यौन शोषण का मास्टरमाइंड निकला 3 अखबारों का मालिक...

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुए यौन शोषण मामले को लेकर एक बड़ा खुलासा...

Last Modified:
Wednesday, 01 August, 2018
brajesh thakur

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित बालिका गृह में हुए यौन शोषण मामले को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में ब्रजेश ठाकुर नाम के जिस मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया है वह दरअसल हिंदी, अंग्रेजी और उर्दू में प्रकाशित होने वाले तीन अखबारों का मालिक है। उस पर इन अखबारों की कुछ प्रतियां छपवाकर बड़े-बड़े सरकारी विज्ञापन पाने में कामयाब होने का भी आरोप लगा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रजेश तीन अखबारों मुजफ्फरपुर से प्रकाशित एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र ‘प्रात: कमल’, पटना से प्रकाशित एक अंग्रेजी अखबार ‘न्यूज नेक्स्ट’ और समस्तीपुर जिला से उर्दू में प्रकाशित एक अखबार ‘हालात-ए-बिहार’ से प्रत्यक्ष या परोक्ष से जुडा हुआ है।

ब्रजेश ठाकुर के अखबार ‘प्रातः कमल’ की हर रोज कुल 300 कॉपी छपा करती थीं, लेकिन उसने अखबार का सर्कुलेशन 60 हजार से ज्यादा का बताया हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रातः कमल अखबार को बिहार सरकार से सालाना 30 लाख रुपए का विज्ञापन मिलता था।

जांच टीम के मानें तो, ठाकुर के इस अखबार में काम करने के लिए न तो पर्याप्त स्टाफ था और ना ही अच्छी प्रिंटिंग मशीन। तीनों अखबारों में केवल कंप्यूटर ऑपरेटर, समाचार संपादक, ब्रजेश ठाकुर की बेटी निकिता आनंद और बेटे राहुल आनंद ही काम कर रहे थे। तीनों ही अखबार उसी परिसर में छपते थे, जिसमें शेल्टर होम चल रहा था।

बता दें कि ब्रजेश ने प्रात: कमल में अपना नाम विशेष संवाददाता के तौर पर रजिस्टर किया हुआ है, उसके बेटे राहुल आनंद न्यूज नेक्स्ट के संवाददाता और हलात-ए-बिहार के संवाददाता के रूप में एक शाईस्ता परवीन तथा संपादक के रूप में रामशंकर सिंह का नाम दर्शाया गया है। ब्रजेश को पीआईबी और राज्य सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (आईपीआरडी) दोनों से मान्यता प्राप्त पत्रकार का दर्जा प्राप्त था, जो कि उनके खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद उनकी मान्यता दोनों जगहों से रद्द कर दी गई।

गौरतलब है कि ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर का रहने वाला है और उनके पिता राधामोहन ठाकुर ने साल 1982 में मुजफ्फरपुर से हिंदी अखबार 'प्रातः कमल' की शुरुआत की थी। पिता की मौत के बाद यह अखबार ब्रजेश ठाकुर ने संभाल लिया। इस दौरान प्रॉपर्टी और राजनीति के क्षेत्र में भी ब्रजेश ठाकुर ने हाथ आजमाया। साल 1993 में ब्रजेश ठाकुर आनंद मोहन की पार्टी बिहार पीपल्स पार्टी में शामिल हो गया। यहां से उसने आनंद मोहन के जरिए आरजेडी और जेडीयू में पैठ बनाई। ब्रजेश मुजफ्फरपुर की कुढ़नी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुका है, जिसमें उसे लगातार दो बार हार का सामना करना पड़ा।साल 2012 में ब्रजेश ठाकुर ने न्यूज नेक्स्ट नाम से अंग्रेजी अखबार शुरू किया। साल 2013 में उसने सेवा संकल्प एवं विकास समिति नाम से एनजीओ बनाया और इसी एनजीओ के जरिए उसने बालिका गृह की शुरुआत की। बिहार सरकार ने इस एनजीओ को बालिक गृह के अलावा कई और भी काम सौंपे थे। एनजीओ को बालिका गृह, वृद्धाश्रम, अल्पावास गृह, स्वाधार गृह और खुला आश्रम चलाने के लिए बिहार सरकार हर साल 1 करोड़ रुपए देती थी। इसी बीच ठाकुर ने उर्दू अखबार हालात-ए-बिहार की शुरुआत भी की।

 

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