गोष्ठी / सेमिनार
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18/08/2011अमेरिका के मशहूर वित्तीय अखबार ‘वाल स्ट्रीट जनरल’ ने लिखा कि गांधीवादी कार्यकर्ता अन्ना हजारे के समर्थन में भारत की जनता भले ही सड़कों पर उतर आई हो लेकिन इसकी तुलना अरब जगत में हुए विद्रोह से नहीं की जा सकती है। पत्र ने कहा कि भ्रष्टाचार से उब चुके लोगों का सड़कों पर उतरना मतदान की तरह ही भारत के स्थिर और जीवंत लोकतंत्र का हिस्सा है जबकि अरब जगत में हुए ज्यादातर जन विद्रोहों में सत्ता के पूर्ण परिवर्तन पर जोर दिया गया।
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02/03/2010टीआरपी एक सच्चा मिथक है और सभी चैनल टीआरपी को ध्यान में रखकर अपने कार्यक्रम बनाते हैं। लेकिन 26/11 के बाद अब स्थिति में सुधार हो रहा है। अब सभी संपादक एक दूसरे से संवाद करते हैं और इस बात पर सहमति बनाते हैं कि खबर यदि सनसनीखेज है तो उसे कैसा ट्रीटमेंट दिया जाए, या दिखाया ही न जाए। यह सुखद स्थिति है। पहले ही ऐसा हो जाता तो और भी अच्छा होता।
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26/02/2010
एक्सचेंज4मीडिया समूह के नए उपक्रम समाचार4मीडिया.कॉम ने 12 फरवरी को नई दिल्ली स्थित इंडियन हैबिटैट सेंटर में “हिंदी मीडिया की व्यावसायिक चुनौतियां” विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया।
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17/02/2010
“मीडिया प्लानर, टीवी न्यूज़ चैनल और एडवरटाइजर्स हिंदी मीडिया के उज्ज्वल भविष्य को लेकर आशान्वित; कहा, आने वाला दशक हिंदी का ही होगा।”

