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पेट्रोल पर अपने पुराने ट्वीट को लेकर घिरे राहुल कंवल

Published At: Wednesday, 05 September, 2018 Last Modified: Thursday, 06 September, 2018

समाचार4मीडिया ब्‍यूरो।।

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर आम आदमी परेशान और नाराज है। परेशानी बढ़ते खर्चों को संभालने की है और नाराज़गी ‘अच्छे दिनों’ के सपने के मूर्तरूप न लेने पर है। जनता की परेशानी और नाराज़गी के इस कॉकटेल से राजनेता भले ही अब तक बचे हुए हैं, लेकिन पत्रकारों पर इसका असर दिखाई देने लगा है। खासतौर पर ऐसे पत्रकार जनता के तीखे सवालों का सामना कर रहे हैं, जिन्होंने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में ईंधन के दामों में इजाफे का पुरजोर विरोध किया था।

 सोशल मीडिया पर फ़िलहाल 'इंडिया टुडे' समूह के वरिष्ठ पत्रकार राहुल कंवल को निशाना बनाया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के नेता अंकित लाल ने राहुल कंवल का 2012 का एक ट्वीट शेयर करते हुए उन्हें घेरा है,जिसमें उन्होंने पेट्रोल के दाम को लेकर यूपीए सरकार पर कटाक्ष किया था। 23 मई 2012 के अपने ट्वीट में राहुल ने कहा था कि ‘दिल्ली में पेट्रोल 73 रुपए पहुंच गया है, जो बहुत ज्यादा है। इस रेट को देखते हुए मेट्रो में सफ़र करना होगा’। अंकित लाल ने इस ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा है कि कुछ साल पहले कुछ पत्रकार तेल के बढ़ते दामों को लेकर चिंतित थे, लेकिन अब नहीं हैं।

राहुल ने लाल को इसका जवाब दिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा है, ‘डूड यदि आपकी आंखों पर नफरत की पट्टी नहीं बंधी होती, आप चैनल देख रहे होते, तो आपको पता चलता कि आपका यह ट्वीट केवल आपको शर्मिंदा करता है’। हालांकि, इसके बाद राहुल पूरी तरह खामोश हो गए,उन्होंने किसी अन्य आलोचक को जवाब देना मुनासिब नहीं समझा।

@tterIndia नामक यूजर ने राहुल पर हमला बोलते हुए लिखा है ‘राहुल कंवल आप पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर वर्तमान सरकार की बखिया कब उधेड़ने वाले हैं, जैसा कि आपने यूपीए के साथ किया था? कृपया लिंक शेयर करें। आप जानते हैं कि आप पेट्रोल पर चर्चा करते हुए मोदी का नाम तक नहीं ले सकते।' इसी तरह जगमीत सिंह ने अपने ट्वीट में कहा है, 'राहुल आपने पेट्रोल के चढ़ते दामों पर वैसा ट्वीट नहीं किया, जैसा यूपीए के समय में करते थे, कृपया अपमानित महसूस न करें लेकिन यह वैध प्रश्न है।'

अंकित लाल के ट्वीट पर कमेंट करने वाले यूजर्स में से अधिकांश ने राहुल कंवल को निशाना बनाया है। शशांक शर्मा नमक यूजर ने कहा है, 'ऐसा लगता है कि 2014 के बाद से आप लोगों ने सरकार से सवाल पूछना ही बंद कर दिया है। पहले विरोध-प्रदर्शन होते थे, प्राइमटाइम डिबेट होती थी,सरकार पर हमले होते थे। ऐसा लग रहा है कि 2014 के बाद सबकुछ ठीक हो गया है।'

@UntoldStorY06 ने भी राहुल को काफी खरी-खोटी सुनाई है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, 'हमें न बताएं कि आपका चैनल क्या दिखा रहा है। क्या आपमें मोदी और अमित शाह के सामने पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को गलत ठहराने की हिम्मत है? क्या आप उन्हें सीधे तौर पर दोषी करार दे सकते हैं? नहीं, बिल्कुल नहीं, वरना आपका हाल भी पुण्य प्रसून और अभिसार जैसा हो जाएगा।' इसी तरह किसान भाई नामक यूजर ने लिखा है कि राहुल कंवल को चुनौती न दें, वह अपने मास्टर मोदी और शाह से सवाल पूछने के बजाय जान देना पसंद करेंगे। ऐसे ही@sab_subh_hai ने लिखा है, 'पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, लेकिन मोदी का नाम लेने की हिम्मत नहीं हो रही है इन भाईसाहब की और दूसरों को नसीहत दे रहे हैं।' अनूप अग्रवाल ने तो राहुल को अपना नाम बदलने तक की सलाह दे डाली है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, '‘राहुल कंवल को अपना नाम बदलकर राहुल कमल रख लेना चाहिए।'



पोल

क्या इंडिया टीवी के चेयरमैन रजत शर्मा का क्रिकेट की दुनिया में जाना सही है?

हां, उम्मीद है कि वे वहां भी उल्लेखनीय कार्य कर सुधार करेंगे

नहीं, जिसका काम उसी को साजे। उनका कर्मक्षेत्र मीडिया ही है

बड़े लोगों की बातें, बड़े ही जाने, हम तो सिर्फ चुप्पी साधे

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