मीडिया एजुकेशन पर केजी सुरेश ने HRD मिनिस्टर को लिखा लेटर, सुझाए ये 12 पॉइंट्स

इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने आए हैं

पंकज शर्मा by
Published - Wednesday, 31 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 31 July, 2019
KG Suresh

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश ने मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर 12 पॉइंट्स सुझाए हैं।

वर्तमान में दिल्ली के एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन और मध्य प्रदेश की जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी स्थित जागरण स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की फैकल्टी में बतौर एमरेटस प्रोफेसर (Emeritus Professor) कार्यरत केजी सुरेश ने नई एजुकेशन पॉलिसी को लेकर राष्ट्रव्यापी डिबेट कराए जाने को लेकर भी पोखरियाल को बधाई दी है।

डॉ. पोखरियाल को लिखे अपने पत्र में केजी सुरेश ने कहा है, ‘पिछले तीन दशक से मीडिया एजुकेटर और पत्रकार के रूप में मैं आपके समक्ष नई एजुकेशन पॉलिसी, खासकर जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर कुछ सुझाव रखना चाहता हूं। इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने निकलकर आए हैं।’

इस पत्र में केजी सुरेश ने कहा है कि इन सुझावों को प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) में शामिल किया जा सकता है। इस पत्र में यह भी कहा गया है, ‘ इनमें से कुछ पॉइंट्स सीधे प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के दायरे में नहीं आ सकते हैं, लेकिन फिर भी बड़े पैमाने पर शिक्षा से संबंधित हैं। मुझे विश्वास है कि नई पॉलिसी को अंतिम रूप देते समय आप निश्चित रूप से उपरोक्त 12 पॉइंट्स पर विचार करेंगे। यह न केवल मीडिया और मीडिया एजुकेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि शासन और समाज के लिए भी इनका अलग महत्व है।’

केजी सुरेश द्वारा सुझाए गए इन 12 पॉइंट्स को आप यहां देख सकते हैं।

1. Introduce Media Literacy Programmes (MLP) from at least the middle school as the students are getting exposed to media in a manner unprecedented in human history.

2. Introduce Communication as an integral part of all programmes at secondary and senior secondary level, particularly in the stream of Science and Humanities.

3. Introduce Mass Communication as an optional subject right from standard IX in schools.

4. Establish a National Communications University on the lines of similar institutions in countries such as China, which would nurture indigenous research and publication in the field.

5. Include Mass Communication as an optional subject in the civil services examinations conducted by UPSC.

6. Recognition of Mass Communication as an independent discipline which would ensure that instead of English and Hindi departments teaching the subject at colleges in institutions like Delhi University, there would be Department of Mass Communication in every college.

7. There should be standardization of media education to ensure that teaching shops do not deprive the students of quality curricula and infrastructure.

8. Government should establish Media Labs in all higher secondary schools to nurture an informed society and promote Citizen Journalism.

9. A Media Council of India be established to give recognition to Media Schools for conducting Diploma/UG/PG/Doctoral programmes, on the lines of the Medical/Bar Councils of India.

10. An all India Common Test for Communication (CTC) be conducted for Mass Communication programmes, based on reasoning, linguistic skills and General Knowledge, so that the best students are able to get admission in leading media educational institutions, on the lines of NEET, JEE etc

11. Bring all media related educational institutions including IIMC, FTII, Pune & SRFTI, Kolkata under the HRD/Education Ministry to ensure that students/faculty get the same facilities at par with other universities.

12. The management of educational institutions, media related or otherwise, should be in the hands of media persons, academicians or educationists and not career bureaucrats.

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एडिटर्स गिल्ड के इस बयान पर वरिष्ठ पत्रकार हरतोष सिंह बल ने शेखर गुप्ता को यूं 'घेरा'

कारवां मैगजीन के पॉलिटिकल एडिटर हरतोष सिंह बल ने संपादकों की संस्था ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ के प्रेजिडेंट शेखर गुप्ता के बयान पर उन्हें घेरा है

Last Modified:
Friday, 14 August, 2020
Editors Guild

पिछले दिनों पूर्वोत्तर दिल्ली के सुभाष मोहल्ले में भीड़ द्वारा कारवां मैगजीन के तीन पत्रकारों की पिटाई के मामले में मैगजीन के पॉलिटिकल एडिटर हरतोष सिंह बल ने संपादकों की संस्था ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ (Editors Guild of India) के प्रेजिडेंट शेखर गुप्ता के बयान पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस बारे में हरतोष सिंह बल ने एक ट्वीट भी किया है।

यह भी पढ़ें: न्यूज कवरेज के लिए गए पत्रकारों पर हमला, पुलिस ने बामुश्किल भीड़ के चंगुल से कराया मुक्त

इस ट्वीट में हरतोष सिंह बल का कहना है, ‘कारवां मैगजीन के तीन रिपोर्टर्स पर कथित रूप से हमला हुआ', यह बयान कथित रूप से एडिटर्स गिल्ड की ओर से दिया गया है, जिसके कथित रूप से अध्यक्ष शेखर गुप्ता हैं।’

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वतंत्र पत्रकार प्रभजीत सिंह, ‘कारवां’ (Caravan) मैगजीन के असिस्टेंट फोटो एडिटर शाहिद तांत्रे और इसी मैगजीन की एक महिला पत्रकार मंगलवार की दोपहर पूर्वोत्तर दिल्ली के सुभाष मोहल्ला में रिपोर्टिंग के लिए गए थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं, महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की गई। 

इस घटना के बाद एडिटर्स गिल्ड की ओर से एक बयान जारी कर इस घटना की निंदा की गई थी। एडिटर्स गिल्ड की ओर से जारी बयान को आप यहां देख सकते हैं।

 

 

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वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे के सामने कांग्रेस MP शशि थरूर ने कुछ इस तरह रखी 'मन की बात’

वरिष्ठ पत्रकार भूपेंद्र चौबे ने ‘Talk to Bhupen’ कार्यक्रम के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर से तमाम पहलुओं पर बातचीत की।

Last Modified:
Friday, 14 August, 2020
Shashi Tharoor Bhupendra Chaubey

वरिष्ठ पत्रकार और पिछले दिनों ‘आंध्र प्रभा पब्लिकेशन’ (Andhra Prabha Publication) में बतौर ग्रुप एडिटर-इन-चीफ और सीईओ के पद पर नई पारी शुरू करने वाले भूपेंद्र चौबे ने ‘Talk to Bhupen’ कार्यक्रम के तहत पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस सांसद शशि थरूर से बातचीत की। इस बातचीत के दौरान केरल की तिरुवनंतपुरम सीट से लोकसभा सदस्य शशि थरूर ने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति और राजस्थान में सियासती घमासान समेत तमाम राजनीतिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी।

अंग्रेजी न्यूज चैनल 'इंडिया अहेड' (India Ahead) पर अपने शो के दौरान हुई इस बातचीत में शशि थरूर का कहना था कि कांग्रेस को पूर्णकालिक अध्यक्ष (फुल टाइम प्रेजिडेंट) की जरूरत है। राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान के बारे में शशि थरूर का कहना था कि पार्टी नेतृत्व ने मामले का समाधान कर लिया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस विपक्षी पार्टी की भूमिका बखूबी निभा रही है और बीजेपी सरकार जिन बड़े मुद्दों पर फेल रही है, उसे कांग्रेस ने काफी जोर-शोर से उठाया है। इस बातचीत का वीडियो शशि थरूर ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी शेयर किया है, जिसे आप यहां देख सकते हैं।  

 

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जानिए, वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने ट्विटर पर क्यों मांगी माफी

किसी भी खबर को सार्वजनिक करने से पहले उसकी पुष्टि करना बहुत ही आवश्यक होता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 August, 2020
Rajdeep Sardesai

किसी भी खबर को सार्वजनिक करने से पहले उसकी पुष्टि करना बहुत ही आवश्यक होता है। खबरों को ब्रेक करने के चक्कर में कई बार पत्रकारों से कुछ इस तरह की गलती हो जाती है कि बाद में उन्हें अपनी सफाई देनी पड़ती है।

कुछ ऐसा ही वरिष्ठ पत्रकार एवं ‘आजतक’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई के साथ हुआ जब उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के निधन की खबर ब्रेकिंग न्यूज का नाम देकर अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर दी। यही नहीं, इस ट्वीट में उन्होंने प्रणब मुखर्जी को श्रद्धांजलि भी दे दी।

हालांकि बाद में जब उन्हें सच्चाई का पता चला तो इसके बाद उन्होंने दूसरा ट्वीट किया और इस फेक न्यूज के लिए माफी मांगी। इस ट्वीट में राजदीप सरदेसाई ने स्वीकार किया कि ट्वीट करने से पहले फिर से इस खबर की पुष्टि कर लेनी चाहिए थी। 

  प्रणब मुखर्जी के बारे में उठ रहीं इस तरह की खबरों पर उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने ट्वीट किया है, 'मेरे पिता प्रणब मुखर्जी अभी भी जीवित हैं और हेमोडायनामिक रूप से स्थिर हैं! प्रतिष्ठित पत्रकारों द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित की जा रही अटकलों और फर्जी खबरों से साफ जाहिर होता है कि भारत में मीडिया फेक न्यूज का कारखाना बन गया है।'

बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना वायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। वह सेना के रिसर्च एवं रेफरल अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

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डिज्नी ने बदली 20th Century Fox की पहचान, दिया नया नाम

‘द वॉल्ट डिज्नी’ ने अपनी सबसे बड़ी प्रॉपर्टीज में से एक ‘ट्वेंटी सेंचुरी फॉक्स’ (20th Century Fox) को रीब्रैंड किया है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 13 August, 2020
Last Modified:
Thursday, 13 August, 2020
20th Television

‘द वॉल्ट डिज्नी’ (The Walt Disney Co) ने अपनी सबसे बड़ी प्रॉपर्टीज में से एक ‘ट्वेंटी सेंचुरी फॉक्स’ (20th Century Fox) को रीब्रैंड किया है। इसके तहत अब इसका नाम बदलकर ‘20th Television’ कर दिया गया है।  

डिज्नी ने सोमवार को इस बारे में घोषणा की थी कि रीब्रैंडिंग के तहत वह अपने एक टीवी स्टूडियो 20th Century Fox Television को बदलकर 20th Television करेगा। बताया जा रहा है कि यह कदम डिज्नी के टीवी स्टूडियोज द्वारा बड़ी रीब्रैंडिंग का एक हिस्सा है।

बता दें कि डिज्नी ने जनवरी में इसके ऑरिजिनल नाम में से ‘फॉक्स’ हटाकर इसे ‘20th Century Studios’ कर दिया था। अब रीब्रैंडिंग के तहत सेंचुरी और फॉक्स के स्थान पर ‘20th Television’ दिखाई देगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रीब्रैंडिंग का उद्देश्य डिज्नी के स्वामित्व वाली अन्य प्रॉपर्टीज के बीच कंफ्यूजन को दूर करना है। इन प्रॉपर्टीज में ‘फॉक्स स्पोर्ट्स’, ‘फॉक्स बिजनेस’ और ‘फॉक्स न्यूज’ शामिल हैं।

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न्यूज कवरेज के लिए गए पत्रकारों पर हमला, पुलिस ने बामुश्किल भीड़ के चंगुल से कराया मुक्त

पूर्वोत्तर दिल्ली में मंगलवार को कवरेज के लिए गए थे तीनों पत्रकार, पत्रकारों की शिकायत पर मामले की जांच कर रही है पुलिस

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 August, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 August, 2020
Attack

पत्रकारों को न्यूज कवरेज के दौरान तमाम विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला देश की राजधानी दिल्ली से आया है, जहां न्यूज कवरेज के दौरान तीन पत्रकारों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। पीड़ित पत्रकारों में एक महिला भी शामिल बताई जा रही है।

सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह पत्रकारों को भीड़ के चंगुल से मुक्त कराया। गनीमत रही कि पत्रकारों को कोई गंभीर चोट नहीं आई है। पीड़ित पत्रकारों ने पुलिस को मामले की शिकायत दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी। बताया जाता है कि ये पत्रकार इसी साल फरवरी में हुए दिल्ली दंगों से जुड़ी स्टोरी कवर कर रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, स्वतंत्र पत्रकार प्रभजीत सिंह, ‘कारवां’ (Caravan) मैगजीन के असिस्टेंट फोटो एडिटर शाहिद तांत्रे और इसी मैगजीन की एक महिला पत्रकार मंगलवार की दोपहर पूर्वोत्तर दिल्ली के सुभाष मोहल्ला में रिपोर्टिंग के लिए गए थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और मारपीट शुरू कर दी। यही नहीं, महिला पत्रकार के साथ बदसलूकी भी की गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब तांत्रे एक वीडियो शूट कर रहे थे, तभी वहां दो लोग आए और उनसे ऐसा करने का कारण पूछने लगे। इसके बाद वे लोग हमलावर हो गए और अन्य लोगों को बुला लिया। करीब डेढ़ घंटे तक तीनों लोग भीड़ के बीच फंसे रहे। भीड़ ने तांत्रे का कैमरा भी छीनने की कोशिश की और खींचे गए फोटो व वीडियो डिलीट करने को कहा। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और तीनों पत्रकारों को भीड़ से बचाकर भजनपुरा थाने ले गए।

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TRAI-ब्रॉडकास्टर्स मामले में HC ने तय की फैसले की तारीख, कही ये बात

न्यू टैरिफ ऑर्डर-2.0 को लेकर ‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ और ब्रॉडकास्टर्स के बीच चल रहे मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने फाइनल ऑर्डर की तारीख तय कर दी है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 12 August, 2020
Last Modified:
Wednesday, 12 August, 2020
TRAI

न्यू टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) को लेकर ‘भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण’ (TRAI) और ब्रॉडकास्टर्स के बीच चल रहे मामले में 24 अगस्त को फाइनल ऑर्डर सुनाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने बुधवार को यह बात कही है।  

हाई कोर्ट का कहना है कि जब तक मामले की अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, ट्राई जबरन किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं कर सकता है। सूत्रों का कहना है कि ट्राई ने बुधवार को अदालत को बताया कि नियामक संस्था को उम्मीद थी कि अंतिम आदेश उसके पक्ष में होगा और इसलिए हितधारकों (stakeholders) को 26 अगस्त तक न्यू टैरिफ ऑर्डर-दो (NTO 2.0) लागू करने के लिए कहा था।

हालांकि, हाई कोर्ट ने कहा कि वह इस मामले में अब 24 अगस्त को अंतिम निर्णय सुनाएगा, तब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

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टाइम्स इंटरनेट में दुर्गा रघुनाथ और रोहित शरण संभालेंगे बड़ी जिम्मेदारी

‘टाइम्स ग्रुप’ की डिजिटल विंग ‘टाइम्स इंटरनेट’ ने दुर्गा रघुनाथ और रोहित शरण को अपनी लीडरशिप टीम में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।

Last Modified:
Monday, 10 August, 2020
Durga Raghunath Rohit Saran

‘टाइम्स ग्रुप’ की डिजिटल विंग ‘टाइम्स इंटरनेट’ (Times Internet) ने दुर्गा रघुनाथ और रोहित शरण (Rohit Saran) को अपनी लीडरशिप टीम में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। इसके तहत दुर्गा रघुनाथ को ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, मिरर ब्रैंड्स (मुंबई मिरर, पुणे मिरर, बेंगलुरु मिरर और अहमदाबाद मिरर), न्यूजप्वॉइंट, गैजेट्स नाउ और Etimes का डिजिटल हेड नियुक्त किया गया है।

दुर्गा रघुनाथ इससे पहले ‘जोमैटो’ में सीनियर वाइस प्रेजिडेंट (ग्रोथ) के पद पर अपनी जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वह ‘फर्स्टपोस्ट’ और ‘नेटवर्क18 डिजिटल’ की फाउंडर और सीईओ भी रह चुकी हैं। उन्होंने न्यूयॉर्क में ‘हार्पर कॉलिन्स’ (HarperCollins) के साथ बुक पब्लिशिंग में अपना करियर शुरू किया था। ‘इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस’ से एमबीए दुर्गा रघुनाथ ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से पब्लिशिंग में डिग्री ली है।

वहीं, रोहित शरण को ‘टाइम्स इंटरनेट’ में चीफ एडिटर बनाया गया है। इससे पहले रोहित ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ में मैनेजिंग एडिटर (प्रिंट) और ‘इकनॉमिक टाइम्स’ (प्रिंट) में एग्जिक्यूटिव एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। वह ‘इंडिया टुडे’ ग्रुप में भी बड़ी जिम्मेदारी निभा चुके हैं और ‘इंडिया टुडे’ के एग्जिक्यूटिव एडिटर व ‘बिजनेस टुडे’ के एडिटर रह चुके हैं। इसके अलावा वह दुबई में ‘द खलीज टाइम्स’ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इकनॉमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएट रोहित को डाटा और डिजिटल जर्नलिज्म की गहरी समझ है।  

इस बारे में ‘टाइम्स इंटरनेट’ के सीईओ गौतम सिन्हा का कहना है, ‘दुर्गा रघुनाथ और रोहित शरण की नियुक्ति को लेकर हम काफी उत्साहित हैं। हमें विश्वास है कि कंपनी को उनके अनुभव का काफी लाभ मिलेगा। अपनी नई भूमिका में दोनों टाइम्स इंटरनेट के सीओओ पुनीत गुप्त को रिपोर्ट करेंगे।’

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कोरोना ने तोड़ दी वरिष्ठ पत्रकार अंजनी निगम की सांसों की डोर

कोरोना से अब तक कई पत्रकारों की जान जा चुकी है। इसी कड़ी में अब कोरोना से एक और वरिष्ठ पत्रकार की रविवार को जान चली गई है।

Last Modified:
Monday, 10 August, 2020
Anjani Nigam

कोरोना वायरस के संक्रमण काल के दौरान पत्रकार अपनी जान जोखिम डालकर फ्रंट लाइन पर काम कर रहे हैं। ऐसे में तमाम पत्रकार भी इसका शिकार हो रहे हैं। कोरोना से अब तक कई पत्रकारों की जान जा चुकी है। इसी कड़ी में अब कोरोना से एक और वरिष्ठ पत्रकार की रविवार को जान चली गई है।

चित्रकूट धाम मंडल के आयुक्त गौरव दयाल ने मीडिया को बताया कि अंग्रेजी दैनिक समाचार पत्र 'द पॉयनियर' के ब्यूरो चीफ व मान्यता प्राप्त वरिष्ठ पत्रकार अंजनी निगम को संक्रमण की पुष्टि के बाद चार अगस्त को बांदा मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया था। हालत खराब होने पर शनिवार को निगम को लखनऊ रेफर किया गया। यहां एसजीपीजीआई (Sanjay Gandhi Post Graduate Institute of Medical Sciences) में रविवार को इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गयी। वे 52 साल के थे।

उन्होंने निगम के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उन्हें यह दुःख सहन करने का संबल प्रदान करे। पत्रकारों ने रविवार की शाम यहां मीडिया सेंटर में दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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वार्नरमीडिया से तीन शीर्ष अधिकारियों के बारे में आई ये बड़ी खबर

हॉलीवुड की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक ‘वार्नरमीडिया’ (WarnerMedia) में शीर्ष पद पर बैठे तीन अधिकारियों के छोड़ने की खबर सामने आई हैं

Last Modified:
Monday, 10 August, 2020
warnermedia

हॉलीवुड की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक ‘वार्नरमीडिया’ (WarnerMedia) में शीर्ष पद पर बैठे तीन अधिकारियों के कंपनी छोड़ने की खबर सामने आई हैं। इनमें चेयरमैन रॉबर्ट ग्रीनब्लाट (Robert Greenblatt), चीफ कंटेंट ऑफिसर केविन रेली (Kevin Reilly) और मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट केथ कोकोजा (Keith Cocozza) शामिल हैं।

वार्नरमीडिया के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर जेसन किलर (Jason Kilar) के तीन महीने के  कार्यकाल में तीन अधिकारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के फैसले ने सबको हैरान कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वार्नरमीडिया एंटरटेनमेंट के चेयरमैन रॉबर्ट ग्रीनब्लाट ग्रीनब्लाट (Robert Greenblatt) एक साल से भी अधिक समय से यहां कार्यरत थे। वार्नरमीडिया के चीफ कंटेंट ऑफिसर केविन रेली (Kevin Reilly) भी कंपनी से अलग हो रहे हैं। वहीं, कंपनी में मार्केटिंग एंड कम्युनिकेशंस के एग्जिक्यूटिव वाइस प्रेजिडेंट केथ कोकोजा (Keith Cocozza) ने भी अलग होने का फैसला कर लिया है। वे 19 वर्षों से इस कंपनी के साथ जुड़े हुए थे।

कर्मचारियों को भेजे ई-मेल में, किलर ने कथित तौर पर कहा कि कंपनी एचबीओ मैक्स (HBO Max) पर जोर देगी। कंपनी ने 27 मई को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का अनावरण किया। ऑर्गनाइजेशन में एचबीओ मैक्स को बढ़ावा दिया जा रहा है और विश्व स्तर पर इसका दायरा बढ़ाया रहा है।

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पुलिस ने मानी गलती, 3 महीने बाद ABP मांझा के संवाददाता को मिला इंसाफ

महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस ने न्यूज चैनल एबीपी माझा के पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामला लगभग तीन महीने बाद बंद कर दिया है

Last Modified:
Monday, 10 August, 2020
Rahul Kulkarni

महाराष्ट्र की मुंबई पुलिस ने न्यूज चैनल एबीपी माझा के पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामला लगभग तीन महीने बाद बंद कर दिया है। पुलिस ने स्वीकार किया है कि लॉकडाउन के दौरान बांद्रा रेलवे स्टेशन पर भीड़ एकत्र करने के एक मामले में एबीपी माझा के संवाददाता राहुल कुलकर्णी को गिरफ्तार करना उनकी गलती थी।

चूंकि मामले में राहुल कुलकर्णी के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होने का कोई सबूत नहीं है, पुलिस ने 21 जुलाई को बांद्रा अदालत में क्लोजर रिपोर्ट पेश की और कहा कि कुलकर्णी की रिपोर्ट गलत नहीं थी, लेकिन इसे देखने वाले लोगों ने इसे गलत संदर्भ में लिया।

क्लोजर रिपोर्ट के मुताबिक, ‘जब कुलकर्णी को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में रखा गया, तब उन्होंने पुलिस को बताया कि उनकी न्यूज रिपोर्ट रेलवे की प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन शुरू करने की योजना को लेकर आंतरिक सूचना पर आधारित थी।’

क्लोजर रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि कुलकर्णी ने अपनी रिपोर्ट में कहीं भी बांद्रा स्टेशन का जिक्र तक नहीं किया था। रिपोर्ट में कहा गया, ‘उनकी न्यूज रिपोर्ट में रेलवे स्टेशनों का नाम शामिल नहीं था। यह बताया गया था कि प्रवासियों के लिए ट्रेनों की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।’

क्लोजर रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि प्रवासी मजदूरों के बीच एक संदेश बहुत वायरल हुआ, जिसमें कहा गया कि ‘बांद्रा रेलवे स्टेशन जाना है जल्दी चलो, न्यूज चैनल पर भी सरकार ने गांव भेजने के लिए ट्रेन चालू कर दी है’ लेकिन कुलकर्णी की रिपोर्ट में इसका भी जिक्र नहीं था।

क्लोजर रिपोर्ट में आगे कहा गया, ‘लोगों ने विश्वास किया कि उनके गृहनगरों तक ले जाने के लिए लंबी दूरी की ये ट्रेन उपनगरीय लाइन स्टेशन से रवाना नहीं होंगी, बल्कि बांद्रा स्टेशन से चलेंगी इसलिए वे बांद्रा टर्मिनल के बाहर इकट्ठा हुए।’

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ऐसा कुछ भी नहीं था जिससे लगे कि कुलकर्णी ने गलत रिपोर्टिंग की, बल्कि इसे लोगों द्वारा गलत संदर्भ में लिया गया।

पुलिस ने अदालत से यह भी अनुरोध किया कि अपराध को ‘सी समरी’ के तौर पर वर्गीकृत किया जाना चाहिए, जिसका अर्थ होता है कि गलती से मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने अदालत से धारा 169 सीआरपीसी के तहत उन्हें आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया था।

इस मामले पर कुलकर्णी ने कहा, ‘अदालत ने पुलिस रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है और मुझे राहत मिल गई है। मामला दर्ज होने के बाद मैंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया का दरवाजा खटखटाया था। मेरे माता-पिता ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया था और पुलिस के इस व्यवहार को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।’

उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही खतरनाक ट्रेंड है, जहां सरकार अभिव्यक्ति की आजादी को कुचलना चाहती है जबकि इसे बचाकर रखना चाहिए।’

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