कोर्ट ने बीसीसीआई को पूछा किसको है प्रसारण का अधिकार

<p><strong>समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो</strong><br /> दिल्ली उच्च न्यायालय ने &lsquo;बोर्ड ऑफ कंट्रोल फ

Last Modified:
Friday, 01 January, 2016
Samachar4media

समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
दिल्ली उच्च न्यायालय ने ‘बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया’ (बीसीसीआई) को प्रसारकों को दिए गए दिशा-निर्देशों और अधिकारों के बारे में कोर्ट को जानकारी देने को कहा है जिन्हें क्रिकेट मैच के विश्व भर में प्रसारण की अनुमति मिली है।


‘बीसीसीआई’ की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता, अमित सिब्बल को न्यायमूर्ति, गीता मित्तल ने 15 सितंबर तक इस बारे में कोर्ट को विस्तृत रिपोर्ट से अवगत कराने को कहा है।


‘नियो स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर्स’ के द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए गीता मित्तल ने यह आदेश जारी किया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि जिस टीवी चैनल को उसके द्वारा पुनर्प्रसारण अधिकार दिया गया है वह आवंटित समय की तुलना में ज्यादा समय तक इसका प्रसारण कर रहा है।


न्यायमूर्ति मित्तल ने उन सभी टीवी चैनलों जिनके खिलाफ आरोप लगाये गए हैं से कहा है वे आपस में बात करके इस मामले को कोर्ट के बाहर सुलझा लें और अगली सुनवाई पर कोर्ट को जानकारी अवगत करायें।
 
‘नियो स्पोर्ट्स’ ने विभिन्न टीवी चैनलों के खिलाफ कॉपीराइट के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इसके अलावा, ‘नियो स्पॉर्टस’ ने अपने नुकसान के भरपाई की भी मांग की है।


‘नियो स्पोर्ट्स’ की तरफ से प्रतिभा सिंह और सिद्धार्थ चोपड़ा ने कहा कि ‘बीसीसीआई’ की तरफ से उसे क्रिकेट मैच के प्रसारण का एक्सक्लूसिव राइट प्राप्त है और किसी भी तीसरे पक्ष को इसका उल्लंघन करने का अधिकार नहीं है।


अन्य नामों के अलावा, ‘इंडिपेंडेंट न्यूज़ सर्विस’ और ‘निंबस’ का नाम आरोप पत्र में लगाया गया है।


 नोट: समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडिया पोर्टल एक्सचेंज4मीडिया का नया उपक्रम है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें samachar4media@exchange4media.com पर भेज सकते हैं या 09899147504/ 09911612929 पर संपर्क कर सकते हैं।

 

TAGS 0
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकार के खिलाफ FIR मामले में प्रेस काउंसिल आई हरकत में, उठाया ये कदम

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में स्कूली बच्चों को मिड-डे मील में नमक-रोटी दिए जाने की खबर दिखाने पर पत्रकार के खिलाफ दर्ज किया गया था मुकदमा

Last Modified:
Wednesday, 11 December, 2019
PCI

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले के एक सरकारी स्कूल में मिड-डे मील के तहत बच्‍चों को नमक-रोटी दिए जाने की खबर को लेकर मुकदमे का सामना कर रहे ‘जनसंदेश टाइम्स’ अखबार के पत्रकार पवन जायसवाल के मामले में अब ‘प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया’ (PCI) भी हरकत में आ गई है। काउंसिल ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस महानिदेशक और मिर्जापुर के पुलिस अधीक्षक को तलब किया है। इन अधिकारियों से 18 दिसंबर तक अपना जवाब देने को कहा गया है।  

बता दें कि ‘एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया’ पहले ही पवन जायसवाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को पत्रकारों के खिलाफ क्रूर कदम बताते हुए इसकी निंदा पर चुका है।

गौरतलब है कि कुछ माह पूर्व मिर्जापुर में हिनौता स्थित एक प्राइमरी स्कूल के बच्चों को मिड-डे मील के नाम पर नमक-रोटी खिलाने का मामला सामने आया था। पवन जायसवाल ने इस घटना का विडियो बनाकर सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर किया था। वहीं, मिर्जापुर के जिला प्रशासन का आरोप था कि पवन जायसवाल ने फर्जी तरीके से और गलत नीयत से यह विडियो बनाया। इसके बाद प्रशासन ने पवन जायसवाल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।

प्रशासन ने पवन जायसवाल के खिलाफ आपराधिक षडयंत्र, सरकारी कर्मचारी के काम में बाधा उत्पन्न करने, झूठे साक्ष्य और धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था। एफआईआर के मुताबिक, इस विडियो को रिकॉर्ड करने के लिए गांव के एक अधिकारी ने जायसवाल के साथ साजिश रची थी, क्योंकि उन्हें पता था कि स्कूल में काम करने वाले रसोइए के पास सामान नहीं था।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार के घर में दिनदहाड़े घुसा अंजान शख्स, दे गया ये धमकी

पत्रकार ने पुलिस को पूरे मामले से अवगत कराते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की गुजारिश की है

Last Modified:
Tuesday, 10 December, 2019
Threat

मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार रविंद्र जैन को जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। बताया जाता है कि इस धमकी की वजह पिछले दिनों मध्यप्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी राधेश्याम जुलानिया के संबंध में लिखी गई खबर है। रविंद्र जैन ने इस घटना से पुलिस को अवगत करा दिया है। दरअसल, रविंद्र जैन ने अपनी न्यूज वेबसाइट ‘सबकी खबर’ पर 18 नवंबर को एक खबर प्रकाशित की थी। इस खबर में बताया गया था कि कैसे जुलानिया ने अपनी बेटी की कंपनी को अरबों के ठेके दिलवाए। इस खुलासे ने प्रदेश में हडकंप मचा दिया था।

‘समाचार4मीडिया’ से बातचीत में जैन ने बताया, ‘8 दिसंबर को एक अंजान शख्स हाथ में फाइल लिए मेरे आवास पर पहुंचा, लेकिन उस वक्त मैं घर पर नहीं था। उसने बताया कि उसे राधेश्याम जुलानिया ने कुछ जरूरी बात करने के लिए भेजा है। इस पर मेरे बेटे ने उसे घर के अंदर बुलाया। कुछ देर यहां-वहां की बातें करने के बाद उसने मेरे बेटे से कहा कि तुम्हारे पिता राधेश्याम जुलानिया को जानते नहीं हैं, जुलानिया उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर देंगे, आप भी उनकी लाश नहीं ढूंढ पाओगे। इतना कहने के बाद वो वहां से निकल गया, लेकिन मेरे बेटे ने उसकी एक फोटो खींच ली।’ जैन ने श्यामला हिल्स पुलिस स्टेशन में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज की है।

बता दें कि रविंद्र जैन अब तक कई खुलासे कर चुके हैं। पुलिस और प्रशासन पर गहरी पकड़ रखने वाले जैन ने अपनी धारधार लेखनी की बदौलत सियासी गलियारों में भी जमकर हडकंप मचाया है। भोपाल से प्रकाशित होने वाले दैनिक ‘राज एक्सप्रेस’ में समूह संपादक की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने सत्ता प्रतिष्ठान की नींद उड़ा रखी थी। इसके बाद जब उन्होंने टैबलॉयड अखबार ‘अग्निबाण’ की कमान संभाली, तो तकरीबन रोजाना कोई न कोई विशेष खबर अखबार के फ्रंट पेज पर रहती थी। फिलहाल वह अपने न्यूज पोर्टल पर ध्यान केंद्रित किये हुए हैं और यहां भी उनकी खबरें सुर्खियां बंटोर रही हैं।

लोगों का कहना है कि चूंकि यह मामला सीधे तौर पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी से जुड़ा है, लिहाजा यह देखने वाली बात होगी कि पुलिस क्या कार्रवाई करती है। जैन के अनुसार, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस विषय में पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

जिस खबर के चलते रविंद्र जैन को धमकी मिली, उसे आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं:

रविंद्र जैन के बेटे द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत की कॉपी आप यहां पढ़ सकते हैं:

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

HT को बाय बोल वरिष्ठ पत्रकार कुमार उत्तम ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

पूर्व में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं कुमार उत्तम

Last Modified:
Tuesday, 10 December, 2019
Kumar Uttam

‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (Hindustan Times) में बतौर एसोसिएट एडिटर कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार कुमार उत्तम ने यहां से बाय बोल दिया है। उन्होंने अब नई दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रतिष्ठित विमान निर्माता कंपनी ‘एयरबस’ (AirBus) का दामन थामा है। खबर है कि यहां उन्हें डायरेक्टर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  

बता दें कि कुमार उत्तम पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। मूल रूप से रांची (झारखंड) के रहने वाले कुमार उत्तम ने हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है।

कुमार उत्तम ने वर्ष 2000 में ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ में बतौर करेसपॉन्डेंट अपने करियर की शुरुआत की थी। करीब पौने पांच साल (दिसंबर 2000-सितंबर 2005) यहां काम करने के बाद उन्होंने अक्टूबर 2005 में बतौर प्रिंसिपल करेसपॉन्डेंट ‘डेक्कन क्रॉनिकल होल्डिंग्स लिमिटेड’ का दामन थाम लिया। यहां करीब दो साल अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने यहां से बाय बोल दिया और सितंबर 2007 में स्पेशल पॉलिटिकल करेसपॉन्डेंट के तौर पर ‘द पॉयनियर’ से जुड़ गए। यहां करीब साढ़े छह साल तक उन्होंने अपनी सेवाएं दीं और फिर यहां से अलविदा कहकर फरवरी 2014 में एक बार फिर ‘एचटी मीडिया लिमिटेड’ के साथ जुड़ गए। अब करीब छह साल पुरानी अपनी पारी को विराम देकर कुमार उत्तम ने ‘एयरबस’  के साथ अपनी नई पारी शुरू की है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

महिला रिपोर्टर के सवाल पर कैसे भड़क गए महेश भट्ट, देखें विडियो

शाहीन भट्ट की बुक लॉन्चिंग के मौके पर मीडिया से मुखातिब था भट्ट परिवार, आलिया भट्ट ने किसी तरह कराया चुप

Last Modified:
Tuesday, 10 December, 2019
Mahesh Bhatt

फिल्म निर्माता व निर्देशक महेश भट्ट एक रिपोर्टर द्वारा पूछे गए एक सवाल पर इतना भड़क गए कि कार्यक्रम में ही चिल्लाने लगे। बाद में उनकी बेटी और बॉलिवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ने किसी तरह उन्हें शांत किया। पहले तो आलिया की बात को महेश भट्ट ने नजरअंदाज कर दिया, फिर जवाब देकर शांत हो गए। इस घटना का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

दरअसल, महेश भट्ट की बड़ी बेटी शाहीन भट्ट की बुक 'आई हैव नेवर बीन (अन) हैपियर' (I’ve Never been (Un)Happier) की लॉन्चिंग के मौके पर भट्ट परिवार मीडिया से मुखातिब हुआ था। इस दौरान डिप्रेशन और मेंटल हेल्थ को लेकर बातचीत भी हुई।

इसी बीच एक रिपोर्टर ने महेश भट्ट से मनोचिकित्सक को लेकर कुछ सवाल पूछ लिया। बस, फिर क्या था। सवाल सुनते ही महेश भट्ट भड़क गए और चिल्लाने लगे। यह देखकर बगल में बैठी आलिया ने उन्हें शांत कराने की कोशिश की। उन्होंने रिपोर्टर से यह भी कहा, 'मैंने आपको चेतावनी दी थी ऐसा होने वाला है।' इस बीच महेश भट्ट अपनी बात कहकर चुप हो जाते हैं। बता दें कि शाहीन भट्ट लंबे समय तक डिप्रेशन से जूझी हैं और उन्होंने अपनी जिंदगी के उस दौर पर यह किताब लिखी है।

आप भी यह विडियो यहां देख सकते हैं।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

When daddy gets angry. #maheshbhatt got emotional during #shaheenbhatt book launch #viralbhayani @viralbhayani

A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani) on

 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

जानें, क्यों पत्रकार भवन पर चला सरकार का बुलडोजर, धराशायी कर दी इमारत

1969 में पत्रकार भवन का निर्माण हुआ था और इसे 30 साल की लीज पर दिया गया था

Last Modified:
Monday, 09 December, 2019
Patrakar Bhawan

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन को सोमवार को नगर निगम की टीम ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन और नगर निगम की टीम ने यह कार्रवाई की। 1969 में पत्रकार भवन का निर्माण हुआ था और इसे लीज पर दिया गया था। अब लीज रिन्यूअल की रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद सरकार ने इस इमारत को गिराने का निर्देश दिया था, जिसके बाद भारी पुलिस बल की मौजूदगी में इस इमारत को गिरा दिया गया।

इस मामले में मंत्री पीसी शर्मा का कहना है कि कोर्ट द्वारा पत्रकार समितियों की अपील खारिज करने के बाद यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि पत्रकार भवन जर्जर हो गया था। अब पत्रकारों के लिए सर्व सुविधा युक्त भवन बनाया जाएगा। इससे पहले शनिवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों ने इमारत में स्थित श्रमजीवी पत्रकार संघ का दफ्तर सील कर दिया था। प्रशासन का कहना था कि श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा हाई कोर्ट में लीज को लेकर दायर की गई रिव्यू पिटीशन खारिज हो गई है। वहीं, पत्रकार संघ का आरोप था हाई कोर्ट के स्टे के बावजूद दफ्तर को सील किया गया है। प्रशासन ने दफ्तर सील करने के बाद इसे जनसंपर्क विभाग को सौंप दिया। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेशध्यक्ष शलभ भदौरिया ने बताया कि पत्रकार भवन की लीज का केस हाई कोर्ट में चल रहा था, उसे खारिज कर दिया गया है।

बताया जाता है कि भोपाल के जनसंपर्क विभाग द्वारा पत्रकार भवन को 30 साल की लीज पर दिया गया था। लेकिन 30 साल की लीज खत्म होने के बाद भी भवन को खाली नहीं किया जा रहा था, जिसके बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा था। दो दिन पहले हाई कोर्ट ने जिला प्रशासन को पत्रकार भवन का कब्जा देने के आदेश दिए थे। इसके बाद जिला प्रशासन ने इस भवन में ताला लगा दिया था।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार अनुज गुप्ता की रहस्यमय हालात में मौत, कल हुए थे गायब

दिल्ली स्थित अपने घर पर बिना बताए ठहरे थे हरिद्वार के होटल में, वहां से बिना बताए चले गए थे कहीं

Last Modified:
Monday, 09 December, 2019
Anuj Gupta

लापता चल रहे दिल्ली के वरिष्ठ पत्रकार अनुज गुप्ता की मौत हो गई है। छत्तीसगढ़ में कोरबा के मूल निवासी अनुज गुप्ता नागपुर से पब्लिश होने वाले  ‘नवभारत’ अखबार के दिल्ली में ब्यूरो चीफ थे। पूर्व में वह ‘जनसत्ता’ चंडीगढ़ में भी काम कर चुके थे। उनका शव गंग नहर पथरी पावर हाउस रानीपुर झाल से मिला है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस इसे आत्महत्या से जुड़ा मामला बता रही है। मंगलवार की दोपहर करीब दो बजे दिल्ली में लोधी रोड स्थित श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। अनुज गुप्ता के परिवार में पत्नी, बेटी और बेटा है।

अनुज गुप्ता को करीब से जानने वालों का कहना है कि उन्हें ज्ञान अर्जन का काफी शौक था। नई-नई चीजों को जानने की उत्सुकता के चलते वह हमेशा कुछ न कुछ पढ़ते रहते थे। यही कारण था कि उनके हाथ में अक्सर कोई न कोई किताब रहती थी। 

वरिष्ठ टीवी पत्रकार दीपक चौरसिया ने अनुज गुप्ता की मौत पर गहरा दुख जताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। एक ट्वीट में दीपक चौरसिया ने कहा है, 'पत्रकारिता के मेरे पहले गुरु अनुज गुप्ता जी आज जिंदगी की जंग हार गए! उन्होंने इस शहर में उंगली पकड़कर मुझे चलना सिखाया था! अनुज जी यूं चले जाएंगे, सपने में नहीं सोचा था!'

बताया जाता है कि अनुज गुप्ता घर से बिना बताए हरिद्वार चले गए थे। यहां वह जीएसए गेस्ट हाउस में ठहरे हुए थे। परिजनों ने दिल्ली में अनुज की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस तभी से उनकी तलाश में जुटी हुई थी। वहीं, हरिद्वार के जिस गेस्ट हाउस में वह ठहरे हुए थे, वहां से भी वह रविवार की देर रात संदिग्ध परिस्थितियों में किसी को बिना बताए कमरा लॉक कर कहीं चले गए थे। 

रविवार को चेकआउट का समय होने के बाद होटल द्वारा रूम में फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। रूम खोलने की कोशिश की गई तो वह लॉक मिला। इसके बाद होटल प्रबंधन ने अनुज द्वारा दिए गए मोबाइल फोन पर संपर्क किया तब पता चला कि वह घर से बिना बताए निकले हैं।

इसके बाद होटल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी। जब कमरा खोला गया तो पुलिस के भी होश उड़ गए। कमरे में बेड की चादर और तकिए सहित बाथरूम में खून ही खून पड़ा था, मगर अनुज कुमार गुप्ता रूम में मौजूद नहीं थे। पुलिस द्वारा जब सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई तो पता चला कि वह देर रात होटल के स्टाफ को बताए बिना वहां से चले गए थे। अब उनकी मौत के बाद पूरा मामला उलझ गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार लाए नया शो, जानिए क्या है इसकी खासियत

देश के पहले टॉक शो आधारित टीवी चैनल ‘फाउंडर इंडिया’ ने शुरू किया है यह नया शो, Amazon fireTV के साथ ही यूट्यूब और फेसबुक पर भी उपलब्ध है

Last Modified:
Monday, 09 December, 2019
Alok Kumar

देश के पहले टॉक शो आधारित टीवी चैनल ‘फाउंडर इंडिया’ (Founder India) ने सहकारी क्षेत्र का पहला टीवी शो ‘CO-OPERATIVE TALKS’ शुरू किया है। लंबे समय से सहकारी आंदोलन को कवर कर रहे वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार को इस शो को होस्ट करने की कमान सौंपी गई है।   

इस शो में आलोक कुमार सहकारी क्षेत्र की हस्तियों से रूबरू होकर उनसे चर्चा करेंगे। सहकारिता से जुड़े और सहकारिता को समझने की इच्छा रखने वाले दर्शकों के लिए यह शो काफी खास भूमिका निभाएगा। इसके साथ ही सहकारिता में हाथ आजमाने के इच्छुक उद्यमियों को इस शो के माध्यम से काफी कुछ जानने-समझने का मौका मिलेगा।

इस टॉक शो के बारे में ‘फाउंडर इंडिया’ के संपादक लवजीत एलेक्जेंडर का कहना है कि इस टीवी टॉक शो का उद्देश्य सहकारिता के बारे में लोगों तक सही और तथ्यपरक जानकारी पहुंचाना है। यह शो युवाओं को सहकारिता के प्रति आकर्षित करने का काम करेगा।

Co-operative Talks के पहले ही एपिसोड में आलोक कुमार ने भारतीय राष्ट्रीय सहकारी संघ के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सदस्य डॉ.चंद्रपाल सिंह यादव से खास बातचीत की है। इस दौरान भारतीय सहकारी आंदोलन से जुड़े कई दिलचस्प तथ्य निकलकर सामने आए हैं। आने वाले दिनों में इस शो के द्वारा दर्शकों को सहकारी संस्थाओं और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पाने का मौका मिलेगा। इस शो को Amazon fireTV पर देखा जा सकता है। यूट्यूब और फेसबुक पर भी यह शो उपलब्ध है।

इस शो के पहले एपिसोड को आप यहां भी देख सकते हैं। 

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

अरनब गोस्वामी के हाथ में होगी न्यूज चैनल्स के इस बड़े संगठन की कमान

प्रेजिडेंट के अलावा चार वाइस प्रेजिंडेट का भी किया गया चुनाव, फेडरेशन के सदस्यों ने सूचना-प्रसारण मंत्री से की मुलाकात

Last Modified:
Monday, 09 December, 2019
Arnab Goswami

‘रिपब्लिक टीवी’ (Republic TV) के मैनेजिंग डायरेक्टर और एडिटर-इन-चीफ अरनब गोस्वामी को ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन’ (News Broadcasters Federation) का प्रेजिडेंट चुना गया है। न्यूज इंडस्ट्री से जुड़े मुद्दे सुलझाने और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स के हितों की रक्षा के लिए उन्हें एक मंच प्रदान करने के तहत देशभर के 25 राज्यों से जुड़े 14 भाषाओं के 78 से ज्यादा न्यूज चैनल्स ने मिलकर कुछ महीने पहले ही इस फेडरेशन का गठन किया है।

शनिवार को हुई ‘एनबीएफ’ की बैठक में अरनब गोस्वामी को ‘एनबीएफ’ के गवर्निंग बोर्ड का प्रेजिडेंट चुने जाने समेत कई निर्णय लिए गए। इस मौके पर ‘एनबीएफ’ के लिए चार वाइस प्रेजिडेंट का चुनाव भी किया गया। इनमें ‘Ortel Communications’ की को-फाउंडर ‘जागी मांगत पांडा’ (Jagi Mangat Panda), ‘Fourth Dimension Media’ के शंकर बाला, ’ Prag News’ के चेयरमैन व मैनेजिंग डायरेक्टर संजीव नारायण (Sanjive Narain) और ‘आईटीवी नेटवर्क’ के कार्तिकेय शर्मा शामिल हैं। ये चारों ‘एनबीएफ’ के गवर्निंग बोर्ड का हिस्सा होंगे। पूर्व पत्रकार और मीडिया सेक्टर में पब्लिक पॉलिसी स्पेशलिस्ट आर. जय कृष्णा को सर्वसम्मति से ‘एनबीएफ’ का पहला सेक्रेट्री जनरल/एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर चुना गया। आर. जय कृष्णा को दो दशक से ज्यादा का अनुभव है और उन्हें न्यूज मीडिया इंडस्ट्री में विशेषज्ञता हासिल है। अरनब गोस्वामी का कहना था, ‘देश के बड़े बॉडकास्टर्स द्वारा मुझ पर जो भरोसा जताया गया है, उसके लिए मैं आभारी हूं। एनबीएफ एक गेम चेंजर है और यह काफी बड़ी बात है कि इतने सारे चैनल्स के मालिक और शीर्ष अधिकारियों ने इसके गठन में इतनी तेजी दिखाई है। लंबे समय से दिल्ली के चैनलों के एक समूह ने भारतीय ब्रॉडकास्टिंग को रिप्रजेंट करने का दावा किया है, एनबीएफ इस स्थिति को बदलेगा।’

इस बोर्ड मीटिंग से पूर्व ‘एनबीएफ’ के सदस्यों ने सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात की और उन्हें अपना पहला ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जावड़ेकर ने मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर में न्यूज चैनल्स के महत्व के बारे में चर्चा करते हुए ‘एनबीएफ’ और इसके सदस्यों से एक मजबूत सेल्फ रेगुलेटरी मैकेनिज्म तैयार करने को कहा। ‘एनबीएफ’ के प्रेजिडेंट सेल्फ रेगुलेटरी बॉडी ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स फेडरेशन अथॉरिटी’ (News Broadcasters Federation Authority) का गठन भी करेंगे। यह संस्था न्यूज ब्रॉडकास्टिंग के नए मानक तैयार करेगी और फेडरेशन में इनका उल्लंघन होने पर ऐसे मामलों का संज्ञान लेगी। इसके लिए संपादकों की एक कमेटी गठित की जाएगी। इसमें चार संपादकों के अलावा एक चेयरमैन और स्वतंत्र तौर पर चार जानी-मानी हस्तियां शामिल होंगी। कमेटी की कमान चेयरमैन के हाथ में होगी। बताया जाता है कि जनवरी 2020 के अंत तक इसके गठन के बारे में आधिकारिक रूप से घोषणा की जा सकती है। इस मौके पर ‘एनबीएफ’ के सदस्यों ने तीन मुद्दों ‘पब्लिक पॉलिसी’, ‘डिस्ट्रीब्यूशन’ और ‘फाइनेंस’ से जुड़ी कमेटियों के सदस्यों के नामों को भी अंतिम रूप दिया।

गौरतलब है कि ‘एनबीएफ’ के फाउंडर मेंबर्स में ‘रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क’ (रिपब्लिक टीवी और रिपब्लिक भारत), ‘Puthiyathalaimurai और  V6 News’ (तमिलनाडु), ‘Orissa TV (ओडिशा), ‘IBC24’ (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘एशियानेट न्यूज नेटवर्क’ (केरल और कर्नाटक), ‘टीवी9 भारतवर्ष’, ‘न्यूजलाइव’ और ‘नॉर्थईस्ट लाइव’ (असम और नॉर्थईस्ट), ‘फर्स्ट इंडिया न्यूज’ (राजस्थान), ‘कोलकाता टीवी’ (पश्चिम बंगाल), ‘सीवीआर न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘Polimer News’ (तमिलनाडु), ‘खबर फास्ट’ (हरियाणा), ‘लिविंग इंडिया न्यूज’ (पंजाब), ‘Prag News’ (असम), ‘एनटीवी’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘महा न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘टीवी5 न्यूज’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘एमकेटीवी’ (तमिलनाडु),  ‘वनिता टीवी’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना), ‘DNN’ और ‘IND24’ (मध्य प्रदेश), ‘श्री शंकर टीवी और आयुष टीवी’ (कर्नाटक), ‘A1 TV’ (जयपुर), ‘पावर टीवी’(कर्नाटक), ’राज न्यूज’ (तमिलनाडु), ‘फ्लॉवर्स टीवी’ (केरल), ‘सीवीआर न्यूज नेटवर्क’ (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना),’ नेशनल वॉयस’ (उत्तर प्रदेश), ‘निर्माण न्यूज’(गुजरात), ‘आनंदी टीवी’ (मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘वीआरएल मीडिया’ (कर्नाटक), ‘कलकत्ता न्यूज’ (पश्चिम बंगाल), ‘न्यूज 7’ (तमिलनाडु), ‘डीएनएन एंड न्यूज वर्ल्ड’ ( मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़), ‘एमएच वन’ (हरियाणा), ‘मंतव्य न्यूज’ (गुजरात), ‘गुजरात टेलिविजन’ ( गुजरात), ‘एस न्यूज’( पश्चिम बंगाल) ‘बंसल टीवी’ ( मध्य प्रदेश)  और ‘Onkat TV’ (पश्चिम बंगाल) शामिल हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

पत्रकार नवीन रांगियाल ने तलाशा नया ठिकाना

पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अपनी जिम्मेदारी

Last Modified:
Friday, 06 December, 2019
Navin Rangiyal

पत्रकार नवीन रांगियाल ने हिंदी न्यूज पोर्टल वेबदुनिया (webdunia.com) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। करीब 11 साल पहले बतौर जूनियर सब एडिटर वह पहले भी करीब नौ महीने तक इस न्यूज पोर्टल के साथ जुड़े रहे हैं।

‘वेबदुनिया’ जॉइन करने से पहले नवीन इंदौर में ‘ब्लैक एंड व्हाइट मीडिया न्यूज नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड’ (Black & White Media News Network Private Limited) में चीफ सब एडिटर के तौर पर कार्यरत थे। यहां पर वह इस नेटवर्क के हिंदी दैनिक अखबार ‘प्रजातंत्र’ (Prajatantra) और अंग्रेजी अखबार ‘फर्स्टप्रिंट’ (Firstprint) से जुड़े हुए थे। वह इसके डिजिटल प्लेटफॉर्म Prajaatantra.com का काम भी देख रहे थे।

इंदौर के रहने वाले नवीन रांगियाल पूर्व में कई मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। करीब एक साल तक ‘दैनिक भास्कर’ इंदौर में बतौर स्पेशल करेसपॉन्डेंट अपनी जिम्मेदारी निभा चुके नवीन महाराष्ट्र के अखबार ‘लोकमत समाचार’, नागपुर में रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुके हैं। इसके अलावा वह ‘नई दुनिया’ अखबार में इंदौर और देवास में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। नवीन रांगियाल ने इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

वरिष्ठ पत्रकार रजनी शंकर ने किया नए सफर का आगाज

पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 साल से ज्यादा की पारी के दौरान तीन राज्यों में ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी भी निभा चुकी हैं

Last Modified:
Friday, 06 December, 2019
Rajni Shankar

बहुभाषी न्यूज एजेंसी ‘हिन्दुस्थान समाचार’, देहरादून से खबर है कि यहां बतौर ब्यूरो चीफ कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार रजनी शंकर ने संस्थान को बाय बोल दिया है। उन्होंने अब अपनी नई पारी की शुरुआत ‘यूएनआई’ न्यूज एजेंसी से की है। उन्हें पटना में स्पेशल करेसपॉन्डेंट (प्रोजेक्ट) की जिम्मेदारी दी गई है।

‘यूएनआई’ के साथ रजनी शंकर की यह दूसरी पारी है। रजनी शंकर 25 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता से जुड़ी हैं और तीन राज्यों में ब्यूरो चीफ के रूप में कार्य कर चुकी हैं। रजनी शंकर ने वर्ष 1993 में यूएनआई के साथ अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। यहां विभिन्न पदों पर उन्होंने 2016 तक अपनी जिम्मेदारी निभाई। एजेंसी ने वर्ष 2011 में रजनी शंकर को बिहार और फिर वर्ष 2014 में महाराष्ट्र के नागपुर में ब्यूरो चीफ की जिम्मेदारी सौंपी।

इसके बाद यहां से अलविदा कहकर रजनी शंकर ने अक्टूबर 2016 में ‘हिन्दुस्थान समाचार’ को जॉइन कर लिया था। यहां उन्हें बिहार में स्टेट हेड की जिम्मेदारी दी गई थी। वर्ष 2019 में संस्थान ने उन्हें उत्तराखंड में ब्यूरो चीफ की कमान सौंपी थी।

मूल रूप से नालंदा की निवासी रजनी शंकर ने केमिस्ट्री में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने प्रयाग संगीत समिति से तबला में प्रवीण जैसी कठिन डिग्री भी प्राप्त की हैं। कई आयोजनों में उन्होंने अपने तबला वादन का प्रस्तुतिकरण भी दिया है। रजनी शंकर भाषाई पकड़ के चलते रेडियो व टीवी पत्रकारिता से भी जुड़ी रही हैं। 1994-96 तक पटना में एआईआर में समाचार वाचक के रूप में प्राइम न्यूज बुलेटिन, प्रादेशिक समाचार वाचन के साथ-साथ दूरदर्शन में कई कार्यक्रमों की एंकरिंग व विभिन्न मुद्दों पर पैनल डिस्कशन में भाग लेती रही हैं।

उन्होंने करीब सात सालों तक ‘वॉइस ऑफ अमेरिका’ हिंदी सर्विस में भारत के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हुए अंतर्राष्ट्रीय ब्रॉडकास्टर के रूप में समाचार लेखन तथा वाचन किया। वह ‘वॉइस आफ अमेरिका’ के लिए कई गंभीर विषयों पर ऑडियो डॉक्युमेंट्री का प्रोडक्शन करने के साथ ही प्रस्तुतीकरण भी दे चुकी हैं।

शुरुआती दौर में रजनी शंकर ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के अलावा कुछ स्थानीय अखबारों के लिए फ्रीलांसिंग भी कर चुकी हैं। सरकार, सचिवालय व राजनैतिक-प्रशासनिक बीट पर इनकी विशेष पकड़ मानी जाती है। ‘डेवलपिंग इंडिया मिरर’ और ‘युगवार्ता’ जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में इनके नियमित आलेख छपते रहे हैं।

रजनी शंकर को उनकी नई पारी के लिए समाचार4मीडिया की ओर से शुभकामनाएं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए