अयोध्या मामला: मीडिया कवरेज पर सुप्रीम कोर्ट ने अपनाया ये रुख, देखें ऑर्डर कॉपी

जब से सुप्रीम कोर्ट की नई पांच जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की थी, ये कयास लगने

Last Modified:
Friday, 08 March, 2019
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समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

जब से सुप्रीम कोर्ट की नई पांच जजों की बेंच ने सुनवाई शुरू की थी, ये कयास लगने शुरू हो गए थे कि कोर्ट मध्यस्थता का मौका आखिरी बार दे सकती है। यही हुआ भी, लेकिन उससे पहले मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने अपनी शर्तें रख दीं कि एक तो ऑन कैमरा बातचीत होनी चाहिए और दूसरी मीडिया को इसकी रिपोर्टिंग से रोकना चाहिए। ऐसे में मीडिया में ये खबरें आम हो चली थीं कि मीडिया पर सुप्रीम कोर्ट रोक लगाने का ऑर्डर देगा। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए तीन नामों का ऐलान करके मीडिया रोक के मामले में कुछ और ही लिखा है।

दरअसल कोर्ट का मानना है कि होना तो यही चाहिए कि मध्यस्थता की प्रक्रिया के दौरान न तो प्रिंट मीडिया उसकी रिपोर्टिंग करे और न ही इलेक्ट्रॉनिक मीडिया। हालांकि कोर्ट ने अपने फैसले में बेव मीडिया के बारे में कुछ नहीं लिखा है  या फिर उसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का ही हिस्सा मान लिया है। लेकिन कोर्ट ने फिलहाल मीडिया पर कोई भी गैग ऑर्डर पास करने से इनकार कर दिया है। बल्कि ये मध्यस्थता बोर्ड पर छोड़ा है कि उन्हें लगे तो वो मीडिया रिपोर्टिंग पर रोक का फैसला ले सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर के मुताबिक, We are of the further opinion that while the mediation proceedings are being carried out, there ought not to be any reporting of the said proceedings either in the print or in the electronic media. However, we refrained from passing any specific restrain order at this stage and instead empowered the mediators to pass necessary orders in writing, if so required, to restrain publication of the details of the mediation proceedings’’.

उम्मीद तो ये है कि मीडिया सुप्रीम कोर्ट की इच्छा का सम्मान करते हुए खुद ही इस तरह की कयास भरी रिपोर्टिंग से दूर रहेगी, अगर नहीं रहती है तो मीडियएशन पैनल के पास उसे रोकने के लिए ऑर्डर देने का भी अधिकार रहेगा।

यहां देखें ऑर्डर की कॉपी-

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