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किन वजहों से रहा हरिवंश का पलड़ा भारी, बताया वरिष्ठ पत्रकार अजय शुक्ल ने...

Published At: Friday, 10 August, 2018 Last Modified: Monday, 13 August, 2018

अजय शुक्ल

चीफ एडिटर (मल्टीमीडिया), आईटीवी नेटवर्क ।।

हरिवंश...एक पत्रकार की जीत

राज्यसभा के उपसभापति के रूप में एनडीए उम्मीदवार हरिवंश की जीत असल में एक पत्रकार की जीत है, हालांकि मैं पत्रकारों के राजनीति में आने के विरुद्ध हूं। मेरा मानना है कि पत्रकार सिर्फ पत्रकार होता है वह जब सियासी जामा पहनता है तो उसका अस्तित्व खत्म हो जाता है।

हरिवंश के मुकाबले एक सियासी व्यक्ति बीके हरिप्रसाद थे। दोनों में पलड़ा हरिवंश का कई कारणों से भारी था। पहला कारण सदन में मौजूद बिहार-झारखंड के तमाम सदस्य ऐसे हैं जिनकी राजनीति हरिवंश जी के चरणों को छूकर शुरू हुई या आगे बढ़ी। दूसरी हरिवंश जी की पहचान सियासी नहीं बल्कि पत्रकार की अधिक है। तीसरा कारण सत्तारूढ़ एनडीए की चुनावी स्ट्रेटजी।

मैं तीन बार हरिवंश से मिला था और तीनों बार उनकी विनम्रता का कायल हुआ। वह एक अच्छे इंसान होने के साथ रणनीतिकार एवं प्रबंधक-पत्रकार रहे हैं। देश के उच्च सदन में किसी पत्रकार का स्थापित होना हमारी बिरादरी के लिए सुखद प्रतीत होता है। मेरी शुभकामनाएं हैं।



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