‘फर्जी खबर’ या ‘गलत रिपोर्टिंग’ पर सरकार सख्त, लेगी ये एक्शन... ‘फर्जी खबर’ या ‘गलत रिपोर्टिंग’ पर सरकार सख्त, लेगी ये एक्शन...

‘फर्जी खबर’ या ‘गलत रिपोर्टिंग’ पर सरकार सख्त, लेगी ये एक्शन...

Friday, 03 November, 2017

समाचार4मीडिया ब्यूरो ।।

 

समाचार पत्र-पत्रिकाओं को अब सुनी-सुनाई या फिर फर्जी खबरें छापने से पहले सोच विचार करना होगा, क्योंकि यदि कोई फेक न्यूज पाई गई तो उस समाचार संगठन का विज्ञापन रोक दिया जाएगा। दरअसल, केंद्र सरकार फर्जी खबरछापने या गलत रिपोर्टिंगकरने वाले मीडिया संगठनों को विज्ञापन न देने पर विचार कर रही है।

 

केंद्र सरकार डीएवीपी की विज्ञापन नीति-2016 में फेरबदल करने वाली है। यह फेरबदल मीडिया में शुचिता लाने के लिए किया जा रहा है। वैसे तो, सामान्य तौर पर प्रतिष्ठित अखबार फर्जी खबर नहीं छापते हैं, लेकिन कभी-कभी कुछ मीडिया संस्थानों की तरफ से ब्लैकमेल करने या  बदनाम करने की मंशा से झूठी खबरें छापने या खबरों को तोड़-मरोड़कर छापने की शिकायतें मिलती रही हैं।

 

हिंदी न्यूज पोर्टल सहारा लाइव की एक खबर के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने फेक न्यूज से निपटने को विज्ञापन नीति में फेरदबदल का प्रस्ताव दिया है। इसके मुताबिक, विज्ञापन नीति-2016 के अनुबंध-25 में परिवर्तन कर उसे फिर से परिभाषित किया जा रहा है। इसमें अनैतिक व गलत धारणा से प्रकाशित या फर्जी खबर पाए जाने को भी जोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, डीएवीपी इस काम में प्रेस कौंसिल और पीआईबी की मदद ले सकता है।

 

इससे पहले डीएवीपी ने गलत और पत्रकारिता के मूल्यों का उल्लंघन करने वाले कुछ अखबारों का विज्ञापन दो महीने के लिए रोका था, लेकिन यह प्रेस काउंसिल की सिफारिश पर किया गया था। अब सरकार विज्ञापन नीति में ही प्रावधान करने जा रही है ताकि फर्जी और ब्लैकमेल करने वाली खबर छापने से पहले बार-बार सोचें।

 


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