगी।

इसके साथ ही कार्तिकेय शर्मा ने घोषणा की है कि चार साल की नौकरी के बाद उनके नेटवर्क की तरफ से भी अग्निवीरों को हरसंभव मदद की जाएगी और योग्यता के आधार पर नौकरी पर रखा जाएगा।

गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा ने काफी कम उम्र में मीडिया बिजनेस में मजबूती से अपने पैर जमा लिए हैं और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से कांग्रेस के अजय माकन को हराकर अपनी जीत दर्ज की है।

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गुजरात दंगों के मामले में मोदी को क्लीन चिट, SC ने ‘जी’ न्यूज व सुधीर चौधरी का किया जिक्र

'जी न्यूज' के एडिटर-इन-चीफ व सीईओ सुधीर चौधरी ने शुक्रवार के अपने शो ‘डीएनए’ (DNA) में इस पूरे फैसले और ‘जी न्यूज’ की कवरेज को लेकर विस्तार से बात की।

Last Modified:
Saturday, 25 June, 2022
Sudhir Chaudhary

गुजरात में वर्ष 2002 में हुए दंगों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री) को क्लीन चिट दे दी है। इसके साथ ही दंगों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच को सही ठहराया है। यही नहीं, अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने 'जी न्यूज' व उसके एडिटर-इन-चीफ व सीईओ सुधीर चौधरी की कवरेज का भी जिक्र किया है।

बता दें कि 72 साल के एहसान जाफरी कांग्रेस नेता और सांसद थे। उन्हें उत्तरी अहमदाबाद में गुलबर्ग सोसाइटी के उनके घर से निकालकर गुस्साई भीड़ ने मार डाला था। एहसान जाफरी की पत्नी जाकिया जाफरी ने दंगे की साजिश के मामले में मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती दी थी। मजिस्ट्रेट ने एसआईटी की उस क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया था, जिसमें तत्कालीन सीएम नरेंद्र मोदी समेत 63 लोगों को दंगों की साजिश रचने के आरोप से आजाद किया गया था। हाई कोर्ट भी इस फैसले को सही करार दे चुका है। जाकिया जाफरी ने विशेष जांच दल की रिपोर्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने अब अहम फैसला लिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में लिखा है कि इस केस को 16 साल तक जिंदा रखा गया और कई याचिकाएं दायर की गईं। जो लोग भी कानून के गलत इस्तेमाल में शामिल हैं, उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।

गौरतलब है कि पूर्व सीबीआई निदेशक आरके राघवन के नेतृत्व वाली एसआईटी ने तत्काल मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रशासन को क्लीन चिट दी थी। इसे जाकिया जाफरी ने चुनौती दी थी। अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पुलिस की कमी के बावजूद प्रशासन ने दंगों को शांत कराने की पूरी कोशिश की, लेकिन कुछ अधिकारियों ने निजी स्वार्थ के लिए इस मामले को संवेदनशील बनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन अधिकारियों ने दावा किया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बड़े अधिकारियों ने मीटिंग में दंगे की साजिश रची। इन अधिकारियों का दावा था कि वे इस मीटिंग में मौजूद थे, जबकि सच में वे इस मीटिंग में मौजूद नहीं थे। 

सुधीर चौधरी ने शुक्रवार के अपने शो ‘डीएनए’ (DNA) में इस पूरे फैसले और ‘जी न्यूज’ की कवरेज को लेकर विस्तार से बात की। सुधीर चौधरी ने उस दौरान नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू किया था, जिसको लेकर भी काफी हंगामा हुआ था। सुधीर चौधरी का कहना था कि इस मामले में उनसे भी कई बार पूछताछ हुई थी और जांच एजेंसी हर बार यही जानना चाहती थीं कि क्या नरेंद्र मोदी ने ये कहा था कि गुजरात में दंगे गोधरा कांड का बदला लेने के लिए हुए थे। सुधीर चौधरी के अनुसार, ऐसा कुछ नहीं था। नरेंद्र मोदी ने ऐसा कुछ नहीं कहा था और अपनी कवरेज में उन्होंने पूरा सच दिखाया था। सुधीर चौधरी के अनुसार, कुछ लोगों ने उनके इंटरव्यू के अंशों को तोड़-मरोड़कर पेश किया, ताकि इसमें मोदी और तत्कालीन सरकार की साजिश दिखे। अपने शो में सुधीर चौधरी ने वर्ष 2002 की कवरेज को भी दिखाया है।

इस मुद्दे पर शुक्रवार का पूरा DNA शो आप यहां देख सकते हैं-

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मीडिया मुगल डॉ. अनुराग बत्रा ने नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा को दी बधाई

‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ के फाउंडर व एमडी कार्तिकेय शर्मा को राज्यसभा सदस्य बनने पर बधाई दी है।

Last Modified:
Thursday, 23 June, 2022
Dr Annurag Batra Kartikeya Sharma

‘बिजनेसवर्ल्ड’ समूह के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के फाउंडर व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा ने ‘आईटीवी नेटवर्क’ (iTV Network) के फाउंडर व मैनेजिंग डायरेक्टर कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात की और उन्हें राज्यसभा सदस्य बनने पर बधाई दी।

कार्तिकेय शर्मा से मुलाकात करने के बाद डॉक्टर बत्रा ने अपने ट्विटर पर लिखा, प्रिय कार्तिक, आज मैं जब आपसे मिल रहा हूं तो आप एक युवा इंडिपेंडेंट राज्यसभा सदस्य हैं। इतनी कम उम्र में इस उपलब्धि के लिए आपको बधाई। मुझे इन तीन चीजों को लेकर काफी खुशी है कि आप अपने पिता की विरासत को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। इसके अलावा आप काफी फिट हैं और सदैव अच्छे इरादे के साथ लोगों की मदद करते हैं।

उनके इस ट्वीट पर राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा ने लिखा है, मेरे प्रिय मित्र और भाई अनुराग, आपके इस प्रेम और स्नेह के लिए मैं आभारी हूं। ये सच्चा प्यार और गर्मजोशी आपने हमेशा मुझे दी है और इसके लिए आपका शुक्रिया।

गौरतलब है कि कार्तिकेय शर्मा ने काफी कम उम्र में मीडिया बिजनेस में मजबूती से अपने पैर जमा लिए हैं और हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में हरियाणा से कांग्रेस के अजय माकन को हराकर अपनी जीत दर्ज की है। वहीं, डॉक्टर अनुराग बत्रा पिछले दो दशक से भी अधिक समय से मीडिया बिजनेस में हैं। वह मीडिया जगत से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखने के लिए जाने जाते हैं।

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पत्रकार अनुराग मिश्रा वत्स को ‘राजस्थान पत्रिका‘ में मिली अब नई जिम्मेदारी

अनुराग मिश्रा करीब पांच साल से ‘राजस्थान पत्रिका‘ के नेशनल ब्यूरो में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की खबरों को भी देख रहे थे।

Last Modified:
Thursday, 23 June, 2022
Anurag Mishra

पत्रकार अनुराग मिश्रा वत्स को ‘राजस्थान पत्रिका’ ने उत्तर प्रदेश (डिजिटल और न्यूजपेपर) का संपादकीय प्रभारी बनाया है।

साल 2003 में ‘स्टार न्यूज’ से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अनुराग मिश्र ’सीएनबीसी’, ’आईबीएन7’, ’एनडीटीवी’, ’जी न्यूज’ और ’न्यूज18’ जैसे जाने-माने चैनल्स में रिपोर्टिंग समेत कई अहम जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह ’ईटीवी’ में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के हेड रह चुके हैं।

अनुराग मिश्रा द्वारा वर्ष 2016 में गए किए देश के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टीएस ठाकुर के इंटरव्यू ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। इस इंटरव्यू में जस्टिस ठाकुर ने कहा था कि केंद्र व  राज्य सरकारों की नाकामी की वजह से लोग न्यायालय का रुख करते हैं। अनुराग मिश्र द्वारा लिया गया यह इंटरव्यू देश के तमाम न्यूज चैनल्स और अखबारों समेत कई विदेशी चैनल्स में छाया रहा था।

इसके अलावा इंटरपोल की रिपोर्ट के आधार पर अवैध वेस्ट ई-वेस्ट के जलाए जाने को लेकर उनकी खबर के बाद उत्तर प्रदेश सरकार अलर्ट हुई थी। यही नहीं, अनुराग की खबर पर ‘नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल’ (NGT) ने एक्शन लेते हुए यूपी सरकार पर जुर्माना भी लगाया था।

अनुराग मिश्रा करीब पांच साल से ‘राजस्थान पत्रिका‘ के नेशनल ब्यूरो में गृह मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय के साथ-साथ छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की खबरों को भी देख रहे थे। ‘राजस्थान पत्रिका‘ द्वारा अनुराग को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाए जाने पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने उन्हें बधाई दी है।

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भारत में लोगों का न्यूज पर बढ़ा विश्वास, इस बड़े देश की सबसे कम रही विश्वसनीयता

एक ओर जहां पूरी दुनिया में लोगों का भरोसा मीडिया के न्यूज कंटेंट से घटा है, वहीं भारत के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है।

Last Modified:
Wednesday, 22 June, 2022
Digital Media

एक ओर जहां पूरी दुनिया में लोगों का भरोसा मीडिया के न्यूज कंटेंट से घटा है, वहीं भारत के लिए एक अच्छी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जहां न्यूज कंटेंट के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है। यह हम नहीं कह रहे, बल्कि इसका खुलासा ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ के हाल ही के एक सर्वे में हुआ है।

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने पिछले हफ्ते अपने डिजिटल न्यूज रिपोर्ट का 11वां संस्करण जारी किया। 46 देशों पर किए गए सर्वे में भारत समेत सात देश ऐसे हैं, जहां न्यूज कंटेंट पर लोगों का विश्वास बढ़ा है। अन्य सभी देशों में लोगों का विश्वास कम हो रहा है।

रिपोर्ट के जरिए यह पता चला है कि पूरी दुनिया में अन्य चीजों के साथ ही सोशल मीडिया के जरिए न्यूज की खपत में वृद्धि हुई है। हालांकि मीडिया द्वारा न्यूज रिपोर्ट्स पर भरोसे में भारी गिरावट आई है और न्यूज से विश्वास का उठना लोगों की प्रवृत्ति बनती जा रही है।

रिपोर्ट में पाया गया कि भारत में 41 प्रतिशत लोग न्यूज कंटेंट पर विश्वास करते हैं। सालभर पहले की तुलना में यह संख्या तीन प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, 69 प्रतिशत के साथ फिनलैंड इस मामले में सबसे आगे और दुनिया के सबसे ताकतवर देश माने जाने वाले अमेरिका सबसे पीछे है। अमेरिका में न्यूज के प्रति भरोसे में तीन फीसदी की गिरावट आई है और यहां के 26 फीसदी लोग ही न्यूज पर विश्वास करते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, लोग खबरों से इसलिए भी दूर हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इनमें बहुत ज्यादा राजनीति होती है। वहीं, कोविड की खबरों की भरमार ने भी लोगों को असहज किया है। सर्वे के मुताबिक, दुनिया में न्यूज पर विश्वास कोरोना काल से पहले की तुलना में ज्यादा और वर्ष 2015 की अपेक्षा में कम है।

भारत में हुए सर्वे से पता चला कि देश में न्यूज के लिए 53 फीसदी लोग यूट्यूब की मदद ले रहे हैं, जबकि 51 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल करते हैं। सर्वे में शामिल 12 प्रमुख देशों में फेसबुक न्यूज (30 प्रतिशत) के लिए सबसे लोकप्रिय सोशल नेटवर्क बना हुआ है। इसके बाद यूट्यूब (19 प्रतिशत) और वॉट्सऐप (15 प्रतिशत) का स्थान है।

न्यूज तक पहुंचने के माध्यम के रूप में फेसबुक की लोकप्रियता में 2016 के बाद से 12 प्रतिशत की गिरावट आई है। अपेक्षाकृत ज्यादा युवा आबादी वाला भारत भी एक मजबूत मोबाइल केंद्रित बाजार बन चुका है। यहां स्मार्टफोन के माध्यम से अब 72 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं, जबकि कंप्यूटर के माध्यम से केवल 35 प्रतिशत लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं। वहीं, न्यूज एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म और ऐप जैसे- गूगल न्यूज (53 फीसदी), डेली हंट (25 फीसदी), इनशॉर्ट्स (19 फीसदी), और न्यूजपॉइंट (17 फीसदी) न्यूज तक पहुंचने के अहम माध्यम बन गए हैं।

भारत में जिन लोगों ने सर्वे में हिस्सा लिया, उनमें से 84 फीसदी लोग ऑनलाइन ही न्यूज देखते हैं। साथ ही यहां 63 प्रतिशत लोग न्यूज सोशल मीडिया नेटवर्क के जरिये देखते हैं, लेकिन अभी भी 59 प्रतिशत लोग न्यूज के लिए टेलीविजन का ही उपयोग करते हैं, जबकि 49 प्रतिशत लोग न्यूज के लिए प्रिंट मीडियम का इस्तेमाल करते हैं।

भारत में ये हैं भरोसेमंद ब्रैंड

भारत में सार्वजनिक प्रसारकों में डीडी न्यूज और ऑल इंडिया रेडियो सबसे भरोसेमंद ब्रांड हैं। रिपोर्ट में अंग्रेजी भाषी लोगों ने इंडिया टुडे टीवी, एनडीटीवी 24×7 और बीबीसी को सबसे लोकप्रिय बताया। प्रिंट में टाइम्स ऑफ इंडिया, इकनॉमिक टाइम्स और हिंदुस्तान टाइम्स की बादशाहत कायम है और इन सभी ब्रांडों को मिला दिया जाए तो न्यूज में भरोसा बढ़कर 41 प्रतिशत हो जाता है। कोरोना महामारी के बाद 2021 में प्रिंट मीडिया की आय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

सर्वे में यह भी पता चला कि 30 वर्ष से कम उम्र के लोग सीधे न्यूज मीडिया से जुड़ने में बहुत कम दिलचस्पी रखते हैं और पत्रकारिता को कैसा दिखना चाहिए, इस पर अलग-अलग विचार हैं। वहीं, अब ज्यादातर लोगों के पास न्यूज जानने के लिए कई और विकल्प आ गए हैं, जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स या फिर मोबाइल एग्रीगेटर। वहीं, कई देशों में 30 साल से कम उम्र के युवाओं के बीच टिकटॉक काफी ज्यादा प्रचलित है और ये आंकड़ा 40 प्रतिशत तक जा पहुंचा है और उनमें से 15 प्रतिशत न्यूज के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। वहीं, अन्य प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और यूट्यूब भी इस समूह के भीतर न्यूज तक पहुंचने के लिए अधिक लोकप्रिय हो गए हैं, जबकि फेसबुक के जरिये भी लोग न्यूज तक पहुंच रहे हैं।
इस तरह से किया गया है सर्वेक्षण-

न्यूज में लोगों के विश्वास को लेकर ये निष्कर्ष रॉयटर्स इंस्टीट्यूट डिजिटल न्यूज रिपोर्ट 2022 में शामिल हैं, जिसे ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ द्वारा कमीशन किया गया था, जो ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग का हिस्सा है। यह रिपोर्ट समझने में मदद करने के लिए है, कि विभिन्न देशों में खबरों का उपभोग कैसे किया जा रहा है। YouGov द्वारा जनवरी के अंत और फरवरी 2022 की शुरुआत में एक ऑनलाइन प्रश्नावली का उपयोग करके इस पर रिसर्च किया गया है और फिर यह रिपोर्ट प्रकाशित की गई है।

इस सर्वे में एशिया में 11, दक्षिण अमेरिका में 5, अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका में 3 और यूरोप में 24 सहित कुल 46 देशों का सर्वेक्षण किया गया है, जो दुनिया की आधी से अधिक आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। प्रत्येक देश में 2,000 से अधिक लोगों से सवाल-जवाब किए गए। लेखकों ने हालांकि आगाह किया है कि, चूंकि सर्वेक्षण ऑनलाइन आयोजित किया गया था, इसलिए यह उन लोगों की समाचार खपत की आदतों का कम प्रतिनिधित्व कर सकता है जो अधिक उम्र के और कम संपन्न हैं।

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जानी-मानी एंकर मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ीं, संभालेंगी बड़ी जिम्मेदारी

भारतीय पत्रकार मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ गई हैं

Last Modified:
Wednesday, 22 June, 2022
MitaliMukherjee45121

भारतीय पत्रकार मिताली मुखर्जी ‘रॉयटर्स इंस्टीट्यूट’ से जुड़ गई हैं। उन्हें ‘फॉर द स्टडी ऑफ जर्नलिज्म’ के पत्रकार कार्यक्रमों (जर्नलिस्ट प्रोग्राम्स) की नई डायरेक्टर के रूप में नियुक्त किया गया है। यह दुनियाभर में परिचर्चा, जुड़ाव और शोध के माध्यम से पत्रकारिता के भविष्य की खोज के लिये समर्पित एक अनुसंधान केंद्र है और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में राजनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग का हिस्सा है।

उनकी नई भूमिका बारे में रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने कहा, ‘वह जर्नलिस्ट फेलोशिप प्रोग्राम और कई अन्य पहलुओं (initiatives) की देखरेख करेंगी। मिताली डायरेक्टर डॉ. रासमस नीलसन (Dr. Rasmus Nielsen) को रिपोर्ट करेंगी और हमारी सीनियर मैनेजमेंट टीम का हिस्सा होंगी। वह 1 सितंबर को अपना पदभार ग्रहण करेंगी।’

रॉयटर्स इंस्टीट्यूट ने आगे बताया कि मिताली हमारी टीम के साथ काम करते हुए, दुनियाभर में पत्रकारिता के भविष्य की खोज करने, अभ्यास (practice) और अनुसंधान (research) को जोड़ने और रॉयटर्स इंस्टीट्यूट की वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान विकसित करने के हमारे मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अतिरिक्त वह वैश्विक मंचों पर संस्थान का प्रतिनिधित्व करेंगी और दुनियाभर में न्यूज इंडस्ट्री के सामने आने वाली चुनौतियों पर चल रही बातचीत के रूप में हमारी वैश्विक पत्रकारिता संगोष्ठी श्रृंखला को होस्ट व क्यूरेट करेंगी।

मिताली मुखर्जी राजनीतिक अर्थव्यवस्था से जुड़ी पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में दो दशकों से अधिक का अनुभव है। वह साउथ एशिया जर्नलिज्म फेलोशिप 2020 (South Asia Journalism Fellowship 2020), रायसीना एशियन फोरम फॉर ग्लोबल गवर्नेंस यंग फेलो 2019 (Raisina Asian Forum for Global Governance Young Fellow 2019) और 2017 में ऑस्ट्रेलिया इंडिया यूथ डायलॉग (Australia India Youth Dialogue) की 2017 फेलो के लिए चिवनिंग फेलो थीं। 2020 में, उन्हें उनकी दो बिजनेस स्टोरीज के लिए भारत में प्रतिष्ठित रेड इंक अवार्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया था।

अपने पत्रकारिता करियर के दौरान, मिताली ‘द वायर’ (The Wire) और ‘मिंट’ (Mint) में कंसल्टिंग बिजनेस एडिटर की भूमिका निभा चुकी हैं। इससे पहले वह ‘सीएनबीसी टीवी18’ (CNBC TV18) में मार्केट्स एडिटर और ‘टीवी टुडे’ (TV Today) और ‘दूरदर्शन’ (Doordarshan) में प्राइम टाइम एंकर थीं। वह ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) में फेलो रही हैं, जहां उन्होंने संगठन के लिए जेंडर इनिशिएटिव्स का नेतृत्व किया। मिताली ने दो स्टार्ट-अप की भी सह-स्थापना की है, जो सिविल सोसायटी और फाइनेंशियल लिट्रेसी पर केंद्रित हैं।

मिताली ने अपनी पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 2001 में वह नई दिल्ली स्थित आईआईएमसी से टेलीविजन जर्नलिज्म में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। साथ ही पॉलिटिकल साइंस में भी वह गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए मिताली ने कहा, ‘मेरा मानना ​​​​है कि यह पत्रकारिता की दुनिया में और समाचारों के भविष्य के लिए एक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मोड़ है। दुनियाभर के पत्रकारों को उनके काम के लिए सुना जाना चाहिए और उनका समर्थन किया जाना चाहिए। यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है कि हम पत्रकारिता समुदाय के भीतर संवाद और बहस के लिए एक जगह तैयार करें, ताकि हम उन परिवर्तनों और चुनौतियों का सामना कर सकें, जिनका हम सामना कर रहे हैं। मैं रॉयटर्स इंस्टीट्यूट में पत्रकार कार्यक्रमों (जर्नलिस्ट प्रोग्राम्स) की डायरेक्टर की भूमिका निभाने के लिए उत्साहित हूं और खुद को सम्मानित महसूस कर रही हूं, क्योंकि यह एक ऐसी संस्था हैं, जिसका मैं सबसे ज्यादा सम्मान करती हूं।’

 

 

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ABP Network से जुड़ी इस कंपनी में CEO बने समीर राव

इस पद पर उनकी नियुक्ति एक जून 2022 से प्रभावी होगी और वह ‘एबीपी नेटवर्क’ के मुंबई ऑफिस से अपना कामकाज संभालेंगे।

Last Modified:
Tuesday, 21 June, 2022
Sameer Rao

‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) ने समीर राव को अपने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी (100% subsidiary) ‘एबीपी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड’  (ABP Creations Pvt. Ltd) का चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर नियुक्त किया है।

इस पद पर उनकी नियुक्ति एक जून 2022 से प्रभावी होगी और वह ‘एबीपी नेटवर्क’ के मुंबई ऑफिस से अपना कामकाज संभालेंगे। मीडिया और एंटरटेनमेंट प्रोफेशनल समीर राव को टीवी, फिल्म और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स में काम करने का दो दशक से ज्यादा का अनुभव है।

‘एबीपी नेटवर्क’ को जॉइन करने से पहले वह पूर्व में ‘यूट्यूब’ (YouTube), ‘स्टार इंडिया’ (STAR India), ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस’ (Discovery Communications),‘विनोद चोपड़ा फिल्म्स’ (Vinod Chopra Films) और ‘यूटीवी मोशन पिक्चर्स’ (UTV Motion Pictures) में प्रमुख पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो समीर राव ने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (IIM) अहमदाबाद से बिजनेस मैनेजमैंट में पीजी डिप्लोमा किया है।

समीर राव की नियुक्ति के बारे में ‘एबीपी नेटवर्क’ (ABP Network) के सीईओ अविनाश पांडेय का कहना है, ‘एबीपी नेटवर्क में हमें समीर राव का स्वागत करते हुए काफी खुशी हो रही है। हमें यकीन है कि उनका अनुभव और काबिलियत नेटवर्क की सफलता में और योगदान देगी और वह एबीपी क्रिएशंस प्राइवेट लिमिटेड को और अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।’

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कांग्रेस में सुप्रिया श्रीनेत को मिली सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की बागडोर

उन्होंने रोहन गुप्ता की जगह ली है, जिन्हें पार्टी ने तुरंत प्रभाव से पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है।

Last Modified:
Tuesday, 21 June, 2022
Supriya Shrinate

कांग्रेस ने अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व पत्रकार सुप्रिया श्रीनेत को अपने नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का चेयरपर्सन नियुक्त किया है। उन्होंने रोहन गुप्ता की जगह ली है, जिन्हें पार्टी ने तुरंत प्रभाव से पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है।

कांग्रेस के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने इस पद पर सुप्रिया श्रीनेत की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

कांग्रेस की ओर से जारी इस बयान में कहा गया है, ‘पार्टी सोशल मीडिया विभाग के निवर्तमान चेयरमैन रोहन गुप्ता के योगदान की सराहना करती है। रोहन गुप्ता को तत्काल प्रभाव से कांग्रेस का प्रवक्ता नियुक्त किया गया है।’

कांग्रेस ने हाल ही में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में मीडिया और पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त किया है। पिछले महीने उदयपुर में आयोजित पार्टी के चिंतन शिविर के बाद इन पदों पर नियुक्ति विभाग में बड़ा बदलाव है। कुछ ही दिनों पहले कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को रणदीप सिंह सुरजेवाला की जगह पार्टी का महासचिव और संचार, प्रचार एवं मीडिया विभाग का प्रभारी नियुक्त किया था।

गौरतलब है कि पार्टी ने पिछले महीने उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में अपने कम्युनिकेशंस और मीडिया विभाग की कायाकल्प करने का संकल्प लिया था, ताकि लोगों के साथ अपने संबंधों को और बेहतर बनाया जा सके और अपनी कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी में बदलाव किया जा सके। कम्युनिकेशंस विभाग के पास सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म होंगे, साथ ही बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी राज्यों में पार्टी के कम्युनिकेशन विंग होंगे।

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कांग्रेस ने पवन खेड़ा को सौंपी मीडिया और पब्लिसिटी सेल की कमान

कांग्रेस के महासचिव के.सी वेणुगोपाल की ओर से जारी एक लेटर के अनुसार पवन खेड़ा की इस पद पर नियुक्ति को पार्टी प्रेजिडेंट सोनिया गांधी ने अपनी मंजूरी दे दी है।

Last Modified:
Monday, 20 June, 2022
Pawan Khera

कांग्रेस ने अपने राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा को नए कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट में मीडिया और पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त किया है। इस बारे में कांग्रेस के महासचिव के.सी वेणुगोपाल की ओर से 18 जून को एक प्रेस नोट जारी किया गया है। इस प्रेस नोट में कहा गया है कि पवन खेड़ा की इस पद पर नियुक्ति को पार्टी प्रेजिडेंट सोनिया गांधी ने अपनी मंजूरी दे दी है।

पिछले महीने उदयपुर में आयोजित पार्टी के चिंतन शिविर के बाद खेड़ा की नियुक्ति विभाग में एक और बड़ा बदलाव है। कुछ ही दिनों पहले कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता जयराम रमेश को रणदीप सिंह सुरजेवाला की जगह पार्टी का महासचिव और संचार, प्रचार एवं मीडिया विभाग का प्रभारी नियुक्त किया था।

गौरतलब है कि पार्टी ने पिछले महीने उदयपुर में तीन दिवसीय चिंतन शिविर में अपने कम्युनिकेशंस और मीडिया विभाग की कायाकल्प करने का संकल्प लिया था, ताकि लोगों के साथ अपने संबंध को और बेहतर बनाया जा सके और अपनी कम्युनिकेशंस स्ट्रैटेजी में बदलाव किया जा सके। 

वहीं, कांग्रेस में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद पवन खेड़ा ने एक ट्वीट कर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का आभार जताया है।  

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'Disney Star' में इस बड़े पद से अर्घ्य चक्रवर्ती ने दिया इस्तीफा

चक्रवर्ती ने सितंबर 2017 में इस कंपनी को जॉइन किया था। सूत्रों के अनुसार, 30 जून 2022 इस कंपनी में उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

Last Modified:
Monday, 20 June, 2022
Arghya Chakravarty

‘डिज्नी स्टार इंडिया’ (Disney Star India) में एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट (Ad Sales, Entertainment Business) अर्घ्य चक्रवर्ती (Arghya Chakravarty) ने यहां अपनी करीब साढ़े चार साल पुरानी पारी को विराम दे दिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस कंपनी में 30 जून उनका आखिरी कार्यदिवस होगा।

इस बारे में आधिकारिक पुष्टि के लिए हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने ‘डिज्नी स्टार’ से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन खबर लिखे जाने तक वहां से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी थी।

बता दें कि चक्रवर्ती ने सितंबर 2017 में ‘डिज्नी स्टार’ जॉइन किया था। इससे पहले वह ‘टाइम्स ऑफ इंडिया‘ समूह की एंटरटेनमेंट कंपनी ‘टाइम्स इनोवेटिव मीडिया’ (Times Innovative Media) में बतौर सीईओ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे थे।  

अपने करीब तीन दशक के करियर में चक्रवर्ती ‘टाटा स्टील’ (Tata Steel), ‘एशियन पेंट्स’ (Asian Paints) और ‘पेप्सिको’ (PepsiCo) जैसी जानी-मानी कंपनियों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

चक्रवर्ती ने इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रोनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। इसके अलावा उन्होंने ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट’ (Indian Institute of Management) कोलकाता से मार्केटिंग/मार्केटिंग मैनेजमेंट में पीजी डिप्लोमा किया है।

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