मीडिया एजुकेशन पर केजी सुरेश ने HRD मिनिस्टर को लिखा लेटर, सुझाए ये 12 पॉइंट्स

इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने आए हैं

पंकज शर्मा by
Published - Wednesday, 31 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 31 July, 2019
KG Suresh

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश ने मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर 12 पॉइंट्स सुझाए हैं।

वर्तमान में दिल्ली के एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन और मध्य प्रदेश की जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी स्थित जागरण स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की फैकल्टी में बतौर एमरेटस प्रोफेसर (Emeritus Professor) कार्यरत केजी सुरेश ने नई एजुकेशन पॉलिसी को लेकर राष्ट्रव्यापी डिबेट कराए जाने को लेकर भी पोखरियाल को बधाई दी है।

डॉ. पोखरियाल को लिखे अपने पत्र में केजी सुरेश ने कहा है, ‘पिछले तीन दशक से मीडिया एजुकेटर और पत्रकार के रूप में मैं आपके समक्ष नई एजुकेशन पॉलिसी, खासकर जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर कुछ सुझाव रखना चाहता हूं। इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने निकलकर आए हैं।’

इस पत्र में केजी सुरेश ने कहा है कि इन सुझावों को प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) में शामिल किया जा सकता है। इस पत्र में यह भी कहा गया है, ‘ इनमें से कुछ पॉइंट्स सीधे प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के दायरे में नहीं आ सकते हैं, लेकिन फिर भी बड़े पैमाने पर शिक्षा से संबंधित हैं। मुझे विश्वास है कि नई पॉलिसी को अंतिम रूप देते समय आप निश्चित रूप से उपरोक्त 12 पॉइंट्स पर विचार करेंगे। यह न केवल मीडिया और मीडिया एजुकेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि शासन और समाज के लिए भी इनका अलग महत्व है।’

केजी सुरेश द्वारा सुझाए गए इन 12 पॉइंट्स को आप यहां देख सकते हैं।

1. Introduce Media Literacy Programmes (MLP) from at least the middle school as the students are getting exposed to media in a manner unprecedented in human history.

2. Introduce Communication as an integral part of all programmes at secondary and senior secondary level, particularly in the stream of Science and Humanities.

3. Introduce Mass Communication as an optional subject right from standard IX in schools.

4. Establish a National Communications University on the lines of similar institutions in countries such as China, which would nurture indigenous research and publication in the field.

5. Include Mass Communication as an optional subject in the civil services examinations conducted by UPSC.

6. Recognition of Mass Communication as an independent discipline which would ensure that instead of English and Hindi departments teaching the subject at colleges in institutions like Delhi University, there would be Department of Mass Communication in every college.

7. There should be standardization of media education to ensure that teaching shops do not deprive the students of quality curricula and infrastructure.

8. Government should establish Media Labs in all higher secondary schools to nurture an informed society and promote Citizen Journalism.

9. A Media Council of India be established to give recognition to Media Schools for conducting Diploma/UG/PG/Doctoral programmes, on the lines of the Medical/Bar Councils of India.

10. An all India Common Test for Communication (CTC) be conducted for Mass Communication programmes, based on reasoning, linguistic skills and General Knowledge, so that the best students are able to get admission in leading media educational institutions, on the lines of NEET, JEE etc

11. Bring all media related educational institutions including IIMC, FTII, Pune & SRFTI, Kolkata under the HRD/Education Ministry to ensure that students/faculty get the same facilities at par with other universities.

12. The management of educational institutions, media related or otherwise, should be in the hands of media persons, academicians or educationists and not career bureaucrats.

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देश में डिजिटल मीडिया की हालत से वरिष्ठ पत्रकार पंकज पचौरी ने कुछ यूं कराया रूबरू

GoNews के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी ने इनबा 2019 में 'Social Media and India's Digital Economy' टॉपिक पर रखी अपनी बात

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Pankaj

टीवी इंडस्ट्री के दिग्गजों को बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba) 2019 से सम्मानित किया गया। नोएडा के होटल रेडिसन ब्लू में 22 फरवरी को आयोजित एक समारोह में ये अवॉर्ड्स दिए गए। अवॉर्ड्स समारोह से पहले न्यूजनेक्स्ट कॉन्फ्रेंस (NEWSNEXT CONFERENCE) का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्पीकर सेशन के तहत ‘Social Media and India's Digital Economy’ टॉपिक पर ऐप बेस्ड टेलिविजन न्यूज चैनल ‘गोन्यूज’ (GoNews) के फाउंडर और एडिटर-इन-चीफ पंकज पचौरी के विचारों से भी लोगों को रूबरू होने का मौका मिला।

इस दौरान भारतीय पत्रकारिता में डिजिटल की क्या भूमिका है? सोशल मीडिया के आने, स्मार्ट फोन की बढ़ती तादात और सस्ते इंटरनेट डाटा प्लान्स से क्या देश में लोगों का न्यूज उपभोग करने का तरीका बदल गया है? और क्या प्रिंट और टीवी का प्रभुत्व बना रहेगा अथवा डिजिटल मीडिया इस स्थिति को बदल देगी? और अपने देश में न्यूज के लिए भुगतान करने की इच्छा रखने वालों की संख्या काफी कम क्यों हैं, जैसे तमाम मुद्दों पर पंकज पचौरी ने बेबाकी से अपनी राय रखी।

अपने सेशन की शुरुआत में उन्होंने दोहा में सोशल मीडिया पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुए अनुभव को शेयर किया। इस कार्यक्रम में भारत से सिर्फ दो संस्थानों ने भाग लिया था। पंकज पचौरी के अनुसार,’आखिर अपने देश में क्या हो रहा है, खासकर सोशल मीडिया सेक्टर की बात करें तो हमारी स्थिति काफी अस्पष्ट है। इसमें ज्यादा पारदर्शिता नहीं है। सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया को काफी हल्के में और मनोरंजन प्रधान माध्यम के रूप में लिया जा रहा है।’ इसके बाद उन्होंने आंकड़ों और तथ्यों से लोगों को बताया कि आज देश में डिजिटल मीडिया की क्या स्थिति है। 

पंकज पचौरी का कहना था, ‘देश में साधारण मोबाइल फोन की संख्या काफी बढ़ने के बावजूद हम अभी इस मामले में थोड़ा पीछे हैं, लेकिन स्मार्ट फोन की संख्या के मामले में ऐसा नहीं हैं। हमारे यहां 35 से 40 प्रतिशत लोग स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, यह संख्या करीब 350 से 400 मिलियन है और जब हम यूरोप अथवा अन्य देशों की बात करते हैं तो उसके मुकाबले यह आंकड़ा काफी बड़ा है।’

देश में न्यूज चैनल्स की स्थिति के बारे में पंकज पचौरी ने कहा, ‘वर्ष 2015 से लेकर 2018 के बीच टेश में टीवी चैनल्स की ग्रोथ करीब 18 प्रतिशत रही, लेकिन वर्ष 2018 में अचानक इसमें गिरावट आ गई। इसलिए कह सकते हैं कि टीवी पर न्यूज देखने वालों की संख्या में कमी आ रही है। जब मैं टीवी की दुनिया में था तो टीवी पर न्यूज देखने वालों की संख्या 11 प्रतिशत थी और अब यह घटकर सात प्रतिशत पर आ गई है।’ उनका कहना था कि अंग्रेजी न्यूज का प्रतिशत घटा है, जबकि हिंदी और अन्य प्रादेशिक भाषाओं में न्यूज की स्थिति मजबूत हुई है।

मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में विज्ञापन खर्च (AdEx) के बारे में पंकज पचौरी का कहना था कि इस मामले में स्थिति काफी अच्छी है। यानी इस सेक्टर में विज्ञापन खर्च बढ़ रहा है। ग्रोथ की बात करें तो यह 12 प्रतिशत से ज्यादा है। पश्चिमी देशों की तरह भारत में भी डिजिटल  मीडिया की ग्रोथ काफी अच्छी दिखाई दे रही है और विज्ञापन खर्च के मामले में यह टेलिविजन के बाद दूसरे नंबर पर आने वाली है। भारत में डिजिटल पर सबसे ज्यादा खर्च सोशल मीडिया पर किया गया है।

आज के दौर में वॉट्सऐप किस तरह सूचना का सबसे बड़ा स्रोत बनता जा रहा है, के बारे में पंकज पचौरी का कहना था कि बड़ी पॉलिटिकल पार्टियां भी जब कोई जानकारी साझा करना चाहती हैं तो वे भी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उसे पहुंचाने के लिए वॉट्सऐप का इस्तेमाल कर रही हैं। उनका कहना था, ‘मुझे यह सुनकर काफी आश्चर्य हुआ कि देश में वॉट्सऐप इस्तेमाल करने वालों की संख्या 400 मिलियन से ज्यादा हो चुकी है। यह वाकई में बहुत बड़ी संख्या है। कह सकते हैं कि भारत में जितने भी लोगों के पास स्मार्टफोन है, उनमें लगभग सभी के पास वॉट्सऐप है।’

डिजिटल की दुनिया में भारत कैसे सबसे आगे निकल रहा है, के बारे में पंकज पचौरी का यह भी कहना था, ‘हमारे देश में डाउनलोड किए गए ऐप्स की संख्या लगभग एक बिलियन है और यह बहुत बड़ा आंकड़ा है।’ उन्होंने बताया कि लोगों द्वारा ऐप्स डाउनलोड करने में लगने वाली लागत कितनी ज्यादा थी, लेकिन डिजिटल फर्स्ट कंपनियों ने इसमें मदद के लिए किस तरह पैसा लगाया।    

पंकज पचौरी के अनुसार, ‘भारत की सोशल मीडिया इकनॉमी अभी भी बहुत खराब है और इसका कारण यह है कि प्रति यूजर रेवेन्यू काफी कम है।’ देश में डिजिटल मीडिया यूजर के बारे में पंकज पचौरी का कहना था, ‘हमारे देश के लोग ऑनलाइन पर उतना ज्यादा खर्च नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे अभी भी ऑनलाइन होने और इस पर ज्यादा खर्च करने में संदेह और संकोच कर रहे हैं।‘

पंकज पचौरी के अनुसार, ‘डिजिटल पर विज्ञापन खर्च के मामले में आए बदलाव का प्रतिशत देखें तो वर्ष 2016 में यह 110 प्रतिशत पहुंच गया था यानी इसमें काफी इजाफा हुआ था, लेकिन अब यह कम है। वर्ष 2021 में यह 20 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि डिजिटल में विज्ञापन खर्च बढ़ रहा है, लेकिन इसमें इतनी तेजी नहीं आ रही है, जितनी 2016 की शुरुआत में आई थी।’ आखिर में पंकज पचौरी ने सोशल मीडिया की असली चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला।

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Network18 में टॉप लेवल पर हुए बड़े बदलाव

देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 24 February, 2020
Last Modified:
Monday, 24 February, 2020
Network18

देश के प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘नेटवर्क18’ (Network 18) से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आई है। खबर ये है कि समूह की ऑनलाइन डिवीजन में टॉप लेवल पर फेरबदल किए गए हैं।

नए बदलावों के तहत ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ (Moneycontrol.com) वेबसाइट के एडिटर के रूप में कार्यरत संतोष नायर अब ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ (cnbctv18.com) में एडिटर की भूमिका संभालेंगे। वहीं, ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ के एडिटर के रूप में कार्यरत बिनॉय प्रभाकर को अब संतोष नायर की जगह ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ का एडिटर बनाया गया है।

इसके साथ ही ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ के न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत नजीम खान अब ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ में न्यूज एडिटर की कमान संभालेंगे। वहीं, ‘सीएनबीसीटीवी18 डॉट कॉम’ के न्यूज एडिटर के पद पर काम कर रहे शुभाशीष अब ‘मनीकंट्रोल डॉट कॉम’ में बतौर न्यूज एडिटर काम करेंगे।

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enba के विजेताओं को चुनने में क्यों करनी पड़ी जूरी को मशक्कत, बोले हरिवंश नारायण सिंह

दशकों से मैं डॉ. अनुराग बत्रा जी के उत्साह, ऊर्जा और खास तौर से उनकी टीम स्प्रिट व उनके विजन का भी कायल हूं। सवालों और जूरी के कामकाज में भी अनुराग जी की वो छाप मुझे देखने को मिली।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
harivansh

देश में टेलिविजन न्यूज इंडस्ट्री को नई दिशा देने और इंडस्ट्री को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इनबा का यह 12वां एडिशन था। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल थे। वहीं इस कार्यक्रम के दौरान जूरी मीट में चेयरपर्सन की महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राज्यसभा (Rajya Sabha) के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, ‘देश में टीवी न्यूज की दिशा में उल्लेखनीय काम करने वालों को दिए जाने वाले इन प्रतिष्ठित अवॉर्ड्स के विजेताओं को चुनने के लिए जो जूरी बनी, उसका चेयरपर्सन बनाकर मुझे जो सम्मान दिया गया है, उसके लिए मैं एक्सचेंज4मीडिया समूह और खासतौर पर अनुराग बत्रा जी को आभार व्यक्त करना चाहूंगा।

दशकों से डॉ. अनुराग बत्रा जी के उत्साह, ऊर्जा और खास तौर से उनकी टीम स्प्रिट व उनके विजन का भी कायल हूं। सवालों और जूरी के कामकाज में भी अनुराग जी की वो छाप मुझे देखने को मिली। जूरी के सदस्यों ने जिस गंभीरता से इस काम को अंजाम दिया, जितना होमवर्क करके आए, और बारीकी से एक-एक चीज को पूछा, उसके लिए उन्हें भी बहुत-बहुत धन्यवाद।

कार्यक्रम के दौरान जूरी मीट को लेकर हरिवंश नारायण सिंह ने कहा, 'मैंने अनुराग जी से आग्रह किया था कि सर्वसम्मति से जूरी के सदस्य निर्णय करें और यदि सर्वसम्मति से निर्णय न हो तो उच्च कोटि के प्रोसेस को अपनाए, ताकि कहीं कोई गलती न हो। फिलहाल इस तरह की कोई भी बात सामने नहीं आई, इसके लिए मैं जूरी के सभी सदस्यों और अनुराग जी को पुन: धन्यवाद देता हूं।'

उन्होंने कहा, ‘मैं भी पेशे से एक पत्रकार रहा हूं और आप सभी के ही बीच का रहा हूं। मैंने वर्ष 1977 में टाइम्स ऑफ इंडिया समूह के साथ ट्रेनी जर्नलिस्ट के तौर पर अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी और मैंने अपनी जिंदगी के कई दशक प्रिंट मीडिया की रिपोर्टिंग और एडिटिंग में गुजारे। यहां से काम करने के बाद मैंने छोटी सी जगह में एक ऐसे अखबार के साथ काम करना बेहतर समझा, जहां से मैं यह मसहूस कर सकूं कि पत्रकारिता समाज में क्या असर डाल सकती है। लेकिन इतने वर्षों में मैंने देश को सामाजिक और आर्थिक रूप से बदलते हुए बहुत करीब से देखा और देख रहा हूं और इसके लिए मैं आप सबको बधाई दे रहा हूं, क्योंकि जूरी के चेयरपर्सन के तौर पर मैंने आप सभी लोगों के कामकाज को  देखा, उससे मुझे इस बात पर भरोसा हो गया है कि देश में पत्रकारिता का भविष्य सुरक्षित हाथों में हैं और लोकतंत्र का यह चौथा खंभा आपके प्रयासों से लगातार मजबूत हो रहा है। खबरों में अलग-अलग रोचक प्रस्तुति या चैनल्स की अपनी-अपनी नीति, ये बेहतर चीज है क्योंकि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा से बेहतर चीजें निकलती हैं और उनकी प्रक्रिया की प्रस्तुति भी अलग हो सकती है। आप सभी में एक चीज जो कॉमन है वो ये कि बड़ी कड़ी मेहनत, इतना अधिक होमवर्क और इतना अधिक समय देते हैं चैनल को, तब इतना अच्छा आउटपुट और बेहतरीन चीजें सामने आ पाती हैं। इसलिए मैं आप सभी को बधाई देना चाहता हूं।

एक बात जो मैं आपको बताना चाहता हूं, वो ये है कि विभिन्न कैटेगरीज में अवॉर्ड्स के विजेताओं को चुनना आसान नहीं था। चाहे खबरों की बात हो या करंट अफेयर्स के टॉपिक्स हों, खोजपरक रिपोर्ट हो या फिर प्रॉडक्शन की ही बात क्यों न हो, इनमें से कई चैनल्स के मानक बहुत ऊंचे थे। इस तरह चैनल्स के बीच काफी कड़ा मुकाबला रहा और विजेताओं को चुनने में जूरी को काफी परिश्रम करनी पड़ी। कई कैटेगरीज में तो सभी नॉमिनीज ही एक तरह से विजेता हैं। मैं जूरी के सभी सम्मानित सदस्यों को इस बात के लिए धन्यवाद और बधाई देना चाहता हूं कि उन्होंने इतने कड़े मुकाबले के बीच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से विजेताओं को चुनने जैसा कठिन काम किया। इसके साथ ही मैं जूरी प्रक्रिया को इतने प्रभावी तरीके से संचालित करने और समय के साथ चलते हुए इसमें नई कैटेगरीज शामिल करने के लिए अनुराग बत्रा जी और एक्सचेंज4मीडिया की पूरी टीम को भी बधाई देता हूं।

मुझे यह देखकर काफी खुशी हो रही कि इसमें ऐसी कैटेगरीज भी शामिल की गई थीं, जो पर्दे के पीछे रहकर अपने काम को अंजाम देने वालों को पहचान देती हैं, जिनमें प्रड्यूसर, विडियोग्राफर्स, विडियो एडिटर्स और एडिटोरियल हेड्स शामिल हैं। टीवी न्यूज इन सभी लोगों के योगदान से ही बनती है। लोकतंत्र में न्यूज जनहित के लिए होती है। न्यूज ऑर्गनाइजेशन न केवल खबर देते हैं, बल्कि ये भी बताते हैं कि इस खबर का क्या महत्व है।

आज इंटरनेट के जमाने में इसका महत्व कम होने की बजाय और बढ़ गया है। अब ज्यादा से ज्यादा सूचनाएं तेजी से उपलब्ध हो रही हैं। तमाम तरह के नए फॉर्मेट और डिवाइस आ गए हैं, जिनके द्वारा ज्यादा लोगों तक सूचनाओं का प्रसार आसान हो गया है, जबकि पहले ऐसा नहीं था। पहले सिर्फ कुछ ही लोग, जिनके पास साधन थे, वहीं स्वतंत्र रूप से मीडिया चला पाते थे, लेकिन अब जिनके पास इंटरनेट कनेक्शन है और ट्विटर अकाउंट है, वह खुद न्यूज तैयार कर सकता है। इसका परिणाम यह हुआ है कि न्यूज तैयार करने वालों और न्यूज प्राप्त करने वालों के बीच जो रेखा थी, वह अब धुंधली हो गई है।

न्यूज के लिए पहले जिन लोगों को ऑडियंस, रीडर्स और कंज्यूमर्स मानते था, वह अब सोर्स, फैक्ट चेकर्स और ओपिनियन मेकर्स बन गए हैं। ऐसे माहौल में आपके जैसे प्रफेशनल न्यूज ऑर्गनाइजेशन की भूमिका पहले के मुकाबले ज्यादा महत्वपूर्ण और मूल्यवान हो गई है। ऐसा नहीं है कि इंटरनेट के कारण सभी खबरें सब तक पहुंच रही हैं और न ही निकट भविष्य में ऐसा होने वाला है। बल्कि इसके द्वारा फेक न्यूज और गलत खबरों के प्रसार में इजाफा हुआ है और इसके लिए अब हमें सावधान रहना पड़ेगा।  

आज मीडिया संस्थानों के सामने सामाजिक जिम्मेदारियों और व्यावसायिक हितों के बीच समन्वय रखते हुए लोगों तक खबरें पहुंचाना बड़ी चुनौती है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके जैसे प्रफेशनल और जिम्मेदार संस्थान इन चीजों को समझ रहे हैं और तमाम तरह के नए साधनों, फॉर्मेट्स और विभिन्न तरीकों से इस दिशा में अथक परिश्रम कर रहे हैं। निश्चित रूप से इन चुनौतियों से निपटने में टेक्नोलॉजी काफी मददगार साबित होगी, लेकिन हम किस तरह काम करते हैं और कैसे इनका इस्तेमाल करते है, ये आने वाले समय में सबसे बड़ी चुनौतियां होंगी। 

आखिर में मैं सभी अवॉर्ड्स विजेताओं और उन सभी लोगों को बधाई देता हूं, जिन्होंने अपने काम को नई पहचान दी है। मैं जूरी के सभी सम्मानित सदस्यों को भी धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने विजेताओं का चयन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।’

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जानें, बेस्ट न्यूज चैनल्स का अवॉर्ड जीतने पर क्या बोलीं इंडिया टुडे ग्रुप की कली पुरी

‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India today Group) ने हिंदी, अंग्रेजी और डिजिटल श्रेणी में अधिकांश अवॉर्ड्स जीतकर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Sunday, 23 February, 2020
Last Modified:
Sunday, 23 February, 2020
Kali Puri

देश में टेलिविजन न्यू ज इंडस्ट्री  को नई दिशा देने और इंडस्ट्री  को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने में अहम योगदान देने वालों को सम्मानित करने के लिए बहुप्रतिष्ठित ‘एक्स चेंज4मीडिया न्यूमज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  का आयोजन 22 फरवरी को नोएडा के रेडिसन ब्लू होटल में किया गया। इनबा का यह 12वां एडिशन था। समारोह में केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान मुख्य अतिथि थे।

‘एक्सचेंज फॉर मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड्स’ (enba)  के दौरान ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India today Group) ने हिंदी, अंग्रेजी और डिजिटल श्रेणी में अधिकांश अवॉर्ड्स जीतकर रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इंडिया टुडे ग्रुप के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई को ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। तो वहीं, टीवी टुडे नेटवर्क के न्यूज डायरेक्टर और ‘आजतक’ के मैनेजिंग एडिटर सुप्रिय प्रसाद को ‘एडिटर-इन-चीफ ऑफ द ईयर’ के सम्मान से नवाजा गया। आजतक के एग्जिक्यूटिव एडिटर रोहित सरदाना और एग्जिक्यूटिव एडिटर अंजना ओम कश्यप को सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल एंकर की कैटगरी में क्रमश: फर्स्ट और सेकेंड रनरअप के तौर पर रखा गया।  वहीं रोहित सरदाना ने बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग का खिताब भी अपने नाम किया। ‘दी लल्लनटॉप’ को साल 2019 में शानदार काम के लिए सर्वश्रेष्ठ डिजिटल मीडिया न्यूज चैनल के पुरस्कार से नवाजा गया।

इस मौके पर इंडिया टुडे ग्रुप की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी ने कहा, लोकसभा चुनाव किसी भी न्यूज चैनल के लिए परीक्षण की तरह होता है, क्योंकि हर चैनल अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है। इस साल अवॉर्ड जीतना और भी खास है, वो इसलिए क्योंकि हमारे न्यूजरूम में विविधता है। वहीं आजतक के सर्वश्रेष्ठ हिंदी न्यूज चैनल का अवॉर्ड जीतने पर उन्होंने कहा कि यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है और ये बात कि आजतक लीडरशिप की गारंटी है अपने आप में ही खासियत है। मैं यह भी कहना चाहूंगी कि बतौर टीम हमने सभी बड़े अवॉर्ड्स जीते हैं, चाहे वो हिंदी हो, अंग्रेजी हो या डिजिटल। यही बात हमें बाकियों से आगे खड़ा करती है। द्विभाषी फायदा होने के कारण हमें इंडिया और भारत को समझने में आसानी होती है, इसलिए भविष्य और भी उज्ज्वल है।

ENBA अवॉर्ड्स में ‘आजतक’ (Aaj Tak) की सीनियर एग्जिक्यूटिव एडिटर श्वेता सिंह के प्रोग्राम ‘श्वेत पत्र’ को बेस्ट बिजनेस प्रोग्राम से नवाजा गया है। श्वेता सिंह के ही प्रोग्राम ‘सीधी बात’ को बेस्ट टॉक शो का अवॉर्ड मिला है। बेस्ट यूज ऑफ टेक्नोलॉजी का भी अवॉर्ड आजतक के खाते में गया। ये पुरस्कार नवीन बिष्ट को दिया गया है। सर्वश्रेष्ठ करेंट अफेयर्स (अंग्रेजी) का अवॉर्ड इंडिया टुडे को ‘रेड रिपोर्ट: छत्तीसगढ़’ के लिए दिया गया।

देखिए, अवॉर्ड की लिस्ट-

इंडिया टुडे के 'रेड रिपोर्ट: छत्तीसगढ़' को बेस्ट करेंट अफेयर का ENBA अवॉर्ड

इंडिया टुडे के ‘न्यूजट्रैक’ को बेस्ट लेट प्राइम टाइम शो (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

राजदीप सरदेसाई को बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

नवीन बिष्ट को बेस्ट यूज ऑफ टेक्नोलॉजी का enba अवॉर्ड

रोहित सरदाना को बेस्ट स्पॉट न्यूज रिपोर्टिंग का enba अवॉर्ड

'सीधी बात' कार्यक्रम को बेस्ट टॉक शो (हिंदी) का enba अवॉर्ड

आजतक के कार्यक्रम 'खबरदार' को बेस्ट करेंट अफेयर का enba अवॉर्ड

'श्वेतपत्र' कार्यक्रम को बेस्ट बिजनेस प्रोग्राम (हिंदी) का enba अवॉर्ड

इंडिया टुडे के 'कैंपस फेस-ऑफ' को बेस्ट टॉक शो (इंग्लिश) का enba अवॉर्ड

Vice chairperson of india today group kalli purie says we have diversity in news room

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'IMPACT Person of the Year' के नाम से उठा पर्दा, जानें किसे मिला अवॉर्ड

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Friday, 21 February, 2020
Last Modified:
Friday, 21 February, 2020
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बहुप्रतीक्षित ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ (IMPACT Person of the Year award) के विजेता के नाम से गुरुवार को पर्दा उठ गया। ‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर (IMPACT Person of the Year) अवॉर्ड 2019’ का खिताब ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन ने जीता, जो कि हर साल एक्सचेंज4मीडिया समूह द्वारा मीडिया, मार्केटिंग और एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में बेहतरीन योगदान देने और ऊंचाइयों को छूने वालों को दिया जाता है। उन्होंने ऑनलाइन लर्निंग इकोसिस्टम में क्रांति लाने के लिए यह पुरस्कार जीता है।  मुंबई के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में 20 फरवरी को आयोजित कार्यक्रम में उन्हें यह अवॉर्ड दिया गया।

केरल के एक छोटे से गांव से पढ़ाई करने वाले बायजू रविंद्रन ने कोचिंग क्लास से शुरू कर आज ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसके बारे में शायद ही उन्होंने कभी सोचा होगा। रविंद्रन ने सिर्फ 2 लाख रुपए खर्चकर अपनी कोचिंग क्लास शुरू की थी। कोचिंग पढ़ाने के बीच में ही उन्हें एक खास आइडिया आया और उनकी कोचिंग का तरीका बदला और साथ ही उनकी किस्मत भी। आज कोचिंग क्लास से शुरू हो Byju’s इंडिया की सबसे बड़ी एडटेक कंपनी बन गई है, जिसके फाउंडर बायजू रविंद्रन हैं। उनके ही नेतृत्व में इस स्टार्टअप कंपनी ने एक चमत्कारिक वृद्धि दर्ज की और आज इस कंपनी की मार्केट  वैल्यू 8 बिलियन डॉलर की है।  

दरअसल, रविंद्रन को टीचिंग विरासत में मिली है। उनके माता-पिता भी टीचर थे। बचपन में रविंद्रन का पढ़ाई में मन नहीं लगता था, लेकिन जब बड़े हुए तो खुद टीचर बनने का सपना देखने लगे। पर उन्हें टीचिंग की जॉब नहीं मिली, तो उन्होंने कालीकट यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर लेने के बाद एक शिपिंग कंपनी को जॉइन कर लिया। उन्हीं दिनों रविंद्रन को पता चला कि उनके कुछ सहपाठी एमबीए की तैयारी कर रहे हैं तो उन्होंने सोचा, क्यों न वे अपनी नौकरी करते हुए उनकी भी कुछ मदद कर दिया करें। फिर क्या था, पार्ट टाइम वह उन्हें एमबीए की तैयारी भी कराने लगे।

सहपाठियों को मिली सफलता को देख रविंद्रन को कोचिंग क्लास चलाने का पहला आइडिया सूझा। कोचिंग से अच्छी कमाई होने लगी तो वह आसपास के अन्य शहरों में भी जा-जाकर कोचिंग देने लगे। वर्ष 2009 में पहली बार 'कैट' के लिए उन्होंने ऑनलाइन विडियो लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया। इसके बाद उनके दिमाग में इस कोचिंग को एक बड़ी बिजनेस कंपनी बनाने के लिए ऑनलाइन क्लास चलाने का एक और नया आइडिया आया। वह उसे बड़ा प्रोजेक्ट बनाने में जुट गए। शुरुआती दौर में तकनीकी इंफ्रॉस्ट्रक्चर खड़ा कर लेने बाद 2011 में उन्होंने सबसे पहले एक कंपनी के रूप में अपने स्टार्टअप को नाम दिया- बायजू इंडिया (थिंक एंड लर्न)। उसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने अपना फ्लैगशिप प्रोडक्ट ‘BYJU- द लर्निंग ऐप’ भी लॉन्च कर दिया। स्मार्टफोन के जमाने में बस यही प्रयोग उनके लिए गेमचेंजर बन गया। बायजू कन्टेंट को छोटा और आकर्षक बनाकर बच्चों का ध्यान खींचती है।

‘इंपैक्ट पर्सन ऑफ द ईयर 2019’ पर टिप्पणी करते हुए कहा एक्सचेंज4मीडिया ग्रुप के चेयरमैन व एडिटर-इन-चीफ डॉ.अनुराग बत्रा ने कहा कि बायजू रविंद्रन ने अपने जुनून को ही अपना प्रोफेशन बनाया और 8 बिलियन डॉलर की बायजू कंपनी तैयारी की। निसंदेह बायजू ‘अमेजन ऑफ एजुकेशन ’है। उन्होंने शिक्षा जैसी श्रेणी में एक अद्भुत ब्रैंड बनाकर दिखाया है। बायजू दर्शाता है कि IPOY का क्या मतलब है- इनोवेशन, लीडरशिप, स्केल, गेमचेंजिंग और सहयोगपूर्ण साझेदारी। निकट भविष्य में बायजू भारत से निकलने  वाली एक वैश्विक कंपनी बन सकती है।

गौरतलब है कि इस अवॉर्ड की रेस में ‘Byju’ के फाउंडर व सीईओ बायजू रविंद्रन के अलावा 6 अन्य नॉमिनी भी मैदान में थे, जिनमें ‘InMobi Group’  के फाउंडर व सीईओ नवीन तिवारी, डब्ल्यूपीपी (WPP) के कंट्री मैनेजर सीवीएल श्रीनिवास, ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ (India Today Group) की वाइस चेयरपर्सन कली पुरी, ‘ओयो रूम्स’ (Oyo Rooms) के फाउंडर व सीईओ रितेश अग्रवाल, ‘Affle’ के फाउंडर, चेयरमैन व सीईओ अनुज खन्ना सोहम शामिल थे। इसके अतिरिक्त जॉइंट नामिनी में शामिल थे ‘इंडियामार्ट’ (IndiaMart) के कोफाउंडर व डायरेक्टर ब्रिजेश अग्रवाल और ‘इंडियामार्ट’ के ही को-फाउंडर व सीईओ दिनेश अग्रवाल।

 

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TRAI के खिलाफ याचिका पर हाई कोर्ट ने उठाया ये कदम  

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
TRAI

‘ऑल इंडिया डिजिटल केबल फेडरेशन’ (AIDCF) और ‘टेलिकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया’ (ट्राई) के बीच चल रहे दो मामलों को केरल हाई कोर्ट ने 28 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

केरल हाई कोर्ट ने पहले एक अंतरिम आदेश पारित किया था जिसमें TRAI को AIDCF के हितों को देखते हुए कोई भी सख्त कदम उठाने के लिए मना किया था।

बता दें कि 4 फरवरी को हाई कोर्ट ने यह मामला 18 फरवरी के लिए स्थगित कर दिया था।

वहीं दूसरी तरफ, बॉम्बे हाई कोर्ट ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) मामले को 26 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया है।

गौरतलब है कि ‘AIDCF’ ने ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 (NTO 2.0) के खिलाफ आठ जनवरी को केरल हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘AIDCF’ का कहना था कि ब्रॉडकास्टर्स और ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ (DPOs) के बीच प्लेसमेंट, मार्केटिंग समेत अन्य एग्रीमेंट ट्राई के दायरे में नहीं आते हैं।   

वहीं, 9 जनवरी को हाई कोर्ट ने इस मामले को 4 फरवरी तक के लिए स्थगित कर दिया था और ट्राई को इस याचिका के जवाब में अपना हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। इस पर ट्राई के वकील की ओर से 1 फरवरी को हलफनामा दायर किया गया था।  

बता दें कि ‘इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फेडरेशन’ (IBF) ने भी ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर-2.0 को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी हुई है।  

दरअसल, ट्राई ने रेगुलेटर्स को ‘डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म ऑपरेटर्स’ के साथ किए गए सभी तरह के एग्रीमेंट्स की सूचना देने के लिए कहा है। इनमें कॉमर्शियल विवरण, मार्केटिंग, प्लेसमेंट के साथ ही एड स्लॉट्स को लेकर किए गए एग्रीमेंट्स आदि की सूचना देना भी शामिल है। ‘AIDCF’ ने ट्राई के इस कदम को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।

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मीडिया के विरोध में सांसद ने लांघी शब्दों की मर्यादा, मचा हंगामा तो मांगी माफी

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
dmk

पत्रकारों को अपने काम के लिए क्या-क्या नहीं सहना पड़ता, इसके बावजूद कभी उन्हें किसी का समर्थक करार दिया जाता है तो किसी का विरोधी। कुछ लोग तो पत्रकारों की बुराई में शब्दों की मर्यादा को भी ताक पर रखने से पीछे नहीं हटते। डीएमके सांसद आरएस भारती भी उन्हीं लोगों में से एक हैं। भारती ने मीडिया हाउस और पत्रकारों की तुलना मुंबई के रेड लाइट एरिया से की है। हालांकि, मीडिया संगठनों के तीखे ऐतराज के बाद उन्होंने माफी मांग ली, लेकिन उनके शब्दों में मीडिया के प्रति उनकी सोच झलकती है और उसे माफी से बदला नहीं जा सकता।

दरअसल, सांसद महोदय को लग रहा है कि तमिलनाडु मीडिया उनकी पार्टी के खिलाफ अभियान चला रहा है, ताकि विधानसभा चुनाव में उसे नुकसान पहुंचाया जा सके, इसलिए वह मीडिया से खासे नाराज चल रहे हैं। जब एक पार्टी कार्यक्रम में उन्हें बोलने का मौका मिला, तो मीडिया के खिलाफ मन की भड़ास को उन्होंने झट से निकाल दिया, लेकिन इस फेर में वह इतना ज्यादा बोल गए कि बाद में अपने शब्दों पर खेद जाताना पड़ा।

आरएस भारती ने आरोप लगाया कि पत्रकार तमिलनाडु में डीएमके के खिलाफ अभियान चला रहे हैं। पार्टी पर मीडिया का हमला तब से तेज हो गया है, जबसे पार्टी ने अपने चुनावी अभियान के लिए प्रशांत किशोर को राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है। अपनी बात को आगे ले जाते हुए उन्होंने कहा कि मीडिया हाउस का उद्देश्य सिर्फ पैसा है और वह मुंबई के रेड लाइट एरिया की तरह चल रहे हैं।

मीडिया पर अपनी इस टिप्पणी के बाद सांसद महोदय को चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर जहां पत्रकारों ने उन्हें घेरा, वहीं चेन्नई प्रेस क्लब ने भी कड़ा विरोध दर्ज किया।

‘द न्यूज मिनट’ की पत्रकार मेघा कावेरी ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘मुझे लगता है पत्रकार वोट बैंक नहीं होते, इसलिए उनके खिलाफी टिप्पणी के लिए कोई पछतावा न माफी नहीं।’

मामला बढ़ता देख डीएमके चीफ एम.के. स्टालिन मैदान में उतरे और उनके कहने पर आरएस भारती ने मीडिया से माफी मांग ली। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि पार्टी के रणनीतिकार प्रशांत किशोर के संदर्भ में उनका बयान उचित था।

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‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ को हेमंत अरोड़ा ने बोला बाय

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड हेमंत अरोड़ा ने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 19 February, 2020
Last Modified:
Wednesday, 19 February, 2020
HemantArora

‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ (Discovery Communications India) में न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड हेमंत अरोड़ा ने कथित तौर पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडस्ट्री के उच्च स्तरीय सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि की है।

अरोड़ा 2019 में ‘डिस्कवरी कम्युनिकेशंस इंडिया’ से जुड़े थे। तब से ही वे न्यू रेवेन्यू स्ट्रीम के हेड की भूमिका निभा रहे थे। इसके पहले, वे ‘टाइम्स नेटवर्क’ (Times Network) के साथ थे, जहां उन पर टाइम्स इन्फ्लुएंस (Times Influence) के बिजनेस हेड की जिम्मेदारी थी। टाइम्स में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने नेटवर्क चैनलों के लिए अलग-अलग समय पर सेल्स हेड के तौर पर अपनी जिम्मेदारी संभाली, जिसमें ‘टाइम्स नाउ’ (Times Now), ‘ईटी नाउ’ (ET Now) और ‘जूम’ (Zoom) चैनल शामिल है। इसके पहले   

इससे पहले, अरोड़ा ने ‘दैनिक भास्कर’ (Dainik Bhaskar) और ‘एनडीटीवी मीडिया’ (NDTV Media) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया ऑर्गनाइजेशंस की सेल्स टीम में बड़े पद पर काम किया। अरोड़ा फिलहाल मुंबई से अपना कार्यभार संभालेंगे और डिस्कवरी की साउथ एशिया की मैनेजिंग डायरेक्टर मेघा टाटा को रिपोर्ट करेंगे।

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वरिष्ठ पत्रकार रजत शर्मा ने जन्मदिन पर दिया अपनों को खुश रखने का ‘मंत्र’

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
Rajat Sharma

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने मंगलवार को अपना जन्मदिन नोएडा में इंडिया टीवी के ऑफिस में केक काटकर मनाया। इस मौके पर उन्होंने इंडिया टीवी से जुड़े लोगों को खुश रहने का मंत्र भी दिया।

इस दौरान रजत शर्मा का कहना था, ‘मैं आप सबसे यही कहना चाहता हूं कि खाओ-पियो मौज करो, सब करो लेकिन अपनी सेहत का जरूर ध्यान रखो। आज के जमाने में सबसे जरूरी है कि आप अपनी सेहत का ध्यान रखें। थोड़ी एक्सरसाइज करेंगे और डाइट का ध्यान रखेंगे, स्वस्थ रहेंगे तो परिवार खुश रहेगा, दोस्त खुश रहेंगे और आप जिनके साथ काम करते हैं, वो सब खुश रहेंगे। यह हम सबको अच्छा लगेगा।’

बता दें कि रजत शर्मा ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (NBA) के प्रेजिडेंट हैं और इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन के वाइस प्रेजिडेंट भी हैं। इसके अलावा वे ‘दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ’ (डीडीसीए) के पूर्व प्रेजिडेंट रह चुके हैं। रजत शर्मा को लोकप्रिय शो ‘आप की अदालत’ के लिए ज्यादा जाना जाता  है। यह शो पिछले करीब 30 वर्षों से लगातार दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने में कामयाब रहा है। इस शो के कारण, उन्हें कई बार बेस्ट एंकर अवॉर्ड से नवाजा गया है। इसके अलावा इंडियन टेलिविजन एकेडमी लाइफटाइम एचीवमेंट अवॉर्ड की उपलब्धि भी उन्हें हासिल है। उन्हें साल 2016 में पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है। 

टेलिविजन में आने से पहले रजत शर्मा 10 वर्षों तक प्रिंट मीडिया में रहे और कई राष्ट्रीय प्रकाशनों में संपादक की भूमिका निभाई। 1995 में उन्होंने भारत के पहले प्राइवेट टेलिविजन न्यूज बुलेटिन की शुरुआत की और यह भारतीय मीडिया के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुआ।

इंडिया टीवी के ऑफिस में मनाए गए रजत शर्मा के जन्मदिन और उनके द्वारा दिए गए संदेश को आप इस विडियो में देख सकते हैं।

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बीमारी से लड़ते हुए संपादक एम.एस.मणि ने दुनिया से ली विदाई

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया।

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Tuesday, 18 February, 2020
Last Modified:
Tuesday, 18 February, 2020
MS-Mani

मलयालम पत्रिका ‘कला कौमुदी’ (Kala Kaumudi) के मुख्य संपादक एम.एस.मणि का मंगलवार तड़के उनके आवास पर निधन हो गया। वह 79 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुतबिक उन्होंने मंगलवार यानी आज तड़के कुमारापुरम स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। उनके परिवार में पत्नी डॉ. कस्तूरी और दो पुत्र सुकुमारन और वलासमणि हैं। वह ‘कला कौमुदी’ के संस्थापक संपादक के. सुकुमारन और और माधवी सुकुमारन के ज्येष्ठ पुत्र थे।

तिरुवनंतपुरम के एक कॉलेज से बीएससी की उपाधि लेने के बाद उन्होंने 1961 में ‘केरल कौमुदी’ (Kerala Kaumudi) से स्टाफ रिपोर्टर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी और 1975 में कला कौमुदी पब्लिकेशंस की शुरुआत की थी।

उन्होंने 1962 में लोकसभा और राज्यसभा की रिपोर्टिंग भी की थी और तिरुवनंतपुरम में 1965 में आने के बाद उन्होंने ‘केरल कौमुदी’ के संपादकीय पद की जिम्मेदारी काफी लंबे समय तक संभाली थी।

वह भारतीय समाचार पत्र सोसायटी की समिति के सदस्य भी थे और इंडियन न्यूजपेपर एडिटर्स कॉन्फ्रेंस के सदस्य रहे थे।

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