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फर्जी खबरों पर कुछ इस तरह रोक लगाएगी वॉटसऐप, सरकार को लिखी चिट्ठी...

Published At: Thursday, 05 July, 2018 Last Modified: Thursday, 05 July, 2018

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

सूचना-प्रसारण मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद फेसबुक के स्वामित्व वाली कंपनी वॉट्सऐप ने भी ‘फेक न्यूज’ रोकने का मन बना लिया है। इस कवायद के तहत बुधवार को वॉट्सऐप ने सरकार को चिट्ठी लिखकर फर्जी खबरें और गैर जिम्मेदाराना मैसेज रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी है।

दरअसल, वॉट्सऐप के द्वारा अफवाह फैलने और इससे होने वाली मॉब लिंचिंग की घटनाओं से चिंतित सरकार ने कंपनी को चेतावनी दी थी कि वह इसे रोकने के लिए उपाय करे।

वॉट्सऐप ने मंत्रालय को 3 जुलाई को जवाब देते हुए कहा कि 'हम भी सोशल मीडिया के चलते हुए ऐसी दुखदायी घटनाओं को लेकर दुखी हैं और इस पर जल्द से जल्द कदम उठाना चाहते हैं।अपने जवाब में उसने आगे कहा कि हम विश्वास करते हैं कि झूठी खबरों और जानकारियों से लड़ने के लिए सरकारसिविल सोसाइटी और टेक्नोलॉजी कंपनियों के सामूहिक भागीदारी की जरूरत हैं।

वहीं कानून और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने अफवाह और दुष्प्रचार रोकने के वॉट्सऐप के एक्शन प्लान की तारीफ की हैलेकिन चेतावनी भी दी है कि सिर्फ वादे ही नहीं जमीन पर एक्शन और अमल भी दिखना चाहिए।

रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘नोटिस पर वॉट्सऐप के तत्काल जवाब देकर वादा किया है कि वो फॉरवर्ड मैसेज से अफवाह रोकने के लिए कदम उठाएंगे। उन्होंने यह भी भरोसा दिया है कि वॉट्सऐप अपने मंच पर मैसेज के बड़े पैमाने पर सर्कुलेशन की पहचान करने के लिए मशीन लर्निंग तकनीक का उपयोग करेगा।

ये है वॉट्सऐप का खास प्लान -

फर्जी संदेशों और अफवाहों के प्रसार पर रोक लगाने के लिए वॉट्सऐप प्लेटफॉर्म पर जो जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं, उसकी जानकारी देते हुए वॉट्सऐप ने कहा:

       यूजर्स को सुरक्ष‍ित रखने के लिए ज्यादा नियंत्रण और जानकारियां दी जाएंगी।

·        मैसेज के जरिए अफवाह न फैलेइसके लिए कंपनी दोहरी रणनीति पर काम करेगी। पहली- लोगों को इस तरह का नियंत्रण और जानकारी दी जाए, जिससे वे सुरक्ष‍ित रहें। दूसरी- वॉट्सऐप के दुरुपयोग को रोकने के लिए सक्रियता से काम करना होगा।

·        वॉट्सऐप प्रोडक्ट कंट्रोलडिजिटल लिटरेसी और उकसाने वाले मैसेज जैसे दुरुपयोग रोकने के लिए फैक्ट चैकिंग सिस्टम बनाने की तैयारी कर रहा है

·        वॉट्सऐप भारत में नया टिक फीचर लॉन्च करने जा रहा है। इस फीचर से पता चल जाएगा कि ओरिजनल भेजे गए मैसेज में भेजने वाले ने कोई बदलाव तो नहीं किया।

·        ग्रुप एडमिन यह निर्णय लेंगे कि किसी ग्रुप में संदेश कौन भेज सकता हैकौन नहीं। इससे अवांछित संदेशों या अफवाहों के प्रसार पर रोक लगेगी।

·        ग्रुप छोड़कर गए या निकाले गए लोगों को ग्रुप के दूसरे सदस्य दोबारा शामिल न कर सकेंइसकी व्यवस्था भी की गई है।

·        किसी अवांछित संदेश के प्रसारित होने पर यूजर उसकी 'रिपोर्टवॉट्सऐप को दे सकेगा और या उसे ब्लॉक कर सकेगा।

·        लोगों को शिक्षित करने के लिए वॉट्सऐप सामग्री भेजेगी और समाचारों के बारे में साक्षरता के वर्कशॉप आयोजित काराएगी।

·        इस साल वॉट्सऐप ने अफवाहों और फर्जी न्यूज की पहचान के लिए फैक्ट चेकिंग संस्थाओं के साथ मिलकर काम शुरू किया है।

·        कंपनी ने ब्राजील में समाचार चैनलों के साथ मिलकर इस दिशा में काम किया है और इसे भारत में भी दोहराया जा सकता है।

·        दुष्प्रचार और अफवाह रोकने के लिए वॉट्सऐप नए प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना बना रहा हैजिसमें वो भारत के एकेडेमिक एक्सपर्ट के साथ मिलकर काम करेगा।

·        भारत में कंपनी ने एक फैक्ट चेकिंग संस्था बूम लाइव की सेवा देनी शुरू की है।

 

गौरतलब है कि बच्चा चोर गैंग की अफवाह वॉट्सऐप पर फैलाकर देश में दो महीने के अंदर 29 लोगों की जान भीड़ के हाथों ली जा चुकी है। इसी के बाद सरकारी तंत्र इन अफवाहों को रोकने की कवायद में लगा है। सरकार ने हाल के दिनों में घटी घटनाओं के बाद 23 जुलाई को वॉट्सऐपफेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों को मीटिंग के लिए बुलाया है ताकि इसके मारक असर पर किस तरह काबू पाया जा सकेइस पर विचार हो।

 

 

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पोल

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सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने चाहिए

इन पर अश्लील कंटेट प्रसारित करने के आरोप सही हैं

आज के दौर में ऐसे प्लेटफॉर्म्स को रेगुलेट करना बहुत मुश्किल है

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