मीडिया को भी कांग्रेस ने दी घोषणापत्र में जगह, उठाये मीडिया के ये मुद्दे

कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया से सोशल मीडिया तक पर चर्चा...

Last Modified:
Wednesday, 03 April, 2019
Congress

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

कांग्रेस के घोषणापत्र को लेकर मेनस्ट्रीम मीडिया से सोशल मीडिया तक पर चर्चा शुरू हो गई है। कुछ इसकी तारीफ कर रहे हैं तो कुछ इसके खिलाफ हैं। वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने भी घोषणापत्र पर सवाल उठाते हुए एक ट्वीट किया है, ‘कांग्रेस ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लिए 10 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी। जबकि 2019-20 का बजट अनुमान 27.8 लाख करोड़ है! अब सवाल है कि अतिरिक्त पैसा कहां से आएगा? जिन्हें निभाया न जा सके, वो वादे नहीं करना चाहिए।!

वैसे ये तो बात हुई आम जनता से जुड़े मुद्दों की, कांग्रेस के घोषणापत्र में मीडिया के लिए भी कुछ है,जिस पर पत्रकारों की खुलकर राय आना अभी बाकी है। हालांकि, इतना ज़रूर तय है कि खबरनवीस भी इसपर एकमत नहीं होंगे। क्योंकि घोषणापत्र में कई ऐसे बिंदु भी हैं, जो मीडिया को स्वतंत्र होने का मान कराते हैं, लेकिन इस पर संशय भी पैदा करते हैं।

घोषणापत्र के ‘मीडिया और मीडिया की स्वतंत्रता’ खंड में कहा गया है ‘हाल के दिनों में मीडिया के कुछ हिस्से ने या तो अपनी स्वतंत्रता का दुरुपयोग किया है या आत्मसमर्पण। आत्मनियमन/स्वनियंत्रण मीडिया की स्वतंत्रता के दुरुपयोग को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है, कांग्रेस प्रेस काउंसिल ऑफ़ इंडिया एक्ट 1978 में उल्लेखित स्वनियमन की प्रणाली को मजबूत करने, पत्रकारों की स्वतंत्रता की रक्षा करने, संपादकीय स्वतंत्रता को बनाये रखने और सरकारी हस्तेक्षप के खिलाफ रक्षा करने का वादा करती है।’ इसके दूसरे बिंदु में कहा गया है ‘कांग्रेस फर्जी ख़बरों और पेड न्यूज़ के खतरों से निपटने के लिए भारतीय प्रेस परिषद् को मजबूत करने के उद्देश्य से भारतीय प्रेस परिषद् अधिनियम 1978 में संशोधन का वादा करती है।’

इस खंड के तीसरे बिंदु में अख़बारों और मीडिया संघों के लिए आदर्श आचार संहिता बनाने की बात कही गई है। इसके अलावा, कांग्रेस पार्टी ने मीडिया में एकाधिकार रोकने के लिए कानून पारित करने का भी वादा किया है। इसकी वजह मीडिया पर व्यावसायिक संगठनों का बढ़ता नियंत्रण हैं। मौजूदा वक़्त में ही तमाम मीडिया संस्थान किसी न किसी औद्योगिक घराने से ताल्लुख रखते हैं। घोषणापत्र में पत्रकारों को सुरक्षा देने का भी उल्लेख है। कांग्रेस ने वादा किया है कि संघर्ष के क्षेत्रों में कार्यरत, सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों की जांच करने वाले पत्रकारों या ऐसे पत्रकार जिनकी जान को खतरा है, उन्हें राज्यों के साथ मिलकर सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

एनडीटीवी से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार अखिलेश शर्मा ने कांग्रेस के इस घोषणापत्र को अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा है, ‘कांग्रेस मीडिया के लिए प्रेस कॉंसिल के साथ मिलकर आदर्श आचार संहिता बनाने का वादा कर रही है। मीडिया के लिए self regulation की वकालत करने वालों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के पैरोकारों को शायद यह रास न आए।‘ उनके इस ट्वीट पर लोगों की जो प्रतिक्रिया सामने आ रहीं हैं, उनमें से अधिकांश में इसे मीडिया को नियंत्रित करने के रूप में देखा गया है, लेकिन मीडिया संस्थानों या अन्य पत्रकारों ने इस विषय पर अपने विचार व्यक्त नहीं किये हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि पत्रकार कांग्रेसी घोषणापत्र में किये गए आचार संहिता के वादे को किस तरह से लेते हैं।

मीडिया को लेकर कांग्रेस के घोषणापत्र में क्या कहा गया है, वह आप यहां पढ़ सकते हैं-

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV9 भारतवर्ष: TRP का बड़ा संकट , विनोद कापड़ी ने उठाया ये बड़ा ‘कदम’

बडे जोरो-शोरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लॉन्च हुआ टीवी9समूह का हिंदी चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ अपने

Last Modified:
Sunday, 26 May, 2019

बडे जोरो-शोरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लॉन्च हुआ टीवी9समूह का हिंदी चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ अपने कई प्रयासों के बावजूद स्टैंडर्ड टीआरपी चार्ट में जगह नहीं बना पाया है। चुनावी दौर में जहां न्यूज चैनलों के दर्शकों की संख्या में खूब इजाफा हुआ, वहीं ये चैनल अभी भी टॉप 10 हिंदी न्यूज चैनलों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने से महरूम है। 

मीडिया गलियारों में चैनल की परफॉरमेंस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अब ये चर्चा भी जोरो पर है कि चैनल के मैनजिंग एडिटर विनोद कापड़ी का चैनल से एग्जिट प्लान भी तय हो गया है। बताया जा रह है कि उनका इस्तीफा हो गया है और जल्द ही उनकी विदाई कर दी जाएगी।ऐसे में अजीत अंजुम और हेमंत शर्मा के साथ बनी इस तिकड़ी जल्द की अलग-अलग रास्ते पर दिखेगी।

वैसे जिस तरह चैनल के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश को मैनेजमेंट ने बाहर का रास्ता दिखाया है, उसके बाद से ही उनके नेतृत्व वाली ये संपादकीय टीम पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। 
समाचार4मीडिया ने इस संबंध में चैनल के वरिष्ठ पदों पर आसीन पदाधिकारियों से भी बात करनी चाही, पर उनकी चुप्पी ने साफ संकेत दे दिए कि फिलहाल चैनल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे मे खबर ये भी है कि चैनल के कई पत्रकारों ने अब नए ठिकानों की खोजबीन भी चालू कर दी है। 
 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

TV9 भारतवर्ष: TRP का बड़ा संकट, विनोद कापड़ी ने उठाया ये ‘कदम’

बडे जोरो-शोरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लॉन्च हुआ टीवी9समूह का हिंदी चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ अपने

Last Modified:
Sunday, 26 May, 2019
Vinod Kapri

बडे जोरो-शोरों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों लॉन्च हुआ टीवी9समूह का हिंदी चैनल ‘टीवी9 भारतवर्ष’ अपने कई प्रयासों के बावजूद स्टैंडर्ड टीआरपी चार्ट में जगह नहीं बना पाया है। चुनावी दौर में जहां न्यूज चैनलों के दर्शकों की संख्या में खूब इजाफा हुआ, वहीं ये चैनल अभी भी टॉप 10 हिंदी न्यूज चैनलों की सूची में अपना नाम दर्ज कराने से महरूम है। 

मीडिया गलियारों में चैनल की परफॉरमेंस को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में अब ये चर्चा भी जोरो पर है कि चैनल के मैनजिंग एडिटर विनोद कापड़ी का चैनल से एग्जिट प्लान भी तय हो गया है। बताया जा रह है कि उनका इस्तीफा हो गया है और जल्द ही उनकी विदाई कर दी जाएगी।ऐसे में अजीत अंजुम और हेमंत शर्मा के साथ बनी इस तिकड़ी जल्द की अलग-अलग रास्ते पर दिखेगी।

वैसे जिस तरह चैनल के पूर्व सीईओ रवि प्रकाश को मैनेजमेंट ने बाहर का रास्ता दिखाया है, उसके बाद से ही उनके नेतृत्व वाली ये संपादकीय टीम पर संकट के बादल मंडराने लगे थे। 
समाचार4मीडिया ने इस संबंध में चैनल के वरिष्ठ पदों पर आसीन पदाधिकारियों से भी बात करनी चाही, पर उनकी चुप्पी ने साफ संकेत दे दिए कि फिलहाल चैनल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है। ऐसे मे खबर ये भी है कि चैनल के कई पत्रकारों ने अब नए ठिकानों की खोजबीन भी चालू कर दी है। 
 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानें, किस वर्तमान एडिटर-इन-चीफ के लिए स्ट्रिंगर का काम करती थीं स्मृति ईरानी?

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को हराकर अमेठी सीट पर स्मृति ईरानी ने दर्ज की है जीत

Last Modified:
Saturday, 25 May, 2019
Smriti Irani

मनोरंजन की दुनिया से निकलकर सियासत में कदम रखने वालीं स्मृति ईरानी ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी उम्मीद शायद उन्हें भी नहीं होगी। स्मृति ने राहुल गांधी को हराकर अमेठी में जीत हासिल की है। अमेठी कांग्रेस की परंपरागत सीट मानी जाती है, इसलिए उनकी जीत का महत्व काफी बढ़ गया है। अधिकांश लोग स्मृति ईरानी के बारे में उतना ही जानते हैं, जितना कि ऊपर लिखा गया है। यानी उन्होंने मनोरंजन की दुनिया से राजनीति एंट्री की, लेकिन ये पूरा सच नहीं है। स्मृति छोटे पर्दे पर बड़े किरदार निभाने से पहले पत्रकार की भूमिका भी निभा चुकी हैं। उन्होंने बतौर स्ट्रिंगर काम किया है, उस दौर में आज की सांसद स्मृति ईरानी जिस संपादक को रिपोर्ट करती थीं, वह कोई और नहीं, बल्कि सुधीर चौधरी हैं। इसका खुलासा खुद स्मृति ने किया है और वो भी ‘ज़ी न्यूज़’ पर सुधीर चौधरी के साथ।

अमेठी में जीत के बाद स्मृति ईरानी आजकल मीडिया से रूबरू हो रही हैं। इसी क्रम में ‘ज़ी न्यूज़’ के एडिटर-इन-चीफ सुधीर चौधरी ने भी उनसे बातचीत की। इस दौरान एक सवाल के जवाब में स्मृति ने कहा, ‘सुधीर जी आपके दर्शक शायद यह नहीं जानते होंगे कि आज से करीब 18-20 साल पहले मैं स्ट्रिंगर का काम करती थी। हमारा काम यह था कि हम एक सज्जन को रिपोर्ट करते थे, जो संपादकीय विभाग में बैठकर सभी न्यूज़ इकठ्ठा करते थे और उन्हें दर्शकों को पहुंचाते थे।’ इसके बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए आगे कहा, ‘उन सज्जन का नाम सुधीर है और स्ट्रिंगर का नाम स्मृति ईरानी।’

इतना सुनते ही सुधीर चौधरी भी ठहाका मारकर हंस पड़े। सांसद ईरानी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा, ‘आज से 18-20 साल पहले शायद आपको भी इस बात का अंदाज़ा नहीं था कि साल 2019 में आप मुझसे यह सवाल पूछेंगे।’ इसके बाद स्मृति ईरानी ने अपनी ऐतिहासिक जीत के लिए अमेठी की जनता को धन्यवाद दिया।

सुधीर चौधरी और स्मृति ईरानी के बीच हुई इस बातचीत का विडियो आप यहां देख सकते हैं-

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अरुण जेटली आए एक्शन में, चर्चा में है उठाया गया ये कदम

लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के साथ ही मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का रास्ता साफ हो गया है

Last Modified:
Saturday, 25 May, 2019
Arun Jaitley

लोकसभा चुनाव 2019 में भारी जीत मिलते ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता अब आगे की प्लानिंग में जुट गए हैं। अपने खराब स्वास्थ्य को लेकर उड़ रहीं तमाम खबरों के बीच केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली पूरी तरह एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने अपने आवास पर फाइनेंस सेक्रेटरी सुभाष चंद्र गर्ग समेत वित्त मंत्रालय के पांच सचिवों से मुलाकात की। जेटली से मुलाकात करने वालों में रेवेन्यू सेक्रेटरी अजय भूषण पांडेय, निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव अतनु चक्रवर्ती और वित्तीय सेवा विभाग के सचिव राजीव कुमार भी शामिल थे। बताया जाता है कि इस मीटिंग में उन्होंने अगले बजट की कार्ययोजना की समीक्षा की।

वरिष्ठ अधिकारियों की जेटली से इस तरह मुलाकात के बाद इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या खराब स्वास्थ्य के बीच जेटली नई सरकार में भी वित्त मंत्री बने रह सकते हैं? हालांकि यह स्पष्ट हो चुका है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उन्हें नॉर्थ ब्लॉक में बनाए रखना चाहते हैं। वहीं, बैठक में शामिल अधिकारियों का कहना है कि जेटली का स्वास्थ्य ठीक है और वह एनडीए सरकार के दूसरे कार्यकाल में मंत्रिमंडल में शामिल हो सकते हैं।

इससे पहले ‘रॉयटर्स’ (Reuters) में पब्लिश एक रिपोर्ट में अज्ञात सूत्रों के हवाले से कहा गया था कि 66 वर्षीय जेटली को पिछले कई महीनों से खराब चल रहे स्वास्थ्य के कारण दोबारा वित्त मंत्री नहीं बनाया जा सकता है। ‘पीटीआई’ (PTI) ने भी खबर दी थी कि खराब स्वास्थ्य के कारण इलाज के लिए जेटली विदेश जा सकते हैं।   

अब जबकि बीजेपी ने दमदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता में वापसी की है, सभी लोगों की निगाहें नई सरकार के गठन पर टिकी हुई हैं कि किस नेता को कौन सा मंत्रालय दिया जा सकता है। चर्चाएं यह भी हैं कि नई कैबिनेट में कई नए चेहरों को शामिल करने के साथ ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को नया फाइनेंस मिनिस्टर बनाया जा सकता है। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह अगले हफ्ते होने की उम्मीद है और मंत्रियों का फैसला मोदी लेंगे।   

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मंत्रिपरिषद ने अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने स्वीकार कर लिया है। इसके बाद अब  नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

विदेशी मीडिया में कुछ इस तरह हुई मोदी की जीत की कवरेज, देखें यहां

भारतीय लोकसभा चुनाव से जुड़ी पल-पल को ख़बरों को विदेशी मीडिया ने कवर किया

Last Modified:
Saturday, 25 May, 2019
PM MODI

लोकसभा चुनाव में भाजपा या कहें कि नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जीत की गूंज विदेश में भी सुनाई दी। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के भविष्य से जुड़ी पल-पल को ख़बरों को विदेशी मीडिया ने कवर किया। हालांकि, मोदी की वापसी को लेकर सभी का अलग नजरिया है। कोई इसे हिंदूवादी चश्मे से देख रहा है तो किसी के लिए यह राष्ट्रवाद की जीत है।

अमेरिकी अख़बार वॉशिंगटन पोस्ट ने 'राष्ट्रवाद की अपील के साथ भारत के मोदी ने जीता चुनाव' शीर्षक तले लिखा है, ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी पार्टी ने दुनिया के सबसे बड़े चुनाव में भारी जीत हासिल की। मतदाताओं ने मोदी की शक्तिशाली और गर्वान्वित हिंदू की छवि पर मुहर लगा दी। मोदी की जीत उस धार्मिक राष्ट्रवाद की जीत है जिसमें भारत को धर्मनिरपेक्षता की राह से अलग हिंदू राष्ट्र के तौर पर देखा जाता है। भले ही भारत में 80 प्रतिशत हिंदू हैं, लेकिन मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और अन्य धर्म भी वहां अल्पसंख्यकों के तौर पर मौजूद हैं।’

अमेरिका के प्रसिद्ध अखबार ‘गार्डियन’ ने भी इस जीत को हिंदू राष्ट्रवाद से जोड़ा है। अख़बार लिखता है, ‘मोदी की असाधारण लोकप्रियता से भारतीय राजनीति अब हिंदू राष्ट्रवाद के एक नए युग में प्रवेश कर गई है। आर्थिक समस्याएं और बाकी मुद्दे किसी काम के नहीं रहे और हिंदू राष्ट्रवाद ने लोकप्रियता हासिल कर ली।’ इसके अलावा गार्डियन ने अपने संपादकीय लेख में कहा है कि भारत की आत्मा के लिए मोदी की जीत बुरी है। दुनिया को एक और लोकप्रिय राष्ट्रवादी नेता की जरूरत नहीं है, जो अल्पसंख्यकों को दूसरे दर्जे का नागरिक मानता हो।’

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने कुछ भारतीय अख़बारों की तरह मोदी की जीत में ‘चौकीदार’ शब्द का उल्लेख किया है। अख़बार का शीर्षक है ‘भारत के चौकीदार नरेंद्र मोदी की चुनाव में ऐतिहासिक जीत।’ खबर में मोदी को सबसे ज्यादा ताकतवर लीडर बताने के साथ-साथ उन्हें कठघरे में भी खड़ा किया गया है। अख़बार ने लिखा है ‘मोदी ने खुद को भारत का चौकीदार कहा जबकि अल्पसंख्यकों ने उनकी सरकार में खुद को असुरक्षित महसूस किया। अरबपतियों को फायदा पहुंचाने के साथ-साथ उन्होंने अपने कमजोर पारिवारिक पृष्ठभूमि का बखान किया। इन सभी के बावजूद मोदी ने आधुनिक भारत के इतिहास में अब तक के सबसे मजबूत हिंदू राष्ट्रवाद के सहारे अपनी पार्टी को शानदार जीत दिलाई।’

ब्रिटिश मीडिया ने भी भारतीय चुनाव और भाजपा की जीत को अच्छी तरह कवर किया। डेली मेल ने चुनाव परिणामों पर काफी विस्तृत खबर लगाई, जिसमें मोदी और अमित शाह सहित भाजपा समर्थकों के ख़ुशी मानते कई फोटो थे। अख़बार की हैडलाइन थी, ‘भारत के हिंदू राष्ट्रवादी पीएम ने अपनी पार्टी की प्रचंड जीत पर कहा देश एक बार फिर जीत गया।’ इस खबर में पाकिस्तानी पीएम इमरान खान की मोदी को दी गई शुभकामना का भी जिक्र है।

वहीं, चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है ‘भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव में बड़ी जीत दर्ज करने के बाद समावेशी भारत का वादा किया। अब मोदी सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौतियां रोजगार, कृषि और बैकिंग क्षेत्र होंगे।’ अलजजीरा ने भी भारतीय चुनाव मोदी की जीत को जगह दी। वेबसाइट ने लिखा ‘हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी के गठबंधन ने भारत में जीत हासिल की। मोदी पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं, जो पांच वर्षों के कार्यकाल के बाद दोबारा सत्ता में लौटे हैं।’ जबकि, गल्फ न्यूज ने हैडलाइन के साथ काफी अच्छा प्रयोग किया। ‘TSUNAMO 2.0 SWEEPS INDIA’ शीर्षक के तहत लिखा गया है कि दशकों बाद भाजपा की अभूतपूर्व जीत। साल के शुरुआत में मोदी के सामने राफेल जैसे मुद्दे खड़े किये गए, लेकिन पुलवामा और भारत की बालाकोट में स्ट्राइक के बाद मोदी व अमित शाह ने भाजपा की कहानी नए सिरे से लिख दी।’

पाकिस्तान ने भी भारतीय चुनावों पर करीबी नज़र रखी और भाजपा की जीत को वहां की मीडिया ने प्रमुखता से स्थान दिया। ‘द डॉन’ ने अपने फ्रंट पेज पर तीन कॉलम के काफी लंबे बॉक्स में चुनाव परिणाम की खबर लगाई। सबसे ऊपर श्रीनगर में वोटों की गिनती का फोटो लगाने के बाद अख़बार ने अपने शीर्षक में लिखा ‘मोदी ने दूसरी बार बड़ी जीत हासिल की।’ खबर में ऊपर ही राहुल गांधी की हार और नीचे अलग से मोदी को लेकर इमरान खान की उम्मीद का जिक्र किया गया।

न्यूज वेबसाइट समा टीवी ने मोदी की जीत की खबर के साथ राहुल गांधी की हार पर ज्यादा फोकस किया। वेबसाइट ने लिखा कि हिंदू राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के आम चुनाव में जीत हासिल की और गांधी की सत्ता में वापसी की उम्मीद को चकनाचूर कर दिया। इसी तरह ‘जियो टीवी’ की तरफ से मोदी की जीत पर दो आर्टिकल प्रकाशित किए गए। पहले में मोदी की जीत से अधिक राहुल गांधी की हार पर बात हुई और दूसरे में पीएम मोदी की जीत से ज्यादा इमरान खान को धन्यवाद देने की बात कही गई।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

गांधी परिवार इस ‘चाणक्य’ से लेने जा रहा है गुरुमंत्र

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को करना पड़ा है करारी हार का सामना

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Gandhi Family

लोकसभा चुनावों में बुरी तरह मात खाने के बाद गांधी परिवार काफी पसोपेश में है। ऐसे में कांग्रेस की अगली रणनीति क्या होनी चाहिए, इसे लेकर आज देरशाम सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी अपने सबसे विश्वसनीय नेता प्रणब मुखर्जी से मिलने जा रहे हैं। ये जानकारी वरिष्ठ पत्रकार संतोष भारतीय ने अपने एक विडियो पोस्ट के जरिये दी है। संतोष भारतीय ने बताया है कि वर्तमान परिस्थिति में गांधी परिवार ने प्रणब मुखर्जी के अनुभव का लाभ लेने का मन बनाया है।

देखें विडियो-

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मोदी की जीत पर मराठी अखबार लोकमत ने किया अनूठा प्रयोग

चुनावी कवरेज को लेकर अखबार के नए प्रयोग की हो रही है काफी चर्चा

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Lokmat

लोकसभा चुनाव के परिणामों को सभी अखबारों ने अपने-अपने अंदाज में कवर किया है। सभी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की शानदार जीत को फ्रंट पेज पर रखते हुए कई नए प्रयोग किए हैं। इन सबके बीच मराठी अखबार ‘लोकमत’ (Lokmat) ने भी इस कवरेज को लेकर बहुत ही शानदार प्रयोग किया है। इस प्रयोग की काफी चर्चा हो रही है।

अखबार ने चुनाव परिणाम पर 24 मई को एक स्पेशल इश्यू ‘नमो नमः’ (NAMO NAMAH) निकाला है। अखबार का यह इश्यू काफी प्रभावशाली है, जिसमें फ्रंट पेज पर मोदी की नमस्कार की मुद्रा में बड़ी फोटो ली गई है और उसके नीचे प्रमुख पॉलिटिकल पार्टियों को मिलीं सीटों की संख्या दी गई है। इसके अलावा अंदर के पेजों पर भी इंफोग्राफ और इलस्ट्रेशन के माध्यम से आंकड़ों को दिखाया गया है, ताकि पाठकों को समझने में आसानी रहे। वहीं, इस स्पेशल इश्यू में चुनाव को लेकर विशेषज्ञों के विश्लेषण को भी शामिल किया गया है। 

इस पहल के बारे में ‘लोकमत मीडिया’ के वाइस प्रेजिडेंट (क्रिएटिव और कंटेंट स्ट्रैटेजी) संजीव नायर का कहना है, ‘स्पेशल इश्यू से कवरेज को और बेहतर बनाया जाता है। इसमें ग्राफ और इलस्ट्रेशन के द्वारा चुनावी नतीजों को समझने में आसानी होती है। इसके अलावा इसमें गहराई से विश्लेषण भी शामिल होते हैं।’

अखबार के स्पेशल इश्यू के फ्रंट पेज को आप यहां देख सकते हैं-

 

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अखिलेश यादव ने प्रवक्ताओं पर उतारी हार की खीझ, लिया ये बड़ा फैसला

समाजवादी पार्टी की ओर से मीडिया को चिट्ठी भेजकर दी गई जानकारी

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Akhilesh Yadav

उत्तर प्रदेश की राजनीति में महागठबंधन का प्रयोग फेल हो जाने के बाद अब हर किसी के निशाने पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव हैं। ऐसे में अखिलेश यादव ने अपनी खीज पार्टी के प्रवक्ताओं पर निकाली है। उन्होंने अपने सभी प्रवक्ताओं पर त्वरित कार्यवाही करते हुए उनके मनोनयन को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया है। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी की ओर से मीडिया चैनल्स के ब्यूरोज को भेजे गए लिखित संदेश में ये जानकारी देते हुए कहा गया है कि सपा का पक्ष रखने के लिए पार्टी के किसी भी पदाधिकारी को आमंत्रित न किया जाए।

पार्टी की ओर से मीडिया को भेजी गई चिट्ठी आप यहां पढ़ सकते हैं-

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

आज भी कुछ अलग कर गया ‘द टेलीग्राफ’, देखें अंग्रेजी अखबारों का फ्रंट पेज

लोकसभा चुनाव में मोदी को जीत पर हर अखबार ने दिखाई है अपनी क्रिएटिविटी

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
The Telegraph

देश के भविष्य से जुड़ी सबसे बड़ी खबर को अंग्रेजी अख़बारों ने भी व्यापक स्तर पर प्रकाशित किया है। हर अख़बार ने कुछ अलग करने का प्रयास किया, ताकि ‘मोदी मैजिक’ की तरह उसकी क्रिएटिविटी भी पाठकों को मोहित कर जाए। इस मामले में हर बार की तरह ‘द टेलीग्राफ’ सबसे जुदा रहा। अख़बार ने लोकसभा चुनाव के परिणाम को इस अंदाज़ में पेश किया, जो दूसरों के लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

‘द टेलीग्राफ’ के शुक्रवार के फ्रंट पेज पर कोई फोटो, ग्राफ़िक या कैरिकेचर नहीं है, फिर भी अख़बार ने कमाल कर दिया है। हैडर के नीचे परिणाम के आंकड़े लिखे हैं। मसलन, एनडीए 350, यूपीए 91, अन्य 101। इसके बाद बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा है ‘HE IS BACK।’ इसके ठीक नीचे दी गई सबहेड कहती है ‘उत्तर, पूर्व और पश्चिम में शानदार बढ़त।’ इसके अलावा पहले पेज पर और कुछ नहीं है। जिसे ज्यादा रंग या कंटेंट देखने की आदत है, उसके लिए यह नीरस फ्रंट पेज हो सकता है, लेकिन रचनात्मकता समझने वालों के लिए इसके बहुत मायने हैं।

दूसरे नंबर पर हिन्दुस्तान टाइम्स रहा। अख़बार ने लगभग आधे पेज का नरेंद्र मोदी का ग्राफ़िक दिया है, जिसमें राष्ट्रवाद और विकास को भी दर्शाया गया है। इसके अलावा हिन्दुस्तान टाइम्स की हैडलाइन ‘NaMoMENT’ भी कुछ हटकर है। अख़बार ने फ्रंट पेज को खुला-खुला रखने के लिए ज्यादा कंटेंट नहीं रखा है। ग्राफ के सहारे यह समझाने की कोशिश की गई है कि भाजपा ने 2019 कैसे जीता? इसके साथ ही प्रमुख विपक्षी नेताओं के बयानों को फ्रंट पेज पर जगह मिली है। वैसे शीर्षक के मामले में टाइम्स ऑफ़ इंडिया भी पीछे नहीं है। अख़बार ने लेआउट से ज्यादा तवज्जो कंटेंट को भले ही दी हो, लेकिन लीड हैडलाइन में सारी क्रिएटिविटी को उड़ेल दिया गया है। टाइम्स ऑफ़ इंडिया का शीर्षक है ‘चौकीदार का चमत्कार।’ पूरे चुनाव में ‘चौकीदार’ खूब चला है, इसलिए फाइनल रिजल्ट को इससे जोड़कर हैडलाइन बनाने का प्रयोग अच्छा है।

द हिन्दू का फ्रंट पेज ख़ास आकर्षक नहीं है। इसे परंपरागत रूप से डिज़ाइन किया गया है। नरेंद्र मोदी और अमित शाह के छोटे से फोटो के साथ ग्राफ चुनावी कथा बयां कर रहा है। अख़बार के पहले पेज पर कंटेंट की भरमार है। सामान्य मौकों पर इस तरह की प्रस्तुति चलती है, लेकिन इतने बड़े मौकों के लिए द हिन्दू का फ्रंट पेज आइडियल नहीं लग रहा। अख़बार की हैडलाइन ‘इंडिया गिव मोदी ए हाई फाइव’ भी सामान्य ही कही जा सकती है। इसी तरह डेक्कन क्रोनिकल और द इंडियन एक्सप्रेस के फ्रंट पेज भी ज्यादा असरकारक दिखाई नहीं देते। डेक्कन क्रोनिकल ने परंपरागत डिज़ाइन को प्राथमिकता दी है। यानी हैडलाइन, सबहेड, फोटो और उसके चारों ओर कंटेंट। द इंडियन एक्सप्रेस ने ज़रूर मोदी की एक बड़ी फोटो रखकर फ्रंट पेज को अच्छा दिखाने का प्रयास किया है। हालांकि, अख़बार की हैडलाइन थोड़ा उलझाने वाली है। लीड शीर्षक में कहा गया है ‘मोदी 2.024।’ इसके पीछे अख़बार का जो भी लॉजिक हो, लेकिन सामान्य पाठकों के लिए पहली ही नज़र में इसे समझ पाना थोड़ा मुश्किल है।

यहां देखें इन अखबारों का फ्रंट पेज

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मोदी की शानदार उपलब्धि पर ZEE समूह के पुनीत गोयनका ने जताई ये उम्मीद

लोकसभा चुनाव 2019 में एनडीए को मिला है पूर्ण बहुमत

Last Modified:
Friday, 24 May, 2019
Media Industry

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे आ चुके हैं और इनमें बीजेपी ने शानदार जीत दर्ज करते हुए केंद्र की सत्ता में वापसी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएंगे। मोदी के नेतृत्व में पार्टी ने पहली बार 300 से ज्यादा सीटें जीती हैं। हालांकि एग्जिट पोल में भी मोदी के नेतृत्व में एनडीए को सबसे ज्यादा सीटें दिखाई गई थीं और परिणाम आते ही इस पर मुहर भी लग गई।

बीजेपी की इस बड़ी जीत के बाद केंद्र में बनने वाली नई सरकार को लेकर मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े लोग क्या सोचते हैं और उनकी इस सरकार से क्या अपेक्षाएं हैं? इस बारे में हमारी सहयोगी वेबसाइट ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने इंडस्ट्री से जुड़े कुछ विशेषज्ञों से बात की।

इस बारे में ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd) के एमडी और सीईओ पुनीत गोयनका का कहना है, ‘मेरे विचार से ट्रांसपैरेंसी और टेक्नोलॉजी दो प्रमुख पहलू हैं, जो मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर को आगे ले जाएंगे। सरकार को भी इस दिशा में अपने प्रयास जारी रखने चाहिए। हमारे देश में प्रतिभाओं और रचनात्मकता की भरमार है, जिसे आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत पर मैं उन्हें बधाई देता हूं। कॉरपोरेट जगत को परिवर्तन के इस युग में शामिल होना चाहिए और राष्ट्र को वैश्विक महाशक्ति बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।’

वहीं, ‘मलयाला मनोरमा’ (Malayala Manorma) के वाइस प्रेजिडेंट (सेल्स, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग) वर्गीस चांडी का कहना है,‘मोदी की जीत को लेकर किसी तरह का आश्चर्य नहीं है, पहले से ही अनुमान लगाया जा रहा था कि मोदी ही सत्ता में वापसी करेंगे। हां, बीजेपी और एनडीए के लिए इतने बहुमत से जीतना वाकई आश्चर्यजनक है। पार्टी को पूर्ण रूप से बहुमत मिलने पर यह अपने एजेंडे के अनुसार चल पाएगी और मुझे उम्मीद है कि इससे देश का विकास होगा।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए