इंडिया न्यूज से राणा यशवंत के बारे में आई ये बड़ी खबर

इंडिया न्यूज’ के दफ्तर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है

Last Modified:
Thursday, 18 April, 2019
RANA

‘इंडिया न्यूज’ के दफ्तर से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। दरअसल, चैनल के मैनेजिंग एडिटर (प्रोग्रामिंग और ब्रैंडेड कंटेट) राणा यशवंत ने चैनल से कुछ समय पहले इस्तीफा दे दिया था और आज उनका नोटिस पीरियड पूरा हो गया। संस्थान ने आज राणा यशवंत को एक फेयरवेल पार्टी भी दी। इस मौके पर कई साथियों ने राणा यशवंत के साथ बिताए गए पलों को संस्मरण के तौर पर भी शेयर किया।

हालांकि, चैनल को अलविदा कहने के साथ ही राणा ने अपने साथियों के नाम एक लेटर भी लिखा है। इस लेटर की शुरुआत उन्होंने यशस्वी कवि केदारनाथ सिंह की कविता से करते हुए लिखा है कि बड़े मकसद के लिए पड़ाव बदलने पड़ते हैं, आगे के सफर पर निकलना पड़ता है। राणा यशवंत द्वारा लेटर के रूप में अपने साथियों के नाम लिखे गए संदेश को आप यहां हूबहू पढ़ सकते हैं-

प्रिय साथियों,

यशस्वी कवि केदारनाथ सिंह की कविता है–‘लंबे दिन के बाद जब लौट कर आता हूं तो कुछ देर तक कमरे के दानव से लड़ना पड़ता है। पराजित कोई नहीं होता, पर समझौता भी कोई नहीं करता। शायद, हम दोनों को यह विश्वास है कि हमारे बीच एक तीसरा भी है जो अजन्मा है।‘ यह जो तीसरा है, वो संभावना है, उम्मीद है, संघर्ष है, बड़े उद्देश्य हैं  औऱ इन सबका ध्येय भविष्य की उपलब्धियां हैं। इसी की खातिर आदमी एक जगह रहता है, बाहर जाता है, लौटता है औऱ फिर जाता है। कभी-कभार इस प्रक्रिया में पड़ाव बदल जाते हैं। मेरा भी बदल रहा है। बड़े मकसद के लिए पड़ाव बदलने पड़ते हैं, आगे के सफर पर निकलना पड़ता है।

पिछले 6 वर्षों से इंडिया न्यूज के लिए, आप सबों के साथ युद्धरत रहा। दफ्तर आने-जाने के नियम-सामान्य कम, असामान्य ज्यादा रहे। आपमें से कइयों को वक्त-वेवक्त जगाया, भगाया, बताया और कई दफा जो नहीं होता लग रहा था, उसको भी मुमकिन बनाया। ऐसा आपसबों की लगन, सामर्थ्य, प्रतिभा और कई मामलों में धैर्य के कारण ही हो पाया। मेरा सफर 14 जनवरी 2013 से ‘आईटीवी’ नेटवर्क के साथ शुरू हुआ और आज मैं स्वयं के लिए एक नई राह चुन रहा हूं। लेकिन मैं आपके पास हमेशा, ठीक वैसे ही हूं, जैसे यहां काम करते हुए आपने मुझे पाया है। हां, अब वो हर छोटी-बड़ी शिकायतें, जिन्हें लेकर आप मेरे पास आते थे,उनको रखने की जगह बदल जाएंगी। बाकी कुछ नहीं।

पिछले 6 वर्षों में असाधारण सफलताओं और अद्भुत टीम-भावना के असंख्य उदाहरण बने। छोटी-सी टीम ने इतिहास के उस सबक को बार-बार दोहराया कि युद्ध संख्या से नहीं, साहस और रणनीति से जीते जाते हैं। जीवन और जिजीविषा की खूबी ये है कि संघर्ष जितना बड़ा होता है, क्षमता का इम्तिहान उतना कड़ा होता है और फिर कामयाबी उतनी ही बड़ी होती है। ‘इंडिया न्यूज’ को पिछले 6 साल में एक मुकाम तक ले आने में आप सबों की मेहनत और लगन का बड़ा योगदान रहा है। कई साथी आज कहीं और चले गए, लेकिन उनकी भी दिन-रात की मेहनत चैनल की कामयाबी में शामिल है। जो जितने दिन अपने दे गया, उतने दिनों का उसका हिस्सा इस चैनल के जीवन में हमेशा बना रहेगा।

आप सबों के पेशेवर, निजी औऱ पारिवारिक जीवन में मैं दाखिल रहा। मेरी राय रही है कि लीडर को सबसे ज्यादा एक्सेसिबल और ऑर्डिनरी होना चाहिए, ताकि उससे कोई भी बात कही-सुनी जा सके। मैंने कोशिश यही की कि जिनती परेशानियां, मुश्किलें आपकी कम कर सकूं, करूं, ताकि आप संस्थान को अपना बेहतर दे सकें। आपकी खातिर संस्थान से जब-जब जो कहा, हर वाजिब रास्ता निकलता रहा। कई दफा कुछ नहीं कर सका तो उसकी भी वाजिब वजहें रहीं। ‘इंडिया न्यूज’ मेरे जीवन में वही मायने रखेगा जैसा इंसान के लिए घर। वह कहीं रहे, पलटकर देखता रहता है। घरवाले पूछ-परख करते रहते हैं। काम करते हुए आप सबों के साथ, एक पेशेवर मगर, निजी औऱ जज्बाती रिश्ता भी बना। वह हमेशा बांधे रखेगा। एक बात औऱ जिसको अपने अंदर रख लिया, तो सच आधा ही रहेगा। पिछळे 6 वर्षों में कार्तिक जी ने जो सहयोग और सम्मान दिया, उसने मेरे कंधों पर जिम्मेदारियों का अहसास कहीं ज्यादा कराया। बहुत सारे मौकों पर चट्टान की तरह खड़े रहे और काम करने के मेरे दायरे को निर्बाध रखा। कई बार असहमतियों में भी मेरे लिए अपने मुताबिक करने की आजादी बनाए रखी। उनका इस बात के लिए भी शुक्रिया कि मुझे, आगे कुछ और करने के लिए उन्होंने आखिरकार इजाजत दे दी। संस्थान को चलाने में वरुण जी, दीपक जी, शिखा जी, नीरज सोनी जी के कंधे से कंधा मिलाकर अपनी पूरी ऊर्जा लगाई और इन सबका मेरे ऊपर एक भरोसा बना रहा।

संस्थान के भरोसे और पेशेवर रिश्ते का इससे अच्छा उदाहरण क्या हो सकता है कि मेरे इस्तीफा देने के इतने दिनों बाद भी मैं पूरे अधिकार से काम करता रहा, फैसले लेता रहा। यह मेल मैं जब लिख रहा हूं, आखिरी दिन औऱ आखिरी घंटे हैं, लेकिन आज भी सारे जरूरी काम किए, बैठकें कीं। जो कमाया है, उसी का ये सिला है। पीछे मुड़कर जब देखता हूं तो ईमानदारी से ये स्वीकार करता हूं कि इस पूरी यात्रा में आप सबों से बहुत कुछ सीखा है। यह मेरी थाती है, पाथेय भी। अगर कभी, किसी कारण से आपमें से किसी को मेरी किसी बात, फैसले या काम से कोई ठेस पहुंची हो तो उसके लिए क्षमाप्रार्थी हूं। आप सबों के सफल भविष्य की कामनाओं के साथ।

आपका शुभेच्छु
राणा यशवंत

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गांधी परिवार इस ‘चाणक्य’ से लेने जा रहा है गुरुमंत्र

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करना पड़ा है करारी हार का सामना

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Gandhi Family

लोकसभा चुनावों में बुरी तरह मात खाने के बाद गांधी परिवार काफी पसोपेश में है। ऐसे में कांग्रेस की अगली रणनीति क्या होनी चाहिए, इसे लेकर आज देरशाम सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपने सबसे विश्वसनीय नेता प्रणब मुखर्जी से मिलने जा रहे हैं। ये जानकारी वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने अपने एक विडियो पोस्ट के जरिये दी है। संतोष भारतीय ने बताया है कि वर्तमान परिस्थिति में गांधी परिवार ने प्रणब मुखर्जी के अनुभव का लाभ लेने का मन बनाया है।

देखें विडियो-

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मोदी की जीत पर मराठी अखबार लोकमत ने किया अनूठा प्रयोग

चुनावी कवरेज को लेकर अखबार के नए प्रयोग की हो रही है काफी चर्चा

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Lokmat

लोकसभा चुनाव के परिणामों को सभी अखबारों ने अपने-अपने अंदाज में कवर किया है। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की शानदार जीत को फ्रंट पेज पर रखते हुए कई नए प्रयोग किए हैं। इन सबके बीच मराठी अखबार ‘लोकमत’ (Lokmat) ने भी इस कवरेज को लेकर बहुत ही शानदार प्रयोग किया है। इस प्रयोग की काफी चर्चा हो रही है।

अखबार ने चुनाव परिणाम पर 24 मई को एक स्पेशल इश्यू ‘नमो नमः’ (NAMO NAMAH) निकाला है। अखबार का यह इश्यू काफी प्रभावशाली है, जिसमें फ्रंट पेज पर मोदी की नमस्कार की मुद्रा में बड़ी फोटो ली गई है और उसके नीचे प्रमुख पॉलिटिकल पार्टियों को मिलीं सीटों की संख्या दी गई है। इसके अलावा अंदर के पेजों पर भी इंफोग्राफ और इलस्ट्रेशन के माध्यम से आंकड़ों को दिखाया गया है, ताकि पाठकों को समझने में आसानी रहे। वहीं, इस स्पेशल इश्यू में चुनाव को लेकर विशेषज्ञों के विश्लेषण को भी शामिल किया गया है। 

इस पहल के बारे में ‘लोकमत मीडिया’ के वाइस प्रेजिडेंट (क्रिएटिव और कंटेंट स्ट्रैटेजी) संजीव नायर का कहना है, ‘स्पेशल इश्यू से कवरेज को और बेहतर बनाया जाता है। इसमें ग्राफ और इलस्ट्रेशन के द्वारा चुनावी नतीजों को समझने में आसानी होती है। इसके अलावा इसमें गहराई से विश्लेषण भी शामिल होते हैं।’

अखबार के स्पेशल इश्यू के फ्रंट पेज को आप यहां देख सकते हैं-

 

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अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं पर उतारी हार की खीझ, लिया ये बड़ा फैसला

समाजवादी पार्टी की ओर से मीडिया को चिट्ठी भेजकर दी गई जानकारी

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश की राजनीति में महागठबंधन का प्रयोग फेल हो जाने के बाद अब हर किसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने अपनी खीज पार्टी के प्रवक्ताओं पर निकाली है। उन्होंने अपने सभी प्रवक्ताओं पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उनके मनोनयन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की ओर से मीडिया चैनल्स के ब्यूरोज को भेजे गए लिखित संदेश में ये जानकारी देते हुए कहा गया है कि सपा का पक्ष रखने के लिए पार्टी के किसी भी पदाधिकारी को आमंत्रित न किया जाए।

पार्टी की ओर से मीडिया को भेजी गई चिट्ठी आप यहां पढ़ सकते हैं-

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आज भी कुछ अलग कर गया ‘द टेलीग्राफ’, देखें अंग्रेजी अखबारों का फ्रंट पेज

लोकसभा चुनाव में मोदी को जीत पर हर अखबार ने दिखाई है अपनी क्रिएटिविटी

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
The Telegraph

देश के भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी खबर को अंग्रेजी अख़बारों ने भी व्यापक स्तर पर प्रकाशित किया है। हर अख़बार ने कुछ अलग करने का प्रयास किया, ताकि ‘मोदी मैजिक’ की तरह उसकी क्रिएटिविटी भी पाठकों को मोहित कर जाए। इस मामले में हर बार की तरह ‘द टेलीग्राफ’ सबसे जुदा रहा। अख़बार ने लोकसभा चुनाव के परिणाम को इस अंदाज़ में पेश किया, जो दूसरों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

‘द टेलीग्राफ’ के शुक्रवार के फ्रंट पेज पर कोई फोटो, ग्राफ़िक या कैरिकेचर नहीं है, फिर भी अख़बार ने कमाल कर दिया है। हैडर के नीचे परिणाम के आंकड़े लिखे हैं। मसलन, एनडीए 350, यूपीए 91, अन्य 101। इसके बाद बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है ‘HE IS BACK।’ इसके ठीक नीचे दी गई सबहेड कहती है ‘उत्तर, पूर्व और पश्चिम में शानदार बढ़त।’ इसके अलावा पहले पेज पर और कुछ नहीं है। जिसे ज्यादा रंग या कंटेंट देखने की आदत है, उसके लिए यह नीरस फ्रंट पेज हो सकता है, लेकिन रचनात्मकता समझने वालों के लिए इसके बहुत मायने हैं।

दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान टाइम्स रहा। अख़बार ने लगभग आधे पेज का नरेंद्र मोदी का ग्राफ़िक दिया है, जिसमें राष्ट्रवाद और विकास को भी दर्शाया गया है। इसके अलावा हिन्दुस्तान टाइम्स की हैडलाइन ‘NaMoMENT’ भी कुछ हटकर है। अख़बार ने फ्रंट पेज को खुला-खुला रखने के लिए ज्यादा कंटेंट नहीं रखा है। ग्राफ के सहारे यह समझाने की कोशिश की गई है कि भाजपा ने 2019 कैसे जीता? इसके साथ ही प्रमुख विपक्षी नेताओं के बयानों को फ्रंट पेज पर जगह मिली है। वैसे शीर्षक के मामले में टाइम्स ऑफ़ इंडिया भी पीछे नहीं है। अख़बार ने लेआउट से ज्यादा तवज्जो कंटेंट को भले ही दी हो, लेकिन लीड हैडलाइन में सारी क्रिएटिविटी को उड़ेल दिया गया है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया का शीर्षक है ‘चौकीदार का चमत्कार।’ पूरे चुनाव में ‘चौकीदार’ खूब चला है, इसलिए फाइनल रिजल्ट को इससे जोड़कर हैडलाइन बनाने का प्रयोग अच्छा है।

द हिन्दू का फ्रंट पेज ख़ास आकर्षक नहीं है। इसे परंपरागत रूप से डिज़ाइन किया गया है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के छोटे से फोटो के साथ ग्राफ चुनावी कथा बयां कर रहा है। अख़बार के पहले पेज पर कंटेंट की भरमार है। सामान्य मौकों पर इस तरह की प्रस्तुति चलती है, लेकिन इतने बड़े मौकों के लिए द हिन्दू का फ्रंट पेज आइडियल नहीं लग रहा। अख़बार की हैडलाइन ‘इंडिया गिव मोदी ए हाई फाइव’ भी सामान्य ही कही जा सकती है। इसी तरह डेक्कन क्रोनिकल और द इंडियन एक्सप्रेस के फ्रंट पेज भी ज्यादा असरकारक दिखाई नहीं देते। डेक्कन क्रोनिकल ने परंपरागत डिज़ाइन को प्राथमिकता दी है। यानी हैडलाइन, सबहेड, फोटो और उसके चारों ओर कंटेंट। द इंडियन एक्सप्रेस ने ज़रूर मोदी की एक बड़ी फोटो रखकर फ्रंट पेज को अच्छा दिखाने का प्रयास किया है। हालांकि, अख़बार की हैडलाइन थोड़ा उलझाने वाली है। लीड शीर्षक में कहा गया है ‘मोदी 2.024।’ इसके पीछे अख़बार का जो भी लॉजिक हो, लेकिन सामान्य पाठकों के लिए पहली ही नज़र में इसे समझ पाना थोड़ा मुश्किल है।

यहां देखें इन अखबारों का फ्रंट पेज

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मोदी की शानदार उपलब्धि पर ZEE समूह के पुनीत गोयनका ने जताई ये उम्मीद

लोकसभा चुनाव 2019 में एनडीए को मिला है पूर्ण बहुमत

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Media Industry

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आ चुके हैं और इनमें बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए केंद्र की सत्ता में वापसी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने पहली बार 300 से ज्यादा सीटें जीती हैं। हालांकि एग्जिट पोल में भी मोदी के नेतृत्व में एनडीए को सबसे ज्यादा सीटें दिखाई गई थीं और परिणाम आते ही इस पर मुहर भी लग गई।

बीजेपी की इस बड़ी जीत के बाद केंद्र में बनने वाली नई सरकार को लेकर मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोग क्या सोचते हैं और उनकी इस सरकार से क्या अपेक्षाएं हैं? इस बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने इंडस्ट्री से जुड़े कुछ विशेषज्ञों से बात की।

इस बारे में ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘मेरे विचार से ट्रांसपैरेंसी और टेक्नोलॉजी दो प्रमुख पहलू हैं, जो मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर को आगे ले जाएंगे। सरकार को भी इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। हमारे देश में प्रतिभाओं और रचनात्मकता की भरमार है, जिसे आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पर मैं उन्हें बधाई देता हूं। कॉरपोरेट जगत को परिवर्तन के इस युग में शामिल होना चाहिए और राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’

वहीं, ‘मलयाला मनोरमा’ (Malayala Manorma) के वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग) वर्गीस चांडी का कहना है,‘मोदी की जीत को लेकर किसी तरह का आश्चर्य नहीं है, पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि मोदी ही सत्ता में वापसी करेंगे। हां, बीजेपी और एनडीए के लिए इतने बहुमत से जीतना वाकई आश्चर्यजनक है। पार्टी को पूर्ण रूप से बहुमत मिलने पर यह अपने एजेंडे के अनुसार चल पाएगी और मुझे उम्मीद है कि इससे देश का विकास होगा।

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देखें, मोदी की जीत पर हिंदी अखबारों का कैसा रहा फ्रंट पेज

लोकसभा चुनाव 2019 में विपक्ष को करारी शिकस्त देते हुए भाजपा ने दर्ज की है बड़ी जीत

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Narendra Modi

2014 की मोदी लहर 2019 में सुनामी में तब्दील हो गई। भाजपा ने ऐसा जनादेश हासिल किया, जिसकी शायद किसी को उम्मीद नहीं थी। अब जीत इतनी बड़ी होगी, तो कवरेज भी बड़ी मिलना लाज़मी है। शुक्रवार के अख़बार मोदी की प्रचंड जीत और उसके विश्लेषण से पटे रहे। तकरीबन हर पन्ने पर चुनावी परिणाम से जुड़ी खबर थी। ऐसे मौकों पर फ्रंट पेज काफी मायने रखता है, क्योंकि यही तय करता है कि पाठक अख़बार पढ़ेगा या नहीं? लिहाजा सभी अख़बारों ने अपनी रचनात्मकता के घोड़े दौड़ाए और दूसरों से अलग करने का प्रयास किया।

कुछ प्रमुख अख़बारों की बात करें तो हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, पत्रिका और प्रभात खबर का पहला पेज मोदीमय रहा, लेकिन इन सबके बीच पत्रिका और प्रभात खबर, दोनों अख़बारों ने नरेंद्र मोदी की एक जैसी फोटो इस्तेमाल की है, मगर अलग-अलग एंगल से। इसके अलावा, सभी महत्वपूर्ण आंकड़ों को फ्रंट पेज पर चस्पा किया गया है, ताकि पढ़ने वाले को एक ही नज़र में सबकुछ समझ आ जाए। 

प्रभात खबर ने जहां मोदी की हाथ जोड़े फोटो को पूरे फ्रंट पेज पर रखा है, वहीं पत्रिका ने हैडर के साथ-साथ नीचे कुछ जगह छोड़कर सात कॉलम फोटो लगाई है। लेआउट के अलावा दोनों ही अख़बारों का शीर्षक भी सबसे जुदा है। पत्रिका की हैडलाइन है ‘मोदी शहंशाह...’ यहां शहं और शाह को अलग रंगों में रखा गया है। ऐसा करके अख़बार ने मोदी के साथ-साथ अमित शाह को भी शीर्षक में जगह दी है। प्रभात खबर की बात की जाए तो उसकी हैडलाइन है ‘मोदी लड़े, मोदी जीते।’ कहने को तो इसे बेहद सामान्य शीर्षक कहा जा सकता है, लेकिन इसमें बहुत गहराई है। वो इस तरह कि पूरा लोकसभा चुनाव मोदी के नाम पर लड़ा गया। मोदी को हराने के लिए विपक्ष एकजुट हो गया, तो भाजपा महज मोदी के नाम पर वोट मांगती रही। जनता ने भी प्रत्याशियों के गुण-अवगुणों की अनदेखी करते हुए मोदी को वोट दिए। इसी बात को प्रभात खबर ने अपनी हैडलाइन में उठाया है।

इसी तरह दैनिक भास्कर और अमर उजाला ने भी एक ही फोटो इस्तेमाल किया है और इसका एंगल भी एकदम समान है। हैडर के ऊपर से फोटो को थोड़ा नीचे तक लाया गया है। फोटो पर शीर्षक और कुछ टेक्स्ट देने के बाद नीचे पूरी चुनावी कथा दी गई है। मसलन, क्या फैक्टर रहे, कौन हारा-जीता आदि। शीर्षक के मामले में भास्कर की हैडलाइन अपेक्षाकृत अमर उजाला से ज्यादा आकर्षक लगती है। अख़बार ने मोदी के प्रिय शब्द ‘मित्रो’ और चुनाव में खूब चले नारे ‘मोदी है तो मुमकिन है’ से शीर्षक तैयार किया है। यानी ‘मित्रो! मोदी है तो मुमकिन है।’ जबकि अमर उजाला की हैडलाइन सपाट है ‘प्रचंड मोदी।’ राष्ट्रीय सहारा ने भी मोदी की पूरा एक बड़ी फोटो लगाकर उसे अपना फ्रंट पेज बनाया है। साथ ही अखबार ने मोदी के जीत के बाद के भाषण से एक कोट निकालकर उसे फ्रंट पेज का हिस्सा बनाया है। जो फोटो दैनिक भास्कर ने आधी लगाई है, राष्ट्रीय सहारा ने मोदी के वो ही फोटो पूरी लगाई है। वहीं, दैनिक जागरण का फ्रंट पेज हमेशा की तरह सामान्य है। जागरण शुरू से ही लेआउट और प्रस्तुति पर ध्यान देने के बजाय कंटेंट पर जोर देता आया है और उसने इस बार भी यह परंपरा कायम रही। अख़बार ने मोदी-शाह का कमल से निकलते हुए कैरिकेचर इस्तेमाल किया है। जिसमें नीचे ममता, राहुल और प्रियंका को मायूस दिखाया गया है। अख़बार की हैडलाइन ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ में भी कुछ ख़ास नया नहीं है। पूरे चुनाव लोग यह सुनते आ रहे हैं।

हिंदुस्तान की बात करें तो उसने भी इस प्रचंड जीत को सामान्य रूप में पेश किया है। अख़बार के फ्रंट पेज पर विज्ञापन है और उसी को ध्यान में रखते हुए नरेंद्र मोदी का एक फोटो लगाया गया है। जिसके चलते फ्रंट पेज खास आकर्षक नहीं लगता। हिंदुस्तान की हैडलाइन भी रचनात्मक दिखाई नहीं देती। अख़बार लिखता है ‘महाविजेता मोदी।’ हालांकि फ्रंट पेज पर दूसरे अख़बारों के मुकाबले हिंदुस्तान ने कंटेंट ज्यादा दिया है। हारने-जीतने वाले दिग्गज नेताओं को पहले पेज पर फोटो के साथ जगह दी गई है। कुल मिलाकर कहा जाए तो कम से कम फ्रंट पेज को आकर्षक बनाने के लिहाज से लोकमत, पत्रिका और प्रभात खबर ने बाकी हिंदी के अख़बारों को पीछे छोड़ दिया है।

यहां देखें इन अखबारों का फ्रंट पेज

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न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ने ‘आजतक’ के खिलाफ बुलंद की आवाज, लगाए ये गंभीर आरोप

प्रमुख न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ने टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया को लिखा पत्र

Last Modified:
Thursday, 23 May, 2019
News Broadcasters

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ने हिंदी न्यूज चैनल ‘आजतक’ पर ‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) के नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ट्राई को लिखे एक लेटर में कुछ प्रमुख न्यूज ब्रॉडकास्टर्स ने आरोप लगाया है कि ‘आजतक’ दो लॉजिकल चैनल नंबर्स (LCNs) पर प्रसारित हो रहा है। आरोप है कि एक तरफ यह अपनी फ्रीक्वेंसी पर और दूसरी तरफ ‘तेज न्यूज’ को आवंटित फ्रीक्वेंसी पर प्रसारित किया जा रहा है।

बताया जाता है कि ये ट्राई के टेलिकम्युनिकेशन (ब्रॉडकास्टिंग एंड केबल सर्विसेज) इंटरकनेक्शन (डिजिटल एड्रेसेबल केबल टेलिविजन सिस्टम्स) रेगुलेशंस 2012 का उल्लंघन है। इसके साथ ही यह ‘Listing of TV channels on Electronic Programme Guide’ के बारे में 31 मई 2017 को जारी ट्राई के दिशा निर्देशों का भी उल्लंघन है। इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) के तहत टीवी सर्विस प्रोवाइडर्स को अपने चैनल्स को जॉनरवाइज डिस्प्ले करने की अनुमति दी गई है।

ट्राई के वर्तमान नियमों के अनुसार, प्रत्येक ब्रॉडकास्टर को अपने चैनल का जॉनर डिस्प्ले करना आवश्यक है। इसके साथ ही मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स (MSOs) को चैनल को अपने नेटवर्क पर उसी जॉनर में रखना होगा, जो ब्रॉडकास्टर ने चैनल के लिए घोषित किया है।

दरअसल, 31 मई 2017 को ट्राई की ओर से कहा गया था, ‘यह देखा गया है कि कई मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स अपने कुछ चैनल्स को विभिन्न जॉनर के तहत कई लॉजिकल चैनल नंबर्स पर रख रहे हैं।’ इसके बाद ट्राई ने मल्टी सिस्टम ऑपरेटर्स को नियमों का पालन करने और ऐसा न होने पर ट्राई एक्ट-1997 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

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दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार गंगेश मिश्र के बारे में आई ये खबर

नोएडा में सेंट्रल डेस्क इंचार्ज के रूप में संभाल रहे थे जिम्मेदारी

Last Modified:
Thursday, 23 May, 2019
Gangesh Mishra

‘दैनिक जागरण’ में एसोसिएट एडिटर के तौर पर कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार गंगेश मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। गंगेश मिश्र नोएडा में सेंट्रल डेस्क इंचार्ज के रूप में काम देख रहे थे। हालांकि, उनके इस्तीफे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाई है।

गंगेश मिश्र ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना करियर वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष जोशी के नेतृत्व में ‘जनसत्ता’ अखबार से वर्ष 1988 में शुरू किया था। यहां करीब आठ साल काम करने के बाद उन्होंने ‘अमर उजाला’ का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ अखबार में समाचार संपादक के तौर पर अपनी पारी शुरू की। दिल्ली में वर्ष 2009 में ‘दैनिक भास्कर’ की रिलांचिंग के दौरान वहाँ वे डिप्टी एडिटर के तौर पर कार्यरत थे।

गंगेश मिश्र वर्ष 2012 में जागरण समूह के साथ जुड़े। उस दौरान उन्हें जागरण के सहयोगी प्रकाशन ‘नई दुनिया’ में इंदौर का स्थानीय संपादक बनाया गया। इसके बाद वर्ष 2014 में वे ‘नई दुनिया’ से स्थानांतरित होकर ‘दैनिक जागरण’, नोएडा में आए थे।

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Exit Poll में इन चैनलों ने मारी बाजी, लाइव शो में एग्जिट पोल एजेंसी के चेयरमैन रो पड़े

लगभग सभी एजेंसियों ने एग्जिट पोल में एनडीए को स्पष्ट बहुमत की बात कही थी

Last Modified:
Thursday, 23 May, 2019
Exit Poll

लोकसभा चुनाव के परिणाम भले ही कांग्रेस और विपक्षी दलों के लिए कष्टकारी हों, लेकिन एग्जिट पोल करवाने वाली एजेंसियां और मीडिया संस्थान इससे बेहद खुश हैं। इस ख़ुशी से आशय उनके ‘भाजपा’ समर्थक होने से नहीं, बल्कि उनकी भविष्यवाणी सच होने से है। लगभग सभी एजेंसियों ने एग्जिट पोल में एनडीए को स्पष्ट बहुमत की बात कही थी।

इन पोल का इतिहास कुछ ख़ास अच्छा नहीं रहा है। 2014 में ज़रूर जैसा बताया गया था, परिणाम उसके आसपास रहे, लेकिन इससे पहले हकीकत और अनुमान के बीच काफी बड़ा फासला था। यही वजह रही कि 2019 के एग्जिट पोल आने के बाद भी लोग चौंकाने वाले परिणामों से इनकार नहीं कर रहे थे। अब जब सभी एग्जिट पोल सही साबित हुए हैं, तो इनमें भरोसा बढ़ेगा और इस काम में लगी एजेंसियों की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े नहीं किये जाएंगे। वैसे तो लगभग सभी एग्जिट पोल्स में मोदी लहर का जिक्र था, मगर सबसे सटीक अनुमान ‘आजतक’ का रहा। साथ ही, न्यूज 24 के लिए चाणक्य द्वारा किया गया सर्वे भी कसौटी पर खरा उतरा है। वहीं, एनडीटीवी के पॉलिटिकल एडिटर अखिलेश शर्मा का आंकलन भी सही बैठा है। उन्होने इसे लेकर 19 मई को ट्वीट किया है

 

‘आजतक एक्सिस माई इंडिया’ के एग्जिट पोल में एनडीए को 339-365 सीटें मिलने की बात कही गई थी,जबकि यूपीए को 77-108 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया था। वहीं उत्तर प्रदेश में भाजपा+को 62-68, सपा-बसपा गठबंधन को 10-16 और अन्य को 59-79 सीटें मिलने का अनुमान था। चुनाव परिणामों में ‘आजतक’ का एग्जिट पोल सबसे सटीक साबित नज़र आ रहा है। शाम 6 बजे तक एनडीए 347 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि यूपीए 86 तक ही सिमटकर रह गया है।  वहीं न्यूज24 के एग्जिट पोल ने बीजेपी को 300 (+-14) और एनडीए को 350(+-14) सीट दी गई थी। ऐसे में न्यूज 24 लगातार सही एग्जिट पोल देने के अपने इतिहास को एक बार फिर दोहरा गया।

इसी तरह उत्तर प्रदेश के मामले में भी 'आजतक' चैनल का अनुमान लगभग सही रहा। यहां भाजपा 60 सीटें हासिल करती दिखाई दे रही है। हालांकि, सपा-बसपा गठबंधन अनुमानित आंकड़े से कुछ आगे (18) निकल गया है। इसी तरह बिहार और मध्य प्रदेश में भी चैनल ने जो अनुमान लगाया था, वही परिणाम बनकर सामने आये हैं। ‘आजतक एक्सिस माई इंडिया’ के एग्जिट पोल में एनडीए को बिहार में 38-40 और मध्य प्रदेश में 26-28 सीटें मिलने की बात कही गई थी। मौजूदा वक़्त में दोनों ही राज्यों में एनडीए क्रमश: 37,28 तक पहुँच गया है।

लोकसभा चुनाव की वोटिंग ख़त्म होने के बाद 19 मई को एग्जिट पोल जारी हुए थे। इसमें एबीपी-नीलसन ने एनडीए को 277, यूपीए को 130, न्यूज़18 ने एनडीए को 366, यूपीए को 82, न्यूज़ एक्स ने एनडीए को 242, यूपीए को 164, टाइम्स नाउ ने एनडीए को 306, यूपीए को 132, इंडिया टीवी ने एनडीए को 300, यूपीए को 120, रिपब्लिक (सी वोटर) ने एनडीए को 287, यूपीए को 126 और आजतक ने एनडीए को 339-365 यूपीए को 77-108 सीटें मिलने की बात कही थी। ‘आजतक’ असल परिणामों के सबसे ज्यादा नज़दीक रहा है।

अपनी इस सफलता पर जहां चैनल की टीम ख़ुशी से फूली नहीं समा रही है, वहीं सर्वे की ज़िम्मेदारी सँभालने वाले प्रदीप गुप्ता इस मौके पर भावुक हो गए। ‘इलेक्शन ब्रेकिंग’ कार्यक्रम के दौरान जब वरिष्ठ पत्रकार और ‘इंडिया टुडे’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने प्रदीप की तारीफ करते हुए कहा, ‘आपने उल्लेखनीय काम किया है’ तो प्रदीप गुप्ता अपनी ख़ुशी को आंसुओं के रूप में सामने आने से नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि ये मेरी टीम की मेहनत का नतीजा है।

प्रदीप गुप्ता का विडियो आप यहां देख सकते हैं-

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ZEE समूह में हेमलता शर्मा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

हेमलता शर्मा ने कॉस्मिक सॉफ्टवेयर कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर अपने करियर की शुरुआत की थी

Last Modified:
Thursday, 23 May, 2019
Hemlata Sharma

‘जी समूह’ में हेमलता शर्मा को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। दरअसल, हेमलता शर्मा को ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) में डिस्ट्रीब्यूशन हेड बनाया गया है। अपनी नई भूमिका में वह ‘ZMCL’ के सभी 14 चैनल्स (ZEE News, ZEE Uttar Pradesh Uttranchal, ZEE Madhya Pradesh Chhattisgarh, ZEE Hindustan, ZEE Salaam, ZEE Punjab Haryana Himachal, ZEE 24 Ganta, ZEE 24 Taas, ZEE Kalak, ZEE Rajasthan, ZEE Bihar Jharkhand, ZEE Orrisa, ZEE Business और WION) के डिस्ट्रीब्यूशन का कामकाज देखेंगी।

हेमलता शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत ‘कॉस्मिक सॉफ्टवेयर’ (Cosmic Software) कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर की थी। इसके बाद उन्होंने मार्केटिंग और सेल्स का दामन थाम लिया। हेमलता को 24 साल से ज्यादा का अनुभव है। डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस और मार्केटिंग के साथ ही केबल टीवी, चैनल्स और ब्रॉडकास्टिंग के क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है।

इससे पहले वह ‘सिटी’ (SITI),‘जीटीवी’ (Zee TV),‘जी टर्नर’(Zee Turner),‘रिलायंस’ (Reliance) और ‘भारती एयरटेल’(Bharti Airtel) जैसे ब्रैंड्स के साथ काम कर चुकी हैं। ZMCL में बतौर डिस्ट्रीब्यूशन हेड अपनी भूमिका संभालने से पहले वह ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ ग्रुप की सहयोगी कंपनी ‘ताज टेलिविजन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ (Taj Television India Pvt Ltd) के साथ काम कर रही थीं। यहां वह सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं।

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