मीडिया एजुकेशन पर केजी सुरेश ने HRD मिनिस्टर को लिखा लेटर, सुझाए ये 12 पॉइंट्स

इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने आए हैं

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Wednesday, 31 July, 2019
Last Modified:
Wednesday, 31 July, 2019
KG Suresh

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘भारतीय जनसंचार संस्थान’ (IIMC) के पूर्व महानिदेशक और वरिष्ठ पत्रकार केजी सुरेश ने मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर 12 पॉइंट्स सुझाए हैं।

वर्तमान में दिल्ली के एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन और मध्य प्रदेश की जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी स्थित जागरण स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की फैकल्टी में बतौर एमरेटस प्रोफेसर (Emeritus Professor) कार्यरत केजी सुरेश ने नई एजुकेशन पॉलिसी को लेकर राष्ट्रव्यापी डिबेट कराए जाने को लेकर भी पोखरियाल को बधाई दी है।

डॉ. पोखरियाल को लिखे अपने पत्र में केजी सुरेश ने कहा है, ‘पिछले तीन दशक से मीडिया एजुकेटर और पत्रकार के रूप में मैं आपके समक्ष नई एजुकेशन पॉलिसी, खासकर जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन एजुकेशन को लेकर कुछ सुझाव रखना चाहता हूं। इन सुझावों को कई पत्रकारों और शिक्षाविदों से सलाह के बाद तैयार किया गया है। इनमें से अधिकांश सुझाव नोएडा के प्रेरणा संस्थान में 28 जुलाई को हुए राउंड टेबल डिस्कशन में सामने निकलकर आए हैं।’

इस पत्र में केजी सुरेश ने कहा है कि इन सुझावों को प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) में शामिल किया जा सकता है। इस पत्र में यह भी कहा गया है, ‘ इनमें से कुछ पॉइंट्स सीधे प्रस्तावित नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के दायरे में नहीं आ सकते हैं, लेकिन फिर भी बड़े पैमाने पर शिक्षा से संबंधित हैं। मुझे विश्वास है कि नई पॉलिसी को अंतिम रूप देते समय आप निश्चित रूप से उपरोक्त 12 पॉइंट्स पर विचार करेंगे। यह न केवल मीडिया और मीडिया एजुकेशन के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि शासन और समाज के लिए भी इनका अलग महत्व है।’

केजी सुरेश द्वारा सुझाए गए इन 12 पॉइंट्स को आप यहां देख सकते हैं।

1. Introduce Media Literacy Programmes (MLP) from at least the middle school as the students are getting exposed to media in a manner unprecedented in human history.

2. Introduce Communication as an integral part of all programmes at secondary and senior secondary level, particularly in the stream of Science and Humanities.

3. Introduce Mass Communication as an optional subject right from standard IX in schools.

4. Establish a National Communications University on the lines of similar institutions in countries such as China, which would nurture indigenous research and publication in the field.

5. Include Mass Communication as an optional subject in the civil services examinations conducted by UPSC.

6. Recognition of Mass Communication as an independent discipline which would ensure that instead of English and Hindi departments teaching the subject at colleges in institutions like Delhi University, there would be Department of Mass Communication in every college.

7. There should be standardization of media education to ensure that teaching shops do not deprive the students of quality curricula and infrastructure.

8. Government should establish Media Labs in all higher secondary schools to nurture an informed society and promote Citizen Journalism.

9. A Media Council of India be established to give recognition to Media Schools for conducting Diploma/UG/PG/Doctoral programmes, on the lines of the Medical/Bar Councils of India.

10. An all India Common Test for Communication (CTC) be conducted for Mass Communication programmes, based on reasoning, linguistic skills and General Knowledge, so that the best students are able to get admission in leading media educational institutions, on the lines of NEET, JEE etc

11. Bring all media related educational institutions including IIMC, FTII, Pune & SRFTI, Kolkata under the HRD/Education Ministry to ensure that students/faculty get the same facilities at par with other universities.

12. The management of educational institutions, media related or otherwise, should be in the hands of media persons, academicians or educationists and not career bureaucrats.

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारों को लेकर प्रज्ञा ठाकुर के बिगड़े बोल, हो रहा विरोध

बयान से गुस्साए पत्रकारों ने प्रज्ञा ठाकुर से माफी मांगने के साथ ही बीजेपी आलाकमान से उन्हें पार्टी से निकालने की मांग उठाई है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Thursday, 19 September, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 September, 2019
Pragya Thakur

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वालीं व भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर नए विवाद में फंस गई हैं। अब उन्होंने पत्रकारों को बेईमान बता दिया है। प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर पत्रकार काफी गुस्सा हैं और उन्होंने प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। इसके साथ ही पत्रकारों ने बीजेपी आलाकमान से प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से निकालने की मांग भी उठाई है।

दरअसल, प्रज्ञा ठाकुर ने ये बयान मंगलवार को सीहोर जिले की यात्रा के दौरान दिया। यहां वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 69वें जन्मदिन पर फलों का वितरण करने आई थीं। पत्रकारों ने मध्य प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुददों पर उनकी टिप्पणी चाही थी। इस पर प्रज्ञा का हंसते हुए कहना था, ‘एक भी ईमानदार नहीं है। हां हम बोल रहे हैं, सुनो तुम्हारी तारीफ, जितने भी सीहोर के मीडियावाले हैं, सब बेईमान हैं।’

प्रज्ञा ठाकुर की इस टिप्पणी पर पत्रकार गुस्सा हो गए। इसके बाद स्थानीय पत्रकारों के एक समूह ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर प्रज्ञा ठाकुर से माफी की मांग की। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कैसे मीडियाकर्मियों को बेईमान बताया, वह आप इस विडियो में देख सकते हैं। 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार सायना धेनुगारा ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर किताब भी लिख चुकी हैं सायना धेनुगारा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Syna

‘सीएनबीसी-टीवी18’ (CNBC-TV18) की फीचर एडिटर सायना धेनुगारा ने अब अपने करियर को नई दिशा दी है। उन्होंने बेंगलुरु के स्टार्ट अप ‘लेट्सवेंचर’ (LetsVenture) में बतौर चीफ ब्रैंड ऑफिसर जॉइन किया है। यह एक इन्वेस्टमेंट प्लेटफॉर्म है। अपनी नई भूमिका में धेनुगारा ‘लेट्सवेंचर’ के फाउंडर्स शांति मोहन और संजय झा के साथ ही सीनियर लीडरशिप टीम के साथ मिलकर काम करेंगी।   

‘CNBC-TV18’ में रहते हुए धेनुगारा टेक्नोलॉजी, नई अर्थव्यवस्था, पॉलिसी प्रभाव पर काम करने के साथ ही स्टार्ट अप्स व एंटरप्रिन्योरशिप पर बने शो ‘यंग टर्क्स’ को भी संभाल चुकी हैं। अपने 13 साल के पत्रकारिता के करियर में वह ‘CNBC-TV18’ की मैनेजिंग एडिटर शीरीन भान के साथ मिलकर ‘Young Turks-Inspiring Stories of Tech Entrepreneurs’ के नाम से किताब भी लिख चुकी हैं। इस किताब में ऊंचा मुकाम पाने वाले 13 एंटरप्रिन्योर की प्रेरक कहानियां हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

लाइव डिबेट में पैनलिस्ट के साथ हुआ कुछ ऐसा, विडियो वायरल

कश्मीर के मुद्दे पर चल रही थी चर्चा, विडियो वायरल होने के साथ ही सोशल मीडिया पर जमकर उड़ाया जा रहा है मजाक

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Debate Show

कश्मीर के मुद्दे को लेकर पाकिस्तान के ‘GTV’ टेलिविजन चैनल पर हो रही लाइव डिबेट के दौरान एक पैनलिस्ट अचानक अपनी कुर्सी से लड़खड़ाकर गिर पड़ा। इस घटना से जुड़े विडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों ने इस पैनलिस्ट को निशाने पर ले लिया और जमकर मजाक उड़ाना शुरू कर दिया।

कुछ लोगों ने तो इसकी तुलना कश्मीर मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करने के दौरान पाकिस्तान के रेलमंत्री शेख रशीद को लगे करंट से कर दी। कुछ लोगों ने मजाक में यह भी कहना शुरू कर दिया है कि जरूर इस पैनलिस्ट ने भी मोदी का मजाक उड़ाया होगा।  

पाकिस्तान की पत्रकार @nailainayat (नायला इनायत) ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस विडियो को शेयर किया है। आप भी इस विडियो को यहां देख सकते हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

मीडिया से जुड़े मुद्दों का अब इस तरह समाधान करेगी सरकार

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया फैसला

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Media

पाकिस्तान में मीडिया से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए अब विशेष मीडिया न्यायाधिकरणों (Special Media Tribunals) का गठन किया जाएगा। पाकिस्तान की सरकार ने इसकी घोषणा की है। बताया जाता है कि प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री की विशेष सहायक (सूचना) फिरदौस आशिक अवान ने मंगलवार को बताया कि ये न्यायाधिकरण पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया नियामक प्राधिकरण (PEMRA) की शिकायत परिषद की जगह लेंगे।

उन्होंने बताया कि न्यायाधिकरणों के गठन के लिए संसद में कानून बनाया जाएगा। इन न्यायाधिकरणों में मीडिया से जुड़े मुद्दे 90 दिन के भीतर सुलझाए जाएंगे और ये न्यायाधिकरण किसी न्यायपालिका के तहत काम करेंगे। ये न्यायाधिकरण सरकारी नियंत्रण या प्रभाव से मुक्त होंगे और सरकारी अधिकारी भी उनके प्रति जवाबदेह होंगे।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सिर्फ इतनी सी बात पर पत्रकार की कर दी पिटाई, थाने पहुंचा मामला

अपने साथी के साथ होटल में भोजन करने गए थे पत्रकार, पुलिस ने एक आरोपित को किया गिरफ्तार

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
Attack on Scribe

देश भर में पत्रकारों पर हमलों की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। आए दिन इस तरह के मामले सामने आते रहते हैं। इस लिस्ट में अब एक और मामला जुड़ गया है। यह मामला झारखंड के पाकुड़ का है, जहां पर शहर के प्रसिद्ध होटल से भोजन कर लौट रहे पत्रकार राजकुमार कुशवाहा और उनके साथी पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। हमले में पत्रकार व उनके साथी को काफी चोट आई हैं। पीड़ित पत्रकार ने इस मामले में थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है।  

बताया जाता है कि पाकुड़ प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष और एक दैनिक अखबार में पत्रकार राजकुमार कुशवाहा अपने साथी के साथ आरके पैलेस रेस्टोरेंट में भोजन करने गए थे। इसी दौरान खाने की क्वालिटी और बिल के संदर्भ में उनकी बातचीत वेटर राय से हुई। उन्होंने खाने की क्वालिटी को लेकर मैनेजर से बात करनी चाही लेकिन वेटर ने मैनेजर को न बोलकर जयंतो दुबे और तन्मय त्रिवेदी नामक दो लड़कों को बुला लिया।

इसके बाद तीनों ने कुशवाहा व उनके साथी से मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने वेटर को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं एक आरोपित के परिवार के सदस्य को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इस मामले में अन्य आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है।

घटना की जानकारी मिलते ही पाकुड़ प्रेस क्लब के सदस्यों ने एसपी राजीव रंजन सिंह को ज्ञापन सौंपकर नामजद अभियुक्तों को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार करने की मांग की है। 24 घंटे के अंदर आरोपितों की गिरफ्तारी न होने पर मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने की चेतावनी दी गई है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

न्यूज चैनलों के संपादकों के संगठन NBA की नई कार्यकारिणी गठित, देखें लिस्ट

न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन की 17 सितंबर को 12वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में की गई घोषणा

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Wednesday, 18 September, 2019
Last Modified:
Wednesday, 18 September, 2019
NBA

‘इंडिया टीवी’ के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा को निजी टेलिविजन न्यूज चैनल्स का प्रतिनिधित्व करने वाले समूह 'न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन' (एनबीए) का दोबारा प्रेजिडेंट चुना गया है। 17 सितंबर को एनबीए की 12वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में यह घोषणा की गई। इस मौके पर एनबीए के नवनियुक्त पदाधिकारियों की घोषणा भी की गई।

एनबीए के बोर्ड में ‘न्यूज24 ब्रॉडकास्ट इंडिया लिमिटेड’ की चेयरपर्सन कम एमडी अनुराधा प्रसाद शुक्ला, ‘टाइम्स नेटवर्क’ के एमडी और सीईओ एमके आनंद, ‘मातृभूमि प्रिंटिंग एंड पब्लिशिंग कंपनी लिमिटेड’ के जॉइंट एमडी एमवी श्रेयम्स कुमार, ‘टीवी18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड’ के एमडी राहुल जोशी, ‘एबीपी न्यूज नेटवर्क’ के सीईओ अविनाश पांडे, ‘इनाडु टेलिविजन प्राइवेट लिमिटेड’ के डायरेक्टर आई. वेंकट, ‘टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड’ की चेयरपर्सन और एमडी कली पुरी और ‘एनडीटीवी’ की एडिटोरियल डायरेक्टर सोनिया सिंह को शामिल किया गया है।  

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकारों के लिए इस सरकारी योजना में आवेदन करने की तारीख बढ़ी

अभी तक 20 सितंबर रखी गई थी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन फार्म जमा करने की तारीख

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Media

मध्य प्रदेश सरकार के जनसंपर्क विभाग ने पत्रकार स्वास्थ्य एवं दुर्घटना समूह बीमा योजना में आवेदन करने की अंतिम तारीख को 20 सितंबर से बढ़ाते हुए 25 सितंबर कर दिया है। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने बताया कि पत्रकार बीमा योजना के तहत फार्म भरने की समय सीमा बढ़ाने के साथ-साथ बीमा कंपनी द्वारा बढ़ाए गए प्रीमियम को कम करने का प्रस्ताव बीमा कंपनी मुख्यालय भेजा गया है, ताकि अधिक से अधिक पत्रकार इस योजना का लाभ ले सकें।

एमपी वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन के अध्यक्ष राधावल्लभ शारदा ने समाचार4मीडिया.कॉम को बताया कि बीमा के प्रीमियम को कम करने के लिए यूनियन ने जनसंपर्क विभाग को इस बाबत ज्ञापन सौंपा था। प्रीमियम राशि कम न करने की सूरत में इस राशि को सरकार द्वारा जमा कराये जाने की अपील की गई थी, ताकि इस योजना में ग्रामीण अंचल के पत्रकारों को भी योजना का पूरा लाभ दिलाया जा सके।

यह भी पढ़ें: इस सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए पत्रकारों के पास सुनहरा मौका

हालांकि प्रीमियम की राशि अभी तक कम नहीं की गई है, जिसके चलते पत्रकारों में ऊहापोह की स्थिति है। माना जा रहा है कि योजना की अंतिम तिथि से पूर्व 24 सितंबर को जनसंपर्क द्वारा इस संबंध में घोषणा की जा सकती है। मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा बीमा योजना से जुड़ी खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

हार्ट अटैक से पीड़ित वरिष्ठ पत्रकार का कुछ यूं छलका दर्द

ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों के लिए सरकारी स्तर पर कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने की उठाई मांग

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Shankar Dev

पत्रकारों को अपने काम के दौरान तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एक जुझारु पत्रकार इन सब परेशानियों से जूझते हुए अपनी कलम को कभी रुकने नहीं देता और लगातार अपने ‘मिशन’ में जुटा रहता है। लेकिन जब कभी पत्रकार पर संकट आता है, तो प्राय: देखने में आता है कि वह अकेला पड़ जाता है और उसके हकों की लड़ाई लड़ने के लिए कोई आगे नहीं आता है।

कुछ ऐसा ही हो रहा है आगरा के वरिष्ठ पत्रकार शंकर देव तिवारी के साथ जिन्होंने अपनी जिंदगी के करीब 35 साल पत्रकारिता के नाम कर दिए, लेकिन अब जब हार्ट अटैक के कारण वे बिस्तर पर हैं, तब उन्हें किसी भी तरह की मदद नहीं मिल रही है।

शंकर देव तिवारी का इस बारे में कहना है कि सरकार को ग्रामीण पत्रकारों की मदद के लिए सरकारी योजनाएं बनानी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का संकट आने पर वे उसका सामना कर सकें। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों को भविष्य निधि जैसी किसी तरह की सुविधा नहीं मिलती है, ऐसे में गंभीर बीमारी अथवा अन्य विपदा के समय काफी मुश्किल होती है। शंकर देव तिवारी के अनुसार, आजकल पत्रकारिता एक मिशन नहीं रह गई है, शब्द बेकार हो गए हैं और पत्रकारिता की आड़ में कुछ लोग अपने हित साधने में लगे हैं।

गौरतलब है कि शंकर देव तिवारी ने वर्ष 1984 में अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत ‘विकासशील भारत’ के साथ की थी। वर्ष 1986 में यहां से अलविदा कहकर उन्होंने ‘अमर उजाला’ से अपनी नई पारी शुरू की और 1993 तक यहां अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद वे ‘आज’ से जुड़ गए। इस अखबार के साथ वह करीब 12 साल तक जुड़े रहे और अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया।

वर्ष 2005 में ‘आज’ के बाद उन्होंने ‘दैनिक भास्कर’ का दामन थाम लिया और करीब तीन साल की पारी के दौरान ग्वालियर व धौलपुर में ब्यूरो चीफ के पद पर अपनी भूमिका का निर्वाह किया। 2008 में उन्होंने ‘अमर उजाला’ में वापसी की और करीब दो साल तक अपनी जिम्मेदारी निभाई।

शंकर देव तिवारी का सफर यहीं नहीं रुका। वर्ष 2010 में वे ‘बीपीएन टाइम्स’ से बतौर संपादक जुड़ गए करीब 2016 तक यहां अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद उन्होंने ‘सी एक्सप्रेस’ में बतौर न्यूज एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाली। 14 फरवरी 2018 को उन्हें आगरा में बतौर रेजिडेंट एडिटर ‘जनसंदेश टाइम्स’ अखबार की लॉन्चिंग का जिम्मा सौंपा गया था। इन दिनों वे समाचार संपादक के रूप में इस अखबार की लॉन्चिंग की तैयारियों में जुटे हुए थे। इसी बीच 28 अगस्त 2019 को उन्हें हार्ट अटैक आ गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। फिलहाल ग्लोबल अस्पताल के डॉ. सुवीर गुप्ता की देखरेख में उनका इलाज चल रहा है और वे बेड रेस्ट पर हैं।

ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन की उत्तर प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष शंकर देव तिवारी का कहना है कि उन्हें बीमारी की हालत में न किसी संस्थान से और न ही सरकार से किसी तरह की आर्थिक मदद मिली। इलाज-दवाओं का खर्च सब निजी तौर पर करना पड़ा। उन्होंने मांग उठाई है कि सरकार को इस बारे में आगे आकर ग्रामीण पत्रकारों के भले के लिए कुछ कल्याणकारी योजनाएं शुरू करनी चाहिए, ताकि उनकी तरह किसी और पत्रकार को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वसूली के लिए काम नहीं आया तीन ‘पत्रकारों’ का ये फंडा, भेजे गए जेल

तीनों आरोपितों ने खुद को वेबपोर्टल का पत्रकार बताया था, पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीनों को कर लिया गिरफ्तार

पंकज शर्मा by पंकज शर्मा
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
Crime

खुद को पत्रकार बताकर अवैध वसूली करना तीन लोगों को भारी पड़ गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया है। बता दें कि हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बल्लभगढ़ के दशहरा मैदान में इन दिनों छठ मेला लगा हुआ है।

आरोप है कि रविवार को तीन लोग वहां पहुंचे और खुद को वेब पोर्टल का पत्रकार बताते हुए मेला संचालक आमिर खान पर अश्लीलता फैलाने का आरोप लगाया। इसके बाद तीनों ने विडियो वायरल करने की धमकी देते हुए मेला संचालक से रुपयों की मांग शुरू कर दी और पांच हजार रुपए ऐंठ लिए।

तीनों 20 हजार रुपए की मांग और कर रहे थे। मेला संचालक ने इसकी शिकायत पुलिस से कर दी। इस पर पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को तीनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपितों की पहचान जौली, मनोज और केसी माहौर के रूप में हुई है। तीनों युवकों ने खुद को वेब पोर्टल का पत्रकार बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अब ये वरिष्ठ पत्रकार संभालेंगे राष्ट्रपति के प्रेस सचिव की जिम्मेदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी, पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अहम भूमिका

समाचार4मीडिया ब्यूरो by समाचार4मीडिया ब्यूरो
Published - Tuesday, 17 September, 2019
Last Modified:
Tuesday, 17 September, 2019
RamNath Kovind

काफी दिनों से चल रही राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नए प्रेस सचिव की तलाश अब पूरी हो गई है। इस पद पर वरिष्ठ पत्रकार अजय कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने अजय कुमार सिंह (55) की नियुक्ति को मंजूरी दी है। उनकी नियुक्ति एक साल के लिए या अगले आदेश तक अनुबंध के आधार पर की गई है।

अजय कुमार सिंह को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने का करीब 30 साल का अनुभव है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत वर्ष 1985 में ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (लखनऊ) से की थी। बाद में उन्होंने दिल्ली में ‘द पॉयनियर’ जॉइन कर लिया था। पूर्व में वह ‘बिजनेस स्टैंडर्ड’ ‘स्टार न्यूज’ (अब एबीपी न्यूज) और ‘न्यूज एक्स’ में भी अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं।   

‘फर्स्टपोस्ट’ में एग्जिक्यूटिव एडिटर की भूमिका निभाने से पहले वह ‘गवर्नमेंस नाउ’ मैगजीन में एडिटर के रूप में काम कर रहे थे। इसके बाद उन्होंने दोबारा ‘गवर्नमेंस नाउ’ में डायरेक्टर (एडिटोरियल) के पद पर वापसी की थी और इस साल की शुरुआत में इस मैगजीन का प्रिंट एडिशन बंद होने तक इसी पद पर काम कर रहे थे। यहां वह मैगजीन के अंग्रेजी और मराठी एडिशन की कमान संभाल रहे थे। फिलहाल वे 'फर्स्टपोस्ट' से कंट्रीब्यूटर के तौर पर जुड़े हुए हैं।

बता दें कि राष्ट्रपति के प्रेस सचिव के रूप में वरिष्ठ पत्रकार अशोक मलिक का दो साल का कार्यकाल पूरा होने पर कई दिनों से नए प्रेस सचिव की तलाश की जा रही थी। इस दौड़ में इन दिनों ‘ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन’ (ORF) से जुड़े पूर्व पत्रकार गौतम चिकरमाने (Gautam Chikermane) और हिंदोल सेनगुप्ता (Hindol Sengupta) आदि शामिल थे।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए