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खबरों में
निजी एफएम रेडियो में खबरें के प्रसारण को अनुमति मिलने के आसार नहीं हैं। उन्हें आकाशवाणी की खबरों को पेश करके ही काम चलाना पड़ेगा। दरअसल, देश में एफएम रेडियो की संख्या बढ़ाने के लिए आने वाली एफएम रेडियो नीति चरण-तीन के तहत केंद्र सरकार, सुरक्षा और निगरानी की दृष्टि से निजी एफएम रेडियो इंडस्ट्री की इस मांग को नामंजूर कर सकती है
एंटरप्रेन्योर मैगजीन ने महज एक साल में ही बेहतरीन सफलता हासिल की है। एक नए कॉनसेप्ट के साथ बाजार में प्रवेश करने वाली इस मैगजीन ने उभरते हुए वैसे उद्यमियों की कहानी लोगों के सामने लाने की कोशिश की जिन्होंने नए विचारों के साथ विपरीत परिस्थितियों में भी उद्यमिता की नई मिसाल कायम की।
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07/09/2010
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06/09/2010
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06/09/2010
सप्ताह का इंटरव्यू
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नितिन, रेडियो जोकी, रेड एफएम सबसे पहली प्रेरणा मुझे तब मिलती है जब मुझे हर महीने मेरी सैलरी का चेक मुझे दिया जाता है। (जस्ट जोकिंग...) जब मेरे श्रोता मुझसे कहते है कि वो मुझे प्यार करते हैं और वे मुझे प्रत्येक सुबह सुनते हैं तो यह मुझे सबसे ज्यादा उत्साहित करता है। लेकिन सबसे ज्यादा आपको एनर्जी और गर्व तब होता है जब आपके काम के लिए आपको सम्मानित किया जाता है
आमने-सामने
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प्रमोद जोशी, पूर्व वरिष्ठ स्थानीय सम्पादक, हिन्दुस्तान, दिल्ली
मीडिया में कंटेंट यानी सामग्री की उपेक्षा को लेकर चिंता व्यक्त करने वालों में ज्यादातर लोग पत्रकार या लेखक हैं। कारोबारी लोगों की चिंता के कारण वही नहीं होते जो लेखक-पत्रकार और पाठक के होते हैं। पर कारोबारी समझ को ही कंटेंट की महत्ता समझनी चाहिए। इस वक्त जो भी सफल अखबार हैं, वे कंटेंट में ही सफल हैं और कंटेंट निरंतर सुधरना चाहिए।
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आनंद प्रधान, एसोसिएट प्रोफेसर, आईआईएमसी
समाचार चैनलों के आलोचकों का दायरा लगातार बढ़ रहा है और हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह शुभ संकेत नहीं । समाचार चैनलों के लिए खतरे की घंटी तो काफी समय से बज रही है लेकिन अब लगता है कि पगली घंटी भी बज गई है। चैनल न सिर्फ सार्वजनिक मजाक और आलोचना के विषय बन गए हैं बल्कि उनकी कारगुजारियों को लेकर भी लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है।
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जनमत
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अनंत नाथ, डायरेक्टर, दिल्ली प्रेस
सर्वेक्षण की अनुसंधान प्रणाली में पिछली विषंगितयों और दोषों को दूर करने के लिए कुछ नहीं किया गया है। काफी लंबे समय से बोर्ड भर में प्रकाशकों के डेटा प्रक्रिया के संग्रह की विश्वसनीयता और प्रक्रिया के बारे में सवाल उठाया जा रहा है
विज्ञापन जगत
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टाइम्स ओओएच ने दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के केन्द्रीय सचिवालय-बदरपुर लाइन पर विशिष्ट विज्ञापन अधिकार प्राप्त किए हैं। इनमें 12 स्टेशन एलिवेटेड और 4 भूमिगत स्टेशन हैं।
08/09/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - आईआरएस2010 दूसरी तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार सभी असमिया दैनिक और पत्रिकाओं में किसी प्रकार की कोई ग्रोथ नहीं हुई है। ‘असमिया प्रतिदिन’ अपने 53 हजार पाठक गंवा कर पहले नंबर पर रहा। इसकी पाठक संख्या अब घटकर 11 लाख 77 हजार रह गई है। ‘असमिया खबर' दूसरे नंबर पर रहा जिसकी पाठक संख्या में भी 48 हजार की कमी हुई है
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष – आईआरएस 2010 की दूसरी तिमाही के अनुसार उर्दू अखबारों में इंकलाब सबसे टॉप पर रहा है। इसने अपनी पाठक संख्या में 3.76 फीसदी बढौतरी की है। अब इसकी पाठक संख्या 1 लाख 86 हजार से बढ़कर 1 लाख 93 हजार हो गई है। वहीं दूसरे नंबर पर रहे सियासत की पाठक संख्या में 6.30 फीसदी बढ़ौतरी के साथ पाठक संख्या 1 लाख 17 हजार पहुंच गई है जो कि पहली तिमाही में 1 लाख 10 हजार थी
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - आईआरएस की दूसरी तिमाही के परिणाम के अनुसार तीन मुख्य गुजराती दैनिक समाचार पत्रों में तेजी से बढ़त देखी गयी है। इनके औसत इश्यू पाठकों की संख्या में इजाफा हुआ है। गुजरात समाचार ने अपने पाठकों की संख्या बढ़ाते हुये 5,218,000 कर लिया हैं। यह बढ़त 0.02 प्रतिशत है। सौराष्ट्र समाचार ने अपने पाठकों की संख्या पिछली आईआरएस सर्वे की तुलना में 27 प्रतिशत बढ़ाई है।
24/08/2010 -
आईआरएस2010 दूसरी तिमाही विशेष - पंजाबी दैनिक अजीत अपने पाठक संख्या में 68 हजार की बढ़ोतरी के साथ नंबर वन पर रहा। इसकी पाठक संख्या अब 11 लाख 31 हजार हो गई है। जगवाणी दूसरे नंबर पर रहा जिसकी पाठक संख्या में थोड़ी कमी आई है। इसकी पाठक संख्या में 6 हजार की कमी के साथ 10 लाख 26 हजार रह गई है। 5 हजार पाठकों के इजाफे के साथ तीसरे नंबर पर पंजाबी ट्रिब्यून रहा24/08/2010






