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इन वजहों से बदल रही है राहुल की 'पप्पू' वाली छवि, बोले निर्मलेंदु

Published At: Monday, 19 November, 2018 Last Modified: Monday, 19 November, 2018

निर्मलेंदु

वरिष्ठ पत्रकार।।

अब पप्पू नहीं रहे राहुल?

अब पप्पू नहीं रहे राहुल। यह सच है। इस सच्चाई को हमें समझना होगा। जिस तरह से देश की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई है, जिस तरह से बेरोजगारी बढ़ी है, जिस तरह से नोटबंदी के बाद छोटे छोटे कल कारखाने बंद हो गए हैं, जिस गति से किसानों ने आत्महत्या की है, जिस गति से देश में मंदिर-मस्जिद के बहाने लोग आपस में लड़ रहे हैं, उसे देख कर यह लगता ही नहीं कि हम किसी विकासशील देश में रह रहे हैं। जिस तरह ताबड़तोड़ रैलियां कर राहुल ने बीजेपी पर निशाना साधा है, वह अकल्पनीय है। एक वाक्य में यदि यह कहें कि राहुल अब परिपक्व हो गए हैं, तो शायद गलत नहीं होगा। उन्हें राजनीति समझ में आ रही है। राहुल ने छत्तीसगढ़ के लोगों को समझाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ बना, तब आपका सपना था कि यहां की जल, जंगल, जमीन, कोयला, खनिज का फायदा लोगों को मिलेगा, लेकिन 15 सालों में आपने देखा कि राज्य में दो छत्तीसगढ़ बन गए। एक अमीरों का, सूट-बूट वालों का, बड़े-बड़े उद्योगपतियों का और दूसरा आम जनता का, महिलाओं और युवाओं का। हमें दो नहीं, एक छत्तीसगढ़ चाहिए, और उसमें न्याय चाहिए। राहुल ने मनरेगा पर भी सवाल उठाए।

दरअसल, राहुल इन दिनों देश हित में लगे हुए हैं। राहुल जिस तरह से हमले कर रहे हैं, वह जो करना चाहते हैं, वह जो कहना चाहते हैं, वे अकल्पनीय है। बबुआ नहीं रहे अब राहुल। उन्होंने जो बातें की हैं, उसका आशय यही है कि अब हमारे नेता स्वार्थी हो गए हैं। राहुल का मतलब यही है कि सबसे पहले आते हैं स्वार्थी लोग, जो अमूमन अपना फायदा पहले देखते हैं। इन्हें रिश्ते, दोस्ती, या व्यवहार से कोई मतलब नहीं होता है। भले ही वह देश हित में बात करें, अच्छे दोस्त होने का दिखावा करें, वे आपके हित में नहीं सोच सकते।

इसमे कोई दो राय नहीं कि बबुआ ने खुलकर मोदी को चैेलेंज किया। कहा, ।5 मिनट तक राफेल पर पीएम मुझसे बहस कर सकते हैं। राहुल ने खुलेआम चैलेंज किया। शनिवार को सरगुजा में रैली के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को चुनौती देते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी किसी भी मंच पर आकर मुझसे 15 मिनट राफेल पर बहस करें। हम सब जानते हैं कि बहस के लिए राहुल हमेशा पीएम को उकसाते रहते हैं, लेकिन पीएम राहुल की बातों को तवज्जो ही नहीं देते। ऐसे में सवाल यह उठता है कि पीएम एक बार तो राहुल को बहस के लिए न्यौता दे ही सकते हैं। छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बीजेपी और खासकर पीएम मोदी पर जमकर हमला किया। हालांकि पीएम मोदी हमेशा राहुल की धमकियों को नजरंदाज करते रहे। राहुल को लोग बबुआ के रूप में जानते हैं। लेकिन क्या सचमुच अब वह बबुआ है। इस सवाल के जवाब में एक आम व्यक्ति ने कहा कि राहुल जिस तरह से एंग्री यंग लीडर की भूमिका निभा रहे हैं, वह प्रशंसनीय हैं।

सवाल उठता है कि जिस तरह से राहुल गांधी और पीएम मोदी एक-दूसरे पर निजी हमले कर रहे हैं, उससे तो यही लगता है कि दोनों देश हित में काम नहीं कर रहे हैं। राहुल ही नहीं मोदी के इस चैलेंज पर पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने भी शनिवार को एक के बाद एक ट्वीट करते हुए जोरदार जवाब दिया। उन्होंने 15 नाम गिनाए जो कांग्रेस अध्यक्ष बने और गांधी परिवार से बाहर के थे। चिदंबरम ने यह भी कहा कि मोदी की याददाश्त कमजोर है।

हमला करते वक्त राहुल ने ये बातें भी कहीं, 'नरेंद्र मोदी की सरकार ने 10 मनरेगा के बराबर 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए केवल 15 लोगों का कर्जा माफ किया है, लेकिन किसानों का एक रुपया तक माफ नहीं किया।' कोरिया जिले के बैकुंठपुर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी ने फसल का सही दाम देने का वादा किया था, लेकिन आपको मिलता कितना है। यह केवल छत्तीसगढ़ की हालत नहीं पूरे देश की हालत है। राहुल गांधी ने ऐसे उद्योगपतियों का नाम गिनाते हुए पीएम मोदी पर हमला किया। उन्होंने रमन सिंह पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वो दिनभर किसानों की बात करते हैं, लेकिन उन्होंने न केवल आपका बोनस छीना बल्कि कर्जा माफ नहीं किया और फसल का सही दाम भी नहीं दिया।



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