समाचार4मीडिया के मीडिया मंथन में मीडिया से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा
समाचार4मीडिया.कॉम ब्यूरो
बीती शाम जालंधर के होटल रैडिसन में समाचार4मीडिया.कॉम द्वारा आयोजित ‘मीडिया मंथन’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘मीडिया मंथन’ में मीडिया इंडस्ट्री से जुड़े किसी ज्वलंत विषय पर मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गज अपनी राय प्रकट करते हैं। जालंधर में पहली बार आयोजित इस ‘मीडिया मंथन’ का विषय था ‘मीडिया का विस्तार : अवसर और चुनौतियां’, और पैनल में शामिल थे सीएनईबी के सीईओ एवं एडिटर-इन-चीफ राहुल देव, इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी, तथा पीटीआई-भाषा एवं नवभारत टाइम्स के पूर्व संपादक डा. वेद प्रताप वैदिक। ‘मीडिया मंथन’ का संचालन समाचार4मीडिया.कॉम के एडिटर पीके खुराना ने किया।
समाचार4मीडिया.कॉम के इस ‘मीडिया मंथन’ को देश की प्रमुख इमीग्रेशन कंपनी, हैल्दीवे इमीग्रेशन कंसल्टेंट के सौजन्य से पेश किया गया।
पिछले कुछ सालों में मीडिया इंडस्ट्री में इतने बदलाव आये हैं कि कोई एक अकेला व्यक्ति इंडस्ट्री की हर बात का हिसाब नहीं रख सकता। मंदी के दिनों में भी मीडिया का विस्तार हुआ। नये चैनल लांच हुए और अखबारों ने नये संस्करण निकाले। विस्तार की इस प्रक्रिया में कई चुनौतियां भी सामने आयीं। नये संस्करण को चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की समस्या, बढ़े हुए वेतन, पाठक संख्या बढ़ाने के लिए सब्सक्रिप्शन के साथ गिफ्ट या छूट देने का चलन, हर जिले के लिए अलग पेज, उनको छापने का खर्चा, विज्ञापन पर मीडिया इंडस्ट्री की अत्यधिक निर्भरता आदि की समस्याएं भी सामने आई हैं। मीडिया इंडस्ट्री में रहने वाले लोगों को इंडस्ट्री में आने वाले बदलावों, समस्याओं, चुनौतियों और अवसरों की जानकारी होना आवश्यक है। ‘मीडिया मंथन’ एक ऐसा मंच है जहां इंडस्ट्री के दिग्गज किसी एक चुने हुए विषय पर अपने विचार रखते हैं।
सीएनईबी न्यूज चैनल के सीईओ तथा एडिटर-इन-चीफ राहुल देव ने कहा कि मीडिया दुधारी तलवार की तरह है, यह हमारे ऊपर है कि हम इसका इस्तेमाल किस तरह करते हैं। राहुल देव ने इस विषय पर अपनी राय रखते हुए आगे कहा कि जब विश्व के हर क्षेत्र में विस्तार हो रहा है, तो मीडिया भला इससे अछूता कैसे रह सकता है, लेकिन इस विकास की आंड़ मे पत्रकारिता ने अपने मूल्य भी खोए हैं। अगर इस विस्तार ने हमें अवसर दिए हैं तो इन मूल्यों को बचाए रखने की चुनौतियां भी हैं। वरिष्ठ पत्रकार वेद प्रताप वैदिक ने अपने अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि विश्व के कई देशों की यात्राओं के दौरान मैंने अनुभव किया है कि हमारे यहां पत्रकारिता को काफी सम्मानित ओहदा मिला है, और यहां पर इसका विस्तार भी खूब हुआ है। लेकिन यह केवल विस्तार ही नहीं, क्रांति भी है और क्रांति की कोई निश्चित दिशा नहीं होती। इसे किस दिशा में ले जाना है, यह हमारे ऊपर है क्योंकि मीडिया अगर मदद करता है, तो मारता भी है।
मीडिया मंथन को आगे बढाते हुए इंडिया टीवी के मैनेजिंग एडिटर विनोद कापड़ी ने कहा कि मीडिया का केवल विस्तार ही नहीं हो रहा है, बल्कि इसका प्रभाव भी बढ़ रहा है। भोपाल गैस कांड के उदाहरण से अपनी बात को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले सत्रह साल से यह मुद्दा कभी इतना गर्म नहीं हुआ, जितना अब है और इसमें मीडिया की बड़ी भूमिका है। मैं मानता हूं कि मीडिया ने अपने कुछ आरंभिक मूल्य खोए हैं, लेकिन कई नए प्रतिमान भी स्थापित हुए हैं, हमें उन पर भी गौर करना चाहिए।
सुधीर चौधरी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि चुनौतियों को लेकर इलेक्ट्रानिक मीडिया की चर्चा ज्यादा होती है, तब हम यह भूल जाते हैं कि देश में इलेक्ट्रानिक मीडिया अभी केवल 15 साल पुराना है। इसलिए इसके विस्तार के अवसर अभी खूब हैं। चुनौतियां भी कई हैं, खासकर बेहतर मैनपावर और डिस्ट्रीब्यूशन को लेकर। हम लोग इनका सामना भी कर रहे हैं क्योंकि इन्हीं चुनौतियों के बीच से अवसर तलाशना है।
अंत में समाचार4मीडिया.कॉम के संपादक पीके खुराना ने सभी वक्ताओं तथा उपस्थित श्रोताओं का धन्यवाद किया और कार्यक्रम के प्रायोजक हेल्दीवे इमिग्रेशन कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर अमित कक्कड़ ने सभी वक्ताओं को सम्मानित किया।
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