भ्रामक विज्ञापनों से सेलिब्रिटी को दूर रखने के लिए ASCI के नए मानक

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।। किसी भी ब्रैंड को चमकाने में सेलिब्रिटी का बहुत बड़ा योगदान होता है और मार्केटर्स इसका फायदा भी उठाते हैं, लेकिन किसी ब्रैंड का विज्ञापन करने से पहले सेलिब्रिटी की जिम्‍मेदारी भी बनती है कि वह सुनिश्चित कर लें कि जिस प्रॉडक्‍ट अथवा ब्रैंड

Last Modified:
Tuesday, 18 April, 2017
asci

समाचार4मी‍डिया ब्यूरो ।।

किसी भी ब्रैंड को चमकाने में सेलिब्रिटी का बहुत बड़ा योगदान होता है और मार्केटर्स इसका फायदा भी उठाते हैं, लेकिन किसी ब्रैंड का विज्ञापन करने से पहले सेलिब्रिटी की जिम्‍मेदारी भी बनती है कि वह सुनिश्चित कर लें कि जिस प्रॉडक्‍ट अथवा ब्रैंड के लिए वे काम कर रहे हैं, उसके विज्ञापन में किए गए दावे सही हैं और वे लोगों को गुमराह नहीं करते हैं।

इसी तरह की परेशानियों से बचने और उपभोक्‍ताओं के हितों को ध्‍यान में रखते हुए ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ASCI) ने गाइडलाइंस तैयार की हैं, ताकि सेलिब्रिटी ऐसे विज्ञापनों का प्रचार करने से बच सकें जो लोगों को गलत जानकारी देकर गुमराह करते हैं और नियमों का उल्‍लंघन करते हैं।

नई गाइडलाइंस के बारे में ASCI के चेयरमैन श्रीनिवासन के स्‍वामी का कहना है, ‘कंज्‍यूमर पर सेलिब्रिटी का जबरदस्‍त प्रभाव होता है और वे जिस चीज का विज्ञापन करते हैं, उस पर लोग भरोसा भी करते हैं। ऐसे में ऐडवर्टाइजर्स और सेलिब्रिटी को ऐडवर्टाइजिंग की पॉवर को समझना चाहिए और अपनी जिम्‍मेदारी समझते हुए ऐसे प्रॉडक्‍ट का विज्ञापन नहीं करना चाहिए जो कंज्‍यूमर को गुमराह करते हों। ऐसे में ऐडवर्टाइजर्स और ऐड एजेसियों के अलावा सेलिब्रिटी के लिए भी इन गाइडलाइंस के बारे में जानना बहुत जरूरी है।’

ये हैं गाइडलाइंस

1: इन गाइडलाइंस के दायरे में वे उन व्‍यक्तियों को शामिल किया गया है जो ऐंटरटेनमेंट और स्‍पोर्ट्स के क्षेत्र से हों। इसके अलावा अन्‍य जानी-मानी हस्तियां जैसे डॉक्‍टर्स, लेखक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद आदि को भी इस लिस्‍ट में शामिल किया गया है, जिन्‍हें विज्ञापन के बदले पैसा मिलता है।

2- जिन विज्ञापनों में सेलिब्रिटी शामिल होंगे, उन्‍हें सुनिश्चित करना होगा कि वे ASCI के नियमों का उल्‍लंघन नहीं कर रहे हैं। सेलिब्रिटी से भी ये उम्‍मीद की जाती है कि जिस चीज का वे विज्ञापन कर रहे हैं, उसके बारे में और नियमों के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लें। इसके अलावा ऐडवर्टाइजर्स अथवा एजेंसी की भी यह जिम्‍मेदारी है कि अपने जिस ब्रैंड में वह सेलिब्रिटी को शामिल कर रहा है, उसे इन सब बातों के बारे में जानकारी दे।

3- सेलिब्रिटी जिस प्रॉडक्‍ट अथवा सर्विस का विज्ञापन कर रहे हैं, उसके बारे में उन्‍हें पूरी जानकारी होनी चाहिए अथवा उन्‍हें उसका अनुभव भी होना चाहिए, तभी वह उस प्रॉडक्‍ट अथवा सर्विस के बारे में बेहतर तरीके से बता सकते हैं।

4- सेलिब्रिटी को भी यह जानने का प्रयास करना चाहिए कि जिस प्रॉडक्‍ट अथवा सर्विस का वह विज्ञापन कर रहा है, कहीं वह कंज्‍यूमर से छल अथवा उन्‍हें गुमराह करने वाला तो नहीं है।

सेलिब्रिटी को ऐसे किसी भी ऐडवर्टाइजमेंट का हिस्‍सा नहीं बनना चाहिए जो विज्ञापन के लिए वर्जित हो जैसे:

:  द ड्रग एंड मैजिक रेमेडीज (Objectionable Advertisements) एक्‍ट 1954

: द ड्रग एंड कॉस्‍मेटिक एक्‍ट 1940 और रूल्‍स 1945

: किसी प्रॉडक्‍ट पर स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी चेतावनी लिखी हुई हो।

समाचार4मीडिया देश के प्रतिष्ठित और नं.1 मीडियापोर्टल exchange4media.com की हिंदी वेबसाइट है। समाचार4मीडिया.कॉम में हम आपकी राय और सुझावों की कद्र करते हैं। आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो कर सकते हैं।

 
TAGS media
न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

विज्ञापनों पर नजर रखने के लिए ASCI ने बनाई नई टीम, ये नाम हुए शामिल

एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया की 33वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में लिया गया फैसला

Last Modified:
Friday, 20 September, 2019
ASCI

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क’ के प्रेजिडेंट रोहित गुप्ता को टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की प्रामाणिकता की जांच करने वाली संस्था 'एडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया' (एएससीआई) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स का नया चेयरमैन चुना गया है। ‘ASCI’ की 33वीं वार्षिक आम बैठक के बाद हुई बोर्ड मीटिंग में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई। रोहित गुप्ता के पास उपभोक्ता, मीडिया और मनोरंजन उद्योग में प्रमुख पदों पर काम करने का 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है।

रोहित गुप्ता को चेयरमैन पद पर चुनने के अलावा ‘बीबीएच कम्युनिकेशंस इंडिया’ (BBH Communications India) के मैनेजिंग पार्टनर सुभाष कामथ को वाइस चेयरमैन चुना गया और ‘आईपीजी मीडिया ब्रैंड्स’ (IPG Mediabrands) के सीईओ शशि सिन्हा को एक बार फिर मानद कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में ‘दैनिक भास्कर’ समूह के निदेशक गिरीश अग्रवाल, ‘गूगल इंडिया’ के डायरेक्टर (सेल्स) विकास अग्निहोत्री, ‘नील्सन इंडिया’ के प्रेजिडेंट (साउथ एशिया) प्रसून बासु, ‘टाटा ग्लोबल बेवरेजेज लिमिटेड’ के डायरेक्टर हरीश भट्ट,‘प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड’ के सीईओ मधुसूदन गोपालन, ‘हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड’ (पर्सनल केयर) के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर और वाइस प्रेजिडेंट संदीप कोहली, ‘एग्जिक्यूटिव एजुकेशन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी’ के अनुबंधक प्रोफेसर एवं सलाहकार प्रोफेसर एसके पालेकर, ‘केचम सम्पर्क प्राइवेट लिमिटेड’ के प्रबंध निदेशक एनएस राजन, ‘सीआईएबीसी’ के पूर्व वाइस चेयरपर्सन अबंति शंकरनारायणन, ‘आदित्य बिड़ला मैनेजमेंट कॉर्पोरेशन प्राइवेट लिमिटेड’ के ग्रुप एग्जिक्यूटिव प्रेजिडेंट डी. शिवकुमार,‘टैपरूट इंडिया कम्युनिकेशन प्राइवेट लिमिटेड’ के सीईओ उमेश श्रीखंडे, ‘हाइपर कलेक्टिव क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड’ के फाउंडर और चीफ क्रिएटिव ऑफिसर (डायरेक्टर) केवी श्रीधर और ‘बेनेट कोलमैन एंड कंपनी लिमिटेड’ के प्रेजिडेंट (रेवेन्यू) शिवकुमार सुंदरम को शामिल किया गया है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Fevicol का ऐड तो हुआ वायरल,पर क्या ये लड्डू वाला ऐड देखा है?

फेविकोल के इस ऐड की धुन पर एक विक्रेता का लड्डू बेचने का विडियो भी अब चर्चा में आ रहा है।

Last Modified:
Friday, 30 August, 2019
Advertisement

हमेशा से अपने विज्ञापनों के जरिए चर्चा बटोरने वाला फेविकोल एक बार फिर नए विज्ञापन के साथ चर्चा का विषय बना है। उसका ये नया विज्ञापन सोशल मीडिया पर बहुत वायरल हो गया है। आप भी उसके इस विज्ञापन को यहां देख सकते हैं।

ये तो हो गया फेविकोल का ऐड, पर बात सिर्फ यहीं तक नहीं है। बताया जा रहा है कि इसी धुन पर एक स्थानीय विक्रेता का लड्डू बेचने का एक विडियो भी अब चर्चा में आ रहा है। नवभारत टाइम्स के पत्रकार नरेंद्र कुमार मिश्रा ने इस बावत अपने फेसबुक पर कुछ यूं लिखा है, 'फेविकोल का लोकप्रिय और वायरल एड 'शर्माइन का सोफा' बहुत पसंद किया जा रहा है। मुझे भी बेहद पसंद आ रहा था। फेविकोल ने इस ऐड को कंपनी के 60 साल पुरानी होने पर बनाया है,एक परंपरा को दिखाने के लिए। शानदार कंसेप्ट लगा था। इनके पुराने ऐड भी बेहद पसंद आते रहे हैं।'

उन्होंने लिखा है, 'लेकिन जब से लड्डू वाले विडियो को देखा है, एकदम शॉक में हूं। एक स्थानीय लड्डू विक्रेता ने जनवरी 2019 में इसी धुन में यह ऐड बनाया था, अपने लिये। सीधे तौर पर यह नकल का मामला है। बोल भी इसी ऐड से प्रभावित हैं। संभव है कि यह धुन किसी इलाके का लोकगीत हो, जिसे दोनों ने उठाया हो, लेकिन तब इसकी जानकारी देनी चाहिए थी।' आप लड्डू वाला विडियो यहां देख सकते हैं...

नरेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार, अभी भी फेविकोल का पूरा पक्ष आने का इंतजार करूंगा कि उनका पक्ष क्या है। अभी दोनों ऐड सुनें।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सुस्त इकॉनॉमी के बीच टीवी इंडस्ट्री की बढ़ सकती है 'कमाई'

अर्थव्यवस्थी की सुस्त रफ्तार और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर बनी अनिश्चितता की स्थिति के कारण कई ब्रैंड्स ने साल की शुरुआत में नहीं दिए विज्ञापन

Last Modified:
Thursday, 29 August, 2019
Advertising

सोमवार को गणेश चतुर्थी के साथ ही फेस्टिव सीजन शुरू होने जा रहा है। ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स और ब्रैंड्स की नजरें अब इस सीजन पर टिकी हैं और उन्हें पहली छमाही में रही सुस्ती से उबरने की उम्मीद है। हालांकि, इस साल की पहली छमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनाव जैसे कई बड़े आयोजन थे, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि अर्थव्यवस्था की सुस्त रफ्तार और ट्राई के नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर बनी अनिश्चितता की स्थिति के कारण कई ब्रैंड्स ने अपने विज्ञापन नहीं दिए थे। अब फेस्टिव सीजन में उन्हें रेवेन्यू में 10-15 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है।  

‘डेंट्सू एजिस नेटवर्क’ के सीईओ (ग्रेटर साउथ) और चेयरमैन व सीईओ (इंडिया) आशीष भसीन का मानना है कि यह ग्रोथ पिछले साल से बेहतर हो सकती है। उनका कहना है, ‘फेस्टिव सीजन गणपति उत्सव से शुरू होता है और क्रिसमस तक चलता है। मेरा मानना है कि पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू में 10-12 प्रतिशत की ग्रोथ हो सकती है।’

‘सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स’ के प्रेजिडेंट (नेटवर्क्स सेल्स और इंटरनेशनल बिजनेस) रोहित गुप्ता का कहना है  कि आने वाले फेस्टिव सीजन में दोहरे अंकों (डबल डिजिट) में ग्रोथ होनी चाहिए, क्योंकि पिछली तिमाही अच्छी नहीं रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए हमें कम से कम 10-15 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद है, लेकिन अभी ये प्लान थोड़े लेट हो गए हैं। आमतौर पर अर्थव्यवस्था और खर्च करने को लेकर लोगों के असमंजस के कारण ऐसा होता है। कई ब्रैंड्स अपने खर्चों में कटौती कर रहे हैं। गिरती अर्थव्यवस्था से मीडियम साइज के कई ब्रैंड्स काफी प्रभावित हुए हैं।

‘9एक्स मीडिया’ के चीफ रेवेन्यू ऑफिसर पवन जेलखानी की राय भी रोहित गुप्ता से मिलती जुलती है। जेलखानी का कहना है, ‘इस साल अगस्त तक रेवेन्यू कुछ खास नहीं रहा है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी होने के कारण ब्रैंड्स खर्च करने से परहेज कर रहे हैं। ब्रैंड्स और मार्केटर्स से बातचीत करने के बाद मुझे उम्मीद है कि आने वाले दो-ढाई महीने हम सबके लिए काफी अच्छे रहेंगे। दरअसल, मार्केट में मंदी का मूल कारण कंज्यूमर्स द्वारा खर्चों में कटौती करना है। मुझे लगता है कि इसमें अब 18 प्रतिशत की ग्रोथ होगी।’

ट्राई का प्रभाव: भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के नए टैरिफ ऑर्डर को लेकर इस साल की शुरुआत में काफी उथल-पुथल रही थी। नए नियम धीरे-धीरे लागू हुए थे और इससे टीवी पर विज्ञापन खर्च काफी प्रभावित रहा। ‘द पिच मैडिसन एडवर्टाइजिंग आउटलुक रिपोर्ट 2019’ ने अपने पूर्वानुमानों को संशोधित करते हुए विज्ञापन खर्च में गिरावट की बात कही थी, जिसका मुख्य कारण पहली तिमाही में टीवी पर विज्ञापन खर्च में कमी आना था। हालांकि, इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स और ब्रॉडकास्टर्स ने भरोसा जताया है कि इससे विज्ञापन खर्च पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भसीन के अनुसार, ‘मुझे नहीं लगता कि ट्राई के मामले का ग्रोथ पर कोई असर पड़ेगा। इससे एडवर्टाइजिंग पर अभी तक कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।’  

हालांकि, गुप्ता ने माना कि एडवर्टाइजर्स के साथ ट्राई के इश्यू को सुलझा लिया गया है और जेलखानी ने दावा किया कि नए टैरिफ ऑर्डर के बाद अब डाटा में स्थिरता आ गई है। उनका कहना है, ‘अब हम देख सकते हैं कि फ्री टू एयर और पे चैनल्स किस तरह का प्रदर्शन कर रहे हैं। जहां तक फेस्टिव सीजन की बात है, टीवी की पहुंच बढ़ी है। मुझे नहीं लगता कि विज्ञापन पर खर्च के मामले में नए टैरिफ ऑर्डर का कोई प्रभाव पड़ेगा।’  

‘Carat India’ की सीनियर वाइस प्रेजिडेंट विनीत पचीसिया का भी मानना है कि नए टैरिफ ऑर्डर के कारण जो ब्रैंड्स पिछले कुछ महीनों से ज्यादा खर्च नहीं कर रहे थे, वे अब फेस्टिव सीजन में इस खर्च में 40-50 प्रतिशत का इजाफा करेंगे। उन्होंने कहा, ‘अगले दो-तीन महीने में विज्ञापन खर्च को बढ़ाने में यह फेस्टिव सीजन निश्चित रूप से मदद करेगा। हालांकि, नए टैरिफ ऑर्डर और डीडी फ्रीडिश से फ्री टू एयर चैनल हटने के कारण चैनल की परफॉर्मेंस पर असर पड़ा है, जिससे विज्ञापन खर्च में कमी देखने को मिली है, लेकिन उम्मीद है कि पिछले कुछ महीनों के दौरान आई इस कमी को फेस्टिव सीजन में दूर कर लिया जाएगा।’

कौन होंगे बड़े विज्ञापनदाता: एक्सपर्ट्स और ब्रॉडकास्टर्स की मानें तो इस फेस्टिव सीजन में विज्ञापन पर खर्च के मामले में ऑटोमोबाइल और ई-कॉमर्स सेक्टर बड़े एडवर्टाइजर्स की भूमिका निभाएंगे। जेलखानी का कहना है कि ई-कॉमर्स दमदार वापसी करेगा। जेलखानी के अनुसार, ‘मुझे लगता है कि एडवर्टाइजिंग खर्च के मामले में ऑटोमोबाइल सेक्टर्स भी वापसी करेगा। ये बड़ी कंपनियां हैं और मात्री दो-तीन तिमाही खराब होने से वे एडवर्टाइजिंग बंद नहीं कर सकते हैं।’

पचीसिया के अनुसार, ‘ऐसे देश में जहां एक के बाद एक त्योहार मनाए जाते हैं और इनमें लोग नई चीजें खरीदना शुभ मानते हैं। इसके साथ ही एक-दूसरे को गिफ्ट देने का चलन भी होता है, तो हमें उम्मीद है कि इस सीजन में ज्वेलरी, कंफेक्शनरी आदि में विज्ञापन खर्च बढ़ेगा। इस फेस्टिव सीजन में विज्ञापन पर ई-कॉमर्स की ओर से बड़ा खर्च किया जा सकता है।’

‘DCMN India’ के डायरेक्टर (ऑफलाइन मीडिया) सुधीर कुमार ने उम्मीद जताई है कि आने वाले कुछ दिनों में ब्रॉडकास्टर्स एडवर्टाइजिंग रेट बढ़ा सकते हैं। सुधीर कुमार का कहना है, ‘इस साल की पहली छमाही में आईपीएल, क्रिकेट वर्ल्ड कप और आम चुनाव जैसे बड़े आयोजन थे। इस दौरान सिर्फ दस प्रतिशत एडवर्टाइजर्स ही एक्टिव दिखे, जबकि अन्य इसी उलझन में रहे कि खर्च करें या नहीं। मीडियम साइज के ब्रैंड्स आईपीएल और क्रिकेट वर्ल्ड कप जैसे आयोजनों में विज्ञापन खर्च नहीं उठा सकते थे, इसलिए अब वे फेस्टिव सीजन में इस कमी को पूरा करेंगे। रही बात रेवेन्यू ग्रोथ की तो वह 15-20 प्रतिशत होने की उम्मीद है। चूंकि ब्रॉडकास्टर्स के लिए भी यह अच्छा मौका है, इसलिए वे अपने एडवर्टाइजिंग रेट को बढ़ा सकते हैं।’

‘TheSmallBigIdea’ के सीईओ और को-फाउंडर हरिकृष्णन पिल्लई का भी कहना है कि इस सीजन में भी ‘फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स’ (FMCG) सेक्टर की ओर से विज्ञापन पर काफी खर्च किया जाएगा। पिल्लई के अनुसार, ‘पूरे साल कुल जितना विज्ञापन पर खर्च होता है, उसका करीब 40 प्रतिशत फेस्टिव सीजन में होता है। ऐसे में ब्रॉडकास्टर्स को अपनी पेशकश को और शानदार बनाना होगा। मेरा मानना है कि विज्ञापन पर खर्च के मामले में इस फेस्टिव सीजन में ई-कॉमर्स और एफएमसीजी सबसे आगे होंगे।’ पिल्लई का मानना है कि छोटे चैनल जो पहले ही व्युअरशिप के लिए दौड़ में शामिल हैं, उन्हें एडवर्टाइजर्स द्वारा अन्य विकल्पों के लिए नजरअंदाज किया जा सकता है।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

सरकारी विज्ञापनों में हुआ 'बड़ा' इजाफा, कई गुना हुआ फायदा

रिपोर्ट्स के अनुसार, जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पांच साल में प्रचार-प्रसार के लिए 5726 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे

Last Modified:
Tuesday, 27 August, 2019
Advertising

सोशल मीडिया के इस दौर में इंटरनेट पर विज्ञापन देने में सरकार ने काफी खर्च किया है। सूचना का अधिकार (RTI) के तहत मिले आंकड़ों का जिक्र करते हुए मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वर्ष 2014-15 से वर्ष 2018-19 तक इस खर्च में सरकार ने करीब चार गुना इजाफा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2014-15 से 2018-19 के दौरान विज्ञापन खर्च 6.64 करोड़ रुपए से बढ़कर 26.95 करोड़ रुपए हो गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस दौरान टीवी और प्रिंट पर विज्ञापन देने में सरकार ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई है और इन मीडियम्स पर विज्ञापन खर्च लगभग उसी स्तर पर पहुंच चुका है, जितना वर्ष 2014-15 में था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जब नरेंद्र मोदी पहली बार प्रधानमंत्री बने थे, उस दौरान केंद्र सरकार की ओर से पांच साल में प्रचार-प्रसार के लिए 5726 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस बार के लोकसभा चुनाव में आचार संहिता लागू होने से पहले 100 दिनों के भीतर विज्ञापनों पर 367 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे।

आप अपनी राय, सुझाव और खबरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। (हमें फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और यूट्यूब पर फॉलो करें)

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

एडवर्टाइजिंग खर्च के मामले में जानिए क्या कहती है DAN की ये रिपोर्ट

विज्ञापन खर्च के मामले में देश में टीवी अभी भी काफी अहम बना हुआ है

Last Modified:
Saturday, 15 June, 2019
Advertising

डेंट्सू एजिस नेटवर्क (DAN) ने पिछले दिनों विज्ञापन पर खर्च के मामले को लेकर पूर्वानुमान रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 में भारत में विज्ञापन खर्च 11.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 69.700 करोड़ रुपए होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि इसके पीछे पिछले दिनों हुए आम चुनाव और इंग्लैंड में चल रहा क्रिकेट वर्ल्ड कप प्रमुख कारण है।

एजेंसी का कहना है कि डिजिटल मीडिया पर विज्ञापन खर्च की बात करें तो यह वर्ष 2019 में 32.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 14410 करोड़ रुपए होने का अनुमान है। यह कुल विज्ञापन खर्च का 21 प्रतिशत शेयर है। डिजिटल मीडिया के बावजूद देश में टीवी अभी भी विज्ञापन खर्च के मामले में काफी अहम बना हुआ है और वर्ष 2019 में कुल विज्ञापन खर्च में इसकी 39 प्रतिशत भागीदारी का अनुमान है। माना जा रहा है कि इस माध्यम में वर्ष 2019 में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी और यह 27140 करोड़ रुपए के आंकड़े को छू लेगा।

इस बारे में डेंट्सू एजिस नेटवर्क (DAN) ग्रुप की कंपनी ‘एंप्लीफाई इंडिया’ (Amplifi India) के प्रेजिडेंट कार्तिक अय्यर का कहना है, ‘भारत काफी बदलाव के दौर से गुजर रहा है। यहां मोबाइल फोन पर ऑनलाइन विडियो का विस्तार हो रहा है और टीवी की भूमिका बदल रही है।’  इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ग्लोबल स्तर पर विज्ञापन खर्च में कम बढ़ोतरी के बीच एशिया पैसिफिक में विज्ञापन पर खर्च में वर्ष 2019 में चार प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद है।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

देखें विडियो: पाक के टीवी चैनल ने यूं उड़ाया 'अभिनंदन' का मजाक

किक्रेट वर्ल्ड कप में 16 जून को होगा भारत-पाकिस्तान के बीच मुकाबला

Last Modified:
Wednesday, 12 June, 2019
Abhinandan

भारतीय वायुसेना द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई एयर स्ट्राइक के बाद भारतीय विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान किसी न किसी वजह से आए दिन पाकिस्तानी मीडिया में छाये रहते हैं। पिछले दिनों लोकसभा चुनाव में बीजेपी की भारी जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अपने भाषण में इस्तेमाल किए गए अभिनंदन शब्द को पाकिस्तान के एक न्यूज चैनल के एंकर ने विंग कमांडर अभिनंदन समझ लिया था और उसी के अनुसार न्यूज भी प्रसारित कर दी थी। हालांकि इसके बाद न्यूज एंकर का सोशल मीडिया पर काफी मजाक भी उड़ा था।

अब क्रिकेट वर्ल्ड कप को लेकर अभिनंदन वर्तमान एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, 16 जून को होने वाले भारत-पाकिस्तान के मैच से पूर्व पाकिस्तानी टीवी चैनल ‘जैज टीवी’ ने एक विज्ञापन में अभिनंदन वर्तमान का डुप्लीकेट कैरेक्टर दिखाते हुए उनका मजाक उड़ाया है।

33 सेकेंड के इस विडियो में एक शख्स अभिनंदन वर्तमान जैसी मूंछे रखे हुए है और उनकी जैसी नकल कर रहा है।  हालांकि इस शख्स ने सेना की वर्दी की जगह भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पहन रखी है। इस विज्ञापन में जब भी उस व्यक्ति से भारतीय टीम के अंतिम-11 के बारे में पूछा जाता है तो अभिनंदन द्वारा वायरल बयान के लहजे में जबाव देते हुए वह कहता है, ‘माफ कीजिए, मैं आपको यह नहीं बता सकता।‘

विज्ञापन में इस व्यक्ति को उसी तरह चाय पीते हुए दिखाया गया है, जिस तरह अभिनंदन का विडियो वायरल हुआ था। यही नहीं, विज्ञापन के आखिर में जब यह व्यक्ति जाने लगता है तो एक शख्स उन्हें रोककर कहता है, ‘एक सेकेंड रुको, कप कहां लेकर जा रहे हो?’ पाकिस्तानी टीवी द्वारा बनाए गए इस विज्ञापन को भारतीय यूजर्स ने शर्मनाक करार देते हुए सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

 

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

Star India: वर्ल्ड कप में 10 सेकंड के विज्ञापन के लिए अब चुकानी होगी ये रकम

किक्रेट वर्ल्ड कप के लिए स्टार इंडिया ने विज्ञापन रेट के दो पैकेज तैयार किए हैं

Last Modified:
Thursday, 30 May, 2019
Samachar4media

इंग्लैंड में क्रिकेट वर्ल्ड कप 2019 का आगाज हो गया है। इतने बड़े आयोजन के मद्देनजर क्रिकेट वर्ल्ड कप के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर ‘स्टार इंडिया’ ने अपने विज्ञापन के रेट बढ़ा दिए हैं। इसके तहत 10 सेकंड के विज्ञापन के लिए कंपनियों को 20 लाख रुपए खर्च करने पड़ेंगे। यहां बता दें कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्टार मिडिल ईस्ट और स्टार इंडिया को वर्ष 2015 से 2023 तक वर्ल्डकप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर बना रखा है।

बताया जाता है कि वर्ल्ड कप 2015 में चैनल ने 700 करोड़ की कमाई की थी, माना जा रहा है कि रेट बढ़ने से अब यह कमाई और ज्यादा बढ़ सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो विज्ञापन के कारण इस विश्वकप में चैनल को 1,200 करोड़ से 1,500 करोड़ रुपए तक रेवेन्यू मिल सकता है।

दरअसल, स्टार इंडिया ने विज्ञापन रेट के दो पैकेज तैयार किए हैं। इनके तहत भारत के साथ होने वाले मैचों में विज्ञापन का रेट 17 से 20 लाख रुपए प्रति दस सेकंड के बीच रखा गया है। वहीं, जिन मैचों में भारत नहीं खेल रहा होगा, उन मैचों का विज्ञापन रेट 10 सेकंड के लिए छह से सात लाख रुपए के बीच होगा। चैनल की ओर से सेमीफाइनल और फाइनल मैचों के दौरान विज्ञापन के रेट का फैसला अभी नहीं किया गया है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भारतीय टीम का इन मैचों के दौरान किस तरह का प्रदर्शन रहता है।

अमेजन, ड्रीम कोका कोला, उबर, फिलिप्स और आईसीआईसीआई लोम्बॉर्ड जैसी 40 से अधिक कंपनियों ने स्टार इंडिया से विश्व कप का स्लॉट खरीदा है। कंपनी को अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म हॉटस्टार से 300 करोड़ रुपए की कमाई की उम्मीद है। वहीं डीटीएच और केबल कंपनियों से भी अलग से रेवेन्यू मिलेगा।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

कौन-कौन बन सकता है मोदी का मंत्री, लगाइए अंदाजा और जीतिए ये इनाम

पत्रिका समूह की ओर से दिए जाएंगे कुल 12 लाख रुपए के पुरस्कार

Last Modified:
Wednesday, 29 May, 2019
Patrika

एक बार फिर मोदी सरकार बन चुकी है। लिहाजा, अब इस बात को लेकर उत्सुकता है कि नई सरकार में किसे क्या ज़िम्मेदारी मिलेगी? क्या अमित शाह मंत्री बनेंगे, क्या वित्त मंत्रालय का ज़िम्मा पुन: अरुण जेटली को सौंपा जाएगा और क्या मोदी अमेठी में इतिहास रचने वालीं स्मृति ईरानी पर फिर से विश्वास जताएंगे? ये सवाल आजकल सबसे ज्यादा पूछे जा रहे हैं।

हालांकि, इनका जवाब तो मंत्रिमंडल गठन के बाद भी मिलेगा, लेकिन यदि आपको लगता है कि इस मामले में आपका आकलन सटीक साबित हो सकता है  तो देश के बड़े मीडिया घरानों में से एक पत्रिका समूह आपके लिए एक सुनहरा मौका लाया है। आप मोदी की ड्रीम टीम की अपनी भविष्यवाणी को पत्रिका के साथ साझा करके शानदार इनाम जीत सकते हैं। समूह के निदेशक सिद्धार्थ कोठारी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस कांटेस्ट की जानकारी दी है।

उन्होंने लिखा है ‘डिकोडिंग द कैबिनेट! पत्रिका की प्रतियोगिता का हिस्सा बनें, प्रधानमंत्री की कैबिनेट के 9 प्रमुख मंत्रियों के नाम की भविष्यवाणी करें और कार सहित कई आकर्षक इनाम जीतने का मौका पाएं’! पत्रिका के इस कांटेस्ट का नाम ‘नमो 9’ है। यानी आपको बताना है कि मोदी सरकार में 9 प्रमुख मंत्री कौन से हो सकते हैं और यदि आपके नाम मोदी कैबिनेट से मेल खाते हैं, तो आप शानदार पुरस्कारों के हक़दार बन जाएंगे। समूह कुल 12 लाख के पुरस्कार वितरित करेगा।

इस कांटेस्ट में भाग लेने के लिए आपको सबसे पहले http://flashbag.patrika.com/namo9/  पर जाना होगा। यहां आपको 9 मंत्रालयों के नाम दिखेंगे, जिनके ऊपर भावी मंत्रियों की फोटो के लिए जगह छोड़ी गई है। आपको प्रत्येक फोटो फ्रेम पर दिए + चिन्ह को क्लिक करना है। इसके बाद भाजपा नेताओं के नाम वाली सूची खुल जाएगी, आप अपने भावी मंत्री को सर्च भी कर सकते हैं। सभी 9 नामों का चयन करने के बाद आपको सबसे नीचे दिए सबमिट बटन पर क्लिक करना है। ध्यान देने वाली बात यह है कि इस प्रतियोगिता में आप केवल 29 मई तक ही हिस्सा ले सकते हैं। विजेता के नामों की घोषणा चार जून को जाएगी।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

ASCI: कसौटी पर खरे नहीं उतरे इन बड़ी कंपनियों के विज्ञापन

विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करती है भारतीय विज्ञापन मानक परिषद

Last Modified:
Saturday, 25 May, 2019
ASCI

टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था 'ऐडवर्टाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया' (ASCI) की कसौटी पर कई बड़ी कंपनियों के विज्ञापन खरे नहीं उतरे हैं। दरअसल, ASCI को 334 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायत मिली थी। जांच के बाद इनमें से 229 विज्ञापनों को भ्रामक की श्रेणी में रखा गया है। इसमें वोडाफोन, मारुति सुजुकी, NIIT, अमूल, कोलगेट समेत कई बड़े नाम शामिल हैं।

ASCI ने हेल्थेकयर सेक्टर की 123 शिकायतों, विज्ञापन शिक्षा क्षेत्र की 83 शिकायतों, फूड एंड बेवरेज सेक्टर की सात व विज्ञापन और पर्सनल केयर की दो शिकायतों को सही पाया है। गुमराह करने वाले 14 विज्ञापन अन्य श्रेणी के रहे। जांच में ये सभी विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करते मिले।

ASCI के निरीक्षण के दौरान मौजूद 187 विज्ञापनों में से 70 विज्ञापनों को ब्रैंड्स ने सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया, जबकि 117 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को बरकरार रखा गया है। इन 117 विज्ञापनों में 79 एजुकेशन सेक्टर, 30 हेल्थ सर्विस सेक्टर, 4 फूड एंड बेवरेज सेक्टर से और 4 अन्य कैटेगरी के हैं।

आप अपनी राय, सुझाव और ख़बरें हमें mail2s4m@gmail.com पर भेज सकते हैं या 01204007700 पर संपर्क कर सकते हैं। आप हमें हमारे फेसबुक पेज पर भी फॉलो करने के लिए यहां क्लिक कीजिए

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए

इस मामले में कांग्रेस बनी नंबर 1, बीजेपी नंबर 5 की पॉजिशन पर

देश की प्रतिष्ठित प्राइमरी और डाटा एनालिटिक्स कंपनी ‘क्रोम डाटा एनालिटिक्स एंड मीडिया ऑप्टिमल प्लस’ ने इस हफ्ते टॉप पर रहे विज्ञापनों की लिस्ट जारी की है

Last Modified:
Thursday, 25 April, 2019
BJP

देश की प्रतिष्ठित प्राइमरी और डाटा एनालिटिक्स कंपनी ‘क्रोम डाटा एनालिटिक्स एंड मीडिया ऑप्टिमल प्लस’ (Chrome Data Analytics And Media Optimal+ ) ने इस हफ्ते टॉप पर रहे विज्ञापनों की लिस्ट जारी की है। 15वें हफ्ते के लिए जारी इस रिपोर्ट में देश भर के 3400 घरों को शामिल किया गया था। इस सर्वे में मुख्यतः तीन कैटेगरी- ‘सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापन’ (Most watched ads), ‘सबसे ज्यादा प्रसारित किए गए विज्ञापन’ (Most aired ads) और ‘सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापन’ (Most liked ads) के तहत विभिन्न ब्रैंड्स के परिणाम जारी किए गए हैं। इस सर्वे में यह भी बताया गया है कि 14वें हफ्ते के मुकाबले ब्रैंड्स का प्रदर्शन कैसा रहा है।

सबसे ज्यादा प्रसारित हुए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा प्रसारित हुए विज्ञापनों की बात करें तो लोकसभा चुनावों को देखते हुए इस हफ्ते ‘कांग्रेस’ ने इस लिस्ट में टॉप पर अपनी जगह बनाई है। ‘संतूर सैंदल एंड टरमरिक’ पिछले हफ्ते की तरह इस हफ्ते भी दो नंबर पर काबिज रहा है। वहीं, ‘डिटॉल’ ने इस लिस्ट में तीसरे नंबर पर अपनी जगह बनाई है। पिछले हफ्ते इस लिस्ट में टॉप पर रही ‘तेलुगुदेशम पार्टी’ इस हफ्ते नीचे खिसककर चौथे स्थान पर आ गई है, जबकि पांचवें नंबर पर ‘बीजेपी’ इस लिस्ट में शामिल है। पिछले हफ्ते इस लिस्ट में शामिल रहे ‘लाइजॉल’, ‘हार्पिक’ और ‘विमल इलायची’ इस हफ्ते इस लिस्ट में शामिल होने में नाकामयाब रहे।

सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा देखे गए विज्ञापन शो की कैटेगरी में पिछले हफ्ते तीसरे नंबर पर रहा ‘अमेजॉन’ इस हफ्ते पहले नंबर पर पहुंच गया। पिछले हफ्ते की तरह दो नंबर पर इस बार भी ‘फ्रूटी’ ने अपनी जगह कायम रखी। इसके बाद तीसरे नंबर पर इस हफ्ते ‘सेंसोडाइन’ इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रहा। ‘लाइफबॉय’ जहां इस हफ्ते इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रहा, वहीं पिछले हफ्ते के मुकाबले एक स्थान खिसककर ‘स्विगी’ इस हफ्ते पांचवे नंबर पर आ गया। 15वें हफ्ते में ‘कोलगेट’ और ‘सर्फ एक्सेल’ इस लिस्ट से बाहर हो गए।

सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापनः
सबसे ज्यादा पसंद किए गए विज्ञापनों की कैटेगरी में ‘फ्रूटी’ ने टॉप पर जगह बनाई है, जबकि ‘बजाज’ को इस लिस्ट में दूसरा स्थान मिला है। ‘रसना देशी मसाला’ और ‘एरियल’ पिछली बार की तरह अपनी पोजीशन पर बरकरार नहीं रह पाए और खिसककर क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर आ गए। वहीं, ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप ‘जोमाटो’ इस लिस्ट में पांचवें नंबर पर पहुंचने में कामयाब रहा। 14वें हफ्ते में जहां इस लिस्ट में टॉप पर ‘गोइबिबो’, ‘हॉर्लिक्स’ और ‘डॉ. फिक्सिट’ जैसे ब्रैंड शामिल थे, वे 15 हफ्ते में इस लिस्ट में अपनी जगह नहीं बना सके।

न्यूजलेटर पाने के लिए यहां सब्सक्राइब कीजिए