गोयनका अवॉर्ड्स: किस पत्रकार को मिला कौन सा अवॉर्ड, देखें यहां

पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वालों को इंडियन एक्सप्रेस समूह की ओर से...

Last Modified:
Saturday, 05 January, 2019
RAMNATH GOENKA AWARDS

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

पत्रकारिता के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने वालों को इंडियन एक्सप्रेस समूह की ओर से दिए जाने वाले रामनाथ गोयनका अवॉर्ड्स 4 जनवरी, 2019 को दिए गए। यह अवॉर्ड्स का 13वां संस्करण था, जिसमें 18 श्रेणियों में प्रिंट, ब्रॉडकास्ट और डिजिटल मीडिया के 29 पत्रकारों को वर्ष 2017 के दौरान किए गए उनके उल्ले‍खनीय कार्यों के लिए यह अवॉर्ड्स दिए। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने विजेताओं को यह अवॉर्ड्स प्रदान किए।

कार्यक्रम में राजनाथ सिंह ने आपातकाल के दिनों का स्मरण करते हुए दिवंगत रामनाथ गोयनका को याद किया। उन्होंने बताया कि एक बार भीषण दबाव के चलते रामनाथ गोयनका ने अखबार ही बंद करने का फैसला ले लिया था। अगर वह उस समय झुक जाते तो इंडियन एक्सप्रेस एक पेपर तो कहा जाता, लेकिन विश्वसनीय न्यूजपेपर नहीं बन पाता।

गौरतलब है कि रामनाथ गोयनका अवॉर्ड्स की शुरुआत एक्सप्रेस समूह ने अपने संस्थापक रामनाथ गोयनका की याद में वर्ष 2006 में की थी। इस पुरस्कार का मकसद पत्रकारिता में उत्कृष्टता, साहस और प्रतिबद्धता की पहचान करना और पूरे देश के पत्रकारों के असाधारण योगदान को सबके सामने लाना है। इस अवॉर्ड के तहत प्रत्येक विजेता को एक ट्रॉफी और एक लाख रुपए दिए जाते हैं।

विजेताओं की पूरी लिस्ट आप यहां देख सकते हैं-

Namrata Biji Ahuja
The Week
REPORTING FROM J&K AND THE
NORTHEAST - PRINT

 

Rikynti Marwein
Highland Post
REPORTING FROM J&K AND THE NORTHEAST - PRINT

 

Amit Kumar Singh
Thewire.in
HINDI - PRINT

 

Sandeep Ashok Acharya
Loksatta
REGIONAL LANGUAGES - PRINT

 

Nishant Dattaram
SarwankarLoksatta
REGIONAL LANGUAGES - PRINT

 

Sandhya Ravishankar
Thewire.in
ENVIRONMENTAL REPORTING - PRINT

 

Parth Meena Nikhil
Ruralindiaonline.com
UNCOVERING INDIA INVISIBLE - PRINT

 

Team Reuters
Thomson Reuters
BUSINESS & ECONOMIC JOURNALISM - PRINT

 

Sushant Kumar Singh
The Indian Express
POLITICAL REPORTING - PRINT

 

Nitin Sharma
The Indian Express
SPORTS JOURNALISM - PRINT

 

Daksh Panwar
The Indian Express
SPORTS JOURNALISM - PRINT

 

Mridula Chari
Scroll.in
ON THE SPOT REPORTING - PRINT

 

Vijay Kumar S
The Hindu
INVESTIGATIVE REPORTING - PRINT

 

Dipankar Ghose
The Indian Express
FEATURE WRITING - PRINT

 

Annie Gowen
The Washington Post
FOREIGN CORRESPONDENT COVERING INDIA - PRINT

 

Gulab Kothari
Rajasthan Patrika
COMMENTARY AND INTERPRETATIVE WRITING - PRINT

 

Shalini Nair
The Indian Express
CIVIC JOURNALISM - PRINT

 

Tashi Tobgyal
The Indian Express
PHOTO JOURNALISM - PRINT

 

Milan Vaishnav
BOOKS
(NON-FICTION) - PRINT

 

Zaffar Iqbal
NDTV India
REPORTING FROM J&K AND
THE NORTHEAST - Broadcast


Abhisar Sharma
ABP News
HINDI - Broadcast

 

M Gunasekaran
News 18 Tamil Nadu
REGIONAL LANGUAGES - Broadcast

 

Sushil Chandra Bahuguna
NDTV India
ENVIRONMENTAL REPORTING - Broadcast

 

Pratima Mishra
ABP News
UNCOVERING INDIA INVISIBLE - Broadcast

 

Sushil Kumar Mohapatra
NDTV India
BUSINESS & ECONOMIC JOURNALISM - Broadcast

 

Brajesh Rajput
ABP News
POLITICAL REPORTING - Broadcast

 

Moumita Sen
India Today TV
SPORTS JOURNALISM - Broadcast

 

Jagwinder Patial
ABP News
ON THE SPOT REPORTING - Broadcast

 

Anand Kumar Patel
India Today TV
INVESTIGATIVE REPORTING - Broadcast

 

Aanchal Magazine
The Indian Express
SANJIV SINHA MEMORIAL AWARD FOR EXCELLENCE IN REPORTING - 2017 - Internal Awards

 

Ram Sarangan
The Indian Express
PRIYA CHANDRASHEKHAR MEMORIAL AWARD FOR EXCELLENCE IN EDITING - 2017 - Internal Awards
 

 

 

 

 

 

 

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इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया, मोबाइल की दुनिया में क्यों जरूरी है सीधा संवाद

दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े दिग्गजों ने रखे अपने विचार

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Dr. Anurag Batra

आजकल स्मार्टफोन का जमाना है। ऐसे में लोगों का एक-दूसरे से संवाद करने का तरीका भी बदल गया है। लोग अब फेस टू फेस बातचीत करने के बजाय वॉट्सऐप और ईमेल पर ज्यादा संवाद करते हैं। ज्यादा से ज्यादा वे फोन कॉल कर लेते हैं। व्यवहार में इस तरह का व्यवहार कार्यस्थल के साथ ही निजी जिंदगी में भी असर डाल रहा है। इन्हीं तमाम मुद्दों पर चर्चा करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली के ‘द ललित’ (The Lalit) होटल में शुक्रवार को ‘WIYLD’ की ओर से 'Real Conversations in Digital Age' पर एक कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में इस बात पर भी चर्चा की गई कि फेस टू फेस संवाद न करने का कितना विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

इस मौके पर कॉरपोरेट जगत के साथ ही वरिष्ठ पत्रकार, मनोवैज्ञानिक, ब्रैंड्स और मार्केटिंग से जुड़े दिग्गजों ने इस बारे में अपने-अपने विचार रखे। सभी का कहना था कि आज के समय में सोशल मीडिया एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है, लेकिन किसी व्यक्ति से मिलकर बातचीत करने का अपना महत्व है। इससे उन व्यक्तियों के बीच मजबूत भावनात्मक रिश्ता बनता है जो वॉट्सऐप, फेसबुक, इंस्टाग्राम पर मुश्किल है।

इस मौके पर ‘बिजनेस वर्ल्ड’ और ‘एक्सचेंज4मीडिया’ के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा का कहना था कि लगातार संवाद की वजह से ही उन्हें मजबूत निजी और बिजनेस रिलेशनशिप बनाने में मदद मिली है। उनका कहना था कि वह आगे बढ़कर लोगों से संवाद शुरू करने में किसी तरह की झिझक महसूस नहीं करते हैं, फिर चाहे वह मॉल हो, रेस्तरां हो अथवा फ्लाइट हो। युवाओं को सलाह देते हुए डॉ. अनुराग बत्रा का कहना था, ‘किसी भी तरह की झिझक छोड़ दें और अजनबियों के साथ बातचीत करने की अपनी स्टाइल डेवलप करें। आपको तब काफी आश्चर्य होगा और अच्छा लगेगा, जब सामने वाले से भी आपको काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी।’

जानी-मानी मनोवैज्ञानिक डॉ. रोमा कुमार का कहना था, ‘रिसर्च से पता चलता है कि दुनियाभर में अच्छी इनकम वाली 75 प्रतिशत नौकरियां सोशल कनेक्ट्स के द्वारा मिलती हैं। मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि सोशल कनेक्शन होना बहुत जरूरी है। इससे आप तमाम तरह की बीमारियों से भी बचे रह सकते हैं।’ डॉ. रोमा कुमार ने समाज में डिप्रेशन के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई। उन्होंन कहा कि लोगों में संवाद की कमी बढ़ने से अकेलेपन के मामले भी बढ़ रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान ‘WIYLD’ के सीईओ और को-फाउंडर रितु कुमार ओझा का कहना था, ‘स्मार्ट फोन से विभिन्न उम्र के लोगों का व्यवहार बदल रहा है। सोशल मीडिया हमें बनावटी चेहरे दिखाता है, जिसमें व्यक्ति को अपने आसपास की सभी चीजें अच्छी लगती है। ऐसे में लोग वास्तविक दुनिया में संवाद करने से दूर होने लगते हैं, क्योंकि आपको नहीं पता होता है कि सोशल मीडिया के बाहर क्या हो रहा है और कैसे वहां पर आपको तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना है।’

संवाद के दौरान स्टोरीटैलिंग के इस्तेमाल पर जोर देते हुए बीजेपी प्रवक्ता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री की सलाहकार श्वेता शालिनी का कहना था, ‘हमें स्टोरीटैलिंग पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। जब मैं छोटी थी तो मेरे पिताजी विभिन्न कहानियों के माध्यम से मुझे ईमानदारी और देशसेवा की बात बताया करते थे और अपने बच्चों को भी मैं इसी तरीके से समझाती हूं।’

यह पूछे जाने पर कि लोग लगातार स्क्रीन पर कैसे दिखते हैं, उन्होंने कहा, ‘किसी भी कंवर्शेसन के दौरान लगातार उस पर ध्यान देना लग्जरी होती जा रही है। सोशल मीडिया पर अगले अपडेट के लिए लगातार अपने फोन को चेक करते रहना हमारे कंवर्शेसन को हमारी आत्मा से काफी दूर ले जाता है।’ कार्यक्रम में मौजूद सभी पैनलिस्ट इस बात से सहमत थे कि सार्थक बातचीत की कमी का बिजनेस पर काफी प्रभाव पड़ रहा है और इस दिशा में बदलाव लाने की जरूरत है।

‘Growthsqapes’ के फाउंडर सात्यकी भट्टाचार्जी का कहना था कि लीडरशिप के लिए सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक किसी भी लीडर का लगातार संवाद में शामिल होना होता है। यदि लीडर्स लोगों को प्रेरित करने में और सार्थक बातचीत करने में विफल रहते हैं तो वे अच्छे नेतृत्वकर्ता नहीं बन सकते हैं। वहीं, ‘Ishwa Consulting’ के फाउंडर और मैनेजिंग पार्टनर अरविंद पंडित का कहना था कि किसी भी लीडर के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह अपनी टीम से ज्यादा से ज्यादा संवाद करता रहे और उनसे जुड़ा रहे, इससे बिजनेस में बेहतर रिजल्ट्स मिलते हैं।

संवाद के तरीके के महत्व के बारे में सीनियर बिजनेस लीडर शुभ्रांशु नियोगी (Subhrangshu Neogi) ने कहा, ‘लगातार संवाद होते रहना किसी भी संस्थान की आत्मा और उसका दिल है। हमेशा अपने स्टैकहोल्डर्स और कंज्यूमर्स से संवाद बनाए रखें। सकारात्मक संवाद के परिणाम भी अच्छे आते हैं। ऐसे में संवाद को हमेशा प्रोत्साहित करते रहना चाहिए।’ हार्वर्ड द्वारा लगातार 80 साल तक की गई स्टडी में पाया गया कि पैसे और प्रसिद्धि से ज्यादा रिश्ते लोगों को जीवनभर खुश रखते हैं। पैनल में शामिल विशेषज्ञों का सुझाव था कि सकारात्मक बातचीत से ही रिश्तों को और मजबूत व सार्थक बनाया जा सकता है।

‘माइक्रोसॉफ्ट इंडिया’ (Microsoft India) के पूर्व डायरेक्टर (मार्केटिंग) पुनीत मोदगिल (Punit Modhgil) का कहना है, ‘टेक्नोलॉजी ने हमारी जिंदगी बदल दी है लेकिन इसका इस्तेमाल संवेदनशील रूप से करने की जरूरत है। मोबाइल ने हमारे संवाद करने के तरीके पर काफी प्रतिकूल प्रभाव डाला है और इसका रिश्तों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। आने वाले समय में यह ब्रैंड्स को भी प्रभावित करेगा।’ ‘Deloitte’ कंपनी द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भावनात्मक लगाव रिश्ते को और आगे बढ़ाता है, जबकि तर्कसंगत विचार इन्हें कम महत्वपूर्ण बनाते हैं। किसी भी ब्रैंड के लिए अपने ऑडियंस से भावनात्मक रूप से जुड़ना काफी महत्वपूर्ण होता है। इससे लोगों का उस ब्रैंड में भरोसा बढ़ता है और ब्रैंड को आगे बढ़ने व लोकप्रिय बनने में मदद मिलती है।    

इस मौके पर कॉलेज के एक छात्र के सवाल का जवाब देते हुए ‘सिटी बुक लीडर्स’ (City Book Leaders) के चीफ क्यूरेटर और फाउंडर मोहित गुप्ता ने कहा, ‘मनुष्यों के लिए किताबें हमेशा से सार्थक स्टोरीज और संवाद का एक माध्यम रही हैं। अच्छी-अच्छी किताबें पढ़ें और उन लोगों को सुनें जो किताबें पढ़ते हैं।

हम लोगों के साथ जो बातचीत करते हैं, उसकी क्वालिटी का हमारे एनर्जी लेवल पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ‘परिवर्तन प्रबंधन और व्यापार स्थिरता’ (change management and business sustainability) के बारे में आईआईएम लखनऊ के प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार का कहना है, ‘जब आप क्लास में पढ़ाने के दौरान छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद करते हैं तो पूरे दिन पॉजीटिव एनर्जी से भरे रहते हैं। हम ऑनलाइन एजुकेशन प्रोग्राम में इस चीज को काफी मिस करते हैं।’ विद्यार्थियों के व्यवहार में आ रहे बदलावों के बारे में डॉ. सुशील कुमार ने कहा, ‘वर्तमान में विद्यार्थी ज्ञान अर्जित करने के बजाय अच्छे ग्रेड लाने पर ज्यादा फोकस करते हैं।’

अमेरिका में पांच हजार लोगों पर हुए एक सर्वे में पाया गया है कि 1985 के बाद से करीबी दोस्त न होने के मामले में अमेरिकियों की संख्या तीन गुना बढ़ चुकी है। जिन लोगों को सर्वे में शामिल किया गया, उनमें से लगभग एक चौथाई ने किसी पर भी अपना भरोसा न होने की बात कही।

 

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टीवी पत्रकार मानक गुप्ता ने सीएम को दी ये नसीहत

बिजली कटौती के खिलाफ विडियो पोस्ट करने को लेकर पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई का ट्वीट कर जताया विरोध

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Manak Gupta

‘न्यूज24’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर और सीनियर एंकर मानक गुप्ता सोशल मीडिया पर चर्चा का सबब बने हुए हैं। इस चर्चा का कारण उनका वह ट्वीट है, जिसमें उन्होंने बिजली कटौती के बारे में सोशल मीडिया पर एक विडियो पोस्ट करने वाले डोंगरगांव निवासी मांगेलाल अग्रवाल नामक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उस पर राजद्रोह की कार्रवाई किए जाने को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार की कड़ी आलोचना की। अपने इस ट्वीट में मानक गुप्ता का कहना था कि चिलचिलाती गर्मी में सरकार बिजली काट रही है और आम आदमी कराह भी नहीं सकता। अपने इस ट्वीट में उन्होंने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांगीलाल को तुरंत रिहा करने की मांग भी उठाई थी।

हालांकि, राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को इस मुद्दे पर मानक गुप्ता का इस तरह ट्वीट करना रास नहीं आया। छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कहना था कि न्यूज24 चैनल को स्पष्ट करना चाहिए कि यह मानक गुप्ता का विचार है अथवा चैनल का। छत्तीसगढ़ कांग्रेस का यह भी कहना था कि मानक गुप्ता द्वारा फैलाए जा रहे इस झूठ पर चैनल का क्या रुख है।

बात यहीं नहीं थमी, मानक गुप्ता ने छत्तीसगढ़ के इस ट्वीट का जवाब एक और ट्वीट कर दिया। इसमें उन्होंने लिखा, कुछ महीनों में ही जनता का विश्वास क्यों खो दिया...इस पर मंथन करने के बजाय बिजली कटौती से नाराज आम आदमी पर देशद्रोह लगाया...और अब पार्टी के आधिकारिक हैंडल से ट्रोल कर रहे हैं। ऊपर वाला सदबुद्धि दे।

मामला तूल पकड़ते देख मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मांगीलाल अग्रवाल के खिलाफ दर्ज देशद्रोह की धारा हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार करने की धारा के तहत कार्रवाई जारी रहेगी। लेकिन मानक गुप्ता ने इसके बाद अपने ट्विटर हैंडल पर एक और ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने सीएम भूपेश बघेल से ये भी कहा है कि पार्टी के हैंडल से मीडिया को ट्रोल करने के बजाय बड़ा दिल दिखाएं और केस रद्द करवाएं। यही नहीं, इसके तुरंत बाद किए और ट्वीट में मानक गुप्ता ने देशद्रोह की धारा का दुरुपयोग करने वाले बिजलीकर्मियों और पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।   

गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ स्थित मुसरा में रहने वाले 53 वर्षीय मांगीलाल अग्रवाल ने एक विडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाया था। मांगीलाल का कहना था, 'एक इन्वर्टर कंपनी के साथ छत्तीसगढ़ सरकार की सेटिंग हो गई है। इसके लिए राज्य सरकार को पैसा दिया गया है। करार के मुताबिक घंटे-दो घंटे में 10 से 15 मिनट के लिए बिजली कटौती होती रहेगी तो इन्वर्टर की बिक्री बढ़ेगी।' बाद में बिजली कंपनी के विधिक सलाहकार एनकेपी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने मांगीलाल के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज किया था।

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जानें, क्यों चर्चा में है दीपक चौरसिया की ये एक्सक्लूसिव रिपोर्ट

किर्गिस्तान के विश्केक में बंद दरवाजों के पीछे की खबर भी निकालकर ले आए दीपक चौरसिया

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Deepak Chaurasia

लोकसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली आधिकारिक विदेश यात्रा को कवर करने के लिए यूं तो पत्रकारों की पूरी टीम उनके साथ गई थी, लेकिन वरिष्ठ टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया यहां भी बाजी मारने में सफल रहे। उन्होंने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए मोदी के किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुँचने के बाद उनसे और सम्मेलन से जुड़ी हर छोटी-बड़ी खबर से दर्शकों को रूबरू कराया।

बतौर ‘न्यूज नेशन’ रिपोर्टर के रूप में चौरसिया ने पहले ही साफ कर दिया था कि इस सम्मेलन में पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की नजरें जरूर मिलेंगी, लेकिन दिल नहीं और हुआ भी ऐसा ही। इतना ही नहीं, किर्गिस्तान के राष्ट्रपति ने सभी मेहमानों के सम्मान में डिनर दिया था, जिसमें पत्रकारों का प्रवेश वर्जित था, लेकिन चौरसिया बंद दरवाजों के पीछे की खबर भी निकाल लाये। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के मसले पर चीन के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी से क्या कहा। इस तरह के अहम मौकों पर अनुभव काफी काम आता है और दीपक चौरसिया के पास इसकी कोई कमी नहीं। वह समय-समय पर खुद को साबित करते रहे हैं।

सम्मलेन में जब सभी राष्ट्राध्यक्ष एक-दूसरे से मुलाकात कर रहे थे, बाहर यह चर्चा चल रही थी कि क्या मोदी ने इमरान से बात की? क्या दोनों नेताओं के बीच संवाद हुआ? चौरसिया ने इस चर्चा पर विराम लगाते हुए सबसे पहले ‘न्यूज नेशन’ के दर्शकों को बता दिया कि दोनों नेताओं ने बस हाथ मिलाया। चौरसिया जानते थे कि पर्दे के पीछे क्या हुआ, इसकी जानकारी वही शख्स दे सकता है जो खुद वहां मौजूद हो, इसलिए उन्होंने मौका मिलते ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से सच जान लिया।

चौरसिया ने कुरैशी को उस वक़्त सवालों के जवाब देने के लिए मना लिया, जब वह होटल गोल्डन ड्रैगन से निकलकर अपनी कार में बैठ रहे थे। इसके अलावा भी दीपक चौरसिया ने सम्मेलन से जुड़ी हर खबर देशवासियों तक पहुंचाई। चौरसिया की खासियत यही है कि वो वहां से भी खबरें खोज लाते हैं, जहाँ संभावना नजर नहीं आती और इसके बाद उनके विश्लेषण से ऐसा पैकेज तैयार करते हैं, जो अपने आप में परिपूर्ण होता है। पीएम मोदी के बिश्केक पहुँचते ही चौरसिया ने सम्मलेन में भारत की भूमिका, पाकिस्तान के हाल और उसके प्रभाव के बारे में वह सबकुछ बता दिया, जिसके बारे में देशवासियों को जानना जरूरी है। कुल मिलाकर कहा जाए तो दीपक चौरसिया ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उन्हें ऐसे ही खबरों का बादशाह नहीं कहा जाता।

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पत्रकार पर लगा ये आरोप, पुलिस ने आधी रात को सोते समय घर से उठाया

स्थानीय अदालत ने बाद में पत्रकार को जमानत पर किया रिहा

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Journalist

देश में पत्रकारों के उत्पीड़न की शिकायतों में लगातार इजाफा हो रहा है। पिछले दिनों ही यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा यूपी के शामली में रिपोर्टिंग के दौरान अमित शर्मा नामक पत्रकार की जीआरपी कर्मियों ने लात-घूंसों से पिटाई की थी। अब इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ का नाम भी जुड़ गया है।

नया मामला छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले का है, जहां बिजली बंद को लेकर गलत समाचार छापने के आरोप में पुलिस ने एक स्थानीय पत्रकार दिलीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, बाद में अदालत ने दिलीप शर्मा को जमानत पर रिहा कर दिया। बताया जाता है कि वेबमोर्चाडाटकाम के नाम पर वेब पोर्टल चलाने वाले पत्रकार दिलीप शर्मा ने पिछले दिनों अपने वेब पोर्टल पर खबर प्रकाशित की थी कि 48 घंटों के दौरान जिले के 50 गावों में ब्लैकआउट की स्थिति है।

इस खबर को गलत और भ्रामक बताते हुए बिजली विभाग के कार्यपालन अभियंता एसके साहू ने दिलीप शर्मा के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी थी। इस शिकायत के बाद पुलिस ने दिलीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि बाद में दिलीप शर्मा को अदालत ने जमानत पर रिहा कर दिया। वहीं, जमानत पर रिहा होने के बाद दिलीप शर्मा का कहना था कि उन्होंने जो खबर चलाई, वह सही थी। शर्मा का यह भी कहना था कि सच्चाई सामने लाने के कारण उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। दिलीप शर्मा ने आरोप लगाया कि गुरुवार को आधी रात को पुलिस ने उन्हें अपराधी की तरह घर से उठाया और रात भर थाने में रखा। इस दौरान कारण भी नहीं बताया गया।

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दैनिक भास्कर ग्रुप को बाय बोल पत्रकार सुशील तिवारी ने शुरू की नई पारी

पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए सुशील तिवारी को मिल चुके हैं कई अवॉर्ड्स

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Sushi tiwari

पत्रकार सुशील तिवारी ने दैनिक भास्कर ग्रुप को बाय बोल दिया है। वह भोपाल में ग्रुप की डिजिटल विंग में न्यूज एडिटर के रूप में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सुशील तिवारी ने अब अपना नया सफर ‘एशियानेट’ (asiannet) हिंदी डिजिटल में बतौर एडिटर शुरू किया है। बताया जाता है कि दक्षिण भारत का यह चैनल जल्द ही हिंदी में अपनी वेबसाइट शुरू करने जा रहा है। इसी के लिए सुशील तिवारी की नियुक्ति की गई है।

बता दें कि दैनिक भास्कर ग्रुप के साथ सुशील तिवारी लंबे समय से काम कर रहे थे। हिंदी पत्रकारिता में सुशील तिवारी के उल्लेखनीय प्रदर्शन की बदौलत उन्हें तमाम अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है। मूल रूप से उत्तर प्रदेश में जौनपुर के रहने वाले सुशील तिवारी ने भोपाल की बरकतउल्लाह यूनिवर्सिटी (BU) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है।

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NDTV को झटका, डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय पर लगा ये बैन

वित्तीय अनियमितताओं और टैक्स में हेराफेरी के आरोपों का सामना कर रहे हैं दोनों

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
Prannoy Roy

‘भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड’ (SEBI) ने ‘एनडीटीवी’ (NDTV) के प्रमोटर्स डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय पर मैनेजमेंट में कोई भी पद लेने पर अगले दो साल तक के लिए रोक लगा दी है। जांच एजेंसी दोनों के खिलाफ टैक्स में हेराफेरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों की जांच कर रही है। इससे पहले सेबी ने इससे पहले दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। गौरतलब है कि वित्तीय अनियमितताओं के मामलों को लेकर दोनों कई एजेंसियों के निशाने पर चल रहे हैं। पूर्व में सीबीआई ने इस मामले में कई स्थानों पर छापे मारे थे। छापे के दौरान सीबीआई ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने का दावा भी किया था।

इसके साथ ही सेबी ने दोनों पर दो साल के लिए प्रतिभूति मार्केट (securities market) से जुड़े रहने पर भी रोक लगा दी है। इस अवधि के दौरान दोनों किसी भी तरह की प्रतिभूतियों (securities) की खरीद-फरोख्त नहीं कर सकते हैं और न ही प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से प्रतिभूति मार्केट से जुड़े रह सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो डॉ. प्रणॉय रॉय और राधिका रॉय का मानना है कि सेबी का यह आदेश झूठे और अत्यधिक असमान आकलन पर आधारित है। वे इस मामले में सलाह लेने के बाद कानूनी कार्यवाही करेंगे।

सेबी की ओर से इस बारे में जारी किए गए आदेश की कॉपी आप यहां देख सकते हैं-

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इंडिया न्यूज के पत्रकार के भाई की दिनदहाड़े हत्या, सामने आई ये वजह

पुलिस ने आरोपी के परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
Jhamman Chaudhary

कन्हैया शर्मा, पत्रकार।।

'इंडिया न्यूज' के पत्रकार रवि चौधरी के भाई झम्मन चौधरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। यह घटना मथुरा में गोवर्धन के आन्योर इलाके की है। बताया जाता है कि प्रॉपर्टी के विवाद में यह हत्या की गई है और इसे झम्मन चौधरी के साथ काम करने वाले दुर्गपाल सिंह ने अंजाम दिया है। हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दुर्गपाल सिंह फरार होने में कामयाब रहा। हत्याकांड के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में आरोपी के कुछ परिजनो को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि पत्रकार रवि चौधरी के भाई  झम्मन चौधरी (40) शुक्रवार को आन्योर इलाके में अपनी जमीन पर निर्माण करा रहे थे। इसी बीच वहां पर दुर्गपाल सिंह आया और झम्मन चौधरी को गोली मारकर मौके से फरार हो गया। खून से लथपथ झम्मन चौधरी को अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर भेज दिया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि झम्मन चौधरी और दुर्गपाल सिंह का प्रॉपर्टी के लेनदेन को लेकर विवाद था। उसी के चलते दोनों में अनबन थी और इसी वजह से दुर्गपाल ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया है।

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मैच जीतने के बाद खिलाड़ी ने महिला रिपोर्टर के साथ कर दी ऐसी हरकत, विडियो वायरल

सोशल मीडिया पर कई लाख बार देखा जा चुका है इस घटना से जुड़ा विडियो

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
Reporter

फुटबॉल मैच जीतने के बाद विजेता टीम के खिलाड़ी द्वारा महिला रिपोर्टर के संग की गई एक हरकत आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। इस घटना का विडियो वायरल हो गया है। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को कई लाख बार देखा जा चुका है।

दरअसल, इन दिनों यूरो कप 2020 के लिए क्वालीफायर मैच चल रहे हैं। इसी कड़ी में सात जून को यूक्रेन और सर्बिया के बीच मैच खेला गया था। इस मैच को 5-0 से यूक्रेन ने जीत लिया। इस बीच यूक्रेन टीम के 22 वर्षीय खिलाड़ी ओलेग्जेंडर जिनचेनको ने मीडिया से बातचीत के दौरान पत्रकार वलाडा सेडान के गाल पर किस कर दिया।

बता दें कि इस तरह का यह पहला मामला नहीं है। जिनचेनको की तरह ही बुल्गारिया के हैवीवेट बॉक्सर क्रुबत पुलेव ने कुछ समय पूर्व फाइट की कवरेज के लिए पहुंची महिला रिपोर्टर जैनिफर रावलो को किस कर दिया था। रिपोर्टर ने इस मामले की शिकायत कर दी थी, जिसके बाद क्रुबत को सस्पेंड कर दिया गया था।

जिनचेनको द्वारा महिला रिपोर्टर के गाल पर की गई किस का विडियो आप यहां देख सकते हैं-

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बीजेपी MLA के कोप का शिकार हुआ पत्रकार, विडियो वायरल

पत्रकार ने दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में की मामले की शिकायत

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
Rajeev Tiwari

पत्रकारों के दिन लगता है इन दिनों खराब चल रहे हैं। पिछले दिनों स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी और उत्तर प्रदेश के शामली में पुलिसकर्मियों द्वारा पत्रकार अमित शर्मा की पिटाई का मामला अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि एक और पत्रकार के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इस बार आरोप लगा है उत्तराखंड में खानपुर से बीजेपी विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन पर। दरअसल, चैंपियन के दो विडियो वायरल हुए हैं, जिनमें से एक विडियो में वह ‘न्यूज18’ के पत्रकार राजीव तिवारी से अभद्रता करते हुए दिख रहे हैं।

आरोप है कि चैनल में दिखाई गई एक खबर से नाराज प्रणव चैंपियन ने राजीव तिवारी को जान से मारने की धमकी भी दी। यही नहीं, पिस्टल दिखाते हुए थप्पड़ भी मारा। बताया जाता है कि यह पूरा वाकया नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन का है। राजीव तिवारी ने दिल्ली के चाणक्यपुरी थाने में शिकायत दर्ज करा दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

राजीव तिवारी का कहना है कि वह न्यूज 18 की तरफ से उत्तराखंड की रिपोर्टिंग करते हैं। गुरुवार की सुबह चैंपियन ने उन्हें मिलने के लिए दिल्ली स्थित उत्तराखंड सदन के कमरा नंबर-204 में बुलाया था। आरोप है कि जब राजीव वहां पहुंचे तो चैंपियन ने अपनी पिस्तौल मंगाई और फिल्मी स्टाइल में टेबल पर रख दी। इसके बाद चैंपियन ने उन्हें धमकी दी कि अगर मेरे खिलाफ खबर चलाओगे तो गोली मार दूंगा।

आरोप है कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड सदन में हरिद्वार नंबर के रजिस्ट्रेशन वाली एक गाड़ी पार्क की गई थी। इस गाड़ी का इस्तेमाल चैंपियन अपने काफिले में करते हैं। इस गाड़ी पर अवैध रूप से उत्तराखंड पुलिस लिखवाया हुआ है‌, जबकि यह निजी वाहन है। राजीव का कहना है कि यह खबर चलाने को लेकर चैंपियन उनसे नाराज थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पत्रकार को थप्पड़ मारने के आरोपों को चैंपियन ने गलत बताया है। उनका कहना है कि टीवी पत्रकार गुंडई दिखाकर अवैध वसूली करने आए थे। एक पत्रकार ने साजिश के तहत कैमरा ऑन कर उन्हें उकसाने के लिए गालियां दीं। उन्होंने कहा कि वीडियो में जो हाथ उठाने वाली बात दिखाई जा रही है, वह गलत है। वे पत्रकार को चुप कराने के लिए कुर्सी से भय दिखाने के लिए उठे थे और उसे बाहर निकलने का इशारा किया। टीवी पर थप्पड़ मारने की खबर देखने के बाद उन्होंने बहरोड कोतवाली पुलिस को पत्रकार के खिलाफ तहरीर दी है। चैंपियन का कहना है कि उनकी सामाजिक और राजनैतिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के लिए ऐसा किया गया है।

इस पूरी घटना का विडियो आप यहां देख सकते हैं-  

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पत्रकार की पिटाई मामले में प्रेस काउंसिल ने उठाया ये कदम

उत्तर प्रदेश के शामली में पत्रकार की पिटाई का विडियो हुआ था वायरल

Last Modified:
Friday, 14 June, 2019
PCI

उत्तर प्रदेश के शामली में रेलवे पुलिसकर्मियों द्वारा कुछ दिन पूर्व पत्रकार की बेरहमी से पिटाई किए जाने के मामले में प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) हरकत में आ गई है। इस मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए जांच के लिए प्रेस काउंसिल की ओर से दो सदस्यीय समिति गठित की गई है। इस समिति में जय शंकर और उत्तम चंद को शामिल किया गया है। बताया जाता है कि सूचना-प्रसारण मंत्रालय ने भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी है।

गौरतलब है कि मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरने की घटना के बाद कवरेज के लिए पहुंचे पत्रकार अमित शर्मा की रेलवे पुलिसकर्मियों ने काफी पिटाई की थी और उन्हें हवालात में बंद कर दिया था। अमित शर्मा ने जीआरपी कर्मियों पर उनके मुंह पर टॉयलेट करने का आरोप भी लगाया था। पत्रकार की बेरहमी से पिटाई का विडियो वायरल हो गया था और कई मीडिया समूहों ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया था। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने जीआरपी एसएचओ समेत एक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया था।

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