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खबरों में
हिन्दुस्तान लखनऊ से खबर है कि काजी शकीब ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है समाचार4मीडिया से बात करते हुये एक वरिष्ठ ने इस खबर की पुष्टि की। काजी शकीब अमर उजाला नोएडा के साथ अपनी नई पारी की शुरूआत कर रहे हैं। उन्हे नोएडा आफिस में सीनियर सब एडिटर का पद सौपा गया हैं। काजी दैनिक जागरण में कुछ तीन सालों तक काम कर चुके हैं।
एमसीसीएस के सीईओ अशोक वेंकटरमानी यह नहीं मानते कि भविष्य में न्यूज चैनलों के लिए सबकुछ अच्छा ही होने वाला है। उनका मानना है कि डिजिटलाइजेशन फिलहाल बहुत जल्दी नही होने जा रहा है लिहाजा न्यूज चैनलों के रेवेन्यू की समस्या अभी भी कायम रहेगी। अमेरिका जैसे देशों में न्यूज चैनलो के लिहाज से ग्राहक वैल्यू प्रोडक्ट को पसंद करता है लिहाजा वहां रेवेन्यू का 85 फीसदी हिस्सा सब्सक्रिप्सन से आता है।
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03/09/2010
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सप्ताह का इंटरव्यू
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नितिन, रेडियो जोकी, रेड एफएम सबसे पहली प्रेरणा मुझे तब मिलती है जब मुझे हर महीने मेरी सैलरी का चेक मुझे दिया जाता है। (इट्स जोकिंग...) जब मेरे श्रोता मुझसे कहते है कि वो मुझे प्यार करते हैं और वे मुझे प्रत्येक सुबह सुनते हैं तो यह मुझे सबसे ज्यादा उत्साहित करता है। लेकिन सबसे ज्यादा आपको एनर्जी और गर्व तब होता है जब आपके काम के लिए आपको सम्मानित किया जाता है
आमने-सामने
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आनंद प्रधान, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएमसी
समाचार चैनलों के आलोचकों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत नहीं । समाचार चैनलों के लिए खतरे की घंटी तो काफी समय से बज रही है लेकिन अब लगता है कि पगली घंटी भी बज गई है। चैनल न सिर्फ सार्वजनिक मजाक और आलोचना के विषय बन गए हैं बल्कि उनकी कारगुजारियों को लेकर भी लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
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आलोक तोमर , एडिटर, डेटलाइन इंडिया
देश भर के अखबारों और छोटे बड़े मझोले टीवी चैनलों में संपादक से ले कर प्रोड्यूसर तक के नाम पर एक प्रजाति होती है और उसका नाम है स्ट्रिंगर। अब काम चलाऊ इज्जत देने के लिए इन लोगों को संवाद सहयोगी या संवाददाता कहा जाने लगा है। ये वे लोग है जो कस्बों और देहातों यानी असली भारत से शेष भारत और दिल्ली में बसे इंडिया तक सच पहुंचाते हैं। मगर इन पत्रकारों का सच कितने लोग जानते हैं।
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जनमत
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अनंत नाथ, डायरेक्टर, दिल्ली प्रेस
सर्वेक्षण की अनुसंधान प्रणाली में पिछली विषंगितयों और दोषों को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया गया है। काफी लंबे समय से बोर्ड भर में प्रकाशकों के डेटा प्रक्रिया के संग्रह की विश्वसनीयता और प्रक्रिया के बारे में सवाल उठाया जा रहा है
विज्ञापन जगत
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आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - आईआरएस2010 दूसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार सभी असमिया दैनिक और पत्रिकाओं में किसी प्रकार की कोई ग्रोथ नहीं हुई है। ‘असमिया प्रतिदिन’ अपने 53 हजार पाठक गंवा कर पहले नंबर पर रहा। इसकी पाठक संख्या अब घटकर 11 लाख 77 हजार रह गई है। ‘असमिया खबर' दूसरे नंबर पर रहा जिसकी पाठक संख्या में भी 48 हजार की कमी हुई है
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष – आईआरएस 2010 की दूसरी तिमाही के अनुसार उर्दू अखबारों में इंकलाब सबसे टॉप पर रहा है। इसने अपनी पाठक संख्या में 3.76 फीसदी बढौतरी की है। अब इसकी पाठक संख्या 1 लाख 86 हजार से बढ़कर 1 लाख 93 हजार हो गई है। वहीं दूसरे नंबर पर रहे सियासत की पाठक संख्या में 6.30 फीसदी बढ़ौतरी के साथ पाठक संख्या 1 लाख 17 हजार पहुंच गई है जो कि पहली तिमाही में 1 लाख 10 हजार थी
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - आईआरएस की दूसरी तिमाही के परिणाम के अनुसार तीन मुख्य गुजराती दैनिक समाचार पत्रों में तेजी से बढ़त देखी गयी है। इनके औसत इश्यू पाठकों की संख्या में इजाफा हुआ है। गुजरात समाचार ने अपने पाठकों की संख्या बढ़ाते हुये 5,218,000 कर लिया हैं। यह बढ़त 0.02 प्रतिशत है। सौराष्ट्र समाचार ने अपने पाठकों की संख्या पिछली आईआरएस सर्वे की तुलना में 27 प्रतिशत बढ़ाई है।
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - पंजाबी दैनिक अजीत अपने पाठक संख्या में 68 हजार की बढ़ोतरी के साथ नंबर वन पर रहा। इसकी पाठक संख्या अब 11 लाख 31 हजार हो गई है। जगवाणी दूसरे नंबर पर रहा जिसकी पाठक संख्या में थोड़ी कमी आई है। इसकी पाठक संख्या में 6 हजार की कमी के साथ 10 लाख 26 हजार रह गई है। 5 हजार पाठकों के इजाफे के साथ तीसरे नंबर पर पंजाबी ट्रिब्यून रहा24/08/2010
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आईआरएस 2010 दूसरी तिमाही विशेष - आईआरएस2010 की दूसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार टॉप छह उड़िया अखबारों में से चार अखबारों के पाठकों की संख्या में कमी हुई है। ‘संवाद’ उड़िया अखबारों में सबसे टॉप पर रहा जिसके पाठकों की संख्या में 2.43 फीसदी कमी हुई है। अब इसकी पाठक संख्या 16 लाख 6 हजार रह गई है जो कि पहली तिमाही की रिपोर्ट में 16 लाख 46 हजार थी। दूसरे नंबर पर रहे ‘समाज’ ने अपने पाठकों की संख्या में 5.27 फीसदी बढ़ौतरी की है
24/08/2010






