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पत्रकारिता के नाम पर आंखों में धूल झोंकना नहीं होगा आसान, सरकार उठाने जा रही है ये कदम
अभी तक कई ऐसे लोगों ने भी बनवा ऱखे हैं प्रेस कार्ड, जिनका पत्रकारिता जगत से दूर-दूर तक कोई लेन-देना नहीं है। ऐसे में कई बार असली पत्रकारों को भी करना पड़ता है परेशानी का सामना
समाचार4मीडिया ब्यूरो 6 years ago
मीडिया में असामाजिक तत्वों के प्रवेश से चिंतित सूचना-प्रसारण मंत्रालय (MIB) अब पत्रकारों के लिए नई नियमावली लागू करने की तैयारी में जुटा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ पत्रकारों की वजह से पत्रकारिता पर सवाल उठते हैं, इसलिए अब समाचार पत्रों के रजिस्ट्रेशन से लेकर अखबार/मैगजीन, टीवी चैनल और न्यूज एजेंसी द्वारा जारी प्रेस कार्ड के लिए नई नियमावली तैयार की जा रही है। हालांकि मौजूदा नियमावली में संशोधन पर भी विचार किया जा रहा है। .
मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो नई नियमावली के तहत सूचना-प्रसारण मंत्रालय अखबार/मैगजीन के पंजीकरण के लिए आवेदक की शैक्षणिक योग्यता पत्रकारिता में डिग्री की शर्त अनिवार्य करने जा रहा है। इसके अलावा प्रेस कार्ड जारी करने को लेकर भी नियमावली में संशोधन किया जाएगा। अभी तक इस बारे में कोई नियमावली न होने से कई ऐसे लोगों ने भी प्रेस कार्ड बनवा रखे हैं, जिनका पत्रकारिता से दूर-दूर तक नाता नहीं है। ऐसे में पता नहीं चल पाता कि कौन असली पत्रकार है और कौन खाली प्रेस कार्ड लेकर घूम रहा है। इस चक्कर में कई बार असली पत्रकार भी परेशान हो जाते हैं। नए नियम लागू होने पर इस तरह की स्थिति से बचा जा सकेगा।
इसके लिए अखबारों, न्यूज एजेंसियों और टीवी चैनल के रिपोर्टर के लिए संबंधित जिला मजिस्ट्रेट की स्वीकृति के साथ ही पुलिस वैरीफिकेशन होने के बाद जिला सूचना एवं लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस कार्ड और प्रेस स्टीकर जारी किए जाने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अखबारों/मैगजींस के पब्लिशर्स और संपादक का कार्ड सूचना-प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी किया जाएगा। नई नियमावाली के अनुसार प्रेस कार्ड की खरीद-फरोख्त और प्रेस लिखे वाहनों पर पुलीस-प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके साथ ही जिन अखबारों/मैगजींस ने तीन साल से अपनी वार्षिक रिपोर्ट जमा नहीं करवाई है, सरकार की ओर से उनका प्रकाशन बंद कराया जा सकता है। बताया तो यहां तक जा रहा है कि किसी भी क्षेत्र से अपना प्रतिनिधि नियुक्त करने वाले अखबार, न्यूज चैनल्स अथवा न्यूज एजेंसियों को जिला मजिस्ट्रेट के यहां आवेदन करना होगा। जिला सूचना और संपर्क अधिकारी अपनी रिपोर्ट में दिखाएंगे कि अखबार, न्यूज चैनल्स अथवा न्यूज एजेंसियों को इस क्षेत्र से प्रतिनिधि की जरूरत है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस संबंध में पुलिस का कहना है कि नई नियमावली लागू होने के बाद प्रेस लिखे सभी वाहनों की जांच की जायेगी और जो भी सूचना जनसम्पर्क विभाग की लिस्ट में नहीं होगा, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।
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