'जी मीडिया' को बाय बोल पत्रकार कौशलेंद्र बिक्रम सिंह ने की नई शुरुआत

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले कौशलेंद्र बिक्रम सिंह अब तक कई मीडिया प्रतिष्ठानों में जिम्मेदारी निभा चुके हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 31 October, 2019
Kaushlendra Bikram Singh

पत्रकार कौशलेंद्र बिक्रम सिंह ने ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत ‘आजतक’ की डिजिटल विंग के साथ की है। उन्होंने यहां बतौर चीफ कापी एडिटर जॉइन किया है। कौशलेंद्र को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब नौ साल का अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक भास्कर ग्रुप, राजस्थान पत्रिका ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप और जी मीडिया ग्रुप में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।   

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले कौशलेंद्र ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीजेएमसी करने के बाद भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में एमए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी से ही मीडिया स्टडीज में एमफिल पूरी की और दूरदर्शन केंद्र, लखनऊ से इंटर्नशिप की।

कौशलेंद्र ने नवंबर 2010 में दैनिक भास्कर ग्रुप की डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाली। यहां उन्होंने मार्च 2013 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद अप्रैल 2013 में उन्होंने राजस्थान पत्रिका ग्रुप का दामन थाम लिया और ग्रुप की डिजिटल विंग में स्टेट को-ऑर्डिनेटर के तौर पर दिसंबर 2016 तक अपनी सेवाएं दी।

इसके बाद कौशलेंद्र ने राजस्थान पत्रिका ग्रुप को अलविदा कहकर इंडिया टुडे ग्रुप की डिजिटल विंग के साथ अपनी नई पारी शुरू की। जनवरी 2017 में यहां उन्होंने सीनियर सब एडिटर के तौर पर जॉइन किया था, लेकिन इस संस्थान के साथ उनका यह सफर करीब एक साल ही चल सका। दिसंबर 2017 में उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप को बाय बोल दिया और ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के साथ जुड़ गए। आजतक को जॉइन करने से पहले वह ‘जी मीडिया’ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर इंटीग्रेटिड मल्टीमीडिया न्यूजरूम में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

 आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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e4m समूह ने की DigiOne अवॉर्ड्स की घोषणा, इन कैटेगरी में करें आवेदन

विजेताओं को 15 मई 2020 को दिल्ली-एनसीआर में होने वाले एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा।

Last Modified:
Tuesday, 31 March, 2020
Awards

प्रतिष्ठित मीडिया समूह ‘एक्सचेंज4मीडिया’ (exchange4media) ने ऑनलाइन मीडिया और पब्लिशिंग के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्य को नई पहचान व सम्मान देने के लिए ‘डिजिवन’ (DigiOne) अवॉर्ड्स लॉन्च करने की घोषणा की है।

इन अवॉर्ड्स को तीन ग्रुप्स (वेबसाइट्स, विडियो और मोबाइल साइट्स व ऐप्स) में बांटा गया है। तीनों ग्रुप्स में इंड्स्ट्री, फीचर और डिजाइन अथवा परफॉर्मेंस व क्राफ्ट से संबंधित अवॉर्ड्स कैटेगरी होंगी।‘वेबसाइट’ ग्रुप की बात करें तो इसमें हास्य से लेकर न्यूज और एंटरटेनमेंट कैटेगरी को शामिल किया गया है। ऑनलाइन विडियो ग्रुप में न्यूज, स्पोर्ट्स, पब्लिक सर्विस, म्यूजिक, ट्रेलर्स और रियलिट शोज जैसी कैटेगरी शामिल हैं।

बता दें कि एक एंट्री को कई कैटेगरी (मल्टीपल कैटैगरी) में शामिल किया जा सकता है। मल्टीपल कैटेगरी में मिलने वाली एंट्रीज की हर कैटेगरी के लिए अलग से समीक्षा की जाएगी और वे कई अवॉर्ड्स भी जीत सकती हैं।   

इस बारे में ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के चेयरमैन और एडिटर-इन-चीफ डॉ. अनुराग बत्रा का कहना है, ‘ बिजनेस से लेकर दैनिक जीवन में ऑनलाइन मीडिया की जबर्दस्त ग्रोथ और इस दिशा में किए जा रहे उल्लेखनीय कार्यों को दर्शाने के लिए हमने ये अवॉर्ड्स शुरू किए हैं।’

इन अवॉर्ड्स के लिए शामिल होने वाली एंट्रीज का मूल्यांकन मीडिया, मार्केटिंग, एडवर्टाइजिंग, फिल्म मेकिंग, डिजिटल मीडिया और डिजाइन से जुड़े दिग्गजों द्वारा किया जाएगा। विजेताओं को 15 मई 2020 को दिल्ली-एनसीआर में होने वाले एक भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं में शामिल एंट्रीज को ‘एक्सचेंज4मीडिया’ समूह के सभी ऑनलाइन और पब्लिशिंग प्लेटफॉर्म्स (exchange4media.com, Impact और Pitch) में भी शामिल किया जाएगा।

इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए आप यहां पर क्लिक कर सकते हैं।

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रोहित सक्सेना लाए नया मीडिया वेंचर, जनता के सामने रखेंगे सांसदों के कामकाज का ब्योरा

पार्लियामेंट के कामकाज का अनुभव एवं लेखनी पर अच्छी पकड रखने वाले लोग इस ग्रुप के साथ जुड़ सकते हैं

Last Modified:
Monday, 23 March, 2020
Digital Media

दो दशक से ज्यादा समय तक प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अपनी सेवाएं दे चुके रोहित सक्सेना ने लंबे समय से संसदीय कार्यप्रणाली और संसद व सांसदों से जुड़ी खबरों से रूबरू कराने वाले ‘पार्लियामेंट्री बिजनेस’ (ParliamentaryBusiness.com) के तहत सांसदों पर रिसर्च कर रहे नीरज गुप्ता के साथ मिलकर इसे अब मीडिया वेंचर का रूप दिया है। रोहित सक्सेना इस ग्रुप में सीईओ और मैनेजिंग एडिटर के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वहीं, नीरज गुप्ता बतौर एडिटर-इन-चीफ अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे। y

बता दें कि  यह ग्रुप IPTV के कॉन्सेप्ट पर वेबसाइट ‘पार्लियामेंट्री बिजनेस डॉट कॉम’ (ParliamentaryBusiness.com) शुरू कर रहा है। साथ ही मैगजीन भी ला रहा है। इसके अतिरिक्त यह ग्रुप जल्द ही एक चैनल भी शुरू करेगा।

इस मीडिया हाउस का संचालन नोएडा सेक्टर 7 स्थित इसके हेड ऑफिस से होगा। बताया जाता है कि इस मीडिया हाउस का उद्देश्य सांसदों को अपनी जिम्मेदारियों के प्रति जवाबदेही तय कराना हैl  पार्लियामेंट बिजनेस सांसदों को उनके क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराने एवं संसदीय क्षेत्र की जनता और उनके प्रतिनिधियों (सांसदों) के बीच कड़ी का काम करेगाl

खबर है कि देशभर से लगभग 600 पत्रकार (Reporters) इस समूह के साथ जुड़ेंगे। ‘एक सांसद-एक रिपोर्टर’ की शैली पर पार्लियामेंट बिजनेस के रिपोर्टर्स रोजाना सांसदों के कामकाज का ब्यौरा जनता के बीच लाने का कार्य करेंगे तथा संसदीय क्षेत्र से लेकर संसद में की गई उनके परफॉर्मेंस का लेखा-जोखा भी जनता तक पहुंचाएंगे।

पार्लियामेंट के कामकाज का अनुभव एवं लेखनी पर अच्छी पकड़ रखने वाले लोग इस ग्रुप के साथ जुड़ने के लिए अपना प्रोफाइल  hr@parliamentarybusiness.com पर भेज सकते हैं।

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BBC India के डिजिटल एडिटर मिलिंद खांडेकर ने लिया ये बड़ा फैसला

हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषाओं में बराबर की पकड़ होने के बावजूद भी मिलिंद खांडेकर ने शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता की ओर अपना रुख किया।

Last Modified:
Friday, 13 March, 2020
Milind Khandekar

‘बीबीसी (इंडिया)’ के डिजिटल एडिटर मिलिंद खांडेकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। खांडेकर ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इसके बारे में जानकारी दी है।

इस ट्वीट में खांडेकर का कहना है, ‘बीबीसी इंडिया के साथ मेरा सफर काफी बेहतर रहा। इस दौरान कई नई चीजें सीखने का मौका भी मिला। भारत में बीबीसी ने काफी विस्तार किया है और मैं काफी सौभाग्यशालू हूं जो इसका हिस्सा रहा। मैं अपने सभी साथियों को धन्यवाद देता हूं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। अपने अगले कदम के बारे में मैं जरूर जानकारी दूंगा।’

गौरतलब है कि मिलिंद खांडेकर ने अगस्त, 2018 की शुरुआत में एबीपी न्यूज में अपनी 14 साल की लंबी पारी को विराम दिया था। वे यहां मैनेजिंग एडिटर पद पर कार्यरत थे।  2016 में उनका कद बढ़ाकर उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई थी। एबीपी न्यूज नेटवर्क में उनका योगदान हिंदी चैनल के साथ शुरू हुआ और धीरे-धीरे एबीपी न्यूज नेटवर्क के डिजिटल और क्षेत्रीय (बंगाली, मराठी और गुजराती) चैनलों की ओर भी बढ़ा।

गौरतलब है कि 2016 में ही मिलिंद खांडेकर को टीवी न्यूज इंडस्ट्री के प्रतिष्ठित अवॉर्ड एक्सचेंज4मीडिया न्यूज ब्रॉडकास्टिंग अवॉर्ड (enba) के तहत बेस्ट एडिटर कैटेगरी के लिए भी चुना गया था।

हिंदी और अंग्रेजी दोनो ही भाषाओं में बराबर की पकड़ होने के बावजूद भी मिलिंद खांडेकर ने शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता की ओर अपना रुख किया। मिलिंद ने पत्रकारिता में अपनी शुरुआत 1992 से ‘नवभारत टाइम्स’ के साथ की। नवभारत में उन्होंने सब-एडिटर और रिपोर्टर के रूप में काम किया। 1995 तक वे यहां रहे। तीन साल काम करने के बाद वे ‘आजतक’ के साथ जुड़ गए। आजतक में उन्होंने कुछ समय तक रिपोर्टर की भूमिका निभाई, जिसके बाद कई विभिन्न पदों पर काम करते हुए वे यहां एग्जिक्यूटिव प्रड्यूसर बन गए और बाद में उन्होंने वेस्टर्न ब्यूरो ऑपरेशन की भी कमान संभाली। 2004 में मिलिंद ने 'आजतक' को अलविदा कह दिया और तब स्टार न्यूज यानी आज के 'एबीपी न्यूज' के साथ जुड़ गए थे। तब से वे एमसीसीएस (एबीपी चैनल का संचालन करने वाली कंपनी) में बतौर मैनेजिंग एडिटर की भूमिका निभा रहे थे।

मिलिंद ने किताब 'दलित करोड़पति-15 प्रेरणादायक कहानियां' भी लिखी । इसमें 15 कहानियां है, जिनमें 15 दलित उद्योगपतियों के संघर्ष को शॉर्ट स्टोरीज की शक्ल में प्रस्तुत किया गया है। ये कहानियां दलित करोड़पतियों की है,जिन्होंने शून्य से शुरू कर कामयाबी के नए आयाम रचे, जिनके पास पेन की निब बदलने के लिए पैसे नहीं थे आज उनकी कंपनी का टर्नओवर करोड़ों में है, लेकिन उन्होंने ये कामयाबी कैसे हासिल की, क्या मुश्किलें आई और उन्होंने इन मुश्किलों पर कैसे फतह हासिल की।  

पत्रकारिता जगत में उन्हें दो दशक से भी ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई प्रतिष्ठित टाइम्स सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज से की है। 1991 में हिंदी में बेस्ट ट्रेनी के लिए उन्हें ‘राजेन्द्र माथुर अवॉर्ड’ से भी नवाजा गया था।

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पत्रकार अरसलान अहमर ने तलाशी नई मंजिल

हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का अरसलान अहमर को लगभग 13 साल का अनुभव है

Last Modified:
Saturday, 07 March, 2020
Arsalan Ahmer

खेल पत्रकार अरसलान अहमर (Arsalan Ahmer) ने मुंबई में स्थित स्पोर्ट्स वेबसाइट और ऐप 100 एमबी (100mb) के साथ अपनी नई पारी शुरू की है। यहां उन्होंने बतौर असिस्टेंट मैनेजर जॉइन किया है। अरसलान इससे पहले स्पोर्ट्स इंटरैक्टिव में बतौर हिंदी एडिटर कार्यरत थे, जहां वह हिंदी कंटेंट टीम को लीड रहे थे।

अरसलान इससे पहले स्पोर्ट्सवाला में भी बतौर हिंदी एडिटर काम कर चुके हैं। हिंदी पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का अरसलान को लगभग 13 साल का अनुभव है। मुंबई से पहले अरसलान तकरीबन 10 सालों तक दिल्ली में हिंदी पत्रकारिता में काम कर चुके हैं। इस दौरान वह  ‘एएनआई’ (ANI), ‘क्रिकेट टुडे’ (Cricket Today) और ‘बीकेपी मीडिया’ (BKP media) जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी अहम भूमिका निभा चुके हैं।

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युवा पत्रकार मनोज मिश्रा ने पकड़ी नई राह

कु़छ दिन पहले दैनिक भास्कर, रोहतक को अलविदा कहने वाले युवा पत्रकार मनोज मिश्रा ने नई शुरुआत की है।

Last Modified:
Friday, 06 March, 2020
Manoj Mishra

कु़छ दिन पहले दैनिक भास्कर, रोहतक को अलविदा कहने वाले युवा पत्रकार मनोज मिश्रा ने हैदराबाद में 'इनाडु’ समूह के हिंदी न्यूज पोर्टल 'ईटीवी भारत’ (ETV Bharat)  के साथ अपनी नई पारी का आगाज किया है। उन्होंने यहां पर बतौर सीनियर कंटेट एडिटर जॉइन किया है। उन्हें यहां डेस्क पर जिम्मेदारी दी गई है।

पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्ष से सक्रिय मनोज मिश्रा मूल रूप से यूपी के प्रयागराज शहर के निवासी हैं। ‘सैम हिगिनबॉटम कृषि, प्रौद्योगिकी एवं विज्ञान विश्वविद्यालय' (Sam Higginbottom University of Agriculture, Technology and Science), प्रयागराज से पत्रकारिता में बीजेएमसी करने के बाद उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ अखबार में प्रयागराज से ही बतौर इंटर्न अपने करियर की शुरुआत की थी।

वर्ष 2014 में दिल्ली की ओर रुख करते हुए ‘पंजाब केसरी’ समूह के हिंदी दैनिक ‘नवोदय टाइम्स’ के साथ बतौर रिपोर्टर जुड़कर नगर निगम व अन्य विभागों को कवर करते हुए वर्ष 2018 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद रोहतक में ही दैनिक जागरण के बाद दैनिक भास्कर में सीनियर रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

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अमेजॉन प्राइम, नेटफ्लिक्स जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स की 'आजादी' पर अब यूं लगेगी लगाम!

‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन का मुद्दा इन दिनों जोर-शोर से उठ रहा है। समाज के कई वर्गों से इसके कंटेंट को लेकर चिंता जताई जा रही है।

Last Modified:
Tuesday, 03 March, 2020
ott

‘ओवर द टॉप’ (ओटीटी) प्लेटफॉर्म्स के रेगुलेशन का मुद्दा इन दिनों जोर-शोर से उठ रहा है। समाज के कई वर्गों से इसके कंटेंट को लेकर चिंता जताई जा रही है। ऐसे में ओटीटी प्लेयर्स पर काफी दबाव है कि वे अपने कंटेंट पर कुछ सेंसरशिप लगाना सुनिश्चित करें। सरकार रेगुलेशन के स्थान पर ऐसी ‘आचार संहिता’ (Code of Conduct) के बारे में प्रयासरत है, जिसका ओटीटी इंडस्ट्री पालन कर सके।

अब ‘सूचना-प्रसारण मंत्रालय’ (MIB) ने ‘ओवर द टॉप’ कंटेंट प्लेयर्स से किसी निर्णायक इकाई का गठन करने और अगले सौ दिनों के अंदर आचार संहिता को अंतिम रूप देने के लिए कहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसके लिए दिल्ली में लगभग सभी बड़े ओटीटी प्लेयर्स से मुलाकात की। बताया जाता है कि इस मुलाकात में जावड़ेकर ने चीन के स्ट्रीमिंग प्लेयर्स का उदाहरण दिया, जिन्होंने सरकार की सभी शर्तों का पालन किया है। करीब 45 मिनट चली इस मुलाकात में नेटफ्लिक्स, अमेजॉन प्राइम, एमएक्स प्लेयर, हॉट स्टार आदि ओटीटी प्लेयर्स के प्रतिनिधि शामिल थे। चार ओटीटी प्लेयर्स इस दिशा में ‘इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IAMAI) द्वारा गठित ‘डिजिटल कंटेंट कंप्लेंट काउंसिल’ (DCCC) से असहमत दिखे।

वहीं, इस सुझाव पर अमेजॉन प्राइम ने जहां अपनी नाराजगी जताई है, नेटफ्लिक्स, एमएक्स प्लेयर्स और एएलटीबालाजी ने सोच विचार के लिए कुछ और समय देने की मांग उठाई है।

बता दें कि ‘IAMAI’ ने पिछले साल की शुरुआत में आचार संहिता को लेकर एक मसौदा तैयार किया था, जिसमें ऑनलाइन कंटेंट प्रोवाइडर्स के लिए गाइडलाइंस शामिल की गई थीं। इन गाइडलाइंस को पहले से उपलब्ध कानूनी सलाहों के साथ ही भविष्य को लेकर शेयरधारकों की चिंताओं को भी शामिल करते हुए तैयार किया गया था। वहीं, जावड़ेकर ने अक्टूबर में ओटीटी प्लेयर्स के साथ एक मुलाकात में उन्हें इस मुद्दे पर सर्वसम्मति से कोई एक इकाई तय करने का सुझाव दिया था।

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‘हिन्दुस्तान’ को बाय बोल नए सफर पर निकले पत्रकार गुणातीत ओझा

गुणातीत ओझा ने हिन्दुस्तान के डिजिटल न्यूज पोर्टल में करीब दो साल पुरानी अपनी पारी को विराम दे दिया है

Last Modified:
Tuesday, 03 March, 2020
Gunateet-Ojha

पत्रकार गुणातीत ओझा ने ‘हिन्दुस्तान’ के डिजिटल न्यूज पोर्टल (live hindustan.com) में करीब दो साल पुरानी अपनी पारी को विराम दे दिया है। यहां उन्होंने जनवरी 2018 में बतौर कंटेंट क्रिएटर अपनी जिम्मेदारी संभाली थी। गुणातीत ओझा ने अपनी नई शुरुआत अब ‘लोकमत’ मीडिया ग्रुप के साथ की है। यहां उन्होंने बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव जॉइन किया है।

अब तक के अपने पत्रकारिता करियर के दौरान गुणातीत कई मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं। करीब दो साल पूर्व ‘हिन्दुस्तान’ के डिजिटल न्यूज पोर्टल से जुड़ने से पहले वह वर्ष 2014 से ‘दैनिक जागरण’ के डिजिटल न्यूज वेंचर में कार्यरत थे। इसके अलावा वे ‘हिन्दुस्तान’ के साथ उसके दैनिक अखबार के अलीगढ़ एडिशन के लिए भी काम कर चुके हैं।

यही नहीं, वे जयपुर में ‘राजस्थान पत्रिका’ न्यूज पोर्टल के साथ भी काम कर चुके हैं। डिजिटल में अपनी पारी की शुरुआत गुणातीत ने ‘राजस्थान पत्रिका’ से ही की थी। इसके पहले वह प्रिंट मीडिया में कार्यरत थे।

बनारस जिले के निवासी गुणातीत ने दिल्ली की एक मीडिया संस्था के जरिये पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इसके बाद गुणातीत ने कुछ समय तक ‘सहारा समय’ में इंटर्नशिप की। इसके बाद उन्होंने ‘राष्ट्रीय सहारा’ से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की। जुलाई 2009 से दिसंबर 2010 तक यहां रिपोर्टिंग करने के बाद वे ‘दैनिक जागरण’ के अलीगढ़ एडिशन से जुड़ गए। इसके बाद विभिन्न मीडिया संस्थानों में अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद अब उन्होंने नई शुरुआत की है।

 

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नए सफर पर निकलीं India.com की न्यूज एडिटर रुचि दुआ

‘जी’ (Zee) समूह की न्यूज वेबसाइट ‘इंडिया डॉट कॉम’ (India.com) की न्यूज एडिटर रुचि दुआ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
RuchiDua

‘जी’ (Zee) समूह की न्यूज वेबसाइट ‘इंडिया डॉट कॉम’ (India.com) की न्यूज एडिटर रुचि दुआ ने यहां से इस्तीफा दे दिया है। वह अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं। फिलहाल वे अभी नोटिस पीरियड पर चल रही हैं। खबर है कि वे ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (डिजिटल) में बतौर एसोसिएट एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। अपनी नई भूमिका में वह चीफ कंटेंट ऑफिसर प्रसाद सान्याल को रिपोर्ट करेंगी।

बता दें कि मूल  रूप से दिल्ली की रहने वाली रुचि दुआ को डिजिटल पत्रकारिता में काम करने का दस साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज से पढ़ाई करने के साथ ही गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री ली है।  

रुचि दुआ ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘सीएनएन-आईबीएन’ और ‘एनडीटीवी’ में बतौर इंटर्न की थी। इसके बाद वे ‘दैनिक भास्कर’ समूह से जुड़ गईं। यहां करीब डेढ़ साल अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद रुचि दुआ ने ‘इंडिया टुडे’ का दामन थाम लिया और यहां करीब छह साल लंबी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान यहां विभिन्न पदों पर काम करने के बाद वह ‘इंडिया टीवी’ (Independent News Service Pvt Ltd) के साथ बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर जुड़ गईं। यहां करीब नौ महीने काम करने के बाद वह मई 2018 से ‘इंडिया डॉट कॉम’  में न्यूज एडिटर की भूमिका निभा रही थीं।

समाचार4मीडिया की ओर से रुचि दुआ को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं।

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जागरण न्यू मीडिया ने री-लॉन्च किया अपना ये न्यूज पोर्टल

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर जाने-माने बॉलिवुड डायरेक्टर व लेखक मुदस्सर अजीज और कश्मीर की पहली महिला पायलट आयशा अजीज मौजूद थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 03 February, 2020
Last Modified:
Monday, 03 February, 2020
Jagran New Media

देश के प्रमुख मीडिया समूह 'जागरण प्रकाशन लिमिटेड' की डिजिटल विंग ‘जागरण न्यू मीडिया’  (Jagran New Media) ने उर्दू भाषा के डिजिटल पोर्टल (www.inquilab.com) को री-लॉन्च किया है। इस न्यूज पोर्टल का उद्देश्य ‘दैनिक जागरण’ के उर्दू अखबार ‘द इंकलाब’ की ऑनलाइन मौजूदगी को दर्ज कराना है।   

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर जाने-माने बॉलिवुड डायरेक्टर व लेखक मुदस्सर अजीज और कश्मीर की पहली महिला पायलट आयशा अजीज मौजूद थे। दोनों ने ‘द इंकलाब’ और ‘मिड-डे’ की टीम के साथ केक काटा और हौसला अफजाई की।

इस मौके पर ‘द इंकलाब’ के एडिटर शाहिद लतीफ का कहना था, ‘डिजिटल के इस दौर में Inquilab.com को री-लॉन्च करने का उद्देश्य न सिर्फ भारतवर्ष, बल्कि पूरी दुनिया में उर्दू भाषी पाठकों के बीच अपनी पहुंच बनाना है। इस वेबसाइट के द्वारा हम अपने पाठकों को विभिन्न कैटेगरी, जैसे-पॉलिटिक्स, बिजनेस, एंटरटेनमेंट, नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज आदि से जुड़ी खबरें उपलब्ध कराएंगे।’

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर ‘जागरण डिजिटल’ की सीओओ रचना तंवर का कहना है, ‘देश में डिजिटल कंटेंट के उपभोग की बात करें तो आज के समय में नॉन इंग्लिश यूजर्स इसकी बढ़ोतरी में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस वेबसाइट को री-लॉन्च करने का मकसद उन पाठकों की जरूरतों को पूरा करना है, जो उर्दू भाषा में कंटेंट पढ़ना चाहते हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक,ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

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इस रिपोर्ट को पढ़कर खुशी से चमका डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री का ‘चेहरा’

डिजिटल मीडिया में एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट दिल्ली में आयोजित एक समारोह में जारी की गई

Last Modified:
Friday, 24 January, 2020
Dan e4m

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में  एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट गुरुवार को जारी कर दी गई। दिल्ली स्थित ‘द ललित’ (The Lalit) होटल में आयोजित एक समारोह में इंडस्ट्री के दिग्गजों की मौजूदगी में इस रिपोर्ट को जारी किया गया। यह इस रिपोर्ट का चौथा एडिशन है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक डिजिटल एडवर्टाइजिंग 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है। भारतीय एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के समग्र विकास का आकलन करें तो वर्ष 2018 के बाद यह 9.4 प्रतिशत की दर से बढ़कर वर्ष 2019 के अंत तक 68475 करोड़ रुपए की हो चुकी है और अनुमान है कि 10.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 75952 करोड़ रुपए की हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी अनुमान लगाया गया है कि सीएजीआर (CAGR) में 11.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2025 तक यह 1,33,921  करोड़ रुपए का आंकड़ा छू लेगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री काफी मजबूत बनी हुई है और इसमें 27 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2020 के आखिरी तक यह 17377 करोड़ रुपए की हो सकती है।   

एक ओर आर्थिक मंदी ने पूरे मार्केट को प्रभावित किया है, इसके बावजूद डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्रभावशाली प्रदर्शन करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री जहां 10859 करोड़ रुपए की थी, वह 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2019 के आखिर तक 13683 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।  वर्ष 2020 के लिए भी इसी तरह की उम्मीद जताई गई है।

इस बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क के सीईओ (एशिया पैसिफिक) और चेयरमैन (इंडिया) आशीष भसीन ने कहा, ‘मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और डिजिटल इसमें निश्चित रूप से अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है। उम्मीद है कि वर्ष 2020 में देश में एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में बड़े बदलाव के साथ ही डिजिटल काफी बड़ा माध्यम बन सकता है। वास्तव में वर्ष 2021 तक इसकी ग्रोथ प्रिंट से आगे निकल जाएगी। इस वृद्धि के बावजूद डिजिटल के लिए एक कॉमन मीजरमेंट प्रणाली तय करने के लिए इंडस्ट्री एक साथ एक मंच पर आने में विफल रही है। डेंट्सू एजिस नेटवर्क विकास की इस दौड़ में सबसे आगे है और डिजिटल के बारे में और ज्यादा जानकारी रखने की जरूरत को समझता है। यह DAN Digital Report का चौथा एडिशन है और यह रिपोर्ट काफी व्यवस्थित है। अब देश में जब भी डिजिटल की बात होती है तो यह रिपोर्ट सूचना का सबसे विश्वसनीय स्रोत बन गई है।’

डिजिटल एडवर्टाइजिंग जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ वर्षों बाद ही यह प्रिंट को पीछे छोड़ देगी। अभी की बात करें तो टीवी इस दौड़ में सबसे आगे बना हुआ है। मीडिया खर्च में इसका सबसे ज्यादा शेयर 39 प्रतिशत (26,869 करोड़ रुपए) है, जबकि 29 प्रतिशत शेयर (20,110 करोड़ रुपए) के साथ प्रिंट मीडिया दूसरे नंबर पर है। डिजिटल मीडिया की बात करें तो 20 प्रतिशत शेयर (13,683 करोड़ रुपए) के साथ यह तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल यानी वर्ष 2020 में टीवी पर विज्ञापन खर्च में 10 प्रतिशत की ग्रोथ होगी और इसका शेयर ज्यों का त्यों बना रहेगा, वहीं प्रिंट मीडिया के मार्केट शेयर में तीन प्रतिशत की ग्रोथ होगी, लेकिन इसका शेयर 27 प्रतिशत रह जाएगा।  

इस मौके पर डेंट्सू एजिस नेटवर्क (Dentsu Aegis Network) के सीईओ आनंद भड़कामकर (Anand Bhadkamkar) ने रिपोर्ट के डाटा के साथ ही इस तरह की रिपोर्ट की जरूरत पर भी बल दिया। उनका कहना था, ‘प्रिंट और टीवी की तुलना में देश में डिजिटल सबसे नया मीडियम है। प्रिंट और टीवी लंबे समय से अपनी मौजूदगी दर्ज कराए हुए हैं। हालांकि डिजिटल देर से शुरू हुआ, फिर भी यह तेजी से बढ़ता हुआ मीडियम बन गया है। जैसा कि आप रिपोर्ट में देखेंगे कि जल्द ही यह देश में दूसरे नंबर पर आ जाएगा। वैश्विक स्तर पर यह पहले से ही कई बड़े मार्केट्स में नंबर एक पर बना हुआ है और इसने टीवी को भी पीछे छोड़ दिया है। यह माध्यम काफी तेजी से आगे बढ़ा है और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी महत्वपूर्ण बन गया है, लेकिन यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि बाजार में इंडस्ट्री के मानकों को लेकर कोई एक मजबूत तंत्र नहीं है, जबकि अन्य माध्यमों में यह पहले से ही है। ऐसे में इंडस्ट्री में अपनी दमदार पोजीशन के कारण हमें लगता है कि यह अंतर बहुत बड़ा है और हमें इंडस्ट्री के मानकों को तय करने की जरूरत है, ताकि हम अपने क्लाइंट्स के लिए कुछ ऐसी रिपोर्ट्स पेश कर सकें, जिससे एडवर्टाइजर्स और कंज्यूमर्स देख सकें कि वास्तव में इंडस्ट्री के मानक क्या हैं और हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’

इस साल भी डिजिटल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च करने के मामले में सोशल मीडिया की मौजूदगी सबसे दमदार रही और भारतीय डिजिटल एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में इसका मार्केट शेयर 28 प्रतिशत (3,835 करोड़ रुपए) रुपए है। यानी डिजिटल की बात करें तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च किया गया है। इसके बाद 23 प्रतिशत शेयर के साथ पेड सर्च, 22 प्रतिशत के साथ ऑनलाइन विडियो और 21 प्रतिशत के साथ डिस्प्ले मीडिया पर खर्च किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020 में डिस्प्ले मीडिया, ऑनलाइन विडियो और सोशल मीडिया में काफी तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

वर्ष 2019 में कई ब्रैंड्स ने अपने मार्केटिंग बजट का काफी बड़ा हिस्सा डिजिटल एडवर्टाइजिंग पर खर्च किया। हालांकि, ‘फास्ट मूविंग कंज्यूमर्स गुड्स’ (FMCG) से जुड़े बड़े ब्रैंड्स अभी भी 61 प्रतिशत शेयर के साथ टेलिविजन पर विज्ञापन को प्राथमिकता देते हैं, जबकि रिटेल और ऑटोमोबाइल के लिए प्रिंट सबसे पसंदीदा माध्यम बना हुआ है। डिजिटल पर सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वालों में ‘बैंकिंग, फाइनेंसियल सर्विसेज और इंश्योरेंस’ (42 प्रतिशत), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (38 प्रतिशत) और ई-कॉमर्स (37 प्रतिशत) शामिल हैं।

आजकल मार्केटर्स, एडवर्टाइजर्स और एजेंसियां मोबाइल फोन पर भी एडवर्टाइजिंग कर रही हैं। सस्ते डाटा प्लान और देश भर में स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों का डिजिटल पर फोकस बढ़ा है। मोबाइल पर बिताने वाले औसत समय (verage time spent) में भी बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च में 41 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है और डिजिटल एडवर्टाइजिंग सेक्टर में इसका मार्केट शेयर 52 प्रतिशत हो जाएगा और विज्ञापन खर्च के मामले में यह डेस्कटॉप को भी पीछे छोड़ देगा। वर्ष 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च 64 प्रतिशत तक हो जाएगा।

इन पूर्वानुमानों के अलावा, रिपोर्ट में ट्रेंड्स को लेकर इस तरह की कई जानकारियां दी गई हैं, जिससे डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के भविष्य को आसानी से परिभाषित किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में मौजूदा ट्रेंड्स को लेकर डिजिटल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के विचारों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मार्केटिंग टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ 5जी टेक्नोलॉजी आने और ई-कॉमर्स एडवर्टाइजिंग को अपनाने के कारण वर्ष 2025 तक डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है।

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