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‘फेक न्यूज़’ को लेकर की गई कांग्रेस की ये बात ही निकली Fake...

Published At: Friday, 08 February, 2019 Last Modified: Saturday, 09 February, 2019

समाचार4मीडिया ब्यूरो।।

फेक न्यूज़ का बाज़ार बहुत तेजी से बढ़ रहा है। भले ही फेक न्यूज़ की पहचान करनी वाली कई वेबसाइट मौजूद हैं और मेनस्ट्रीम मीडिया भी अपनी तरह से इस पर लगाम लगाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन इसमें कमी देखने को नहीं मिल रही है। सबसे ज्यादा फेक न्यूज़ राजनीति से प्रेरित हैं। मसलन, एक पार्टी दूसरी पार्टी को गलत साबित करने के लिए इनका सहारा ले रही है।

अब ये कहना मुश्किल है कि संबंधित पार्टियों द्वारा गलत ख़बरों को केवल फैलाया जा रहा है, या फिर उन्हें गढ़ा भी जा रहा है। सबसे ताजा उदाहरण कांग्रेस ने पेश किया है। हाल ही में कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से फेक न्यूज़ को लेकर एक ट्वीट किया गया था और इस ट्वीट में जिन तथ्यों का हवाला दिया गया, वही फर्जी साबित हुए। यानी फेक न्यूज़ की बात ही ‘फेक’ निकली।

‘ऑपइंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस ने 7 फरवरी को ‘न्यूज़सेंट्रल24X7’ (newscentral24x7.com) नामक वेबसाइट की एक न्यूज़ रिपोर्ट का हवाला देते हुए फेक न्यूज़ को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। पार्टी के ट्वीट में कहा गया कि ‘मोदीजी ने आख़िरकार यह उपलब्धि हासिल कर ली है...भारत फेक न्यूज़ के मामले में दुनिया में नंबर 1 बन गया है। बधाई नमो, झूठ फैलाने की आपके पार्टी कार्यकर्ताओं की कोशिश सफल रही’। चुनावी मौसम में इस तरह की ख़बरें सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ माहौल बनाने का काम करती हैं। लिहाजा, इस तथ्य की जांच-पड़ताल शुरू हुई। ‘न्यूज़सेंट्रल24X7’ ने अपनी रिपोर्ट में माइक्रोसॉफ्ट के सर्वे का जिक्र किया था, इसलिए ‘ऑपइंडिया’ ने सबसे पहले उसे खंगाला। वेबसाइट ने पाया कि माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी सर्वे रिपोर्ट में फेक न्यूज़ के मामले में भारत के नंबर 1 होने का कोई दावा नहीं किया है।

 

‘ऑपइंडिया’ के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने डिजिटल सिविलिटी इंडेक्स (डीसीआई) पर ध्यान केंद्रित किया, जो विभिन्न ऑनलाइन व्यवहारों को दर्शाता है और फेक न्यूज़ इसका एक हिस्सा है। अध्ययन में दुनिया भर के 22 देशों को शामिल किया गया था। सर्वे बताता है कि डीसीआई में भारत 22 देशों में 7वें स्थान पर है। फेक न्यूज़ की समस्या को घोटालों और धोखाधड़ी के तहत कवर किया गया। अर्जेंटीना 75% के साथ सूची में सबसे ऊपर है, जबकि वैश्विक औसत 57% है। फर्जी समाचार की इस वैश्विक रिपोर्ट में भारत शामिल नहीं है, लेकिन जिस रिपोर्ट का हवाला कांग्रेस ने दिया है उसके मुताबिक, फेक न्यूज़ के प्रसार में भारत का औसत 64% था। यदि ‘न्यूज़सेंट्रल24X7’ की रिपोर्ट को सही मान भी लिया जाए तो भी भारत को दुनिया में नंबर 1 नहीं कहा जा सकता, क्योंकि सबसे ज्यादा प्रतिशत अर्जेंटीना का है। यानी कुल मिलाकर कहा जाये तो फेक न्यूज़ का मुद्दा ही फेक निकला।

आप ‘ऑपइंडिया’ की पूरी पड़ताल यहां देख सकते हैं-

https://www.opindia.com/2019/02/congress-spreads-fake-news-by-saying-india-is-global-number-1-in-fake-news/



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