‘द क्विंट’ की पत्रकार पूनम अग्रवाल पर FIR के विरोध में उतरे मीडिया संगठन

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।। केरल के जवान रॉय मैथ्यू का स्टिंग करने वाली ‘द क्विंट’ की महिला पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ

Last Modified:
Thursday, 30 March, 2017
poonam

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

nwmiकेरल के जवान रॉय मैथ्यू का स्टिंग करने वाली ‘द क्विंट’ की महिला पत्रकार पूनम अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद बुधवार को महिला पत्रकारों के एक संगठन ने इसकी कड़ी निंदा की है। ‘नेटवर्क ऑफ वीमेन इन मीडिया’ (NWIM) नाम के इस संगठन ने यह मांग कि है ‘द क्विंट’ की पत्रकार पूनम अग्रवाल पर आत्महत्या के लिए उकसाने समेत सभी धाराएं हटाई जाएं।

‘नेटवर्क ऑफ वीमेन इन मीडिया’ देश में मीडिया में काम कर रही प्रोफेशनल महिलाओं का एक फोरम है।

संगठन ने इस चिट्ठी को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और गृह सचिव राजीव महर्षि, महाराष्ट्र के डीजीपी सतीश माथुर और अपन मुख्य सचिव एस.के. श्रीवास्तव को भेजा है।

बता दें कि भारतीय सेना में सहायक सिस्टम पर सवाल उठाने वाले दिवंगत लांस नायक रॉय मैथ्यू के आत्महत्या करने के लगभग एक महीने बाद पत्रकार पूनम अग्रवाल पर आपराधिक केस दर्ज किया गया है। सेना की शिकायत पर उनके खिलाफ शासकीय गोपनीयता कानून और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 306, 451, 500 और 34 के तहत केस दर्ज हुआ है।

अपने स्टिंग में न्यूज वेबसाइट ‘द क्विंट’ की पत्रकार पूनम अग्रवाल ने लांस नायक रॉय का इंटरव्यू किया था, जिसके सामने आने के बाद रॉय ने आत्महत्या कर ली थी। ‘द क्विंट’ ने 24 फरवरी को इस स्टिंग को पब्लिश किया था, जिसमें जवानों के साथ हो रहे बुरे बर्ताव के बारे में बताया गया था। हालांकि इस विडियो में जवानों की पहचान जाहिर नहीं की गई थी, लेकिन विडियो में दिखाए गए जवानों में से एक की मौत होने के बाद ‘द क्विंट’ ने 3 मार्च को इस स्टोरी को हटा दिया था।

NWIM का पूरा खत आप यहां पढ़ सकते हैं:

NWMI demands dropping of cases against journalist Poonam Aggarwal

The NWMI on March 29, 2017, urged various authorities to drop the cases against journalist Poonam Aggarwal. Letters were sent to Rajnath Singh, Union Home Minister; Rajiv Mehrishi, Home Secretary; Satish Mathur, Director General Of Police, Government of Maharashtra and Chief Minister Devendra Fadnavis, and SK Shrivastava, Additional Chief Secretary, Government of Maharashtra.

The text of the letter is as follows:

We, the Network of Women in the Media, India, a forum for women media professionals across the country condemn in the strongest terms the slapping of cases under the Official Secrets Act and abetment to suicide on journalist Poonam Aggarwal for her video in Quint in February this year which sought to expose the exploitative ‘sahayak’ or ‘buddy’ system in the Indian army (the video has since been taken down).

Our objections are:

1. The intent of any journalistic enterprise, including Ms Aggarwal’s is to report on wrong-doings and misconduct in places of power where common citizens who feel scared of voicing their fears or complaints, do so to a journalist. The intent therefore is to strengthen systems and be the voice of the under dogs, in this case, the jawans. The intent is not to compromise national security. 

2. The army cannot make the claim that Poonam Aggarwal was giving out information on the army unless it wishes to make the case that the exploitative ‘sahayak’ or ‘buddy’ system is meant to be an official secret.

3. The army has not established how Poonam Aggarwal's under-cover report released in the public domain on a legitimate and legal news media site can be called "spying."

4. As far as entering a restricted area is concerned, the generally accepted line of inquiry is to establish why this was done. If it is to expose something that is of national interest and in the interest of exposing wrong-doing then it is practiced in India repeatedly and around the world. It does not justify her being charged with a violation of the Official Secrets Act.

5. To charge Poonam Aggarwal with abetting the suicide of Lance Naik Mathew is far-fetched and completely misleading. In this case, the lens should apply to the army, and the inquiry they may have conducted on officers and jawans after Ms Aggarwal’s report was released and the role this may have played. If the police is conducting a fair investigation, this is a question that will need to be answered in the course of the inquiry. 

We would like to state that we are firmly behind Poonam Aggarwal in her quest to seek justice against a system that has turned against her. We also propose that if the army or any individual for that matter would like to raise an objection about a report, they should take it up with the Press Council of India which is the proper forum to address any systemic lapses that may occur in the quest for the truth. We would also like to add that singling out the reporter with no attention to the establishment, The Quint, for which she works and which supported, edited and published her story seems like a disproportionate reaction. 

We urge the government and the army to thoroughly investigate all angles of this case, and withdraw the charges under the Official Secrets Act and the abetting of suicide since they have no sound basis. It is also apparent that the government and the army is focused on Ms Aggarwal in an effort to derail a thorough and much needed debate on the sahayak system. We demand that the issues raised by the report be given the serious attention they deserve. 

Sincerely, 

Ammu Joseph, Bangalore

Anita Cheria, Bangalore

Anjuman Ara Begum, Guwahati

Annie Thomas, Chennai

Anuradha Sharma, Siliguri

Aradhna Wal, Delhi

Avantika Mehta, Delhi

Binita Parikh

Dhanya Rajendran, Bangalore

Geeta Seshu, Mumbai

Kalpana Sharma, Mumbai

Kavitha Muralidharan, Chennai

Kiran Shaheen, Delhi

Laxmi Murthy, Bangalore

Linda Chhakchhuak, Shillong

Minnie Vaid, Mumbai

Neeta Kolhatkar, Mumbai Pushpa Achanta, Bangalore

Padmaja Shaw, Hyderabad

Rajashri Dasgupta, Kolkata

Rajeshwari Ganesan, Delhi Ramya Kannan, Chennai

Raksha Kumar, Bangalore

Ranjitha Gunasekaran, Hyderabad

Revati Laul, Ahmedabad

Rina Mukherji, Kolkata

Sandhya Mendonca, Bangalore

Sandhya Srinivasan, Mumbai

Sandhya Taksale, Pune

Sharmila Joshi, Mumbai

Sonal Kellog, Ahmedabad Vanaja C, Hyderabad

Vasanthi Hariprakash, Bangalore

Representatives of: The Network of Women in Media, India, a forum of more than 300 media professionals from across the country.

March 29, 2017

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भारतीय मुसलमानों को लेकर वरिष्ठ पत्रकार मार्क टुली ने दिया ये बयान

पद्म भूषण से सम्मानित और करीब दो दशक तक ‘बीबीसी’ दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख रहे मार्क टुली ने मैगजीन के लिए लिखे गए लेख में दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र का दिया उदाहरण

Last Modified:
Monday, 23 September, 2019
Mark Tully

जाने-माने पत्रकार मार्क टुली का कहना है कि इस्लामिक देशों के मुकाबले भारत में मुसलमान ‘ज्यादा भाग्यशाली’  हैं, क्योंकि यहां पर वे किसी भी इस्लामिक परंपरा का पालन कर सकते हैं। एक उदाहरण देते हुए पद्म भूषण से सम्मानित और करीब दो दशक तक ‘बीबीसी’ दिल्ली के ब्यूरो प्रमुख रहे मार्क टुली ने कहा कि दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र में, जहां वह रहते हैं, वहां तब्लीगी जमात का मुख्यालय है और वे बेहद ‘सख्त और रूढ़िवादी’  हैं।

उन्होंने कहा कि उसके ठीक बगल में सूफी परंपरा का केंद्र है, जहां लोग निजामुद्दीन औलिया के मकबरे की पूजा करते हैं और कव्वालियां गाते हैं। ‘द इक्वेटर लाइन’ (The Equator Line) मैगजीन के ‘Home and The World’ शीर्षक वाले लेटेस्ट इश्यू में टली के हवाले से लिखा गया है, ‘भारत की सहिष्णुता की भावना उसकी ताकत है, जिससे विभिन्न धर्मों के लिए साथ-साथ मिलजुल कर रहने का माहौल बनता है।’

टुली के अनुसार, ‘भारत काफी अनूठा और सभी धर्मों का घर है, जहां आध्यात्मिकता है। यहां के मुसलमान किसी भी इस्लामिक देश के मुकाबले ज्यादा लकी हैं, क्योंकि वे यहां पर किसी भी इस्लामिक परंपरा का पालन कर सकते हैं।’

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पत्रकार से राजनेता बनीं सुप्रिया श्रीनेत को कांग्रेस ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

करीब छह माह पूर्व टाइम्स नेटवर्क के बिजनेस न्यूज चैनल ‘ईटी नाउ’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर के पद से दिया था इस्तीफा

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Supriya Shrinate

टाइम्स नेटवर्क के बिजनेस न्यूज चैनल ‘ईटी नाउ’ (ET NOW) के एग्जिक्यूटिव एडिटर का पद छोड़कर कांग्रेस का दामन थामने वालीं सुप्रिया श्रीनेत को पार्टी ने अब बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। दरअसल, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता के पद पर नियुक्त किया है।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला की ओर से शनिवार को एक बयान जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुप्रिया की नियुक्ति को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने इस बार के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की महराजगंज सीट से सुप्रिया श्रीनेत को पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया था। इसके बाद सुप्रिय श्रीनेत ने ‘ईटी नाउ’ से इस्तीफा दे दिया था। वह टाइम्स ग्रुप से करीब दस साल से जुड़ी हुई थीं। हालांकि चुनाव में उन्हें भाजपा के पंकज चौधरी से हार का सामना करना पड़ा था। उनके पिता हर्षवर्धन इसी सीट से दो बार सांसद रहे थे।

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अब विदेशी पत्रकारों से मिलेंगे संघ प्रमुख मोहन भागवत, तय हुई तारीख

अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इस कार्यक्रम की विडियो कवरेज की अनुमति मिलेगी या नहीं या केवल बंद कमरे में ही चर्चा होगी

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Mohan Bhagwat

अगर आप किसी भी विदेशी मीडिया समूह के प्रतिनिधि के तौर पर भारत में पत्रकारिता कर रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। दशकों तक मीडिया के लिए पहेली रहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस लगातार समाज के अन्य क्षेत्रों के दिग्गजों ही नहीं, मीडिया के लोगों से भी पिछले कुछ सालों से खुलने में लगा हुआ है और शायद ये पहली बार होगा कि कोई संघ प्रमुख केवल विदेशी पत्रकारों से मिलने के लिए कोई खास कार्यक्रम आयोजित करे।

ये कार्यक्रम 24 सितंबर को दिल्ली के अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में होगा। मोहन भागवत ने पिछले साल भी सितंबर में ‘भविष्य का भारत’ नाम से तीन दिन की एक लेक्चर सीरीज शुरू की थी, जिसमें समाज के विभिन्न हिस्सों से लोग आए थे। इसमें अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी की मौजूदगी चर्चा का विषय बनी थी, क्योंकि वो अपनी फिल्म मंटो का प्रीमियर छोड़कर वहां आए थे।

इस कायर्कम के बारे में आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख अरुण कुमार का कहना है कि, ‘ये कार्यक्रम परस्पर संवाद का है। मोहन भागवतजी इस संवाद में विदेशी मीडिया के पत्रकारों को संघ के कार्य व प्रासंगिक विषयों पर संघ के विचारों से अवगत कराएंगे तथा उनसे इसी संबंध में एक प्रासंगिक चर्चा करेंगे।’ हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि  इस कार्यक्रम की विडियो कवरेज की अनुमति मिलेगी या नहीं या केवल बंद कमरे में ही चर्चा होगी। लेकिन इतना तय है कि उसके बाद कुछ बड़ी हेडलाइंस दुनिया भर के अखबारों, टीवी चैनल्स में बनना तय है।

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गूगल को बाय बोल स्टार इंडिया से जुड़े नितिन बवनकुले, मिली बड़ी जिम्मेदारी

पूर्व में कई बड़ी कंपनियों में निभा चुके हैं भूमिका, ‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ के कंट्री मैनेजर संजय गुप्ता को रिपोर्ट करेंगे

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Nitin-Bawankule

‘स्टार इंडिया’ (Star India) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर है कि  नितिन बवनकुले ने यहां पर हेड (एड सेल्स)  के तौर पर जॉइन किया है। वह एक अक्टूबर से यहां अपनी नई पारी की शुरुआत करेंगे। वह ‘स्टार’ और ‘डिज्नी इंडिया’ के कंट्री मैनेजर संजय गुप्ता को रिपोर्ट करेंगे।   

बता दें कि बवनकुले ‘गूगल क्लाउड इंडिया’ (Google Cloud India) से यहां आए हैं, जहां पर वे कंट्री डायरेक्टर के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। गूगल से वह आठ साल से ज्यादा समय से जुड़े हुए थे। बवनकुले ‘स्टार इंडिया’ में अमित चोपड़ा की जगह लेंगे, जिन्होंने इसी साल मई में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।  

बवनकुले को सेल्स और डिजिटल के क्षेत्र में काम करने का करीब 25 साल का अनुभव है। पूर्व में वह ‘डेल’, ‘मोटोरोला’, ‘व्हर्लपूल इंडिया’ और ‘गोदरेज जी अप्लायंसेज’ जैसे संस्थानों में अपनी भूमिका निभा चुके हैं। बवनकुले ने विश्वेश्वरैया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद बेंगलुरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से मार्केटिंग और फाइनेंस में एमबीए की पढ़ाई भी की है।   

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मीडिया इंडस्ट्री के लिए कैसे फायदे का सौदा होगा ये सरकारी कदम, पढ़ें यहां

एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी का सामना कर रहे अखबार, टीवी और मीडिया के अन्य सेगमेंट्स के लिए यह काफी अच्छी खबर है

Last Modified:
Saturday, 21 September, 2019
Media

कारोबारियों को राहत देने के उद्देश्य से वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा कारपोरेट टैक्स में कटौती किए जाने की घोषणा का फायदा मीडिया जगत को भी मिलने वाला है। दरअसल, सरकार ने शुक्रवार को बेसिक कॉरपोरेट 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया है। घरेलू कंपनियों पर बिना किसी छूट के इनकम टैक्स 22 फीसदी होगा, जबकि सरचार्ज और सेस जोड़कर प्रभावी दर 25.17 फीसदी हो जाएगी। मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में कमी का सामना कर रहे अखबार, टीवी और मीडिया के अन्य सेगमेंट्स के लिए यह काफी अच्छी खबर है।

अंग्रेजी वेबसाइट ‘लाइवमिंट’ (Livemint) में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, इस बारे में ‘डेलायट इंडिया’ (Deloitte India) के पार्टनर जेहिल ठक्कर का कहना है, ‘सरकार के इस फैसले से मीडिया इंडस्ट्री को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरह से फायदा होगा। डायरेक्टली फायदा इस तरह होगा कि टैक्स में कमी आने से संकट के इस दौर में इंडस्ट्री में कैश का ज्यादा फ्लो होगा। इनडायरेक्टली फायदा ये होगा कि नए प्रॉडक्ट लॉन्च हो सकते हैं अथवा नई कंपनी शुरू हो सकती हैं, जो आने वाले समय में विज्ञापन में बढ़ोतरी का कारण बन सकती हैं।’

ऑडिट एवं परामर्श देने वाली कंपनी केपीएमजी (KPMG) ने पिछले दिनों मीडिया और एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री (M&E) से जुड़ी जो रिपोर्ट जारी की थी, उसके अनुसार कुल एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में प्रिंट मीडिया का जो शेयर वित्तीय वर्ष 2018 (FY18) में 35 प्रतिशत था, वह वर्ष 2019 में घटकर 32 प्रतिशत रह गया है। वहीं, ‘फिक्की-ईवाई’ (FICCI-EY) की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूजपेपर्स का एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू एक प्रतिशत बढ़ा है, जबकि मैगजींस के एडवर्टाइजिंग रेवेन्यू में आठ प्रतिशत की गिरावट हुई है।

जनवरी की शुरुआत में, सूचना प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने ब्यूरो ऑफ आउटरीच एंड कम्यूनिकेशन द्वारा प्रिंट मीडिया को दिए जाने वाले विज्ञापनों की दरों में 25 प्रतिशत की वृद्धि कर दी थी। इसके बाद प्राइवेट टीवी चैनल्स के लिए एडवर्टाइजिंग की दरों में 11 प्रतिशत बढ़ोतरी की गई थी।   

अब कॉरपोरेट टैक्स में कटौती किए जाने की सरकार की घोषणा के बारे में ‘जी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड’ (Zee Entertainment Enterprises Ltd) के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर पुनीत गोयनका का कहना है, ‘कॉरपोरेट टैक्स में 25 प्रतिशत की कमी किया जाना वास्तव में काफी अच्छा कदम है। इससे भारतीय कंपनियों को काफी फायदा होगा।’

वहीं, ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) समूह के प्रमोटर डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल का कहना है, ‘टैक्स में कमी किए जाने से प्रॉफिट बढ़ेगा और बिजनेसमैन के हाथों में पैसा आएगा, जिससे वे आगे निवेश करेंगे। इसका आर्थिक विकास पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।’

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डॉक्टर का यह सवाल सुनते ही रफूचक्कर हुआ अस्पताल में हंगामा कर रहा ‘पत्रकार’

इलाज के लिए राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचा था खुद को पत्रकार बता रहा युवक, धमका रहा था स्टाफ को

Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Journalist

खुद को पत्रकार बताकर अस्पताल कर्मियों को धमका रहा युवक उस समय बैकफुट पर आ गया, जब कार्यवाहक पीएमओ ने उससे पहचान पत्र मांग लिया। पहले तो युवक तमाम बहाने बनाता रहा, फिर मौका देखकर वहां से रफूचक्कर हो गया।

यह मामला है राजस्थान में बांसवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल का, जहां गुरुवार सुबर एक युवक इलाज के लिए पहुंचा था। उस दौरान सभी डॉक्टर्स वार्डों में मरीजों को देखने के लिए गए हुए थे। ऐसे में सीट पर डॉक्टरों को न पाकर युवक भड़क गया और खुद को पत्रकार बताते हुए नर्सिंग स्टाफ को धमकाने के साथ ही हंगामा करने लगा।

शोरशराबा सुनकर कार्यवाहक पीएमओ डॉ. सर्वेश बिसारिया मौके पर पहुंचे और हंगामे की वजह पूछी। युवक ने अपना नाम रणजीत सिंह बताते हुए खुद को पत्रकार बताया। इस पर डॉ. सर्वेश ने युवक से पहचान पत्र दिखाने को कहा। पहचान पत्र मांगते ही युवक बैकफुट पर आ गया और खुद को पत्रकार का दोस्त बताने समेत तमाम बहाने करने लगा। इसके बाद वह मौका देखकर वहां से चला गया।

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विधायक के दफ्तर में हुई पत्रकारों की पिटाई, जानें पूरा मामला

किसी मामले में शिकायत करने के लिए अपने साथियों के साथ विधायक के कार्यालय गए थे पत्रकार

Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
Attack

पत्रकारों पर हमले का एक और मामला सामने आया है। यह मामला उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के लोनी इलाके का है, जहां पर कुछ लोगों ने बीजेपी विधायक के दफ्तर में घुसकर पत्रकारों की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट में घायल एक पत्रकार को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बताया जाता है कि लोनी में बलराम नगर स्थित स्टेट बैंक के पास बीजेपी विधायक नंद किशोर गुर्जर का ऑफिस है। यहां कुछ पत्रकार एक मामले में शिकायत करने पहुंचे थे। तभी 5-6 बदमाशों ने उनकी जमकर पिटाई कर दी। घटना के बाद पत्रकारों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। बॉर्डर थाना प्रभारी शैलेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया कि पत्रकार सरताज खान ने शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दरअसल, बुधवार को अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान पत्रकार शौकत अली वहां फोटोग्राफी कर रहे थे। इसी बीच एसडीएम के गनर द्वारा रोके जाने पर उनके साथी पत्रकार सरताज खान का गनर से विवाद हो गया। आरोप है कि इस पर गनर ने सरताज के साथ अभद्रता कर दी।

नाराज दोनों पत्रकार अपने कुछ साथियों के साथ गुरुवार को विधायक के कार्यालय पहुंचे थे। वहां विधायक के प्रतिनिधि ललित शर्मा ने कार्यालय में विधायक के न होने की सूचना दी और इंतजार करने के लिए कहा। आरोप है कि ललित शर्मा के बाहर जाते ही कुछ नकाबपोश बदमाश दफ्तर में घुसे और हॉकी-डंडों से सरताज खान और शौकत अली के साथ मारपीट की। वहीं, इस मामले में विधायक नंद किशोर गुर्जर का कहना है कि अपने दफ्तर में पत्रकारों के साथ मारपीट की घटना से वह स्तब्ध हैं। उन्होंने आशंका जताई कि शायद पत्रकारों का बाहर विवाद हुआ हो।

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पत्रकारों को लेकर प्रज्ञा ठाकुर के बिगड़े बोल, हो रहा विरोध

बयान से गुस्साए पत्रकारों ने प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांगने के साथ ही बीजेपी आलाकमान से उन्हें पार्टी से निकालने की मांग उठाई है

Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Pragya Thakur

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वालीं व भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर नए विवाद में फंस गई हैं। अब उन्होंने पत्रकारों को बेईमान बता दिया है। प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर पत्रकार काफी गुस्सा हैं और उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। इसके साथ ही पत्रकारों ने बीजेपी आलाकमान से प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से निकालने की मांग भी उठाई है।

दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर ने ये बयान मंगलवार को सीहोर जिले की यात्रा के दौरान दिया। यहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 69वें जन्मदिन पर फलों का वितरण करने आई थीं। पत्रकारों ने मध्य प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुददों पर उनकी टिप्पणी चाही थी। इस पर प्रज्ञा का हंसते हुए कहना था, ‘एक भी ईमानदार नहीं है। हां हम बोल रहे हैं, सुनो तुम्हारी तारीफ, जितने भी सीहोर के मीडियावाले हैं, सब बेईमान हैं।’

प्रज्ञा ठाकुर की इस टिप्पणी पर पत्रकार गुस्सा हो गए। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों के एक समूह ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कैसे मीडियाकर्मियों को बेईमान बताया, वह आप इस विडियो में देख सकते हैं। 

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वरिष्ठ पत्रकार सायना धेनुगारा ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर किताब भी लिख चुकी हैं सायना धेनुगारा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Syna

‘सीएनबीसी-टीवी18’ (CNBC-TV18) की फीचर एडिटर सायना धेनुगारा ने अब अपने करियर को नई दिशा दी है। उन्होंने बेंगलुरु के स्टार्ट अप ‘लेट्सवेंचर’ (LetsVenture) में बतौर चीफ ब्रैंड ऑफिसर जॉइन किया है। यह एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है। अपनी नई भूमिका में धेनुगारा ‘लेट्सवेंचर’ के फाउंडर्स शांति मोहन और संजय झा के साथ ही सीनियर लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम करेंगी।   

‘CNBC-TV18’ में रहते हुए धेनुगारा टेक्नोलॉजी, नई अर्थव्यवस्था, पॉलिसी प्रभाव पर काम करने के साथ ही स्टार्ट अप्स व एंटरप्रिन्योरशिप पर बने शो ‘यंग टर्क्स’ को भी संभाल चुकी हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के करियर में वह ‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर ‘Young Turks-Inspiring Stories of Tech Entrepreneurs’ के नाम से किताब भी लिख चुकी हैं। इस किताब में ऊंचा मुकाम पाने वाले 13 एंटरप्रिन्योर की प्रेरक कहानियां हैं।

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लाइव डिबेट में पैनलिस्ट के साथ हुआ कुछ ऐसा, विडियो वायरल

कश्मीर के मुद्दे पर चल रही थी चर्चा, विडियो वायरल होने के साथ ही सोशल मीडिया पर जमकर उड़ाया जा रहा है मजाक

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Debate Show

कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के ‘GTV’ टेलिविजन चैनल पर हो रही लाइव डिबेट के दौरान एक पैनलिस्ट अचानक अपनी कुर्सी से लड़खड़ाकर गिर पड़ा। इस घटना से जुड़े विडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इस पैनलिस्ट को निशाने पर ले लिया और जमकर मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।

कुछ लोगों ने तो इसकी तुलना कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के दौरान पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख रशीद को लगे करंट से कर दी। कुछ लोगों ने मजाक में यह भी कहना शुरू कर दिया है कि जरूर इस पैनलिस्ट ने भी मोदी का मजाक उड़ाया होगा।  

पाकिस्तान की पत्रकार @nailainayat (नायला इनायत) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस विडियो को शेयर किया है। आप भी इस विडियो को यहां देख सकते हैं।

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