'जी मीडिया' को बाय बोल पत्रकार कौशलेंद्र बिक्रम सिंह ने की नई शुरुआत

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले कौशलेंद्र बिक्रम सिंह अब तक कई मीडिया प्रतिष्ठानों में जिम्मेदारी निभा चुके हैं

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 31 October, 2019
Last Modified:
Thursday, 31 October, 2019
Kaushlendra Bikram Singh

पत्रकार कौशलेंद्र बिक्रम सिंह ने ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ (ZMCL) में अपनी पारी को विराम दे दिया है। उन्होंने अपनी नई पारी की शुरुआत ‘आजतक’ की डिजिटल विंग के साथ की है। उन्होंने यहां बतौर चीफ कापी एडिटर जॉइन किया है। कौशलेंद्र को पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने का करीब नौ साल का अनुभव है। पूर्व में वह दैनिक भास्कर ग्रुप, राजस्थान पत्रिका ग्रुप, इंडिया टुडे ग्रुप और जी मीडिया ग्रुप में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।   

मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले कौशलेंद्र ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बीजेएमसी करने के बाद भोपाल की माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी से ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म में एमए की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने इसी यूनिवर्सिटी से ही मीडिया स्टडीज में एमफिल पूरी की और दूरदर्शन केंद्र, लखनऊ से इंटर्नशिप की।

कौशलेंद्र ने नवंबर 2010 में दैनिक भास्कर ग्रुप की डिजिटल विंग में बतौर सब एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाली। यहां उन्होंने मार्च 2013 तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद अप्रैल 2013 में उन्होंने राजस्थान पत्रिका ग्रुप का दामन थाम लिया और ग्रुप की डिजिटल विंग में स्टेट को-ऑर्डिनेटर के तौर पर दिसंबर 2016 तक अपनी सेवाएं दी।

इसके बाद कौशलेंद्र ने राजस्थान पत्रिका ग्रुप को अलविदा कहकर इंडिया टुडे ग्रुप की डिजिटल विंग के साथ अपनी नई पारी शुरू की। जनवरी 2017 में यहां उन्होंने सीनियर सब एडिटर के तौर पर जॉइन किया था, लेकिन इस संस्थान के साथ उनका यह सफर करीब एक साल ही चल सका। दिसंबर 2017 में उन्होंने इंडिया टुडे ग्रुप को बाय बोल दिया और ‘जी मीडिया कॉरपोरेशन लिमिटेड’ के साथ जुड़ गए। आजतक को जॉइन करने से पहले वह ‘जी मीडिया’ में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर इंटीग्रेटिड मल्टीमीडिया न्यूजरूम में अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

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नए सफर पर निकलीं India.com की न्यूज एडिटर रुचि दुआ

‘जी’ (Zee) समूह की न्यूज वेबसाइट ‘इंडिया डॉट कॉम’ (India.com) की न्यूज एडिटर रुचि दुआ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 20 February, 2020
Last Modified:
Thursday, 20 February, 2020
RuchiDua

‘जी’ (Zee) समूह की न्यूज वेबसाइट ‘इंडिया डॉट कॉम’ (India.com) की न्यूज एडिटर रुचि दुआ ने यहां से इस्तीफा दे दिया है। वह अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रही हैं। फिलहाल वे अभी नोटिस पीरियड पर चल रही हैं। खबर है कि वे ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ (डिजिटल) में बतौर एसोसिएट एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभालेंगी। अपनी नई भूमिका में वह चीफ कंटेंट ऑफिसर प्रसाद सान्याल को रिपोर्ट करेंगी।

बता दें कि मूल  रूप से दिल्ली की रहने वाली रुचि दुआ को डिजिटल पत्रकारिता में काम करने का दस साल से ज्यादा का अनुभव है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के कमला नेहरू कॉलेज से पढ़ाई करने के साथ ही गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री ली है।  

रुचि दुआ ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत ‘सीएनएन-आईबीएन’ और ‘एनडीटीवी’ में बतौर इंटर्न की थी। इसके बाद वे ‘दैनिक भास्कर’ समूह से जुड़ गईं। यहां करीब डेढ़ साल अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद रुचि दुआ ने ‘इंडिया टुडे’ का दामन थाम लिया और यहां करीब छह साल लंबी पारी खेली। अपनी इस पारी के दौरान यहां विभिन्न पदों पर काम करने के बाद वह ‘इंडिया टीवी’ (Independent News Service Pvt Ltd) के साथ बतौर डिप्टी न्यूज एडिटर जुड़ गईं। यहां करीब नौ महीने काम करने के बाद वह मई 2018 से ‘इंडिया डॉट कॉम’  में न्यूज एडिटर की भूमिका निभा रही थीं।

समाचार4मीडिया की ओर से रुचि दुआ को उनकी नई पारी के लिए शुभकामनाएं।

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जागरण न्यू मीडिया ने री-लॉन्च किया अपना ये न्यूज पोर्टल

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर जाने-माने बॉलिवुड डायरेक्टर व लेखक मुदस्सर अजीज और कश्मीर की पहली महिला पायलट आयशा अजीज मौजूद थे

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Monday, 03 February, 2020
Last Modified:
Monday, 03 February, 2020
Jagran New Media

देश के प्रमुख मीडिया समूह 'जागरण प्रकाशन लिमिटेड' की डिजिटल विंग ‘जागरण न्यू मीडिया’  (Jagran New Media) ने उर्दू भाषा के डिजिटल पोर्टल (www.inquilab.com) को री-लॉन्च किया है। इस न्यूज पोर्टल का उद्देश्य ‘दैनिक जागरण’ के उर्दू अखबार ‘द इंकलाब’ की ऑनलाइन मौजूदगी को दर्ज कराना है।   

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर जाने-माने बॉलिवुड डायरेक्टर व लेखक मुदस्सर अजीज और कश्मीर की पहली महिला पायलट आयशा अजीज मौजूद थे। दोनों ने ‘द इंकलाब’ और ‘मिड-डे’ की टीम के साथ केक काटा और हौसला अफजाई की।

इस मौके पर ‘द इंकलाब’ के एडिटर शाहिद लतीफ का कहना था, ‘डिजिटल के इस दौर में Inquilab.com को री-लॉन्च करने का उद्देश्य न सिर्फ भारतवर्ष, बल्कि पूरी दुनिया में उर्दू भाषी पाठकों के बीच अपनी पहुंच बनाना है। इस वेबसाइट के द्वारा हम अपने पाठकों को विभिन्न कैटेगरी, जैसे-पॉलिटिक्स, बिजनेस, एंटरटेनमेंट, नेशनल और इंटरनेशनल न्यूज आदि से जुड़ी खबरें उपलब्ध कराएंगे।’

वेबसाइट की री-लॉन्चिंग के मौके पर ‘जागरण डिजिटल’ की सीओओ रचना तंवर का कहना है, ‘देश में डिजिटल कंटेंट के उपभोग की बात करें तो आज के समय में नॉन इंग्लिश यूजर्स इसकी बढ़ोतरी में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस वेबसाइट को री-लॉन्च करने का मकसद उन पाठकों की जरूरतों को पूरा करना है, जो उर्दू भाषा में कंटेंट पढ़ना चाहते हैं।

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इस रिपोर्ट को पढ़कर खुशी से चमका डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री का ‘चेहरा’

डिजिटल मीडिया में एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट दिल्ली में आयोजित एक समारोह में जारी की गई

Last Modified:
Friday, 24 January, 2020
Dan e4m

डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में  एडवर्टाइजिंग खर्च को लेकर ‘Dentsu Aegis Network-exchange4media (DAN- e4m) की रिपोर्ट गुरुवार को जारी कर दी गई। दिल्ली स्थित ‘द ललित’ (The Lalit) होटल में आयोजित एक समारोह में इंडस्ट्री के दिग्गजों की मौजूदगी में इस रिपोर्ट को जारी किया गया। यह इस रिपोर्ट का चौथा एडिशन है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 तक डिजिटल एडवर्टाइजिंग 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है। भारतीय एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के समग्र विकास का आकलन करें तो वर्ष 2018 के बाद यह 9.4 प्रतिशत की दर से बढ़कर वर्ष 2019 के अंत तक 68475 करोड़ रुपए की हो चुकी है और अनुमान है कि 10.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 75952 करोड़ रुपए की हो जाएगी। इसके साथ ही यह भी अनुमान लगाया गया है कि सीएजीआर (CAGR) में 11.83 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2025 तक यह 1,33,921  करोड़ रुपए का आंकड़ा छू लेगी। इस रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री काफी मजबूत बनी हुई है और इसमें 27 प्रतिशत की दर से बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2020 के आखिरी तक यह 17377 करोड़ रुपए की हो सकती है।   

एक ओर आर्थिक मंदी ने पूरे मार्केट को प्रभावित किया है, इसके बावजूद डिजिटल एडवर्टाइजिंग प्रभावशाली प्रदर्शन करने में सफल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 में डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री जहां 10859 करोड़ रुपए की थी, वह 26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ वर्ष 2019 के आखिर तक 13683 करोड़ रुपए पर पहुंच गई।  वर्ष 2020 के लिए भी इसी तरह की उम्मीद जताई गई है।

इस बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क के सीईओ (एशिया पैसिफिक) और चेयरमैन (इंडिया) आशीष भसीन ने कहा, ‘मीडिया और एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और डिजिटल इसमें निश्चित रूप से अपनी पकड़ मजबूत बना रहा है। उम्मीद है कि वर्ष 2020 में देश में एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री में बड़े बदलाव के साथ ही डिजिटल काफी बड़ा माध्यम बन सकता है। वास्तव में वर्ष 2021 तक इसकी ग्रोथ प्रिंट से आगे निकल जाएगी। इस वृद्धि के बावजूद डिजिटल के लिए एक कॉमन मीजरमेंट प्रणाली तय करने के लिए इंडस्ट्री एक साथ एक मंच पर आने में विफल रही है। डेंट्सू एजिस नेटवर्क विकास की इस दौड़ में सबसे आगे है और डिजिटल के बारे में और ज्यादा जानकारी रखने की जरूरत को समझता है। यह DAN Digital Report का चौथा एडिशन है और यह रिपोर्ट काफी व्यवस्थित है। अब देश में जब भी डिजिटल की बात होती है तो यह रिपोर्ट सूचना का सबसे विश्वसनीय स्रोत बन गई है।’

डिजिटल एडवर्टाइजिंग जिस तेजी से आगे बढ़ रही है, उससे उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ वर्षों बाद ही यह प्रिंट को पीछे छोड़ देगी। अभी की बात करें तो टीवी इस दौड़ में सबसे आगे बना हुआ है। मीडिया खर्च में इसका सबसे ज्यादा शेयर 39 प्रतिशत (26,869 करोड़ रुपए) है, जबकि 29 प्रतिशत शेयर (20,110 करोड़ रुपए) के साथ प्रिंट मीडिया दूसरे नंबर पर है। डिजिटल मीडिया की बात करें तो 20 प्रतिशत शेयर (13,683 करोड़ रुपए) के साथ यह तीसरे नंबर पर है। इस रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि इस साल यानी वर्ष 2020 में टीवी पर विज्ञापन खर्च में 10 प्रतिशत की ग्रोथ होगी और इसका शेयर ज्यों का त्यों बना रहेगा, वहीं प्रिंट मीडिया के मार्केट शेयर में तीन प्रतिशत की ग्रोथ होगी, लेकिन इसका शेयर 27 प्रतिशत रह जाएगा।  

इस मौके पर डेंट्सू एजिस नेटवर्क (Dentsu Aegis Network) के सीईओ आनंद भड़कामकर (Anand Bhadkamkar) ने रिपोर्ट के डाटा के साथ ही इस तरह की रिपोर्ट की जरूरत पर भी बल दिया। उनका कहना था, ‘प्रिंट और टीवी की तुलना में देश में डिजिटल सबसे नया मीडियम है। प्रिंट और टीवी लंबे समय से अपनी मौजूदगी दर्ज कराए हुए हैं। हालांकि डिजिटल देर से शुरू हुआ, फिर भी यह तेजी से बढ़ता हुआ मीडियम बन गया है। जैसा कि आप रिपोर्ट में देखेंगे कि जल्द ही यह देश में दूसरे नंबर पर आ जाएगा। वैश्विक स्तर पर यह पहले से ही कई बड़े मार्केट्स में नंबर एक पर बना हुआ है और इसने टीवी को भी पीछे छोड़ दिया है। यह माध्यम काफी तेजी से आगे बढ़ा है और हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में काफी महत्वपूर्ण बन गया है, लेकिन यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण है कि बाजार में इंडस्ट्री के मानकों को लेकर कोई एक मजबूत तंत्र नहीं है, जबकि अन्य माध्यमों में यह पहले से ही है। ऐसे में इंडस्ट्री में अपनी दमदार पोजीशन के कारण हमें लगता है कि यह अंतर बहुत बड़ा है और हमें इंडस्ट्री के मानकों को तय करने की जरूरत है, ताकि हम अपने क्लाइंट्स के लिए कुछ ऐसी रिपोर्ट्स पेश कर सकें, जिससे एडवर्टाइजर्स और कंज्यूमर्स देख सकें कि वास्तव में इंडस्ट्री के मानक क्या हैं और हम किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’

इस साल भी डिजिटल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च करने के मामले में सोशल मीडिया की मौजूदगी सबसे दमदार रही और भारतीय डिजिटल एडवर्टाइजिंग के क्षेत्र में इसका मार्केट शेयर 28 प्रतिशत (3,835 करोड़ रुपए) रुपए है। यानी डिजिटल की बात करें तो सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा विज्ञापन खर्च किया गया है। इसके बाद 23 प्रतिशत शेयर के साथ पेड सर्च, 22 प्रतिशत के साथ ऑनलाइन विडियो और 21 प्रतिशत के साथ डिस्प्ले मीडिया पर खर्च किया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2020 में डिस्प्ले मीडिया, ऑनलाइन विडियो और सोशल मीडिया में काफी तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद है।

वर्ष 2019 में कई ब्रैंड्स ने अपने मार्केटिंग बजट का काफी बड़ा हिस्सा डिजिटल एडवर्टाइजिंग पर खर्च किया। हालांकि, ‘फास्ट मूविंग कंज्यूमर्स गुड्स’ (FMCG) से जुड़े बड़े ब्रैंड्स अभी भी 61 प्रतिशत शेयर के साथ टेलिविजन पर विज्ञापन को प्राथमिकता देते हैं, जबकि रिटेल और ऑटोमोबाइल के लिए प्रिंट सबसे पसंदीदा माध्यम बना हुआ है। डिजिटल पर सबसे ज्यादा विज्ञापन देने वालों में ‘बैंकिंग, फाइनेंसियल सर्विसेज और इंश्योरेंस’ (42 प्रतिशत), कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (38 प्रतिशत) और ई-कॉमर्स (37 प्रतिशत) शामिल हैं।

आजकल मार्केटर्स, एडवर्टाइजर्स और एजेंसियां मोबाइल फोन पर भी एडवर्टाइजिंग कर रही हैं। सस्ते डाटा प्लान और देश भर में स्मार्ट फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों का डिजिटल पर फोकस बढ़ा है। मोबाइल पर बिताने वाले औसत समय (verage time spent) में भी बढ़ोतरी हो रही है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च में 41 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की उम्मीद है और डिजिटल एडवर्टाइजिंग सेक्टर में इसका मार्केट शेयर 52 प्रतिशत हो जाएगा और विज्ञापन खर्च के मामले में यह डेस्कटॉप को भी पीछे छोड़ देगा। वर्ष 2020 तक मोबाइल फोन पर विज्ञापन खर्च 64 प्रतिशत तक हो जाएगा।

इन पूर्वानुमानों के अलावा, रिपोर्ट में ट्रेंड्स को लेकर इस तरह की कई जानकारियां दी गई हैं, जिससे डिजिटल एडवर्टाइजिंग इंडस्ट्री के भविष्य को आसानी से परिभाषित किया जा सकता है। इस रिपोर्ट में मौजूदा ट्रेंड्स को लेकर डिजिटल इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञों के विचारों को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मार्केटिंग टेक्नोलॉजी में प्रगति के साथ 5जी टेक्नोलॉजी आने और ई-कॉमर्स एडवर्टाइजिंग को अपनाने के कारण वर्ष 2025 तक डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री 50000 करोड़ रुपए का आंकड़ा पार कर सकती है।

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नए साल पर युवा पत्रकार प्रभात उपाध्याय ने नई दिशा में बढ़ाए कदम

उत्तर प्रदेश में जौनपुर के मूल निवासी प्रभात उपाध्याय को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब सात साल का अनुभव है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Wednesday, 22 January, 2020
Last Modified:
Wednesday, 22 January, 2020
Prabhat Upadhyay

युवा पत्रकार प्रभात उपाध्याय ने नए साल पर नई पारी की शुरुआत की है। ‘एनडीटीवी’ समूह को बाय बोलकर अब उन्होंने अपना नया सफर ‘इंडियन एक्सप्रेस’ समूह के साथ शुरू किया है। उन्होंने इस समूह के नोएडा स्थित हिंदी न्यूज पोर्टल ‘जनसत्‍ता.कॉम’(jansatta.com) में बतौर असिस्टेंट एडिटर जॉइन किया है।

उत्तर प्रदेश में जौनपुर के मूल निवासी प्रभात उपाध्याय को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब सात साल का अनुभव है। उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2013 में ‘हिन्दुस्तान’ मीडिया समूह के साथ बतौर सब एडिटर कम रिपोर्टर के तौर पर की थी। यहां करीब दो साल तक अपनी जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने जुलाई 2015 में ‘दैनिक जागरण’ का दामन थाम लिया। यहां प्रभात उपाध्याय ने सीनियर रिपोर्टर के तौर पर करीब पौने तीन साल तक अपनी भूमिका निभाई और कई स्पेशल स्टोरीज लिखीं।

इसके बाद प्रभात उपाध्याय ने अप्रैल 2018 में ‘एनडीटीवी’ (NDTV) समूह की डिजिटल शाखा एनडीटीवी कंवर्जेंस (NDTV Convergence) का रुख कर लिया। बतौर चीफ सब एडिटर प्रभात ने यहां रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और एडिटिंग के साथ-साथ सोशल मीडिया का जिम्मा भी संभाला। इसके बाद अब उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस समूह के साथ नई शुरुआत की है।

मेरठ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट (बैचलर इन कंप्यूटर एप्लीकेशन) प्रभात उपाध्याय ने दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा किया है। उन्होंने हरियाणा की गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ‘साइंस एंड स्पोर्ट्स जर्नलिज्म’ और ‘ह्यूमन राइट्स’ में सर्टिफिकेट कोर्स भी किया है। इसके साथ ही वह देश के जाने-माने थिंक टैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (CCS) से ग्रेजुएट भी हैं।

रिपोर्टिंग के दौरान प्रभात उपाध्याय ने कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज की, जो काफी चर्चित रहीं। हरियाणा के पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला ने तिहाड़ जेल में रहते हुए दावा किया था कि वे 12वीं की परीक्षा ए ग्रेड से पास हो गए हैं। हिंदी और अंग्रेजी के तमाम प्रमुख अखबारों ने यह स्टोरी छापी, लेकिन अगले ही दिन प्रभात उपाध्याय ने एक्सक्लूसिव रिपोर्ट छापी कि किस तरह चौटाला झूठ बोल रहे हैं। उस वक्त उन्होंने कोई परीक्षा पास ही नहीं की थी। यह स्टोरी दैनिक जागरण में तमाम दस्तावेजों के साथ देशभर में पहले पन्ने पर छपी। इसी तरह प्रभात उपाध्याय ने नोएडा प्राधिकरण में पीएफ घोटाले का भी खुलासा किया था। 

समाचार4मीडिया की ओर से प्रभात उपाध्याय को नई पारी के लिए शुभकामनाएं।

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अब इस मीडिया समूह से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार, मिली बड़ी जिम्मेदारी

आलोक कुमार को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का काफी अनुभव है। पूर्व में कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अहम भूमिका

Last Modified:
Monday, 20 January, 2020
Alok Kumar

वरिष्ठ पत्रकार आलोक कुमार ने ‘नवभारत टाइम्स’ (डिजिटल) के साथ अपनी नई पारी की शुरुआत की है। उन्होंने यहां पर एडिटर के तौर पर जॉइन किया है। इस नई जिम्मेदारी को संभालने से पहले आलोक कुमार ‘टीवी9’ समूह के साथ जुड़े हुए थे और एग्जिक्यूटिव एडिटर (डिजिटल) के पद पर अपनी भूमिका निभा रहे थे।

बिहार में मुजफ्फरपुर के मूल निवासी आलोक कुमार को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का काफी अनुभव है। पूर्व में वह कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं। ‘टीवी9’ समूह को जॉइन करने से पहले वह एग्जिक्यूटिव एडिटर के रूप में ‘नेटवर्क18’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म के रीजनल विंग की कमान संभाल चुके हैं।

आलोक मई  2015 में ‘लाइव इंडिया’ से इस्तीफा देकर ‘नेटवर्क18’ आए थे।‘लाइव इंडिया’ में वे डिजिटल एडिटर के तौर पर बहुत ही कम समय तक रहे, जहां उन्होंने जनवरी 2015 से मई 2015 तक मात्र पांच महीने की पारी खेली। इसके पहले तक आलोक कुमार ने ‘सहारा समय’, ‘बीबीसी’ (BBC), ‘यूएनआई’ (UNI)  और‘नेटजाल’ (www.netjaal.com) डिजिटल पोर्टल के साथ काम किया।   

देश के प्रतिष्ठित मीडिया शिक्षण संस्थान ‘आईआईएमसी’ से वर्ष 2001 में पत्रकारिता की तालीम हासिल करने वाले आलोक ने पत्रकारिता का सफर ‘नेटजाल’ (www.netjaal.com) के साथ बतौर कॉपी राइटर शुरू किया, जहां वे करीब एक साल तक रहे। इसके बाद वे अप्रैल 2002 में प्रतिष्ठित न्यूज एजेंसी ‘यूएनआई’ (UNI)से जुड़ गए। सब एडिटर व रिपोर्टर के तौर पर चार साल की पारी खेलने के बाद वे ‘यूएनआई’ से अलग हो गए और ‘बीबीसी’ (BBC) से बतौर प्रड्यूसर (मल्टीमीडिया) जुड़ गए। यहां भी वे करीब चार साल तक रहे।

अप्रैल 2010 में यहां से अलग होने के बाद वे ‘सहारा समय’ के डिजिटल वेंचर से जुड़ गए और यहां करीब पांच वर्षों तक अपना योगदान दिया। जनवरी 2015 में वे ‘लाइव इंडिया’ पहुंचे और फिर ‘नेटवर्क18’ और ‘टीवी9’ होते हुए अब ‘नवभारत टाइम्स’ के साथ नए सफर की शुरुआत की है।

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Network18 ने अजीम ललानी पर कुछ यूं दिखाया और भरोसा

नेटवर्क18 (Network18) के डिजिटल विंग से खबर आई है कि यहां अजीम ललानी को प्रमोट किया गया है

Last Modified:
Friday, 03 January, 2020
azim

नेटवर्क18 (Network18) के डिजिटल विंग से खबर आई है कि यहां अजीम ललानी को प्रमोट किया गया है। नेटवर्क18 ने उन्हें अब ब्रैंड सॉल्यूशंस एंड कनवर्जेंस (Brand solutions & Convergence) का सीओओ (COO) बना दिया है।

वैसे अभी तक अजीम ललानी इंग्लिश न्यूज क्लस्टर- ‘फर्स्टपोस्ट’ (Firstpost) के बिजनेस हेड थे।  उन्होंने 2013 में नेटवर्क18 जॉइन किया था।

अजीम को मीडिया इंडस्ट्री में लगभग 19 सालों का अनुभव है। उन्होंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। अजीम को कई अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है, जिसमें साल 2006 में ‘लिविंग मीडिया इंडिया’ के चेयरमैन अरुण पुरी से मिला बेस्ट इनोवेशन अवॉर्ड भी शामिल है।

अजीम ने ‘फर्स्टपोस्ट’ को इसके शुरुआती चरण में ही जॉइन किया था। वहीं नेटवर्क18 जॉइन करने से पहले वे Rediff.com के साथ थे, जहां उन्होंने 6 साल की पारी खेली। वे यहां एडवर्टाइजिंग और सेल्स के डायरेक्टर थे। उन्होंने ‘इंडिया टुडे’ (India Today) में मीडिया सेल्स के सीनियर मैनेजर के तौर पर भी काम किया है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत ‘इंडियन एक्सप्रेस’ (Indian Express) में बतौर सीनियर एग्जिक्यूटिव शुरू की।

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ABP News में पारी को विराम देकर पत्रकार वरुण कुमार ने इस दिशा में बढ़ाए कदम

अपने 17 साल के पत्रकारिता करियर में कई मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं जिम्मेदारी। एबीपी न्यूज के साथ उनकी यह दूसरी पारी थी

Last Modified:
Friday, 03 January, 2020
Varun Kumar

‘एबीपी न्यूज’ (ABP News) की डिजिटल विंग में काम कर रहे पत्रकार वरुण कुमार ने संस्थान को अलविदा कह दिया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ व्यक्तिगत कारणों के चलते ये फैसला लिया है। वे अब लखनऊ पहुंच गए हैं, जहां से वो खुद का यूट्यूब चैनल शुरू करेंगे।

वरुण की ‘एबीपी न्यूज’ के साथ ये दूसरी पारी थी। इस बार 2017 से लेकर 2019 तक उन्होंने यहां अपनी सेवाएं दीं। इससे पहले 2010 से 2013 तक भी वे इस संस्थान से जुड़े रहे थे।

वरुण कुमार ‘एबीपी न्यूज’ की वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम के मेंबर रहे हैं। इसके बाद 2014 में वे ‘अमर उजाला’ (डिजिटल) चले गए थे और 2015 में उन्होंने ‘हिन्दुस्तान’ की डिजिटल विंग का दामन थाम लिया था। इसके बाद 2017 में कुछ महीनों के लिए उन्होंने ‘यूसी न्यूज’ के लिए भी काम किया था।

उत्तर प्रदेश में बुलंदशहर के रहने वाले वरुण ने 17 सालों के पत्रकारिता करियर में करीब 10 साल डिजिटल में बिताए हैं, जबकि इससे पहले करीब सात साल वो रिपोर्टर रहे हैं। उन्होंने ‘न्यूज 24’ और ‘राष्ट्रीय सहारा’ के लिए रिपोर्टिंग की और कई बड़ी खबरों पर काम किया।

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डिजिटल मीडिया में FDI को लेकर उठ रहे इन सवालों का DPIIT देगा जवाब!

इसी मुद्दे पर इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी स्पष्टीकरण की मांग की है

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 26 December, 2019
Last Modified:
Thursday, 26 December, 2019
Digital Media

डिजिटल मीडिया के क्षेत्र के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, इस क्षेत्र में उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्द्धन विभाग (DPIIT) जल्द ही 26 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा को लेकर स्पष्टीकरण जारी कर सकता है।

मीडिया में आई ख़बरों के मुताबिक, डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 26 प्रतिशत FDI की अनुमति के फैसले पर कुछ शेयर होल्डर्स ने सवाल खड़े किए हैं, जिन पर स्थिति स्पष्ट होनी जरूरी है। दरअसल, इस उद्योग की कंपनियों और विशेषज्ञों का मानें तो इनमें से कई कंपनियां कोष जुटाने की तैयारी कर रही हैं, लेकिन 26 प्रतिशत की सीमा की वजह से उनके समक्ष कुछ समस्याएं आ सकती हैं, जिनमें ये दो अहम हैं-

पहला ये कि इस क्षेत्र के लिए FDI पॉलिसी न्यूज ब्रॉडकास्टर्स को किस रूप में देखती है और दूसरा ये कि जिन डिजिटल मीडिया कंपनियों में FDI पहले से 26 प्रतिशत से अधिक है, उनका क्या होगा? माना जा रहा है कि इन्हीं सवालों के जवाब देने के लिए DPIIT स्पष्टीकरण जारी करेगा। खबरों की मानें तो DPIIT ने पहले ही इस मुद्दे पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) की राय ले ली है।

‘डेलॉयट इंडिया’ के पार्टनर जेहिल ठक्कर के मुताबिक, न्यूज को ऑनलाइन स्ट्रीम करने वाले टेलिविजन ब्रॉडकास्टर्स को पहले से 49 प्रतिशत FDI की अनुमति है, उनका क्या होगा? यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या उनके लिए भी 26 प्रतिशत की सीमा ही लागू होगी? और फिर ऐसी न्यूज वेबसाइट्स का क्या होगा, जो 100 प्रतिशत विदेशी इकाई हैं।

बता दें कि इसी मुद्दे पर इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने भी स्पष्टीकरण की मांग की है।

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NBT को बाय बोल अब इस मीडिया समूह से जुड़े वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष झा

पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 19 साल की पारी के दौरान तमाम मीडिया संस्थानों में निभा चुके हैं अपने जिम्मेदारी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Saturday, 21 December, 2019
Last Modified:
Saturday, 21 December, 2019
Prabhash-Jha

‘नवभारत टाइम्स’ (डिजिटल) में एडिटर पद से इस्तीफा देने के बाद वरिष्ठ पत्रकार प्रभाष झा ने ‘हिन्दुस्तान’ की न्यूज वेबसाइट (livehindustan.com) के साथ अपना नया सफर शुरू किया है। उन्होंने यहां पर बतौर एडिटर जॉइन किया है।

प्रभाष झा को मीडिया के क्षेत्र में काम करने का करीब 19 साल का अनुभव है। मूलरूप से मधुबनी (बिहार) के रहने वाले प्रभाष झा ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2000 में बतौर इंटर्न ‘जैन टीवी’ (Jain TV) से की थी। करीब एक साल तक काम करने के बाद उन्होंने यहां से बाय बोलकर ‘नवभारत’ (Navbharat), भोपाल का दामन थाम लिया। यहां बतौर करेसपॉन्डेंट उन्होंने करीब 11 महीने तक अपनी जिम्मेदारी निभाई और फिर यहां से अलविदा कह दिया।

इसके बाद प्रभाष झा ने ‘दैनिक जागरण’ (Dainik Jagran), मेरठ में जूनियर सब एडिटर के तौर पर अपनी नई शुरुआत की। करीब सवा साल यहां काम करने के बाद अक्टूबर 2003 में वह ‘अमर उजाला’ (Amar Ujala), देहरादून चले गए। करीब 10 महीने तक इस अखबार से जुड़े रहने के बाद उन्होंने ‘दैनिक जागरण’ में वापसी की। इस बार उन्होंने नोएडा में सीनियर सब एडिटर के तौर पर यहां जॉइन किया। लगभग तीन साल तक ‘दैनिक जागरण’ में अपने सेवाएं देने के बाद उन्होंने यहां से फिर अलविदा बोल दिया और ‘बीबीसी न्यूज’ (BBC News), हिंदी में कॉन्ट्रीब्यूटिंग एडिटर के तौर पर जुड़ गए।

करीब सवा साल तक यह जिम्मेदारी निभाने के बाद प्रभाष झा ने वर्ष 2007 में ‘नवभारत टाइम्स’ (Navbharat Times) का रुख किया। उस समय उन्होंने चीफ सब एडिटर के तौर पर यहां जॉइन किया और फिर करीब साढ़े 12 साल तक इस संस्थान में विभिन्न पदों पर अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए एडिटर के पद पर पहुंच गए। अब उन्होंने यहां से अलविदा कहकर अपनी नई पारी ‘हिन्दुस्तान’ की डिजिटल विंग के साथ शुरू की है।

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो प्रभाष झा ने नागपुर के एसएफएस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने मेघालय की महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन, एडवर्टाइजिंग और जर्नलिज्म में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। कम्युनिकेशन और मीडिया स्टडीड में ‘नेट’ (NET) क्वालीफाइड प्रभाष झा ने दिल्ली के ‘इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन’ (IIMC) से रेडियो और टीवी जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा भी किया है। समाचार4मीडिया की ओर से प्रभाष झा को उनके नए सफर के लिए शुभकामनाएं।

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लंबे समय बाद डॉ. प्रवीण तिवारी की सहारा में वापसी, मिली ये बड़ी जिम्मेदारी

डॉ. तिवारी की सात पुस्तकें बाजार में आ चुकी हैं। जल्द ही उनकी आठवीं पुस्तक भी पाठकों के लिए उपलब्ध होगी

समाचार4मीडिया ब्यूरो by
Published - Thursday, 19 December, 2019
Last Modified:
Thursday, 19 December, 2019
Dr Praveen Tiwari

वरिष्ठ पत्रकार डॉ. प्रवीण तिवारी ने लंबे समय बाद दोबारा ‘सहारा समय’ में वापसी की है। वह यहां डिजिटल विंग के हेड के तौर पर अपना कार्यभार संभाल चुके हैं। इसके साथ ही साथ उनके एंकरिंग के लंबे अनुभव का फायदा भी ‘सहारा नेटवर्क’ को मिलेगा।

हाल के दिनों में डॉ. तिवारी ने इनोवेशन और स्टार्टअप पर काफी काम किया है। वह दूरदर्शन के साथ कई शो करते रहे और साथ ही राजस्थान की जेजेटी यूनिवर्सिटी के साथ पीएचडी गाइड के तौर पर भी जुड़े रहे।

उन्होंने बीता समय लेखन कार्य में व्यतीत किया है। उनकी सात पुस्तकें बाजार में आ चुकी हैं। जल्द ही उनकी आठवीं पुस्तक ‘इनोवेट इंडिया एंड स्टार्टअप एरा’ भी पाठकों के लिए उपलब्ध होगी। बीते साल ‘ब्लूम्सबरी’ के लिए लिखी गई उनकी पुस्तक ‘द ग्रेट इंडियन कॉन्सपिरेसी’ (The Great Indian Conspiracy) को अच्छी सफलता मिली है।

मूलतः इंदौर के रहने वाले डॉ. तिवारी ने ‘लोकस्वामी’ और ‘भास्कर’ जैसे समूहों के साथ 1998 में इंदौर से अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत की थी। दिल्ली में उन्होंने 2003 में ‘सहारा समय’ के साथ अपना सफर शुरू किया और इसके बाद से ही वह लगातार विभिन्न चैनलों के साथ जुड़े रहे हैं। वे ‘लाइव इंडिया’, ‘आईबीएन7’ और  ‘जी बिजनेस’ जैसे संस्थानों के साथ भी जुड़े रहे हैं।

हाल ही में उन्होंने लोकसभा चुनाव के लिए ‘अमर उजाला’ समूह के साथ बतौर कंसल्टेंट अपनी भूमिका निभाई थी। डॉ. तिवारी को वर्ष 2019 के नेशनल एक्सीलेंट अवार्ड से भी नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान स्टार्टअप्स और इनोवेशन पर उनके किए गए काम के लिए दिया गया।

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